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खण्डवा

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नवोदय विद्यालय की कक्षा 6वी में प्रवेश के लिए 15 सितम्बर तक करें आवेदन 

खण्डवा | 09-अगस्त-2019

  जवाहर नवोदय विद्यालय पंधाना में सत्र 2020-21 के लिये कक्षा 6वी में रिक्त स्थानों की पूर्ति ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए है। जवाहर नवोदय विद्यालय पंधाना के प्राचार्य श्री एस. जे. गवई ने बताया कि ऑनलाइन पत्र नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट www.navodaya.gov.in एवं www.nvsadmissionclasssix.in  पर भरे जा रहे है। ऑनलाइन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर है। प्राचार्य ने बताया कि प्रवेश परीक्षा 11 जनवरी 2020 को आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि जिले के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में सत्र 2019-20 में कक्षा 5वी में अध्ययनरत विद्यार्थी जिनका जन्म 1 मई 2007 से 30 अप्रैल 2011 के बीच हो आवेदन कर सकते है। इसकी अधिक जानकारी के लिए प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय पंधाना से सम्पर्क कर सकते है।

वर्षा ऋतु में जलजनित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के उपाय 

खण्डवा | 30-जुलाई-2019

वर्षा ऋतु में संक्रामक रोग जैसे हैजा, उल्टी-दस्त, पैचिस, खसरा, मलेरिया, पीलिया आदि बीमारीयां उत्पन्न होने की संभावना रहती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि नदी, तालाब जैसे जल स्त्रोतों के पास जब लोग मल त्याग करते है तो मल में मौजूद रोगाणु पानी में मिल जाते है। जब लोग स्नान करते हैं, कपड़े धोते है या पशुओं को नहलाते है तो अनेक रोगाणु पानी में फैल सकते है। जब पीने के लिए या भोजन पकाने के लिए ऐसे प्रदूषित व गंदे जल का उपयोग किया जाता है, तो यह रोगाणु शरीर में प्रवेश कर कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हो जाते जिसके काराण दस्त, हेजा, टायफाइड,  पीलिया, खूनी पैचिस, तथा कीड़े की बीमारी तथा आंव दस्त जैसी कई बीमारियां होती है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि वर्षा ऋतु में जल जनित रोगों से बचाव के लिए हमेशा शुद्ध जल का प्रयोग किया जाना चाहिए। हेण्डपम्प का पानी सबसे सुरक्षित साधनों में से एक है। पानी को हमेशा छानकर व उबालकर इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। कुंओं के पानी में नियमित ब्लीचिंग पाउडर डाला जाना चाहिए। साथ ही पीने के पानी को हमेशा साफ बर्तन में ही रखना चाहिए। पानी के बर्तन को प्रतिदिन साफ करें तथा पानी को दोहरे कपड़े से छानकर भरा जाना चाहिए। पानी निकालने के लिए लम्बे हेण्डिल वाले बर्तन का प्रयोग करें तथा पीने के पानी में हाथ न डाले। एक घड़े या मटकें में एक क्लोरीन गोली पीसकर डालना चाहिए। आधे घण्टे तक इसे ढककर रखने के बाद ही पानी पीने के लिए उपयोग करना चाहिए। उल्टी-दस्त रोग होने पर ओ.आर.एस. पेकेट एक लीटर स्वच्छ व शुद्ध पानी को घोलकर रोगी को पिलाना शुरू कर देना चाहिए। मरीज को 24 घण्टे के अन्दर यह घोल अधिक से अधिक मात्रा में पिलाना चाहिए व 24 घण्टे के बाद बचा हुआ घोल फेककर दूसरे पेकेट का घोल बनाना चाहिए। दूध पीने वाले शिशु को मॉं का दूध पिलाना बंद नहीं करना चाहिए।

 

आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त 2 पदों के लिए आवेदन 30 जुलाई तक जमा करें

खण्डवा | 23-जुलाई-2019

एकीकृत बाल विकास परियोजना नया हरसूद में आंगनवाड़ी सहायिका के लिए रिक्त 2 पदो की पूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये है। ये आवेदन 30 जुलाई तक परियोजना कार्यालय हरसूद में प्रस्तुत किये जा सकते है। जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में सहायिका के पद रिक्त है उनमें पलानीमाल के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक 2 एवं ग्राम डोटखेड़ा आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक 2 शामिल है।
परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना नया हरसूद ने बताया कि आवेदन पत्र परियोजना कार्यालय से प्राप्त किये जा सकते है तथा कार्य दिवसों में कार्यालय में जमा कराये जा सकते है। आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता, मूल निवासी, जाति प्रमाण पत्र, आदि की छायाप्रति संलग्न करना होगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में कार्य दिवसों में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय हरसूद में सम्पर्क किया जा सकता है। आंगनवाड़ी सहायिका के लिए न्यूनतम 5 वीं कक्षा पास होना आवष्यक है। सहायिका को 2250 रू. प्रतिमाह मानदेय एवं 2750 रू. प्रतिमाह अतिरिक्त मानदेय मिलाकर कुल 5000 रू. एवं शासन द्वारा स्वीकृत अन्य भुगतान देय होंगे

 

खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ

झाबुआ | 12-जुलाई-2019

 मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बजट-2019-20 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है। किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का  ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखलाई देती है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि पिछले 6 माह में खाली खजाने के बावजूद प्रदेश के विकास की दिशा में सुविचारित कदम उठाये गए हैं। जनता से किए गए वचनों को पूरा करने की इच्छाशक्ति इस बजट से स्पष्ट होती है। ग्रामीण विकास के साथ शहरी क्षेत्रों के लिये पर्याप्त प्रावधान किया गया है। औद्योगीकरण के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये भी योजनाओं का प्रावधान किया गया हैं। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

तेज गर्मी और लू से बचने के लिए सावधानी बरतें

खण्डवा | 06-जून-2019  ग्रीष्मकाल में बढ़ते तापमान एवं लू से बचने के लिए जिले के नागरिकों से सावधानियॉं बरतने का आग्रह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने किया है। उन्होंने सभी नागरिको से अपील की है कि जिले में ग्रीष्मकाल में जून माह में 40 डिग्री सेल्सियस के उपर तापमान पहुंच जाता है। अतः अधिक देर तक घर से बाहर धूप में रहने पर नागरिकगण लू के शिकार हो सकते है। उन्होंने बताया कि लू से शिकार व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है मुंह-जुबान सूखने लगती है, माथे, हाथ व पैर में पसीना आता है व घबराहट होती है और प्यास लगती है, उल्टी होती है, भूख नहीं लगती है तथा हालत अधिक खराब होने से मरीज बेहोश हो जाता है। उन्होंने बताया कि त्वचा एकदम शुष्क और तापमान 105 डिग्री फेरेनहाइट तक हो जाता है। गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, बुखार हाथ पैरों में दर्द, आंखों और पैशाब में जलन के साथ ही कभी-कभी दस्त भी लगते है। साथ  ही पानी की कमी के कारण मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग, कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढ़ककर ही धूप में निकलें एवं रंगीन चश्में व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का प्रयोग करें। बिना भोजन किये बाहर न निकलें, भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकले। गर्मी में हमेंशा पानी अधिक मात्रा में पिये एवं पेय पदार्थों का अधिक-से-अधिक मात्रा में सेवन करें। जहॉं तक संभव हो ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम या मेहनत न करें एवं बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में नहीं करें। यदि कोई व्यक्ति लू-तापधात से प्रभावित होता है तो उसका तत्काल इन तरीकों से प्राथमिक उपचार किया जाये रोगी को तुरन्त छायादार जगह पर कपडे ढ़ीलें कर लिटा दें एवं हवा करें। रोगी को होश आने की दशा में उसे ठण्डे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चे आम का पना आदि दें। प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु शरीर पर मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियॉं रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक की शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है। इस उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है तो उसे तत्काल निकटतम चिकित्सालय में भेजा जाना चाहिये।