खंडवा समाचार

एकात्म यात्रा समापन कार्यक्रम 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में होगा 
कलेक्टर श्री सिंह ने संतों व समाजसेवियों से मांगे सुझाव 
खण्डवा | 15-जनवरी-2018
 
 
 
 
   ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊचाई की प्रतिमा स्थापित करने तथा वेदांत दर्शन के प्रति जनजागरण के लिए प्रदेश के चार तीर्थ स्थानों उज्जैन, पचमंठा रीवा, अमरकंटक के साथ साथ ओंकारेश्वर से प्रारंभ हुई एकात्म यात्रा गत 19 दिसम्बर को रवाना हुई थी। ये चारों यात्राएं आगामी 21 जनवरी को ओंकारेश्वर में एक साथ पहुंचेगी। आगामी 22 जनवरी को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा देश के जाने माने संतगणों की उपस्थिति में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊचाई की प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन व शिलान्यास का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इस कार्यक्रम को बेहतर तरीके से सम्पन्न करने के लिए कलेक्टर श्री अभिषेक सिंह ने सोमवार को ओंकारेश्वर के प्रसादालय में आयोजित बैठक में संतगणों से सुझाव मांगे तथा उनसे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने बताया कि ओंकार पर्वत पर आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके बाद विशाल धर्मसभा ओंकारेश्वर के गजानंद आश्रम के सामने स्थित मैदान में आयोजित होगी।
    इससे पूर्व कलेक्टर श्री सिंह ने खण्डवा कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, तथा धार्मिक एवं समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की और कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए उनसे सुझाव मांगे। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. वरदमूर्ति मिश्र ने 22 जनवरी के कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में लायंस क्लब, रोटरी क्लब, किषोर प्रेरणा मंच, गायत्री परिवार, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, संगीत महाविद्यालय के प्राध्यापक, केमिस्ट एसोसिएशन, व्यापारी संगठन, बोहरा समाज, इसाई समुदाय, अधिवक्ता संघ, चिकित्सा व अभियांत्रिकी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

दिसंबर के लिए भावांतर योजना की फसलों की औसत मॉडल दरे घोषित 
खण्डवा | 11-जनवरी-2018
 
  मध्यप्रदेश में किसानों की सुरक्षा कवच के रूप में लागू की गई मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में अधिसूचित फसलों के लिए 1 से 31 दिसम्बर 2017 की अवधि के लिए औसत माडल विक्रय दरें घोषित कर दी गई है। योजना में नियत प्रक्रिया और प्रावधानों के आधार पर नियत समिति की अनुशंसा पर दरें घोषित की गई है। घोषित दरों के अनुसार सोयाबीन रूपये 2,830 प्रति क्विंटल, उड़द रूपये 3,300 प्रति क्विंटल, मक्का रूपये 1,130 प्रति क्विंटल, मूँग रूपये 4,530  और मूँगफली रूपये 3,610 प्रति क्विंटल औसल मॉडल दर है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें इस अवधि में न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रहने के कारण इन दोनों कृषि उपज पर 1 से 31 दिसम्बर की अवधि में भावांतर राशि देय नहीं होगी।
    औसत मॉडल विक्रय दरों की गणना के लिए एगमार्क नेट पोर्टल पर औसत मॉडल विक्रय दरों की भावांतर की गणना तथा भुगतान के लिये किए जाने हेतु नियत उप समिति द्वारा विक्रय अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद उक्त पोर्टल पर दर्ज आँकड़ों का उपयोग किया गया है। 
    गत 1 से 31 दिसम्बर 17 की अवधि में अधिसूचित मंडी प्रांगण में अधिसूचित फसलों को विक्रय करने वाले पंजकृत किसानों को योजना के प्रावधान अनुसार गणना कर देय राशि की जानकारी उनके मोबाईल पर एसएमएस से भेजने की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। किसानों के बैंक खातों में राशि भेजने के पूर्व जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण किया जायेगा। देय राशि की गणना और भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गए निर्देशानुसार ही भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा। 
    उपसंचालक कृषि ने बताया कि मक्के की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रूपये प्रति क्विंटल है। इसकी मॉडल विक्रय दर 1310 रूपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम देय भावांतर राशि 295 रूपये प्रति क्विंटल है। इसी तरह सोयाबीन की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3050 रूपये प्रति क्विंटल है। इसकी मॉडल विक्रय दर 2830 रूपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम देय भावांतर राशि 220 रूपये प्रति क्विंटल है। मूंग की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5575 रूपये प्रति क्विंटल है। इसकी मॉडल विक्रय दर 4530 रूपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम देय भावांतर राशि 1045 रूपये प्रति क्विंटल है। उड़द की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5400 रूपये प्रति क्विंटल है। इसकी मॉडल विक्रय दर 3300 रूपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम देय भावांतर राशि 2100 रूपये प्रति क्विंटल है। इसी तरह मूंगफली की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4450 रूपये प्रति क्विंटल है। इसकी मॉडल विक्रय दर 3610 रूपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम देय भावांतर राशि 840 रूपये प्रति क्विंटल है।

 

‘भावांतर भुगतान योजना‘ में रामनिवास के खाते में जमा हुए 2.08 लाख रू. "सफलता की कहानी" 
सुरेश,मधुप्रसाद,सज्जन सिंह व संजय को भी 1-1 लाख रू. से अधिक का हुआ लाभ 
खण्डवा | 08-जनवरी-2018
 
 प्रदेश सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने तथा किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना लागू की है। यह योजना किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुई है। खण्डवा जिले में भावांतर योजना के तहत श्री रामनिवास राजपूत हरसूद के खाते में 2,08,375 रूपये जमा हुए है। खण्डवा जिले में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना से केवल एक रामनिवास ही नहीं उसके जैसे अन्य किसान सज्जन सिंह के खाते में 1,02,746, संजय तोमर के खाते में 1,11,840, मधुप्रसाद उदासी के खाते में 1,03,568 और सुरेश पटेल के खाते में 1,10,442 रूपये जमा किए गए है। इसी तरह पुरूषोत्तम पिता गया प्रसाद हरसूद के खाते में 97,533, तोताराम पटेल के खाते में 97,807, संतोष सोनी के खाते में 97,207, गौरीशंकर जोखीलाल के खाते में 97,627, रामभरोसे पिता रामचंद के खाते में 87,435, सरदार भूपेन्द्र सिंह के खाते में 85,564, जगदीश मिश्रीलाल के खाते में 86,336 रूपये जमा कराए जा चुके है।
    ग्राम चारखेड़ा निवासी रामनिवास राजपूत ने बताया कि उसने अपने खेत में सोयाबीन और उड़द की फसल बोई थी, फसल अच्छी हुई। उसके खेतों में 83.15 क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन हुआ। रामनिवास ने बताया कि कृषि उपज मण्डी खण्डवा में फसल बेचने के लिए उसने सोयाबीन का भाव पूछा तो ज्ञात हुआ कि 2325 रूपये प्रति क्विंटल के भाव में उसकी सोयाबीन व्यापारी खरीद सकते है। यह दर उसे कुछ कम लगी लेकिन कुछ दिन भाव बढ़ने का इंतजार किया, लेकिन भाव बढ़ते नहीं दिखे तो आखिर में उसने मण्डी के प्रचलित कम भाव पर ही अपनी सोयाबीन बेचने का निर्णय लिया। तभी गांव के अन्य किसानों से उसे मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के बारे में ज्ञात हुआ तो उसने भी योजना के तहत अपना पंजीयन करा लिया।
    रामनिवास ने सोचा भी न था कि यह पंजीयन उसके लिए वरदान सिद्ध हो जायेगा। प्रदेश सरकार की इस योजना के कारण उसे समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल गया। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3050 रूपये प्रति क्विंटल भारत सरकार ने निर्धारित किया था लेकिन फसल लगभग 2325 रूपये प्रति क्विंटल के भाव में ही बिकी। रामनिवास बताते है कि बाजार के कम मूल्य पर फसल बेचने से उसे जो हानि हुई थी उसकी पूर्ति भावांतर भुगतान योजना ने कर दी। इस योजना के तहत उसे कुल 208375 रूपये की अंतर की राशि प्राप्त हो गई है। यह राशि उसके खाते में जमा हो चुकी है। इतनी बड़ी राशि पाकर रामनिवास और उसका परिवार बहुत खुश है तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ भावांतर भुगतान योजना की दिनरात सराहना करता है।  
      उल्लेखनीय है कि गत 1 से 30 नवम्बर 2017 तक अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में योजना के तहत पंजीबद्ध 12177 किसानों के खातों में 6 जनवरी को कुल 12.20 करोड़ रूपये जमा कराये गये, जबकि अक्टूबर माह में पंजीबद्ध खण्डवा जिले के लगभग 5000 किसानो के खाते में प्रदेश सरकार 3 करोड़ रूपये से अधिक की राशि पूर्व में जमा कराई जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया सांसद श्री चौहान ने 
बीमारी सहायता निधि के तहत 243 मरिजों का हुआ पंजीयन 
खण्डवा | 07-जनवरी-2018
 
 जिला स्तरीय निःशुल्क मुख्यमंत्री स्वास्थ्यसेवा शिविर का आयोजन रविवार को जिला अस्पताल खंडवा में किया गया। शिविर का शुभारंभ क्षेत्रीय सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सांसद श्री चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चल रही है तथा गरीबों के उपचार के लिए सरकार ने निःशुल्क बीमारी सहायता योजना प्रारंभ की है। इस योजना में गंभीर बीमारियों से पीड़ित गरीब परिवारों के मरीजों के प्रदेश के जाने माने अस्पतालों में सरकारी खर्चे पर उपचार कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने निःशुल्क उपचार के साथ साथ निःशुल्क पैथोलॉजी तथा निःशुल्क औषधी वितरण योजनाएं संचालित कर की है, जिनसे गरीबों के उपचार सरकारी अस्पतालों में पूर्णतः निःशुल्क होते है।  
    सांसद श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ए.पी.एल. व बी.पी.एल. परिवारों के और राज्य बीमारी सहायता निधि के बी.पी.एल. परिवार के सदस्यों को लाभ दिया जा रहा है। श्री चौहान ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भगवान के बाद चिकित्सक ही दूसरा रूप है जो लंबी आयु जीने के लिये निःस्वार्थ भाव से मरीज को बचाता है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष्य श्रीमती हसीना बाई भाटे, खंडवा विधायक श्री देवेंद्र वर्मा, पंधाना विधायक श्रीमती योगिता बोरकर, नगर निगम महापौर श्री सुभाष कोठारी, क्षेत्रीय संचालक इंदौर डॉ.लक्ष्मी बघेल, सिविल सर्जन डॉ.ओ.पी.जुगतावत उपस्थित थे।  
    इस शिविर की रूपरेखा एवं उद्देश्य को बताते हुये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.रतन खंडलेवाल ने बताया कि जिले के राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत 200 मरीज और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 700 के लगभग मरीजों को विकासखंड स्तर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में चिन्हित किये गये थे जिसमें आर.बी.एस.के. की समस्त टीम,स्वास्थ्य कार्यकर्ता,  आशा ,आशा सहयोगी के सहयोग से चिन्हांकित किये गये थे। शिविर में 839 मरीजों का पंजीयन किया गया था जिसमें राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत गंभीर बीमारी के मरिजों के 243 और आर.बी.एस.के. 596 मरिजों का पंजीयन किया गया, जिसमें विभिन्न बीमारियों के मरीज सम्मिलित थे।  
    स्वास्थ्य शिविर में ग्रेटर कैलाश अस्पताल, इंदौर से डॉ.विनित पांडे, डॉ.कृष्ण, डॉ.हीना अग्रवाल, भंडारी अस्पताल से डॉ.मोनिका राजधान, डॉ.अशर लोधी, डॉ.मन्धार, डॉ.विशाल सिंह, डॉ.आशीष पटेल, डॉ.उरवी गुप्ता, मेंधाता अस्पताल इंदौर से डॉ.संदीप श्रीवास्त, डॉ.सी.एस.अग्रवाल, टी चोईथराम अस्पताल इंदौर से डॉ.समीर न्यूवशाकर, डॉ.अजीत रंजन, अरबिंदो अस्पताल इंदौर से डॉ.सूची, डॉ.मुरली पाटीदार  और जिले के चिकित्सक आर.एम.ओ. डॉ.शक्ति सिंह राठौर, डॉ.संतोष श्रीवास्तव, डॉ.लक्ष्मी डोडवे, डॉ.अनिरूद्ध कौशल, डॉ.विजय मोहरे, डॉ.भूषण पांडे द्वारा चिकित्सा सेवायें दी गयी। शिविर के नोडल अधिकारी डॉ.एन.के.सेठिया, व समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, सुपरवाईजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पैरामेडिकल कार्यकर्ताओं ने बड़ी तत्परता से शिविर में व्यवस्था में सेवायें दी। 

 

निःशुल्क मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर जिला अस्पताल में 7 जनवरी को 

खण्डवा | 04-जनवरी-2018
 
 
 
 
 
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रतन खंडेलवाल ने बताया कि जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति खंडवा द्वारा 7 जनवरी 2018 को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक निःशुल्क मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर जिला अस्पताल खण्डवा में आयोजित किया जायेगा, जो सिर्फ चिन्हित बीमारियों के लिए ही है। इस शिविर में वेदांता हॉस्पिटल इन्दौर, भंडारी हॉस्पिटल इन्दौर, ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल इन्दौर, अरबिन्दो हॉस्पिटल इन्दौर, चोईथराम नेत्रालय इन्दौर, चोईथराम हॉस्पिटल इन्दौर, बिसोनिया हॉस्पिटल भोपाल के चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच करेगें तथा चयन उपरांत इलाज का प्राक्कलन देकर प्रकरण तैयार किये जाकर संबंधित अस्पतालों में निःशुल्क इलाज करवाया जावेगा। 
    म.प्र राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत् जिले के निवासी, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने (बी.पी.एल) परिवार के सदस्यों को शासन द्वारा चिन्हित गंभीर बीमारी होने पर इलाज के लिए 25 हजार से अधिकतम 2 लाख रूपये तक की राशि की स्वीकृति जांच एवं उपचार हेतु प्रदान की जोयगी। म.प्र राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत् बी.पी.एल. परिवार के लिए चिन्हित बीमारियां कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, हृदय शल्य क्रिया, रीनल(किडनी) सर्जरी एवं रीनल ट्रान्सप्लांटेशन, घुटना बदलना, हिप (कुल्हा) ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, वक्ष रोग शल्य क्रिया, स्पाइनल सर्जरी, रेटिनल डिटेचमेंट, ब्रेन सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, पेस मेकर, वेसक्युलर सर्जरी, कंजेनाईटल मॉलफार्ममेशन सर्जरी, एप्लास्टिक एनीमिया, बर्न एण्ड पोस्ट बर्न कॉन्ट्रेक्चर, क्रोनिक रीनल डिसिसेस (हीमो डायलीसिस) शामिल है।
    राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत् एपीएल व बीपीएल परिवारों के जन्म से 18 वर्ष के बच्चों के लिए जो जन्मजात विकृति वाले है जैसे-जन्मजात दोष उनमें न्यूरल टयूब डिफेक्ट, क्लब फुट, डेवल्पमेंट डिस्प्लेसिया हिप, जन्मजात मोतीयाबिंद, जन्मजात बहरापन, हृदय रोग, आंखो का भैगापन, तिरछापन, नाक कान गले की बीमारी शामिल है। शिविर में शासन द्वारा अधिकृत प्राईवेट अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा 7 जनवरी 2018 को जिला अस्पताल खंडवा में जांच कर प्रकरण बनाया जावेगा एवं इलाज के लिए सम्बन्धित अस्पतालों में भेजने हेतु तारीख दी जावेगी।
    आवश्यक दस्तावेज साथ लावें जिसमें आधार कार्ड, समग्र आई.ई.डी. 2 फोटो, मूल निवासी प्रमाण-पत्र,बी पी.एल. कार्ड, बीमारी से संबंधित चिकित्सीय जांच रिपोर्ट। उक्त बीमारियों से ग्रसित हितग्राही खंडवा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामनगर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संजय नगर दादाजी वार्ड तथा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करावें। पूर्व रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने ऐसे सभी मरीजों से अपील है कि वे इस शिविर में अवश्य लाभ उठावें।
 

 

पंचायत उप निर्वाचन 2017 के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त 
खण्डवा | 01-जनवरी-2018
 
मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 20 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंचायतों में गत दिनों रिक्त हुए पदों के लिए पंचायत उप निर्वाचन 2017 (उत्तरार्द्ध) सम्पन्न कराने के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को नियुक्त किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निर्वाचन श्री अनिल डामोर ने बताया कि जनपद पंचायत खण्डवा के रिक्त पदों के निर्वाचन क्षेत्र के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री एम.आर. पटेल को, जनपद पंचायत पंधाना के लिए बी.पी.ओ. पंधाना श्री आनारसिंह तंवर, जनपद पंचायत छैगांवमाखन के लिए सहायक लेखाधिकारी जनपद पंचायत छैगांवमाखन श्री ए.के. साकल्ले  एवं जनपद पंचायत हरसूद के लिए पंचायत समन्वय अधिकारी जनपद पंचायत हरसूद श्री अशोक कटारिया को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है।

 

 

खण्डवा | 29-दिसम्बर-2017
 
गुजरात स्टेट फर्टिलाईजर एण्ड केमिकल्स लिमिटेड में निर्मित व मेसर्स अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र बीड़ एवं मेसर्स सदगुरू ट्रेडर्स छैगांवमाखन द्वारा विक्रय किए जा रहे डी.ए.पी. उर्वरक, तथा बसंत एग्रोटेक इण्डिया लिमिटेड द्वारा निर्मित व मेसर्स यश फर्टिलाइजर गुलमोहर कॉलोनी खण्डवा बी.ई.सी. फर्टिलाईजर लिमिटेड द्वारा निर्मित एवं मेसर्स विंघ्या मार्केटिंग 54 अनाज मण्डी खण्डवा द्वारा विक्रय किए जा रहे सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक का कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेम्पल लेकर जबलपुर की प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया गया, जिसमें ये उर्वरक अमानक स्तर के पाये गये। अतः उप संचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने इन उर्वरकों की जिले में क्रय, विक्रय व भण्डारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

 

कृषि विज्ञान केन्द्र, खण्डवा की सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न 
खण्डवा | 27-दिसम्बर-2017
 
 कृषि विज्ञान केन्द्र की सलाहकार समिति की रबी मौसम की बैठक मंगलवार को सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ.आई.एस. तोमर, सह निदेशक अनुसंधान, आफंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र, झाबुआ थे व कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पी.पी.शास्त्री अधिष्ठाता बी. एम. कृषि महाविद्यालय ने की। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री आर.एस.गुप्ता, उप संचालक आत्मा श्री ए.एस.सोलंकी, उप संचालक पशुपालन डॉ. जितेन्द्र कुल्हारे, नाबार्ड के श्री एम.वी.पाटील, कृषि अभियांत्रिकी के श्री शुक्ला, सहायक संचालक कृषि श्री सी.एस.डावर, श्री एस.एस.निगवाल, बीज प्रमाणीकरण के श्री ओमेश्वर जाधवच व श्री राधेष्याम पटीदार, प्रगतिशील कृषक श्री राजकुमार पटेल, जामनी (खालवा), श्री भगवान पटेल (छैगॉंवदेवी) श्री अभय खण्डेलवाल एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।   
   इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डी. के. वाणी ने इस वर्ष खरीफ मौसम में की गई गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। इसके पश्चात कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सर्वश्री वाय.के. शुक्ला ने मृदा विज्ञान, आशिष बोबड़े ने पौध संरक्षण, श्री सुभाष रावत ने कृषि विस्तार, एवं रश्मि शुक्ला ने कृषि में महिलाओं विषय पर अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की।
   अधिष्ठाता डॉ. शास्त्री ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग को बढाकर उर्वरकों के सही उपयोग से उत्पादन को अधिकतम सीमा तक ले जाने हेतु प्रशिक्षणें की आवश्यकता बतलाई। कृषि विज्ञान केन्द्र में चलाई जा रही कड़कनाथ मुर्गी पालन को और बढाकर बड़ी हैचरी लगाने व आय बढाने हेतु कृषकों के लिए मुर्गी पालन एवं गौ पालन पर विशेष जोर दिया। डा. शास्त्री ने कृषि से जुड़े अन्य व्यवसाय को कृषकों को अपनाने पर ज्यादा काम करने को कहा ताकि प्रसंस्करण से कृषकों को उसी उत्पाद का ज्यादा फायदा मिल सके।  
   सह निदेषक अनुसंधान डॉ. आई. एस. तोमर ने फसल उत्पादन के साथ साथ उद्यानिकी व पशुपालन की अनिवार्यता बतलाई। डॉ. तोमर ने भूमि की  उर्वरता बढाने व मौसम की अनुंकूलता को देखते हुए फसलें व किस्मों के चुनाव का सुझाव दिया। छा. तोमर ने लाख पर किये जाने वाले कार्यो को ज्यादा क्षेत्र में फैलाने की आवश्यकता बतलाई।
   उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने कृषकों के प्रशिक्षणों व प्रदर्शनों में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया। उप संचालक पशुपालन श्री कुल्हारे ने कड़कनाथ पोल्टी के विस्तार हेतु प्रोत्साहत किया। उप संचालक आत्मा श्री सोलंकी ने लाख उत्पादन में कृषकों की भागीदारी सुनिश्चित हेतु वादा किया। कृषक श्री भगवान पटेल ने प्रदर्शनों की संख्या बढानें व नई तकनीकों को अपनाने हेतु सहयोग की अपेक्षा की।  

 

दस्तक अभियान का द्वितीय चरण आगामी 18 जनवरी तक 
खण्डवा | 23-दिसम्बर-2017
 
 दस्तक अभियान का द्वितीय चरण 18 दिसम्बर से प्रारंभ हो चुका है, जो आगामी 18 जनवरी 2018 तक संचालित होगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के सातों विकासखण्ड व शहरी क्षेत्र खंडवा में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों वाले परिवारों के घर-घर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य कर 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ परिवार को जागरूक भी किया जा रहा है। इसीक्रम में विकासखंड हरसूद के ग्राम देवल्दी में स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती मेहर बघेल, ग्रांव की आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा महिला को एकत्रित करके अभियान व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा रही है। 
   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत् जो कार्य किए जायेंगे उनमें जन्म से 5 वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय रूप से पहचान एवं प्रबंधन करना है। छः माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनिमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन करना, नौ माह से पांच-पांच वर्ष के समस्त बच्चों का विटामिन ए अनुपूरण करना, पांच वर्ष तक के बच्चों में बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान एवं रेफरल करना, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चें में बाल्यकालीन दस्त रोग के नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहभेंट के दौरान ओ.आर.एस. पहुंचाना, गृहभेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुए बच्चों की जानकारी लेना, शिशु एवं बाल आहार पूर्ति संबंधी समझाईश समुदाय को देना एवं स्तनपान संबंधी भ्रांतियों में कमी हेतु सामुदायिक जागरूकता लाना, कम वज़न के नवजात शिशुओं की उचित देखभाल हेतु समुदाय में कंगारू मदर केयर पद्धति संबंधी जागरूकता, एस.एन.सी.यू. एवं एन.आर.सी. से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग एवं फॉलो-अप को प्रोत्साहन, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान करना शामिल है।                             
 

 

उद्यमियों की कार्यशाला स्थगित 
खण्डवा | 21-दिसम्बर-2017
 
 मध्यप्रदेश में उद्योगों एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इन्दौर द्वारा खण्डवा जिले के रूधि भावसिंहपुरा क्षेत्र को आद्यौगिक केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। इस औद्योगिक क्षेत्र में नवीन इकाईयों की स्थापना एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से जिले के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन रूधि भावसिंहपुरा में 23 दिसम्बर को होना था, जो अपरिहार्य करणों से स्थगित कर दिया गया है।  

 

उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला 23 दिसम्बर को 

खण्डवा | 20-दिसम्बर-2017
 
 मध्यप्रदेश में उद्योगों एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इन्दौर द्वारा खण्डवा जिले के रूधि भावसिंहपुरा क्षेत्र को आद्यौगिक केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। वर्तमान में उक्त क्षेत्र में 5 इकाईयाँ कार्यरत् है। इस औद्योगिक क्षेत्र में नवीन इकाईयों की स्थापना एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से जिले के उद्यमियो को प्रोत्साहित करने के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम 23 दिसम्बर को दोपहर 12 से औद्योगिक क्षेत्र रूधि भावसिंहपुरा में आयोजित होगा। 

 

वेदान्त दर्शन के अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में विकसित होगा ओंकारेश्वर - संस्कृति राज्यमंत्री श्री पटवा 
शंकराचार्य की धातु प्रतिमा के लिए अपनी-अपनी क्षमता अनुसार योगदान दें - सांसद श्री चौहान, संतगणों की उपस्थिति में ओंकारेश्वर में ‘एकात्म यात्रा‘ का हुआ शुभारम्भ 
खण्डवा | 19-दिसम्बर-2017
 
 
 
  ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंचाई की प्रतिमा स्थापित करने तथा वेदांत दर्षन के प्रति जनजागरण के लिए प्रदेश के चार तीर्थ स्थानों उज्जैन, पचमंठा रीवा, अमरकंटक के साथ साथ ओंकारेश्वर से आज एकात्म यात्रा प्रारंभ हुई। ओंकारेश्वर से आज एकात्म यात्रा को पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने स्वामी ज्ञानानंद जी, स्वामी विवेकानन्द जी, स्वामी प्रणवानंद जी, संविद सोमगिरी महाराज, स्वामी शिवोहम भारती, श्री हनुमानदास जी महाराज, क्षेत्रीय विधायक श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर, पंधाना विधायक श्रीमती योगिता बोरकर, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय की उपस्थिति में विधिवत रवाना किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री पटवा व सांसद श्री चौहान ने धर्म ध्वजा उपस्थित संतजनों को सौंपी। उल्लेखनीय है कि अष्टधातु की प्रतिमा के लिए प्रदेश के सभी ग्रामों से धातु एवं गांव की मिट्टी संग्रहण के लिए आज प्रारंभ यह एकात्म यात्रा प्रदेश के सभी जिलों से होते हुए 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में सम्पन्न होगी। 
    संस्कृति राज्यमंत्री श्री पटवा ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि ओंकारेश्वर को वेदांत दर्षन के अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर का महत्व ज्योतिर्लिंग के साथ साथ आदि शंकराचार्य द्वारा यहां दीक्षा लिये जाने कारण भी है। श्री पटवा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतजनों से आग्रह किया कि एकात्म यात्रा के दौरान वे मार्गदर्शन देते रहे। संस्कृति राज्यमंत्री श्री पटवा ने इस दौरान उपस्थित नागरिकों को भारतीय संस्कृति की रक्षा का संकल्प भी दिलाया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा जगद्गुरू आदि शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस दौरान अतिथियों ने उपस्थित कन्याओं का चरण पूजन भी किया। कार्यक्रम में भोपाल के ध्रुवा संस्कृत बैंड द्वारा आव्हान गीत की आकर्षक प्रस्तुति दी गई तथा आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की प्रख्यात भजन गायिका सुश्री चित्रा राय ने इस दौरान मनभावन भजन प्रस्तुत किये।
  
 
     सासंद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 1200 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य ने देश व समाज को जोड़ने के लिए पूरे देश की पदयात्रा की। अपने 32 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ, रामेश्वरम्, जगन्नाथपुरी व द्वारकापुरी में चार मठों की स्थापना की। इस दौरान शंकराचार्य जी ओंकारेश्वर भी आये थे और उन्होंने नर्मदातट पर नर्मदाष्टक की रचना की थी। सासंद श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि ओंकारेश्वर में शंकराचार्य गुफा के सौदर्यीकरण का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की 108 फीट उंची धातु प्रतिमा निर्माण के लिए कोई एक छोटी सी कील भी दान देना चाहे तो उसका स्वागत है। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय ने एकात्म यात्रा की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। 
    स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश हजारों वर्ष पूर्व जगद्गुरू रहा है। सैकड़ों वर्ष की गुलामी के बाद भी देश कभी संत विहीन नहीं रहा। देश को हमेशा विद्वान संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि आज फिर हमारा देश जगद्गुरू बनने की स्थिति में है। हमारी संस्कृति व सभ्यता को दूसरे देश भी सम्मान की नजर से देख रहे है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मनाया जाना, यूनेस्को द्वारा कुम्भ के मेले को विश्व की सबसे बड़ी सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्वीकार किया जाना, राम सेतु की प्रामाणिकता को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा स्वीकारा जाना इस बात का प्रमाण है। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि देश सांस्कृतिक व धार्मिक रूप से एक रखने में आदि शंकराचार्य के एक हजार वर्ष पूर्व के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि एकात्म यात्रा जीव, जगत व जगदीश्वर की एकता की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भौतिकवाद के प्रभाव से सुविधाएं तो बड़ी है लेकिन लोगों की क्षमताएं कम हुई है तथा जीवन में तनाव व अशांति बढ़ी है। 
    स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य ने समाज को आज से 1200 वर्ष पूर्व जो दिया, समाज उस ऋण को कभी चुका नहीं सकता। एकात्म यात्रा के माध्यम से हम आदि शंकराचार्य को श्रद्धांजलि अवश्य दे सकते है। स्वामी विवेकानंदपुरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व अपने गुरू गोविंदपाद जी से आज्ञा लेकर एकात्म यात्रा प्रारंभ की थी तथा कुल 32 वर्ष के अपने जीवनकाल में उन्होंने पूरे देश की 3 बार यात्रा पूर्ण की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एकात्म यात्रा आयोजन करने का निर्णय अत्यन्त सराहनीय है। देश के सभी साधु संत इस यात्रा से बहुत खुश है। बीकानेर से आये संत स्वामी सोमगिरी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि केरल की पूर्णा नदी के किनारे रहने वाले आदि शंकराचार्य ने आज से हजार वर्ष पूर्व देश की एकता के लिए एकात्म यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा आज से प्रारंभ एकात्म यात्रा से भी प्रदेश में अद्वैत वेदान्त दर्षन का प्रचार-प्रसार होगा।

 

एकात्म यात्रा के संबंध में चित्रकला प्रतियोगिता सम्पन्न 

69 स्कूलों के 2000 से अधिक बच्चे हुए शामिल 
खण्डवा | 18-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
  
   आदि शंकराचार्य की प्रतिमा निर्माण के लिए धातु संग्रहण एवं जनजागरण अभियान हेतु प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न जिलो में एकात्म यात्रा 19 दिसम्बर से 22 जनवरी के बीच आयोजित होगी। इस यात्रा के प्रचार प्रसार व जनजागरूकता के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन खण्डवा के गुरू गोविंद सिंह स्टेडियम में सोमवार को किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के 69 स्कूलो के 2000 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.एस. सोलंकी ने बताया कि आदि शंकराचार्य पर केन्द्रित इस चित्रकला प्रतियोगिता के प्रथम विजेता को 10,000, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 5,000 तथा तृतीय पुरूस्कार के रूप में 3,000 रूपये दिए जायेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ आदि शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान एम.एल.बी. स्कूल की छात्राओं ने श्लोक गायन भी किया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन श्री संदीप जोषी ने किया। इस दौरान जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री सचिन षिम्पी ने एकात्म यात्रा के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
   जिला शिक्षा अधिकारी श्री सोलंकी ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता कनिष्ठ एवं वरिष्ठ दो वर्गो में सम्पन्न हुई। कनिष्ठ वर्ग में कुमारी शिवानी राठौर प्रथम, हितेश गुरू द्वितीय दोनों सेंट जोसफ स्कूल खण्डवा के विद्यार्थी है तथा दिव्यांशी प्रजापति तृतीय स्थान पर रही, जो कि एम.एल.बी. कन्या उ.मा.वि. की विद्यार्थी है। जबकि वरिष्ठ वर्ग में केन्द्रीय विद्यालय खण्डवा के प्रतिक चौहान प्रथम, मोतीलाल नेहरू उ.मा.वि. खण्डवा के देवेन्द्र राठौर द्वितीय तथा केन्द्रीय विद्यालय खण्डवा के आदित्य काकड़े तृतीय स्थान पर रहे।

 

महिलाओं व बालिकाओं के संरक्षण की दिशा में नया कानून अत्यंत सराहनीय 
उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने प्रदेश सरकार की पहल पर दी प्रतिक्रियाएं 
खण्डवा | 14-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
 
    मध्यप्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से गत दिनों बलात्कारियों व दुराचारियों को मृत्यु दण्ड से दण्डित करने संबंधी कानून दण्ड विधि (म.प्र. संशोधन) विधेयक-2017 पारित होने का खण्डवा के रायचंद नागड़ा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सर्वसम्मति से महिलाओं और बेटियों ने शासन के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है। विद्यालय की छात्राओं ने एकमत से शासन के इस निर्णय को सही बताते हुए इसे शीघ्रता से पूरे देश व प्रदेश में लागू कराने की मांग की। 
    उत्कृष्ट विद्यालय खण्डवा की कक्षा 11वी की छात्रा कुमारी नेहा कोचले ने इस नए कानून पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कानून में यह बदलाव बेहद जरूरी हो गया था। सरकार की यह पहल सराहनीय है। नेहा कहती है कि महिलाओं की आबरू और आत्म-सम्मान को चोट पहुँचाने वाले और दूषित मानसिकता के ऐसे अपराधियों के लिए फाँसी की सजा ही सबसे बेहतर विकल्प है ताकि कोई दूसरा व्यक्ति ऐसा अपराध करने के पहले सौ बार सोचे। नेहा कहती है कि प्रदेश सरकार पहले से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लक्ष्य पर कार्य कर रही है, अब बेटियों के संरक्षण के लिए सरकार की यह नई पहल अत्यन्त सराहनीय है। विद्यालय की कक्षा 11वी की ही एक अन्य छात्रा नेहा बरखने का मानना है कि समाज में महिलाओं को बुरी नजर से देखने वाले अपराधियों के कारण महिलाएं बेटियां अपने आपको असुरक्षित महसूस करती है तथा बाजार में अकेले जाने में भी डरती है। नेहा बरखने का कहना है कि प्रदेश सरकार तो सख्त कानून लागू कराने जा ही रही है, अब न्यायालय को भी चाहिए कि कानून लागू होने के बाद दुष्कर्म के मामलो में कम से कम समय में सुनवाई पूरी करते हुए इन अपराधियों को शीघ्रता से सख्त दण्ड दिए जायें। 
    उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा कु. विधि सातले का मानना है कि वर्तमान में महिला अपहरण व दुराचार व दुष्कर्म जैसे अपराधों की संख्या बहुत अधिक तेजी से बढ़ रही है। इन बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सही समय पर सही कदम उठाया गया है। एक अन्य छात्रा कु. उर्मिला पटेल का कहना है कि समाचार पत्रों के माध्यम से बलात्कार की खबरें पढ़कर महिलाओं व बालिकाओं की रूह काँप जाती है। बलात्कारियों को न्यायालय द्वारा कम से कम समय में अधिक से अधिक सख्त दण्ड दिया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार द्वारा दुराचार व दुष्कर्म के लिए मृत्युदण्ड का प्रावधान किया जाना, महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में उठाया गया अत्यन्त सराहनीय कदम है। कक्षा 10वी की छात्रा कु. शिवानी खाण्डे का मत है कि दुष्कर्म के बाद पीड़ित महिला तो जीते जी ही एक तरह से मर जाती है, क्योंकि समाज में भी उसे बुरी नजर से देखा जाता है। अत: प्रदेश सरकार द्वारा दुराचार व दुष्कर्म के अपराधियों को मृत्युदण्ड दिए जाने के निर्णय की जितनी प्रशंसा की जाये उतनी कम है। कक्षा 12वी की छात्रा कु. तसमिया खान ने बलात्कार जैसे महापाप के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मृत्युदण्ड दिए जाने के प्रावधान को लागू कराने की पहल का स्वागत किया है। उसका कहना है कि बलात्कार जैसे घृणित अपराध करने वालो को समाज में रहने का कोई हक नहीं है। न्यायालय द्वारा ऐसे अपराधियों को तत्काल फांसी दी जाना चाहिए। 
    उल्लेखनीय है कि यह विधेयक अभी राष्ट्रपति की पास भेजा जायेगा। राष्ट्रपति के मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून की शक्ल लेगा। इस संशोधन विधेयक के द्वारा दुष्कर्म से संबंधित आईपीसी की धारा-376 में नई धाराएं जोड़ी गई हैं जिसमें मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। इसमें 12 वर्ष की कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फाँसी की सजा का प्रावधान है। छात्राओं, युवतियों और महिलाओं से अभद्रता करना, उन्हें घूरने या पीछा कर छेड़छाड करने वालों तथा सोशल नेटवर्किंग साइट पर अश्लील टिप्पणी करने वालों पर कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपये तक के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, इस संशोधन विधेयक में विवाह का प्रलोभन देकर ज्यादती करने वाले आरोपी को तीन साल की सजा का प्रावधान नई धारा में जोड़कर किया जा रहा है।  
 

 

महिलाओं को दिया गया सिलाई का प्रशिक्षण 

खण्डवा | 13-दिसम्बर-2017
 
 
  मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम भोपाल द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2017-18 में मुख्यमंत्री कौशल प्रशिक्षण, एपीएल में 60 एवं बीपीएल में 60 कुल 120 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। शासन द्वारा गठित चयन समिति में संस्थाओं के चयन के पश्चात संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उद्यमिता विकास केन्द्र सैडमेप खण्डवा द्वारा टेलर बेसिक सिलाई ऑपरेटर ट्रेड में गत दिनों 3 माह का प्रशिक्षण बीपीएल के 30 प्रशिक्षाणार्थियों को दादाजी मंदिर के पीछे संजय नगर खण्डवा में प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा उद्यमिता विकास केन्द्र सैडमेप खण्डवा द्वारा ही एपीएल के 30 प्रशिक्षाणार्थियों को एन.व्ही.डी.ए. गेस्ट हाउस, सिविल लाईन खण्डवा में टेलर बेसिक सुइंग ऑपरेटर ट्रेड में 3 माह का प्रशिक्षण दिया गया।

 

 
 
खण्डवा | 10-दिसम्बर-2017
 
  अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर ‘‘महिलाओं के मानव अधिकार है‘‘ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उपस्थितजनों द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए। इसके अंतर्गत बोरगांवखुर्द शासकीय हाई स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अरूणा तिवारी द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि मानव अधिकार सभी के लिए समान है उसके लिए हमें जागरूक रहकर हमें कर्तव्य करना आवश्यक है। संविधान में स्त्री एवं पुरूष को समान अधिकार प्राप्त है। उसे अलग से प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। स्त्री एवं पुरूषों को अपने-अपने दायित्वों को बिना किसी आरोप प्रत्यारोप के बिना निर्वहन करें। साथ ही अपने आचरण पर भी मनन करें। स्त्री एवं पुरूष दोनों एक गाड़ी के पहिए है और दोनों से ही परिवार आगे बढ़ता है, जिससे समाज बनता है। दुनिया में हो रहे अपराधों में सिर्फ एक ही व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। 
    संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि हमें मानव अधिकार के प्रति सजक रहकर कार्य करना होगा। मानव अधिकार में हर वर्ग का स्त्री पुरूष होता है, चाहे वह बच्चा हो जिसे किसी व्यक्ति द्वारा पैदा होने तत्काल बाद छोड़ दिया गया हो या वह बच्चा जो अनाथ आश्रम में पल रहा हो, उसके प्रति भी हमारे कर्त्तव्य है। खालवा ब्लाक में कुपोषण समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह भी मानव अधिकार के अंतर्गत आता है। वहां की समस्या पर भी समाज के सभी वर्गो को ध्यान देकर समस्या का हल करना आवश्यक है। 
    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह तारणेकर द्वारा संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि मानव अधिकार सभी के लिए समान है। सभी को संविधान में अधिकार प्राप्त है परन्तु हर बात में सिर्फ एक ही व्यक्ति को दोषी ठहराया जाता है। यह समस्या घरों से निकलकर समाज में आती है। क्या इसमें स्त्री पुरूष दोनों का दोष नहीं, स्त्री चाहे दादी हो, नानी हो या फिर मॉं एवं पत्नि सभी मिलकर समस्या का निराकरण कर सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री हेमंत यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 
    कार्यशाला में महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री शर्मा द्वारा महिला बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री सिंह द्वारा मॉं सरस्वती व महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

 

अकाउंटिंग व मोबाइल रिपेयरिंग के निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु आवेदन करें 

खण्डवा | 04-दिसम्बर-2017
 
  स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान खण्डवा में ग्रामीण युवाओं के लिए कम्प्यूटर अकाउंटिंग एवं मोबाईल रिपेयरिंग का एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम माह दिसम्बर 2017 में होना प्रस्तावित है, यह प्रशिक्षण पूर्णतः निशुल्क है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन फार्म स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में जमा करा सकते है।  
   आरसेटी के निदेशक श्री एस.आर. गजरे ने बताया कि इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत बैकों से स्वीकृत किये गयें प्रकरणों के प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी माह दिसम्बर 2017 होना प्रस्तावित है। जिसमें खण्डवा, बुरहानपुर एवं खरगोन जिले के प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु खण्डवा, बुरहानपुर एवं खरगोन जिले के प्रशिक्षणार्थी आवश्यक दस्तावेजों सहित अपनी उपस्थिति शीध्र स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, हरसूद नाका, एन.व्ही.डी.ए. कॉलोनी, सिविल लाईन, खण्डवा में देवें। उन्होंने बताया कि आवेदन के साथ बैक का ऋण स्वीकृति पत्र, DLTFC में चयनित पत्र, ऑनलाईन किये आवेदन पत्र का प्रिन्ट, पेनकार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आधारकार्ड, वोटर आई.डी., राशनकार्ड, अंकसूची की फोटोकॉपी,  पासपोर्ट साईज फोटो संलग्न करना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए हरसूद नाका, साई मंदिर के पास एन.व्ही.डी.ए. कॉलोनी, सिविल लाईन, खण्डवा में स्थित स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में सम्पर्क किया जा सकता है या कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0733.-2227724, 9406655463 से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
 

आशा कार्यकताओं के लिए फोन-इन कार्यक्रम का प्रसारण 5 दिसम्बर को 

खण्डवा | 01-दिसम्बर-2017
 
 
    ‘‘लालिमा’’ के संबंध में आशा कार्यकर्ताओं के लिए फोन-इन कार्यक्रम 05 दिसम्बर 2017 मंगलवार को दोपहर 1:15 से 2:15 तक आकाशवाणी भोपाल से प्रसारित किया जायेगा। इस दौरान फोन नम्बर 0755-2660902, 2660903 पर आशा कार्यकर्ता सवाल पूछ सकती है। समस्त आशायें, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को ग्राम आरोग्य केन्द्र में बैठकर रेडियो पर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं के साथ खुद सुने तथा गांव के अन्य लोगों को कार्यक्रम की जानकारी देकर सुनने के लिए प्रेरित करें।

 

 
  

 


 
 
 
       

 


 
 

 

 
 
 

 

 

 

 

  • Address: Harihar Bhavan Nowgong Dist. Chatarpur Madhya Pradesh  , Mo : 98931-96874 , Email :  This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. Web : www.ganeshshankarsamacharsewa.in