इंदौर समाचार

 

पल्स पोलियो अभियान हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक 15 जनवरी को 
इन्दौर | 12-जनवरी-2018
 
  राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान प्रथम चरण आगामी 28 जनवरी 2017 को संपन्न किया जायेगा। इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में 15 जनवरी, 2018 को दोपहर 12 बजे टीएल पश्चात् किया गया हैं। 

 

एकात्म यात्रा के संबंध में बैठक आज 9 जनवरी को 
इन्दौर | 08-जनवरी-2018
 
  इंदौर जिले में आगामी 20 एवं 21 जनवरी 2018 को प्रस्तावित एकात्म यात्रा की तैयारियों के संबंध में आज 9 जनवरी को सायं 4 बजे कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में एकात्म यात्रा आयोजन समिति के सदस्य और व्यवस्थाओं जुड़े विभागों के अधिकारियों सेे उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है।

 

 

गणतंत्र दिवस पर "भारत पर्व" के आयोजन में होंगे विभिन्न कार्यक्रम 

इन्दौर | 29-दिसम्बर-2017
 
  लोकतंत्र का लोक उत्सव "भारत पर्व" इस वर्ष भी 26 जनवरी, 2018 को गणतंत्र दिवस की संध्या को सभी जिला मुख्यालय पर आयोजित होगा।
   प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में उपलब्धता अनुसार विधानसभा अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष/ मंत्री/ राज्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री रहेंगे। इसके अलावा जिला कलेक्टर वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज-सेवी, लेखक, साहित्यकार और कलाकार को आमंत्रित करेंगे। भारत पर्व के प्रभावी आयोजन के लिये जरूरी कार्रवाई शुरू कर स्थानीय व्यवस्था के लिये आयुक्त, सह संचालक स्वराज संस्थान संचालनालय, रवीन्द्र भवन परिसर भोपाल को नोडल अधिकारी मनोनीत किया गया है।
   प्रमुख सचिव संस्कृति ने बताया कि भारत पर्व में प्रदेश की पारम्परिक रूप से लोक रुचि के गायन (लोक भक्ति, सुराज, आजादी के तराने) कवि सम्मेलन, वादन और नर्तन (जनजातीय एवं लोक) इत्यादि कार्यक्रम संस्कृति, जनसम्पर्क तथा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित होंगे।
विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी
   इस अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा मध्यप्रदेश की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी सभी जिला मुख्यालय पर लगाई जायेगी।

 

बेटी का जन्म अब गरीब परिवार के लिये बोझ नहीं : राजस्व मंत्री श्री गुप्ता 
न्दौर | 27-दिसम्बर-2017
 
राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि प्रदेश में अब बेटी का जन्म गरीब परिवार के लिये बोझ नही रहा। राज्य सरकार ने अब तक 27 लाख बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी बनाया है और उनके बैंक खाते में 31 हजार करोड़ रूपये जमा करवाये हैं। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता आज भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र के रमा नगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। राजस्व मंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना में लाभान्वित परिवारों को प्रमाण-पत्र वितरित किये। श्री गुप्ता ने नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 18 विभागों की जन-समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया।
   राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा से गरीबों के हितों का ख्याल रखा है। प्रदेश में अब गरीब परिवार का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में कक्षा 12 में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 8 लाख रूपये वार्षिक आय वाले सभी वर्ग के परिवार के बच्चों को दिया जायेगा।

 

 

आयोकॉन 2017 शुरू 

हड्डी रोग चिकित्सा पर पहले दिन 14 कार्यशालाएं हुईं, इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. प्रभु और प्रसिद्ध सर्जन डॉ. झुनझुनवाला इंदौर में, इंदौर में देश विदेश से विश्वविख्यात हड्डीरोग विशेषज्ञों का आगमन जारी,आज आएंगे पद्मविभूषण डॉ. संचेती, पद्मभूषण डॉ. लाढ 
इन्दौर | 26-दिसम्बर-2017
 
  ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में  इंडियन ऑर्थोपेडिक असोसिएशन की अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ''''आयोकॉन  2017'''' शुरू हुई।  पहले दिन 14 तकनीकी कार्यशालाएं हुईं,  जिनमें डेड बॉडी के  माध्यम से  ऑपरेशन का वास्तविक प्रशिक्षण दिया गया. वीडियो और मॉडल्स के माध्यम से भी शिक्षण-प्रशिक्षण किया गया।  हड्डी रोगों  के उपचार की आधुनिकतम चिकित्सा पद्धति पर गहन मंथन शुरू हुआ,  इसके लिए इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. राम प्रभु और प्रसिद्ध सर्जन डॉ. एच. आर. झुनझुनवाला इंदौर आ गए हैं और सम्मेलन में शामिल हैं। 
            आयोजन समिति के आगेर्नाइजिंग सेक्रेटरी प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनय तन्तुवे ने बताया कि  इस अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में  करीब 4000 डॉक्टर आ चुके  हैं जिनमें  विदेश से भी कई जाने माने विशेषज्ञ शामिल हैं। 6 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन में अलग-अलग तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञ  ''''विकृति सुधार'''', प्लास्टर तकनीक, कमर के दर्द, कूल्हे और घुटने के जोड़ों के घिसाव को रोकने, मेडिको-लीगल-उपभोक्ता सरंक्षण, स्पाइन सर्जरी, पंजा और टखने के रोगों से बचाव और उपचार, हिप रिप्लेसमेंट, दूरबीन पद्धति से हड्डी का ऑपरेशन  आदि विषयों पर विमर्श जारी   हैं.  मरीज  और डॉक्टर स्वयं के हित में कंप्यूटर और डिजिटल टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग करने पर भी चर्चा होंगी.
            सम्मेलन में  पहले दिन 14 कार्यशालाएं आयोजित गईं. मेडिको -लीगल और कंज्यूमर प्रोटेक्शन पर उपभोक्ता विवाद और निवारण  आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष जस्टिस डी. के. जैन और सदस्य डॉ.  एस. एम. कानिटकर, ऑर्थोपेडिक्स में कंप्यूटर  टेक्नोलॉजी  पर  मुंबई के  डॉ. नीरज बिजलानी,  एक्सटेंटेड इंडिकेशन्स ऑफ़ इंटरलॉकिंग नेल्स पर  किंग्स कॉलेज लन्दन  के डॉ. रजत वर्मा, डॉ. जॉन मुखोपाध्याय, सेरेब्रल पाल्सी (मानसिक पक्षाघात) पर मुंबई के डॉ. जयंत सम्पत,  प्रिजर्वेशन पर अहमदाबाद के डॉ. जवाहर पिचोरे और डॉ. एन के मागू,  कमर की हड्डी में इंडोस्कोपी विषय पर पुणे  के डॉ. गिरीश दातार, विरूपता सुधार पर ब्रिटेन के  डॉ. एस जी  होस्नी और डॉ. मिलिंद चौधरी, प्लास्टर तकनीक  पर छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा संचालक सुबीर मुखर्जी, टीकेआर पर एम्स, दिल्ली  के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश मल्होत्रा और डॉ लाघवेन्दु, डॉ हेमंत वाकणकर, डॉ. महेश कुलकर्णी के विशेष सत्र  आयोजित हुए। 
            सम्मेलन 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। इसमें भाग लेने के लिए पद्मविभूषण डॉ के एच  संचेती, पद्मभूषण डॉ. एन. एस .लाढ, मिशिगन अमेरिका के सुप्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ. सतीश व्यास, किंग्स कालेज हॉस्पिटल, लन्दन में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ ओ लाहोटी, वेंकूवर-कनाडॉ में ब्रिटिश कोलंबिया हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर किशोर मुलपुरी, डॉ. फिरास इब्राहीम, डॉ. फरहान अली, डॉ. शेखर अग्रवाल, डॉ. हेमंत वाकणकर सहित देश और दुनिया के डॉक्टर्स अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।  शरीर के अलग अलग अंगों के विशेषज्ञ अपनी नयी रिसर्च और उसके निष्कर्षों को साझा करेंगे और हड्डी चिकित्सा में हो रही गतिविधियों से अवगत करायेंगे।  इस कांफ्रेंस में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर हड्डियों के दर्द से छुटकारे के स्थायी समाधान पर चर्चा करने के साथ ही विशेष  रूप से सामाजिक सरोकारों से जुड़कर सोशल रेस्पोंस्बिलिटी की दिशा में भी कदम उठाएंगे. आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. डी. के. तनेजा ने सभी आगंतुकों स्वागत किया और  सम्मेलन की विशेषताएं बताई।
 
घर-घर शंकर हर-हर शंकर के जयघोष के साथ तीर्थ नगरी जानापावकुटी पहुंची एकात्म यात्रा 
आदि गुरू शंकराचार्य के एकात्म भाव के दर्शन को जन-जन तक पहुंचाये - संतजन 
इन्दौर | 22-दिसम्बर-2017
 
 आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण व जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित की जा रही एकात्म यात्रा शुक्रवार शाम को भगवान परशुराम की जन्म स्थली व प्रसिद्ध तीर्थ स्थली जानापावकुटी पहुंची। इस अवसर पर क्षेत्र के धर्मनिष्ट ग्रामीणों द्वारा घर-घर शंकर हर-हर शंकर के जयघोष के साथ एकात्म यात्रा का पुष्प वर्षा के साथ भव्य आगवानी की गई। ग्राम की महिलाओं द्वारा कलश व पुरूषों द्वारा ध्वजा का धारण किया गया। 
   इस अवसर पर जानापावकुटी में आयोजित जनसंवाद में संतजनों ने आदि गुरू शंकराचार्य के एकात्म दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का आव्हान किया। जनसंवाद कार्यक्रम की शुरूआत संतजनों द्वारा कलश पूजन के साथ की गयी। जनसंवाद में जनकेश्वर आश्रम के परमपूज्य संत श्री बद्रीनंदजी महाराज, केरल के स्वामी विशुद्धानंदजी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी रामक़पालजी महाराज, स्वामी गोपालानंदजी महाराज, महामंडलेश्वर श्री राधे-राधे बाबा, जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्रजी गौतम, जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार के अलावा जनपद अध्यक्ष लीलाजी पाटीदार, यात्रा प्रभारी व इंदौर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश परसावदिया, रामकिशोरजी शुक्ला व अन्य अतिथिगण मंचासीन थे।
   जनसंवाद में स्वामी गोपालानंदजी महाराज ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना कर पूर्व से पश्चिम तक व उत्तर से दक्षिण तक भारत देश को सांस्क़तिक रूप से एकता के सूत्र में जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्यजी लगभग 1200 वर्ष पूर्व इस पावन धरा पर आये और अद्वैतवाद का दर्शन प्रतिपादित किया। उन्होंने कहा कि आदि गुरू ने अद्वैतवाद की स्थापना कर सनातन धर्म की पुर्नस्थापना की। संतश्री राधे-राधे बाबा ने आमजनों का आव्हान किया कि वे भगवान शंकर के एकात्म व समत्व के भाव को अपने मन में उतारें। उन्होंने कहा कि भगवान शंकराचार्य की 108 फीट ऊची मूर्ति स्थापना का जो संकल्प लिया गया है, उसमें हर व्यक्ति अपना सहयोग प्रदान करें।
   केरल के स्वामी श्री विशुद्धानंदजी महाराज ने भगवान शंकराचार्य के जीवन वतांत पर प्रकाश डाला और कहा कि जब देश में 1200 वर्ष पूर्व पाखण्ड व कर्मकाण्ड का बोलबाला हो गया था, तब उन्होंने ज्ञान का दर्शन दिया और अद्वैतवाद की स्थापना कर सनातन धर्म की ध्वज पताका देश के हर कोने तक पहुंचायी। उन्होंने देश के चारों कोनों का भ्रमण कर चार मठों की स्थापना कर देश को एकता के सूत्र में पिरो दिया।    
   महामंडलेश्वर श्री रामक़पालजी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा आदि गुरू शंकराचार्य के जीवन व दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शुरू की गयी एकात्म यात्रा की पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि लोग इस यात्रा के माध्यम से भगवान शंकर के अद्वैत्ववाद के दर्शन व उपदेशों को जान व समझ सकेंगे।
   जनसंवाद में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष व यात्रा के प्रदेश प्रभारी श्री राघवेन्द्रजी गौतम ने एकात्म यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापना में प्रदेश व समाज के सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयोजन से यह यात्रा आयोजित की जा रही है। प्रतिमा स्थापना हेतु जन-जन सहयोग करें। कार्यक्रम के अंत में इंदौर जिले के यात्रा प्रभारी श्री ओमप्रकाश परसावदिया ने उपस्थित जनसमुदाय को संकल्प भी दिलाया। श्री परसावदिया ने कार्यक्रम के प्रारंभ में संतजनों व अतिथिजनों के सम्मान में स्वागत उदबोधन दिया। अंत में अतिथियों का आभार जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने माना।

 

एकात्म यात्रा ने इंदौर जिले में किया प्रवेश 
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, देपालपुर में जनसंवाद भी हुआ 
इन्दौर | 21-दिसम्बर-2017
 
 
 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर आदि गुरू शंकराचार्य की ओंकारेश्वर में स्थापित होने वाली विशालकाय मूर्ति के संबंध में धातु संग्रहण और जन जागरण के लिए उज्जैन से प्रारंभ हुई एकात्म यात्रा ने आज इंदौर जिले में प्रवेश किया। इंदौर जिले के ग्राम बहरामपुर पहुंचने पर विधायक श्री मनोज पटेल तथा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश प्रसावदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आगवानी की और आत्मीय स्वागत किया। यह यात्रा विभिन्न ग्रामों से होती हुई देपालपुर पहुंची। देपालपुर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
   जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी श्री परमात्मानंदजी महाराज ने कहा कि आदि शंकराचार्य महाराज के द्वारा प्रतिपादित एकात्मवाद का सिद्धंत आज भी प्रासांगिक है। उनके द्वारा बताये गये सिद्धांतों पर चलने की जरूरत है। उनके सिद्धांतों से विश्व को दीर्घ शांति एवं एकता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें आपस में जोडता है। कार्यक्रम को श्री राधे-राधे बाबा ने भी संबोधित किया। 
   इस अवसर पर विधायक श्री मनोज पटेल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश प्रसावदिया, खदी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य, अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े, श्री खुमान सिंह सहित साधु- संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।   
   उल्लेखनीय है कि यात्रा 19 दिसम्बर को प्रसिद्ध धर्म स्थाल उज्जैन से प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा आज उज्जैन जिले के बड़नगर और इंगोरिया से होते हुए इंदौर जिले में पहुंची। इंदौर जिले के बहरामपुर, गौतमपुरा, मेढ़कवास, फरकोदा, गोकलपुर बिरगोदा होते हुए देपालपुर आयी। देपालपुर में रात्रि विश्राम के पश्चात यह यात्रा 22 दिसम्बर को बेटमा के लिए रवाना होगी। 22 दिसम्बर को बेटमा और जानापावकुटी में जनसंवाद का कार्यक्रम होगा।

 

 

इंदौर जिले में आज आएगी एकात्म यात्रा 
गौतमपुरा में की जायेगी यात्रा की वाद तीन स्थानों देपालपुर, बेटमाआगवानी, देपालपुर में जनसं व राऊ में होगा रात्रि विश्राम 
इन्दौर | 20-दिसम्बर-2017
 
आदि शंकराचार्य की प्रतिमा हेतु धातु संग्रहण एवं जन जागरण हेतु आयोजित की जा रही एकात्म यात्रा आज 21 दिसंबर 2017 को इंदौर जिले में देपालपुर विकासखण्ड के गौतमपुरा में सायं 4.00 बजे प्रवेश करेगी। इसके बाद विभिन्न गांवों से होती हुयी देपालपुर पहुंचेगी। देपालपुर में विजय स्तम्भ चौक पर सायं 6 बजे जनसंवाद कार्यक्रम रखा गया हैं। जनसंवाद कार्यक्रम 6 गांवो की सहभागिता होगी। इनमें बनेडिया, बडोली, मिडौला, चांदेर, बेगन्दा, बिरगोदा तथा गोकलपुर शामिल हैं। रात्रि भोजन व विश्राम देपालपुर में होगा।
    22 दिसंबर 2017 को देपालपुर से एकात्म यात्रा प्रारंभ होगी। यहां से 20 किमी यात्रा तय करने के बाद दोपहर 12 बजे बेटमा में जनसंवाद होगा। बेटमा जनसंवाद में 10 ग्रामों मोथला, झलारा,धरेटी, पीरपिपल्या, कालासरा, रोलाय, करवासा, सेलनपुर, बिजेपुर, छोटा बेटमा की सहभागिता सुनिश्चित की जावेगी। बेटमा से यह यात्रा जानापावकुटी पहुंचेगी जहां सायं 6 बजे जनसंवाद कार्यक्रम रखा गया हैं। जानापावकुटी में 11 गांवों कुवाली, हासलपुर, फंफूद, सीतापाट, यशवन्त नगर, कांकरिया, मानपुर नगर, शेरपुर, दुर्जनपुरा कॉलोनी, खुर्दी नहर खेडी के लोगों की सहभागिता रहेगी।
    23 दिसंबर 2017 को जानापाव कुटी से यात्रा प्रारंभ होगी। 20 किमी दूरी तय करने के बाद महू में दोपहर 12 बजे जनसंवाद होगा वहीं दोपहर का भोजन रखा गया हैं। यहां जनसंवाद में 16 गांवों गवली पलासिया, जामली, डोंगर गाँव, कोदरिया,सालेर, महूगांव, गांगलिया खेडी, गुजरखेडी, किशनगंज, उमरिया, पिगडम्बर, हरसोला, आम्बाचंदन, भगौरा, मेढ़, बड़गोंदा की सहभागिता रहेगी। 
    महू में जनसंवाद व दोपहर का भोजन उपरान्त एकात्म यात्रा राऊ के लिए प्रस्थान करेगी। 20 किमी की यात्रा के बाद राऊ में सायं 6 बजे जनसंवाद व रात्रि विश्राम रखा गया हैं। राऊ में आयोजित जनसंवाद में राऊ नगर रंगवासा, सिन्दौडा, तेजाजी नगर, तिल्लौर खुर्द, रालामण्डल, देवगुराडिया, दूधिया सनावदिया, बड़ियाकीमा गांवो के लोगों की सहभागिता रहेगी। 
    राऊ से एकात्म यात्रा 24 दिसंबर 2017 को सांवेर के लिए प्रस्थान करेगी। यहां दोपहर 12 बजे जनसंवाद कार्यक्रम होगा तत्पश्चात् दोपहर का भोजन भी रखा गया हैं। सांवेर जनसंवाद में 12 गांवों चंद्रावतीगंज, पंचोला, बडोदिया खान, कुडाना सिमरोल, धरमपुरी, राजौदा, तराना, दर्जी कराडिया, कायस्थ खेड़ी, पानोड़, विलौदा नायता के लोगो की सहभागिता रहेगी। जनसंवाद उपरान्त सांवेर से एकात्म यात्रा सांय 4 बजे शिप्रा पहुंचेगी। यहां जनसंवाद कार्यक्रम होगा। जिसमें 9 ग्रामों कुडाना, सुराखेड़ी, गुरान, हतुनिया, कदवा, पेटवाखेड़ी, बरलाई, डाकाच्या, मांगलिया की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। शिप्रा से यात्रा देवास जिले के लिए प्रस्थान करेगी।

 

 

वन विभाग ने चोरल व सिमरोल में 50 कुपोषित बच्चों को लिया गोद 
चोरल में डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवा द्वारा ग्रामीणों को दी गयी समझाइश, वन विभाग द्वारा चोरल और सिमरोल में स्नेह शिविर सम्पन्न 
इन्दौर | 19-दिसम्बर-2017
 
 गत दिवस डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवा भोपाल डॉ. किरण गौरीशंकर शेजवार एवं वनसंरक्षक वनमण्डल इंदौर द्वारा स्नेह शिविर सिमरोल एवं चोरल का अवलोकन किया गया। सिमरोल के स्नेह शिविर में 15 कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चे सम्मलित हुए। शिविर में उपस्थिति कुपोषित बच्चों की माताओं से चर्चा की गयी कि बच्चों के वजन में कोई वृद्धि है अथवा नहीं एवं साफ-सफाई, कुपोषण के विभिन्न कारण एवं इसकी रोकथाम संबंधित चर्चा की गई एवं जानकारी दी गई। 
   सेक्टर सिमरोल में विशेष वजन अभियान के तहत चिन्हित 295 बच्चों को वन विभाग के वन मण्डल  अधिकारी द्वारा गोद लेने हेतु सुझाव दिया गया व कुपोषण दूर करने हेतु निर्देश दिए। परियोजना महू ग्रामीण 1 के परियोजना अधिकारी श्री सुशील चक्रवती द्वारा परियोजना की संपूर्ण भौगौलिक एवं योजनाओं से संबंधित एवं 109 केन्द्रों द्वारा कुपोषण दूर करने के प्रयास की विशेष जानकारी दी गई। 
   सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती माया उपाध्याय द्वारा विभागीय योजनाओं तथा स्नेह शिविर के 12 दिवस की जानकारी दी गर्यी। डॉ. किरण गौरीशंकर शेजवार द्वारा कुपोषित बच्चों की माताओं को ग्रोविट पाउडर के 500 ग्राम के डब्बे दिए गए। इसके पश्चात सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती पूजा भार्मा द्वारा चोरल सेक्टर के आंगनवाड़ी केन्द्र 1 एवं स्नेह शिविर का अवलोकन किया गया। स्नेह शिविर में 13 कुपोषित बच्चों का पंजीकृत किया गया। 
   डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवा डॉ. किरण गौरीशंकर शेजवार द्वारा पर्यवेक्षक एवं कुपोषित बच्चों की माताओं से चर्चा की गयी एवं उन्हें समझाइश दी गई कि बच्चों को खाने में पौष्टिक आहार जैसे 4-5 प्रकार की मिश्रित दाल खिलाएं। यह भी समझाइश दी कि स्वयं तथा बच्चों को अच्छे से हाथ धोकर खाना दें। घर-आंगन में सुरजना के पौधे लगाने एवं सुरजने की फली की उपयोगिता एवं उनसे होने वाले फायदे की जानकारी दी गई तथा कुपोषित बच्चों की माताओं को बच्चों हेतु ग्रोविट पाउडर दिया गया। उन्होने बताया कि सुरजना की फली में विटामिन ए की मात्रा पायी जाती हैं। 
   उसके पश्चात डॉ. किरण गौरीशंकर शेजवार द्वारा वन विभाग परिक्षेत्र चोरल परिसर में ग्राम चोरल से आये हुए 30 कुपोषित बच्चों की माताओं से चर्चा की एवं कुपोषण निवारण संबंधित जानकारी दी गई तथा 20 कुपोषित बच्चों की माताओं की माताओं से चर्चा कर विगत 2 माह में वन विभाग के द्वारा गोद लिए गए बच्चों की  जानकारी ली गई। इस संबंध में कुपोषित बच्चों की माताओं द्वारा बताया गया कि उनके बच्चों के वजन में 600 से 900 ग्राम तक वृद्धि हुई हैं। वन विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा बच्चों में कुपोषण दूर करने हेतु किये जा रहे प्रयास की डॉ. किरण गौरीशंकर शेजवार द्वारा सराहना एवं खुशी व्यक्त की गयी।

 

 

 

राजस्व अधिकारियों की बैठक संपन्न 

राजस्व वसूली तेज करने के सख्त निर्देश 
इन्दौर | 18-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
   
   कलेक्टर श्री निशांत वरबडे की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री वरबडे  ने कहा कि राजस्व अधिकारीगण राजस्व वसूली तेज करें। चालू वित्त वर्ष में कम से कम 200 करोड रूपये वसूली की जाये। डायवर्सन वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाये। वसूली में बढोत्तरी करने के लिए मेनरोड के ढाबों, दुकानों आदि की जांच की जाये। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक ट्रस्ट और हाउसिंग सोसायटी की जांच की जाये तथा नियमानुसार ठोस कार्यवाही भी की जाये। अवैध कब्जाधारियों की दुकानें या कार्यालय सील कर दिया जाये। 
   कलेक्टर श्री वरबडे ने कहा कि जिले में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाये। जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाये। 
   उन्होंने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी 26 जनवरी से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में आवासीय पट्टों का वितरण किया जायेगा। जिले के सभी आवासहीनों को पट्टा दिया जायेगा। जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति पट्टे से वंचित नहीं रहेगा। शहरी क्षेत्र में 1984 में दिये गये पट्टों का नवीनीकरण किया जायेगा।     
   उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे प्रकरणों पर विशेष घ्यान दें। हफ्ते में एक दिन न्यायालय प्रकरणों के लिए आरक्षित रखा जाये। अनुभाग स्तर पर एसडीएम द्वारा हर माह राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की जाये। राजस्व विभाग में एसडीएम और तहसीलदार अपना काम स्वयं करें। उसे अधीनस्थों पर न टालें। 
   बैठक में अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेडे, एसडीएम सुश्री आदिति गर्ग, श्री संदीप सोनी, श्री प्रतुल सिन्हा, श्री बिहारी सिंह एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख आदि मौजूद थे।

इंदौर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 40 हजार से अधिक नये हितग्राहियों के नाम जोड़े गये 

इन्दौर | 14-दिसम्बर-2017
 
 
 इंदौर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन उपलब्ध कराने के लिए 40 हजार से अधिक नये हितग्राहियों के नाम पात्रता सूची में जोड़े लिए गये हैं। इन्हें जारी दिसंबर माह से ही राशन मिलना प्रारंभ हो जायेगा। इसके लिए राज्य शासन ने खाद्यान भी आवंटित कर दिया हैं।
   संभाग के इंदौर जिले में 20 हजार 405, धार में 4 हजार 710, झाबुआ में 3 हजार 488, अलिराजपुर में एक हजार 399, खरगोन में 3 हजार 848, खण्डवा में 2 हजार 874 तथा बुरहानपुर जिले में 3 हजार 383 नये नाम जोड़े गये।
   बताया गया कि गरीबी रेखा सूची में पात्र परिवार के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम काटने की प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप यह संभव हुआ है। नये जोड़े गये सभी 3 लाख 9 हजार 144 परिवारों के लिए खाद्यान्न आवंटन और पात्रता पर्ची जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन परिवारों को अगले माह से राशन मिलना शुरू हो जाएगा।
   उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रदेश में नये तीन लाख 9 हजार 144 पात्र परिवारों को एक रूपये किलो के मान से गेहूँ, चावल, नमक, प्राप्त होगा। नये जोड़े गये इन परिवारों के लिए खाद्य विभाग द्वारा खाद्यान्न आवंटन जारी कर दिया गया है। नये जोड़े गये पात्र परिवारों में 5717 अनुसूचित जाति, 7203 अनुसूचित जनजाति और 2 लाख 96 हजार 224 बीपीएल परिवार है। इन समस्त परिवारों को संबंधित शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन उपलब्ध करवाने के निर्देश कलेक्टर्स और जिला आपूर्ति नियंत्रक को दिये गये हैं।    
   जिलावार नये जोड़े गये परिवारों में श्योपुर के 2669, शिवपुरी के 9303, ग्वालियर के 5846, आगर-मालवा के 3464, अलीराजपुर के 1399, अनूपपुर के 2241, अशोकनगर के 2690, बालाघाट के 5662, बैतूल के 13 हजार 939, भिंड के 7970, भोपाल के 25 हजार 163, बुरहानपुर के 3383, छतरपुर के 2102, छिन्दवाड़ा के 8917, दमोह के 4276, दतिया के 2410, देवास के 8804, धार के 4710, डिण्डोरी के 3041, गुना के 8162, हरदा के 1373, होशंगाबाद के 9989, इंदौर के 20 हजार 405, जबलपुर के 25 हजार 411, झाबुआ के 3488, कटनी के 8212, खण्डवा के 2874, खरगोन के 3848, मंडला के 2853, मंदसौर के 4814, मुरैना के 7232, नरसिंहपुर के 6966, नीमच के 1414, पन्ना के 3054, रायसेन के 9712, राजगढ़ के 6964, रतलाम के 5217, रीवा के 4244, सागर के 3139, सतना के 14 हजार 621, सीहोर के 2783, सिवनी के 2551, शहडोल के 5311, शाजापुर के 4055, सीधी के 2174, सिंगरौली के 4119, टीकमगढ़ के 3934, उज्जैन के 7275 और विदिशा जिला के 4961 जुड़े नये परिवारों को राशन मिलेगा।

 

गीता के माता-पिता होने का दावा करने वाले दो दम्पतियों के ब्लड सेम्पल लिए गए 
इन्दौर | 11-दिसम्बर-2017
 
 
    पाकिस्तान से लौटकर भारत आई गीता से सोमवार को बिहार व झारखण्ड से आए दो दम्पतियों ने कलेक्टर कार्यालय में प्रभारी कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान व विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री द्विवेदी की उपस्थिति में भेंट की। दोनों परिवार गीता के माता-पिता होने का दावा कर रहें हैं। प्रभारी कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान व विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री द्विवेदी की उपस्थिति में दम्पतियों के मेडीकल टीम द्वारा ब्लड सेम्पल भी एकत्रित किये गये। ये ब्लड सेम्पल नई दिल्ली स्थित सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन की सेन्ट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्रीज में भिजवाए जा रहें हैं, जहां दम्पति के रक्त का डी.एन.ए टेस्ट किया जावेगा। इसी के आधार पर गीता के जैविक माता-पिता होने की वस्तुस्थिति पता चल पायेगी। 
    जिन सम्भावित माता-पिता होने वाले परिवारों ने अधिकारियों की उपस्थिति में गीता से भेंट की उनमें झारखण्ड‍ के जामताड़ा जिले से आए दम्पति श्री सूखा/किश्कू व लोगोनी/सौरिन शामिल हैं। दम्पति के साथ उनकी पुत्री चांदमुनि/हेम्रम भी साथ में थी। बिहार से आए दूसरें दम्पति में मोहम्मद ईशा/स्व. श्री मोहम्मद इस्लाम तथा उनकी पत्नी जुलेखा खातून पति मोहम्मद ईशा शामिल हैं। ये लोग बिहार के सारण जिले के रहने वाले हैं। इस अवसर पर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री बी.सी.जैन व मेडीकल टीम के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे।

 

दीनदयाल रसोई योजना हेतु खाद्यान्न का आवंटन 
इन्दौर | 10-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
   
       खाद्य विभाग द्वारा दीनदयाल रसोई योजना का माह दिसम्बर 2017 और जनवरी 2018 का 3047 क्विंटल खाद्यान्न का आवंटन जारी कर दिया गया है। जिला कलेक्टरों की मांग के आधार पर जिलेवार आवंटन किया गया है। कुल आवंटित खाद्यान्न में 1926 क्विंटल गेहूँ और 1121 क्विंटल चावल है।

 

पटवारी परीक्षा आज से 
इन्दौर | 08-दिसम्बर-2017
 
  प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल द्वारा जिले में आज 09 दिसंबर 2017 से आगामी 29 दिसंबर 2017 तक पटवारी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा हैं। यह परीक्षा दो पाली में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जायेगी। 17 और 25 दिसंबर को अवकाश रहेंगा। 
    प्रभारी कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन के लिए उड़नदस्ते का गठन किया हैं। इस उड़नदस्ते में डिप्टी कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड श्री मनोज श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी शहरी विकास श्री प्रवीण कुमार उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर श्री श्रृंगार श्रीवास्तव, उपायुक्त सहकारिता श्री के.एल. पाटनकर, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री बी.सी. जैन, तहसीलदार श्री श्रीकांत शर्मा, सहायक संचालक मछलीपालन श्री के.एल. मरावी और सहायक सांख्यिकी अधिकारी कलेक्टर कार्यालय श्री माधव बेडे़ को शामिल किया गया हैं। यह परीक्षा इंदौर के 16 निजी तकनीकी महाविद्यालयों में कराई जा रही हैं।

 

 

शांति समिति की बैठक 27 नवम्बर को 

इन्दौर | 25-नवम्बर-2017
 
 
    अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी इंदौर ने बताया कि आगामी त्यौहारों के दौरान शांति व कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक 27 नवम्बर 2017 को सायं 5.15 बजे कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष क्रमांक 102 में रखी गई है। बैठक में नियत दिनांक और समय पर समिति के सदस्यों को उपस्थित रहने हेतु अनुरोध किया गया है। 


राज्य सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी 25 नवम्बर को करेंगे प्रकरणों की सुनवाई 

इन्दौर | 22-नवम्बर-2017
 
 
 
 
    मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी 25 नवम्बर को सुबह 10 बजे इंदौर आयेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे इंदौर के संभागायुक्त कार्यालय में 25 एवं 27 नवम्बर को सुबह 11 बजे से सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लंबित द्वितीय अपील तथा शिकायत संबंधी प्रकरणों की सुनवाई कर उनका निराकरण करेंगे। श्री त्रिवेदी 27 नवम्बर, 2017 को शाम 6 बजे इंदौर से भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।

इण्डियन सोसायटी ऑफ आर्गन डोनेशन का 28वां सम्मेलन शुरू 

अंगदान के व्यापक प्रचार-प्रसार की जरूरत 
इन्दौर | 13-अक्तूबर-2017
 
 
 
  
   कमिश्नर श्री संजय दुबे की पहल पर इण्डियन सोसायटी ऑफ आर्गन डोनेशन का तीन दिवसीय सम्मेलन आज ब्रिलियेंटर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि इंदौर में अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अभी तक 27 लोगों ने तीन साल में अंगदान किया है, जो कि एक कीर्तिमान है। अंगदान के महत्व को आम आदमियों को बताना जरूरी है। यह शरीर नाशवान है, ब्रोन डेट के बाद यदि किसी के काम आता है तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। 
   इस अवसर पर कमिश्नर श्री संजय दुबे ने उपस्थित ह्मदय रोग, किडनी रोग, लीवर रोग विशेषज्ञों को सम्बोधित करते हुये कहा कि चिकित्सक, समाजसेवी और प्रशासनक तीनों को टीम भावना से काम करना जरूरी है। इंदौर में पिछले वर्षों में इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिली है। यह अभियान मध्यप्रदेश में एक नये युग का सूत्रपात किया है। अंगदान के क्षेत्र में पिछले तीन साल में इंदौर ने कई रेकार्ड कायम किये हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिये जनसहयोग जरूरी है। इंदौर में सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी अंग प्रत्यारोपण किया जा रहा है और अंगदाता परिवार को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। अंगदान के महत्व को समाजसेवियों को माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाने की जरूरत है।
   इस अवसर पर नेशनल आर्गेनाइजशन फॉर टीशू एण्ड आर्गन के डायरेक्टर डॉ.विमल भण्डारी ने कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश से ह्मदय रोग, किडनी रोग और लीवर रोग के विशेषज्ञ आये हैं। हम सबका प्रयास है कि जरूरतमंद व्यक्तियों को ब्रोनडेड व्यक्तियों अंगदान मिले। इस अभियान को जनांदोलन का रूप दिया जाना जरूरी है। इस सम्मेलन के माध्यम से सभी चिकित्सकों को एक-दूसरे की खोज को जानने का मौका मिला है। इस मायने में यह सम्मेलन बहुत ही सार्थक है। यह सम्मेलन अंगदान के लिये आम आदमी को निश्चित रूप से प्रेरित करेंगा। 
   इस अवसर पर डॉ.आनंद कुमार ने कहा कि इण्डियन सोसायटी ऑफ आर्गन डोनेशन को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिली है। इस अभियान को और अधिक विस्तार देने की जरूरत है, इस काम में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत में सबसे पहले 1967 में मुम्बई में ह्मदय प्रत्यारोपण हुआ था। उसके बाद 1994 में भारत सरकार द्वारा इस अंगदान अभियान को कानूनी मान्यता दी गयी। इस अंगदान आंदोलन को 2017 में 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। शैक्षणिक संगठनों की इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दान में प्राप्त अंग को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का काम करता है। 
   कार्यक्रम को श्रीमती प्रीति कुनाले, डॉ.संदीप सक्सेना ने भी सम्बोधित किया। इस कार्यशाला के प्रारंभिक चरण में डॉ.पी.पी.वर्मा, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. एस.के.विनायक, डॉ.सिद्धांत मिश्रा, डॉ.नारायण प्रसाद, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ.संजय कुलकर्णी, डॉ. विमल भण्डारी आदि ने सम्बोधित किया। 
   इण्डियन सोसायटी ऑफ आर्गन डोनेशन ने इस वर्ष इस सम्मेलन में डॉ.आर.के.शर्मा लखनऊ, डॉ.के.एल.गुप्ता चंडीगढ़, डॉ.संजय अग्रवाल नईदिल्ली, डॉ.खुल्लर नईदिल्ली, डॉ.शिवभूषण राजू हैदराबाद, डॉ.नारायण प्रसाद बेंगलुरू, डॉ.एल.के.त्रिपाठी, गुरूग्राम को नेशनल स्कॉलरशिप प्रदान की गयी।

 

स्वरोजगार से युवाओं को मिल रहा है सृजनात्मक मार्ग - सामाजिक न्याय मंत्री श्री गेहलोत 
देश के युवकों को रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत, मुद्रा प्रोत्साहन अभियान कार्यक्रम सम्पन्न 
इन्दौर | 05-अक्तूबर-2017
 
  
    केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत के मुख्य आतिथ्य में आज ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में बड़े पैमाने पर मुद्रा प्रोत्साहन अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री गेहलोत ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार देने के लिये स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही हैं। स्वरोजगार से युवाओं को सृजनात्मक मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि कौशल प्राप्त कर प्रत्येक युवा कम से कम 5 युवाओं के लिये रोजगार सृजित करे। रोजगारंटी स्वरोजगार और रोजगार सृजन तीनों पर जोर देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि भारत एक समृद्ध देश है। यहां पर जल संशाधन, खनिज सम्पदा और मानव संसाधन अत्यधिक है। ये तीनों संसाधन मिलकर भारत को पुन: विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनायेंगे। एशिया के दो देश चीन और जापान कौशल विकास के कारण आज-कल आर्थिक विश्व महाशक्ति बन गये हैं। भारत को भी इनके नक्शे कदम पर चलना है। कठोर परिश्रम करके हम भी आर्थिक विश्व महाशक्ति बन सकते हैं।
    श्री गेहलोत ने युवाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि भारत सरकार द्वारा अब नोटबंदी और जीएसटी का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। भारत की विकास दर हर क्षेत्र में बढ़ी है। भारत सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण में विश्वास करती है। हमें किसी वर्ग या जाति विशेष से भेदभाव नहीं करना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पिछले दो साल में देश के लगभग साढ़े 4 करोड़ युवाओं से स्वरोजगार के लिये लोन लिया। यह लोन बिना गारंटी के दिया गया। इसी प्रकार देश में पिछले तीन साल में लगभग तीन लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
    श्री गेहलोत ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे युवाओं के स्वरोजगार प्रकरण पर उदारतापूर्वक विचार करें। आपत्तियां कम से कम लगायें। स्वरोजगार से एक व्यक्ति नहीं एक परिवार के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। युवा वर्ग विकास की रीढ़ है। इनके विकास से देश का विकास होगा। हमारे देश में 60 प्रतिशत से अधिक युवा वर्ग हैं। 
    इस अवसर पर राज्य शासन के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय पाठक ने कहा कि युवा हमारे देश की उर्जा शक्ति हैं। राज्य और केन्द्र सरकार इन्हें शिक्षा और रोजगार से लगाने के लिये प्रयत्नशील हैं। हमारा उद्देश्य इन युवाओं को नौजवानी में ही रचनात्मक मोड़ देना है। राज्य शासन द्वारा युवाओं को पिछले 

इन्दौर संभाग में साग-सब्जी, फल-फूल तथा मसाला की फसलों के रकबे को किया जायेगा दो गुना 

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा द्वारा उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन विभागों की समीक्षा 
इन्दौर | 28-सितम्बर-2017
 
 
 
 
   
    कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा ने आज यहाँ रेसीडेंसी के सभाकक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय संभागीय बैठक में उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन सहित इनसे संबंधित अन्य विभागों की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। इस अवसर पर बताया गया कि इन्दौर संभाग में आने वाले पाँच वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करने के लिये रोडमेप तैयार किया गया है। तदनुसार किसानों को उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन तथा दुग्ध उत्पादन गतिविधियों से जोड़ा जायेगा। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया जायेगा। साथ ही संभाग में साग-सब्जी, फल-फूल तथा मसाला की फसलों के रकबे को दो गुने से अधिक बढ़ाया जायेगा। साथ ही आधुनिक तरीके से खेती करने के गुर भी सिखाये जाएंगे। 
    बैठक में संभागायुक्त श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव मछली पालन श्री विनोद कुमार, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, संचालक मछली पालन श्री ओ.पी. सक्सेना, संचालक उद्यानिकी श्री सत्यानंद, संचालक पशुपालन श्री आर.के. रोकड़े तथा महाप्रबंधक दुग्ध संघ श्रीमती गुप्ता भी मौजूद थी। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा ने इन्दौर संभाग में चल रही उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन सहित अन्य विभागों की गतिविधियों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप किसानों की आय को दोगुना करने के लिये जिला स्तर पर बनाई गई कार्ययोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ा जाये। उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाये। किसानों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ लगाने के लिये भी प्रेरित किया जाये। किसानों को नगदी फसल लेने के लिये भी प्रोत्साहित किया जाये। बैठक में बताया गया कि मछली पालन की गतिविधियों का संभाग में विस्तार किया जा रहा है। मछली पालन के लिये आधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जा रही है। मत्स्य बीज उत्पादन में शासकीय क्षेत्रों के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्नत प्रजाति एवं बड़े आकार का मत्स्य भी मत्स्य पालकों को वितरित करने का कार्यक्रम बनाया गया है। हितग्राहियों को मछली पालन के लिये भी ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। 
    बैठक में बताया कि हाट बाजारों और शहर के चिन्हित स्थानों पर मछली विक्रय के लिये अलग से व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये गये हैं। बैठक में निर्देश दिये गये कि मछुआ सहकारी समितियों से अक्रियाशील सदस्यों को हटाया जाये। सक्रिय सदस्यों को समितियों से जोड़ा जाये। समितियों में ऐसे ही लोग रखें जायें जो वास्तविक रूप से मछली पालन का कार्य करते हैं। बैठक में साँची दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बताया गया कि शासकीय परिसरों और होस्टल आदि में भी साँची के दुग्ध उत्पादन को उपयोग में लाने का सुझाव भी दिया गया।

 


 
 

 



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