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उज्जैन

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आगामी त्यौहार शान्तिपूर्वक मनाये जायेंगे 

शान्ति समिति की बैठक आयोजित

उज्जैन | 09-अगस्त-2019

कलेक्टर श्री शशांक मिश्र की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में आज शान्ति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईदुज्जुहा एवं भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन आयोजित होने की जानकारी दी गई। बैठक में निर्णय किया गया कि सभी समुदाय मिलकर इन दोनों त्यौहारों को शान्तिपूर्वक ढंग से मनायेंगे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एएस कनेश, एडीएम श्री आरपी तिवारी, शान्ति समिति के सदस्य, शहर काजी श्री खलीकुर्रहमान, महन्त दिग्विजयदास, महन्त डॉ.रामेश्वरदास, सर्वश्री भगवानदास, हर्ष जैन, सैय्यद रहमान, गुलज़ार, नफीसउद्दीन, रशीद खान, आजाद पटेल, विजय गोयल सहित विभिन्न अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में शहर काजी श्री खलीकुर्रहमान ने बताया कि ईदुज्जुहा के मौके पर दोपहर एक से दो तक पेयजल प्रदान किया जाये। सभी मोहल्लों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था रखी जाये। उन्होंने कहा कि भगवान महाकालेश्वर की सवारी में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। शहर काजी ने बताया कि कुर्बानी सड़कों व खुले में नहीं होती है। उन्होंने ईदगाह पर बिजली का अस्थाई कनेक्शन एक दिन पूर्व देने की मांग रखी। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि नगर निगम पेयजल, साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने सवारी मार्ग की सफाई पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये हैं।

स्मार्ट गौ-शालाएँ बनाने पशुपालन विभाग और एसआईबीसीएस कम्पनी के बीच एमओयू 

उज्जैन | 30-जुलाई-2019

 पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा की मौजूदगी में आज मंत्रालय में पशुपालन विभाग और एसआईबीसीएस ग्रीन पावर प्रायवेट लिमिटेड के बीच स्मार्ट गौ-शालाएँ बनाने के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव और एसआईबीसीएस कम्पनी के डायरेक्टर श्री कासि ललित तथा पशुपालन विभाग, गौ-संवर्धन बोर्ड और एसआईबीसीएस कम्पनी के अधिकारी मौजूद थे।
एमओयू के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा कॉर्पोरेट के सहयोग से स्मार्ट गौ-शालाओं की स्थापना की कार्य-योजना का क्रियान्वयन किया जायेगा। पहले चरण में एसआईबीसीएस कम्पनी कम से कम 2 से 3 हजार गौ-वंश की क्षमता वाली 60 गौ-शालाओं की स्थापना करेगी। स्मार्ट गौ-शाला प्रोजेक्ट में गोबर और गौ-मूत्र से जैविक सीएनजी, सौर ऊर्जा, जैविक कीट-नाशक सहित औषधियों एवं अन्य उत्पादों के माध्यम से गौ-शालाओं का व्यावसायिक मॉडल भी बनाया जायेगा। राज्य की गौ-शालाओं को जमीन देने की नीति के तहत स्मार्ट गौ-शालाओं को जमीन उपलब्ध करवाई जायेगी। गौ-शालाओं में निराश्रित गौ-वंश को रखा जायेगा।

 

जिले की घट्टिया तहसील में पिछले चौबीस घंटे में 10 मिमी वर्षा हुई 

उज्जैन | 23-जुलाई-2019

उज्जैन जिले में 22 जुलाई की सुबह समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों में औसत 3.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान जिले की घट्टिया तहसील में 10 मिमी वर्षा हुई है। पिछले चौबीस घंटों में जिले की उज्जैन तहसील में 3 मिमी, बड़नगर तहसील में 4, महिदपुर में 6 तथा तराना तहसील में 3 मिमी वर्षा हुई है। वर्षा मानसून सत्र में अभी तक जिले में औसत 404.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसत 380.5 मिमी वर्षा हुई थी।
कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष अभी तक उज्जैन जिले की उज्जैन तहसील में 304 मिमी, घट्टिया में 345, खाचरौद में 408, नागदा में 689, बड़नगर में 442, महिदपुर में 253 एवं तराना तहसील में 393 मिमी वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी अवधि में उज्जैन तहसील में 436 मिमी, घट्टिया में 284, खाचरौद में 328, नागदा में 444, बड़नगर में 303, महिदपुर में 253 एवं तराना तहसील में 616 मिमी वर्षा हुई थी।

किसानों की उपज का तौल परीक्षण जरूरी-वशिष्ठ

Ujjain News – नकद भुगतान, व्यापारी प्रतिभूति पर मंडी रखे फोकस उज्जैन| मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड उज्जैन संभाग ने सभी 42 कृषि…

Jul 12, 2019

उज्जैन| मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड उज्जैन संभाग ने सभी 42 कृषि उपज मंडियों के सचिवों को चेताया कि किसानों की उपज का तौल सही हो रहा है या नहीं इसकी निरंतर जांच की जाना चाहिए। शिकायत मिलने पर वरिष्ठ अधिकारों के संज्ञान में लाकर निराकरण कराया जाए। यह बात मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक चंद्रशेखर वशिष्ठ ने सचिवों की बैठक में कही। उन्होंने बैठक के 75 महत्वपूूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। साथ ही सुझाव व समस्याओं को सुनकर निराकरण भी किया। उन्होंने कहा किसानों को नकद भुगतान व्यापारी से प्रतिदिन की खरीदी की क्रय क्षमता अनुसार प्रतिभूति (ग्यारंटी) तथा मंडी शुल्क की तय समय पर अदायगी हो। उन्होंने कुछ प्रमुख मंडियों का उल्लेख करते हुए अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा भी की।

बैठक में छलका ई-अनुज्ञा का दर्द: ई-अनुज्ञा पर शासन ने रोक लगा दी, लेकिन बैठक में इसका दर्द छलक आया। कड़ी मेहनत कर इसे लागू किया गया था। ई-अनुज्ञा में उज्जैन संभाग प्रदेश में नंबर वन पर पहले दिन रहा था। शुरू दिन मंडियों में रात 12 बजे तक अधिकारियों ने इस सिस्टम को सफलतापूर्वक चलाया था। मंडी के कुछ व्यापारी ई-अनुज्ञा को सुविधा वाला बता रहे हैं।

उज्जैन मंडी में नीलामी शुरू, गेहूं में तेजी, सोयाबीन कमजोर : 4 दिन बाद शुरू हुई उज्जैन मंडी में गुरुवार दोपहर से किसानी उपज का विक्रय शुरू हो गया। मंडी व्यापारी अपनी तीन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। गेहूं में भाव तेज और व्यापार कम रहा। चना व्यापार भी मंदी वाला बना रहा। आगे भी तेजी की उम्मीद नहीं बताई गई है। सोयाबीन में सरकार ने समर्थन दाम बढ़ा दिया, लेकिन भारी मात्रा में सोयाबीन किसान व्यापारियों के पास होने से भाव स्तर नीचे चला गया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सड़कों के अपग्रेडेशन और छूटे गाँवों को जोड़ने का अनुरोध

गेहूँ उपार्जन की सीमा बढ़ायें, मनरेगा में दें सहायता, मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से की विकास के मुद्दों पर चर्चा

उज्जैन | 07-जून-2019   मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रस्तावित तृतीय चरण में वर्तमान सड़कों का अपग्रेडेशन करने का अनुरोध किया है। श्री नाथ ने योजना में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर उन गाँवों और बसाहटों को भी शामिल करने का अनुरोध किया है, जो पहले इस योजना में छूट गए थे। श्री नाथ के  अनुसार उनके इस प्रस्ताव के मान्य होने से छूटे गये गाँव भी सब पक्की सड़कों से जुड़ जाएंगे। श्री नाथ ने गत दिवस नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास पर भेंट की और प्रदेश के विकास के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

खनिज उत्खनन की बड़ी परियोजनाओं को दे स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान मध्य प्रदेश में खनिज उत्खनन से संबंधित लगभग 20 बड़ी परियोजनाओं की ओर दिलाया, जो विभिन्न अनुमतियों के लिये भारत सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह अनुमतियाँ मिल जाती हैं तो प्रदेश को काफी अधिक मात्रा में राजस्व आय की प्राप्ति होगी।

गेहूँ उपार्जन की सीमा 75 लाख मीट्रिक टन करें

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की सीमा 75 लाख मीट्रिक टन करने का भी प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रदेश में गेहूँ उपार्जन पर वर्तमान में 67.25 लाख मीट्रिक टन की सीमा तय की गयी है। इसके पहले भारत सरकार ने माह फरवरी में 75 लाख मीट्रिक टन की सीमा स्वीकृत की थी। यह सीमा पुराने 4 वर्ष के उपार्जन के आंकड़ों के आधार पर तय की थी।

मनरेगा में दें सहायता

श्री कमल नाथ ने मनरेगा के कामगारों के भुगतान की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा के अंतर्गत अभी तक स्वीकृत श्रमिक बजट हर वर्ष जनवरी से पूर्व समाप्त हो जाता है। इस कारण 3 से 4 महीने तक श्रमिकों को भुगतान नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बुन्देलखंड एवं निमाड़ के जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में वर्षा न होने की स्थिति की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बताया कि इसके कारण किसानों एवं अन्य निवासियों को रोजगार के लिये शहर से बाहर पलायन करना पड़ रहा है। इस पलायन को रोकने एवं क्षेत्र के निवासियों को पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा के अंतर्गत भारत शासन से पर्याप्त सहायता की अपेक्षा है।