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आगर-मालवा

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जिले में बीते 24 घंटों में 130.0 मिमी. औसत वर्षा 

आगर-मालवा | 16-अगस्त-2019

 जिले में आज 15 अगस्त सुबह 08.00 बजे तक बीते 24 घंटे में 130.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिसमें बड़ौद तहसील में सबसे अधिक 190.0 मिमी. एवं सुसनेर मे सबसे कम 83.6 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त आगर में 128.0 मिमी तथा नलखेड़ा तहसील में 118.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

जिले में अब तक कुल 908.0 मिमी औसत वर्षा

    जिले में एक जून से अब तक कुल 908.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिसमें आगर तहसील में 997.0 मिमी., बड़ौद 1082.2 मिमी, सुसनेर में 735.4 मिमी. तथा नलखेड़ा में 817.5 मिमी. वर्षा हुई है। विगत वर्ष इस अवधि में 587.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 899.9 मिमी है।

 

पेयजल प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से मान्यता दिलाने का निर्णय – मंत्री श्री पांसे 

प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिये 26.56 करोड़ का प्रावधान 

आगर-मालवा | 06-अगस्त-2019

  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि आमजन को शुद्ध पेयजल प्रदाय के लिये राज्य सरकार ने पेयजल प्रयोगशालाओं को नेशनल एक्रीडीशन बोर्ड लैब (एनएबीएल) से मान्यता दिलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पेयजल प्रयोगशालाओं के रख-रखाव और आधुनिकीकरण के लिये विभागीय बजट में कुल 26 करोड़ 56 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्री पांसे ने बताया कि प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता की जाँच के लिये 51 जिला-स्तरीय और 104 उपखण्ड-स्तरीय प्रयोगशालाएँ हैं। इनके रख-रखाव और आधुनिकीकरण के लिये बजट में 22 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि 30 प्रयोगशालाओं के नवीन भवन निर्माण तथा पुराने भवनों के उन्नयन के लिये इस वर्ष बजट में 4 करोड़ 6 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

रतलाम अब तक सर्वाधिक वर्षा वाला जिला 

आगर-मालवा | 26-जुलाई-2019

 प्रदेश में अब तक 7 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक वर्षा रतलाम में 538.7 मापी गई, जो सामान्य से 232.4 अधिक है। जबकि प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से कम मापी गई। इसमें सबसे कम वर्षा 189.4 सीधी में मापी गई, जो सामान्य से 202 कम है।
प्रदेश में अब तक रतलाम, नीमच, झाबुआ, मुरैना, इंदौर, उमरिया एवं मंदसौर जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश के 25 जिलों उज्जैन, भिण्ड, दमोह, बड़वानी, खण्डवा, धार, ग्वालियर, शाजापुर, दतिया, शिवपुरी, अलीराजपुर, जबलपुर, रायसेन, मण्डला, राजगढ़, डिण्डौरी, सतना, रीवा, सिंगरोली, नरसिंहपुर, सीहोर, बुरहानपुर, भोपाल, खरगौन एवं आगर-मालवा सामान्य वर्षा मापी गई।प्रदेश में वर्षा की स्थिति सामान्य है। किसी भी जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।

यातायात थाना द्वारा अभियान चलाकर वाहनों की रूटवार नम्बरिंग की गई 

आगर-मालवा | 23-जुलाई-2019

पुलिस अधीक्षक सुश्री सविता सोहाने के निर्देषन एवं मार्गदर्षन में दुर्घटना के दौरान नम्बरिंग नहीं होने वाहनों की पहचान नहीं हो पाने के दृष्टिगत रखते हुए यातायात थाना टीम द्वारा सोमवार को जिले में बस स्टेण्ड से तनोड़िया रूट, बड़ौद चौराहा से बड़ौद रूट पर एक संयुक्त अभियान चलाकर वाहनों की रूटवार नम्बरिंग की गई।
यातायात थाना प्रभारी ने बताया कि अभियान का उद्देष्य सवारी वाहन मैजिक, ऑटो आदि पर नम्बरिंग नहीं होने से दुर्घटना होने पर पहचान नहीं हो पाती है। इसके लिये अभियान चलाकर वाहनों के दस्तावेजों की चेकिंग कर वाहनों की नम्बरिंग की गई व वाहन स्वामी एवं चालक के मोबाईल नम्बर व पता भी एकत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि तनोड़िया रूट की तरफ से जाने वाले मैजिक को TN-1, बडौद रूट के मैजिक वाहन को BR-1, भ्याना रूट के मैजिक को BH-1, गंगापुर रूट के वाहन को GN-1  से मार्किंग की गई। जिससे कि वाहनों की आसानी से पहचान की जा सकें। सोमवार को 24 वाहनों की जानकारी एकत्रित की गई व वाहन चालकों को समझाईष दी गई कि वाहन की क्षमता अनुसार ही सवारी बैठाये। उन्होंने बताया कि उक्त अभियान सतत् जारी रहेगा।
कार्यवाही के दौरान यातायात थाना प्रभारी सुरी सोनू बडगुर्जर, स.उ.नि. एमएल मंडोत, सउनि बीएल पेजवाल, आगर 97 जितेन्द्र सिंह करनावत, एनसीओ 67 बाबूसिंह चंद्रावत सहित यातायात थाने के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

1403 शिक्षक ट्राइबल स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर जायेंगे

एन.ओ.सी. जारी 

आगर-मालवा | 12-जुलाई-2019

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदिम-जाति कल्याण विभाग की शालाओं में प्रतिनियुक्ति के लिये 1403 प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों के अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किये गये हैं। आदिम-जाति कल्याण विभाग के पोर्टल <www.tribal.mp.gov.in> पर ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आवेदक MPTAAS पर ट्रांसफर मॉड्यूल में “शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर” के विकल्प पर क्लिक करेगा। आवेदक द्वारा यूनिक आई.डी., मोबाइल नम्बर तथा ई-मेल दर्ज करने पर आवेदक के मोबाइल नम्बर तथा ई-मेल पर ओटीपी प्राप्त होगा। आवेदक द्वारा ओटीपी दर्ज करने पर अगली स्क्रीन पर आवेदक की सामान्य जानकारी जैसे नाम, पदनाम, विषय, वर्तमान पद-स्थापना एवं जिला आदि की जानकारी प्रदर्शित होगी। तत्पश्चात् आदिम-जाति कल्याण विभाग की शालाओं की जिलेवार जानकारी प्रदर्शित होगी।
आवेदक प्रदर्शित शालाओं में से 5 शालाओं का चयन कर सकेगा। आवेदक को विभागीय शालाओं में प्रतिनियुक्ति के लिये आदेश जारी कर पदस्थ किया जायेगा। जिन शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग की अनुमति जारी कर दी गई है, वे तत्काल आदिम-जाति कल्याण विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि उनकी पद-स्थापना आदिम-जाति कल्याण विभाग की शालाओं में की जा सके।

किसानों को आम का उचित मूल्य और उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त आम सुलभ कराने की पहल सराहनीय 

कृषि मंत्री श्री यादव ने किया नाबार्ड के “आम महोत्सव-02” का शुभारंभ 

आगर-मालवा | 07-जून-2019   “आम महोत्सव” नाबार्ड की सराहनीय पहल है। इससे किसानों को आम की उपज का उचित मूल्य और उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त जैविक पद्धति से उत्पादित आम सुलभ हो रहा है। यह बात किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव ने गत दिवस नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में राज्य स्तरीय आम महोत्सव-02 प्रदर्शन सह- बिक्री प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कही।
राज्य स्तरीय आम महोत्सव-02 प्रदर्शन सह- बिक्री प्रदर्शनी 8 जून तक रहेगी। इसमें प्रदेश के 13 जिलों की नाबार्ड समर्थित बाड़ी परियोजनाओं एवं किसान उत्पादक संगठनों के विशेषकर आदिवासी किसानों द्वारा आम प्रेमियों को जैविक, कीटनाशक मुक्त और प्राकृतिक रूप से पके आमों की 10 सर्वाधिक लोकप्रिय किस्में प्रदर्शित की की गई है। इन किस्मों में दशहरी, लंगड़ा, केसर, नीलम, फाजली, सुंदरजा, आम्रपाली और मल्लिका आम उचित दामों पर उपलब्ध हैं।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कुमार बंसल ने बताया कि प्रदेश के आदिवासी किसानों की बाड़ी के आम, जो जैविक खाद, कीटनाशकयुक्त तथा प्राकृतिक रूप से पकाये गये हैं, को उचित बाजार तथा आम प्रेमियों को गुणवत्तायुक्त आम सुलभ कराने के लिये महोत्सव किया गया है। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आये आम उत्पादक कृषक तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।