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मध्यप्रदेश की धरती पर कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे - श्री चौहान 
मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में प्रदेश की जनता को किया आश्वास्त 
इन्दौर | 19-सितम्बर-2018
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   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस सतना में आयोजित राज्य-स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। किसी भी वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सबको न्याय मिलेगा। प्रदेश में किसी भी स्थिति में सामाजिक समरसता का वातावरण दूषित नहीं होने दिया जायेगा। श्री चौहान ने पिछड़ा वर्ग के लोगों का आव्हान किया कि समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिये एकजुट होकर कार्य करें।
   श्री चौहान ने मध्यप्रदेश शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि योजनाओं में हर वर्ग के व्यक्ति के हित को ध्यान में रखा गया है। योजनाओं का लाभ सभी वर्गों के लोग प्राप्त कर रहे हैं, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा, स्व-रोजगार आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सभी वर्गों के विकास के लिये योजनाओं में प्रावधान किये गये हैं। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना समाज के सभी वर्गों के गरीब तबके के लिये सुरक्षा कवच है।
सम्मानित हुए समाज सेवी
   महाकुंभ में रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016 से समाज-सेवी सर्वश्री मुन्नासिंह दांगी, विजय घाटोड, मुन्नीलाल यादव, ज्वाला प्रसाद विश्वकर्मा, बृजेश चौहान, मुख्यतार सिंह यादव, हेमलाल महाजन, डॉ. धन सिंह चंदेल, श्रीमती जमुना यादव, श्रीमती राममूर्ति राजपूत, श्रीमती मनीषा चौरसिया, श्रीमती सीमा सेन, श्रीमती प्रेमलता सेनी, श्रीमती ममता विश्वकर्मा और श्रीमती मंजू चौधरी को सम्मानित किया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी श्री कृष्णगोपाल कश्यप और साबित्रीबाई फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी श्रीमती मंजू सराठे को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के उद्यमियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये।
नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 8 दम्पत्तियों को 9 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत 
इन्दौर | 15-सितम्बर-2018
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    इंदौर जिले में नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 8 नि:शक्त दम्पत्तियों को 9 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गयी है।
   जिन दम्पत्तियों को प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गयी है, उनमें नि:शक्त दम्पत्ति श्री राहुल बेरछा-श्रीमती संगीता, श्री विशाल बंसल-श्रीमती हीना, श्री फिरोज खान-श्रीमती नाजरीन, श्री धर्मेन्द्र चावडा-श्रीमती किरण, श्री आशीष अग्रवाल-श्रीमती इन्द्राणी, श्री मन्दापति कृष्ण चैतन्य-श्रीमती प्रियल,श्री अजय गर्ग-श्रीमती रेखा पटेल तथा श्री धर्मेन्द्र गौर-श्रीमती समा बी शामिल है।
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत मीडिया कार्यशाला सम्पन्न 
इन्दौर | 13-सितम्बर-2018
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   प्रति वर्ष 1 से 7 सितम्बर तक पोषण सप्ताह मनाया जाता था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाकर पोषण को मुद्दा बनाया जाना तय किया गया है। जिसके तहत पोषण स्तर में सकारात्मक परिवर्तन के लिये महिला बाल विकास विभाग को नोडल बनाया गया है। साथ ही अभियान में अन्य विभाग को भी जवाबदारी दी गई है। सितम्बर माह को पोषण माह के रूप मे मनाया जा रहा है। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीणा द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा किये जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने पोषण माह के तहत होने वाले कार्यक्रमों/गतिविधियों का आयोजन कर पोषण जागरूकता हेतु समन्वित प्रयास करने की बात भी  कही।
   पोषण अभियान का शुभारम्भ 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुझंनु में किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य बच्चो, गर्भवती महिला एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना व नवजात बच्चों में कम वचन, कुपोषण एवं रक्त अल्पता दर में अगले तीन वर्षों में कमी लाना है।
   अभियान अन्तर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को मोटे अनाज के उपयोग को प्रोत्साहित करना व ऐसे उत्पाद को बढावा देना है जिसकी पोषण वेल्यू अधिक है।
   स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति, अनुसूचित जन जाति कल्याण विभाग को समस्त छात्रावासों में  विभिन्न माध्यम से स्वास्थ एवं पोषण की जानकारी दी जाने का दायित्व दिया गया है। इसी तरह नेहरू युवा केन्द्र को अभियान अन्तर्गत परियोजना एवं आंगनवाडी स्तर पर आयोजित गतिविधियों में भागीदारी का कार्य दायित्व दिया गया है।
   बताया गया है कि अभियान के व्यापक प्रचार व विषय को रेखांकित करने के लिये शाला व महाविद्यालयो में निबंध प्रतियोगिताओ का आयोजन किया जायेगा। गांव एवं वार्ड स्तर पर प्रत्येक सप्ताह विषेषचैपाल का आयोजन कर पोषण चर्चा करायी जायेगी। कहा गया है कि घरों में बनने वाले पौष्टिक भोजन की थाली को प्रसाद के रूप में भगवान् को भोग स्वरूप अर्पित करने के बाद वह थाली घर की गर्भवती, धात्री या किशोरी बालिकाओं को खाने के लिए दी जाए। इस बाबत समुदाय को जागरूक करें समुदाय में दूध से होने वाले फायदे एवं मदिरापान से नुकसान एवं पैसे की बर्बादी विषय पर चर्चा करें एवं तुलनात्मक जानकारी दे कर जागरूकता बढ़ाएं। दैनिक उपयोग में आने वाले विभिन्न तेलों का उनके पोषण मूल्य के मान से कब एवं कैसे उपयोग करें इस पर चर्चा करें। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री रजनीश सिन्हा ने बताया की इस जन आंदोलन अन्तर्गत आयोजित गतिविधि की रिपोर्टिग डेशबोर्ड के माध्यम से की जाना है। साथ ही मीडिया बंधुओं से इस पोषण माह को जनआदोलन का रूप देने में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समस्त एवं सभी मीडिया बंधुओं को पोषण शपथ दिलायी गई। सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास श्री विष्णुप्रताप सिंह राठौर द्वारा कार्यशाला में पधारे सभी मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।
(0 days ago)
इंदौर जिला न्यायालय भवन का भूमिपूजन 
इन्दौर | 08-सितम्बर-2018
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   इंदौर जिला न्यायालय के नवीन भवन का भूमिपूजन आज लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता एवं सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति श्री अरूण मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधिपति श्री हेमंत गुप्ता, राज्य सरकार के विधि एवं विधायी मंत्री श्री रामपाल सिंह, उच्च न्यायालय के इंदौर खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के. जयसवाल, भवन निर्माण समिति मध्य्रपदेश उच्च न्यायालय के चेयरपर्सन न्यायामूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी और इंदौर जिले के पोर्टफोलियो जज श्री एस.सी शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे। 
   जिला न्यायालय इंदौर के लिए 15 लाख वर्गफीट से अधिक भूमि पर सर्व सुविधायुक्त भवन बनेगा। यह भवन सर्व सुविधायुक्त रहेगा। यह भवन 9 मंजिला रहेगा। इस भवन में 21 लिफ्ट, 18 स्केलेटर, एक हजार से ज्यादा चार पहिया वाहनों की पार्किंग, सेंकड़ो अधिवक्तागणों के चेम्बर, डाकघर, बैंक, विकलांगों के लिए विशेष सुविधाएं, छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं-महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं, झूलाघर, खिलौना घर आदि की विश्व स्तरीय सुविधाएं रहेंगी। इस भवन के निर्माण से इंदौर को एक नई पहचान मिलेगी।
   लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जिला न्यायालय का यह भवन न्याय और विश्वास का भवन बने, ऐसा मैं भूमि पूजन के अवसर पर भू माता से कह कर आयी हूं। श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि इंदौर के पुराने जिला न्यायालय भवन एवं उसके परिसर में स्थान की कमी थी। अब इस नए भवन के बनने से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता गणों और मुवक्किलों को भी सुविधाएं मिलेंगी। श्रीमती महाजन ने कहा कि हमारे लिए तालाब बचाना भी जरूरी है और न्यायालय का भवन भी जरूरी था। दोनों कार्यों में सामंजस्य बनाकर इंदौर के विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है। श्रीमती महाजन ने कहा कि इंदौर की हरियाली कम नहीं हो, उसके लिए हम प्रयास करते रहेंगे। श्रीमती महाजन ने कहा कि पीआईएल का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। कई बार ऐसा भी होता है कि पीआईएल पर्सनल इंटरेस्ट लिटिगेशन भी बन जाते हैं। श्रीमती महाजन ने जिला न्यायालय के बनने वाले नए भवन को इंदौर के लिए एक उपलब्धि बताया और उन्होंने आग्रह किया कि अधिवक्तागण न्याय दिलाने के संकल्प के साथ यहां कार्य करें । मुवक्किलों की मदद हो और अनावश्यक तारीखें नहीं बढ़े, इसका चिंतन अवश्य करना चाहिए।
   भूमि पूजन के अवसर पर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति श्री अरुण मिश्रा ने आज के दिन को इंदौर के न्यायिक इतिहास का गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने कहा कि आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व इंदौर में मां तुल्य अहिल्याबाई होलकर का समय था। उनकी न्यायप्रियता हम सबके लिए प्रेरणा है। न्यायमूर्ति श्री मिश्र ने कहा कि यह न्यायालय भवन वकीलों और जजों के लिए ना होकर गरीबों और आम जनों के लिए बने उन्हें ऐसी उम्मीद है। उन्होंने न्याय व्यवस्था को प्रजातंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। श्री मिश्र ने कहा कि आज यह आत्म-चिंतन का विषय है कि न्याय व्यवस्था किसके लिए है। न्यायाधीशगणों, अधिवक्तागणों को न्याय व्यवस्था में आम जन को सर्वोपरि रखना होगा। उन्होंने नए अधिवक्ताओं को निरंतर परिश्रम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मेहनत, ईमानदारी, लगन और निष्ठा वकालत के पेशे में जरूरी है।
सरल बिजली और बिजली बिल माफी योजना में 1.21 करोड़ से अधिक पंजीकृत 
इन्दौर | 06-सितम्बर-2018
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    मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना अंतर्गत सरल बिजली बिल योजना में अभी तक 49 लाख 69 हजार 474 पंजीकृत श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है। इसी तरह, मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 71 लाख 79 हजार 65 कर्मकारों और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले उपभोक्ताओं का पंजीयन हो चुका है। दोनों योजनाएँ प्रदेश में एक जुलाई, 2018 से लागू की गई हैं।
   विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा हितग्राहियों के पंजीयन के लिये नियमित रूप से शिविर लगाये जा रहे हैं। जबलपुर, सागर और रीवा क्षेत्र के शिविरों में सरल बिजली बिल योजना में 15 लाख 96 हजार 460 और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 28 लाख 6 हजार 772 हितग्राहियों का पंजीयन किया जा चुका है। भोपाल और ग्वालियर क्षेत्र के शिविरों में सरल बिजली बिल स्कीम में 14 लाख 41 हजार 504 और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 21 लाख 75 हजार 884 और इंदौर तथा उज्जैन के शिविरों में सरल बिजली बिल योजना के 19 लाख 43 हजार 526 और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 22 लाख 3 हजार 118 उपभोक्ताओं का पंजीयन किया जा चुका है।
अध्यापक संवर्ग को शासकीय सेवकों के समान देय होंगे महँगाई भत्ते 
अध्यापक संवर्ग की अंशदायी पेंशन यथावत प्रभावशील रहेगी 
इन्दौर | 01-सितम्बर-2018
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   प्रदेश में अध्यापक संवर्ग की स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्ति के बाद वेतन भत्तों में वृद्धि ही होगी। भर्ती नियम-2018 के अंतर्गत गठित संवर्ग को एक जुलाई, 2018 से सातवें वेतनमान में वेतन, भत्ते तथा शासकीय सेवकों के समान महँगाई भत्ते देय होंगे।
   स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अध्यापक संवर्ग की विभाग में नियुक्ति के बाद समस्त लोक-सेवकों के एम्पलाई डाटाबेस, पे-डाटाबेस तथा पोस्ट-डाटाबेस संचालनालय कोष एवं लेखा के सेंटर सर्वर पर संधारित किये जायेंगे। इसके बाद सभी लोक-सेवकों के वेतन, भत्तों और अन्य स्वत्वों का आहरण तथा नियमानुसार की जाने वाली विभिन्न कटौतियाँ, संबंधित कोषालय के माध्यम से किये जाने की प्रक्रिया स्थापित होगी। अध्यापक संवर्ग के संविलियन के बाद सभी लोक-सेवकों को राज्य शासन द्वारा देय गृह भाड़ा भत्ता, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, यात्रा भत्ते का लाभ समान रूप से प्राप्त होगा।
   अध्यापक संवर्ग की अंशदायी पेंशन योजना यथावत प्रभावशील रहेगी। भर्ती नियम-2018 के अंतर्गत नियुक्त किये गये समस्त लोक-सेवकों को स्कूल शिक्षा विभाग के लिये प्रभावशील क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और भर्ती नियम के प्रावधान अनुसार पदोन्नति का लाभ प्राप्त होगा। क्रमोन्नति, समयमान, पदोन्नति के लिये न्यूनतम आवश्यक सेवा अवधि की गणना में अध्यापक संवर्ग में की गई सेवा अवधि को भी शामिल किया जायेगा। इसकी सूचना पृथक से दी जायेगी।
   भर्ती नियम-2018 के अधीन गठित संवर्ग मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम-1961 के प्रावधानों से नियंत्रित होगा। अन्य विभागों और संवर्गों के भर्ती नियम में भी यही व्यवस्था रहती है। पृथक से सेवा शर्तें जारी किये जाने की आवश्यकता नहीं है।
इंदौर की सिकंजी और पर्यटन मंत्री का सही जवाब 
राज्‍य स्‍तरीय पर्यटन क्विज में दमोह विजेता और मुरैना उपविजेता बना 
इन्दौर | 30-अगस्त-2018
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   पर्यटन क्विज के फाइनल राउण्‍ड में राज्‍य मंत्री श्री सुरेन्‍द्र पटवा ने एक प्रश्‍न का उत्‍तर स्‍वयं देकर प्रतियोगिता में स्‍वयं की भागीदारी भी सु‍निश्चित की। यह प्रश्‍न इंदौर की प्रसिद्ध सिकंजी से संबंधित था जिसका उन्‍होंने सही उत्‍तर दिया। प्रतिभागियों ने करतल ध्‍वनि से उनकी इस पहल का स्‍वागत किया। 
  मध्‍यप्रदेश टूरिज्‍म बोर्ड द्वारा आयोजित राज्‍य स्‍तरीय पर्यटन क्विज में उत्‍कृष्‍ट विद्यालय दमोह के छात्रों की टीम विजेता और मुरैना जिले के छात्रों की टीम उपविजेता रही। विजेता, उपविजेता और अन्‍य प्रतिभागियों को पर्यटन एवं संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्‍द्र पटवा ने रनिंग शील्‍ड और प्रमाण-पत्र वितरित किये। 
   पर्यटन संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पटवा ने कहा कि इस तरह की पर्यटन क्विज आयोजित करने वाला मध्‍यप्रदेश देश का पहला राज्‍य है। आने वाले वर्षों में पर्यटन क्विज में प्रदेश की सांस्‍कृतिक धरोहर, परंपरा, रीति-रिवाज़ को भी शामिल किया जाएगा। उन्‍होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा करें लेकिन केवल अंकों के पीछे न भागें।
   प्रमुख सचिव मुख्‍यमंत्री एवं पर्यटन श्री हरि रंजन राव ने कहा कि 3 साल से आयोजित की जा रही पर्यटन क्विज़ को और विस्‍तार देकर इसकी गुणवत्‍ता को भी बढ़ाया जाएगा। प्रदेश की संगीत परंपरा और कलात्‍मक वस्‍तुओं, ह‍स्‍तशिल्‍प आदि को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि क्विज के जरिये पर्यटन के प्रति जागरूकता लाना और लोगों को इससे जोड़ना हमारा प्रमुख उद्देश्‍य है। 
   प्रसिद्ध टीवी-शो कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर हुए मल्‍टीमीडिया राउण्‍ड में प्रदेश के पर्यटन स्‍थलों, संस्‍कृति, इतिहास और पुरातत्‍व महत्‍व की प्राचीन धरोहरों पर केन्द्रित विविध प्रश्‍न चित्रों के माध्‍यम से पूछे गए। रोचक ढंग से पर्यटन क्विज के सफल संचालन के लिए श्री रविकांत ठाकुर की प्रस्‍तुति को सभी ने सराहा। 
   इसके पूर्व मध्‍यप्रदेश टूरिज्‍म बोर्ड द्वारा आयोजित राज्‍य स्‍तरीय पर्यटन क्विज की शुरूआत आज प्रात: दीप प्रज्‍वलित कर की गई। पर्यटन क्विज के प्रारंभ में लिखित परीक्षा में तकरीबन 150 से अधिक विद्यार्थियों ने भागीदारी की। लिखित परीक्षा के उपरांत आज ही दोपहर को मल्‍टीमीडिया राउण्‍ड में लिखित परीक्षा में उत्‍तीर्ण 6 टीमों ने भाग लिया।
    क्विज आयोजन स्‍थल प्रशासन अकादमी के स्‍वर्ण जयंती सभागार और परिसर को विविध जानकारी के साथ आकर्षक ढंग से सजाया गया था। परिसर में मध्‍यप्रदेश पर्यटन को लेकर स्‍लोगन और संदेश प्रदर्शित किये गये हैं। विशेष बात यह है कि मतदाताओं को जागरूक बनाने की दृष्टि से ‘मतदान आपका अधिकार’ एवं ‘मतदान अवश्‍य करें’ जैसे प्रेरक स्‍लोगन प्रदर्शित किये गये। 
   अत्‍यंत खुशनुमा माहौल में रिमझिम बारिस के बीच सभी जिलों से आए प्रति‍भागियों ने बड़े उत्‍साह और उमंग से राज्‍य स्‍तरीय प्रतियो‍गिता में हिस्‍सा लिया। इस मौके पर पर्यटन निगम के एमडी श्री टी ईलैया राजा एवं टूरिज्‍म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक श्रीमती भावना वालिम्‍बे, संचालक डॉ. मनोज सिंह और जिला पर्यटन संवर्धन परिषद के पदाधिकारी, शिक्षक आदि मौजूद थे।
इन्दौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना से 171 कि.मी. कम होगी मुम्बई की दूरी 
मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं श्री फड़नवीस की मौजूदगी में हुआ केन्द्र सरकार से करारनामा 
इन्दौर | 28-अगस्त-2018
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 इन्दौर-मनमाड़ 362 किलोमीटर नई रेल परियोजना के लिये आज नई दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और जहाजरानी मंत्रालय, रेल मंत्रालय, मध्यप्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच करारनामा हुआ। परियोजना के पूर्ण होने पर इंदौर से मुम्बई की दूरी 171 किलोमीटर कम हो जायेगी। परियोजना लागत लगभग 8575 करोड़ रुपये होगी। 
   करारनामे के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  श्री देवेन्द्र फड़नवीस सहित केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल, रक्षा राज्य मंत्री श्री सुभाष भामरे और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री अश्विनी लोहानी मौजूद थे।  
 
  केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर से मुम्बई एवं मनमाड़ की दूरी काफी कम होने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सामान ले जाने वाले कन्टेनर अब इंदौर से सीधे मनमाड़ तथा जवाहर लाल नेहरू पोर्ट पहुँच सकेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों को भी आवाजाही की सुविधा मिलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि यह मार्ग दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा इगतपुरी, नासिक और सिनार से होते हुए पुणे और खेद, धुले तथा नारदाना से गुजरेगा। परियोजना शुरू होने के 10 साल के अंदर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलेगा। रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा प्रदूषण और तेल खपत में कमी होगी। श्री चौहान ने कहा कि परियोजना में मध्यप्रदेश सरकार अथवा उसके नामित उपक्रम की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। परियोजना पूर्ण होने पर उत्तरी भारत के लखनऊ, ग्वालियर, कानपुर, आगरा तथा इंदौर, धुले, भोपाल क्षेत्र से कार्गो को जवाहर लाल नेहरू पोर्ट और मुम्बई जाने पर होने वाले व्यय में काफी कटौती होगी। 
ग्रामीण सड़कों के टेण्डर से पेमेंट तक का ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार 
मध्यप्रदेश ''''जियो-रीच साफ्टवेयर'''' बनाने वाला देश का पहला राज्य 
इन्दौर | 25-अगस्त-2018
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      विश्व बैंक की शर्त के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के टेण्डर से लेकर पेमेंट तक की ऑनलाइन प्रोसेस के लिए Geo-Rich (जियो-रीच) सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। मध्यप्रदेश एन.आई.सी. के सिनीयर टेक्नीकल डॉयरेक्टर श्री विवेक चितले और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया यह सॉफ्टवेयर देश का पहला सॉफ्टवेयर होगा। इसमें रोड निर्माण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की माँग पर तैयार किए गये इस सॉफ्टवेयर का विधिवत शुभारंभ 27 अगस्त को होटल कोर्टयार्ड मेरियट में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विश्व बैंक के अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रहेगी।
      मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री नितेश व्यास ने बताया कि प्रदेश के ऐसे ग्राम जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के दायरे में नहीं आ पा रहे थे। उन्हें बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारंभ की गई थी। इसके तहत प्रदेश में लगभग 10 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया गया था, इन सड़कों को डामरीकृत सड़कों में तब्दील करने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। इन सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के लिए मध्यप्रदेश सरकार और विश्व बैंक तथा एशियन इन्फ्रास्ट्रेक्चर डेव्‍लपमेंट बैंक के साथ 2275 करोड़ का ऋण समझौता अप्रैल 2018 में किया गया था।  इस समझौते के तहत राज्य सरकार को टेण्डर से लेकर पेमेंट तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया पर सतत निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करना आवश्यक था। मध्यप्रदेश एन.आई.सी. की विध्यांचल भवन स्थित सेंटर में जियो-रीच (Geo-Rich) सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।
      उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सड़कों के मेन्टीनेंस के लिये e-marg- सॉफ्टवेयर तैयार कर लागू किया जा चुका है। इसे भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आज 
इन्दौर | 22-अगस्त-2018
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  भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा मध्यप्रदेश के सभी 51 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को चुनाव से संबंधित प्रशिक्षण वीडियो कॉन्फ्रेंस से आज 23 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे से शाम 4 बजे तक दिया जायेगा
 
पीएससी ऑफिस में झंडा वन्दन 
इन्दौर | 16-अगस्त-2018
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    मध्यप्रेदश लोक सेवा आयोग कार्यालय में 15 अगस्त,2018 स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ध्वजारोहरण, आयोग के अध्यक्ष श्री भास्कर चौबे द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोग के सदस्य डॉ. राजेशलाल मेहरा एवं श्रीमती सीमा शर्मा भी  उपस्थित थी। इसके साथ ही श्रीमती रेनु पंत, सचिव, श्री दिनेश जैन, डॉ.पी.सी. यादव, परीक्षा नियंत्रक, श्रीमती कीर्ति खुरासिया, उप सचिव एवं आयोग कार्यालय के समस्त अधिकारीगण/कर्मचारीगण उपस्थित थे।
      आयोग के अध्यक्ष/सदस्यों एवं अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस अवसर पर आयोग कार्यालय में वृक्षारोपण किया गया एवं धूम्रपान तथा तम्बाकू सेवन मुक्त परिवेश को साकार करने हेतु शपथ ली गई।
आई.टी.आई उत्तीर्ण विद्यार्थी होंगे कक्षा 12 के समकक्ष 
इन्दौर | 09-अगस्त-2018
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    मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड भोपाल ने विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास के साथ-साथ उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करने के लिए निदेशालय कौशल विकास मध्यप्रदेश के साथ स्कूल शिक्षा और कौशल विकास के मध्य बाधाओं को दूर करने, आई.टी.आई. उत्तीर्ण विद्यार्थियों को रोजगार के क्षेत्र में नए रास्ते खोलने, आई.टी.आई उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं स्नातक में प्रवेश के लिए अवसर देने, क्रेडिट हस्तांतरण के तहत अकादमिक समकक्षता के लिए एनसीवीटी एवं एससीवीटी के तहत पढ़ाए गए विषयों को स्वीकार करने तथा आईटीआई विद्यार्थियों को 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से अनुबंध किया है।
    मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड भोपाल एनसीवीटी एवं एससीवीटी के तहत किसी भी नियमित पाठ्यक्रम में आईटीआई प्रशिक्षु द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किए गए तीन मुख्य विषयों के क्रेडिट हस्तांतरण को स्वीकार करेगा। संबंधित को हायर सेकेण्डरी स्कूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड भोपाल के पाठ्यक्रम अनुसार किसी भी एक भाषा अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत एवं उर्दू उत्तीर्ण तथा रोजगार कौशल विकास एवं उद्यमिता विषय की परीक्षा देनी होगी। इच्छुक विद्यार्थी मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड भोपाल 0755-2552106 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
खेलकूद से मानसिक और शारीरिक क्षमता में वृद्धि 
भारतीय खेल को बढ़ावा देना जरूरी - जनसम्पर्क मंत्री श्री मिश्रा 
इन्दौर | 07-अगस्त-2018
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   मध्यप्रदेश कबड्डी लीग और डिजियाना स्पोर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता आज से अभय प्रभाल में आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता 12 अगस्त तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में इन्दौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा, जबलपुर, सागर, शहडोल और ग्वालियर की कुल 8 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ आज जनसम्पर्क, संसदीय कार्य और जल संसाधन मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय खेलों को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। भारतीय खेलों से शारीरिक और मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है।  
 
   उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति धनाभाव से परेशान है। अमीर व्यक्ति को धन से घमण्ड हो जाता है, मगर सही समय पर सही काम में धन का उपयोग करना बहुत ही समझदारी का काम है। डिजियाना स्पोर्ट्स ने अभय प्रशाल इंदौर में कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित कर धन का सही उपयोग किया है और सराहनीय कार्य किया है। राज्य शासन की मंशा है कि भारतीय खेल कबड्डी, फुटबाल, खो-खो, तीरंदाजी, निशानेबाजी आदि को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाये। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर और टीवी के इस युग में आम आदमी का ध्यान खेलों से हट गया है।
   इस अवसर पर आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता और सुश्री उषा ठाकुर, आयोजक श्री सुखदेव सिंह घुम्मन और तेजिंदर सिंह घुम्मन, श्री रमेश शर्मा, श्री सुनील, श्री एस.के. गौतम, श्री पंकज शुक्ला, श्री आर.के. पुरोहित, श्री राकेश पाठक और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्राची शर्मा ने किया।
बिना लायसेंस ट्रेक्टर चलाने वालों पर होगी वैधानिक कार्यवाही 
ग्रामीण क्षेत्रों में भी यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध चलेगा अभियान 
इन्दौर | 04-अगस्त-2018
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      प्रदेश में बिना लायसेंस ट्रेक्टर चलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। जिन जिलों में ट्रेक्टर चालकों की लापरवाही से वाहन दुर्घटनाएँ अधिक घटित हुई हैं और चलकों के पास लायसेंस नहीं हैं; ऐसे जिलों को चिन्हित कर बिना लायसेंस ट्रेक्टर चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। यह निर्णय मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह की अध्यक्षता में गत माह भोपाल में हुई बैठक में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी द्वारा प्रदाय निर्देशानुसार बैठक में प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से हो रही मृत्यु के संबंध में चर्चा कर कार्य-योजना तैयार करने के लिये विचार-विमर्श हुआ।

      बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ता वाहन चालकों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही की जाये। शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में सड़क दुर्घटना की संख्या एवं उससे होने वाली मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है। बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय राजमार्गों और अन्य मार्गों पर आवारा मवेशियों के प्रवेश पर रोकथाम के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा गया।

      गलत दिशा एवं सड़कों पर लापरवाही एवं तेज गति से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। माल-वाहन यानों में यात्रियों का परिवहन करने वाले चालक ओवरलोड कर वाहन चलाते हैं। यह सड़क दुर्घटना एवं उनकी मृत्यु के प्रमुख कारण बनते हैं। इनके विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

      जिला राजगढ़ में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़कों के किनारे प्रदर्शन के लिये रखा गया है। इसके जरिये वाहन चालकों को रोड सेफ्टी के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। राजगढ़ की तर्ज पर अन्य जिलों में भी इस तरह की कार्यवाही की जा सकती है। रोड सेफ्टी से संबंधित अन्य नवाचार मूलक परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर डिमान्स्ट्रेशन इफेक्ट से वाहन दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु में कमी लायी जा सकती है।

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गणेश शंकर समाचार सेवा

आजादी की पत्रकारिता को ध्यान में रख कर ही  हमने बर्ष 1981 दिसम्बर 11  से दैनिक राष्ट्र भ्रमण समाचार पत्र से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की है.


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