शहडोल में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई: जींस पहनकर ड्यूटी पर पहुंचे हेड कांस्टेबल समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित
24 मार्च 2026
शहडोल | जिले में पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। शहडोल जोन की पुलिस महानिरीक्षक एन. चैत्रा ने कर्तव्य में लापरवाही और नियमों की अवहेलना के चलते तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया
जींस पहनकर ड्यूटी पर पहुंचना पड़ा भारी
कार्रवाई का मुख्य कारण एक प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) का वर्दी के बजाय जींस पहनकर ड्यूटी पर पहुंचना रहा। बताया गया कि वह आईजी के समक्ष भी इसी वेश में उपस्थित हुआ, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
आईजी ने इसे पुलिस विभाग की गरिमा के खिलाफ मानते हुए तत्काल प्रभाव से उसे लाइन अटैच कर दिया।
ASI और आरक्षक भी निलंबित
इस मामले में केवल हेड कांस्टेबल ही नहीं, बल्कि आदेशों की अवहेलना और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक को भी निलंबित किया गया है।
अनुशासन पर जीरो टॉलरेंस नीति
आईजी एन. चैत्रा ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी और आचरण संहिता का सख्ती से पालन करें।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पेशेवर आचरण पर जोर
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की छवि और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हर पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और अनुशासन के साथ निर्वहन करे।
यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम मानी जा रही है।
भालू के हमलों से दहशत: केशवाही क्षेत्र में एक महीने में तीन मौत, वन विभाग ने शुरू किया जागरूकता अभियान
शहडोल | 5 फरवरी , 2026
शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में बीते एक महीने के भीतर भालू के हमलों में तीन लोगों की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन अधिकारियों के अनुसार, हाल की घटनाओं में ज्यादातर पीड़ित जंगल या जंगल किनारे लकड़ी, महुआ या अन्य वन उपज लेने गए थे, जहां अचानक भालू के हमले का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि इस मौसम में भालू भोजन की तलाश में गांवों के नजदीक आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
गांव-गांव जाकर दी जा रही जानकारी
वन विभाग की टीमें अब प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में जाकर ग्रामीणों को भालू से बचाव के उपाय समझा रही हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अकेले जंगल न जाएं, सुबह-शाम के समय विशेष सतर्क रहें, तेज आवाज या झुंड में चलने की आदत अपनाएं और यदि भालू दिखे तो उसे उकसाने या नजदीक जाने की कोशिश न करें।
अफवाहों से बचने की अपील
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें। किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल सके।
निगरानी बढ़ाई गई
वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और कुछ स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की जागरूकता और सावधानी ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी और भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना पर भी काम किया जा रहा है।
शादीशुदा प्रेमिका के साथ रहने की सनक में युवक ने 7 वर्षीय मासूम की हत्या की
03 Feb 2026
जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने शादीशुदा प्रेमिका के साथ रहने की अपनी तीव्र चाहत के चलते उसके सात साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर शव को बंद कोयला खदान में फेंक दिया। इस अंधे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती निवासी मोइशीन और झिल्ली दफाई क्षेत्र में मजदूरी करने वाली नंदनी कोल के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मोइशीन नंदनी को अपने पास पाने के लिए इस कदर पागल हो चुका था कि उसने उसके रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करने का फैसला कर लिया। नंदनी ने मोइशीन के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि उसके पहले से दो छोटे बच्चे थे। यह बात मोइशीन को खटक रही थी और उसने बच्चों को अपने प्रेम संबंध में बाधा मान लिया।
अधिकारियों के अनुसार, इसी मानसिक स्थिति में मोइशीन ने सबसे पहले नंदनी के सात साल के बेटे ऋतिक कोल को मार डाला। इसके बाद मासूम के शव को छुपाने के लिए बंद कोयला खदान में फेंक दिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर सबूत जुटाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मोइशीन की मानसिक अवस्था और उसके प्रेम संबंध की चाह ने उसे इतना खतरनाक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। नंदनी और उसके परिवार के लोग इस भयानक वारदात से गहरे सदमे में हैं। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है और संबंधित धाराओं में आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी है।

शहडोल में लापता नवविवाहिता का शव जंगल में मिला, 10 दिन बाद पेड़ से लटका मिला
शहडोल जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरदी की रहने वाली 23 वर्षीय नवविवाहिता सुमनलता बैगा का शव जंगल में एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला है। महिला बीते 23 जनवरी से लापता थी। शव मिलने की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शव करीब 10 दिन पुराना बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार सुमनलता बैगा, पति सुरेश कुमार बैगा (23), निवासी ग्राम हरदी की रहने वाली थी। 23 जनवरी को वह अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर खैरहा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस भी महिला की तलाश में जुटी हुई थी।
सोमवार को ग्राम हरदी से लगभग दो किलोमीटर दूर पिपरहा जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे ने जंगल के भीतर एक पेड़ पर महिला का शव फांसी के फंदे में लटका देखा। चरवाहा हरदी गांव का ही निवासी था। उसने महिला के कपड़ों से पहचान कर तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान सुमनलता बैगा के रूप में की, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई।
सूचना मिलने पर खैरहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी उमाशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि नवविवाहिता का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।
फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
मई 10, 2024
ग्राम गुर्रा एवं रामपुर में दागना कुप्रथा रोकने हेतु आयोजित हुआ कार्यक्रम
दागना कुप्रथा रोकने हेतु कलेक्टर श्री तरुण भटनागर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर, ब्यौहारी, बुढार एवं गोहपारू के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज जिले के ग्राम गुर्रा एवं रामपुर में महिलाओं को दागना कुप्रथा रोकने हेतु दीवार लेखन, डोर-टू-डोर, नाराकंन, पोस्टर आदि के माध्यम से जागरूक किया गया। साथ ही मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं को समझाइए दी जा रही है कि बच्चों को दागना कानूनन अपराध है, बच्चों को दागने पर संबंधितों के विरूद्व 1 लाख रूपये का जुर्माना और 3 साल की सजा हो सकती है, यादि कोई बच्चा बीमार होता है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और डॉक्टर की सलाह से उपचार कराएं। मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा बताया गया कि छोटे बच्चों को निमोनिया होने पर दागे नही न ही किसी के बहकावे में आकर दागे, दागने से बच्चों के स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ता है। दागना कुप्रथा रोकने हेतु चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं को बच्चों को न दागने हेतु शपथ भी दिलाई गई। जन जागरूकता अभियान में ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, सचिव, रोजगार सहायक, बीएलओ सहित अन्य मैदानी अधिकारी शामिल थें। गौरतलब है कि जिले को दागना मुक्त बनाने हेतु 10 मई 2024 तक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।



