Tuesday, January 26News That Matters

MP में बढ़ेंगी शराब दुकानें:आबकारी आयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र भेजकर मांगे प्रस्ताव, CM ने कहा था- फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया

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मध्यप्रदेश में शराब की नई दुकानें खुलने को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे ने गुरुवार देर शाम कलेक्टरों को पत्र भेजकर नई दुकानें खोलने के प्रस्ताव मांगे हैं। इससे पहले गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने भी नई शराब की दुकान खोलने के प्रस्ताव की बात कही थी। हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि फिलहाल नई शराब की दुकानें खोलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेश के वित्त एवं कर्मिशल टैक्स विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा है कि सरकार स्तर पर नई शराब दुकानें खोलने को लेकर कोई विचार नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर पर वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति बनाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। इसी सिलसिले में आबकारी आयुक्त के कलेक्टरों को पत्र लिखकर नई दुकानें खाेलने का प्रस्ताव मांगे हैं। इससे साफ है कि सरकार नई शराब की दुकानें खोलने की तैयारी कर रही है। आयुक्त ने पत्र में कलेक्टरों से साफ तौर पर कहा है कि शहरी क्षेत्रों में कुल दुकानों की संख्या का न्यूनतम 20% तक नई शराब की दुकानें खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजें।

ये हैं प्रस्ताव के 3 मुख्य बिंदु

1. पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले उन गांवों में शराब की दुकान खोलने का प्रस्ताव अनिवार्य रूप से दिया जाए, जहां वर्तमान में कोई दुकान नहीं है। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाए।

2. इसके अलावा भी दूसरे क्षेत्रों में राजस्व की बढ़ोतरी और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से दुकानें खोलने का प्रस्ताव दिया जा सकता है।

3. शहरी क्षेत्रों में भी राजस्व बढ़ाने और अपराध के नियंत्रण की दृष्टि से नई दुकानों का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसके लिए विकसित किए गए उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाए, जहां वर्तमान में दुकान नहीं है।

गांव में शराब की दुकान खोलने की तैयारी

इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शराब दुकानें खोलने के लिए ऐसे गांव चिन्हित करने को कहा गया है, जिनकी आबादी 5 हजार से ज्यादा है, लेकिन शराब की दुकानें नहीं है। यानी सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए गांवों में भी शराब दुकानें खोलने पर विचार कर रही है। आबकारी आयुक्त ने कहा है कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण की दृष्टि से भी दुकानें खोलने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। नई शराब की दुकानों को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस के अलावा बीजेपी में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर इस निर्णय की आलोचना की थी।