फेयरवेल बना सड़क का तमाशा: छात्रों ने मचाया हुड़दंग, गाड़ी के बोनट पर चढ़कर नाचे
Jan 30, 2026
फेयरवेल के बहाने छात्रों का हुड़दंग सड़कों पर नजर आया। तेज डीजे, खुले वाहनों में स्टंट और गाड़ियों के बोनट पर डांस ने स्कूल प्रबंधन व प्रशासन की चिंता बढ़ा दी।
फेयरवेल के नाम पर नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र स्थित सांदीपनी विद्यालय के कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने बुधवार को शहर में जमकर हुड़दंग मचाया। छात्र खुले वाहनों में तेज डीजे बजाते हुए सड़कों पर घूमते रहे, वहीं कुछ छात्राएं गाड़ियों के बोनट पर बैठकर डांस करती नजर आईं। इस लापरवाही से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद लोगों ने विरोध जताया।
स्थिति बिगड़ती देख स्कूल प्रबंधन हरकत में आया और आनन-फानन में हुड़दंग करने वाले कक्षा 12वीं के लगभग 40 छात्र-छात्राओं को नोटिस जारी कर उनके प्रवेश पत्र जमा कर लिए। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए फेयरवेल कार्यक्रम की तैयारी स्कूल मैदान में की गई थी, लेकिन कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने बिना अनुमति अलग से रैली और कार्यक्रम आयोजित कर लिया, जिसकी जानकारी स्कूल को नहीं दी गई थी।
फेयरवेल के नाम पर छात्रों ने यातायात नियमों की जमकर अनदेखी की। खुली जीपों में स्टंट किए गए और सड़कों पर डीजे के साथ नाच-गाना किया गया। बाद में जब ये विद्यार्थी हुड़दंग करते हुए स्कूल परिसर में पहुंचे तो प्रबंधन ने कार्यक्रम को तत्काल निरस्त कर दिया।
घटना सामने आने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। यह जांच की जा रही है कि आयोजन की अनुमति किसने दी थी और यह कार्यक्रम केवल विद्यार्थियों द्वारा किया गया या किसी अन्य की भूमिका भी थी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर पार्षद ईश्वर जमींदार सहित स्थानीय लोगों ने नर्मदापुरम कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार नितिन कुमार झोड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि यह घटना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों, वाहन चालकों, वाहन मालिकों और विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
सांदीपनी विद्यालय के प्राचार्य एएस राजपूत ने बताया कि बिना अनुमति रैली के रूप में स्कूल में प्रवेश की जानकारी नहीं थी। कार्यक्रम को रद्द कर कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नोटिस दिए गए हैं और उनके स्कूल प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए प्रवेश पत्र जमा कर लिए गए हैं। वहीं नायब तहसीलदार नितिन कुमार झोड़ ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अप्रैल 25, 2024
कलेक्टर सोनिया मीना द्वारा किया गया निर्वाचन के वाहनों की मॉनिटरिंग हेतु स्थापित जीपीएस कंट्रोल रूम का निरीक्षण
लोकसभा निर्वाचन 2024 को सुचारू एवं सुव्यावस्थित रूप से संपन्न करने हेतु विभिन्न आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी किया जा रहा है इसी के तहत कलेक्टर सोनिया मीना के मार्गदर्शन में जिले में जीपीएस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से निर्वाचन में कर्तव्यस्थ सेक्टर अधिकारियों एवं मतदान दलों को लाने ले जाने वाले वाहनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी वाहनों में जीपीएस डिवाइस स्थापित कराये गये हैं। जिसमें उन वाहनों के द्वारा किये गये भ्रमण उनके गंतव्य स्थल एवं निश्चित समय में उनके द्वारा तय किये गये भ्रमण के पूरे रूट आदि की जानकारी प्राप्त हो जाती है। दिनांक 24 अप्रैल को स्थानीय कलेक्टर कार्यालय में बने जीपीएस कंट्रोल रूम का निरीक्षण कलेक्टर मीना एवं अपर कलेक्टर डी के सिंह के द्वारा किया गया उन्होंने कंट्रोल रूम में होने वाले जीपीएस सिस्टीम की जानकारी ली एवं लगातार की जा रही मॉनिटरिंग की सराहना भी की गई। भ्रमण के दौरान प्रभारी आनंद झैरवार को निर्देश दिये कि अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सिस्टम पर भी मैप को दिखाने के लिये व्यवस्था की जाए जिससे कंट्रोल रूम में संलग्न अधिकारी कर्मचारी अलावा भी वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर सकें लोकसभा निर्वाचन के लिये विधानसभा होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र 17 में चारों विधानसभाओं के सेक्टर अधिकारी एवं मतदान दलों को ले जाने वाले वाहनों की जानकारी जीपीएस के माध्यम से ली जायेगी इस कार्य के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है जो 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। लोक सेवा प्रबंधन के प्रबंधक आनंद झैरवार ने बताया कि कंट्रोल रूम में अभिषेक तिवारी नोडल अधिकारी हैं एवं प्रत्येक विधानसभा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। आपने बताया कि चारों विधानसभाओं में 139 रिजर्व सहित सेक्टर अधिकारियों के वाहन है एवं 322 रिजर्व सहित मतदान दलों को ले जाने वाले वाहन हैं। इन सभी वाहनों में जीपीएस लगाने का कार्य किया जा रहा है। सभी वाहनों की निगरानी कंट्रोल रूम के माध्यम से की जायेगी जिसमें मतदान दल के सामग्री स्कूल से निकलने से लेकर जिला मुख्यालय पर बाहर आने तक की निगरानी की जाएगी यदि किसी वाहन में कोई समस्या आती है तो उसे तत्काल बदलकर दूसरे वाहन भेजने की व्यवस्था की जाएगी कंट्रोल रूम में चारों विधानसभा प्रभारी के साथ 4 कर्मचारी दिये हैं जो लगातार 24 घंटे जीपीएस टकिंग की मॉनिटरिंग करेंगे।
