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मुरैना

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भुजरिया मेला के त्यौहार पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त

मुरैना | 16-अगस्त-2019

 16 अगस्त को भुजरिया मेला त्यौहार पर कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने कार्यपालिक मजिस्टेªटों की ड्यूटी लगाई है। जिसमें बड़ोखर तालाब का सम्पूर्ण क्षेत्र तहसीदार श्री आर.एल. बागरी, नायब तहसीलदार श्री रत्नेश शर्मा, महोदव नाका, हनुमान चौराहा रेल्वे स्टेशन का सम्पूर्ण क्षेत्र के लिये श्रीमती काजल दीक्षित अधीक्षक भू-अभिलेख, नायब तहसीलदार कु. कल्पना शर्मा, पुल तिराहे से बड़ोखर का सम्पूर्ण क्षेत्र के लिये डिप्टी कलेक्टर श्री सुरेश बराहदिया, एस.एल.आर श्री गजेन्द्र हर्षाना, अम्बाह वाय-पास मुडिया खेड़ा का सम्पूर्ण क्षेत्र के लिये डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिवानी तरेटिया और बानमौर का सम्पूर्ण क्षेत्र के लिये तहसीलदार बामौर श्री अनिल राघव और श्रीमती सुनील शर्मा को तैनात किया गया है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति के लिये विशेष प्रावधान 

मुरैना | 05-अगस्त-2019

 राज्य शासन के प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों सहरिया, बैगा और भारिया के लिये शासकीय सेवा में नियुक्ति के विशेष प्रावधान का पालन कराने के निर्देश दिये हैं। समस्त सभी शासकीय विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों को इस संबंध में परिपत्र जारी पूर्व से किया है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण) नियम-1998 में विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय सेवा में भर्ती प्रक्रिया अपनाये बिना नियुक्त करने का प्रावधान है। विशेष उपबंध के अन्तर्गत मुरैना, भिण्ड, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिले में निवासरत सहारिया/सहरिया आदिम जनजाति को संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिये या वन रक्षक (कार्यपालिक) के लिये आवेदन करने पर उस पद के लिये विहित की गई न्यूनतम अर्हता रखने पर उसे भर्ती प्रक्रिया को अपनाये बिना उस पद पर नियुक्त किया जायेगा। सहरिया की तरह मंडला, डिण्डोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट तथा अनूपपुर जिले की बैगा आदिम जनजाति और छिन्दवाड़ा एवं सिवनी जिलों की भारिया जनजाति के लोगों को भी इस नियम का लाभ देने का प्रावधान है।

अपर कलेक्टर ने शनि पहाड़ी पर बरगद, पीपल के पौधे रोपे 

मुरैना | 26-जुलाई-2019

 शनि पर्वत पहाड़ी पर अपर कलेक्टर श्री एस.के. मिश्रा, पुरातत्व विभाग के श्री अशोक शर्मा, श्री श्याम वीर सिंह द्वारा लगभग एक सैकड़ा बड़े-बड़े बरगद के पेड़ों को रिमझिम बरसे पानी में रोपा गया। इस प्रकार से शनि पर्वत पर 500 के आसपास बरगद के बड़े पेड़ तथा इसके अलावा आमला तथा पीपल, जामुन, बांस के पेड़ लगाये गऐ हैं। इसके अलावा भी कई हजार बीज भी डाले गए हैं, ताकि शनि पहाड़ी उगे हुए वृक्षों के आधार पर हरी-भरी हो सके।

रिवायन क्षेत्र में गुग्गल का पौधा लगाने से कटाव रोकने में मील का पत्थर साबित होगा – कलेक्टर 

मुरैना | 24-जुलाई-2019

 

कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने पटवारी ट्रेनिंग सेन्टर पिपरई के समीप गुग्गल का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि गुग्गल का पौधा लगाने से इसमें निकलने वाला दूध आय का साधन बनेगा। इस के साथ ही रिवायन (बीहड) क्षेत्र में कटाव रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। यह बात उन्होंने मंगलवार को पटवारी ट्रेनिंग सेन्टर तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पीपरई गांव में गुग्गल का पौधा लगाकर सम्बोधित करते हुये ग्रामीणों से कही। यह कार्यक्रम सुजाग्रति संस्था के श्री जाकिर हसैन द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर एसडीएम मुरैना श्री सुरेश जाधव, ए.एस.एल.आर श्रीमती काजल दीक्षित, नायब तहसीलदार सुश्री कल्पना शर्मा सहित ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती देवकी मोर्य सहित जी.आर.एस सभी ग्रामीण जन उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि गुग्गल का पौधा इस क्षेत्र में आज 400 लगायें गये है, इस पौधे को और लगायें, जहां फॉरेस्ट जमीन हो वहां फॉरेस्ट अधिकारियों के साथ और जहां ग्राम पंचायत की जमीन है वहां राजस्व और ग्राम पंचायत के द्वारा गुग्गल का पौधा लगवाया जाये। इससे रिवायन क्षेत्र में भूमि कटाव न हो और भूमि का समतलीय करण होने से भूमि उपयोगी बनेगी तथा गुग्गल के पौधे से निकलने वाला दूध से आय भी प्राप्त होगी। गुग्गल का गौंद बहुत मंहगी दर पर विक्रय होता है।