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रीवा

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कमिश्नर डॉ. भागर्व ने सपत्नी मूकबधिर विद्यालय की छात्राओं से बंधवाई राखी 

रीवा | 16-अगस्त-2019

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव एवं उनकी पत्नी आशा भार्गव ने शासकीय श्रवण एवं दृष्टिबाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीवा में पहुंचकर छात्राओं से राखी बंधवाई। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समझाइश देते हुए अच्छे से पढ़ने लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें, खेलें, खाएं और आगे बढ़े। कमिश्नर डॉ. भार्गव को छात्रा पुष्पा विश्वकर्मा, श्रुति वर्मा, पूनम पाल, सपना चौधरी, पारूल साकेत, राजकुमारी साहू, पूनम पुरी, करिश्मा विश्वकर्मा, आकांक्षा नामदेव एवं प्रियंका चर्मकार ने राखी बांधी। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर स्नेह दिया। कमिश्नर डॉ. भार्गव की पत्नी श्रीमती आशा भार्गव ने भी छात्राओं से राखी बंधवाई। इस अवसर पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने छात्र मोहित सोनी को श्रवणबधित संवर्ग में  प्रदेश में हायर सेकेंडरी की परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण अनिल दुबे, उप संचालक सतीश निगम, अधीक्षक मूकबधिर विद्यालय एसडीएम त्रिपाठी, वरिष्ठ शिक्षक शिवबली त्रिपाठी, प्रशिक्षक रामस्वरूप विश्वकर्मा, शिक्षक सुभाष शर्मा, लक्ष्मण मिश्रा सहित अन्य स्टाफ एवं अभिभावकगण उपस्थित थे।

डेंगू तथा चिकनगुनिया रोगियों की रिपोर्ट देने के निर्देश 

रीवा | 06-अगस्त-2019

  मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों का उपचार शासकीय अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में भी किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय ने सभी नर्सिंग होम तथा निजी अस्पताल संचालकों को मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों के उपचार की जानकारी हर माह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि सभी पैथालॉजी सेन्टर चलाने वाले भी उनके सेंटर में जांच में पाये गये। मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया के रोगियों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी ई-मेल dmorewa@rediffmail.com में तथा इसकी हार्डकापी जिला मलेरिया कार्यालय में उपलब्ध करायें।

 

प्लास्टिक का बैग उपयोग न करने की सलाह 

रीवा | 26-जुलाई-2019

 जन शिक्षण संस्थान रीवा द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलने के उद्देश्य से स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम अन्तर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किये जा रहे हैं। इसी क्रम में आज स्थानीय दीनदयाल प्लाजा में व्यवसायियों को प्लास्टिक के बैग के उपयोग न करने की समझाइश दी गई तथा संस्थान द्वारा ईको फ्रेंडली बैग वितरित किये गये।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तत्वाधान में जन शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निर्देशक सुनील शुक्ला ने व्यवसायियों से अपील कि की प्लास्टिक के बैग का उपयोग न करें और न ही इसमें ग्राहकों को सामान दें क्योंकि प्लास्टिक के बैग पर्यावरण को नुकसान तो पहुंचाते ही हैं साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी होते हैं। उन्होंने अपील में कहा कि ईको फ्रेंडली कैरी बैग का उपयोग किया जाय। इस अवसर पर वरिष्ट समाज सेवी सुजीत द्विवेदी, मुनीन्द्र चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मिश्रा, शिवकुमार साकेत, राजवर्धन तिवारी, राजेश मिश्रा एवं राजेश गौतम सहित संस्थान के कर्मचारी व बड़ी संख्या में व्यवसायी उपस्थित थे।

रीवा की यायायात व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव आमंत्रित 

सेमिनार का आयोजन 27 जुलाई को

रीवा | 23-जुलाई-2019

 रीवा की यातायात व्यवस्था के सुधार के उद्देश्य से प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, पत्रकार युवा, विद्यार्थी, व्यवसायी, परिवहन व्यवसायी, आटो संघ प्रतिनिधि, अधिवक्ता आदि वर्ग से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। इस हेतु कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आगामी 27 जुलाई को कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में अपरान्ह 3 बजे से सेमिनार आयोजित किया गया है जिसमें इच्छुक जन अपने सुझाव दे सकते हैं। यह सेमिनार तब तक चलेगा जब तक लोगों के सुझाव आते रहेंगे।
कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यातायात व्यवस्था संबंधी सुझाव लिखित में कार्यालय कलेक्टर पुलिस अधीक्षक या आरटीओ कार्यालय में भी सुझाव पेटियों में डाले जा सकते हैं। कलेक्टर के ईमेल पर भी सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी 3 माह में जिले के प्रत्येक क्षेत्र के लिये अलग-अलग यातायात योजनाएँ तैयार की जाकर उनका पालन किया जाना सुनिश्चित कराया जायेगा।

मछली मारने पर 15 अगस्त तक प्रतिबंध 

रीवा | 12-जुलाई-2019

 जिले के प्रमुख जलाशायों तथा नदियों में विभिन्न प्रजातियों की मछलियाँ हैं इनका प्रजनन काल जून के मध्य से अगस्त माह के मध्य तक होता है। इसे दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने मछलियों के शिकार पर आगामी 15 अगस्त तक प्रतिबंध लगा दिया है। उपरोक्त आदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम के तहत जारी किया है। कलेक्टर ने कहा है कि छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा में नहीं लिया गया है। उन पर मत्स्याखेट का प्रतिबंध लागू नहीं होगा। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करते हुये उन्हें एक वर्ष का कारावास या पांच हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जायेगा।

प्राथमिक स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों को आरोग्यम के रूप में विकसित किया जाये – कमिश्नर डॉ. भार्गव 

कमिश्नर डॉ. भार्गव ने बजट आवंटन एवं क्रियान्वयन के संबंध में जारी किये दिशा-निर्देश 

रीवा | 06-जून-2019   चालू वित्तीय वर्ष में जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं चयनित उप स्वास्थ्य केन्द्रों को आरोग्यम (हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर्स) के रूप में विकसित किया जायेगा। जिलों की जिला स्वास्थ्य समितियों को मापदण्ड अनुसार स्वीकृत बजट से राशि ई-वित्त के माध्यम से आवंटित की गई है। इस राशि का उपयोग चिन्हित आरोग्यम प्राथमिक स्वास्थ्य तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों में हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर्स में सिविल कार्य कराने में किया जाना है। इस संबंध में कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने संभाग के सभी कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने जारी निर्देश में कहा है कि जारी राशि को नियमानुसार व्यय करें। पूरी राशि व्यय करना आवश्यक नहीं है। जिलों में स्वीकृत कुल राशि की सीमा में आवश्यकतानुसार प्रति संस्थान राशि में परिवर्तन किया जा सकता है। गौरतलब है कि उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए सात-सात लाख रूपये तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए चार-चार लाख रूपये का बजट आवंटित किया गया है।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने निर्देश दिये हैं कि इस बजट से अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण का कार्य करायें। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के रोगी प्रतीक्षा कक्ष में कम से कम 20-25 मरीजों तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतीक्षा कक्ष में 5-6 मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था करें। रोगियों एवं उनके परिजनों के लिए स्वच्छ पेयजल, महिला एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग प्रसाधन, रनिंग वॉटर एवं स्टोरेज, जल निकासी, विद्युत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा स्त्रोत या इन्वर्टर अथवा जनरेटर, बायोमेडिकल पिट की व्यवस्था करें तथा निर्धारित मानक अनुसार रंग से पेंट करवाकर डिजाइन बनवायें।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि उक्त संदर्भ में क्षेत्रीय संचालकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों तथा विभाग के सिविल शाखा में कार्यरत अभियंताओं के विस्तृत उन्मुखीकरण के लिए कार्यशालाएं 14 जून तक आयोजित की जायेंगी। संबंधितों द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जिलों में कार्यरत एजेंसियों के माध्यम से उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संबंधी कार्यवाही भी संबंधितों द्वारा देखी जायेगी।