उज्जैन समाचार

 

 

मुख्य सचिव की संभागीय बैठक 19 जनवरी को उज्जैन में 
उज्जैन | 15-जनवरी-2018
 
 
 
 
 
    मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह 19 जनवरी को उज्जैन में संभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने बताया कि बैठक प्रातः 10:00 बजे से मेला कार्यालय में आयोजित की गई है। बैठक में उज्जैन संभाग के सभी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित होंगे। श्री ओझा ने संभाग के सभी जिलों को बैठक में आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
 

 

आदि गुरु शंकराचार्य एकात्म यात्रा 
431 कि.मी. यात्रा में शामिल हुए 6 जिलों के एक लाख लोग 
उज्जैन | 12-जनवरी-2018
 
  आदि गुरु शंकराचार्य एकात्म यात्रा ने आज विदिशा, भोपाल, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और नरसिंहपुर जिलों में 431 किलोमीटर की दूरी तय करने के साथ 686 धातु पात्रों का संकलन किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान के साथ विदिशा के जन-संवाद में शामिल हुए। गत दिवस 11 जनवरी को हुई यात्रा और जन-संवादों में एक लाख 750 लोगों ने भाग लिया।
    विदिशा के 28 गाँव-कस्बों से गुजरी यात्रा का 21 स्थानों पर स्वागत एवं पादुका पूजन किया गया, जिसमें 5 कलश-यात्रा, 5 शोभा-यात्रा, 20 उप-यात्रा और तकरीबन 5 हजार लोग शामिल हुए। विदिशा में हुए मुख्य जन-संवाद में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सरसंघ चालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री मोहनराव भागवत, स्वामी अखिलेश्वरानंद, श्री श्रीनिवास राजू महाराज, उद्यानिकी, खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री निशंक जैन, श्री गोवर्धनलाल उपाध्याय, श्री वीर सिंह पवार, श्री सुल्तान सिंह शेखावत, यात्रा समन्वयक श्री शिव चौबे, मेला एवं तीर्थ प्राधिकरण अध्यक्ष श्री विजय दुबे आदि उपस्थित थे। भोपाल जिले में बैरसिया से यात्रा का प्रवेश हुआ और दो स्थानों पर स्वागत एवं पादुका पूजन किया गया।
    मंदसौर जिले में 10 गाँव-कस्बों में यात्रा का स्वागत और पादुका पूजन हुआ, जिसमें 2 कलश-यात्रा, 4 शोभा-यात्रा, 20 उप-यात्रा और 16 हजार 200 लोग शामिल हुए। मंदसौर के पिपलिया मण्डी में हुए जन-संवाद में स्वामी संवित सोमगिरि महाराज, स्वामी भूमानंद, स्वामी नर्मदानंद, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, श्री जगदीश देवड़ा, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे, यात्रा प्रभारी श्री मदनलाल राठौर आदि शामिल हुए। मंदसौर में बोहरा समाज द्वारा बैण्ड के माध्यम से यात्रा का स्वागत किया गया। मंदसौर में 75 स्वागत द्वार बनाये गये थे। गाँधी चौराहा पर स्कूली बच्चों ने बैण्ड बजाकर स्वागत किया।
    नीमच में शाम को हुए मुख्य जन-संवाद में स्वामी संवित सोमगिरि महाराज, स्वामी भूमानंद, स्वामी नर्मदानंद, महामण्डलेश्वर श्री सुरेशानंद शास्त्री, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम में समूह, श्लोक और नर्मदाष्टकम गायन के साथ नुक्कड़ नाटक और नृत्य की प्रस्तुति हुई। कन्या-पूजन और पुरस्कार वितरण भी हुआ।
    ग्वालियर जिले में यात्रा का 19 गाँव-कस्बों में स्वागत और पादुका पूजन किया गया। इसमें 7-7 कलश एवं शोभा-यात्रा, 50 उप-यात्रा और 12 हजार लोग शामिल हुए। दोपहर को चीनौर और डबरा में तथा शाम को भितरवार में होने वाले जन-संवाद में स्वामी प्रणवानंद, स्वामी राधे राधे, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक, विधायक श्री भरत सिंह कुशवाहा, जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। यात्रा ने आज 105 किलोमीटर की दूरी तय करने के साथ 250 धातु पात्रों का संकलन किया।
    नरसिंहपुर जिले में 11 स्थानों पर यात्रा का स्वागत और पादुका पूजन हुआ, जिसमें 11 कलश-यात्रा, 9 शोभा-यात्रा, 91 उप-यात्रा और 9 हजार 700 लोग शामिल हुए। दोपहर को नीमखेड़ा, चावरपाठा और तेंदूखेड़ा में जन-संवाद हुआ, जिसमें स्वामी मुक्तानंद, स्वामी गणेश गिरि, विधायक श्री जालम सिंह पटेल, श्री संजय शर्मा, श्रीमती शीला देवी ठाकुर, श्रीमती अनुराधा धनीराम पटेल, श्री संदीप पटेल शामिल हुए। शाम को गाडरवारा में होने वाले मुख्य जन-संवाद में स्वामी मुक्तानंद, स्वामी गणेश गिरि, विधायक श्री गोविंद सिंह पटेल और नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मुकेश मरिया शामिल हुए। नरसिंहपुर में यात्रा ने 110 किलोमीटर की दूरी तय करने के साथ 174 धातु पात्रों का संचयन किया। तेंदूखेड़ा में यात्रा का स्वागत मुस्लिम समाज ने किया।
    एकात्म यात्रा का सभी जिलों में कलश-यात्रा, रांगोली, पुष्प-वर्षा, बाइक रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि से स्वागत किया गया। जन-संवादों में कन्या-पूजन के साथ आदि शंकराचार्य, एकात्म यात्रा के उद्देश्य, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशामुक्ति अभियान की जानकारी दी गई।
 

 

 

 

स्कूलों की बसों में  सुरक्षा के लिए  दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए 

कलेक्टर एवम पुलिस अधीक्षक ने बस चालकों एवं स्कूल संचालकों की बैठक ली 
उज्जैन | 08-जनवरी-2018
 
 कलेक्टर संकेत भोंडवे ने स्कूलों की बसों में सुरक्षा के लिए विभिन्न मापदंडों का पालन करने के निर्देश सभी बस ऑपरेटर्स एवं स्कूल संचालक को दिए हैं। उन्होंने 15 दिन की समयसीमा में राज्य शासन द्वारा निर्धारित सभी मार्गदर्शी सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, आरटीओ श्री संतोष मालवीय, शिक्षा विभाग के अधिकारी ,स्कूल बसों के संचालक एवं स्कूलों के संचालक मौजूद थे
   कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि स्कूल बस पीले रंग की होना चाहिए। बसों पर आगे एवम  पीछे की ओर  स्कूल बस लिखा  होना चाहिए। यदि अनुबंधित बस है तो उस पर भी " स्कूल  अनुबंधित बस " लिखा होना चाहिए। स्कूल बस में प्रत्येक बस में  एक एक फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रुप से मौजूद होना चाहिए। बसों की खिड़कियों में जाली लगी हो, प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाना चाहिए। बसों पर स्कूल का नाम एवं स्कूल का दूरभाष नंबर अंकित होना चाहिए और  बसों के दरवाजों पर लगने वाले लॉक ठीक स्थिति में  होना आवश्यक है।बसों में शिक्षित एवं प्रशिक्षित परिचालक होना चाहिए। किसी भी शिक्षक अथवा पालक को वे जब चाहे उस बस का निरीक्षण  करवाया जाए। बस का चालक कम कम-से-कम कम 5 वर्ष पुराना अनुभवी हो  एवं उस पर कभी ट्रैफिक नियम उल्लंघन का चार्ज नहीं लगा हो ,ऐसा होना चाहिए। बस की सीटों के नीचे पर्याप्त स्थान होना चाहिए, जहां बस्ते  रखे जा सके।कलेक्टर निर्देश दिया है कि स्कूलों में लगने वाली बसों की  फिटनेस चेक की जाए तथा मोटर यान अधिनियम के तहत  रजिस्टर्ड वाहन ही स्कूलों में अटैच किया जाए। कलेक्टर ने  कहा है कि उक्त  मार्गदर्शी निर्देशों का पालन कड़ाई से किया जाए एवं 15 दिवस में यदि उक्त नियमों का पालन नहीं होता है तो संबंधित बस आपरेटर स्कूलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बस को जप्त  की जाए।

 

डिफाल्टर किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर मूलधन जमा कराने का मौका दिया जाएगा 
किसानों के लिये नयी समाधान योजना 
उज्जैन | 29-दिसम्बर-2017
 
 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि किसानों के लिए नई समाधान योजना बनाई जा रही है। इसमें डिफाल्टर किसानों को मूलधन की किश्त बनाकर शून्य प्रतिशत ब्याज पर जमा करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीबों को आवासीय पट्टे देकर उन्हें अपने घर का मालिक बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। श्री चौहान ने बताया कि भोजपुर क्षेत्र के शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में 5 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

 

 

पटवारियों को मिलेंगे स्मार्ट फोन 
उज्जैन | 27-दिसम्बर-2017
 
  राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जनसामान्य की सुविधा के लिये राजस्व संबंधी प्रक्रिया में प्रकरणों का निराकरण निश्चित समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों में कम्प्यूटर टेक्नालॉजी का अधिकाधिक उपयोग किया जाये। 
   राजस्व मंत्री ने कहा कि स्थाई पट्टों का नवीनीकरण तथा स्थाई पट्टों की शर्त संबंधी परिपत्र संशोधित रूप में जल्द से जल्द जारी किया जाये। पटवारियों को स्मार्ट मोबाइल फोन खरीदने संबंधी आदेश जारी किये जा चुके हैं। पटवारियों को इसके लिये राशि उपलब्ध करवाई जायेगी। अब किसान स्वत: फसल बुवाई संबंधी आंकड़े भर सकेंगे। इसके लिये मोबाइल फोन पर यह सुविधा दी जायेगी। 
   मंत्रालय में "ई-ऑफिस" के संबंध में राजस्व विभाग की ओर से तैयारियाँ कर ली गईं है। ई-ऑफिस से सरकारी कामकाज की प्रक्रिया पेपर-लेस हो जायेगी। गिरदावरी के काम में होने वाली दिक्कतों और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाईन डेस्क शुरू की जायेगी। इसकी भी तैयारी कर ली गई है।

 

साढ़े सात लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण 

उज्जैन | 22-दिसम्बर-2017
 
 
 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिये वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी। इससे वे रोजगार पाने और स्वरोजगार स्थापित करने के काबिल बन सकेंगे।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है। इसके लिये प्रतिवर्ष युवाओं को विभिन्न प्रकार का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं जिसमें रोजगार की शत-प्रतिशत संभावनाएं हों। उन्होंने कहा कि हर जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार मेले आयोजित किये जायें। इनमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार संबंधी समुचित जानकारी दी जाये। साथ ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कम्पनियों को भी आमंत्रित किया जाये। उन्होंने प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
    मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के अंतर्गत तीन लाख दस हजार युवाओं को अल्पावधि का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनमें आईटीआई, कौशल विकास केन्द्र, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज, प्रशासकीय विभाग एवं अन्य अर्द्धशासकीय संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के लिये संथाओं को दो लाख 42 हजार 580 रुपये धनराशि के कार्यादेश भी जारी किये जा चुके हैं। इसी तरह, रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा भी शुरू की जायेगी।

 

 

भोपाल हाट में लघु भारत के दर्शन - जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र 

भोपाल में 13 दिवसीय आदि-महोत्सव का शुभारंभ 
उज्जैन | 20-दिसम्बर-2017
 
जनसम्‍पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने शाम भोपाल हाट में 13 दिवसीय आदि महोत्सव का शुभारंभ किया। भारत सरकार के आदिवासी कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत ट्रायफेड के इस कार्यक्रम में देश भर के आदिवासी शिल्पियों द्वारा विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की व्यवस्था की गई है।
   जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि भोपाल हाट में एक लघु भारत का निर्माण देखने को मिला। अलग-अलग प्रदेशों की संस्कृतियों को एक ही स्थान पर देखना विलक्षण अनुभव है। इसके साथ ही यहाँ विशिष्ट भारतीय संस्कृति और भाषाई एकता भी देखने को मिली है। जनसम्‍पर्क मंत्री ने कहा कि आदि महोत्सव जैसे कार्यक्रम शिल्पियों के आर्थिक उन्नयन में भी मददगार हैं। डॉ. मिश्र ने आदि महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी शिल्प की वस्तुओं को खरीदकर हुनरमंद कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाए।
   महोत्सव में 100 से भी अधिक स्टॉलों के माध्यम से आदिवासी कलाकृतियों का प्रदर्शन और विक्रय किया गया है। महोत्सव में 25 राज्यों के 100 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग ले रहे हैं। महोत्सव का विशेष आकर्षण प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से होने वाला आदिवासी गीत-संगीत और नृत्य है। महोत्सव में जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर नागालैण्ड तथा सिक्किम की आदिवासी कलाकृतियाँ एवं कपड़ों का प्रदर्शन-सह-बिक्री की जा रही है। महोत्सव में आदिवासियों में डिजिटल और ई-कॉमर्स को प्रोत्साहित करने के लिये सभी स्टॉलों पर क्रेडिट एवं डेबिट-कार्ड के माध्यम से पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके लिये आदिवासी कारीगरों को एसबीआई द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
   भारत की जनसंख्या में 8 प्रतिशत से अधिक आदिवासी हैं। इस तरह भारत में 10 करोड़ से भी ज्यादा आदिवासी जनसंख्या है। आदिवासियों की अपनी एक अलग अनूठी, मौलिक संस्कृति और कला मूल्य हैं। इसमें इनकी अनोखी प्राकृतिक सादगी झलकती है। इससे कोई भी प्रभावित हुए बिना नही रह सकता। भारतीय आदिवासियों का हस्तशिल्प विश्व विख्यात है। इसमें सूती, ऊनी और सिल्क की हाथ से बुने हुए वस्त्र, लकड़ी, धातु एवं टेराकोटा की आकर्षक कला-कृतियाँ प्रमुख हैं। बदलते परिवेश में आदिवासी कला को आधुनिक समाज से जोड़ने, आदिवासी कला और संस्कृति से आधुनिक समाज को अवगत कराने के लिये आदिवासी संस्कृति, व्यंजन और व्यवसाय की थीम पर आदि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री चौहान की हवाई पट्टी पर अगवानी 

उज्जैन | 19-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
   
 
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज मंगलवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे उज्जैन पहुंचे। उज्जैन पहुंचने पर दताना हवाई पट्टी पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी थीं।
    इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, विधायक श्री बहादुरसिंह चौहान, श्री मुकेश पण्ड्या, श्री इकबालसिंह गांधी, श्री श्याम बंसल, श्री बाबूलाल जैन, संभागायुक्त श्री एमबी ओझा, एडीजी श्री व्ही.मधुकुमार, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर सहित गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।       

नई राशन दुकान आवंटन में महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता 

गरीब महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित करेगा महिला आयोग 
उज्जैन | 14-दिसम्बर-2017
 
 
 
 
 
    राज्य शासन द्वारा प्रदेश में 5 हजार से अधिक नई राशन दुकानें खोलने की कार्यवाही की जा रही है। महिलाओं को राशन दुकान आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे सभी स्थानों पर, जहाँ आबादी 800 परिवार से अधिक है, वहाँ नई राशन दुकान खोलने की कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा श्रीमती लता वानखेड़े की अध्यक्षता में भोपाल में हुई नीतिगत बैठक मे दी गई। 
    श्रीमती वानखेड़े ने कहा कि जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी के माध्यम से महिला आयोग गरीब महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित करेगा। विधि एवं विधायी विभाग के सचिव ने बताया कि प्रत्येक जिले में जिला विधिक अधिकारी हैं जो आवेदन करने पर महिलाओं को सरकारी खर्च पर नि:शुल्क वकील उपलब्ध कराते हैं। भरण-पोषण के प्रकरणों में प्रदेश के कुटुंब न्यायालयों द्वारा काफी अच्छा काम किया जा रहा है। एक माह तक माँ-बच्चे को भरण-पोषण नहीं देने पर जेल की सजा का प्रावधान भी है। श्रीमती वानखेड़े ने उच्च शिक्षा विभाग को स्वशासी विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षिकाओं को चाइल्ड-केयर लीव संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
    महिला आयोग की अनुशंसा के पालन में महिला-बाल विकास विभाग ने बताया कि प्रदेश के सभी संभागों में कामकाजी महिलाओं के ठहरने के लिये वसति-गृह बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा 3 नए सुधार-गृह खोलने की भी कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि देश में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता का सर्वाधिक मानदेय मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश केन्द्रीय राशि 2 हजार रुपये के अतिरिक्त एक हजार रुपये अपनी तरफ से दे रहा है। 
   महिला आयोग ने अनुसूचित-जनजाति विभाग को कन्या छात्रावासों में रात के समय महिला अधीक्षक की अनिवार्य उपस्थिति और अधीक्षक का प्रत्येक 3 वर्ष में तबादला करने की अनुशंसा की। विभाग ने जानकारी दी कि महिला आयोग की अनुशंसा पर प्रत्येक कन्या छात्रावास में महिला चौकीदार की नियुक्ति के गत माह निर्देश जारी हो गये हैं। महिला आयोग ने प्रत्येक छात्रावास में सम्पूर्ण सुरक्षा, स्वच्छता और आवश्यक सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी स्कूलों में होगा बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण
    महिला आयोग की अनुशंसा पर स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष में एक बार सभी स्कूलों में बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण करवाने का आदेश जारी कर दिया है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग से कहा था कि कई बार बच्चे अपनी समस्याओं का हल न पाकर अवसाद की स्थिति में आ जाते हैं और अपना नुकसान कर बैठते हैं। इस परिस्थिति से बच्चों को बचाने के लिये उनका मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर उनके अच्छे भविष्य के लिये परामर्श दिया जाए। नगरीय प्रशासन विभाग ने बताया कि महिला आयोग की अनुशंसा पर सभी निजी महिला छात्रावासों को छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी निकट की पुलिस चौकी में दर्ज करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही, कहा गया है कि छात्रावास की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए और असामाजिक गतिविधि पाए जाने पर उन्हें तत्काल बंद कर दिया जाए।
 

 

भारत की संस्कृति अनुपम है : राज्यपाल प्रो. सोलंकी 
अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत हुए रचनाकार 
उज्जैन | 13-दिसम्बर-2017
 
 हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति में निहित है। भारत की संस्कृति अनुपम है। इस संस्कृति में अन्याय के ऊपर न्याय और अधर्म के ऊपर धर्म के मूल्य संस्थापित हैं। राज्यपाल प्रो.सोलंकी ने गत दिवस मानस भवन भोपाल में वर्ष 2015 एवं 2016 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से रचनाकारों को अलंकृत किया। राज्यपाल श्री सोलंकी ने इस अवसर पर "समारोह चित्रावली" का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने संस्कृति विभाग को इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये बधाई दी। संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
वर्ष 2015 के लिये अलंकृत रचनाकार
   अखिल भारतीय पुरस्कार से रचनाकार डॉ. लहरी सिंह (सीधी) को पं. माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार (निबंध), सुश्री सुषमा मुनीन्द्र (सतना) गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार (कहानी) डॉ. हरि जोशी (भोपाल) वीरसिंह देव पुरस्कार (उपन्यास), डॉ. साधना बलवटे (भोपाल) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार (आलोचना) एवं डॉ. विद्या बिन्दु सिंह (लखनऊ) पं. भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार (कविता) से सम्मानित किया गया।
   प्रादेशिक पुरस्कार से श्री मलय जैन (भोपाल) को पं. बालकृष्ण शर्मा "नवीन" पुरस्कार (उपन्यास), श्री चन्द्रभान राही (भोपाल) सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार (कहानी), डॉ. वीणा सिन्हा (भोपाल) श्रीकृष्ण सरल पुरस्कार (कविता), डॉ.कृष्ण गोपाल मिश्र (होशंगाबाद) आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी पुरस्कार (आलोचना), श्री शांतिलाल जैन (भोपाल) राजेन्द्र अनुराग पुरस्कार (व्यंग्य, ललित निबंधन, डायरी, संस्मरण आदि), सुश्री मधु शुक्ला (भोपाल) दुष्यन्त कुमार पुरस्कार (प्रदेश के लेखक की पहली कृति) एवं श्री नरेन्द्र श्रीवास्तव (गाडरवारा) को जहूर बख्श पुरस्कार (बाल साहित्य) अलंकृत किये गये।
वर्ष 2016 के लिये अलंकृत रचनाकार
   अखिल भारतीय पुरस्कार से रचनाकार डॉ. सुरेश मिश्र (भोपाल) को पं. माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार (निबंध), डॉ. अमिता दुबे (लखनऊ) गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार (कहानी), श्री गुणसागर सत्यार्थी (टीकमगढ़) वीरसिंह देव पुरस्कार (उपन्यास), श्री भगवंतराव दुबे (जयपुर) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार (आलोचना) एवं श्रीमती अनीता सक्सेना (भोपाल) को पं. भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार  (कविता) से सम्मानित किया गया।
   वर्ष 2016 के प्रादेशिक पुरस्कार से सम्मानित रचनाकार हैं:- श्री जगदीश जोशीला (खरगौन) को पं. बालकृष्ण शर्मा "नवीन" पुरस्कार (उपन्यास), डॉ. अनीता सिंह चौहान, भोपाल सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार (कहानी), श्री संत कुमार मालवीय "संत" (भोपाल) श्रीकृष्ण सरल पुरस्कार (कविता), डॉ. बहादुर सिंह परमार (छतरपुर) आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी पुरस्कार (आलोचना), डॉ. पुरुषोत्तम चक्रवर्ती (भोपाल) हरिकृष्ण प्रेमी पुरस्कार (नाटक), श्री विजयमोहन तिवारी (भोपाल) राजेन्द्र अनुरागी पुरस्कार (व्यंग्य, ललित निबंध, डायरी, संस्मरण आदि), श्रीमती शीला मिश्रा (भोपाल) दुष्यन्त कुमार पुरस्कार (प्रदेश के लेखक की पहली कृति), श्री देवेन्द्र सिह "दाऊ" (भिण्ड) ईसुरी पुरस्कार (लोक भाषा विषयक) एवं डॉ. कैलाश गुप्ता "सुमन" (मुरैना) को जहूर बख्श पुरस्कार (बाल साहित्य) से नवाजा गया।
वर्ष 2017 से पुरस्कार राशि में वृद्धि
   संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा ने इस अवसर पर घोषणा की कि वर्ष 2017 से मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के अखिल भारतीय पुरस्कार में दी जाने वाली राशि 51 हजार के स्थान पर एक लाख रुपये और प्रादेशिक पुरस्कार में दी जाने वाली 31 हजार के स्थान पर 51 हजार रुपये होगी। साथ ही संस्कृति विभाग द्वारा लोकभाषा के 6 पुरस्कार स्थापित करने की घोषणा भी की गई।
   प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ विभिन्न प्रकार के सर्वाधिक 81 पुरस्कार दिये जाते हैं। श्री श्रीवास्तव ने पुरस्कारों की संख्या और कार्यक्षेत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
 

 

प्रा नदी में कहीं से भी न मिले गन्दा पानी 

संभागीय समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने दिए निर्देश 
उज्जैन | 12-दिसम्बर-2017
 
  
   शिप्रा नदी को स्वच्छ रखने के लिए यह आवश्यक है कि शिप्रा नदी में कहीं से भी गन्दा पानी न मिले। इसके लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग जिन-जिन स्थानों से शिप्रा नदी में सीवर, नालों आदि का गन्दा पानी मिल रहा हो, वहां-वहां जाकर तुरन्त प्रभावी उपाय करें, जिससे गन्दे पानी को शिप्रा में मिलने से पूर्ण रूप से रोका जा सके। इसके लिये वे स्वयं अधिकारियों के दल के साथ शिप्रा नदी उद्गम स्थल उज्जयिनी ग्राम से केडी पैलेस तक मुआयना करेंगे तथा देखेंगे कि किन-किन स्थानों पर शिप्रा नदी में गन्दा पानी मिल रहा है। हर हालत में शिप्रा नदी को पूर्ण रूप से शुद्ध बनाना है।
   संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने आज मंगलवार को संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ये बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि शिप्रा शुद्धिकरण न्यास की गत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार हर सम्बन्धित विभाग अपना पालन प्रतिवेदन अविलंब प्रस्तुत करें। बैठक में अपर आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव, निगम आयुक्त श्री विजय कुमार जे. सहित सभी संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
जहां-जहां स्थान हो वृक्षारोपण करें
   संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर जहां-जहां स्थान हो, वृक्षारोपण किया जाए। इसके लिए वन विभाग एवं उद्यानिकी विभाग संयुक्त रूप से कार्य योजना बनाकर वृक्षारोपण करवाए। अपर आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने एवं उसके दोनों ओर वृक्षारोपण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
मंगलनाथ व सिद्धवट में सफाई कराएं
   संभागायुक्त ने कहा कि शिप्रा नदी के पास मंगलनाथ एवं सिद्धवट क्षेत्र में काफी गन्दगी देखने को मिलती है। नगर निगम दोनों स्थानों पर निरन्तर साफ-सफाई कराए।
पानी शुद्धि के लिए पम्प लगवाएं
   बैठक में नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि शिप्रा नदी में रामघाट के पास 02 तैरते हुए फव्वारे लगाए जाने की योजना है, जो कि काफी कीमती हैं। इस पर संभागायुक्त ने कहा कि महंगे फव्वारे तो लग जाएंगे, लेकिन जो काम कम कीमत में तुरन्त हो सके, वो कराया जाए, जिससे शिप्रा जल शुद्ध रहे। उन्होंने कहा कि साधारण पम्प लगाकर शिप्रा नदी में फव्वारे तुरन्त चालू कराए जाएं। यह पानी की शुद्धि के लिये आवश्यक है।
कोई नाला नहीं मिल रहा शिप्रा नदी में
   बैठक में नगर निगम आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शिप्रा नदी में नगर का कोई भी नाला नहीं मिल रहा। खान नदी का पानी भी शिप्रा में नहीं मिल रहा। संभागायुक्त ने खान डायवर्शन की कमियां दूर करने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारी को दिए। रूद्र सागर की पाइप लाइन को मंगलनाथ तक ले जाने के निर्देश भी दिए गए।
25 कुए-बावड़ियों का संरक्षण
   बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि उज्जैन स्थित 150 कुए-बावड़ियों के संरक्षण के सम्बन्ध में नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाए। इस पर नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई चालू है तथा वर्तमान में 25 कुए एवं बावड़ियों का संरक्षण कार्य जारी है। रूद्र सागर सहित सप्त सागरों का विकास किए जाने के निर्देश भी दिए गए।
घाटों की मरम्मत कराएं
   संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के दोनों तटों पर स्थित विभिन्न घाटों की मरम्मत तुरन्त करवाई जाए। जहां-जहां लाल पत्थर टूट गए हैं, उनकी मरम्मत का कार्य नगर निगम एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण कराए। त्रिवेणी मोक्षधाम को भी सुन्दर बनाया जाए। शिप्रा के आसपास से अवैध उत्खनन को रोकने के निर्देश खनिज विभाग को दिए गए।

 

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ अब कक्षा बारहवीं में 70 प्रतिशत अंक पर मिलेगा 
आय सीमा 8 लाख होगी, सौ से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों को डेढ़ गुना पूंजी अनुदान
उज्जैन | 11-दिसम्बर-2017
 
 
 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले वर्ष से कक्षा बारहवीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना में सरकारी महाविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को शामिल किया जायेगा। उन्होंने इसमें आय सीमा आठ लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की। जिन उद्योगों द्वारा एक सौ से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा, उन उद्योगों को अब डेढ़ गुना अधिक पूंजी अनुदान दिया जायेगा। 
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ जेईई मुख्य परीक्षा में डेढ़ लाख तक मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को दिया जायेगा। विद्यार्थियों के परिवार की सालाना आमदनी की सीमा छह से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत नये पाठ्यक्रम भी जोड़े जायेंगे। इससे ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी आदि कारणों से जो अभ्यर्थी पटवारी परीक्षा से छूट गये हैं, उनके लिये आगामी 29 दिसम्बर को फिर से परीक्षा आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी में लगभग 90 हजार पदों के लिये भर्ती होगी। मुख्यमंत्री युवा सशक्तिकरण मिशन के तहत हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार के लिये प्रशिक्षित किया जायेगा।  
नये सिरे से शुरु होगा बेटी बचाओ अभियान
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में नये सिरे से समाज की भागीदारी से बेटी बचाओ अभियान शुरु किया जायेगा। जिसमें संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोर दिया जायेगा। समाज जागरुक होकर बेटियों को बचाने के लिये उपाय करें। सभी नागरिक अपने-अपने शहरों और गांवों को स्वच्छ बनाने में जुट जायें। राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रुप में मना रही है। गरीबों के कल्याण के लिये गरीब एजेंडा बनाया गया है। इसके अंतर्गत गरीबों को रोटी-कपड़ा और मकान तथा उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई एवं दवाई का समुचित इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो पात्र व्यक्ति सस्ते राशन से छूट गये हैं, उन्हें भी पात्रता पर्ची जारी करने का निर्णय लिया गया है। कोई भी निर्धन व्यक्ति सस्ते राशन से वंचित नहीं रहेगा। सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण के लिये परिवार की महिला खाते में अब हर माह एक हजार रुपये जमा किये जायेंगे। सभी आवासहीन व्यक्तियों को मकान के लिये भूखंड उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सहायता भी उपलब्ध करायी जायेगी। अगले वर्ष दिसम्बर के अंत तक अनुसूचित जनजाति के सभी आवासहीन व्यक्तियों को आवास स्वीकृत किये जायेंगे। वर्ष 2022 तक कोई भी आवासहीन व्यक्ति शेष नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। 
    श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिये समाज के सहयोग से दीनदयाल रसोई योजना सफलतापूर्वक चल रही  है। बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन कराने के लिये मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना अंतर्गत नये तीर्थ भी जोड़े गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिये पहले गर्मियों में प्याज, उड़द, मूंग और अरहर समर्थन मूल्य पर खरीदी गयी है। अब किसानों के हित के लिये भावांतर भुगतान योजना शुरु की गई है। इस योजनांतर्गत 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर बीच जिन किसानों ने अपनी फसल बेची थी, उन्हें 139 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। जिन किसानों ने 1 से 30 नवम्बर के बीच अपनी फसल की बिक्री की है उनके खातों में भावांतर भुगतान की राशि 20 से 30 दिसम्बर के बीच पहुंच जायेगी। 
युवा उद्यमी बनें और प्रदेश के विकास में योगदान करें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ-बहनों और बेटियों की सुरक्षा के लिये विधानसभा में एक क्रांतिकारी विधेयक पारित किया गया है। इसमें मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वाले नर-पिशाचों के लिये फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आगामी 19 दिसम्बर से 22 जनवरी तक आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा निकाली जायेगी जिसमें अद्वेत वेदांत के प्रचार के साथ गांव-गांव से धातु के कलश में मिट्टी इकट्ठी की जायेगी जिसका उपयोग ओकारेश्वर में स्थापित होने वाली आदिशंकराचार्य की विशाल प्रतिमा में किया जायेगा। इस यात्रा में भी बेटी-बचाओं का संदेश दिया जायेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मुख्यमंत्री युवा उद्ममी योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यमी बनें और प्रदेश के विकास में योगदान दें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरु की गई मुद्रा योजना का लाभ लें।
युवाओं की सफलता का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस दौरान प्रदेश के कई युवाओं की सफलताओं का उल्लेख किया जिन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने सतना के श्री मदन सिंह का उल्लेख किया जिन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की मदद से खुद का कारखाना शुरु किया है जिसमें राईस मिल में लगने वाले उपकरण बनाये जाते हैं। इसी तरह सीहोर की श्रीमती रीना मेवाड़ा पहले मजदूरी करती थीं अब उन्होंने बैग निर्माण की इकाई स्थापित की है। वे अब अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन कर रही हैं। सागर जिले के बीना के श्री सुरेन्द्र सिंह पहले किराये का आटो चलाते थे अब योजना की मदद से खुद का आटो चला रहे हैं। उज्जैन की ईरम खान ने खुद का मनोरंजन पार्क शुरु किया है। नीमच जिले के ग्राम तुम्बा के उदयलाल विद्युत चाक से अब 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बीत रहे वर्ष की उपलब्धियों की चर्चा करते हुये कहा कि यह वर्ष उपब्धियों भरा रहा। इस दौरान मध्यप्रदेश कृषि विकास दर में अव्वल तथा विकास दर में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान जनता के कल्याण और प्रदेश के विकास का रोडमेप बनाया गया। राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वे में प्रदेश के 22 शहरों ने स्थान बनाया। उन्होंने देवास जिले में हाल ही में शहीद हुये सैनिक स्वर्गीय नीलेश धाकड़ को श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि पूरी सरकार उनके परिवार के साथ है। 
युवाओं के प्रश्नों के जवाब दिये
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के प्रश्नों और सुझावों के जवाब दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में डिजाईन और कॉपी राईटिंग के कोर्स शुरु किये जायेंगे। स्वरोजगार योजनाओं में आदिवासी और पिछड़े जिलों के युवाओं को विशेष रुप से प्रोत्साहित किया जायेगा। युवा सशक्तिकरण मिशन में उद्योगों की मांग के अनुसार व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। पोषण-आहार निर्माण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों का फेडरेशन बनाया जायेगा। अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और मशीनों के प्रदर्शन के लिये राज्य-स्तर पर मेला लगाया जायेगा।
 

 

19 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में 1960 करोड़ के कार्य प्रारम्भ 

उज्जैन | 08-दिसम्बर-2017
 
  प्रदेश के 19 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में 1960 करोड़ रुपये लागत के अधोसंरचना विकास के कार्य प्रारंभ किये गए हैं। यह सभी कार्य दिसम्बर-2018 तक पूरे करवा लिये जाएंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने निर्माण एजेंसियों को अधोसंरचना के कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिये हैं।
   इन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में मोहासा-बाबई द्वितीय चरण, बड़ियाखेड़ी जिला सीहोर, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर (नेट्रिप), आई.टी. पार्क नॉन एस.ई.जेड. इंदौर, जेतापुर-पलासिया जिला धार, सीतापुर फेस-2 जिला मुरैना, फूड पार्क बड़ौदी जिला शिवपुरी, कुम्भराज जिला गुना, पिपरसेवा, प्लास्टिक पार्क बिलौआ जिला ग्वालियर, उमरिया-डुंगरिया, ताजपुर जिला उज्जैन, नमकीन क्लस्टर रतलाम, झांझरवाड़ा जिला नीमच, विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन, सिरसौदा जिला देवास, सिद्धगवां फेस-2 जिला सागर, मैहर जिला सतना, बाबूपुर जिला सतना में 2817 हेक्टेयर भूमि में 1960 करोड़ रुपये के कार्य प्रारंभ किये गए हैं। इन कार्यों में मुख्य रूप से सड़कों का निर्माण, बिजली सुधार के कार्य, औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था और सीवेज तथा ड्रेनेज के कार्य प्रमुख हैं।
   नवीन औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा जिला भोपाल, बगरोदा जिला भोपाल, प्लास्टिक पार्क तामोट जिला रायसेन, कीरतपुर जिला होशंगाबाद पहला चरण, मोहासा-बाबई प्रथम चरण, रेल्वा खुर्द खजूरी जिला बड़वानी और कसारवार्डी जिला झाबुआ में करीब 576 हेक्टेयर भूमि में 230 करोड़ रुपये के अधोसंरचना के विकास कार्य करवाये जा चुके हैं। इसके साथ ही, 15 औद्योगिक क्षेत्र में फूड पार्क पिपरिया, पीथमपुर, सांवेर रोड, पोलो-ग्राउण्ड, देवास, मनेरी, रिछाई, मालनपुर, प्रतापपुर, मण्डीदीप, गोविंदपुरा, सिद्धगवां, पुरैना, महाराजपुरा और सतना में 480 करोड़ रुपये खर्च कर उच्च-स्तरीय अधोसंरचना के कार्य करवाये गए हैं।
विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन में जल-प्रदाय योजना
   औद्योगिक क्षेत्र विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन एवं पीथमपुर में 90 एमएलडी जल-प्रदाय योजना के कार्य प्रगति पर हैं। अधोसंरचना के इन कार्यों में लगभग 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं जिसे दिसम्बर-2018 तक पूरा कर लिया जाएगा।

 

257 मण्डी समिति अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल में छह माह की वृद्धि 
सूखे की स्थिति के मद्देनजर लिया फैसला 
उज्जैन | 06-दिसम्बर-2017
 
 
    राज्य शासन ने प्रदेश की निर्वाचित मण्डी समितियों की अवधि में वर्तमान अवधि के समाप्त होने की तारीख से छह माह या नये निर्वाचन होने तक, जो भी पूर्वतर हो, की वृद्धि की है। मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम 1972 की धारा 13 की उपधारा (2) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है।
    किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार मंडी समितियों का निर्वाचन, प्रदेश में अल्प वर्षा से उत्पन्न सूखे की स्थिति के कारण, करवाना संभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों के अध्यक्ष और सदस्यों के निर्वाचन दिसम्बर 2017 में निर्धारित थे।

 

12 वर्षों में मध्य प्रदेश को बदलने की कोशिश की है आगे और तेजी से बदलाव होगा 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिदपुर में 12 वर्ष पूर्ण होने पर आमसभा को सम्बोधित किया 
उज्जैन | 29-नवम्बर-2017
 
 
  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 सालों में हरेक सांस चली है तो वह मध्य प्रदेश की जनता के लिये चली है। कैसे मध्य प्रदेश का विकास करूं, यही चिन्तन निरन्तर बना रहा है। उन्होंने कहा कि “मैंने मुख्यमंत्री बनकर खुद को इतना बड़ा नहीं होने दिया कि आम जनता से कट जाऊं। मेरे लिये मेरी जनता ही भगवान है। मुख्यमंत्री नहीं मैं सेवक हूं, जनता की पूजा भगवान महाकाल की पूजा है।” मुख्यमंत्री ने यह बात आज उज्जैन जिले के महिदपुर कस्बे में विकास यात्रा एवं अन्त्योदय कार्यक्रम के अवसर पर आमसभा को सम्बोधित करते हुए कही।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने दिन-रात 12 वर्षों में मध्य प्रदेश को बदलने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र का मेहनती किसान दिन-रात एक करके पसीना टपकाता है। इस क्षेत्र का भूमिगत जल बहुत नीचे चला गया है। वैज्ञानिकों की राय के विरूद्ध जाकर मैंने नर्मदा का पानी शिप्रा में डालने का काम किया है। शिप्रा के बाद अब नर्मदा फरवरी-2018 तक गंभीर से जुड जायेगी। इसके बाद पार्वती, कालीसिंध और नर्मदा को चंबल तक ले जाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के किसान को पानी दे दिया जाये, धरती की प्यास बुझा दी जाये, तो वह खेती में कमाल कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकार को किसान के साथ खड़ा कर दिया है। आठ रूपये किलो प्याज खरीदकर सरकार ने किसानों का प्याज खराब नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री भावान्तर योजना के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य के नीचे फसल बिकने पर घाटा होने से बचाने के लिये नई योजना बनाई है। समर्थन मूल्य के नीचे यदि भाव गिरता है तो किसानों को मॉडल मूल्य से अन्तर निकालकर अन्तर की राशि उनके खाते में जमा कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 अकटूबर से 31 अक्टूबर तक के सोयाबीन के भावान्तर की राशि 477 रूपये प्रति क्विंटल किसानों के खाते में जमा हो चुकी है। एक से 30 नवम्बर तक की राशि भी 15 दिसम्बर तक जमा करा दी जायेगी। उन्होंने खेती पर बोझ कम करने की बात करते हुए कहा कि किसानों के बेटे-बेटियां कृषक उद्यमिता योजना का लाभ लेकर खेती के साथ-साथ अन्य व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस योजना में 10 लाख से लेकर 02 करोड़ रूपये तक का ऋण दिया जायेगा, बैंक गारंटी सरकार देगी। यही नहीं 15 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देगी और आगामी पांच वर्ष तक पांच प्रतिशत का ब्याज ही लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य करते हुए मृत्यु होने पर किसानों को चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों को आश्वस्त किया कि कोई भी गरीब बिना आवास के पट्टे के नहीं रहेगा तथा चार साल में सभी गरीबों को पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। 

 

तीन दिवसीय शैव महोत्सव का आयोजन होगा 
17 उपसमितियों का गठन, उपसमितियों को सौंपे दायित्व 
उज्जैन | 27-नवम्बर-2017
 
  
    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय शैव महोत्सव का अयोजन होगा। यह आयोजन 5 जनवरी से 7 जनवरी तक होगा। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेष्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री संकेत भोंडवे ने 17 उपसमितियों का गठन कर उन्हें अपने-अपने दायित्व सौंपे है। कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 
    आदेश के मुताबिक सत्कार उपसमिति में ए.डी.एम., एस.डी.एम. श्री सोलंकी एवं प्रशासक श्री प्रदीप सोनी रहेंगे। टेन्ट, माईक, लाईट समिति में यू.डी.ए. के सीईओ. श्री अभिषेक दुबे एवं उनके सहयोगी रहेंगे। मंचीय कार्यक्रम समिति में स्मार्ट सिटी के सीईओ. श्री अवधेष शर्मा एवं सहायक प्रशासक श्रीमती प्रीति चैहान रहेंगी। यातायात समिति में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डी.एस.पी. यातायात श्री उपाध्याय, संभागीय परिवहन अधिकारी और नगर निगम उपायुक्त श्री मनोज पाठक रहेंगे। इसी तरह भोजन व्यवस्था समिति में प्रषासक श्री प्रदीप सोनी, जिला खाद्य नियंत्रक श्री राजेन्द्र वाईकर, खाद्य अधिकारी श्री शैलेष गुप्ता होंगे। आवास व्यवस्था समिति में ए.डी.एम. और एस.डी.एम. शोभाराम सोलंकी होंगे। सुरक्षा व्यवस्था समिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री एवं जिला सैनानी होमगार्ड श्री सुमत जैन रहेंगे। 
    इसी प्रकार प्रकाशन समिति में सहायक प्रशासक श्रीमती प्रीति चौहान व पंचायतीराज मुद्रणालय के प्रबंधक श्री विनय तिवारी रहेंगे। प्रचार -प्रसार समिति में उपसंचालक जनसंपर्क श्री पंकज मित्तल, श्रीमती गौरी जोशी, श्री संतोष उज्जैनिया रहेंगे। सांस्कृतिक समिति में जिला शिक्षा अधिकारी श्री संजय गोयल व जनपद पंचायत सीईओ. श्रीमती कीर्ति रहेंगी तथा प्रदर्शनी समिति में उपसंचालक जनसंपर्क श्री पंकज मित्तल, संतोष उज्जैनिया, वरिष्ठ कलाकार श्री सत्यनारायण मौर्य रहेंगे। इसी प्रकार शोभायात्रा समिति में एस.डी.एम. श्री क्षितिज शर्मा, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त रहेंगे। वित्त प्रबंधन समिति में प्रशासक श्री प्रदीप सोनी एवं ए.टी.ओ. श्री बी.एस. राणावत और सूचना व प्रोद्यौगिकी समिति में एन.आई.सी. के श्री धर्मेन्द्र सिंह यादव रहेंगे। स्वच्छता व पेयजल समिति में उपायुक्त नगर निगम श्री मनोज पाठक, उपायुक्त श्री सुबोध जैन, स्वास्थ्य अधिकारी श्री मेहते, पी.एच.ई. के कार्यपालन यंत्री और नगर निगम के उपयंत्री श्री पीयूष भार्गव को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य समिति में डॉ. प्रदीप व्यास और जन सहयोग समिति में प्रषासक श्री प्रदीप सोनी रहेंगे। 
    कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने उपसमितियों को निर्देश दिये है कि उन्हें सौंपे गये दायित्वों को पूर्ण करने के संबंध में अपने स्तर से कर्मचारियों की ड्यूटी लगायें और सौंपे गये कार्यो को पूर्ण करने की कार्य योजना बनायें। संपूर्ण व्यवस्था एवं समितियों के समन्वयकर्ता प्रशासक श्री प्रदीप सोनी रहेंगे।
विश्व स्तर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग के माहात्म्य को प्रसारित करना
    पुण्य सलिला क्षिप्रा तट किनारे बसी उज्जैयिनी नगरी की पावनता प्रतिष्ठा एवं प्रसिद्धी निरंतर बनी हुई है। प्रचीन नगरी उज्जैयिनी में श्री द्वादष ज्योतिर्लिंग समागम शैव महोत्सव का आयोजन 5, 6 एवं 7 जनवरी को मनाया जायेगा। शैव महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग के माहात्म्य को प्रसारित करना है। साथ ही आध्यात्मिक मनोभाव के साथ में उज्जैयिनी नगरी में धार्मिक पर्यटन को बढावा देना है।

 

भावान्तर भुगतान योजना-सफलता की कहानी 
घटते सोयाबीन के भावों में भावान्तर योजना किसानों का ‘सुरक्षा कवच’ बनी, किसान कमल सिंह ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा “योजना निरन्तर लागू रहे” 
उज्जैन | 25-नवम्बर-2017
 
 
   इस बार खरीफ फसल में किसानों के घर में कम बारिश की वजह से सोयाबीन की फसल कम आई, ऊपर से 2400-2500 का भाव देखकर किसानों के होश उड़ गये। किसानों को लगा कि औने-पौने दाम पर फसल बेचकर उन्हें घाटा होना है, किन्तु मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भावान्तर योजना ने घटते भावों में किसानों को संजीवनी प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन में 22 नवम्बर को बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित कर किसानों के खातों में भावान्तर योजना की राशि अन्तरित की। इन्हीं किसानों में से एक तराना तहसील के ग्राम टुकराल के श्री कमलसिंह के खाते में भावान्तर योजना की 67 हजार 854 रूपये की राशि जमा हुई है। श्री कमलसिंह उज्जैन जिले के वो प्रगतिशील किसान हैं, जिन्होंने भावान्तर योजना में उज्जैन जिले में सर्वाधिक राशि प्राप्त की।
   37 वर्षीय युवा किसान कमलसिंह चर्चा में बताते हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा निकाली गई इस योजना के कारण उन्हें बड़ा लाभ मिला है और औसतन उनकी सोयाबीन का मूल्य उन्हें 3016 रूपये क्विंटल मिल गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को इस किसान हितैषी योजना के लिये बधाई देते हुए कमलसिंह कहते हैं कि यह योजना आगे भी चालू रहेगी तो किसानों को बड़ा लाभ होगा। कमलसिंह ने बताया कि गत वर्ष उन्होंने 2700 से 2800 रूपये क्विंटल के भाव में सोयाबीन बेचकर संतोष कर लिया था, किन्तु इस बार उनके खाते में सरकार के खजाने से 68 हजार रूपये जमा हुए तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। वे बताते हैं उन्होंने 155 क्विंटल सोयाबीन मंडी में जाकर बेचा और सोयाबीन बेचने के लिये वे पंजीयन के बाद 16 अक्टूबर तक इंतजार करते रहे। जैसे ही मुख्यमंत्री भावान्तर योजना शुरू हुई, उन्होंने उज्जैन मंडी में जाकर अपना सोयाबीन बेचा। कमलसिंह ने कहा कि भावान्तर योजना नहीं होती तो उन्हें इन्हीं भावों पर मन मसोसकर समझौता करना पड़ता, किन्तु किसान के लिये एक तरह से सुरक्षा कवच सिद्ध हुई इस योजना से वे ही नहीं, उनके इलाके के सैकड़ों किसान लाभान्वित हुए हैं और वे मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं।
437 रू. प्रति क्विंटल का फायदा
   कमलसिंह बताते हैं कि उन्होंने भावान्तर योजना में चार बार अपनी सोयाबीन बेची तथा भावान्तर की राशि के रूप में उन्हें औसत 3016 रूपये प्रति क्विंटल का भाव प्राप्त हो गया। उन्हें प्रति क्विंटल 473 रूपये सोयाबीन का भावान्तर प्राप्त हुआ, जो कि एक वरदान के रूप में उन्हें मध्य प्रदेश शासन से प्राप्त किया है। इसके लिये वे सरकार के अत्यधिक आभारी हैं। उन्होंने अपनी सोयाबीन 37.80 क्विंटल 2531 रूपये प्रति क्विंटल, 41.75 क्विंटल सोयाबीन 2561 रूपये प्रति क्विंटल, 41.41 क्विंटल सोयाबीन 2660 रूपये प्रति क्विंटल तथा 34.56 क्विंटल सोयाबीन 2431 रूपये प्रति क्विंटल में बेची। इस प्रकार उन्होंने कुल 155.52 क्विंटल सोयाबीन 4 लाख 539 रूपये में बेची।
गत वर्षों कई बार भारी घाटा आया
   ग्राम टुकराल जिला उज्जैन के किसान कमलसिंह ने चर्चा में यह भी बताया कि विगत पांच सालों से सोयाबीन के भाव में काफी उतार-चढ़ाव आता रहा है। वर्ष 2016 में जहां 2700-2800 का भाव था, वहीं इसके पहले सोयाबीन 5000 रूपये क्विंटल तक बिकी है। वे याद करते हैं कि पांच साल पहले तो 1700-1800 के भाव में ही सोयाबीन बेचना पड़ी थी। अब भावान्तर योजना के आने से किसानों को अपनी फसल के भावों में उतार-चढ़ाव की फिक्र नहीं होगी और वे आसानी से कहीं भी अपनी फसल बेच सकेंगे।

विधानसभा क्षेत्रों में वीवीपेट-ईवीएम की जानकारी देगी जागरूकता वेन 

उज्जैन | 23-नवम्बर-2017
 
 
 
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपेट की जानकारी देने के लिए जागरूकता वेन को हरी झंडी दिखाकर सीईओ कार्यालय से रवाना किया। मतदाता जागरूकता वेन एक माह तक जिलों में ईवीएम और वीवीपेट के उपयोग के अलावा वोटर लिस्ट के विशेष संक्षिप्त कार्यक्रम की जानकारी देगी। प्रदेश के सभी जिलों के लिए 37 मतदाता जागरूकता वेन ईवीएम और वीवीपेट के उपयोग का प्रचार-प्रसार करेगी। मतदाताओं को वीवीपेट पर आधरित लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी। श्रीमती सलीना सिंह ने आज ग्वालियर और चम्बल संभाग के जिलों के लिये पांच जागरूकता वेन को रवाना किया।
   जागरूकता वेन मतदाताओं को निर्वाचन संबंधी प्रेरक जानकारी देगी। आकर्षक नारों से युक्त वेन प्रदेशवासियों को अपना वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने की प्रक्रिया से भी अवगत करवायेगी। जिलों में कलेक्टर के मार्गदर्शन में इनका रूट निर्धारित होगा। राज्य स्तर पर वेन की मॉनीटरिंग होगी। जागरूकता वेन सभी 230 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में पहुँचेगी।
 

 

 
 
  
 
 
 
 
  
  • Address: Harihar Bhavan Nowgong Dist. Chatarpur Madhya Pradesh  , Mo : 98931-96874 , Email :  This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. Web : www.ganeshshankarsamacharsewa.in