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कोरोना से लड़ने निजी संस्थाएं आगे आईं:भोपाल में 12 एकड़ एरिया में 500 बेड और उज्जैन पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में 200 बेड का कोविड केयर सेंटर बनेगा

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मध्य प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या 78 हजार के पार हो गई है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ने के आसार हैं। इसे देखते हुए काेरोना से लड़ने के लिए निजी संस्थाएं आगे आ रही हैं। भोपाल में सागर इंजीनियरिंग कॉलेज के 12 एकड़ परिसर में 500 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसी तरह उज्जैन पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में सिटीजन फोरम ने 700 बेड का सेंटर बनाने की सहमति दी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रदेश के डॉक्टरों व स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के निपटने के लिए सुझाव भी मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संकटकाल का सामना सरकार और समाज के सहयोग से संभव है। कोविड सेंटर बनाने वाली संस्थाओं को सरकार हर संभव मदद भी करेगी।

डॉक्टरों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री को कई सुझाव मिले। अरविंदो इंस्टीट्यूट इंदौर के डाॅ. रवि दोषी ने कहा, कोरोना मरीजों के साथ उनके परिजनों के अस्पताल में आने से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ती है। अत: कोरोना मरीजों के अस्पतालों में आने पर रोक लगाना आवश्यक है।

इसी तरह, नेशनल हॉस्पिटल भोपाल के डाॅ. पी.के. पांडे ने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम को मोबाइल वेन के माध्यम से मोहल्लों और कॉलोनियों में कराने की आवश्यकता है। टीकाकरण के लिए अस्पताल आने वाले व्यक्तियों में संक्रमण की संभावनाओं को कम किया जा सकता है।

मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर के डाॅ. शैलेंद्र राजपूत ने कहा कि एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्रों को 10 से 15 दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनकी सेवाएँ कोरोना संक्रमण के प्रबंधन में लेनी चाहिए।

200 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था
जबलपुर में दादा वीरेंद्र पुरी नेत्र संस्थान द्वारा संचालित कोविड चिकित्सालय के डाॅ. पवन स्थापक ने बताया, देवश्री नेत्रालय में 250 बेड में से 200 ऑक्सीजन बेड कोविड प्रभावितों के लिए रखे गए हैं। इनमें से 10 आईसीयू बैड हैं। रेडक्राॅस और अन्य संगठन आवश्यक सहयोग कर रहे हैं।