Wednesday, December 11News That Matters

नागरिकता बिल / 119 घंटे चर्चा के बाद सुझावों को शामिल किया; राशन कार्ड हो या नहीं, शरणार्थियों को नागरिकता देंगे: शाह

Share

नई दिल्ली. गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच चर्चा के लिए नागरिकता संशोधन बिल पेश किया। शाह ने स्पष्ट किया कि यह बिल अधिकारों को छीनने वाला नहीं, बल्कि अधिकार देने वाला बिल है। उन्होंने कहा कि नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले के पास दस्तावेज हों या नहीं, उसे नागरिकता दी जाएगी। शाह ने कहा कि राशन कार्ड भी न हो, तो भी नागरिकता देंगे।

शाह बोले- मैं भी सांसद हूं, मुझे भी तो सुनिए
बिल पेश करने को लेकर सदन में वोटिंग हुई। इसके पक्ष में 293 और विरोध में 82 वोट पड़े। कांग्रेस समेत 11 विपक्षी दल बिल का विरोध रहे हैं। शाह ने कहा, “जब दूसरे विपक्षी नेता बोल रहे थे, तब मैं चुपचाप सुन रहा था। जब मैंने बोलना शुरू किया तो बीच-बीच में उठकर लोग बोलने लगे। मैं भी सांसद हूं। मुझे भी 18 लाख लोगों ने चुना है। मुझे भी तो सुनिए।’

शाह ने सदन में बिल के प्रावधान बताए

शाह ने बिल के प्रावधानों के बारे में भी सदन को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल तीन पड़ोसी देशों से भारत में आए अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता देने के लिए है। ऐसे अल्पसंख्यकों को नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए सरकार नियम बनाएगी। आवेदक के पास राशन कार्ड जैसे दस्तावेज नहीं हैं तो भी सरकार उसे नागरिकता देगी।