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NEET UG 2026 Paper Leak मामले में बड़ा एक्शन, Re-Exam 21 जून को होगा

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NEET UG 2026 Paper Leak मामले में बड़ा एक्शन, Re-Exam 21 जून को होगा

14 मई 2026

National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा से देशभर के लगभग 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि अब NEET UG का दोबारा एग्जाम 21 जून 2026 को कराया जाएगा। छात्रों को फिर से registration करने की आवश्यकता नहीं होगी।

पेपर लीक मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) के हाथ में है। 14 मई तक CBI ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और देशभर में 14 अलग-अलग locations पर छापेमारी की है। जांच Maharashtra, Rajasthan और Delhi तक पहुंच चुकी है।

Investigation में सामने आया है कि WhatsApp groups के जरिए “guess paper” circulate किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार उस material के 120 से अधिक सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। कुछ रिपोर्ट्स में 140–150 सवालों तक matching होने की बात कही गई है।

CBI को money trail से जुड़े कई अहम सुराग भी मिले हैं। एजेंसी के मुताबिक कुछ छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे। एक आरोपी के bank account में 21 अलग-अलग accounts से पैसे ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। Coaching centres और कुछ consultancies के connections की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में एक आरोपी के court के बाहर दिए गए बयान ने भी हलचल बढ़ा दी, जिसमें उसने दावा किया कि “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।”

इसी बीच Dharmendra Pradhan ने घोषणा की है कि वर्ष 2027 से NEET परीक्षा computer-based online mode में आयोजित की जाएगी। सरकार ने कहा है कि exam security मजबूत करने, paper leak रोकने और digital monitoring बढ़ाने के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

 
 

 

 

 


कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना: रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी ब्लैकमेल की चेतावनी

07 मार्च 2026 नई दिल्ली | भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका द्वारा 30 दिन की छूट देने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि अमेरिका की यह छूट भारत की संप्रभुता पर हमला और देश को राजनीतिक रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश है।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि अमेरिका की तरफ से यह दबाव कब तक चलेगा। पार्टी का कहना है कि विदेशी ताकतों के निर्देश के अनुसार देश की ऊर्जा नीतियों को नियंत्रित करना स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राहुल गांधी ने लोकसभा में पिछले सत्र का वीडियो शेयर करते हुए कहा था, “क्या अमेरिका हमें बताएगा कि हम रूस या ईरान से तेल खरीद सकते हैं या नहीं। यह अमेरिका तय करेगा, हमारे प्रधानमंत्री नहीं।” कांग्रेस प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति पर किसी भी विदेशी दबाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत स्पष्ट नीति और जवाब देने की मांग की।

अमेरिकी छूट और केंद्र की स्थिति

अमेरिका ने भारत को रूस से तेल आयात के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है, ताकि भारत अपनी आवश्यक ऊर्जा आपूर्ति को जारी रख सके। केंद्र सरकार का कहना है कि यह छूट वैश्विक ऊर्जा संकट और तेल आपूर्ति की निरंतरता को ध्यान में रखकर दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और संप्रभु है, और अमेरिका की ओर से दी गई छूट किसी भी प्रकार के दबाव का संकेत नहीं है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

कांग्रेस के अलावा विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं कि क्या भारत की नीति पूरी तरह से स्वतंत्र और संप्रभु रह पाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला चुनावी सत्र और आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान और गरमाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को रूस से तेल खरीदने की नीति में अमेरिका के दबाव और दी गई अस्थायी छूट के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।


I-PAC रेड विवाद: ईडी का सुप्रीम कोर्ट में आरोप—ममता बनर्जी ने सत्ता का दुरुपयोग कर जांच में डाली बाधा

20 फरवरी 2026 प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के दौरान अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। एजेंसी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की राज्य मशीनरी और पुलिस अधिकारियों ने जांच कार्रवाई में अवैध तरीके से हस्तक्षेप किया और ईडी टीम के काम में बाधा डाली। ईडी का कहना है कि 8 जनवरी को I-PAC के कार्यालयों और उसके निदेशक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर एजेंसी की कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। एजेंसी ने अदालत को बताया कि यह सब मुख्यमंत्री के “निजी फायदे” के लिए किया गया और इसमें स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की मिलीभगत थी। इस मामले में ईडी ने अदालत से जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग भी की है। एजेंसी का तर्क है कि जब राज्य की पुलिस ही जांच में बाधा डालने के आरोपों में घिरी हो, तो निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच आवश्यक है। अदालत ने मामले की सुनवाई फिलहाल 18 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है। इससे पहले भी सुनवाई टल चुकी है। पिछली सुनवाई में अदालत ने टिप्पणी की थी कि यदि किसी राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय जांच में हस्तक्षेप किया गया है, तो यह बेहद गंभीर मामला माना जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच पहले से जारी टकराव को और बढ़ा सकता है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब अदालत की निगरानी में है और अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की दलीलें अहम मानी जा रही हैं।


नहीं रहे महाराष्ट्र के ‘दादा’, बारामती में विमान हादसे में अजित पवार का निधन

नई दिल्ली/मुंबई | 28 जनवरी 2026

महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की सबसे दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता अजित पवार का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया है। यह हादसा उनके अपने गढ़ बारामती में उस वक्त हुआ जब वे एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे।

कैसे हुआ हादसा? (ग्राउंड रिपोर्ट)

जानकारी के मुताबिक, अजित पवार बुधवार सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से चार्टर्ड विमान Learjet 45 (VT-SSK) के जरिए बारामती के लिए रवाना हुए थे।

  • लैंडिंग के वक्त अनहोनी: सुबह लगभग 8:45 बजे, जब विमान बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, तभी पायलट ने खराब विजिबिलिटी के कारण ‘गो-अराउंड’ का फैसला लिया।

  • धमाका और आग: दूसरे प्रयास के दौरान विमान अचानक अनियंत्रित होकर रनवे से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में जा गिरा। चश्मदीदों के मुताबिक, गिरने के साथ ही विमान में 4-5 धमाके हुए और वह आग के गोले में तब्दील हो गया।

5 लोगों की मौत की पुष्टि

DGCA और स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस विमान में सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई है। मृतकों में शामिल हैं:

  1. अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)

  2. विदिप जाधव (निजी सुरक्षा अधिकारी – PSO)

  3. कैप्टन सुमित कपूर (पायलट)

  4. शांभवी पाठक (को-पायलट)

  5. पिंकी माली (क्रू मेंबर)

अजित पवार की संपत्ति: पीछे छोड़ गए करोड़ों का साम्राज्य

अजित पवार न केवल राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी थे, बल्कि वे महाराष्ट्र के सबसे अमीर राजनेताओं में से भी एक थे। 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति का विवरण कुछ इस प्रकार है:

  • कुल नेटवर्थ: लगभग ₹124 करोड़ (पत्नी सुनेत्रा पवार की संपत्ति मिलाकर)।

  • चल संपत्ति: उनके पास करीब ₹8.22 करोड़ की चल संपत्ति थी, जिसमें बैंक बैलेंस और शेयर शामिल हैं।

  • आलीशान घर: मुंबई के मालाबार हिल में स्थित ‘देवगिरी’ बंगला उनका पावर सेंटर था। इसके अलावा बारामती में उनका विशाल पैतृक निवास है।

  • जमीन और निवेश: उनके और उनकी पत्नी के नाम पर महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में ₹50 करोड़ से अधिक की कृषि और व्यावसायिक भूमि है।

देश में शोक की लहर

  • 3 दिन का राजकीय शोक: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

  • PM मोदी ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “अजित पवार जी के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। वे एक परिश्रमी नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दिया।”

  • जांच के आदेश: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की Black Box बरामद कर ली है और हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं।


गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को भीषण विमान हादसा हुआ है। Air India का Boeing 787-8 Dreamliner विमान क्रैश हो गया, जिसमें 242 यात्री सवार थे। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है। वहीं इसी विमान में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी सवार थे। इस हादसे से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने बोइंग 787-8/9 विमानों पर सेफ्टी जांच बढ़ाने का निर्देश जारी कर दिया है। बता दें कि नया निर्देश 15 जून 2025 की रात 12 से लागू हो जाएगा।

DGCA ने बोइंग 787-8/9 विमानों की सेफ्टी जांच पर दिया ये निर्देश:

1- हर विमान की उड़ान से पहले होगी ये जांच

  • फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग और संबंधित सिस्टम की जांच होगी।
  • केबिन एयर कंप्रेसर और उससे जुड़े सिस्टम की जांच की जाएगी।
  • इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम टेस्ट किया जाएगा।
  • इंजन फ्यूल ड्रिवन एक्ट्यूएटर का ऑपरेशनल टेस्ट और ऑयल सिस्टम की जांच होगी।
  • हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विसेबिलिटी जांच होगी।
  • टेक-ऑफ पैरामीटर्स की समीक्षा की जाएगी।

2- ट्रांजिट इंस्पेक्शन में अब ‘फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन’ अनिवार्य होगा जो कि अगले आदेश तक लागू रहेगा। 3- पावर एश्योरेंस चेक, अगले दो हफ्तों में कराना होगा पूरा। 4- बीते 15 दिनों में बार-बार आई तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर मेंटेनेंस एक्शन जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश।

लंदन जा रही थी फ्लाइट, तभी हुआ हादसा

बता दें कि एयर इंडिया का जो विमान हादसे का शिकार हुआ है, वह 242 यात्रियों को लेकर अहमदाबाद से लंदन जा रहा था। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यह विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों समेत कुल 297 लोगों की मौत हुई है। इस घटना में विमान में सवार केवल एक ही व्यक्ति की जान बची है, जिनकी पहचान रमेश विश्वास कुमार के रूप में हुई है, जो कि एक ब्रिटिश नागरिक हैं।

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