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तिहाड़ / फांसी की भनक लगी तो निर्भया के दरिंदों का वजन घटने लगा, दूसरे कैदियों से बातचीत बंद की

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नई दिल्ली (पवन कुमार). निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले चारों कैदी तनाव में हैं। कारण- उन्हें भनक लग गई है कि जल्द फांसी दी जाने वाली है। तिहाड़ जेल प्रशासन की तैयारी से चारों के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा रहा है। गुरुवार से चारों कैदियों की दिन में दो बार डॉक्टरी जांच हो रही है।

पिछले 5 दिनों में कैदियों के वजन में भी कमी दर्ज की गई है। हालांकि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य है। चारों कैदी अक्षय, मुकेश, पवन और विनय को पहले के मुकाबले अब भूख कम लग रही है। अक्षय का वजन 5 दिनों में 55 से घटकर 52 किलोग्राम हो गया है, वहीं पवन 82 से अब 81 किग्रा का हो गया है। मुकेश का वजन जस का तस है। वह 67 किग्रा का है। तीनों कैदियों का ब्लड प्रेशर 80-90/120-130 के आसपास है।

खाने में अचार और रोट में घी डालना भी बंद किया

जेल-4 में बंद विनय की हालत कुछ खराब हुई है। पिछले 15 से 20 दिनों में उसके स्वास्थ्य में सबसे ज्यादा गिरावट है। उसने साथी कैदियों से बातचीत बंद कर दी है। विनय ही एकमात्र कैदी है, जिसने राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है। हालांकि बाद में उसने याचिका वापस लेने की अर्जी दे दी थी। पवन ने खाने में अचार और रोटी में घी डालना बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा खौफ में अक्षय और मुकेश हैं, जबकि पवन को अभी भी लग रहा है कि उसके जुवेनाइल का एक केस हाईकोर्ट में लंबित है, लिहाजा उसे अभी फांसी पर चढ़ाना मुश्किल है। उधर, तिहाड़-प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्भया केस के तीन दोषियों का कोई भी मामला किसी भी अदालत में लंबित नहीं है।

पांच दिन से काम पर भी नहीं जा रहे
अक्षय, मुकेश और पवन एक ही सेल में बंद हैं और उन्हें काम के लिए भी नहीं भेजा जा रहा है। इनमें से एक कैदी ने कहा कि यदि विनय दया याचिका नहीं लगाता तो तिहाड़-प्रशासन इतनी जल्दी नहीं दिखाता। ये तीनों आम कैदियों की तरह सुबह 6 बजे जागने के बाद नाश्ता करके अपने-अपने काम पर 8 बजे चले जाते थे, लेकिन 5 दिनों से अपने वाॅर्ड में ही हैं। हमले की आशंका के चलते चारों कैदियों की निगरानी के लिए दो-दो जवान तैनात रहते हैं।