रतलाम समाचार

    

शिशुगृह संचालित करने संबंधी प्रस्ताव की अंतिम तिथि 20 जनवरी 
रतलाम | 12-जनवरी-2018
 
 जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी आर के  मिश्रा ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के तहत जिले में बाल देख-रेख विशेष दत्तक गृहण अभिकरण (शिशुगृह) संचालित होना है, इसके लिए इच्छुक अशासकीय संस्थायें प्रारूप 27 में अपना प्रस्ताव आगामी 20 जनवरी तक जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालयीन समय में जमा करा सकती है। इसके विस्तृत जानकारी के लिए इस कार्यालय के फोन नं. 07412-234089 पर संपर्क कर सकते हैं या कार्यालय के पते 151/1, सोलंकी निवास मरी माता चौराहा, हाट की चौकी, रतलाम पर संपर्क कर सकते हैं।
रतलाम नगर में एकात्म यात्रा का भव्य स्वागत किया गया 
कालका माता परिसर में हुआ जनसंवाद कार्यक्रम 
रतलाम | 08-जनवरी-2018
 
 आदिशंकराचार्य की प्रतिमा हेतु धातु संग्रहण तथा जनजागरण अभियान के लिए संचालित एकात्म यात्रा का आज रतलाम नगर में प्रवेश पर नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह मंच स्थापित किये जाकर यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई, कलश यात्रा भी आयोजित हुई। इस अवसर पर जनसंवाद सभा कार्यक्रम रात्रि में कालिका माता परिसर में आयोजित हुआ। इस दौरान स्वामी संवित सोमगिरीजी महाराज बीकानेर, स्वामी भूमानंद सरस्वतीजी, स्वामी नर्मदानंदजी ओंकारेश्वर, स्वामी देवस्वरूपानंदजी महाराज, स्वामी गोपालदासजी महाराज, ज्ञानी मानसिंहजी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री चेतन्य काष्यप, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष श्री हिम्मत कौठारी, राज्य कृषक आयोग अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, राज्य कर्मचारी कल्याण आयोग अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मइढ़ा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष श्री अशोक चौटाला, अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुन्देला, श्री कानसिंह चौहान, महापौर डॉ. श्रीमती सुनीता यार्दे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे, श्री गोविन्द कांकाणी,  नगर निगम अध्यक्ष श्री अशोक पोरवाल, श्री अजय तिवारी, संभागीय समन्वयक जन अभियान परिषद श्री वरूण आचार्य, जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय, श्री अशोक पाटीदार आदि उपस्थित थे। 
    सभा को संबोधित करते हुए स्वामी संवित सोमगिरीजी महाराज ने अपने विस्तृत उदबोधन में आदिशंकराचार्य के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला, उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में उपस्थितजनों को जानकारी से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने देश में भ्रमण करके निरंतर ज्ञान प्राप्त किया और बुराईयों को दूर किया। एकात्म यात्रा एक पावन अवसर है जो मध्यप्रदेश की धरती पर हमें प्राप्त हुआ है। हमारी संस्कृति युगों से प्रवाहित होती आ रही है, निरंतर पूर्णता को बढ़ती जा रही है। एकात्म यात्रा के दौरान प्रेम और आनंद का सागर बह रहा है, हमारे अंदर काल के परे जाने की ललक होनी चाहिए। संस्कृति का प्रसार और संवर्धन हो, संस्कृति छिन्न-भिन्न नहीं हो, इस पर चिंतन मनन सतत करना चाहिए। अपने अंदर की क्षमता का श्रेष्ठ उपयोग हम करे। श्रेष्ठ और शुद्ध आचरण रखे, हमारा अंतः करण मलिन नहीं हो, हम अपनी दिव्यशक्ति को जाग्रत करे। 
    विधायक श्री चेतन्य काष्यप ने अपने उदबोधन में कहा कि एकात्म यात्रा का रतलाम नगर में अपूर्व उल्लास के साथ स्वागत नागरिकों द्वारा किया गया है। नगर में संतजनों का आगमन हुआ है हम धन्य हुये हैं। एकात्म यात्रा से प्रदेश की माटी को नई उर्जा मिली है, आदिशंकराचार्य केरल से चलकर प्रदेश के ओंकारेश्वर आए थे यहां से ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हमें शिवराज सिंह चौहान जैसे संवेदनशील और कल्याणकारी मुख्यमंत्री प्राप्त हुये हैं। एकात्म यात्रा से प्रदेश का जन-जन स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। 
आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा तथा लाइफ लाईन एक्सप्रेस के लिए स्वयं सेवी संस्थाएं सहयोग करेंगे 
सर्जरी के सभी प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक रहेगा - कलेक्टर 
रतलाम | 04-जनवरी-2018
 
 
 
 
   
    आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा तथा लाइफ लाईन एक्सप्रेस में सहयोग के लिए कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल की अध्यक्षता में स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई, बैठक में जिला समन्वयक जन अभियान परिषद् रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि एकात्म यात्रा के लिए रूट चार्ट तय कर लिया गया है। यात्रा 8 जनवरी को बिरमावल के रास्ते धराड़ होते हुए रतलाम पहुंचेगी जहां जनसामान्य 4 प्रकार की धातु तांबा, लोहा, कांसा, पीतल के कलश जनसंवाद स्थल पर प्रदान करेंगे। 9 जनवरी को यात्रा जावरा पहुंचेगी तथा 16 जनवरी को वापसी के समय आलोट के ग्राम मनुनिया में जनसंवाद कार्यक्रम होगा। रतलाम शहर में जनसंवाद कार्यक्रम कालका माता परिसर में आयोजित किया जाएगा। विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने यात्रा का स्वागत तथा प्रचार-प्रसार की बात कही। रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि 7 जनवरी को 1 लाख 8 हजार दीपकों से दीपयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 24 जजमान एकात्मता से विश्व शांति का संदेश देंगे यह यज्ञ एतिहासिक होकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करेगा।
    लाइफ लाईन एक्सप्रेस 29 जनवरी से 18 फरवरी तक रतलाम जिले में पहली बार अपनी सेवाएं देगी। इस सम्बन्ध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोमेश मिश्रा की उपस्थिति में रतलाम शहर एवं ग्रामीण के मैदानी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया तथा बाजना में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। लाइफ लाईन एक्सप्रेस में मुख्य रूप से मोतियाबिंद कटे-फटे होठ, पोलियाकरेक्टिव सर्जरी, टेढ़े-मेढ़े पांव, दंतरोग, मिर्गी, कान का बहना आदि रोगों की सर्जरी की जाएगी तथा मुख स्तन, सर्वाइकल, कैंसर की जांच की जाएगी जिसमें निःशुल्क मेमोग्राफी, बायोप्सी, एच पी बी टेस्ट की सुविधा निशुल्क रहेगी जबकि कैंसर रोगी की सर्जरी के लिए उच्च संस्थाओं में रेफर किया जाएगा। इसके लिए विकासखण्ड स्तरीय शिविर रतलाम ग्रामीण व शहर के लिए 10 जनवरी को जिला चिकित्सालय रतलाम तथा नामली में बाजना का शिविर 11 जनवरी को पिपलोदा का शिविर, 13 जनवरी को सैलाना का शिविर, 15 जनवरी को आलोट का शिविर, 17 जनवरी को तथा जावरा का शिविर, 18 जनवरी को सम्बन्धित शासकीय अस्पताल में आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी जहां चिकित्सक मरीजों की जांच कर लाइफ लाईन एक्सप्रेस के लिए मरीजों को रेफर करेंगे। कलेक्टर ने मरीजों को लाने ले जाने के उचित भोजन, ठहरने, सुरक्षा व्यवस्था करने के विस्तार से निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सर्जरी सम्बन्धी सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार का सक्रमण न हो। लाइफ लाइन एक्सप्रेस के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यार्दे ने बताया कि लाइफ लाईन एक्सप्रेस के अंतर्गत लेबोरेट्री एवं सर्जरी की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध है। मरीजों को अपनी जांचों के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा तथा सभी सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। होम्योपेथिक कॉलेज के डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा इंटर्नशिप कर रहे चिकित्सकों के माध्यम से प्री-आपरेटिव और पोस्ट आपरेटिव केयर की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी तथा आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस भी दी जा सकेगी। कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने बैठक के बाद रेलवे हॉस्पिटल पहुंचकर स्टेशन का भी मौका मुआयना किया तथा व्यवस्थाओं के संबंध में रेलवे के अधिकारियों से चर्चा की कलेक्टर ने लायंस क्लब, रोटरी क्लब जैसी संस्थाओं से कार्यकर्ताओं द्वारा सहयोग की बात की। रेडक्रास के चेयरमेन महेन्द्र गादिया ने बताया कि उनकी संस्था के द्वारा मरीजों के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर कन्ट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी तथा एम्बुलेंस एवं संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। सीएमएचओ तथा सिविल सर्जन को प्रशिक्षित ओटी नर्स की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस चिकित्सक आदि की ड्यूटी लगाने सम्बन्धी चर्चा की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोमेश मिश्रा, एसडीएम शहर अनिल भाना, डॉ. दीप व्यास, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बालविकास श्रीमती सुषमा भदौरिया तथा अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जैन सोशल ग्रुप, वेलफेयर सोसायटी, जैन युवक महासंघ, भारतीय आदिवासी, अशासकीय शिक्षण संस्थायें, आर्ट ऑफ लिविंग तथा अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भावांतर भुगतान योजना से कमल पाटीदार को अपनी फसल की मनमाफिक राशि मिली "सफलता की कहानी" 
उड़द की फसल के बाजार भाव के अलावा भावांतर से मिले चालीस हजार रूपये 
रतलाम | 26-दिसम्बर-2017
 
 
   रतलाम जिले के हजारो किसानों ने राज्य शासन की भावांतर भुगतान योजना का लाभ उठाकर अपने मन के मुताबिक संतुष्टीदायक भाव अपनी फसलों का प्राप्त किया है। इस जिले के कुल पांच हजार आठ सौ से ज्यादा किसानों को अब तक भावांतरण भुगतान योजना से पांच करोड़ बाईस लाख चौहत्तर हजार रूपये कर कुल भुगतान अन्तर की राशि के रूप में किया जा चुका है यह रकम किसानों के खातों में जमा हो चुकी है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम धामेडी के किसान कमल पाटीदार भी इस योजना के बदोलत अन्तर राशि के रूप में चालीस हजार रूपये प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अपनी करीब पन्द्रह बीघा जमीन में उडद की फसल बोई थी कुल 43 क्विंटल उत्पादन हुआ था जब मण्डी में बेचने के लिये भाव मालूम किया तब पता चला कि उडद का बाजार भाव लगभग चौबीस सौ रूपया क्विंटल है तो मनमसोजकर रह गये। इसी दरमियान कमल ने फसल बेचना स्थगित रखकर भावांतर योजना में पंजीयन करवाया था। कमल द्वारा पंजीयन के पश्चात् 26 अक्टूबर को मजबूरीवश अपनी फसल जावरा मंडी ले जाकर करीब 2400 रूपये क्विंटल के दर से बेचदी। भवांतर भुगतान योजना जब शासन ने प्रारम्भ की तब समयावधि के अनुसार समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्तर के अनुसार सूचीबद्ध किये गये लाभार्थी किसानों में कमल भी सम्मिलित थे उन्हें भावांतरण भुगतान राशि के रूप में 40 हजार रूपये का लाभ श्षासन द्वारा प्रदान किया गया। इस फायदे को देखकर कमल की खुशी का ठिकाना न था उन्होने कभी यह नहीं सोचा था कि उनको बाजार भाव में नुकसान की पूर्ति इस प्रकार भी हो सकेगी। कमल नें इसके बाद बीते नवम्बर माह में अपनी बची हुई 18 क्विंटल उडद की फसल भी मण्डी में बेच दी है। इसके भी हजारों रूपये का लाभ उन्हें भावांतर योजना से शीघ्र मिलने वाला है। कमल ही नही बल्कि रतलाम जिले के धराड निवासी किसान ईश्वरलाल पाटीदार को उडद की फसल बेचने पर भावांतर भुगतान योजना द्वारा 85 हजार रूपये, ग्राम शिवपुर के किसान राजेन्द्र कुमार को अपनी सोयाबीन रतलाम मंडी में बेचने पर 52 हजार 920 रूपये, ग्राम बिलपांक के किसान शंकरलाल को 52 हजार रूपये का लाभ मिला है। इन सभी किसानों के खातों में राशि पहूंच चुकी है। भावांतर भुगतान योजना वास्तव में किसानों के लिये बडा सहारा बन कर सामने आई है अब उन्हें बाजार के कम दामों की चिन्ता नही है वे जब चाहें अपनी फसल बेच सकते है क्योंकि भावांतर भुगतान योजना संचालित है।
भावांतर भुगतान योजना से कमल पाटीदार को अपनी फसल की मनमाफिक राशि मिली "सफलता की कहानी" 
उड़द की फसल के बाजार भाव के अलावा भावांतर से मिले चालीस हजार रूपये 
रतलाम | 06-दिसम्बर-2017
 
रतलाम जिले के हजारो किसानों ने राज्य शासन की भावांतर भुगतान योजना का लाभ उठाकर अपने मन के मुताबिक संतुष्टीदायक भाव अपनी फसलों का प्राप्त किया है। इस जिले के कुल पांच हजार आठ सौ से ज्यादा किसानों को अब तक भावांतरण भुगतान योजना से पांच करोड़ बाईस लाख चौहत्तर हजार रूपये कर कुल भुगतान अन्तर की राशि के रूप में किया जा चुका है यह रकम किसानों के खातों में जमा हो चुकी है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम धामेडी के किसान कमल पाटीदार भी इस योजना के बदोलत अन्तर राशि के रूप में चालीस हजार रूपये प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अपनी करीब पन्द्रह बीघा जमीन में उडद की फसल बोई थी कुल 43 क्विंटल उत्पादन हुआ था जब मण्डी में बेचने के लिये भाव मालूम किया तब पता चला कि उडद का बाजार भाव लगभग चौबीस सौ रूपया क्विंटल है तो मनमसोजकर रह गये। इसी दरमियान कमल ने फसल बेचना स्थगित रखकर भावांतर योजना में पंजीयन करवाया था। कमल द्वारा पंजीयन के पश्चात् 26 अक्टूबर को मजबूरीवश अपनी फसल जावरा मंडी ले जाकर करीब 2400 रूपये क्विंटल के दर से बेचदी। भवांतर भुगतान योजना जब शासन ने प्रारम्भ की तब समयावधि के अनुसार समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्तर के अनुसार सूचीबद्ध किये गये लाभार्थी किसानों में कमल भी सम्मिलित थे उन्हें भावांतरण भुगतान राशि के रूप में 40 हजार रूपये का लाभ श्षासन द्वारा प्रदान किया गया। इस फायदे को देखकर कमल की खुशी का ठिकाना न था उन्होने कभी यह नहीं सोचा था कि उनको बाजार भाव में नुकसान की पूर्ति इस प्रकार भी हो सकेगी। कमल नें इसके बाद बीते नवम्बर माह में अपनी बची हुई 18 क्विंटल उडद की फसल भी मण्डी में बेच दी है। इसके भी हजारों रूपये का लाभ उन्हें भावांतर योजना से शीघ्र मिलने वाला है। कमल ही नही बल्कि रतलाम जिले के धराड निवासी किसान ईश्वरलाल पाटीदार को उडद की फसल बेचने पर भावांतर भुगतान योजना द्वारा 85 हजार रूपये, ग्राम शिवपुर के किसान राजेन्द्र कुमार को अपनी सोयाबीन रतलाम मंडी में बेचने पर 52 हजार 920 रूपये, ग्राम बिलपांक के किसान शंकरलाल को 52 हजार रूपये का लाभ मिला है। इन सभी किसानों के खातों में राशि पहूंच चुकी है। भावांतर भुगतान योजना वास्तव में किसानों के लिये बडा सहारा बन कर सामने आई है अब उन्हें बाजार के कम दामों की चिन्ता नही है वे जब चाहें अपनी फसल बेच सकते है क्योंकि भावांतर भुगतान योजना संचालित है।

 

काम तो ठीक है पर तेजी से पूरा करो

रतलाम। 15/12/2017प्रधानमंत्री आवास व सीवरेज प्रोजेक्ट के कामों की गुणवत्ता और गति परखने के लिए गुरुवार को नगरीय प्रशासन विकास विभाग के भोपाल व उज्जैन के अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति देखी। इस दौरान कामकाज तो ठीक बताया लेकिन प्रधानमंत्री आवास को लेकर धीमा काम तेज करने के निर्देश दिए।गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे नगरीय प्रशासन एवं विकास संचलानालय के कार्यपालन यंत्री आनंद सिंह व उज्जैन नगरीय उपसंचलानालय के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर प्रदीप निगम नगर निगम पहुंचे। कमिश्नर एसके सिंह के कक्ष में दोनों अधिकारियों द्वारा योजनाओं को लेकर अब तक हुए कार्यों की प्रगति जानी। अधिकारियों ने सीवरेज प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग करने वाली एजेंसी पीडीएमसी वेप्कोस सहित प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों के चयन करने वाली एजेंसी सेडमैप व निर्माण की गुणवत्ता परखने वाली एजेंसी एजिस के इंजीनियरों से चर्चा की।शिकायत मिली तो पहुंचे वर्धमान सेक्टर-टूबैठक के दौरान विधायक कार्यालय से वर्धमान सेक्टर-टू में सीवरेज को लेकर रहवासी द्वारा शिकायत करने की जानकारी दी गई। इस पर आनंद सिंह, प्रदीप निगम सहित कमिश्नर एसके सिह, निगम के तीन सिटी इंजीनियर सुरेशचंद्र व्यास, जीके जायसवाल एवं नागेश वर्मा मौके पर पहुंचे। रहवासी की शिकायत सुनने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवरेज में किसी एक मकान का ड्रेनेज नहीं बल्कि पांच मकानों के बीच एक चेंबर बनाकर मुख्य लाइन से उसे जोड़ा जाएगा। इसके बाद अफसरों की टीम देवरादेवनारायण नगर स्थित सीवरेज पश्चात खोदी सड़क का मरम्मत कार्य देखने पहुंची। यहां पर उन्होंने सीमेंट कांक्रीट मरम्मत कार्य को बेहतर बताया।

 
 
भावांतर भुगतान योजना से कमल पाटीदार को अपनी फसल की मनमाफिक राशि मिली "सफलता की कहानी" 
उड़द की फसल के बाजार भाव के अलावा भावांतर से मिले चालीस हजार रूपये 
रतलाम | 06-दिसम्बर-2017
 
  
   रतलाम जिले के हजारो किसानों ने राज्य शासन की भावांतर भुगतान योजना का लाभ उठाकर अपने मन के मुताबिक संतुष्टीदायक भाव अपनी फसलों का प्राप्त किया है। इस जिले के कुल पांच हजार आठ सौ से ज्यादा किसानों को अब तक भावांतरण भुगतान योजना से पांच करोड़ बाईस लाख चौहत्तर हजार रूपये कर कुल भुगतान अन्तर की राशि के रूप में किया जा चुका है यह रकम किसानों के खातों में जमा हो चुकी है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम धामेडी के किसान कमल पाटीदार भी इस योजना के बदोलत अन्तर राशि के रूप में चालीस हजार रूपये प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अपनी करीब पन्द्रह बीघा जमीन में उडद की फसल बोई थी कुल 43 क्विंटल उत्पादन हुआ था जब मण्डी में बेचने के लिये भाव मालूम किया तब पता चला कि उडद का बाजार भाव लगभग चौबीस सौ रूपया क्विंटल है तो मनमसोजकर रह गये। इसी दरमियान कमल ने फसल बेचना स्थगित रखकर भावांतर योजना में पंजीयन करवाया था। कमल द्वारा पंजीयन के पश्चात् 26 अक्टूबर को मजबूरीवश अपनी फसल जावरा मंडी ले जाकर करीब 2400 रूपये क्विंटल के दर से बेचदी। भवांतर भुगतान योजना जब शासन ने प्रारम्भ की तब समयावधि के अनुसार समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्तर के अनुसार सूचीबद्ध किये गये लाभार्थी किसानों में कमल भी सम्मिलित थे उन्हें भावांतरण भुगतान राशि के रूप में 40 हजार रूपये का लाभ श्षासन द्वारा प्रदान किया गया। इस फायदे को देखकर कमल की खुशी का ठिकाना न था उन्होने कभी यह नहीं सोचा था कि उनको बाजार भाव में नुकसान की पूर्ति इस प्रकार भी हो सकेगी। कमल नें इसके बाद बीते नवम्बर माह में अपनी बची हुई 18 क्विंटल उडद की फसल भी मण्डी में बेच दी है। इसके भी हजारों रूपये का लाभ उन्हें भावांतर योजना से शीघ्र मिलने वाला है। कमल ही नही बल्कि रतलाम जिले के धराड निवासी किसान ईश्वरलाल पाटीदार को उडद की फसल बेचने पर भावांतर भुगतान योजना द्वारा 85 हजार रूपये, ग्राम शिवपुर के किसान राजेन्द्र कुमार को अपनी सोयाबीन रतलाम मंडी में बेचने पर 52 हजार 920 रूपये, ग्राम बिलपांक के किसान शंकरलाल को 52 हजार रूपये का लाभ मिला है। इन सभी किसानों के खातों में राशि पहूंच चुकी है। भावांतर भुगतान योजना वास्तव में किसानों के लिये बडा सहारा बन कर सामने आई है अब उन्हें बाजार के कम दामों की चिन्ता नही है वे जब चाहें अपनी फसल बेच सकते है क्योंकि भावांतर भुगतान योजना संचालित है।

 

भावांतर भुगतान योजना दुनिया की अद्भुत एवं अनोखी योजना है इस योजना को पूरा हिंदुस्तान अपनाएगा- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 
मुख्यमंत्री ने जावरा में किया 332 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन, विकास यात्रा में हुए शामिल 
रतलाम | 29-नवम्बर-2017
 
 
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना किसानों को न्याय देने की योजना है पूरा हिंदुस्तान मध्यप्रदेश की इस योजना को अपनाएगा। इस योजना के तहत 1.35 लाख किसानों के खाते में भावांतर की राशि जमा कराई जा चुकी है।शेष बचे किसानों को भी 15 दिसंबर तक उनके खाते में राशि जमा करा दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर को रतलाम जिले के जावरा में अंत्योदय मेले एवं मध्य प्रदेश विकास यात्रा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर 332 करोड़ रू. से अधिक की राशि के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्य का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पिपलौदा में आगामी शिक्षा सत्र से नवीन कॉलेज खोलने की बात कही। उन्होंने जावरा में नवीन इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए परीक्षण करवाकर कार्रवाई करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने पिपलोदा में आउटडोर स्टेडियम निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करवाने की बात भी कही। इस मौके पर क्षेत्रीय सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री राजेंद्र पांडे, मप्र राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक रतलाम श्री चैतन्य कश्यप, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत कोठारी, राज्य कृषक कल्याण आयोग के उपाध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मईडा, विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामर, विधायक सैलाना श्रीमती संगीता चारेल, विधायक आलोट श्री जितेंद्र गहलोत, श्री कान्हसिंह चौहान भी मंचासीन थे।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जावरा में विकास यात्रा एवं अंत्योदय मेले को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश काफी आगे बढ़ा है हम सबको मिलकर मध्य प्रदेश को और आगे ले जाना है. प्रदेश सरकार ने 12 सालों में किसानों के कल्याण के लिए प्रयास किए हैं। खेती को लाभ का धंधा बनाने हेतु मध्यप्रदेश सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नर्मदा का पानी शिप्रा में मिलाया है। अब नर्मदा का पानी  कालीसिंध, गंभीर, पार्वती नदी में मिलाया जावेगा। नर्मदा का पानी चंबल में भी लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी सागर बांध से टनल द्वारा गरोठ तक सरकार पानी लाई है।किसानो के सूखे खेतों की प्यास बुझाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भावांतर भुगतान योजना दुनिया की अद्भुत व अनोखी योजना है। प्रदेश के 1.35 लाख किसानों को इस योजना के तहत भावांतर की राशि का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं लागू की है। मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब आवास के लिए बगैर जमीन के नहीं रहेगा। आगामी 26 जनवरी से अप्रैल तक आवासहिनो को जमीन उपलब्ध कराने का अभियान चलाया जाएगा।

 

पाप को छुपाने और पुण्य को छपाने में माहिर है मनुष्य

रतलाम। 28/11/2017मनुष्य पाप को छुपाने और पुण्य को छपाने में बड़ा माहिर हो गया है। इसके कुछ ही अपवाद है। अन्यथा चार रोटी गाय को देते समय भी व्यक्ति सोचता है कि उसे कोई देखे। बुरा काम करना हो तो सूर्य की रोशनी से भी छुपाने का प्रयास किया जाता है। मनुष्य जन्म किस्मत से मिला है, लेकिन इसे लोग व्यर्थ गंवा रहे हैं। भाव और भाग्य का साथ ना हो तो आत्मा का कल्याण नहीं हो सकता।यह विचार मरूधर ज्योति मणिप्रभा श्रीजी ने कही। वे जैन कॉलोनी में धर्मसभा को संबोधित कर रही थीं। आत्मज्ञान का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि आज लोग जगत को जानते और मानते हैं, लेकिन आत्मा को नहीं मानते। आत्मा अनंत होकर ज्ञान और गुणों से संपन्ना होती हैं। आत्मा में ही परमात्मा बनने की ताकत होती है, लेकिन उसकी ताकत को मनुष्य पहचानता नहीं और संसार में खोकर बाहरी आवरण में उलझा रहता है। आत्मज्ञान के लिए भाव और भाग्य का बहुत महत्व है। कुछ लोगों में भाव की ताकत अधिक होती है तो कुछ के अंदर भाग्य की ताकत होती है। आत्म तत्व को समझने के लिए इन दोनों का होना जरूरी है।बहूमूल्यवान है आत्माउन्होंने कहा कि लोगों ने नाम के लिए, पद के लिए, पैसे के लिए और धन्यवाद सहित न जाने कितने परिग्रह दिमाग में बैठा रखे हैं। मनुष्य को केवल मैं आत्मा हूं का भाव रखना चाहिए, लेकिन अधिकांश लोग शरीर और मोह-माया का भाव रखकर अपना अमूल्य जीवन बीता रहे हैं। सबको पता है कि संसार की सारी चीजें यहीं रहने वाली है। आत्मा जब शरीर से निकलेगी तो सबकुछ यहीं छूट जाएगा। आत्मा बहू मूल्यवान है, लेकिन इसके बाद भी कोई आत्मा को महत्व नहीं देता है। संसार में मात्र कुछ लोग ऐसे हैं, जो संसार भाव से अधिक आत्मभाव रखते हैं। अहमदाबाद के अल्पेश भाई उन्हीं में से एक है, जिन्होंने एक सौदे में मिले 52 करोड़ रुपए के लाभ को जरूरतमंदों में बांट दिया। उन्होंने किसी नाम की अपेक्षा नहीं की, अपितु निस्वार्थ भाव में जनकल्याण कर दिया।

 

 

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