आगर-मालवा में 10 करोड़ की ड्रग्स बरामद, नर्सरी की आड़ में चल रहा था अवैध नशे का कारोबार
Feb 4,2026
आगर मालवा में केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नर्सरी की आड़ में संचालित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा किया है। आमला क्षेत्र से 31 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स और करीब 600 किलो केमिकल जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आगर मालवा। जिले में नशे के अवैध कारोबार की गहराई का खुलासा केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में हुआ है। आमला क्षेत्र में एक नर्सरी की आड़ में संचालित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पर शनिवार तड़के छापेमारी कर 31 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स और बड़ी मात्रा में केमिकल जब्त किए गए। यह कार्रवाई केवल एक फैक्ट्री के भंडाफोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात की ओर इशारा करती है कि नशे का संगठित नेटवर्क किस तरह ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चुपचाप सक्रिय था। करोड़ों की ड्रग्स, अत्याधुनिक लैब और महीनों से चल रहा अवैध कारोबार इस बात को साफ करता है कि इसके पीछे एक संगठित और बड़ा गिरोह काम कर रहा था।
इस कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस इलाके में नर्सरी के नाम पर ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी, वहां रोज आवाजाही होती थी, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी. 15 घंटे चली इस कार्रवाई के बाद पूरा इलाका सकते में है. नारकोटिक्स विभाग का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं.
तड़के 4 बजे शुरू हुई कार्रवाई, 15 घंटे चला ऑपरेशन
केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग की टीम ने शनिवार सुबह करीब चार बजे आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी को चारों ओर से घेर लिया। विभाग को पहले से ही पुख्ता जानकारी मिली थी कि यहां बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा है। प्रारंभिक निगरानी के बाद टीम ने नर्सरी परिसर में दबिश दी, जहां पूरी तरह गोपनीय तरीके से संचालित एक हाईटेक ड्रग्स लैब का खुलासा हुआ।
नर्सरी बनी हाईटेक ड्रग्स लैब का ठिकाना
छापेमारी के दौरान सामने आए नज़ारे ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पौधों और कृषि उपकरणों की आड़ में एमडी ड्रग्स निर्माण की पूरी फैक्ट्री छिपाई गई थी। परिसर में आधुनिक मशीनें, केमिकल प्रोसेसिंग यूनिट और पैकिंग की समुचित व्यवस्था मौजूद थी। इससे स्पष्ट होता है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी और यहां तैयार की गई ड्रग्स की सप्लाई लगातार बाहर भेजी जा रही थी।
क्या-क्या बरामद हुआ — एक नज़र
• 31 किलो 250 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स
• लगभग 600 किलो खतरनाक केमिकल
• ड्रग्स निर्माण में उपयोग की जाने वाली आधुनिक मशीनें
• प्रोसेसिंग और पैकिंग से जुड़ा उपकरण
• केमिकल स्टोरेज के ड्रम और कंटेनर
केमिकल्स की सूची ने बढ़ाई चिंता
नारकोटिक्स अधिकारियों के अनुसार, मौके से एमडीसी, एमएमए, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस सहित कई प्रतिबंधित रसायन बरामद किए गए हैं। ये केमिकल्स न केवल एमडी ड्रग्स के निर्माण में उपयोग होते हैं, बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत घातक माने जाते हैं।
अब तक की कार्रवाई — नंबरों में
छापेमारी की शुरुआत सुबह 4 बजे हुई
• ऑपरेशन लगभग 15 घंटे तक चला
• कार्रवाई में 25 से अधिक अधिकारी शामिल रहे
• जब्त एमडी ड्रग्स की अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक
• बरामद किए गए केमिकल्स का कुल वजन करीब 600 किलो
नारकोटिक्स अधिकारियों ने क्या कहा
उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और नशे के नेटवर्क से जुड़े हर लिंक की गहन पड़ताल की जा रही है। वहीं, उज्जैन क्षेत्र के एसपी मुकेश खत्री ने कहा कि ड्रग्स फैक्ट्री के संचालक और सप्लाई चेन से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या आगर मालवा बनता जा रहा है ड्रग्स का नया हब?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला इस ओर संकेत करता है कि आगर मालवा क्षेत्र ड्रग्स तस्करी के संभावित नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। इससे पहले भी आसपास के जिलों में एमडी ड्रग्स से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। हालिया कार्रवाई को इसी सिलसिले की अब तक की सबसे बड़ी और अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
