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मण्डला

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अजजा विद्यार्थियों के लिये चार महानगरों में निःशुल्क कोचिंग

मण्डला | 16-अगस्त-2019

 प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्कूली विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिये कोचिंग देने की आकांक्षा योजना चलायी जा रही है। जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में 800 विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दिलाई जा रही है। चयनित विद्यार्थी जेईई, नीट और क्लेट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा नई दिल्ली में प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के 97 विद्यार्थियों को यूपीएससी परीक्षा की निरूशुल्क कोचिंग दिलाई जा रही है। आकांक्षा योजना के लिये इस वर्ष बजट में 14 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

            मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के विभिन्न चरणों में सफल अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। संघ लोक सेवा आयोग की अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में अभ्यर्थी को प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 40 हजार, मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होने पर 60 हजार एवं साक्षात्कार के बाद सफल होने पर 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। आय सीमा का किसी भी तरह का बंधन नहीं है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल जनजातीय अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 20 हजार, मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 30 हजार और साक्षात्कार के बाद सफल होने पर 25 हजार रुपये की राशि दी जा रही है।

एमपी टूरिज्म क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कल 7 को विजेताओं को एमपीटी के होटल में रूकने का मिलेगा मौका 

दर्शक भी दे सकेंगे जवाब, जीतेंगे आकर्षक उपहार 

मण्डला | 06-अगस्त-2019

  जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन 2 चरणों में होगा। प्रथम चरण में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक लिखित परीक्षा (सरदार पटैल गु्रप ऑफ इंस्टीट्यूशन मण्डला, योगीराज हॉस्पिटल के सामने बडी खैरी मण्डला,) में होगी। क्विज में प्रश्न पर्यटन से संबंधित परिक्षेत्र, कला संवर्धन, आध्यात्म, प्राकृतिक, सांस्कृतिक परिवेश, फिल्म आदि से संबंधित होगें। जिसमें से 6 सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन द्वितीय चरण के लिये किया जावेगा। द्वितीय चरण का आयोजन (जिला षिक्षण एवं प्रषिक्षण संस्थान (डाईट) जिला मण्डला के हॉल) में होगा। द्वितीय चरण दोपहर 2ः30 बजे से 4ः30 बजे तक ऑडियो विजुअल/मल्टीमीडिया आधारित में म.प्र. से संबंधित प्रश्न पूूछें जावेगें। प्रश्न हिन्दी/अंग्रेजी दोनों माध्यम में होगें। प्रत्येक विद्यालय से एक 3 सदस्यीय टीम भाग लेगी। प्रतियोगिता स्थल पर टीमों को प्रभारी शिक्षक के साथ स्वयं के साधन से प्रातः 08ः45 बजे तक उपस्थित होना होगा।
प्रतियोगिता में निर्धारित समय में उपस्थिति के लिए दूरस्थ विद्यालय के प्रतिभागी विद्यार्थी अपने प्रभारी शिक्षक के साथ 06 अगस्त की साम 5 बजे तक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगें। जिनकी रहने की व्यवस्था शिक्षक सदन मण्डला में की गई है। रोचक मल्टीमीडिया क्विज के दौरान दर्शको से भी प्रश्न पूछे जावेंगे एवं उन्हे उपहार प्रदान किये जावेंगे।
प्रतियोगिता के द्वितीय चरण में जिले के प्रथम 3 टीम के विजेताओं को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा पुरस्कार रूप टूर पैकेज प्रदान किया जावेगा। जिसमें प्रथम 3 टीमों के विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के होटलों मंे 02 रात्रि 03 दिन ठहरने हेतु कूपन प्रदाय किया जावेगा। अगली 3 टीमों के उप विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के होटलों में 1 रात्रि 2 दिन (आवास-भोजन सुविधा युक्त) ठहरने संबंधी उपहार कूपन प्रदाय किया जावेगा। विजेता एवं उपविजेता दल को पर्यटन विभाग द्वारा प्रदाय पैकेज के अनुसार भ्रमण कराने का दायित्व क्विज मास्टर मास्टर का होगा। क्विज अंतराल में सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जावेंगी। चयनित प्रतिभागी टूरिज्म एम्बेसेडर की भूमिका में होगे। आयोजन के नोडल अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी है। प्रतियोगिता के मल्टीमीडिया राउंड में प्रबुद्धजन सादर आमंत्रित है।

डीडीओ एवं कोषालय कर्मचारियों का प्रशिक्षण आज से 

मण्डला | 26-जुलाई-2019

  जिला कोषालय अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईएफएमआईएस परियोजना के अंतर्गत समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी एवं कोषालयीन कर्मचारियों का प्रशिक्षण 26 एवं 27 जुलाई को आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण बीआरसी भवन मंडला में प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगा। 26 जुलाई को ईएसएस, पेयरोल तथा सर्विस मस्टर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी प्रकार 27 जुलाई को आर एण्ड डी, डिपोजिट तथा बजट संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। कलेक्टर डॉ. जगदीश चन्द्र जटिया ने उक्त प्रशिक्षण में सभी डीडीओ को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।

 

प्रत्येक बच्चे को उचित गुणवत्ता के साथ भर पेट भोजन दिया जाये- श्री जटिया

कलेक्टर ने की मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की समीक्षा 

मण्डला | 23-जुलाई-2019

मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मीनू का पालन करते हुए उचित गुणवत्ता के साथ बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाये। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. जगदीश चन्द्र जटिया ने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए दिये। जनपद पंचायत मंडला के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री तन्वी हुड्डा, अपर कलेक्टर मीना मसराम, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग विजय तेकाम, जिला परियोजना समन्वयक सर्वशिक्षा अभियान योगेश शर्मा सहित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, स्त्रोत समन्वयक तथा मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर डॉ. जगदीश चन्द्र जटिया ने निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में माता रोस्टर का पालन किया जाये। शिक्षक भी रोस्टर बनाकर मध्यान्ह भोजन में शामिल हों। प्रत्येक बच्चे को उचित गुणवत्ता के साथ भर पेट भोजन दिया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ जनशिक्षक भी बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन करें। बच्चों से बर्तन साफ नहीं कराये जायें। श्री जटिया ने कहा कि शालाओं में बर्तन के लिए राशि प्रदान की गई है, 15 अगस्त के पूर्व सभी शालाओं में बर्तन क्रय कर लिये जायें। सुनिश्चित किया जाये कि स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में बर्तनों की पर्याप्त उपलब्धता होना चाहिए। दर्ज के संख्या के अनुपात में रसोईयों की नियुक्त किया जाये। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न तौलकर ही प्राप्त किया जाये। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन वितरण केन्द्रों से खाद्यान्न तौलकर नहीं दिया जा रहा है उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाये।

पीएचई विभाग को मिलेगी 46 प्रतिशत अधिक राशि: मंत्री श्री पांसे 

मण्डला | 12-जुलाई-2019

 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि इस वर्ष प्रदेश के बजट प्रस्ताव में पेयजल प्रबंधन के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के लिए 4 हजार 366 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है।
श्री पांसे ने बताया कि राज्य सरकार ने जल के सम्यक उपयोग, जल स्त्रोतों के संरक्षण और पेयजल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए “जल का अधिकार अधिनियम” बनाने की कार्यवाही की है। इससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।

मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त तक प्रतिबंधित

मण्डला | 06-जून-2019      प्रदेश में 16 जून से 15 अगस्त 2019 तक मत्स्याखेट प्रतिबंधित रहेगा। संचालक मत्स्योद्योग द्वारा मत्स्य प्रजनन काल को देखते हुए नदीय मत्स्योद्योग नियम के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छोटे तालाब अथवा अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा में नहीं लिया गया है उन पर मत्स्याखेट निषेध का यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।