Wednesday, December 11News That Matters

हनी ट्रैप / आयकर विभाग का आरोप…दो एजेंसियां आमने-सामने एसआईटी का जवाब…

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भोपाल | बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में जानकारी साझा करने को लेकर आयकर विभाग और एसआईटी आमने-सामने आ गए हैं। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने कहा है कि दो बार चिट्ठी भेजने और कई बार मौखिक अनुरोध के बाद भी एसआईटी हनी ट्रैप में हुए वित्तीय लेन-देन की जानकारी साझा नहीं कर रही। उधर, एसआईटी का कहना है कि अब तक जो कैश जब्त किया गया है, उसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जा चुकी है। उन्हें ज्यादा जानकारी चाहिए तो हाईकोर्ट जाना होगा।

आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग के डायरेक्टर इंटेलिजेंस आलोक जौहरी ने कहा कि विंग ने सितंबर में हनी ट्रैप मामले का खुलासा होने के तुरंत बाद एसआईटी को चिट्ठी लिखकर आरोपी महिलाओं को मिले पैसे की डिटेल साझा करने को कहा था। इसके बाद नवंबर माह में दूसरी बार एसआईटी को चिट्ठी लिखी गई, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। जौहरी ने कहा कि मीडिया खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विभाग अपने स्तर पर इसकी छानबीन नहीं कर सकता। उसे इस मामले में जांच के लिए कुछ पुख्ता दस्तावेज चाहिए, जो उन्हें अब तक नहीं मिले हैं।

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आरोपी श्वेता विजय जैन के आईसीआईसीआई बैंक स्थित लॉकर से 47 लाख रुपए की नकदी मिली थी। यह लॉकर एसआईटी ने ही खोलेे थे। वह आयकर विभाग की टीम साथ नहीं ले गई।
आरोपी मोनिका यादव की डायरी में छत्तीसगढ़ के कुछ नौकरशाहों द्वारा गोवा में हवाला के माध्यम से 2 करोड़ रुपए हनी ट्रैप गैंग को देने की बात सामने आई थी।