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बजट 2020 / होम लोन के ब्याज भुगतान पर डिडक्शन लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख की जाए: उद्योग संगठन

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              • द्योग संगठन सीआईआई ने कहा- रिएल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी
              • ‘6-7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के लिए डिमांड बढ़ाने की स्थायी योजना होनी चाहिए’

              नई दिल्ली. उद्योग संगठन द कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने सरकार से अपील की है कि घर खरीदारों को टैक्स छूट बढ़ाई जाए, ताकि रिएल एस्टेट सेक्टर की स्थिति सुधर सके। इस सेक्टर को ज्यादा नकदी की जरूरत है। सीआईआई ने मांग की है कि होम लोन के ब्याज भुगतान पर डिडक्शन की लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर खरीदने वालों के लिए एमआईजी-1 श्रेणी में आय की सीमा 12 लाख रुपए से बढ़ाकर 18 लाख और एमआईजी-2 के लिए 18 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की जाए।

              पूरे हाउसिंग सेक्टर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने से फायदा होगा
              सीआईआई के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि 6-7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के लिए रिएल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ाने की स्थायी योजना होनी चाहिए। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे। सीआईआई के मुताबिक इंटीग्रेटेड टाउनशिप और पूरे हाउसिंग सेक्टर को इन्फ्रास्ट्रक्टर का दर्जा दिया जाए तो डेवलपर्स के लिए कम खर्च में फंडिंग जुटाना आसान होगा।

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