गुना समाचार

 

 

अधिकारी सुनिश्चित करें कि मतदाता बगैर भय के मतदान कर सकें 
कमिश्नर ने अधिकारियों को दिए निर्देश 
गुना | 15-जनवरी-2018
 
 
 
 
  
   ग्वालियर संभाग के कमिश्नर श्री बी.एम.शर्मा ने आज राघोगढ़ में नगरपालिका परिषद राघोगढ़-विजयपुर के आम निर्वाचन की तैयारियों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न अधिकारियों की बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेटों, सेक्टर अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों एवं आम जनता के बीच ऐसा माहौल निर्मित करें कि मतदाता बगैर किसी दबाव एवं भय के मतदान कर  सकें। 
   कमिश्नर श्री शर्मा ने पिछले दिनों राघोगढ़ में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा राघोगढ़ में शांति, सदभाव एवं भाईचारे का सदा माहौल रहा है और ऐसे माहौल में उक्त घटना का होना दुखद है। कमिश्नर ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे गश्त के दौरान लगातार आम लोगों से जनसंवाद करें और उनमें आत्मविश्वास जगाएं। अगर रास्ते में लोग खड़े मिलते हैं तो उनसे भी जनसंवाद कर हालात के बारे में बातचीत करें और उन्हें भरोसा दिलाए कि सब ठीक है और कोई भी मतदाता निर्भय एवं स्वतंत्र ढंग से मतदान कर सकता है।
   कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई चाहे कितना भी बड़ा आदमी क्यों ना हो, अगर वह निर्वाचन प्रकिया को प्रभावित करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। निर्वाचन वाले दिन कहीं से भी शिकायत प्राप्त हो, तो उसकी फौरन जांच की जाए। इससे जनता का विश्वास बढ़ेगा। कमिश्नर ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि वे मतदान वाले दिन मतदान केन्द्रों के बाहर भीड़ जमा ना होने पाए तथा किसी को भी अनावश्यक रूप से मतदान केन्द्र के बाहर खड़ा ना होने दें। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके वहां से चले जाएं।
   उन्होंने कहा कि अगर कोई फर्जी वोटर पकड़ में आए तो उसको छोड़ा ना जाए। कमिश्नर ने सेक्टर मजिस्ट्रटों  एवं जोनल अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय की जरूरत जताई और कहा कि अगर जोनल अधिकारी को निर्वाचन के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो वह तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट को बताना सुनिश्चित करें। 
   ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अंशुमान यादव ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों, सेक्टर अधिकारियों के बीच बेहतर कम्यूनिकेशन की जरूरत जताई और कहा कि अगर कहीं से शिकायत मिलती है तो वह तत्काल संबंधित अधिकारी तक पहुंचा दी जाए, जिससे शिकायत का तत्परता से निराकरण हो सके। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय का होना आवश्यक है। 
   कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राजेश जैन ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वह मतदान केन्द्रों का एक बार और निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर लें कि वहां सारी व्यवस्थाएं ठीक है।
   उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रों में बिजली की आपूर्ति, पानी की व्यवस्था एवं रेम्प की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने मतदान केन्द्रों तक पहुंचने वाले पहुंच मार्गों को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मतदान केन्द्रों के अंदर मतदाताओं के लिए आने एवं जाने के रास्ते अलग-अलग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि मतदाता बिना भय के मतदान करें और मतदान दिवस को 100 मीटर की परिधि में कही  भी प्रचार सामग्री दिखलाई नहीं दे। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोहर सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री निमिष अग्रवाल, प्रेक्षक श्री डी.पी.तिवारी(सेवानिवृत्त आई.ए.एस), व्यय प्रेक्षक श्री एस.एस.राठौर(सेवानिवृत्त एस.ए.एस) समेत सेक्टर मजिस्ट्रेट, सेक्टर अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

17 जनवरी एवं 20 जनवरी को राघोगढ़ में सतत विद्युत आपूर्ति के विद्युत मण्डल को निर्देश 

गुना | 13-जनवरी-2018
 
  संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी गुना ने नगरपालिका परिषद राघोगढ़-विजयपुर निर्वाचन क्षेत्रों में 17 जनवरी 2018 को प्रातः 7 बजे से अपरान्ह 5 बजे तक तथा 20 जनवरी 2018 को प्रातः 9 बजे से मतगणना सम्पन्न होने तक सतत विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के अधीक्षण यंत्री म.प्र.विद्युत मण्डल को निर्देश दिए हैं।

 

नगरपालिका पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य 
गुना | 09-जनवरी-2018
 
  राघोगढ़-विजयपुर नगरपालिका परिषद के आम निर्वाचन के दौरान नगरपालिका के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आदर्श आचरण संहिता का पालन करना अनिवार्य है। 
   आचरण संहिता के मुताबिक नगरपालिका कर्मचारियों को चुनाव के दौरान अपना कार्य पूर्ण निष्पक्षता से करना चाहिए और ऐसा कोई आचरण और व्यवहार नहीं करना चाहिए, जिससे यह आभास हो कि वे किसी दल या अभ्यर्थी की मदद कर रहे हैं। निर्वाचन की घोषणा के दिनांक से निर्वाचन समाप्त होने के दिनांक तक नगरपालिका के अधीन कोई नियुक्त्ति या स्थानान्तरण नहीं किया जाना चाहिए। नगरपालिका क्षेत्र में किसी प्रकार के व्यवसाय या वृत्ति के लिए नवीन अनुज्ञप्ति नहीं दी जानी चाहिए। नगरपालिका क्षेत्र में किसी नई योजना या कार्य के लिए स्वीकृति नहीं दी जानी चाहिए। वर्तमान सुविधाओं के विस्तार या उन्नयन का कोई कार्य (जैसे कि किसी सड़क को चौड़ा करना या डामरीकृत करना या नालियों को पक्का करना, नल-जल योजना का विस्तार करना, नये हैंडपंप लगाना या नयी स्ट्रीट लाईट लगाना आदि) स्वीकृत या प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए। पहले से स्वीकृत किसी योजना का कार्य, जिसमें निर्वाचन की घोषणा होने तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ हो, प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए और किसी योजना का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं किया जना चाहिए।
   किसी भी संगठन या संस्था को किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई सहायता या अनुदान स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए। महापौर/अध्यक्ष/पार्षदों द्वारा स्वेच्छानुदान राशि में से भी किसी कार्य या गतिविधि के लिए कोई सहायता राशि स्वीकृत नहीं की जानी चाहिए। समाचार-पत्रों या प्रचार के अन्य माध्यमों से नगरपालिका के खर्च पर ऐसा कोई विज्ञापन या पैम्पलेट जारी नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें नगरपालिका की उपलब्धियों को प्रचारित या रेखांकित किया गया हो या जिससे किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने में सहायता मिलती हो। नगरीय निकायों के माध्यम से क्रियान्वित किये जाने वाले, परिवार मूलक या व्यक्तिमूलक आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों( जैसे कि रोजगार/व्यवसाय के लिए सहायता, आवास निर्माण के लिए सहायता, निराश्रित पेंशन, वृद्धाअवस्था पेंशन आदि) के अन्तर्गत नये हितग्राहियों का चयन नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी प्राकृतिक प्रकोप या दुर्घटना को छोड़कर, जिसमें कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना आवश्यक हो, निर्वाचन की घोषणा से लेकर निर्वाचन समाप्त होने तक की अवधि के दौरान नगरपालिका के किसी पदधारी(जैसे कि महापौर/अध्यक्ष/पार्षद) के क्षेत्रीय भ्रमण को चुनावी दौरा माना जाना चाहिए और  ऐसे दौरे में नगरपालिका के किसी कर्मचारी को उनके साथ नहीं रहना चाहिए।

 

निर्वाचन प्रेक्षक 6 जनवरी तक राघोगढ़ में मौजूद रहेंगे 
गुना | 04-जनवरी-2018
 
 
 
   
   मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका परिषद राघोगढ़-विजयपुर के आम निर्वाचन हेतु नियुक्त निर्वाचन प्रेक्षक श्री डी.पी.तिवारी आई.ए.एस.(सेवानिवृत्त) लोक निर्माण विभाग राघोगढ़ के रेस्ट हाउस के कक्ष क्रमांक एक में 6 जनवरी 2018 तक उपलब्ध रहेंगे। इच्छुक व्यक्ति उनसे संध्या 4 बजे से 6 बजे तक मुलाकात कर सकेंगे।

 

एकात्म यात्रा के दौरान तमाम पंचायतों से कलश शोभा यात्रा निकलेगी 
गुना | 29-दिसम्बर-2017
 
 आदि शंकराचार्य एकात्म यात्रा 30 दिसंबर 2017 को व्यावरा से जिला गुना के ब्लॉक चाचौड़ा में घोडापछाड़ ग्राम में प्रवेश करेगी। जिसमें ग्राम घोडापछाड़, कोटरा, पैंची होते हुए बीनागंज में जन संवाद मंडी प्रांगण में दोपहर 1.30 बजे से रखा गया है। इस दौरान 106 पंचायतों से कलश शोभायात्रा सम्मिलित होगी एवं 20 स्थानों पर यात्रा का स्वागत होगा। यात्रा ग्राम जंजाली, आवन होते हुए राघोगढ़ में जनसंवाद मुख्य बस स्टैण्ड पर शाम 4.30 बजे से होगा। जिसमें 99 पंचायतों से कलश शोभायात्रा सम्मिलित होगी एवं 10 स्थानों पर यात्रा का स्वागत होगा।
   31 दिसंबर 2017 को यात्रा ग्राम शहरोक होती हुई ब्लॉक आरोन में जन संवाद कार्यक्रम दासहनुमान मंदिर के सामने रखा गया है। जिसमें 57 पंचायतों से कलश शोभायात्रा सम्मिलित होगी। 30 स्थानों पर यात्रा का स्वागत होगा। यात्रा बजरंगढ़ होते हुए गुना में जन संवाद लक्ष्मीगंज में शाम 4.00 बजे से होगा, जिसमें 83 पंचायतों से कलश शोभायात्रा सम्मिलित होगी एवं 30 स्थानों पर यात्रा का स्वागत होगा।
   1 जनवरी 2018 को यात्रा के दौरान गुना में पीजी कॉलेज में युवा जन संवाद होगा। फिर यात्रा गढा होते हुए ब्लॉक बमोरी में समरसता कार्यक्रम उत्कृष्ट स्कूल बमौरी में होगा, जिसमें 80 पंचायतों से कलश शोभायात्रा सम्मिलित होगी एवं 12 स्थानों पर यात्रा का स्वागत होगा।

 

स्प्रिंकलर, पाइप लाइन, ड्रिप आदि अनुदान पर प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित 

गुना | 27-दिसम्बर-2017
 
  जिले के कृषि सिंचाई क्षेत्र एवं फसल उत्पादन में वृद्धि हेतु किसान सिंचाई उपकरणों जैसे - स्प्रिंकलर, पाईप लाइन, ड्रिप तथा डीजल/विद्युत इंजन अनुदान पर प्राप्त करने हेतु कृषि अभियांत्रिकी की वेबसाइट  www.dage.org पर ऑनलाइन आवेदन कर अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
   स्प्रिंकलर पर लद्यु एवं सीमांत कृषकों (कीमत का 55 प्रतिशत अनुदान) अन्य कृषक (कीमत का 50 प्रतिशत अनुदान), पाईप लाइन पर कीमत का 50 प्रतिशत अधिकतम 15000 रूपये अनुदान तथा डीजल/विद्युत इंजन पर कीमत का 50 प्रतिशत अधिकतम 10000 रूपये अनुदान दिया जायेगा। 
   आवेदन पहले पहले पद्धति के आधार पर स्वीकार किये जाते है एवं सिंचाई उपकरणों के लक्ष्य माह की 01 तारीख एवं 15 तारीख को अपलोड किये जाते है। ऑनलाइन कृषि यंत्र पोर्टल द्वारा जिले में वर्ष 2017-18 में 26.12.2017 तक कुल 310 सिंचाई उपकरणों पर किसानों को डी.बी.टी. के माध्यम से अनुदान जारी किया गया है किसानों से अनुरोध किया गया है। कि सिंचाई उपकरणों पर अनुदान प्राप्त करने हेतु अधिक से अधिक संख्या में ऑंनलाइन आवेदन कर लाभ प्राप्त करें। 

 

उड़द के कम दाम की चन्द्रभान की चिंता को दूर किया भावांतर ने 
गुना | 22-दिसम्बर-2017
 
  उपज का कम भाव होने के बावजूद भावांतर भुगतान योजना गुना जिले के किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिला रही है।
   गुना जिले के पगारा के रहने वाले युवा कृषक चन्द्रभान सिंह ने कोठियाहल्का में स्थित 80 बीघा खेत में उड़द की फसल बोई थी। मगर बेमौसम बारिश से मात्र 40 क्विंटल उड़द का ही उत्पादन हुआ। इससे चन्द्रभान सिंह चिंतित थे। उन्हें उम्मीद थी कि फसल के बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे, पर फसल बेचने के समय मूल्यों में आई गिरावट ने उनकी चिन्ता को और बढ़ा दिया और उनके हाथ निराशा ही लगी।
   लेकिन किसानों को बाजार भाव के उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए लागू की गई भावांतर भुगतान योजना ने चन्द्रभान सिंह की चिंता और निराशा को दूर कर दिया। उड़द के नीचे भाव होने के बावजूद भी भावांतर योजना में उनके खाते में 84 हजार 672 रूपये अन्तर की राशि पहुंची। 
   यह राशि मिलने पर चन्द्रभान सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब चन्द्रभान सिंह निशचिंत होकर अगली फसल लेने की तैयारी कर रहे हैं। अगली फसल के लिए खाद-बीज ले लिया है। बची राशि घर-परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में काम आ रही है। 
   इस स्थिति में चंद्रभान सिंह बताते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में कम भाव पर अपनी उपज बेचने के बावजूद अन्तर की राशि ने नुकसान की भरपाई कर दी है। वह पिछली परिस्थिति का जिक्र करना नहीं भूलते और कहते हैं कि पहले अगली बोनी नहीं कर पाते थे और मंडी तक आने-जाने में डीजल खर्च में ही सारे पैसे लग जाते थे। पहले अगर उपज का भाव कम होता था, तो समर्थन मूल्य के बावजूद घाटा हो जाता था। लेकिन भावांतर ने उपज का कम भाव होने पर भी किसानों को सुरक्षा दी है। गुना मंडी सचिव श्री इन्द्रपाल सिंह गुर्जर बताते हैं कि गुना जिले की कृषि उपज मंडियों में किसानों की उपज की समय पर सही तुलाई और भुगतान की पुख्ता व्यवस्था की गई है। भावांतर भुगतान योजना में जिले में बड़ी संख्या में किसानों का पंजीयन करवाया गया है।
 

 

 

आदिशंकराचार्य की जातिविहीन एवं एकात्मवाद की दृष्टि थी (एकात्म यात्रा के अवसर पर) 
गुना | 20-दिसम्बर-2017
 
 
 
 भारत की आध्यात्मिक शक्ति के अविरल प्रवाह को सशक्त रूप से प्रवाहमान बनाये रखने में आदि शंकराचार्य के कार्य एवं दर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। आदि गुरू का एकात्मवाद संपूर्ण विश्व को धर्म, पंथ, रंग, जाति, लिंग, प्रजाति एवं भाषा आदि की विविधताओं से परे एक सूत्र में बांधने का दर्शन है। आदि गुरू शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक एकता में बांधने का महान कार्य किया। भारतीय संस्कृति के विस्तार में भी इनका अमूल्य योगदान रहा। एक ऐसे समय, जब देश और दुनिया को भौगोलिक रूप से ही नहीं वरन् मानवीय संवेदनाओं के आधार पर भी विभाजित करने का प्रयत्न किया जा रहा है, तब आदि गुरू शंकराचार्य का जीवन एवं उनकी शिक्षाएं अत्यंत प्रासंगिक हो जाती हैं।
   आदि शंकराचार्य ने अपने इसी चिंतन को समाज में स्थापित करने हेतु अपने संपूर्ण जीवन को अर्पित कर दिया। उनकी दृष्टि में जब एक मूल कारण की अभिव्यक्ति यह नानारूपात्मक संसार है, तब सभी प्राणिमात्र वही मूलरूप हैं,  उससे भिन्न नहीं हैं। इस प्रकार का चिंतन यदि समाज में विकसित होता है, तो ऊँच-नीच, भेदभाव, जाति, धर्म, सम्प्रदाय अपने आप समाप्त हो जायेंगे। मसलन स्वर्ण का रूप एक होता है, किन्तु यदि उससे अनेक आभूषण बनाये जाते तो उनके अलग-अलग रूप हो जाते हैं। स्वर्ण की दृष्टि से सभी आभूषण एक ही हैं,क्योंकि सभी में एक ही स्वर्ण विद्यमान है। परंतु यदि आभूषण अलग-अलग रूप की दृष्टि से देखें, तो सभी अलग-अलग हैं। स्वर्णकार की दृष्टि से सभी स्वर्णमात्र है, किन्तु क्रेता(खरीदने वाले) की दृष्टि से सभी अलग-अलग हैं। इसी प्रकार मूल कारण की दृष्टि से सभी एक हैं, किन्तु अलग-अलग मनुष्य की दृष्टि से सभी एक-दूसरे से भिन्न हैं।
   इस प्रकार आदि शंकराचार्य के दर्शन के दर्शन के दो प्रयोजन हैं-प्रथम, सभी व्यक्ति के अज्ञान का नाश हो, जिससे वे वास्तविकता को जान सकें तथा सभी को अपने जैसा मानते हुए एक समरसतापूर्ण समाज का निर्माण कर सकें। द्वितीय अज्ञान के नष्ट होने से एकता और समरसता पर आधारित समाज का निर्माण करने से ही सभी को वास्तविक सुख की प्राप्ति हो सकती है। 
   आदि शंकराचार्य ने अपनी विश्वप्रसिद्ध रचना निर्वाणषटकम् में व्यक्ति के वास्तविक व्यक्तित्व का विवेचन करते हुए अपने प्रयोजन को स्पष्ट किया है। उसके अनुसार व्यक्ति का वास्तविक स्वरूप वर्ण, जाति, धर्म, इनसे परे शुद्ध चैतन्य स्वरूप है, जिसमें भेद का अभाव है, ऊँच-नीच का अभाव है, समरसता, समग्रता है, एकता है, समावेशिता है एवं आनन्द की पराकाष्ठा है। उपदेशसाहस्त्री में भी आदि शंकराचार्य कहते हैं कि व्यक्ति को जाति आदि को सम्यक् रूप से त्याग करते हुए अपने आत्मस्वरूप को जानना चाहिए। पुन: उपदेशसाहस्त्री में ही एक अन्य जगह उन्होंने कहा कि देह का त्याग होने पर व्यक्ति की जाति आदि का भी त्याग हो जाता है। अत: जाति आदि देह के धर्म हैं न कि आत्मा के। अनात्मक होने से इसका त्याग करना चाहिए।
   आदि शंकराचार्य ने विवेक चूड़ामणि में कहा है कि ऐसे व्यक्ति, ऐसे समाज, ऐसी प्रकृति एवं अन्तत: ऐसे विश्व के विषय में चिन्तन करना चाहिए, जहाँ बाह्यरूप से पार्थक्य रहते हुए भी आन्तरिक रूप से समरसता हो, व्यक्ति के विकास में समाज का विकास हो, प्रकृति का विकास हो एवं प्रकृति एवं समाज के विकास में भी व्यक्ति का विकास हो। परस्पर सम्बद्धता एवं निर्भरता उनके सिद्धांत का मूल मंत्र है। इस प्रकार के गुणों से सम्पन्न व्यक्ति समाज कल्याण के लिए कार्य करता हुआ स्वकल्याण करे, यही उनके दर्शन का तात्पर्यार्थ है।
   उपर्युक्त विवेचन से यह स्पष्ट है कि ऐसे महान् व्यक्तित्व के धनी आदि शंकराचार्य किसी जाति विशेष के बारे में विशेष रूप से टिप्पणी करें यह संभव नहीं है। उनके सम्पूर्ण भाष्यों में इसी प्रकार का चिन्तन ध्वनित होता है। वस्तुत: आदि शंकराचार्य का व्यक्तित्व एवं कृतित्व भारतीय समाज के लिए, विशेष रूप से विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिये प्रेरणा-स्त्रोत है। क्योंकि पाँच वर्ष की आयु में समग्र शास्त्र का ज्ञान प्राप्त करना, आठ वर्ष की आयु में सन्यास ग्रहण करना, बारह वर्ष की आयु तक ऋतम्भरा-प्रज्ञा से सम्पन्न होना एवं आत्मसाक्षात्कार करना, सोलह वर्ष की आयु तक कई ग्रन्थों की रचना करना तथा सोलह से बत्तीस वर्ष की आयु तक संपूर्ण भारत की तीन बार पैदल यात्रा करते हुए तथा अन्य विद्वानों के साथ संवाद करते हुए सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता स्थापित करना यह सभी के लिये उदाहरणीय एवं अनुकरणीय है।

 

द्वारका तीर्थ यात्रा हेतु 15 जनवरी तक आवेदन प्रस्तुत किये जा सकेंगे 

गुना | 14-दिसम्बर-2017
 
 
 
   
   मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अन्तर्गत 5 फरवरी 2018 से 10 फरवरी 2018 तक प्रस्तावित द्वारका यात्रा हेतु 15 जनवरी 2018 तक आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।
   इस तीर्थ यात्रा में सम्मिलित होने वाले जिले के इच्छुक आवेदकों से 15 जनवरी 2018 तक तहसील कार्यालयों में आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन फार्म में आवेदक के पिता/पति का नाम, जाति तथा पता व मो. नम्बर, वोटर आई.डी. नम्बर आदि लिखना आवश्यक रहेगा। आवेदक को यात्रा में प्रथम बार ही सम्मिलित होना चाहिए तथा उसने अपने जीवन काल में अन्य कोई तीर्थ यात्रा का लाभ नहीं लिया हो। यात्रा में सम्मिलित होने वाले 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को ही सहायक की पात्रता होगी। पति एवं पत्नि एक-दूसरे के सहायक के रूप में 60 वर्ष की आयु में हो सकते हैं। पति-पत्नी की आयु 65 वर्ष से अधिक होने पर एक सहायक की पात्रता होगी।

एकात्म यात्रा की जिला स्तरीय समिति की बैठक 14 दिसंबर को 

गुना | 13-दिसम्बर-2017
 
 
 
    
   यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में 14 दिसंबर 2017 को मध्यान्ह 12 बजे से एकात्म यात्रा की जिला स्तरीय आयोजन समिति की बैठक रखी गई है। बैठक की अध्यक्षता श्री तपन भौमिक अध्यक्ष एम.पी.स्टेट टूरिज्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (केबिनेट मंत्री दर्जा) करेंगे।

 

एकात्म यात्रा की जिला स्तरीय समिति की बैठक 14 दिसंबर को 
गुना | 13-दिसम्बर-2017
 
 
   यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में 14 दिसंबर 2017 को मध्यान्ह 12 बजे से एकात्म यात्रा की जिला स्तरीय आयोजन समिति की बैठक रखी गई है। बैठक की अध्यक्षता श्री तपन भौमिक अध्यक्ष एम.पी.स्टेट टूरिज्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (केबिनेट मंत्री दर्जा) करेंगे।

 

सामान्य प्रशासन समिति की बैठक 15 दिसंबर को 

गुना | 11-दिसम्बर-2017
 
  यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में 15 दिसंबर 2017 को मध्यान्ह 12 बजे से जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति की बैठक रखी गई है। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना चौहान करेंगी।
 

 

उच्चशिक्षा एवं लोकसेवा प्रबंधन मंत्री 9 दिसंबर को गुना आवेंगे 
गुना | 08-दिसम्बर-2017
 
 उच्च शिक्षा एवं लोकसेवा प्रबंधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया 9 दिसंबर 2017 को संध्या 8:30 बजे गुना आवेंगे, जहॉं आप सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। 
   श्री पवैया 10 दिसंबर 2017 को प्रात: 11 बजे शासकीय छात्रावास का लोकार्पण करेंगे। आप संध्या 4 बजे श्री राम कथा में भाग लेंगे एवं सन्ध्या 5 बजे गुना से ग्वालियर के लिए प्रस्थित हो जायेंगे।

 

बालिका छात्रावास में अधीक्षिका समेत चौकीदार एवं रसोइए सब महिलाएं हों - कलेक्टर 

गुना | 29-नवम्बर-2017
 
 
   कलेक्टर श्री राजेश जैन ने प्रभारी जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण को निर्देशित किया है कि बालिका छात्रावासों में अधीक्षिकाएं समेत रसोइए एवं चौकीदार सब महिलाएं ही होना चाहिए। कलेक्टर ने यह निर्देश आज यहां आदिम जाति कल्याण विभाग एवं लोक शिक्षण विभाग के छात्रावासों के अधीक्षकों की बैठक में दिए।
   कलेक्टर ने अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि उनके छात्रावास में जहां खाने पीने का सामान रखा जाता है, वह स्वच्छ हो, खिड़की-दरवाजे टूटे-फूटे ना हों, छात्रावास के अन्दर एवं बाहर प्रकाश की समुचित व्यवस्था हो, मच्छर जालियां हों, पानी की समुचित व्यवस्था हो। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों में दिए जाने वाले भोजन की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित करें।
   कलेक्टर ने कहा कि बालिका छात्रावास के आसपास शराब की दुकान स्थित है अथवा छात्रावास के आसपास बदमाश किस्म के या असामाजिक तत्वों का जमावबाड़ा रहता है, तो इसके बारे में अविलंब अवगत कराएं, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि अगर छात्रावास के आसपास या बालिकाओं के गुजरने के रास्तों पर कहीं  संवेदनशील स्थान पड़ते हैं, तो तत्काल बता दें, ताकि वहां पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जा सके। कलेक्टर ने छात्रावास से बाहर दृष्टव्य स्थान पर पुलिस थाना, एस.डी.एम., कलेक्टर, एस.पी.के मोबाइल नंबर लिखवाने के निर्देश दिए।
   कलेक्टर ने कहा कि अनहोनी घटनाओं को टालने के लिए बच्चों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लापरवाही से बचा जाए, तो घटना के घटित होने से बचा जा सकता है। उन्होंने छात्रावासों में आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं जुटाने पर बल दिया और कहा कि छात्रावास की पानी की टंकी साफ करा लें, अगर वहां नल की टोंटी नहीं हैं, तो लगवा लें, दरवाजे एवं खिड़कियों में सिटकनी .लगी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कामों के लिए छात्रावासों को पर्याप्त धनराशि दी गई है। अगर कहीं पैसे की जरूरत है,तो तत्काल मांग की जाए, ताकि वहां पैसे उपलब्ध कराए जाएं।
   कलेक्टर ने अधीक्षकों से कहा कि छात्रावासों को अपने घर की तरह व्यवस्थित एवं अच्छे ढंग से संधारित किया जाए। बच्चियां अगर बाहर जाती हैं, तो उनके बाहर जाने और लौटने का समय निर्धारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चियां अधिक समय तक छात्रावास से बाहर ना रहें। कलेक्टर ने प्रभारी जिला संयोजक आदिम जाति से कहा कि निरीक्षण हेतु नियुक्त अधिकारियों से एक बार छात्रावासों का निरीक्षण अवश्य करा लें। कलेक्टर ने अधीक्षिकाओं  से कहा कि वे बालिकाओं की समस्याओं से रू-ब-रू होने के लिए बच्चियों के साथ वार्तालाप अवश्य करें। कलेक्टर ने कहा कि समझदारी एवं सावधानी में सुरक्षा छिपी हुई है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कुशलता एवं समझदारी से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के अधीक्षकों को निर्देश दिए। बैठक में महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री गोयल एवं प्रभारी जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण श्री गुप्ता भी उपस्थित थे।
 
गीता जयंती पर हुआ गीता पाठ-स्वाध्याय पंच दिवसीय कार्यक्रमों का शुभारंभ
कर्म-ज्ञान-भक्ति की साकार रचना है भगवद् गीता
चिंतन हाउस में नि:शुल्क गीता वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ
गुना।30/11/2017 श्रीमद् भगवद् गीता के सूत्र जीवन जीने की कला सिखाते हैं। मृत्यु का भय दूर करती है श्रीमद् भगवद् गीता की अमृतवाणी। हमें हमारा कर्तव्य बोध कराती है गीता। शहर एवं अंचल में श्रीमद् भगवत गीता जयंती पर कार्यक्रम आयोजित हुए। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि देश में सार्वभौम ग्रंथ गीता के प्रचार करने से मानसिक शांति मिलती। श्रेष्ठ विचार आत्मसात होने के साथ अपना कर्तव्य, ज्ञान की प्राप्ति एवं राष्ट्र, समाज, परिवार, धर्म संस्कृति के प्रति भक्ति भावना का उदय ह्दय में होता है। सर्राफा बाजार स्थित चिंतन हाउस में हुए गीता पाठ स्वाध्याय के दौरान विराट हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष कैलाश मंथन ने बताया गीता की प्रतियां मरने के बाद बांटी जाती है। जीते जी यदि भगवद् वाणी का प्रचार प्रसार किया जाए तो यह देश एवं धर्म की सबसे बड़ी सेवा होती है। आज इसी अभाव की पूर्ति हेतु घर-घर में गीता जी की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। नि:शुल्क गीता वितरण का पन्द्रवां दौर मोक्षदा एकादशी से शुरु किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय परिषद, विराट हिन्दू उत्सव समिति, चिंतन मंच के तहत श्रीकृष्ण मंदिरों, धार्मिक केंद्रों, सत्संग मंडलों में विशेष मनोरथ गीता पाठ, स्वाध्याय के कार्यक्रम आयोजित हुए। चिंतन मंच के संयोजक कैलाश मंथन के मुताबिक सन 1990 से लिया गया गीता प्रचार अभियान का संकल्प श्ीघ्रति शीघ्र विश्वव्यापी बनाने की योजना है। प्रत्येक भारतवासी अपने संस्कृति के आधारग्रंथों को समझे, राष्ट्रधर्म के प्रति सजग हो। इसी मकसद से अब तक 21 हजार परिवारों तक श्रीमद् भगवद गीता की प्रतियां पहुंचाई जा चुकी है। यह समुद्र में एक छोटा सा कंकर फंकने जैसा है लेकिन लहर तो उठती ही है। आज से पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भगवान कृष्ण श्रीनाथ जी के पुष्टिमार्गीय पंचाग कैलेण्डर का विमोचन भी गीता  जयंती के तहत किया जा रहा है।

कलेक्टर जनसुनवाई 

विद्युत बिल की अधिक राशि का बिल सही राशि में करने के निर्देश, लक्ष्मण सिंह की जमीन का सीमांकन कराने के तहसीलदार को निर्देश
गुना | 28-नवम्बर-2017
 
 
   
   आज यहां कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम पुरैनी निवासी श्री लक्ष्मण सिंह की फरियाद पर कलेक्टर श्री राजेश जैन ने उनकी जमीन का तत्परता से सीमांकन कराने के तहसीलदार गुना को निर्देश दिए। लक्ष्मण सिंह ने कलेक्टर को बताया था कि उसकी जमीन का बंटवारा हो चुका है, मगर उसकी जमीन का सीमांकन नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण का जल्द निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
   ग्राम पाटी निवासी श्री देवकरण ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ग्राम पाटी में सीसी खरंजा का निर्माण कराया जा रहा है, मगर खरंजा के दोनों ओर जल निकासी के लिए नाली नहीं बनाई जा रही है, जिस कारण आसपास का पानी सड़क पर इकट्ठा होकर बहेगा। देवकरण ने खरंजा के दोनों ओर नाली बनावाने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने खरंजे के दोनों ओर नाली बनवाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को निर्देश दिए। इधर बाल युवा समिति आरामपुरा के सचिव श्री सर्जनसिंह ने कलेक्टर को आवेदन-पत्र  प्रस्तुत कर आरामपुरा को गांव का दर्जा दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस मामले में शीघ्र उचित कदम उठाने के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राघोगढ़ को निर्देश दिए। 
   बछावदा निवासी श्री बाबूलाल लोधा ने कलेक्टर को अपनी ब्यथा सुनाते हुए बताया कि उसकी भूमि राजस्व भूमि के अन्तर्गत आने के बावजूद वनकर्मी उसको वन विभाग की भूमि पर काबिज होने का हवाला देते हुए परेशान कर रहे हैं। बाबूलाल ने वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई करने को वन संरक्षक गुना से कहा है।
   पिपरोदाखुर्द की रहने वाली कपूरीबाई अहिरवार ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उसने ओरिएंटल बैंक में जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाया था, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह खाते में रकम जमा नहीं करा पा रही है, जिस वजह से बैंक ने खाता बंद करने को बोला है। कपूरीबाई ने इस समस्या से बचने के लिए किसी शासकीय योजना के अन्तर्गत उसके खाते में रकम जमा कराने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई करने के लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए। कुवारा का पीपल्या के रहने वाले रामभरोसा भील ने कलेक्टर को बताया कि वह गांव की 5 बीघा जमीन पर वर्ष 2006 से काबिज है। मगर उसको अब तक पट्टा प्राप्त नहीं हुआ है। रामभरोसा ने जल्द उसको उक्त भूमि का पट्टा दिलवाने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस प्रकरण की पड़ताल कर शीघ्र उचित कार्रवाई करने के तहसीलदार कुंभराज को निर्देश दिए।

अ.जा.एवं अ.ज.जा.के विद्यार्थियों के बैंक खातों का आधार लिंक होना अनिवार्य 

गुना | 24-नवम्बर-2017
 
 
 
 
   
    जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण ने बताया कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के सभी विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं से लाभ लेने के लिए उनके बैंक खातों का आधार लिंक होना अनिवार्य है। बिना आधार लिंक कराये कोई भी विद्यार्थी किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं ले सकता है।
    इस संबंध में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समस्त डीबीटी आधारित हितग्राहीमूलक योजनाओं में बिना आधार सीडिंग के लाभ वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। ऐसी समस्त योजनाओं में बैंक खाते में आधार नंबर सीडिंग करने के पश्चात ही लाभ दिया जा सकेगा।
    पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति/आवास योजना वर्ष 2017-18 की स्वीकृति बैंक खाते में आधार सीडिंग करने के पश्चात ही प्रस्तुत करना होगी। बैंक खाते में आधार नंबर सीडिंग न करने की स्थिति में संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य की जवाबदेही होगी। छात्रवृत्ति एवं आवास की स्वीकृति 30 नवंबर 2017 तक भिजवाना अनिवार्य रहेगा।

 

सैकड़ों वर्षों बाद हुआ बरखेड़ागिर्द के चंद्रप्रभु भगवान का महामस्तकाभिषेक-शांतिधारा
दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत प्रभु ने किया गांव का विहार, नवीन शिला पर किया विराजमान
गुना24/11/2017। जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर बरखेड़ागिर्द स्थित 800 वर्ष प्राचीन दिगंबर जैन चंद्रप्रभु जिनालय पर मूलनायक भगवान चंद्रप्रभु का महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा सैकड़ों वर्षों बाद हुई। गांव के बुजुर्गों के अनुसार उन्होंने और उनके पूर्वजों ने कभी इस मंदिर में स्थित मूलनायक भगवान का अभिषेक और शांतिधारा नहीं देखी। साल दर साल जीर्णशीर्ण हो रहे इस मंदिर का जीर्णोद्धार अब जैन समाज के सामूहिक प्रयासों से हो रहा है। जैनाचार्य विद्यासागर महाराज एवं उनके शिष्यगण मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज, मुनिश्री कुंथु सागरजी एवं निष्कंप सागरजी महाराज के आशीर्वाद से और ज्योतिषाचार्य संजय जैन गुरुजी उज्जैन के मार्गदर्शन में मंदिर का जीर्णोद्धार कर नया रूप दिया जा रहा है। इस मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्माचारी मनोज लल्लन भैयाजी के निर्देशन में संपन्न हुए।
कार्यक्रमों की बेला में शुक्रवार को मंदिर में विराजमान मूल नायक चंद्रप्रभु भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा हुई। जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने कलशों से अभिषेक किया। इस मौके पर शहर के हाट रोड, हनुमान चौराहा, प्रताप छात्रावास सहित अन्य जगह से नि:शुल्क वाहनों की व्यवस्था कमेटी द्वारा की गई। इस मौके पर प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्माचारी मनोज लल्लन भैयाजी के निर्देशन शांति विधान, हवन, वेदी निष्ठापन, शिखर निष्ठापन के कार्यक्रम हुए। दोपहर में श्रीजी को विमान में विराजमान कर गांव के प्रमुख मार्गों का भ्रमण कराया। तत्पश्चात विमान पुन: कार्यक्रम स्थल पहुंचे। यहां श्रीजी को अस्थाई रूप से नवीन वेदी पर विराजमान किया। इस अवसर पर मूलनायक भगवान चंद्रप्रभु का प्रथम महामस्तकाभिषेक पवन कुमार जैन अशोकनगर ने किया एवं शांतिधारा सुरेश जैन ने की।

 

मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना हेतु आवेदन आमंत्रित 
गुना | 23-नवम्बर-2017
 
 
 
  
   विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति वर्ग को मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अन्तर्गत 50 हजार रूपये तक की नवीन उद्यम, सेवा व्यवसाय परियोजना की स्थापना हेतु आवेदन-पत्र आमंत्रित किए गए हैं। 
   इसके लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें शैक्षणिक योग्यता का कोई बंधन नहीं है। आवेदक को म.प्र. का मूलनिवासी होना चाहिए। आवेदन फार्म प्राप्त करने तथा विस्तृत जानकारी के लिए पुराना कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग गुना से संपर्क किया जा सकता है।

 

नगर में 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यातायात वनवे रहेगा 

 
गुना | 20-नवम्बर-2017
 
 
 
    पुलिस अधीक्षक श्री निमिष अग्रवाल ने बताया कि 24 नवंबर से 30 नवंबर 2017 तक नगर में जयस्तंभ चौराहे से निचले बाजार तक यातायात वनवे रहेगा।

आंगनवाड़ी सहायिका पद हेतु आवेदन आमंत्रित 

गुना | 17-नवम्बर-2017
 
 
बीज वितरण अनुदान की दरें निर्धारित 
गुना | 06-अक्तूबर-2017
 
 उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास गुना ने बताया कि राज्य शासन ने रबी वर्ष 2017-18 हेतु विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीजों के वितरण अनुदान की दरें निर्धारित की हैं। 
   इनमें से गेहूं समस्त किस्में (10 वर्ष तक की अवधि) 500 रूपये, चना समस्त (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये, मटर (अर्किल को छोड़कर) (15 वर्ष तक की अवधि) 200 रूपये, मसूर (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये, सरसों (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये, अलसी (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये, तोरिया (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये, जौ (10 वर्ष तक की अवधि) 100 रूपये एवं मूंग ग्रीष्मकालीन (15 वर्ष तक की अवधि) 2500 रूपये के मान से अनुदान दर निर्धारित की गई है।

 

  • Address: Harihar Bhavan Nowgong Dist. Chatarpur Madhya Pradesh  , Mo : 98931-96874 , Email :  This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. Web : www.ganeshshankarsamacharsewa.in