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इंद्राणी मुखर्जी का सरकारी गवाह बनना चिदंबरम को पड़ा भारी, उसी के बयान पर दर्ज हुआ केस- सूत्र

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ई दिल्ली: 

पूर्व केंद्रीय मंत्री  और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जो केस दर्ज हुआ है, वह पीटर मुखर्जी के पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के बयान के आधार पर ही दर्ज हुआ है. यह जानकारी एनडीटीवी को सूत्रों ने दी है. इंद्राणी मुखर्जी ने अपने बयाने में कहा था कि एफआईपीबी मंजूरी में हुए उल्लंघन को कथित तौर पर रफा-दफा करने के लिये 10 लाख डॉलर की कार्ति की मांग को दंपति ने कबूल कर ली थी. इंद्राणी 11 जुलाई को सीबीआई मामले में इकबालिया गवाह बन गई थी. पीटर मुखर्जी और इंद्राणी का नाम आईएनएक्स मीडिया द्वारा प्राप्त धन के लिये 2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अवैध तरीके से मंजूरी हासिल करने से संबंधित मामले में सामने आया था.

इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक है. मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी दोनों शीना बोरा हत्याकांड में जेल में बंद हैं. शीना बोरा इंद्राणी और उनके पहले पति की बेटी थी.प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने मामले पर बहस करने के लिए इंद्राणी मुखर्जी के बयान को आधार बनाया. दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद वह बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उन्हें फौरी राहत नहीं मिली. बुधवार शाम को सीबीआई ने चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया.

सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि इंद्राणी मुखर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया कि चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी के बदले में कार्ति चिदंबरम की उसके कारोबार में मदद करने के लिए कहा था.