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रीवा

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तोतापरी आम के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय

रीवा | 11-अक्तूबर-2019

प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण को बढ़ावा देने के लिये आम की तोतापरी किस्म के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना के अंतर्गत तोतापरी आम का अति उच्च सघन पौध-रोपण कराये जाने के बारे में निर्देश जारी किये गये हैं।
योजना के प्रथम चरण में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले को शामिल किया गया है। इन जिलों में आम की तोतापरी किस्म को अति उच्च सघनता पद्धति से रोपण करने वाले किसानों को पहले साल 43,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जायेगी। पौध-रोपण के लिये ड्रिप पद्धति के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करना अनिवार्य रहेगा। किसान निर्धारित दरों पर पौधे खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे। अगर कोई किसान पौधों की व्यवस्था करने में असमर्थ रहेगा, तो उद्यानिकी विभाग एम.पी. एग्रो के माध्यम से पौधे खरीदकर उसे उपलब्ध कराएगा। पौधे के मूल्य को भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि में समाहित किया जायेगा। इस योजना में किसानों का चयन क्लस्टर बनाकर किया जायेगा। चयनित किसानों को कम से कम एक एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ की सीमा तक एक बार अथवा टुकड़ों में योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी।
प्रथम चरण में 1000 एकड़ में अति उच्च सघन पौध-रोपण का लक्ष्य
योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2019-20 में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिलों में कुल एक हजार एकड़ में आम की तोतापरी किस्म का पौध-रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये चयनित किसानों को पहले साल में कुल 4 करोड़ 32 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा। दूसरे और तीसरे साल में अनुरक्षण की राशि योजना के प्रावधान अनुसार देय होगी। प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार होशंगाबाद और हरदा जिले में 250-250 एकड़ तथा बैतूल जिले में 500 एकड़ में तोतापरी आम का अति उच्च सघनता से पौध-रोपण कराये जाने का लक्ष्य है। इसके लिये होशंगाबाद और हरदा जिले में 108-108 लाख तथा बैतूल जिले में 216 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा।
किसानों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीयन
राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना में आम की तोतापरी किस्म का वर्ष 2019-20 में अतिउच्च सघन पौध-रोपण कराने के लिये संबंधित जिला कलेक्टर क्लस्टर का चयन करेंगे। क्लस्टर के अंतर्गत शामिल ग्रामों की सूची ऑनलाइन प्रदर्शित की जायेगी। किसानों का पंजीयन ऑनलाइन होगा। यदि कुछ किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा सकते हैं, तो उनके आवेदन ऑफलाइन प्राप्त कर वरिष्ठता के आधार पर उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया जायेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रति सोमवार योजना की समीक्षा करेंगे। जिला कलेक्टर्स से कहा गया है कि क्लस्टर ग्रामों की सूची विभागीय पोर्टल पर अपलोड करायें।

अमानक बीज बेंचने वाले तीन दुकानों के लायसेंस निरस्त

रीवा | 05-अक्तूबर-2019

उप संचालक कृषि यू.पी. बागरी ने धान के अमानक बीज बेंचने वाले तीन दुकानदारों के बीज विक्री लायसेंस निरस्त करने के आदेश दिये हैं। खाद, बीज तथा कीटनाशकों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान तीन दुकानदारों के धान बीज के नमूने अमानक पाये गये। शैल एग्रिकों एजेंसी इटौरा रायपुर कर्चुलियान के धान दुर्गा जी के 5002-टीएल एवं धान 6644 गोल्ड टीएल के नमूने अमानक पाये गये। दिवाकर बीज भण्डार सेमरिया विकासखंड सिरमौर के धान बीज जेकेआरएच-2082 टीएल तथा सूर्या ट्रेडर बघेड़ी चाकघाट के धान बीज पीआरएच-912 के नमूने लिए गये। इनकी जांच करायी जाने पर इन्हें अमानक पाया गया। दुकानदारों द्वारा अमानक बीजों की विक्री करके बीज नियम 1966 का उल्लंघन किया गया है। जिसके कारण तीनों दुकानदारों के बीज विक्री लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिये गये हैं।

महाविद्यालयीन भूमि के सीमांकन और स्वामित्व के लिये भूमि सुरक्षा अभियान

रीवा | 27-सितम्बर-2019

प्रदेश के महाविद्यालयों में उपलब्ध खुली भूमि की सुरक्षा तथा संबंधित अभिलेखों को अद्यतन करने की आवश्यकता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भूमि सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव ने सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिये हैं कि राजस्व अभिलेख में निर्धारित भूमि-स्वामी के कॉलम में महाविद्यालय का नाम अथवा उच्च शिक्षा विभाग का नाम अंकित किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि भूमि-स्वामी के कॉलम में कोई अन्य उल्लेख हो, तो उसे संशोधित करने के लिए स्थानीय नायब तहसीलदार/तहसीलदार को आवेदन प्रस्तुत करें। श्री राव ने निर्देश दिये कि महाविद्यालय के स्वामित्व में आने वाली भूमि का नजरी-नक्शा भी तैयार किया जाए। ताकि महाविद्यालय की भूमि की चारों सीमाओं के सम्पर्क में आने वाली भूमि, भवन, निर्मित व खाली जगह और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि भूमि की सीमा सुरक्षित करने के लिए तार अथवा फेंसिग अथवा ट्रेन्च खोदकर घने पौधे लगाकर चिन्हांकित करें।
प्रमुख सचिव ने कहा कि भूमि का स्वामित्व एवं सीमांकन तय हो जाने के बाद प्रत्येक महाविद्यालय के लिए उपलब्ध भूमि पर आगामी 30 वर्षों के विकास के लिए निर्माण कार्यों आर्किटेक्चरल प्लान तैयार किया जायेगा, जिसे समयबद्ध तरीके से वर्षवार क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व के राजस्व अभिलेख, सीमांकन दर्शाते हुए नजरी-नक्शा एवं निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध कराया जाएगा। श्री राव ने 31 दिसम्बर 2019 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने को कहा है।

कोई भी बुखार डेंगू हो सकता है, बुखार होने पर तुरंत कराएं इलाज

रीवा | 20-सितम्बर-2019

बुखार के साथ-साथ यदि तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास व मांसपेशियों में दर्द तथा शरीर पर चकते बनना आदि लक्षणों में से दो या दो से अधिक लक्षण दिखाई देने पर कोई भी व्यक्ति डेंगू का मरीज हो सकता है। कभी-कभी रोगी को होने वाला सामान्य बुखार भी डेंगू हो सकता है। इसलिए डेंगू होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। इन लक्षणों के साथ-साथ मसूड़ों अथवा आंखों से रक्त स्त्राव अथवा रक्त में प्लेटलेट्स का कम होना आदि गंभीर प्रकार के डेंगू बुखार के सूचक हैं। जो कि हानिकारक हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को अस्पताल में चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय ने आमजन से अपील की है कि इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम शासकीय चिकित्सालय में संपर्क करें और बीमारी का समय पर इलाज कराएं। इसके साथ-साथ डेंगू से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतने को भी कहा है। उन्होंने कहा है कि घर में पानी के कंटेनर ढंककर रखें, सप्ताह में एक बार पानी के कंटेनर को अवश्य खाली करें, पैराथ्रम नामक दवा को कैरोसीन में मिलाकर आसपास छिड़काव किया जा सकता है। पूरी बांह के कपड़े पहनें तथा शरीर को ढंककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। नीम के पत्तों का धुंआ करें तथा खिड़की दरवाजों पर जाली लगवाएं। उन्होंने कहा है कि घरों के आस-पास पानी इकठ्ठा न होने दें। पानी इकठ्ठा होने पर मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ तेल डालें। बुखार आने पर खून की जाँच अवश्य कराएं।
डेंगू बुखार वायरस एडीज नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है। यह रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। इसलिये डेंगू बुखार से बचने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाएं एवं सावधानी बरतें।

गाँवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा

कार्यशाला में पर्यटन मंत्री श्री बघेल

रीवा | 14-सितम्बर-2019

पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा है कि गाँवों को एनजीओ के माध्यम से पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा। इसमें ग्रामीणों के लिये रोजगार के अवसर भी खोजे जायेंगे। श्री बघेल ने “एक्सपीरियन्स शेयरिंग बाय लीडर्स ऑफ कम्युनिटी होम स्टे इन इण्डिया” कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सर्वप्रथम प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े गावों की पहचान करेगी। इसमें ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के पास वाले गाँवों को जोड़ा जायेगा।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन के लिये एनजीओ द्वारा ग्रामवासियों के साथ मिलकर पर्यटकों को गाँव के माहौल में ठहरने और भोजन आदि के अच्छे इंतजाम किये जायेंगे। ग्रामीण परिवेश के आवासों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जायेगा। पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन एवं भोजन सुलभ कराया जायेगा। उन्हें चिकित्सा सुविधा भी दी जायेगी।
सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन विकसित करने में जिला टूरिज्म प्रमोशन कॉन्सिल की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यशाला में श्रीमती मल्लिका विर्दी (संस्थापक हिमालयन आर्क), श्री पारस लुम्बा (संस्थापक ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन), श्री सुमित सूरी (चेयरमेन होटल एण्ड रेस्ट्रॉ एसोसियेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया, एम.पी. कमेटी), सुश्री पूजा श्रीवास्तव (एयर बी.एन.बी.), श्री अनवर जाफरी (फ्रेंड्स ऑफ ओरछा), श्रीमती विद्या वेंकटेश (मैनेजर, लास्ट वाईल्डनेस फाउन्डेशन), श्रीमती मालिनी गौरीशंकर (एफ 5 स्केप्स), श्रीमती साविनी सोनवरिया (संस्थापक पशु-पक्षी), सुश्री आस्था (बुकिंग डॉटकॉम), श्री अनुराग ताम्हनकर (होमस्टे कन्सट्रक्शन) ने सहभागिता की।
अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड की श्रीमती भावना वालिम्बे, संचालक (कौशल विकास) मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री मनोज सिंह और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी

रीवा | 31-अगस्त-2019

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संपूर्ण जिले में आगामी 14 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण परिक्रम्य अधिनियम की धारा 138, बैंक रिकवरी, मोटर क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत, जल, राजस्व, (न्यायालय से लंबित) पुलिस परामर्श केन्द्र के अन्तर्गत घरेलू हिंसा अधिनियम, पारिवारिक, वैवाहिक, विवादों के प्रीलिटिगेशन अन्य प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। लोक अदालत में आपसी सुलह एवं समझौता के आधार पर प्रकरण निराकृत किये जायेंगे।
नेशनल लोक अदालत का जिला मुख्यालय के साथ ही रीवा, सिरमौर, मऊगंज एवं हनुमना में आयोजन किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 40 खण्डपीठों का गठन किया जायेगा। प्रत्येक खण्डपीठ द्वारा प्रकरणों के आपसी समझौते एवं समझाइश से निराकरण की प्रक्रिया चल रही है। जिला मुख्यालय में मोटर दुर्घटना, विद्युत की समस्याओं के निराकरण के लिए बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

प्रत्येक विद्युत वितरण केंद्र में लगाएं उपभोक्ता सेवा शिविर 

ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने प्रबंध संचालकों को दिए निर्देश 

रीवा | 27-अगस्त-2019

 ऊर्जा मंत्री श्री  प्रियव्रत सिंह ने तीनों विद्युत वितरण कंपनी के  प्रबंध संचालकों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विद्युत वितरण केंद्र में 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक कम से कम 3 उपभोक्ता शिविर  जरूर लगाएं। शिविर में नमूने के तौर पर कुछ बिजली बिलों की जांच भी करें। अधिक और गलत बिल की शिकायतों का जल्द निराकरण करें। शिविर में बिजली की गुणवत्ता, संधारण और व्यवधान के बारे में प्राप्त शिकायतों का निराकरण भी सुनिश्चित करें। शिविर में यथासंभव कंपनी के कार्यपालन यंत्री भी उपस्थित रहें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शिविरों की कार्यवाही का प्रतिवेदन 21 अक्टूबर तक अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि “आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम में भी विद्युत वितरण  कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहकर विभाग से संबंधित लोगों की समस्याओं का निराकरण करें।
कंपनी का मुख्य लक्ष्य विद्युत उपभोक्ता की संतुष्टि

ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा है कि विद्युत वितरण कंपनी  मूलतः सेवा प्रदाता है। विद्युत उपभोक्ता की संतुष्टि ही कंपनी का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रिपिंग की समस्या दूर करें।
श्री सिंह ने कहा कि विद्युत बिलों की वसूली के लिए भी विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा कि वसूली के पहले जरूरी है कि सही बिजली बिल और संतोषजनक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सही मीटर रीडिंग और इसी के आधार पर बिल बनाने के साथ ही उपभोक्ताओं तक समय पर बिल पहुँचना भी जरूरी है।

कमिश्नर डॉ. भागर्व ने सपत्नी मूकबधिर विद्यालय की छात्राओं से बंधवाई राखी 

रीवा | 16-अगस्त-2019

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव एवं उनकी पत्नी आशा भार्गव ने शासकीय श्रवण एवं दृष्टिबाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीवा में पहुंचकर छात्राओं से राखी बंधवाई। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समझाइश देते हुए अच्छे से पढ़ने लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें, खेलें, खाएं और आगे बढ़े। कमिश्नर डॉ. भार्गव को छात्रा पुष्पा विश्वकर्मा, श्रुति वर्मा, पूनम पाल, सपना चौधरी, पारूल साकेत, राजकुमारी साहू, पूनम पुरी, करिश्मा विश्वकर्मा, आकांक्षा नामदेव एवं प्रियंका चर्मकार ने राखी बांधी। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर स्नेह दिया। कमिश्नर डॉ. भार्गव की पत्नी श्रीमती आशा भार्गव ने भी छात्राओं से राखी बंधवाई। इस अवसर पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्र मोहित सोनी को श्रवणबधित संवर्ग में  प्रदेश में हायर सेकेंडरी की परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण अनिल दुबे, उप संचालक सतीश निगम, अधीक्षक मूकबधिर विद्यालय एसडीएम त्रिपाठी, वरिष्ठ शिक्षक शिवबली त्रिपाठी, प्रशिक्षक रामस्वरूप विश्वकर्मा, शिक्षक सुभाष शर्मा, लक्ष्मण मिश्रा सहित अन्य स्टाफ एवं अभिभावकगण उपस्थित थे।

डेंगू तथा चिकनगुनिया रोगियों की रिपोर्ट देने के निर्देश 

रीवा | 06-अगस्त-2019

  मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों का उपचार शासकीय अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में भी किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय ने सभी नर्सिंग होम तथा निजी अस्पताल संचालकों को मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों के उपचार की जानकारी हर माह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि सभी पैथालॉजी सेन्टर चलाने वाले भी उनके सेंटर में जांच में पाये गये। मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया के रोगियों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी ई-मेल dmorewa@rediffmail.com में तथा इसकी हार्डकापी जिला मलेरिया कार्यालय में उपलब्ध करायें।

 

प्लास्टिक का बैग उपयोग न करने की सलाह 

रीवा | 26-जुलाई-2019

 जन शिक्षण संस्थान रीवा द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलने के उद्देश्य से स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम अन्तर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किये जा रहे हैं। इसी क्रम में आज स्थानीय दीनदयाल प्लाजा में व्यवसायियों को प्लास्टिक के बैग के उपयोग न करने की समझाइश दी गई तथा संस्थान द्वारा ईको फ्रेंडली बैग वितरित किये गये।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तत्वाधान में जन शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निर्देशक सुनील शुक्ला ने व्यवसायियों से अपील कि की प्लास्टिक के बैग का उपयोग न करें और न ही इसमें ग्राहकों को सामान दें क्योंकि प्लास्टिक के बैग पर्यावरण को नुकसान तो पहुंचाते ही हैं साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी होते हैं। उन्होंने अपील में कहा कि ईको फ्रेंडली कैरी बैग का उपयोग किया जाय। इस अवसर पर वरिष्ट समाज सेवी सुजीत द्विवेदी, मुनीन्द्र चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मिश्रा, शिवकुमार साकेत, राजवर्धन तिवारी, राजेश मिश्रा एवं राजेश गौतम सहित संस्थान के कर्मचारी व बड़ी संख्या में व्यवसायी उपस्थित थे।

रीवा की यायायात व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव आमंत्रित 

सेमिनार का आयोजन 27 जुलाई को

रीवा | 23-जुलाई-2019

 रीवा की यातायात व्यवस्था के सुधार के उद्देश्य से प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, पत्रकार युवा, विद्यार्थी, व्यवसायी, परिवहन व्यवसायी, आटो संघ प्रतिनिधि, अधिवक्ता आदि वर्ग से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। इस हेतु कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आगामी 27 जुलाई को कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में अपरान्ह 3 बजे से सेमिनार आयोजित किया गया है जिसमें इच्छुक जन अपने सुझाव दे सकते हैं। यह सेमिनार तब तक चलेगा जब तक लोगों के सुझाव आते रहेंगे।
कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यातायात व्यवस्था संबंधी सुझाव लिखित में कार्यालय कलेक्टर पुलिस अधीक्षक या आरटीओ कार्यालय में भी सुझाव पेटियों में डाले जा सकते हैं। कलेक्टर के ईमेल पर भी सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी 3 माह में जिले के प्रत्येक क्षेत्र के लिये अलग-अलग यातायात योजनाएँ तैयार की जाकर उनका पालन किया जाना सुनिश्चित कराया जायेगा।

मछली मारने पर 15 अगस्त तक प्रतिबंध 

रीवा | 12-जुलाई-2019

 जिले के प्रमुख जलाशायों तथा नदियों में विभिन्न प्रजातियों की मछलियाँ हैं इनका प्रजनन काल जून के मध्य से अगस्त माह के मध्य तक होता है। इसे दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने मछलियों के शिकार पर आगामी 15 अगस्त तक प्रतिबंध लगा दिया है। उपरोक्त आदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम के तहत जारी किया है। कलेक्टर ने कहा है कि छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा में नहीं लिया गया है। उन पर मत्स्याखेट का प्रतिबंध लागू नहीं होगा। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करते हुये उन्हें एक वर्ष का कारावास या पांच हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जायेगा।