Tuesday, October 15News That Matters

Magnificent Madhya Pradesh : इंदौर के पास जगह चाहते हैं नए उद्योग, दोगुना होगा पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र

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इंदौर, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र मैग्निफिसेंट एमपी-2019 के साथ ही विस्तार की ओर कदम बढ़ा रहा है। मध्य प्रदेश के इस सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र का आकार आने वाले वर्षों में दोगुना होगा। 30 वर्ष पुराने इस औद्योगिक क्षेत्र में फिलहाल पांच हजार हेक्टेयर जमीन शामिल है। इतनी ही जमीन पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में अब और जोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। मौजूदा पांच हजार हेक्टेयर के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित होने में भले ही 30 साल लगे हों, लेकिन अब इतना ही विकास पांच से सात साल में करने की तैयारी है। इसके पीछे अहम कारण भी है। असल में नए उद्योग और निवेश करने वाले इंदौर के आसपास ही उद्योग लगाना चाहते हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र न केवल प्रदेश का सबसे बड़ा और पुराना, बल्कि निवेशकों का सबसे पसंदीदा औद्योगिक क्षेत्र भी है। इंदौर से नजदीक होने के साथ औद्योगिक क्षेत्र के आसपास लॉजिस्टिक्स से लेकर तमाम नागरिक सुविधाओं की मौजूदगी इसकी अहम वजह है।

पीथमपुर : क्षेत्र में करीब 650 इकाइयां, छह सेक्टर विकसित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में इस वक्त करीब 650 औद्योगिक इकाइयां हैं। औद्योगिक क्षेत्र में सेज के साथ कुल छह सेक्टर विकसित होकर औद्योगिक बसाहट हो चुकी है। बीती दो इन्वेस्टर्स समिट में भी सबसे ज्यादा पूछताछ और निवेशकों के प्रस्ताव इसी औद्योगिक क्षेत्र के लिए आए थे। हालांकि वर्षों से पीथमपुर में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता ही नहीं है। ऐसे में एकेवीएन ने बंद इकाइयों से जमीन लेकर कई उद्योगों की मांग पूरी की।

खंडवा : विकसित क्षेत्र में भी निवेशकों की रुचि नहीं खंडवा में विकसित औद्योगिक क्षेत्र में भी निवेशकों ने रुचि नहीं दिखाई। निवेशकों का मूड भांपकर शासन ने तय कर लिया है कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का ही विस्तार किया जाए। बुरहानपुर में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। हालांकि निवेशकों की मंशा भांपते हुए पहले क्षेत्रीय उद्योगपतियों से उसके लिए एक्प्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट बुलाया गया था। जब आसपास के छोटे-मध्यम उद्योगों ने क्षेत्र में इकाई लगाने की सहमति दी।

पहला चरण : 1500 एकड़ पर मिल चुकी है मंजूरी एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय निदेशक कुमार पुरुषोत्तम के मुताबिक पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में छह सेक्टरों के बाद अब और जमीन शामिल की जा रही है। पहले चरण में आठ हजार एकड़ की ‘लैंडपुलिंग’ की जाएगी। इसमें से 1500 एकड़ पर मंजूरी भी मिल चुकी है। हम पीथमपुर में अब ज्यादा से ज्यादा लैंडबैंक बनाना चाहते हैं। औद्योगिक क्षेत्र का आकार आने वाले वर्षों में दोगुना किया जाएगा। निवेशक और उद्योगपति इसी क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवेशक चाहते हैं तो उनकी पसंद को ही हम प्राथमिकता दे रहे हैं।