Saturday, March 28News That Matters

सरकार पर छाए संकट के बीच कमलनाथ कर रहे ताबड़तोड़ नियुक्तियां

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे से एक तरफ राज्य सरकार पर संकट छाया हुआ है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कमलनाथ संवैधानिक पदों पर लगातार नई नियुक्तियां कर रहे हैं. पिछले 3 दिन में कमलनाथ सरकार ने दूसरी कैबिनेट बैठक कर कर्मचारियों के डीए बढ़ाए जाने से लेकर तीन नए जिला बनाने जैसे अहम फैसले लिए हैं. इसी का नतीजा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राजभवन जाकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर सरकार की ओर से जा रही नियुक्तियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है.

कमलनाथ सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में तीन नए जिला बनाने का फैसला किया है, जिनमें मैहर, चाचौड़ा और नागदा को नया जिला बनाए जाने की मंजूरी दी है. इसी के साथ अब मध्य प्रदेश में अब 55 जिले हो गए. कमलनाथ ने इस फैसले से राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की है. बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी लंबे समय से मैहर जिला बनाए जाने की मांग करते रहे हैं तो दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह भी चाचौड़ा को लंबे समय से जिला बनाने की मांग कर रहे थे. वहीं, नागदा को जिला बनाने की मांग विधायक दिलीप सिंह गुर्जर कर रहे थे.

मुख्यमंत्री कमलनाथ सोमवार को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कई संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां करने का फैसला किया. इसमें कांग्रेस नेता शोभा ओझा को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया तो अभय तिवारी मध्य प्रदेश युवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया. वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री ने जेपी धनोपिया राज्य पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया तो गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी को अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

कमलनाथ ने सोमवार को एम गोपाल रेड्डी को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया है. उन्होंने सोमवार रात को ही कार्यभार संभाल लिया. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव रहे सुधि रंजन मोहंती को प्रशासन अकादमी का डीजी नियुक्त किया गया है. मुख्य सचिव के बदले जाने को लेकर शिवराज सिंह चौहान राजभवन में दस्तक दी है.

शिवराज ने कहा कि रातोरात चीफ सेक्रेटरी बदले जा रहे हैं, जैसे इनके घर की खेती हैं. ये सभी नियुक्तियां असंवैधानिक हैं. आरोप लगाया है कि चीफ सेक्रेट्री के पद पर दागी अफसर की नियुक्ति की गई. बिजली नियामक आयोग अध्यक्ष के पद पर भी ऐसे ही अधिकारी की नियुक्ति की कोशिश कर रही है. ये तो ऐसे हो रहा है जैसे कोई फौज हारती है, तो जाते-जाते जितना लूट सको लूट लो. ये बिल्कुल गलत है. इसलिए ये सभी नियुक्तियां रद्द होनी चाहिए.

वहीं, कमलनाथ सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक कर रजिस्ट्री में ऑनलाइन स्टांप खरीदने वालों को स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया. इसमें स्टांप वेंडर को मिलने वाली डेढ़ प्रतिशत की छूट भी जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं. पहले चरण में जबलपुर के कोर्ट में कैमरे लगाए जाएंगे. इसके अलावा- मुख्यमंत्री पेयजल योजना, सरदार सरोवर परियोजना समेत अन्य मुद्दों पर भी जरूरी फैसले लिए गए.