Wednesday, December 11News That Matters

शहडोल

Share

जिले नायब तहसीलदारो की पदस्थापना के आदेश जारी

शहडोल | 25-अक्तूबर-2019

  अपर कलेक्टर श्री अशोक ओहरी ने जिले के पदस्थ नायब तहसीलदारो की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए है। जारी आदेश के अनुसार श्री बी.आर. नेताम नायब तहसीलदार सोहागपुर से तहसील ब्यौहारी, श्री भरत सोनी नायब तहसीलदार को तहसील बुढ़ार, श्री के.एल. टेकाम नायब तहसीलदार बुढ़ार को तहसील गोहपारू, श्री अभयानंद शर्मा नायब तहसीलदार गोहपारू से तहसील सोहागपुर में पदस्थापना की गई है।

श्री के.के. सिंह लेखापाल निलंबित

शहडोल | 22-अक्तूबर-2019

कलेक्टर श्री ललित दाहिमा ने कार्यालय परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास शहडोल के लेखापाल श्री के.के. सिंह को निलंबित कर दिया है। जारी निलंबित आदेश में संभागीय उपायुक्त आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शहडोल द्वारा श्री के.के. सिंह व अन्य के विरूद्ध कोतवाली शहडोल में आपराधिक प्रकरण क्रमांक 368/15 धारा 409,420,434 दर्ज किया गया था। जिसका माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। जिसकी जानकारी श्री सिंह द्वारा विभाग को नही दी गई है। अतः न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के फलस्वरूप श्री के.के. सिंह, लेखापाल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9(1)(ख) के तहत तत्काल प्रभाव से कलेक्टर श्री दाहिमा द्वारा निलंबित कर उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा कार्यालय सोहागपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्री सिंह को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

दिव्यांग एवन दास बैगा अब किसी का मोहताज नही (खुशियों की दास्तां)

शहडोल | 15-अक्तूबर-2019

शहडोल जिले के संवेदनशील कलेक्टर श्री ललित दाहिमा ने ग्राम छाता के दिव्यांग एवन दास बैगा को स्कूटी विथ ट्रॉली दिलाकर उसके जीवन में खुशियॉ भर दी है। दिव्यांग एवनदास बैगा ने स्कूटी विथ ट्रॉली पाकर कहा कि आज का दिन मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन है। अब मै किसी का मोहताज नही हॅू। शहडोल जिले के संवेदनषील कलेक्टर ने मेरी निशक्ता देखकर मुझे स्कूटी विथ ट्रॉली दिलाई है। अब मेरे जीवन में निशक्तता के कारण आने वाली पेरशानियॉ कुछ हद तक सामाप्त हो गई है। एवन दास बैगा ने कलेक्टर श्री ललित दाहिमा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हए कहा कि अब मै स्कूटी विथ ट्रॉली में बैठकर कॉलेज जाउगॉ, अच्छी षिक्षा ग्रहण करूगा और सरकारी अधिकारी बनूगा। गौरतलब है कि शहडोल जिले के ग्राम छाता के दिव्यांग एवनदास बैगा 27 अगस्त 2019 में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ललित दाहिमा को आवेदन देकर ट्राई साईकिल दिलाने की गुजारिष की थी। निःशक्त एवनदास बैगा की निःशक्तता को देखकर कलेक्टर ने एवनदास बैगा को स्कूटी विथ ट्रॉली दिलाने की बात कही थी। आज कलेक्टर श्री ललित दाहिमा ने कलेक्टर कार्यालय में दिव्यांग श्री एवनदास बैगा को ओरिएन्ट पेपर मिल सौजन्य से लगभग 01 लाख 10 हजार रूपये की लागत से तैयार की गई स्कूटी विथ ट्रॉली प्रदाय की गई। इस अवसर पर ओरिएन्ट पेपर मिल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय गुप्ता एवं ओरिएन्ट पेपर मिल के जनसम्पर्क अधिकारी श्री अजय शर्मा एवं दीपक खरे, प्रभारी उप संचालक श्री संतोष चौधरी उपस्थित रहे।

बैगर अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने वाले अधिकारियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

शहडोल | 01 अक्टूबर -2019

कलेक्टर श्री ललित दाहिमा ने निर्देशों के बावजूद मनमाने तौर पर मुख्यालय से बाहर रहने तथा शासकीय बैठकों से बैगर अनुमति के अनुपस्थित रहने पर जिला विपणन अधिकारी शहडोल शिखा वर्मा एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी खांड़ आनंद श्रीवास्तव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी खांड़ को निरंतर बगैर अनुमति और सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण 01 अक्टूबर 2019 को कारण सहित तलब किया गया है। गौरतलब है कि कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद कई अधिकारी, कर्मचारी बगैर अनुमति लिए मुख्यालय से बाहर जाते है जिसके कारण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इस उदासीनता और लापरवाही को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए ऐसे शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्व सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने जनाधिकार कार्यक्रम में उदासीनता बरतने के कारण जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। वहीं विकास कार्याे की बैठक में विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री मुकेश सिंह ने बताया कि जनाधिकार कार्यक्र्रम की शिकायतों के निराकरण में उदासीनता बरतने के कारण शहडोल जिले के 06 अधिकारियों की एक-एक वेतनवृद्वि तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।

जिला स्तरीय निरामयम् शिविर में 1096 में किया गया उपचार

शहडोल | 24-सितम्बर-2019

निरामयम् आयुषमान योजना के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय जॉच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. उमेश नामदेव ने बताया कि आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 1 करोड़ 37 लाख परिवारो को हर साल 05 लाख रूपये का निःशुल्क कैशलेश स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। इस योजना में वर्ष 2011 के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार संबल योजना के लाभ्यार्थी परिवार तथा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ्यार्थी परिवार शामिल है। इस सुरक्षा कवच के अंतर्गत 1350 विभिन्न जटिल रोग बीमारियों के पैकेज में शामिल है। इसके अंतर्गत मरीज को अस्पताल में जाकर दिखाना होगा। वहॉ पर डॉक्टर जॉच कर उपचार करेंगा। यदि वह उपचार वहॉ उपचार संभव नही होगा तो चिन्हित अस्पतालो में रेफ्रर किया जायेगा जहॉ निशुल्क जॉच एवं उपचार किया जायेगा। जिला मलेरिया अधिकारी श्री आईबी सिंह इसके नोड़ल अधिकारी है। सिविल सर्जन ने बताया कि आज आयोजित शिविर में कुल 1096 मरीजो को चिन्हित किया गया। जिन्हें निशुल्क जॉच एवं उपचार प्रदान किया गया।

औद्योगिक कम्पनियाँ मानवीय आधार पर करें सी.एस.आर. फण्ड का उपयोग अत्यधिक वर्षा को देखते हुए सभी जिलों में आपदा से निपटने की पूरी तैयारी

आपदा से निपटने की पूरी तैयारी बाढ़ प्रभावित 45 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा कलेक्टरों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश

शहडोल | 17-सितम्बर-2019

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर वर्षा प्रभावित जिलों में जान-माल की रक्षा और बचाव के काम युद्ध-स्तर पर तेज कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हुए आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व एवं संबंधित जिले के कलेक्टर से सतत् संपर्क रखकर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नाथ के निर्देश पर वर्षा से प्रभावित 36 जिलों में बचाव और राहत के काम तत्काल शुरु किए गए हैं। राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) के साथ स्थानीय जिला प्रशासन को सक्रिय किया गया है। प्रभावित क्षेत्र में 255 जिला आपदा रिस्पांस सेंटर और 51 आपात ऑपरेशन सेंटर खोले गए हैं, जो 24 घंटे निरंतर काम कर रहे हैं। एसडीआरएफ के 100 और होमगार्ड के 600 प्रशिक्षित जवान बचाव कार्य में लगाये गए हैं। एनडीआरएफ के 210 तथा 15 हजार होमगार्ड और पुलिस के जवान राहत और बचाव कार्यों में तैनात किए गए हैं।
45 हजार को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है
राज्य-स्तर पर स्थापित आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निगरानी कर रहा है और उन्हें आवश्यक मदद उपलब्ध करवा रहा है। सेना को भी सतर्क किया गया है और जहाँ भी आवश्यकता होगी, तत्काल यह सहायता प्रभावितों की मदद के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 45 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए विशेष दल बनाये गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में उनके अस्थायी कैंप लगाए गए हैं। राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 150 राहत शिविरों में लोगों को पहुँचाया गया है। बाढ़ प्रभावित जिलों को 100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है ताकि प्रभावितों के रहने, खाने तथा अन्य नुकसान की भरपाई की जा सके। आपदा और बचाव कार्य पर 325 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राज्य सरकार ने भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के लिए भारत सरकार से तत्काल प्रारम्भिक आंकलन के लिए अध्ययन दल भेजने को कहा है। राज्य सरकार के आग्रह पर केन्द्र से इंटर मिनिस्ट्रीयल सेंटर टीम शीघ्र भेजने का आश्वासन मिला है।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव के कार्य युद्ध-स्तर पर शुरु
अतिवृष्टि से प्रभावित मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, भिंड, श्योपुर, नीमच, दमोह, रायसेन, और अशोकनगर जिले में प्रभावितों के लिए राहत और बचाव के कार्य युद्ध-स्तर पर शुरु किए गए है।
मंदसौर- मंदसौर में बाढ़ के कारण 12 हजार 800 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 10 हजार लोगों को राहत कैम्प में ठहराया गया है। पूरे जिले में 53 राहत कैम्प स्थापित किए गए हैं। शिविरों में कपड़ों,सोने और भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवी संस्थाएँ और नागरिक जिला प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। आवागमन ठप्प हो जाने से मार्ग में फंसे 470 लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहाँ उन्हें सोने और भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। गाँधीसागर बाँध के आसपास के गाँवों को खाली करवा लिया गया है। मदद के लिए मोबाइल नं. 7587969401 पर कोई भी व्यक्ति फोन करके सहायता प्राप्त कर सकता है। होमगार्ड के सैनिक नाव और बोट से निरंतर निगरानी रख रहे हैं।
रतलाम- रतलाम जिले में अतिवृष्टि के हालातों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ की मदद से लोगों को बचाने का काम मुस्तैदी से किया गया। बाजना विकासखंड के ग्राम भड़ानखुर्द के ग्रामीणों को सुरक्षित कैम्पों में पहुँचाया गया है। इसी तरह, ग्राम रोला के 250 ग्रामीणों को पड़ोस के ग्राम रिंगनोद में शिफ्ट किया गया है। ग्राम रणायरागुर्जर के 300 नागरिकों को विभिन्न शासकीय भवनों में सुरक्षित पहुँचाया गया है, जहाँ उनके भोजन, रहने आदि की व्यवस्था की गई थी। रणायरागुर्जर में बाढ़ में फंसे मांगीलाल तथा सावत्रीबाई को एनडीआरएफ की टीम ने बचाकर राहत शिविर पहुँचाया है। पिपलौदा में भी 4 व्यक्तियों को स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बचाया गया है।
आगर-मालवा- भारी वर्षा के कारण आगर-मालवा की कंठाल नदी में जलस्तर बढ़ने से नगरीय क्षेत्र सोयत में लोगों के घरों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने तत्काल पुलिस-होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीम के साथ बचाव कार्य शुरु किया और 750 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। उनके खाने-पीने, सोने आदि की व्यवस्था राहत शिविरों में की गई। जो नागरिक अपने घरों में बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं, उन लोगों को खाने-पीने तथा अन्य जरूरी सामान बोट द्वारा पहुँचाया गया। बाढ़ के कारण दुकानों और घरों को जो नुकसान पहुँचा है, उसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिन्होंने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य दल गठित किए गए हैं, जो शिविर लगाकर लोगों को उपचार उपलब्ध करवा रहे हैं।
शाजापुर -शाजापुर जिले में बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिए शासकीय भवनों में राहत-शिविर खोले गये हैं। प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।
मुरैना संभाग – पार्वती और चंबल नदी में बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा युद्ध-स्तर पर बचाव कार्य शुरु कर दिया गया है। श्योपुर जिले में बाढ़ में फंसे 12 गाँव के लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। एक व्यक्ति जो बाढ़ में फंस गया था, उसे भी सुरक्षित निकाला गया है। जिले के नदियों के समीप बसे 15 गाँव, जो नदियों के किनारे बसे हैं, उनसे सतत् संपर्क रखा जा रहा है। साथ ही सेना भी बुला ली गई है। भिंड जिले में बाढ़ से निपटने के लिए आर्मी लॉ वन कॉलम दल को अटेर में तैनात किया गया है। जो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रहे है

गरीब के जीवन में खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य – प्रभारी मंत्री

सामाजिक कार्यों के लिए आदिवासी गॉवों में बर्तन क्रय करने 25 हजार देगी सरकार हर आदिवासी परिवार को 10 हजार रूपये ओव्हर ड्राफ्ट की मिलेगी सुविधा, आदिवासी परिवारों को बच्चे के जन्म पर 50 किलों और दशगात्र के लिए एक क्विंटल खाद्यान मुहैया कराया जाएगा

शहडोल | 06-सितम्बर-2019

मध्यप्रदेश शासन के आदिम जाति कल्याण विभाग, विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण मंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा है कि गरीब और कमजोर तबके के लोगों के जीवन में खुशहाली और उन्नति लाना मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इस कार्यक्रम के तहत शासन ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करा रही है। आपकी सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम में सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित कराई जा रही हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंदो तक योजनाओं का लाभ पहुचंना मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा गरीब आदमी ‘‘आपकी सरकार आपके द्वार’’ कार्यक्रम में मुस्कुराकर आये और अपनी समस्या का निराकरण करायंे ऐसी समुचित व्यवस्थाएं होना चाहिए। गरीब और कमजोर तबके लोगों को समस्याओं के निराकरण के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए। प्रभारी मंत्री श्री ओमकार ंिसह मरकाम आज शहडोल जिले के ग्राम पंचायत केलमानिया में आयोजित आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राशन वितरण कार्यक्रम को और अधिक माकूल और पारदर्षी बनाया जाए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि ऐसे गरीब आवासहीन जिनका नाम आवासहीनों की सूची से छूटा है ऐसे गरीबों का नाम आवासहीनों की सूची में जोड़ा जाऐगा। उन्होने कहा कि युवाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाऐगा तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किये जायेगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि उन्हें आदिवासियों का दर्द मालूम है आदिवासियों के उत्थान के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरतंर प्रयास कर रही है। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश के 89 जनजातीय बहूल्य जनपद पंचायतों में रहने वाले आदिवासी गांवों को सामाजिक कार्यों के लिए बर्तन क्रय करने के लिए 25 हजार रूपये की राशि दी जायेगी। आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए और आदिवासी युवाओं के सर्वागीण विकास के लिए युवा शक्ति संगठन बनाये जाऐगे। आदिवासी परिवारों को मनमानी दरोपर ब्याज पर राशि देने वाले तथा आदिवासी परिवारों से अवैध वसूली करने वाले सहूकारों के विरूद्व सख्त कार्य वाही की जायेगी इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार सख्त कानून बनागेयी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रत्येेक आदिवासी परिवार को 10 हजार रूपये तक ओव्हर ड्राफ्ट करने की सुविधा मध्यप्रदेश सरकार देगी। उन्‍होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आदिवासियो के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मद्द योजना के तहत आदिवासी परिवार के यहॉ बच्चे के जन्म होने पर 50 किलों खाद्यान्न तथा किसी सदस्य की मृत्यु होने की दशा में दशगात्र के लिए 01 क्विंटल खाद्यान मुहैया कराऐगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों को आधार कार्ड बनाने में कई प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ता है। जिसका दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश के आदिवासी बहूल विकासखण्डों में 01 हजार आधार कार्ड केन्द्र खोले जायेगें ताकि आदिवासी परिवार आसानी से आधार कार्ड बनावा सकें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि शहडोल जिले में रोजगार गांरटी योजना को और अधिक रोजगार मूलक बनाया जाए। इस योजना के माध्यम से लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया कराया जाए। कार्यक्रम को अध्यक्ष जिला पंचायत श्री नरेन्द्र मरावी विधायक जयसिंहनगर, श्री जयंिसंह मरावी, कलेक्टर श्री लालित दाहिमा एवं आजाद बहादुर सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनी तथा समस्याओं के निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों को सोलर लैंप भी निःशुल्क वितरित किये।

30 अगस्त तक जिले में 713.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

शहडोल | 31-अगस्त-2019

अधीक्षक भू-अभिलेख ने जानकारी दी है कि 30 अगस्त 2019 तक शहडोल जिले में 713.2 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिसमें वर्षामापी केंद्र सोहागपुर में 632.0 मिली मीटर वर्षा मापी केंद्र बुढ़ार में 561.0 मिली मीटर, वर्षामापी केंद्र गोहपारू में 768.0 मिली मीटर, वर्षामापी केंद्र जैतपुर में 807.0 मिली मीटर, वर्षामापी केंद्र ब्यौहारी में 875.0 मिली मीटर, वर्षामापी केंद्र जयसिंहनगर में 636.0 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।

 

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ 

शहडोल | 23-अगस्त-2019

 मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।  मुख्यमंत्री ने शुभकामना संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सत्य, न्याय और धर्म के रक्षक हैं। संपूर्ण मानवता के लिए वे कर्मयोग के ऐसे अद्वितीय शिक्षक हैं, जिनकी दिव्यता से भारत भूमि सुसज्जित है।
श्री कमल नाथ ने श्रद्धालु नागरिकों से आग्रह किया कि वे भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी और अद्भुत लीलाओं से प्रेरणा लेकर सत्य, न्याय और धर्म का साथ देने का संकल्प लें।

बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ाऍ. नीलम सिंह मरावी 

गोहपारू में आदिवासी सम्मेलन का हुआ आयोजन 

शहडोल | 09-अगस्त-2019

 अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती नीलम सिंह मरावी ने कहा है कि आदिवासी समाज के लोगों को शिक्षा के महत्व को समझना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा उन्नति और प्रगति के द्वार खोलती है। सभी आदिवासी भाई अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर बच्चों को उन्नति और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाऍ। अध्यक्ष जनपद पंचायत गोहपारू श्रीमती नीलम सिंह मरावी आज विश्व आदिवासी दिवस पर में आयोजित आदिवासी  सम्मेलन को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में षिक्षा का प्रकाश हर आदिवासी तक पहुँचना चाहिए ताकि आदिवासी समाज के लोग अच्छी शिक्षा ग्रहण करए आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों को वनों की सुरक्षा वनों के संरक्षण  और संवर्धन के लिए भी आगे आना होगा। आदिवासी समाज के लोगों को वनों की सुरक्षा वनों के संरक्षण और संवर्धन का ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी मिला है। आदिवासी भाई इस संचित ज्ञान का उपयोग वनों की सुरक्षा मे कर पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभायें।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुनीता सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों को नशे की बुराईयों से दूर रहते अपनी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी समाज के युवा आगे बढ़ रहे है उनके प्रयासों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के आवश्यकता है। आदिवासी सम्मेलन को जनपद सदस्य श्री जगभान सिंह मार्कोंए श्री रमेश सिंह धुर्वेए श्री रामेश्वर सिंह मरकाम ने भी सम्बोंधित किया। इस अवसर पर श्री आजाद बहादुर सिंहए श्रीमती शिल्पी अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गोहपारू डॉ. दिव्या त्रिपाठीए सहायक ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री अशोक मरावीए श्री विजय सिंह चौहान सहित आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहें। इस अवसर पर शिक्षा एवं खेलकूद की गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आदिवासी छात्र.छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।