Tuesday, October 15News That Matters

Jhabua by Election : राजनीति के केंद्र बने झाबुआ के हाट, दम लगाने में पीछे नहीं दल

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झाबुआ, फलिए व टोलियों के बीच विभाजित यहां की भौगोलिक परिस्थितियां हाट को ही सबसे बेहतर संदेशवाहक के रूप में प्रस्तुत करती है। आम दिनों में हाट जहां व्यापार व दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के माध्यम बने रहते हैं वहीं चुनाव आने पर यही हाट तारणहार बन जाते हैं। झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में अब केवल एक सप्ताह बचा है। ऐसे में हाट ही मुख्य राजनीतिक केंद्र बन गए हैं। विधानसभा के तहत आ रहे हर हाट में अब अंतिम सप्ताह राजनीतिक दल अपना दम लगा रहे हैं। रविवार को झाबुआ का हाट था। प्रचार की दृष्टि से इसका काफी महत्व है। वजह यह है कि लगभग 200 गांव के लोग इस हाट में आते हैं। हाट के माध्यम से एकदम से संदेश हर ग्रामीण तक पहुंच जाता है। रविवार को झाबुआ के हाट का सभी प्रत्याशियों ने भरपूर उपयोग करते हुए अपनी बात हर ग्रामीण तक पहुंचाने की कोशिश की। इसके पहले शनिवार को भी यह प्रयास किए गए। हालांकि रानापुर में भी अंतिम दिन शनिवार को एक और मौका मिलेगा।

कुंदनपुर रहेगा आज निगाहों में

सोमवार को कुंदनपुर का हाट लगता है। कुंदनपुर के हाट में शक्ति प्रदर्शन के लिए दोनों दल लग गए हैं। इस बार इस क्षेत्र के 60 बूथों पर अच्छा मुकाबला देखने को मिल रहा है। लगभग 35 हजार मतदान इस क्षेत्र में होने की संभावनाएं है। मंगलवार को चुनाव प्रचार के पहले का हाट पिटोल में लगेगा। गुजरात से सटे इस क्षेत्र में हाट का राजनीतिक उपयोग करने के लिए पहले से ही तैयारियां हो रही है। झाबुआ ग्रामीण क्षेत्र के तहत आने वाले पिटोल क्षेत्र का इस उपचुनाव की दृष्टि से काफी महत्व है। यहां अच्छा मतदान होने की संभावना है। बुधवार को बोरी व कल्याणपुरा में प्रत्याशी अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। दिग्गज नेताओं को भी हाट में बुलवाया जा रहा है ताकि प्रभावी प्रदर्शन हो। चुनाव प्रचार शनिवार को थमेगा। इस दिन रानापुर में अंतिम शोरगुल मचना है।

सभी उतरे मैदान में

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पिछले कुछ दिनों से यहां की सडकों पर कुछ प्रत्याशियों के ही वाहन दौड़ते नजर आ रहे थे। अब सभी प्रत्याशी अंतिम सप्ताह में मैदान में उतरकर अपना प्रचार करने लगे हैं। 5 उम्मीदवार इस मुकाबले में है। सभी पांचों उम्मीदवार अंतिम सप्ताह में अब अपना दम लगा रहे हैं। प्रचार वाहन दौडाए जा रहे हैं तो अपनी बात अलग-अलग माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाने में हर कोई लगा हुआ है।

बंटने लगी पर्चियां

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बीएलओ यानी बूथ लेवल अधिकारी ने मतदाताओं को मतदाता पर्ची वितरित करने का कार्य आरंभ कर दिया है। घर-घर जाकर मतदाताओं को पर्चियां दी जा रही है। साथ ही उन्हें 21 अक्टूबर को अपने-अपने मतदान केंद्र पर पहुंचते हुए मतदान करने का भी संदेश दिया जा रहा है। गुजरात व राजस्थान सरकारी दल भेजकर ग्रामीणों को मतदान के बारे में सूचना दी गई है। यहां बडी संख्या में वे मजदूरी कर रहे हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को भी मतदान के लिए आने का न्योता देने में प्रत्याशी व उनके समर्थक लगे हुए हैं। 24 अक्टूबर को उपचुनाव के इस महासंग्राम का परिणाम आएगा।