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उज्जैन

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मैग्निफिसेंट एमपी से विकास को मिलेगी रफ्तार-मंत्री श्री शर्मा

उज्जैन | 15-अक्तूबर-2019

जनसम्पर्क, विधि-विधायी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने गत दिवस इंदौर के पंचकुइया आश्रम में अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में कहा कि मैग्निफिसेंट एमपी के आयोजन से प्रदेश में विकास को रफ्तार मिलेगी। कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर श्री लक्ष्मणदास महाराज, पण्डित नीरज शर्मा और पण्डित घनश्याम जोशी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहली बार 21 हजार पुजारियों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में हुए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। साथ ही, शासकीय जमीनों पर स्थापित मंदिरों को पट्टा देने की कार्यवाही भी की जा रही है। श्री शर्मा ने इस मौके पर समाज की स्मारिका का विमोचन किया।

प्रभारी मंत्री चुनर यात्रा में शामिल हुए

उज्जैन | 01 अक्टूबर -2019

उज्जैन जिले के प्रभारी एवं लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री श्री सज्जनसिंह वर्मा आज 30 सितम्बर की शाम को उज्जैन शहर के शान्ति नगर से निकलने वाली चुनर यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने शान्ति नगर में जाकर यात्रा के संचालकों से भेंट की तथा राधाकृष्ण मन्दिर में जाकर पूजन-अर्चन किया। शान्ति नगर में मंच पर प्रभारी मंत्री एवं चुनर यात्रा के संचालकों तथा विधायक श्री महेश परमार, पूर्व विधायक एवं शहर अध्यक्ष डॉ.बटुकशंकर जोशी का क्षेत्र के नागरिकों द्वारा साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री महेश परमार, श्री मुरली मोरवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री करण कुमारिया, जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्री कमल पटेल, जनप्रतिनिधि सर्वश्री मनीष शर्मा, रवि शुक्ला, अशोक भाटी, जयसिंह दरबार, जितेन्द्र तिलकर, कुन्दन माली, साहिल देहलवी, सोनू शर्मा, जगदीश ललावत, अजय मरमट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

औद्योगिक परिक्षेत्र को अपने घर-आंगन की तरह स्वच्छ रखें

उज्जैन | 24-सितम्बर-2019

कलेक्टर श्री शशांक मिश्र के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री जीएस डाबर ने सोमवार 23 सितम्बर को देवास रोड स्थित नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र में अवन्तिका औद्योगिक कल्याण संघ की बैठक लेकर कहा कि अपने-अपने औद्योगिक परिक्षेत्र को अपने घर-आंगन की तरह स्वच्छ रखा जाये। जिन उद्योगपतियों ने अतिक्रमण करके रखा है, वे स्वयं स्वेच्छा से 28 सितम्बर तक हटा लें, अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। बैठक में सम्बन्धित को निर्देश दिये कि औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम से प्रतिदिन कचरा संग्रहण के लिये वाहन पहुंचे, ताकि कचरा व्यवस्थित कचरा वाहन में भेजा जा सके।
बैठक में जिला औद्योगिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र के महाप्रबंधक श्री रावत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकारी श्रीमती ललिता शर्मा तथा उद्योगपति उपस्थित थे। बैठक में पोहा-परमल एसोसिएशन के सचिव श्री मयंक पटेल ने जानकारी दी कि उनके 80 प्रतिशत सदस्यों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिये विशेष संयंत्र लगाये हैं।

नई पीढ़ी भी जुड़े साहित्य और संस्कृति से – संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ

तीन विभूतियाँ राष्ट्रीय सम्मान से अंलकृत

उज्जैन | 17-सितम्बर-2019

संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि साहित्य और संस्कृति क्षेत्र की प्रतिष्ठित विभूतियों से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी भी इन क्षेत्रों से जुड़कर बेहतर वातावरण बनाने में सहयोगी बन सकती है। भिन्न-भिन्न संस्कृतियों वाले हमारे प्रदेश में समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराएँ हैं। श्रेष्ठ साहित्य सृजन से मनुष्यता का भी संरक्षण होता है। संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने गत दिवस हिन्‍दी दिवस के अवसर पर प्रदान किये जाने के लिए स्‍थापित सम्‍मानों के अलंकरण समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। रवीन्‍द्र भवन में हुए गरिमामय कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने अलंकरण प्रदान किए।
हिन्दी भाषा ‍सम्मान के अंतर्गत राष्‍ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्‍मान, राष्‍ट्रीय गुणाकर मुले सम्‍मान एवं राष्‍ट्रीय हिन्‍दी भाषा सम्‍मान संबंधित क्षेत्र में सृजन एवं महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किये गए। इन तीनों सम्‍मान की राशि रुपये एक लाख है। इसके साथ सम्‍मान पट्टिका, शाल एवं श्रीफल प्रदान किया जाता है। संस्‍कृति विभाग के इस अलंकरण सम्‍मान में डॉ. साधौ ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में स्थापित पुरस्कार नियमित रूप से प्रदान करेगी, कुछ साल से ये सिलसिला अनियमित था। डॉ. साधौ ने कहा कि प्रदेश में संस्कृति और हिंदी के प्रसार और विकास के लिए भरसक प्रयास होंगे।
सम्मानों के अंतर्गत गुड़गांव के डॉ. बालेन्‍दु शर्मा दाधीच को सूचना प्रौद्योगिकी सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया। भोपाल के लेखक एवं शिक्षाविद् प्रो. कपूरमल जैन को गुणाकर मुले सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया। पुणे के अहिन्‍दी भाषी कवि एवं लेखक चंद्रकान्‍त पाटिल को राष्‍ट्रीय हिन्‍दी भाषा सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया। गुणाकर मुले सम्मान की चयन समिति में अपर संचालक जनसम्पर्क श्री सुरेश गुप्ता, साहित्यकार डॉ. विजय बहादुर सिंह, प्रो. लक्ष्मी शर्मा और श्री हेमेन्द्र पाल शामिल थे। राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान की चयन समिति में डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. अनिल चौबे और श्री अनुराग सीठा शामिल थे। राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान की चयन समिति में श्री बृजेन्द्र त्रिपाठी, प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी, श्री मंगलेश डबराल और श्री पुष्पेन्द्र सिंह शामिल थे।
सम्मानित विभूतियों की ओर से श्री चन्द्रकान्त पाटिल ने मध्यप्रदेश शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मध्यप्रदेश से बरसों तक सम्बन्ध रहा है। साहित्य परिषद की तरफ से वे अनेक कार्यक्रम में सम्मिलित हो चुके हैं। मध्यप्रदेश में साहित्य और साहित्यकारों के संवर्धन के लिये अच्छा कार्य हो रहा है।
सम्‍मान अलंकरण समारोह के पश्‍चात सुविख्‍यात संगीत संयोजक एवं कलाकार श्री उमेश तरकसवार ने रीतिकालीन, छायावादी एवं समकालीन तथा आधुनिक कवियों की कविताओं की प्रभावशाली संगीतमय प्रस्तुति दी। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, नगर के अनेक साहित्यकार और कला एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

व्यापार का भविष्य सुरक्षित करने के लिये ई-कॉमर्स अपनाना जरूरी

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से मिला कैट प्रतिनिधि-मंडल

उज्जैन | 06-सितम्बर-2019

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा करते हुए कहा कि विश्वभर में ऑनलाइन बिजनिस को बढ़ते देख यह आवश्यक हो गया है कि आने वाले समय में व्यापारियों को ई-कॉमर्स सिस्टम अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि व्यवसाय को ऑफलाइन के साथ-साथ आनॅलाइन पर भी रखें। श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में ई-कॉमर्स सिस्टम अभियान के रूप में चलायेंगे। विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ इसमें प्रतिभागी रहेंगे। छोटे कारोबारियों को बिना किसी आर्थिक भार के ई-कॉमर्स में शामिल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में किसानों को नगद भुगतान आवश्यक है। बैंकों में कैश उपलब्ध न होने की स्थिति में किसान को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि हम केन्द्र सरकार से बात करेंगे ताकि व्यापरियों को परेशानी न हो और किसान को भी उसकी फसल का पैसा तुरंत मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए योजना बनाई जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के ‘‘बैज‘‘ का लोकार्पण किया। कैट के प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को पहला बैज लगाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों के लिये प्रत्येक जिले में मुद्रा लोन शिविर लगाये जायेंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर स्टार्टअप समिट होगी। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और कारोबारियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि जो अधिक से अधिक रोजगार देगा, उसको राज्य शासन से हरसंभव मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीण खंडेलवाल ने कैट, सीएससी, मास्टर कार्ड एवं ग्लोबल लिंकर ई-कॉमर्स बिजनिस की परिकल्पना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कैट राज्य शासन के साथ मिलकर प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए कार्य करने के लिए तैयार है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णबाल, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन, ग्लोबल लिंकर के श्री समीर वकील, कैट के सोशल मीडिया प्रभारी श्री सुमित अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेश्याम माहेश्वरी, सेन्ट्रल जोन कोर्डिनेटर श्री रमेश गुप्ता, महामंत्री श्री मुकेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव श्री मनोज चौरसिया, श्री अजय चौरसिया, श्री अविचल जैन, श्री नरेन्द्र मांडिल उपस्थित थे।

सातवी आर्थिक गणना के सम्बन्ध में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आज

उज्जैन | 31-अगस्त-2019

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश अनुसार उज्जैन जिले में सातवी आर्थिक गणना के सुचारू रूप से संचालन के लिये कलेक्टर श्री शशांक मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक शनिवार 31 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे बृहस्पति भवन में आयोजित की जायेगी। बैठक में समिति के सदस्य, जिले के समस्त तहसीलदार, समस्त एसडीएम आदि उपस्थित रहेंगे।

महाकालेश्वर क्षेत्र की प्रस्तावित 300 करोड़ की योजना 

उज्जैन | 23-अगस्त-2019

        भगवान महाकालेश्वर क्षेत्र एवं नगर के विकास हेतु आज आयोजित की गई बैठक में 300 करोड़ रुपये की योजना की प्रारम्भिक स्वीकृति दी गई। अन्तिम स्वीकृति स्थानीय जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण एवं सुझाव के उपरान्त दी जायेगी। प्रारम्भिक रूप से 300 करोड़ की योजना इस प्रकार है-
फेज-1 में 97 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से पार्किंग प्लाजा, मीडवे झोन एवं कंट्रोल रूम, फूड कोर्ट, महाकाल कॉरिडोर, 29.73 करोड़ की मल्टीलेवल पार्किंग, महाकाल परिसर के आसपास के सात स्कूलों का प्रतिस्थापन 20.89 करोड़, हरिफाटक के आसपास के तीन स्कूलों का प्रतिस्थापन 5.5 करोड़।
फेज-2 में महाराजवाड़ा कॉम्पलेक्स का विकास 27 करोड़, अन्नक्षेत्र एवं धर्मशाला का विकास 17 करोड़, रूद्र सागर के लेकफ्रंट का विकास 12 करोड़, रामघाट पर विकास कार्य 9 करोड़, टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेन्टर 7.5 करोड़, रूद्र सागर का शुद्धिकरण एवं पुनर्जीवन 18 करोड़, हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण एवं रेलवे अण्डरपास का निर्माण 36.5 करोड़ तथा विजिटर्स फेसिलिटी सेन्टर का निर्माण 30 करोड़ शामिल है।

आगामी त्यौहार शान्तिपूर्वक मनाये जायेंगे 

शान्ति समिति की बैठक आयोजित

उज्जैन | 09-अगस्त-2019

कलेक्टर श्री शशांक मिश्र की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में आज शान्ति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईदुज्जुहा एवं भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन आयोजित होने की जानकारी दी गई। बैठक में निर्णय किया गया कि सभी समुदाय मिलकर इन दोनों त्यौहारों को शान्तिपूर्वक ढंग से मनायेंगे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एएस कनेश, एडीएम श्री आरपी तिवारी, शान्ति समिति के सदस्य, शहर काजी श्री खलीकुर्रहमान, महन्त दिग्विजयदास, महन्त डॉ.रामेश्वरदास, सर्वश्री भगवानदास, हर्ष जैन, सैय्यद रहमान, गुलज़ार, नफीसउद्दीन, रशीद खान, आजाद पटेल, विजय गोयल सहित विभिन्न अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में शहर काजी श्री खलीकुर्रहमान ने बताया कि ईदुज्जुहा के मौके पर दोपहर एक से दो तक पेयजल प्रदान किया जाये। सभी मोहल्लों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था रखी जाये। उन्होंने कहा कि भगवान महाकालेश्वर की सवारी में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। शहर काजी ने बताया कि कुर्बानी सड़कों व खुले में नहीं होती है। उन्होंने ईदगाह पर बिजली का अस्थाई कनेक्शन एक दिन पूर्व देने की मांग रखी। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि नगर निगम पेयजल, साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने सवारी मार्ग की सफाई पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये हैं।

स्मार्ट गौ-शालाएँ बनाने पशुपालन विभाग और एसआईबीसीएस कम्पनी के बीच एमओयू 

उज्जैन | 30-जुलाई-2019

 पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा की मौजूदगी में आज मंत्रालय में पशुपालन विभाग और एसआईबीसीएस ग्रीन पावर प्रायवेट लिमिटेड के बीच स्मार्ट गौ-शालाएँ बनाने के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव और एसआईबीसीएस कम्पनी के डायरेक्टर श्री कासि ललित तथा पशुपालन विभाग, गौ-संवर्धन बोर्ड और एसआईबीसीएस कम्पनी के अधिकारी मौजूद थे।
एमओयू के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा कॉर्पोरेट के सहयोग से स्मार्ट गौ-शालाओं की स्थापना की कार्य-योजना का क्रियान्वयन किया जायेगा। पहले चरण में एसआईबीसीएस कम्पनी कम से कम 2 से 3 हजार गौ-वंश की क्षमता वाली 60 गौ-शालाओं की स्थापना करेगी। स्मार्ट गौ-शाला प्रोजेक्ट में गोबर और गौ-मूत्र से जैविक सीएनजी, सौर ऊर्जा, जैविक कीट-नाशक सहित औषधियों एवं अन्य उत्पादों के माध्यम से गौ-शालाओं का व्यावसायिक मॉडल भी बनाया जायेगा। राज्य की गौ-शालाओं को जमीन देने की नीति के तहत स्मार्ट गौ-शालाओं को जमीन उपलब्ध करवाई जायेगी। गौ-शालाओं में निराश्रित गौ-वंश को रखा जायेगा।

 

जिले की घट्टिया तहसील में पिछले चौबीस घंटे में 10 मिमी वर्षा हुई 

उज्जैन | 23-जुलाई-2019

उज्जैन जिले में 22 जुलाई की सुबह समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों में औसत 3.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान जिले की घट्टिया तहसील में 10 मिमी वर्षा हुई है। पिछले चौबीस घंटों में जिले की उज्जैन तहसील में 3 मिमी, बड़नगर तहसील में 4, महिदपुर में 6 तथा तराना तहसील में 3 मिमी वर्षा हुई है। वर्षा मानसून सत्र में अभी तक जिले में औसत 404.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसत 380.5 मिमी वर्षा हुई थी।
कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष अभी तक उज्जैन जिले की उज्जैन तहसील में 304 मिमी, घट्टिया में 345, खाचरौद में 408, नागदा में 689, बड़नगर में 442, महिदपुर में 253 एवं तराना तहसील में 393 मिमी वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी अवधि में उज्जैन तहसील में 436 मिमी, घट्टिया में 284, खाचरौद में 328, नागदा में 444, बड़नगर में 303, महिदपुर में 253 एवं तराना तहसील में 616 मिमी वर्षा हुई थी।

किसानों की उपज का तौल परीक्षण जरूरी-वशिष्ठ

Ujjain News – नकद भुगतान, व्यापारी प्रतिभूति पर मंडी रखे फोकस उज्जैन| मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड उज्जैन संभाग ने सभी 42 कृषि…

Jul 12, 2019

उज्जैन| मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड उज्जैन संभाग ने सभी 42 कृषि उपज मंडियों के सचिवों को चेताया कि किसानों की उपज का तौल सही हो रहा है या नहीं इसकी निरंतर जांच की जाना चाहिए। शिकायत मिलने पर वरिष्ठ अधिकारों के संज्ञान में लाकर निराकरण कराया जाए। यह बात मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक चंद्रशेखर वशिष्ठ ने सचिवों की बैठक में कही। उन्होंने बैठक के 75 महत्वपूूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। साथ ही सुझाव व समस्याओं को सुनकर निराकरण भी किया। उन्होंने कहा किसानों को नकद भुगतान व्यापारी से प्रतिदिन की खरीदी की क्रय क्षमता अनुसार प्रतिभूति (ग्यारंटी) तथा मंडी शुल्क की तय समय पर अदायगी हो। उन्होंने कुछ प्रमुख मंडियों का उल्लेख करते हुए अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा भी की।

बैठक में छलका ई-अनुज्ञा का दर्द: ई-अनुज्ञा पर शासन ने रोक लगा दी, लेकिन बैठक में इसका दर्द छलक आया। कड़ी मेहनत कर इसे लागू किया गया था। ई-अनुज्ञा में उज्जैन संभाग प्रदेश में नंबर वन पर पहले दिन रहा था। शुरू दिन मंडियों में रात 12 बजे तक अधिकारियों ने इस सिस्टम को सफलतापूर्वक चलाया था। मंडी के कुछ व्यापारी ई-अनुज्ञा को सुविधा वाला बता रहे हैं।

उज्जैन मंडी में नीलामी शुरू, गेहूं में तेजी, सोयाबीन कमजोर : 4 दिन बाद शुरू हुई उज्जैन मंडी में गुरुवार दोपहर से किसानी उपज का विक्रय शुरू हो गया। मंडी व्यापारी अपनी तीन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। गेहूं में भाव तेज और व्यापार कम रहा। चना व्यापार भी मंदी वाला बना रहा। आगे भी तेजी की उम्मीद नहीं बताई गई है। सोयाबीन में सरकार ने समर्थन दाम बढ़ा दिया, लेकिन भारी मात्रा में सोयाबीन किसान व्यापारियों के पास होने से भाव स्तर नीचे चला गया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सड़कों के अपग्रेडेशन और छूटे गाँवों को जोड़ने का अनुरोध

गेहूँ उपार्जन की सीमा बढ़ायें, मनरेगा में दें सहायता, मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से की विकास के मुद्दों पर चर्चा

उज्जैन | 07-जून-2019   मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रस्तावित तृतीय चरण में वर्तमान सड़कों का अपग्रेडेशन करने का अनुरोध किया है। श्री नाथ ने योजना में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर उन गाँवों और बसाहटों को भी शामिल करने का अनुरोध किया है, जो पहले इस योजना में छूट गए थे। श्री नाथ के  अनुसार उनके इस प्रस्ताव के मान्य होने से छूटे गये गाँव भी सब पक्की सड़कों से जुड़ जाएंगे। श्री नाथ ने गत दिवस नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास पर भेंट की और प्रदेश के विकास के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

खनिज उत्खनन की बड़ी परियोजनाओं को दे स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान मध्य प्रदेश में खनिज उत्खनन से संबंधित लगभग 20 बड़ी परियोजनाओं की ओर दिलाया, जो विभिन्न अनुमतियों के लिये भारत सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह अनुमतियाँ मिल जाती हैं तो प्रदेश को काफी अधिक मात्रा में राजस्व आय की प्राप्ति होगी।

गेहूँ उपार्जन की सीमा 75 लाख मीट्रिक टन करें

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की सीमा 75 लाख मीट्रिक टन करने का भी प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रदेश में गेहूँ उपार्जन पर वर्तमान में 67.25 लाख मीट्रिक टन की सीमा तय की गयी है। इसके पहले भारत सरकार ने माह फरवरी में 75 लाख मीट्रिक टन की सीमा स्वीकृत की थी। यह सीमा पुराने 4 वर्ष के उपार्जन के आंकड़ों के आधार पर तय की थी।

मनरेगा में दें सहायता

श्री कमल नाथ ने मनरेगा के कामगारों के भुगतान की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा के अंतर्गत अभी तक स्वीकृत श्रमिक बजट हर वर्ष जनवरी से पूर्व समाप्त हो जाता है। इस कारण 3 से 4 महीने तक श्रमिकों को भुगतान नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बुन्देलखंड एवं निमाड़ के जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में वर्षा न होने की स्थिति की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बताया कि इसके कारण किसानों एवं अन्य निवासियों को रोजगार के लिये शहर से बाहर पलायन करना पड़ रहा है। इस पलायन को रोकने एवं क्षेत्र के निवासियों को पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा के अंतर्गत भारत शासन से पर्याप्त सहायता की अपेक्षा है।