Tuesday, October 15News That Matters

Karva Chauth 2019: बिना बिंदी के अधूरा है सोलह श्रृंगार, चेहरे के हिसाब से चुनें इसे

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बिंदी लगाने से महिलाओं का सौंदर्य तो बढ़ता ही है साथ ही इसका चिकित्सीय महत्व भी है, दोनों भौंहों के बीच में लगाई जाने वाली बिंदी माथे के बीच में स्थित मांसपेशियों पर दबाव डालती है, जिससे माइग्रेन व कई अन्य बीमारियों में लाभ होता है। जानते हैं बिंदी के प्रकार और आपके चेहरे पर जंचेगी किस तरह की बिंदी?

स्टिकर बिंदी

आमतौर पर सभी बिंदियों को बनाने में वेलवेट का ही प्रयोग किया जाता है। वेलवेट से बेस बनाने के बाद उसे विभिन्न आकारों में काटा जाता है। चूंकि एक स्टिकर की भांति बिंदी को पत्ते में से निकालकर माथे पर लगाया जाता है, इसलिए यह स्टिकर बिंदी कहलाती है।

लिक्विड अथवा तरल बिंदी

यह तरल रूप में आती है और इससे महिलाएं ब्रश का प्रयोग करते हुए माथे पर मनचाहे आकार में बिंदी लगाती हैं। यह अनेक रंगों में बाजार में उपलब्ध है।

सिंदूर बिंदी

प्राचीन काल में महिलाएं सूखे सिंदूर से ही अंगुली की सहायता से बिंदी बनाया करती थीं, लेकिन आजकल इसका प्रयोग बहुत कम किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग महिलाएं आज भी इसी प्रकार की बिंदी का प्रयोग करती हैं।

डेकोरेटिव बिंदी

शादी-ब्याह तथा अन्य किसी उत्सवी माहौल में महिलाएं इस बिंदी का प्रयोग करती हैं। वेलवेट बिंदी के ऊपर ही नग, स्टोन, मोती तथा अन्य सजावटी वस्तुओं से इसे सजाया जाता है।

नग वाली बिंदी

यह सिल्वर और गोल्डन दो रंगों में आती है। कम उम्र की लड़कियां इसका प्रयोग अधिक करती हैं। यह भी तरह-तरह की डिजाइन में मिल जाती हैं।

चेहरे के अनुसार लगाएं बिंदी

गोल चेहरे पर लंबे आकार की बिंदी अच्छी लगती है, इस आकार के चेहरे वाली महिलाओं को बड़ी और गोल बिंदी लगाने से बचना चाहिए। ओवल चेहरे पर यूं तो हर आकार की बिंदी अच्छी लगती हैं परंतु लंबी बिंदी लगाने से परहेज करना चाहिए। तिकोने आकार के चेहरे पर भी हर आकार की बिंदी फबती है। अपने परिधान व एक्सेसरीज से मैच करती बिंदी लगाने से आप भीड़ में भी अलग दिखेंगी।

रखें कुछ सावधानियां भी

1. बिंदी हमेशा अच्छी कंपनी का ही इस्तेमाल करें, सस्ती और लोकल कंपनी की बिंदी प्रयोग करने से कभी-कभी एलर्जी की समस्या भी हो जाती है।

2. रात को सोने से पहले माथे पर से बिंदी हटाकर चेहरे को पानी से धो लें, इससे आपके माथे पर बिंदी का निशान नहीं बनेगा।

3. अगर आपको बिंदी के ग्लू से किसी प्रकार की एलर्जी है तो आप लिक्विड बिंदी का प्रयोग करें।

4. डेकोरेटिव बिंदियों को प्रयोग के बाद निकालकर बिंदी के पत्ते में ही लगा दें जिससे आप फिर से इसे इस्तेमाल कर सकें। खास मौकों पर बाजार में उपलब्ध डेकोरेटिव बिंदियों का प्रयोग करने से सौंदर्य में इजाफा हो जाता है।