Thursday, September 23News That Matters

रीवा

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को रेडक्रास द्वारा सौंपी गई सामग्री
रीवा | 20-अगस्त-2021

      भारतीय रेडक्रास सोसायटी रीवा द्वारा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को 20 नग व्हील चेयर, 30 नग स्टील स्ट्रेचर 10 नग स्टोन सोफा तथा 15 नग स्टोन बेंच प्रदान किये गये।
इस दौरान पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, डीन मेडिकल कालेज डॉ. मनोज इंदुलकर, डॉ. विनोद श्रीवास्तव, डॉ. एके खान, श्री व्यंकटेश पाण्डेय उपस्थित रहे।

अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना

रीवा | 18-जून-2021

    विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम ने देवतालाब क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने ग्राम खुटहा पहुंचकर संतोष कोरी के पुत्र के निधन पर शोक व्यक्त किया तथा उनके परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने दुर्घटना में मृत रामजी सोनी के परिजनों से भेट कर उन्हें सांत्वना दी। विधानसभा अध्यक्ष ने ग्राम वनमाडर में अरूण पंडित के घर जाकर उनके पिता स्वर्गीय गंगा प्रसाद को श्रद्धासुमन अर्पित किये तथा उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उनके साथ रहे।

]केन्द्रीय जेल में 420 बंदियों को लगाये गये कोरोना वैक्सीन के टीके

रीवा | 08-जून-2021

      केन्द्रीय जेल रीवा में विशेष शिविर आयोजित करके बंदियों को कोरोना वैक्सीन के टीके लगाये गये। शिविर में 420 बंदियों को कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज लगायी गई। इस शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विपिन कुमार लवानिया के कुशल नेतृत्व में केन्द्रीय जेल रीवा में बंदियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गयी।

इस संबंध में जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय जेल रीवा में तृतीय चरण का कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अस्पताल बिछिया की टीम द्वारा बंदियों का टीकाकरण किया गया। इस विशेष शिविर में बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। शिविर में 420 जेल बंदियों को कोरोना की प्रथम डोज का टीका लगाया गया। इसके पूर्व भी शिविर लगाकर 272 बंदियों को प्रथम और 207 बंदियों को कोरोना वैक्सीन की द्वितीय डोज लगाई जा चुकी है। इस तरह से अब तक 692 बंदियों को वैक्सीन की प्रथम व 207 बंदियों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगायी जा चुकी है। वैक्सीनेशन के दौरान जेल उप अधीक्षक रविशंकर सिंह, सहायक अधीक्षक यशवंत शिल्पकार, वरिष्ठ कल्याण अधिकारी डीके सारस बिछिया अस्पताल के देवेन्द्र शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।

सांसद ने बैकुण्ठपुर व सिरमौर के टीका केन्द्रों का किया निरीक्षण

रीवा | 20-अप्रैल-2021

सांसद श्री जनार्दन मिश्रा ने आज सिरमौर एवं बैकुण्ठपुर में बनाये गये कोविड टीकाकरण केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना महामारी से बचाव के निर्देशों का पालन करते हुए 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति टीका अवश्य लगवायें।

रीवा जिले का होगा चहुमुखी विकास बदलेगी तस्वीर – पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किये जाय, रीवा जिले के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं – श्री राजेन्द्र शुक्ल
रीवा | 13-अप्रैल-2021

       पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में निर्माण एवं विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि रीवा जिले का चहुमुखी विकास उच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा। यह जिला विकास कार्यों के लिए प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनेगा। उन्होंने कहा कि रीवा जिले के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि समस्त निर्माण एजेंसियां निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण करें वे लक्ष्य आधारित निर्माण कार्य करें। पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने जिले में सीवर लाइन निर्माण करने वाली कंपनी से कहा कि वह 6 हजार घरों में सीवेज सिस्टम से जोड़े और 3 एसटीपी का निर्माण 30 जून तक पूर्ण करें। इसके लिए पर्याप्त संख्या में मजदूर लगाये जायें। सीवर लाइन का निर्माण इस तरह से किया जाय कि पूरा मलवा अपने आप बहकर निकल जाये। उन्होंने समान में निर्माण किये जा रहे फ्लाई ओवर को अप्रैल तक पूर्ण करने और फिनसिंग का कार्य पूर्ण करने के लिए कहा।
पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गोड़हर में बन रहे फ्लाई ओवर का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाय। उन्होंने फ्लाई ओवर का निर्माण 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शहर की सुन्दरता और ट्रेफिक का दबाव कम करने के लिए कलेक्ट्रेट से ढ़ेकहा तिराहे तक फ्लाई ओवर का निर्माण किया जायेगा। चोरहटा से रतहरा रोड का निर्माण अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चोरहटा से रतहरा मार्ग पर ड्रनेज एवं पाथवे का निर्माण गुणवत्तापूर्ण किया जाय। उन्होंने कहा कि सिरमौर चौराहे से रहतरा के बीच धूल के गुवार को कम करने के लिए 3 टाइम पानी से सिंचाई की जाय ताकि धूल न उड़ने पाये। पूर्व मंत्री ने कहा कि स्पोर्टस काम्पलेक्स अगस्त तक पूर्ण कर लिये जाय। स्पोर्टस काम्पलेक्स में सिथेटिक कोर्ट का निर्माण किया जायेगा और खेलों इंडिया खेलों के तहत इसका चहुमुखी विकास किया जायेगा। इसका शुभारंभ राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल प्रतियोगिता के साथ किया जायेगा आगे चलकर इस काम्पलेक्स में रणजी टूर्नामेंट का आयोजन किया जायेगा। पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री शुक्ल ने कहा कि पीआईयू द्वारा बनाये जा रहे जी-टाइप के आवास एवं कम्युनिटी हॉल का निर्माण 20 अप्रैल तक पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड द्वारा 24 दुकानों का निर्माण एवं रोड़ों डामरीकरण का कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर किया जाय साथ ही सीसीटीव्ही कमरे लगायें जाय। बेला-सिलपरा मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए अवार्ड करके मुआवजें का वितरण करें। सैनिक स्कूल से नीम चौराहे तक रोड के निर्माण के लिए भू-अर्जन का कार्य तुरंत किया जाय। सैनिक स्कूल परिसर में 3 आई टाइप, एवं 6 जी टाइप आवासों का निर्माण प्रारंभ किया जाय।

कलेक्टर ने रिलायवल क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी की चुआं की 0.267 हेक्टेयर जमीन कुर्क करने का आदेश पारित किया

रीवा | 05-मार्च-2021

      कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी श्री इलैयाराजा टी ने मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत अरविंद कुमार त्रिपाठी चेयरमैन कंपनी रिलायवल क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी लिमिटेड की गोविंदगढ़ के ग्राम चुआं में स्थित 0.267 हेक्टेयर जमीन जिसमें दूध डेयरी प्लांट बना है राजसात किये जाने के आदेश पारित किया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने बताया कि आवेदक लल्लू कुशवाहा द्वारा शिकायत की गयी कि अरविंद कुमार त्रिपाठी चेयरमैन कंपनी रिलायवल क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी लिमिटेड द्वारा निक्षेपक से राशि जमा कर उसका भुगतान नहीं किया गया । यह भी बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक एवं भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड की अनुमति बिना आमजनता से अवैध तरीके से धन जुटाने का कार्य किया गया तथा निक्षेपकों के धन को अपने व्यापार में लगाया जाकर उसकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गयी। यह पाया गया की अरविंद कुमार त्रिपाठी चेयरमैन कंपनी रिलायवल क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी लिमिटेड ने रविशंकर पयासी तथा श्रीमती विमला पयासी के सुरक्षित भविष्य हेतु राशि जमा करायी गयी। किंतु उन्हें समय पर राशि प्रदाय नहीं कि गयी जिससे आर्थिक रूप से काफी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वारा रीवा जिले एवं अन्य आसपास के जिलों में निवासरत कर्मचारियों के माध्यम से धन एकत्रित किया गया है। वित्तीय स्थापना की एक सुविचारित रीति है कि इसके अन्तर्गत निक्षेपकों को आरबीआई द्वारा निर्धारित सामान्य ब्याज दर से उंची दर में रकम वापस करने का वायदा किया जाता है। उक्त वित्तीय संस्था द्वारा रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी कर आश्वासन दिया जाता है कि निर्धारित अवधि उपरांत जमा रकम ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी। उक्त कंपनी कपटवंचित तरीके से निक्षेपकों के धन स्वीकार कर रही है। इस धन का उपयोग वित्तीय संस्था द्वारा स्वयं के लाभ अर्जन हेतु किया जा रहा है। अत: अरविंद कुमार त्रिपाठी चेयरमैन कंपनी रिलायवल क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी लिमिटेड गोविंदगढ़ के ग्राम चुआं में स्थित 0.267 हेक्टेयर जमीन जिसमें दूध डेयरी प्लांट बना है राजसात किये जाने के आदेश पारित किया है।

एनसीसी अण्डर आफीसर योगेश ने राजपथ पर रोशन किया प्रदेश का नाम (सफलता की कहानी)

रीवा के एनसीसी अण्डर आफीसर योगेश चुने गये देश के सर्वश्रेष्ठ कैडेट
रीवा | 26-फरवरी-2021

      भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ करोड़ों युवाओं को देश सेवा तथा राष्ट्रभक्ति के लिये प्रेरित भी करती है। स्कूल तथा कालेज में लाखों विद्यार्थी एनसीसी से जुड़कर सैनिकों की तरह प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इनमें से कई कैडेटों को भारतीय सेना में भी प्रवेश का अवसर मिलता है। एनसीसी विद्यार्थियों को अनुशासन और सेवा का पाठ पढ़ाती है। रीवा के एनसीसी अण्डर आफीसर योगेश चतुर्वेदी भारतीय सेना में प्रवेश का सपना लिये हुए राजपथ में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की आकर्षक परेड में शामिल हुए। कठिन परीक्षाओं से गुजरने के बाद उन्हें राष्ट्रीय एनसीसी परेड के लिये चुना गया। इस परेड में शानदार प्रदर्शन करने पर योगेश को देश का सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट चुना गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में योगेश को सम्मानित किया। योगेश ने राजपथ पर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया।
योगेश चतुर्वेदी रीवा में ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के छात्र हैं। स्कूल तथा कालेज में योगेश एनसीसी में भाग लेते रहे हैं। उनके पिता राजेन्द्र चतुर्वेदी बीएसएफ में कार्यरत हैं। उनकी माता सुनीता चतुर्वेदी गृहणी हैं। पिता के बीएसएफ में कार्यरत होने के कारण योगेश का झुकाव भारतीय सेना में शामिल होने का है। उनका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया है। देश का सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट चुने जाने पर योगेश ने कहा कि एनसीसी अनुशासन और सेवा की सीख देती है। एनसीसी के माध्यम से हमें अपना कैरियर संवारने के भी अवसर मिलते हैं। मैं भारतीय सेना में प्रवेश करके देश की सेवा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूल तथा कालेज के हर विद्यार्थी को एनसीसी का प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त करना चाहिए।


जुलाई-2021 से शुरू होगा न्यूनतम समान पाठ्यक्रम – मंत्री डॉ. यादव

रीवा | 19-फरवरी-2021

      उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में स्नातक प्रथम वर्ष के लिये पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में न्यूनतम समान पाठ्यक्रम जुलाई-2021 से संचालित किया जायेगा। मंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत राज्य-स्तरीय टॉक्स फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्यों से सुझाव लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों का सकल पंजीयन बढ़ाने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से योजना तैयार की जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका होगी। बेहतर प्रत्यायन और रैंकिंग प्राप्त करते हुए अधिकाधिक शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। प्रत्येक जिले में कम से कम एक महाविद्यालय को आदर्श बनाया जायेगा। एकल संकाय महाविद्यालयों को बहुसंकाय महाविद्यालय में उन्नयन करने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने शोध कार्यों एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति बेहतर ढंग से लागू की जायेगी। बैठक में रखे गये सुझावों को ध्यान में रखकर चार सदस्यीय समिति बनाकर विभिन्न पाठ्यक्रमों में संशोधन की कार्यवाही की जायेगी। स्नातक प्रथम वर्ष से शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पाठ्यक्रमों में लोक संस्कृति एवं लोक भाषा का ध्यान रखा जायेगा।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि नई शिक्षा नीति में सकल पंजीयन अनुपात को 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिये लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये एक चुनौती के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ा जाये, तो हमारी उपलब्धि होगी।
समिति के सदस्यों ने रोजगारमूलक शिक्षा के लिये विभिन्न नवाचार करने के सुझाव रखे। सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र खोलने, उच्च शिक्षा में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, उद्योग विशेषज्ञों की राय लेने सहित अन्य बिन्दुओं को शामिल करने के सुझाव रखे।

जवाहर नवोदय विद्यालय में 9वीं में प्रवेश परीक्षा 24 फरवरी को होगी

रीवा | 13-फरवरी-2021

    जवाहर नवोदय विद्यालय संगठन द्वारा नवमीं में प्रवेश की तिथि में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। अब जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा की तिथि बढ़ाकर 24 फरवरी कर दी गई है। पूर्व में यह परीक्षा 13 फरवरी को होना थी।

जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की कार्यशाला आज

रीवा | 05-फरवरी-2021

      जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के संबंध में नियमों की जानकारी देने एवं जन जागरूकता के लिए आज 5 फरवरी को अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक कार्यशाला आयोजित की गयी है। उपरोक्त कार्यशाला समदडि़या होटल सभागार में आयोजित की जायेगी।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यशाला में जैव अपशिष्ट के सुरक्षित उपचार एवं निपटान हेतु महत्वपूर्ण जानकारी पर परिचर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा कि समस्त शासकीय एवं निजी अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथालॉजी लैब संचालक उक्त कार्यशाला में शामिल होकर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के परिपालन में आने वाली समस्याओं के निदान हेतु सुझाव दे सकते हैं।

विश्व एड्स दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

रीवा | 04-दिसम्बर-2020

    मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में श्री विपिन कुमार लवानिया ,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एडीआर भवन में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विपिन कुमार लवानिया ने अपने उदबोधन में कहा कि विश्व एड्स दिवस प्रतिवर्ष एक दिसंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इस घातक बीमारी के संबंध में जागरूकता प्रसारित करना है। एडस के लिए जिम्मेदार वायरस एचआईवी है। यह संक्रामक बीमारी है जिसका अभी तक कोई प्रमाणिक इलाज  उपलब्ध नहीं है, परंतु सावधानी बरतने से इससे सुरक्षित रह सकते है।
अधिवक्ता श्री अजय पाण्डेय ने अपने उदबोधन में कहा कि केवल छूने से एड्स नही फैलता है। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित व्यक्ति के रक्त के माध्यम से यह संक्रमण फैलता है। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण एवं सावधानी बरतना निंतात आवश्यक है। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अभय कुमार मिश्रा ने एड्स रोगियों को नि:शुल्क विधिक सहायता योजना के बारें में जानकारी प्रदान की। शिविर में अधिवक्ता श्री सतीश मिश्रा,श्री सौरभ द्विवेदी, श्रीमति नीलम सिंह व अन्य अधिवक्ता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी , पैरालीगल वालेंटियर्स आदि उपस्थित थे।

नवजात शिशु सप्ताह जारी

रीवा | 28-नवम्बर-2020

      नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत नवजात शिशुओं से ग्रह भेंट की जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नवजात शिशुओं की सांस की गति, तापमान, टीकाकरण की जांच की जाती है। इस दौरान बच्चों में झटके आना, सांस तेज चलना, छाती का धसना, सुस्ती या बेहोशी, बच्चे का तापमान ज्यादा ठंडा या गर्म होना जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए भेजा जाता है। साथ ही स्तनपान और साफ-सफाई के फायदे के संबंध में समझाइश दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के समस्त प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। सप्ताह के दौरान आने वाले मंगल दिवस विशेष गतिविधियों का आयोजन कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुये किया गया, जिसमें समस्त धात्री माताओं की बैठक ली जाकर उन्हें नवजात सुरक्षा, खतरे के चिन्हों एवं संस्था आधारित नवजात देखभाल के बारे में जानकारी प्रदाय की जाएगी।

मऊगंज में आयोजित हुआ दिव्यांग शिविर

दिव्यांगों की जांच कर उन्हें उपलब्ध कराये जायेंगे कृत्रिम उपकरण
रीवा | 20-नवम्बर-2020
    जिला प्रशासन, रेडक्रास तथा एलिम्को के संयुक्त प्रयास से जिले में लगाये जा रहे दिव्यांग शिविर की श्रंखला में आज मऊगंज में दिव्यांगों की जांच का शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दिव्यांगों की जांच कर उन्हें शीघ्र ही कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे।
मऊगंज के शहीद केदारनाथ महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित शिविर के शुभारंभ अवसर पर विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये जा रहे शिविर दिव्यांगों के लिये वरदान साबित होंगे। इन शिविरों के माध्यम से मौके पर ही दिव्यांगों का पंजीयन कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे हैं तथा बाद में इन्हें एलिम्को के सौजन्य से दिव्यांग कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे। श्री पटेल ने कहा कि यह पुण्य का कार्य है जहां दिव्यांगजनों को उपकरण तो मिलेंगे ही बल्कि उन्हें शासन द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों के हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने के लिये कृत संकल्पित है। विधायक ने शिविर में दिव्यांगजनों से चर्चा करते हुए उन्हें दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी भी ली। शिविर में पहुंचकर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने दिव्यांगजनों से चर्चा की तथा शिविर में बनाये गये काउंटर पर जाकर व्यवस्थायें देखीं।
शिविर में 782 दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन किया गया जिनमें से 400 दिव्यांग कृत्रिम अंग के लिये पात्र पाये गये। इस दौरान मेडिकल बोर्ड द्वारा 200 प्रमाण पत्र भी बनाये गये। शिविर में लगभग 200 व्यक्तियों के आय प्रमाण पत्र बनाये गये। इसके अतिरिक्त शिविर में 8 आवेदन पत्र लीगल गार्जियनशिप के लिये तथा 46 आवेदन पत्र निरामया बीमा योजना के प्राप्त किये गये। समाचार लिखे जाने तक शिविर में दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन किया जाकर कृत्रिम अंग के लिये पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन जारी है।
शिविर स्थल के प्रवेश द्वार पर दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इसके बाद उनकी मेडिकल जांच की गयी। जिनके पास आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं थे उन्हें मौके पर ही आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। शिविर में आवेदन के लिए फोटो खींचने की भी व्यवस्था की गयी। शिविर स्थल में दिव्यांगों को नि:शुल्क भोजन, चाय, नाश्ते तथा पानी की सुविधा दी गयी। दिव्यांगों के अभिलेखों की नि:शुल्क फोटो कापी की भी शिविर में व्यवस्था की गयी। शिविर में कई पात्र दिव्यांगों के दिव्यांगता पेंशन के आवेदन पत्र भरवाये गये। इन्हें शीघ्र ही पेंशन राशि मंजूर की जायेगी। शिविर को सफल बनाने में जिला रेडक्रास समिति तथा एन.सी.सी. एवं स्काउट के वालेन्टियर्स ने सराहनीय योगदान दिया। शिविर में एसडीएम मऊगंज श्रीमती माला त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, नगर पंचायत के प्रभारी सीएमओ संतोष पाण्डेय, जिला रेडक्रास समिति के सचिव विनोद श्रीवास्तव, रेडक्रास इकाई मऊगंज के वाइस प्रेसिडेंट प्रदीप सिंह, धर्मजय सिंह सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन तथा अधिकारी, कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आपदा प्रबंधन पर आयोजित हुआ विधिक साक्षरता शिविर

रीवा | 10-जुलाई-2020

     कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग व शासन की अन्य मापदण्डों को अपनाते हुए एडीआर भवन न्यायालय परिसर रीवा में कोरोना से बचाव के संबंध में एवं अन्य आपदाओं के प्रबंधन के संबंध में आपदा प्रबंधन पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अपने उद्बोधन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि हमने अपने जीवन में बहुत सारे आपदाओं के बारे में एवं उनके प्रबंधन के संबंध में सुना है जैसे भूकंप, बाढ़, अतिवृष्टि इत्यादि। वर्तमान में कोरोना नामक वैश्विक महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है और भारत भी इस महामारी आपदा से अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब हमें कार्य करते हुए कोरोना से बचाव की दिशा में कार्य व प्रबंधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में कार्य करते समय हमें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं शासन के निर्देशों का पालन करते हुए हमें कार्य भी करना है और साथ ही कोरोना से अपना बचाव भी करना है। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतते हुए फेस मास्क पहनकर एवं हाथ को हैण्ड सेनेटाइजर या हैण्डवास से धोकर ही प्रवेश करें। न्यायालय परिसर में शराब, पान, गुटखा और तंबाकू का सेवन न करें और न ही यहां वहां थूके।
स्टेट बार काउंसिल के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र उपाध्याय ने कार्यशाला में अपने उद्बोधन में कहा कि आज हमें कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग व महामारी से अपना बचाव करते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। श्री विपिन कुमार लवानिया, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रीवा ने अपने उद्बोधन में कहा कि उक्त कोरोना महामारी की वैक्सीन अभी बनी नही है और आशा है कुछ समय बाद वैक्सीन का निर्माण हो जाये, परंतु तब तक हमें विशेष सावधानी की आवश्यकता है। अपर जिला न्यायाधीश श्री सुधीर सिंह राठौड़ ने कहा कि अधिवक्तागण भी कार्य करते समय न्यायालय परिसर में सावधानी बरतें। अपर जिला न्यायाधीश श्री उपेन्द्र देशवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि मास्क का प्रयोग अवश्य करें और छीकते या खासते समय 6 फिट की दूरी अवश्य रखे। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी श्री आरएस पाण्डेय ने कोरोना महामारी के इलाज व इससे बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमएस (सेनेटाइजर, मास्क, सोशल डिस्टेसिंग) का पालन करने पर विशेष जोर दिया। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अभय कुमार मिश्रा ने कोरोना से बचाव के संबंध में जारी गाइड लाइन का अनुसरण करने पर जोर दिया। श्री कमलेन्द्र पाण्डेय सचिव जिला अधिवक्ता संघ ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विवेक द्विवेदी अधिवक्ता ने किया। कार्यशाला में अधिवक्ता श्री अजय पाण्डेय, श्री नागेन्द्र सिंह गहरवार, श्री शैलेष द्विवेदी, श्री मुनीन्द्र उपस्थित रहे।

खेल पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 जून तक आमंत्रित

रीवा | 19-जून-2020

    खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2020 के एकलव्य पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, लाइफ टाइम एचीव्हमेंट एवं स्व. श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार के लिए आवेदकों से आनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। कोविड-19 संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2020 निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नही किया जायेगा। इस सिलसिले में संचालक खेल और युवा कल्याण ने प्रदेश के समस्त संभागीय एवं जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2020 के एकलव्य पुरस्कार, विक्रम पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, लाइफ टाइम एचीव्हमेंट एवं स्व. श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार के लिए आवेदकों द्वारा आनलाइन आवेदन mis.dsywmp.gov.in/anudan/default2.aspx अथवा dsywmp.gov.in विभागीय बेवसाइट पर किए जा सकेंगे। इसमें आवेदक की व्यक्तिगत एवं खेल उपलब्धियों की जानकारी की प्रविष्टि की जायेगी। इसके बाद आनलाइन आवेदन की रसीद जनरेट होगी, जिसके प्रिंट आउट के साथ आवेदक को आवेदन में उल्लेखित खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों की छायाप्रति संलग्न कर संबंधित संभागीय/जिला खेल और युवा कल्याण कार्यालय अथवा संचालनालय में 30 जून 2020 तक जमा कराना होगा। पुरस्कारों के लिये आवेदन संबंधी जानकारी का जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निदेश अधिकारियों को दिए गए हैं।

जय किसान फसल ऋण माफी योजना अंतर्गत सीधी में जिला स्तरीय कृषि सम्मेलन सपन्न

द्वितीय चरण में 928 कृषकों के 6 करोड़ 50 लाख रुपए के ऋण माफ, गौ-आधारित कृषि से आयेगी खुशहाली एवं समृद्धि- मंत्री श्री यादव
रीवा | 11-फरवरी-2020
    किसान कल्याण एवं कृषि विकास व उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री सचिन सुभाष यादव तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल  ने सीधी जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। मंत्री द्वय ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रतीक-स्वरूप 10 किसानों को सम्मान-पत्र और ऋण माफी प्रमाण-पत्र प्रदान किये। सीधी जिले में योजना के द्वितीय चरण में कुल 928 किसानों के 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 802 रुपये के फसल ऋण माफ किये गये। प्रथम चरण में जिले के 13 हजार 644 किसानों के 73 करोड़ 82 हजार 128 रुपये के फसल ऋण माफ किये गये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व में जन आकांक्षाओं एवं उम्मीदों के अनुसार कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष के अपने कार्यकाल में जिसमें लगभग 9 महीने ही कार्य करने के लिए मिले, सरकार ने सभी वर्गों के हितों के लिए कार्य किया है। इस सरकार ने 365 दिनों में 365 वचनों को पूरा करने का कार्य किया है। मंत्री श्री यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों के ऋण माफी के सबसे बड़े वचन को पूरा करने का कार्य सबसे पहले किया है। खाली खजाने को देखते हुए यह एक चुनौतीपूर्ण काम था लेकिन सरकार ने योजना को धरातल पर उतारने हुए कर्ज के दलदल में फंसे कृषकों को राहत देने का कार्य किया है। प्रथम चरण में प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसानों के 7 हजार करोड़ रूपये से अधिक के कृषि ऋण माफ किए गए हैं, जिसमें 31 मार्च 2018 की स्थिति में 02 लाख रूपये तक के कालातीत ऋण तथा चालू खाते के 50 हजार रूपये तक के ऋण सम्मिलित हैं। द्वितीय चरण में ऐसे कृषकों को सम्मिलित किया गया है जिसमें प्रथम चरण में वंचित 2 लाख रूपये तक के कालातीत ऋण तथा 50 हजार रूपये से एक लाख रूपये तक के चालू खाते के कृषि ऋण सम्मिलित हैं। उन्होने कहा कि सभी पात्र कृषकों को योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने योजना से वंचित कृषकों को पुनः मौका देते हुए 15 से 31 जनवरी 2020 तक आवेदन प्राप्त किए हैं तथा आवेदनों का परीक्षण कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ने उपस्थित कृषकों को गौ-आधारित कृषि अपनाने के लिए कहा है। उन्होने कहा कि इससे कृषि की लागत में कमी आयेगी तथा अधिक फायदा होगा। खेती में रसायनिक खाद एवं कीटनाशकों के प्रयोग से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसको दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में एक हजार गौशालाएं निर्माणाधीन हैं तथा आगामी चरण में 3 हजार गौशालाओं का निर्माण किया जायेगा। मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश को जैविक प्रदेश के रूप में विकसित किया जायेगा जिससे प्रदेश का किसान समृद्ध एवं खुशहाल होगा।

सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना – नौकरी के साथ प्रोत्साहन राशि

रीवा | 21-दिसम्बर-2019

  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के विभिन्न चरणों में सफल अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। संघ लोक सेवा आयोग की अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में अभ्यर्थी को प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 40 हजार रूपये, मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होने पर 60 हजार रूपये एवं साक्षात्कार के बाद सफल होने पर 50 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। आय सीमा का किसी भी तरह का बंधन नहीं है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल जनजातीय अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 20 हजार रूपये, मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 30 हजार रूपये और साक्षात्कार के बाद सफल होने पर 25 हजार रूपये की राशि दी जा रही है।

प्रदेश की 1 लाख 20 हजार से अधिक शासकीय शालाओं में पालक-शिक्षक बैठक 19 अक्टूबर को

रीवा | 18-अक्तूबर-2019

प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दृष्टि से 19 अक्टूबर को लगभग 1 लाख 20 हजार शालाओं में पालक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) होंगी । इनमें सहभागिता के लिये 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को उनके बच्चों के शैक्षणिक स्तर की जानकारी प्रदान करना, शाला के अकादमिक मुद्दों की जानकारी देना, सुझाव प्राप्त करना तथा विद्यार्थियों को प्रेरित कर उनके शैक्षिक स्तर में सुधार के लिये अभिभावकों को जागरुक करना है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने सभी कलेक्टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। पालकगण अपनी सुविधानुसार शाला समय के दौरान किसी भी समय, शाला में आकर अपने बच्चे की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी शिक्षकों से प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में क्लास टीचर पालकों से उनके बच्चों के संबंध में व्यक्तिगत चर्चा करेंगे। दक्षता उन्नयन की कॉपियाँ अभिभावकों को दिखाई जायेंगी। साथ ही माता-पिता को यह जानकारी दी जाएगी कि विद्यार्थी को किन विषयों में अभ्यास की अधिक आवश्यकता है। शाला में विद्यार्थी की उपस्थिति की जानकारी दी जाएगी। अनियमित विद्यार्थियों के पालकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिये प्रेरित किया जायेगा। पालकों से उनके बच्चों की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में रुचि, कक्षा में प्रश्न पूछने एवं उत्तर देने की तत्परता आदि के संबध में भी शिक्षक चर्चा करेंगे। शिक्षक पालकों से बच्चों की व्यक्तिगत आदतों, व्यवहार, कक्षा में अध्ययन आदि बिंदुओं पर भी चर्चा करेंगे।
पालकों का उस विषय के विषय शिक्षक से परामर्श भी कराया जायेगा, जिस विषय में उनके बच्चे की उपलब्धियां स्तरानुकूल नही हैं। कक्षा-शिक्षक द्वारा बैठक का रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा। शाला के प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक/संस्था प्रमुख भी इस अवसर पर पालकों से चर्चा के लिये उपलब्ध रहेंगे। अभिभावकों को सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय की मॉनिटरिंग के लिये प्रेरित किया जायेगा ताकि शिक्षण व्यवस्था में अभिभावक सहभागी बनें।

तोतापरी आम के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय

रीवा | 11-अक्तूबर-2019

प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण को बढ़ावा देने के लिये आम की तोतापरी किस्म के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना के अंतर्गत तोतापरी आम का अति उच्च सघन पौध-रोपण कराये जाने के बारे में निर्देश जारी किये गये हैं।
योजना के प्रथम चरण में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले को शामिल किया गया है। इन जिलों में आम की तोतापरी किस्म को अति उच्च सघनता पद्धति से रोपण करने वाले किसानों को पहले साल 43,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जायेगी। पौध-रोपण के लिये ड्रिप पद्धति के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करना अनिवार्य रहेगा। किसान निर्धारित दरों पर पौधे खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे। अगर कोई किसान पौधों की व्यवस्था करने में असमर्थ रहेगा, तो उद्यानिकी विभाग एम.पी. एग्रो के माध्यम से पौधे खरीदकर उसे उपलब्ध कराएगा। पौधे के मूल्य को भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि में समाहित किया जायेगा। इस योजना में किसानों का चयन क्लस्टर बनाकर किया जायेगा। चयनित किसानों को कम से कम एक एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ की सीमा तक एक बार अथवा टुकड़ों में योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी।
प्रथम चरण में 1000 एकड़ में अति उच्च सघन पौध-रोपण का लक्ष्य
योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2019-20 में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिलों में कुल एक हजार एकड़ में आम की तोतापरी किस्म का पौध-रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये चयनित किसानों को पहले साल में कुल 4 करोड़ 32 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा। दूसरे और तीसरे साल में अनुरक्षण की राशि योजना के प्रावधान अनुसार देय होगी। प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार होशंगाबाद और हरदा जिले में 250-250 एकड़ तथा बैतूल जिले में 500 एकड़ में तोतापरी आम का अति उच्च सघनता से पौध-रोपण कराये जाने का लक्ष्य है। इसके लिये होशंगाबाद और हरदा जिले में 108-108 लाख तथा बैतूल जिले में 216 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा।
किसानों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीयन
राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना में आम की तोतापरी किस्म का वर्ष 2019-20 में अतिउच्च सघन पौध-रोपण कराने के लिये संबंधित जिला कलेक्टर क्लस्टर का चयन करेंगे। क्लस्टर के अंतर्गत शामिल ग्रामों की सूची ऑनलाइन प्रदर्शित की जायेगी। किसानों का पंजीयन ऑनलाइन होगा। यदि कुछ किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा सकते हैं, तो उनके आवेदन ऑफलाइन प्राप्त कर वरिष्ठता के आधार पर उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया जायेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रति सोमवार योजना की समीक्षा करेंगे। जिला कलेक्टर्स से कहा गया है कि क्लस्टर ग्रामों की सूची विभागीय पोर्टल पर अपलोड करायें।

अमानक बीज बेंचने वाले तीन दुकानों के लायसेंस निरस्त

रीवा | 05-अक्तूबर-2019

उप संचालक कृषि यू.पी. बागरी ने धान के अमानक बीज बेंचने वाले तीन दुकानदारों के बीज विक्री लायसेंस निरस्त करने के आदेश दिये हैं। खाद, बीज तथा कीटनाशकों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान तीन दुकानदारों के धान बीज के नमूने अमानक पाये गये। शैल एग्रिकों एजेंसी इटौरा रायपुर कर्चुलियान के धान दुर्गा जी के 5002-टीएल एवं धान 6644 गोल्ड टीएल के नमूने अमानक पाये गये। दिवाकर बीज भण्डार सेमरिया विकासखंड सिरमौर के धान बीज जेकेआरएच-2082 टीएल तथा सूर्या ट्रेडर बघेड़ी चाकघाट के धान बीज पीआरएच-912 के नमूने लिए गये। इनकी जांच करायी जाने पर इन्हें अमानक पाया गया। दुकानदारों द्वारा अमानक बीजों की विक्री करके बीज नियम 1966 का उल्लंघन किया गया है। जिसके कारण तीनों दुकानदारों के बीज विक्री लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिये गये हैं।

महाविद्यालयीन भूमि के सीमांकन और स्वामित्व के लिये भूमि सुरक्षा अभियान

रीवा | 27-सितम्बर-2019

प्रदेश के महाविद्यालयों में उपलब्ध खुली भूमि की सुरक्षा तथा संबंधित अभिलेखों को अद्यतन करने की आवश्यकता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भूमि सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव ने सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिये हैं कि राजस्व अभिलेख में निर्धारित भूमि-स्वामी के कॉलम में महाविद्यालय का नाम अथवा उच्च शिक्षा विभाग का नाम अंकित किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि भूमि-स्वामी के कॉलम में कोई अन्य उल्लेख हो, तो उसे संशोधित करने के लिए स्थानीय नायब तहसीलदार/तहसीलदार को आवेदन प्रस्तुत करें। श्री राव ने निर्देश दिये कि महाविद्यालय के स्वामित्व में आने वाली भूमि का नजरी-नक्शा भी तैयार किया जाए। ताकि महाविद्यालय की भूमि की चारों सीमाओं के सम्पर्क में आने वाली भूमि, भवन, निर्मित व खाली जगह और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि भूमि की सीमा सुरक्षित करने के लिए तार अथवा फेंसिग अथवा ट्रेन्च खोदकर घने पौधे लगाकर चिन्हांकित करें।
प्रमुख सचिव ने कहा कि भूमि का स्वामित्व एवं सीमांकन तय हो जाने के बाद प्रत्येक महाविद्यालय के लिए उपलब्ध भूमि पर आगामी 30 वर्षों के विकास के लिए निर्माण कार्यों आर्किटेक्चरल प्लान तैयार किया जायेगा, जिसे समयबद्ध तरीके से वर्षवार क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व के राजस्व अभिलेख, सीमांकन दर्शाते हुए नजरी-नक्शा एवं निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध कराया जाएगा। श्री राव ने 31 दिसम्बर 2019 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने को कहा है।

कोई भी बुखार डेंगू हो सकता है, बुखार होने पर तुरंत कराएं इलाज

रीवा | 20-सितम्बर-2019

बुखार के साथ-साथ यदि तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास व मांसपेशियों में दर्द तथा शरीर पर चकते बनना आदि लक्षणों में से दो या दो से अधिक लक्षण दिखाई देने पर कोई भी व्यक्ति डेंगू का मरीज हो सकता है। कभी-कभी रोगी को होने वाला सामान्य बुखार भी डेंगू हो सकता है। इसलिए डेंगू होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। इन लक्षणों के साथ-साथ मसूड़ों अथवा आंखों से रक्त स्त्राव अथवा रक्त में प्लेटलेट्स का कम होना आदि गंभीर प्रकार के डेंगू बुखार के सूचक हैं। जो कि हानिकारक हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को अस्पताल में चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय ने आमजन से अपील की है कि इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम शासकीय चिकित्सालय में संपर्क करें और बीमारी का समय पर इलाज कराएं। इसके साथ-साथ डेंगू से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतने को भी कहा है। उन्होंने कहा है कि घर में पानी के कंटेनर ढंककर रखें, सप्ताह में एक बार पानी के कंटेनर को अवश्य खाली करें, पैराथ्रम नामक दवा को कैरोसीन में मिलाकर आसपास छिड़काव किया जा सकता है। पूरी बांह के कपड़े पहनें तथा शरीर को ढंककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। नीम के पत्तों का धुंआ करें तथा खिड़की दरवाजों पर जाली लगवाएं। उन्होंने कहा है कि घरों के आस-पास पानी इकठ्ठा न होने दें। पानी इकठ्ठा होने पर मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ तेल डालें। बुखार आने पर खून की जाँच अवश्य कराएं।
डेंगू बुखार वायरस एडीज नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है। यह रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। इसलिये डेंगू बुखार से बचने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाएं एवं सावधानी बरतें।

गाँवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा

कार्यशाला में पर्यटन मंत्री श्री बघेल

रीवा | 14-सितम्बर-2019

पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा है कि गाँवों को एनजीओ के माध्यम से पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा। इसमें ग्रामीणों के लिये रोजगार के अवसर भी खोजे जायेंगे। श्री बघेल ने “एक्सपीरियन्स शेयरिंग बाय लीडर्स ऑफ कम्युनिटी होम स्टे इन इण्डिया” कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सर्वप्रथम प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े गावों की पहचान करेगी। इसमें ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के पास वाले गाँवों को जोड़ा जायेगा।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन के लिये एनजीओ द्वारा ग्रामवासियों के साथ मिलकर पर्यटकों को गाँव के माहौल में ठहरने और भोजन आदि के अच्छे इंतजाम किये जायेंगे। ग्रामीण परिवेश के आवासों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जायेगा। पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन एवं भोजन सुलभ कराया जायेगा। उन्हें चिकित्सा सुविधा भी दी जायेगी।
सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन विकसित करने में जिला टूरिज्म प्रमोशन कॉन्सिल की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यशाला में श्रीमती मल्लिका विर्दी (संस्थापक हिमालयन आर्क), श्री पारस लुम्बा (संस्थापक ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन), श्री सुमित सूरी (चेयरमेन होटल एण्ड रेस्ट्रॉ एसोसियेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया, एम.पी. कमेटी), सुश्री पूजा श्रीवास्तव (एयर बी.एन.बी.), श्री अनवर जाफरी (फ्रेंड्स ऑफ ओरछा), श्रीमती विद्या वेंकटेश (मैनेजर, लास्ट वाईल्डनेस फाउन्डेशन), श्रीमती मालिनी गौरीशंकर (एफ 5 स्केप्स), श्रीमती साविनी सोनवरिया (संस्थापक पशु-पक्षी), सुश्री आस्था (बुकिंग डॉटकॉम), श्री अनुराग ताम्हनकर (होमस्टे कन्सट्रक्शन) ने सहभागिता की।
अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड की श्रीमती भावना वालिम्बे, संचालक (कौशल विकास) मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री मनोज सिंह और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी

रीवा | 31-अगस्त-2019

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संपूर्ण जिले में आगामी 14 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण परिक्रम्य अधिनियम की धारा 138, बैंक रिकवरी, मोटर क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत, जल, राजस्व, (न्यायालय से लंबित) पुलिस परामर्श केन्द्र के अन्तर्गत घरेलू हिंसा अधिनियम, पारिवारिक, वैवाहिक, विवादों के प्रीलिटिगेशन अन्य प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। लोक अदालत में आपसी सुलह एवं समझौता के आधार पर प्रकरण निराकृत किये जायेंगे।
नेशनल लोक अदालत का जिला मुख्यालय के साथ ही रीवा, सिरमौर, मऊगंज एवं हनुमना में आयोजन किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 40 खण्डपीठों का गठन किया जायेगा। प्रत्येक खण्डपीठ द्वारा प्रकरणों के आपसी समझौते एवं समझाइश से निराकरण की प्रक्रिया चल रही है। जिला मुख्यालय में मोटर दुर्घटना, विद्युत की समस्याओं के निराकरण के लिए बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

प्रत्येक विद्युत वितरण केंद्र में लगाएं उपभोक्ता सेवा शिविर 

ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने प्रबंध संचालकों को दिए निर्देश 

रीवा | 27-अगस्त-2019

 ऊर्जा मंत्री श्री  प्रियव्रत सिंह ने तीनों विद्युत वितरण कंपनी के  प्रबंध संचालकों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विद्युत वितरण केंद्र में 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक कम से कम 3 उपभोक्ता शिविर  जरूर लगाएं। शिविर में नमूने के तौर पर कुछ बिजली बिलों की जांच भी करें। अधिक और गलत बिल की शिकायतों का जल्द निराकरण करें। शिविर में बिजली की गुणवत्ता, संधारण और व्यवधान के बारे में प्राप्त शिकायतों का निराकरण भी सुनिश्चित करें। शिविर में यथासंभव कंपनी के कार्यपालन यंत्री भी उपस्थित रहें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शिविरों की कार्यवाही का प्रतिवेदन 21 अक्टूबर तक अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि “आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम में भी विद्युत वितरण  कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहकर विभाग से संबंधित लोगों की समस्याओं का निराकरण करें।
कंपनी का मुख्य लक्ष्य विद्युत उपभोक्ता की संतुष्टि

ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा है कि विद्युत वितरण कंपनी  मूलतः सेवा प्रदाता है। विद्युत उपभोक्ता की संतुष्टि ही कंपनी का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रिपिंग की समस्या दूर करें।
श्री सिंह ने कहा कि विद्युत बिलों की वसूली के लिए भी विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा कि वसूली के पहले जरूरी है कि सही बिजली बिल और संतोषजनक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सही मीटर रीडिंग और इसी के आधार पर बिल बनाने के साथ ही उपभोक्ताओं तक समय पर बिल पहुँचना भी जरूरी है।

कमिश्नर डॉ. भागर्व ने सपत्नी मूकबधिर विद्यालय की छात्राओं से बंधवाई राखी 

रीवा | 16-अगस्त-2019

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव एवं उनकी पत्नी आशा भार्गव ने शासकीय श्रवण एवं दृष्टिबाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीवा में पहुंचकर छात्राओं से राखी बंधवाई। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समझाइश देते हुए अच्छे से पढ़ने लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें, खेलें, खाएं और आगे बढ़े। कमिश्नर डॉ. भार्गव को छात्रा पुष्पा विश्वकर्मा, श्रुति वर्मा, पूनम पाल, सपना चौधरी, पारूल साकेत, राजकुमारी साहू, पूनम पुरी, करिश्मा विश्वकर्मा, आकांक्षा नामदेव एवं प्रियंका चर्मकार ने राखी बांधी। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर स्नेह दिया। कमिश्नर डॉ. भार्गव की पत्नी श्रीमती आशा भार्गव ने भी छात्राओं से राखी बंधवाई। इस अवसर पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्र मोहित सोनी को श्रवणबधित संवर्ग में  प्रदेश में हायर सेकेंडरी की परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण अनिल दुबे, उप संचालक सतीश निगम, अधीक्षक मूकबधिर विद्यालय एसडीएम त्रिपाठी, वरिष्ठ शिक्षक शिवबली त्रिपाठी, प्रशिक्षक रामस्वरूप विश्वकर्मा, शिक्षक सुभाष शर्मा, लक्ष्मण मिश्रा सहित अन्य स्टाफ एवं अभिभावकगण उपस्थित थे।

डेंगू तथा चिकनगुनिया रोगियों की रिपोर्ट देने के निर्देश 

रीवा | 06-अगस्त-2019

  मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों का उपचार शासकीय अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में भी किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय ने सभी नर्सिंग होम तथा निजी अस्पताल संचालकों को मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों के उपचार की जानकारी हर माह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि सभी पैथालॉजी सेन्टर चलाने वाले भी उनके सेंटर में जांच में पाये गये। मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया के रोगियों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी ई-मेल dmorewa@rediffmail.com में तथा इसकी हार्डकापी जिला मलेरिया कार्यालय में उपलब्ध करायें।