दिनांक: 12 जून, 2026
खेल डेस्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026™ का रोमांच अपने चरम पर पहुंचने लगा है। आज टूर्नामेंट के दूसरे दिन ग्रुप स्टेज के दो बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मुकाबले खेले जाने वाले हैं। आज के मैचों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दो सह-मेजबान देश—कनाडा और अमेरिका—अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेंगे। जहाँ कनाडा का मुकाबला पहली बार बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा, वहीं अमेरिकी टीम 96 साल पुराने इतिहास को दोहराने के इरादे से पराग्वे के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।
ऐतिहासिक मुकाबला: अमेरिका बनाम पराग्वे (96 साल पुराना रीमैच)
ग्रुप डी के इस मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में अमेरिका और पराग्वे की टीमें पूरे 96 साल बाद एक-दूसरे के आमने-सामने आ रही हैं।
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इतिहास के पन्ने: इससे पहले दोनों टीमें साल 1930 में उरुग्वे में खेले गए पहले ऐतिहासिक विश्व कप में भिड़ी थीं। उस मैच में अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से मात दी थी, जिसमें बर्ट पाटेनॉड ने विश्व कप इतिहास की पहली हैट्रिक लगाई थी।
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कहाँ और कब होगा मैच: यह महामुकाबला लॉस एंजिल्स स्टेडियम (कैलिफोर्निया) में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच कल सुबह (13 जून) 06:30 बजे शुरू होगा। अमेरिकी टीम में जियो रेना और फोलारिन बालोगुन जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि पराग्वे की टीम मिगुएल अल्मिरोन के नेतृत्व में लैटिन अमेरिकी शैली के तकनीकी खेल से उलटफेर करने की फिराक में होगी।
कनाडा की धरती पर पहला वर्ल्ड कप मैच: सामना बोस्निया से
ग्रुप बी के एक अन्य मुकाबले में इतिहास रचने जा रहा है, क्योंकि कनाडा की धरती पर पहली बार पुरुष फुटबॉल विश्व कप का कोई मैच खेला जाएगा।
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पहली बार आमने-सामने: कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना की टीमें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के इतिहास में पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी।
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कहाँ और कब होगा मैच: यह मुकाबला टोरंटो स्टेडियम (बीएमओ फील्ड) में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच कल तड़के (13 जून) 00:30 बजे (आधी रात को) शुरू होगा।
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टीमें और फॉर्म: कोच जेसी मार्श के मार्गदर्शन में कनाडाई टीम लगातार आठ मैचों से अजेय है और अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाना चाहती है। हालांकि, टीम के स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस की उपलब्धता पर संशय बना हुआ है। दूसरी ओर, अनुभवी स्ट्राइकर एडिन ज़ेको के नेतृत्व में बोस्निया की टीम कनाडा के अभेद्य डिफेंस को भेदने की चुनौती लेकर उतरेगी।
कल के मैचों का परिणाम
इससे पहले, उद्घाटन के दिन खेले गए मैचों में ग्रुप ए में मेजबान मैक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से शिकस्त देकर शानदार शुरुआत की। वहीं दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए

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दांबुला, 10 जून 2026
भारत ए ने त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में श्रीलंका ए को 8 रन से हराकर जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन यह जीत पूरी तरह संतोष देने वाली नहीं रही। एक तरफ कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट हो गए और मध्यक्रम में तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी ने मैच को जरूरत से ज्यादा रोमांचक बना दिया। आखिर में गेंदबाजों ने बाजी पलटी और भारत ने अंतिम चार गेंदों में तीन विकेट लेकर मैच अपने नाम कर लिया।
वैभव सूर्यवंशी से थीं बड़ी उम्मीदें, लेकिन जल्दी लौटे पवेलियन
आईपीएल 2026 में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद सभी की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर थीं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए रन बरसाए थे और ऑरेंज कैप भी जीती थी। लेकिन भारत ए की जर्सी में उनका पहला बड़ा इम्तिहान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वैभव केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए और उनकी पारी महज 12 गेंदों में समाप्त हो गई।
क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वैभव शुरुआती ओवरों में मैच का रुख बदल देंगे, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनके जल्दी आउट होने से भारत की आक्रामक शुरुआत की योजना को झटका लगा।
कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ बने संकटमोचक
जब शुरुआती झटके लगे तो कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा और भारतीय पारी की रीढ़ साबित हुए। उनकी पारी में धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का संतुलन दिखाई दिया।
ऋतुराज की बल्लेबाजी के कारण भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने की स्थिति में पहुंचा। यदि उनका शतक नहीं आता तो शायद भारतीय टीम 250 रन के आसपास भी नहीं पहुंच पाती।
तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी बनी चर्चा का विषय
मैच में सबसे ज्यादा चर्चा तिलक वर्मा की बल्लेबाजी को लेकर हुई। जिस समय भारत को रन गति बढ़ाने की जरूरत थी, उस समय तिलक अपेक्षित तेजी नहीं दिखा सके। उन्होंने विकेट बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे मध्य ओवरों में रन गति धीमी पड़ गई।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्यक्रम थोड़ा और आक्रामक रहता तो भारत 20-30 रन अतिरिक्त जोड़ सकता था। यही वजह रही कि जीत के बावजूद टीम प्रबंधन पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया।
श्रीलंका ने दिखाया दम, आखिरी तक लड़ी लड़ाई
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ए ने हार नहीं मानी। उनके बल्लेबाज लगातार रन बनाते रहे और एक समय ऐसा लगा कि मैच भारत के हाथ से निकल सकता है।
भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। खासकर डेथ ओवरों में श्रीलंका मैच पर पकड़ बनाता दिख रहा था।
आखिरी चार गेंदों में पलटा पूरा मैच
मैच का सबसे रोमांचक क्षण अंतिम ओवरों में आया। जब श्रीलंका जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी भारतीय गेंदबाजों ने जबरदस्त वापसी की।
भारत ने आखिरी चार गेंदों में तीन विकेट झटककर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अंशुल कंबोज समेत गेंदबाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया और हारी हुई बाजी जीत में बदल दी।
फिर भी क्यों अधूरी लगी भारत की जीत?
भारत की जीत अधूरी इसलिए लगी क्योंकि:
- वैभव सूर्यवंशी जैसा स्टार बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
- शीर्ष क्रम की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही।
- मध्यक्रम में रन गति धीमी पड़ गई।
- तिलक वर्मा जैसी अनुभवी बल्लेबाज से अधिक आक्रामकता की अपेक्षा थी।
- गेंदबाजों को जीत के लिए आखिरी क्षण तक संघर्ष करना पड़ा।
- मैच काफी पहले भारत की पकड़ में होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
आगे के लिए क्या संकेत?
इस मुकाबले ने भारत ए को जीत जरूर दिलाई, लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े किए हैं। वैभव सूर्यवंशी को निरंतरता साबित करनी होगी, मध्यक्रम को बेहतर स्ट्राइक रेट के साथ खेलना होगा और गेंदबाजों को शुरुआती सफलताएं दिलानी होंगी।
हालांकि सबसे बड़ी सकारात्मक बात कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ का शानदार शतक रहा, जिसने यह साबित कर दिया कि दबाव की परिस्थितियों में वह टीम को संभालने की क्षमता रखते हैं।
निष्कर्ष:
स्कोरबोर्ड कहता है कि भारत ए ने श्रीलंका ए को हरा दिया, लेकिन दांबुला का यह मुकाबला केवल जीत की कहानी नहीं है। यह मैच बताता है कि प्रतिभा और परिणाम के बीच अभी भी सुधार की काफी गुंजाइश है। ऋतुराज ने कप्तानी पारी खेली, गेंदबाजों ने अंत में कमाल किया, लेकिन वैभव की नाकामी और मध्यक्रम की धीमी बल्लेबाजी ने इस जीत की चमक थोड़ी फीकी कर दी।

Bangladesh vs Pakistan Test Series 2026 का आगाज़, Babar Azam पहले Test से बाहर
8 May 2026
गोल्फ का नया अंदाज़: Zurich Classic 2026 में टीम फॉर्मेट का जलवा
23 अप्रैल 2026
MI कप्तानी विवाद: ‘जब सूर्या इंडिया के कप्तान हैं, तो मुंबई के क्यों नहीं?’—अश्विन ने हार्दिक पांड्या के चयन पर उठाए सवाल
नई दिल्ली | 23 मार्च, 2026
मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2026 के लिए एक बार फिर हार्दिक पांड्या पर भरोसा जताया है, लेकिन अनुभवी क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन इस फैसले से पूरी तरह सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। अपने यूट्यूब चैनल पर विश्लेषण करते हुए अश्विन ने भारतीय टी20 टीम के वर्तमान कप्तान सूर्यकुमार यादव (सूर्या) को मुंबई का कप्तान न बनाए जाने पर हैरानी जताई है।
अश्विन का तर्क: ‘लॉजिक समझ से परे है’
अश्विन ने कप्तानी के समीकरणों पर बात करते हुए कहा कि जब कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर देश का नेतृत्व कर रहा हो, तो उसे अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी में किसी और के अंडर खेलना थोड़ा अजीब लगता है।
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अश्विन का बयान: “मुझे यह बात समझ नहीं आती। सूर्यकुमार यादव इस समय भारतीय टी20 टीम के आधिकारिक कप्तान हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को बड़ी जीत दिलाई हैं। ऐसे में उन्हें मुंबई इंडियंस की कप्तानी न सौंपना और हार्दिक को बरकरार रखना थोड़ा हैरान करने वाला फैसला है।”
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हार्दिक बनाम सूर्या: अश्विन ने आगे कहा कि भले ही हार्दिक एक बेहतरीन ऑलराउंडर और लीडर हैं, लेकिन ‘फॉर्म’ और ‘लीडरशिप रोल’ के हिसाब से सूर्या इस समय ज्यादा बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं।
मुंबई इंडियंस का रुख: हार्दिक पर ही भरोसा
विवादों और आलोचनाओं के बावजूद, मुंबई इंडियंस के मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि वे हार्दिक पांड्या के साथ ही आगे बढ़ेंगे।
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मैनेजमेंट का तर्क: हार्दिक ने पहले गुजरात टाइटंस को चैंपियन बनाया है और उनके पास कप्तानी का एक सफल ट्रैक रिकॉर्ड है।
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टीम बॉन्डिंग: कोच और सपोर्ट स्टाफ का मानना है कि टीम में कोई मतभेद नहीं है और सूर्या, रोहित व हार्दिक तीनों का लक्ष्य टीम को छठी बार चैंपियन बनाना है।
फैंस में दो फाड़
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है:
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सूर्या समर्थक: “दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज और टीम इंडिया के कप्तान को आईपीएल में उप-कप्तान या सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर देखना उनके कद के साथ नाइंसाफी है।”
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हार्दिक समर्थक: “हार्दिक एक मैच विनर हैं और उनकी कप्तानी में टीम का संतुलन बेहतर रहता है।”
रोहित शर्मा का क्या रोल होगा?
इस बीच रोहित शर्मा की भूमिका को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि रोहित इस बार भी एक खिलाड़ी के तौर पर खेल रहे हैं, लेकिन मैदान पर उनकी सलाह और अनुभव हार्दिक के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।
भारत बना टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन: न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया, 3 साल में तीसरी ICC ट्रॉफी
09 मार्च 2026
भारत की क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
भारत की विस्फोटक बल्लेबाजी
फाइनल मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टीम इंडिया ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही तेज रन बनाते हुए कीवी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट्स और लगातार बाउंड्री की बदौलत टीम ने टी-20 फाइनल के सबसे बड़े स्कोरों में से एक खड़ा कर दिया।
न्यूजीलैंड 159 रन पर ऑलआउट
256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई। कीवी बल्लेबाजी नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही और पूरी टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा और टीम को आसान जीत दिलाई।
3 साल में तीसरी ICC ट्रॉफी
इस जीत के साथ भारत ने पिछले तीन वर्षों में तीसरी ICC ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इससे पहले भी टीम इंडिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़े टूर्नामेंट जीत चुकी है।
यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
टूर्नामेंट में बने बड़े रिकॉर्ड
टी-20 वर्ल्ड कप के इस एडिशन में भारत ने कई रिकॉर्ड भी बनाए:
- टीम इंडिया एक ही एडिशन में 100 से ज्यादा छक्के लगाने वाली पहली टीम बन गई।
- भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक एडिशन में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए।
- इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विराट कोहली का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
देशभर में जश्न का माहौल
भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में क्रिकेट प्रशंसकों के बीच जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोगों ने टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के संतुलन ने टीम इंडिया को इस टूर्नामेंट में सबसे मजबूत टीम बना दिया, जिसका नतीजा फाइनल में मिली शानदार जीत के रूप में सामने आया।
टी-20 वर्ल्ड कप में रिकॉर्डों की बरसात: साइफर्ट-एलन की ऐतिहासिक साझेदारी, पाकिस्तान-नीदरलैंड भी विजयी
11 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप के मंगलवार को खेले गए मुकाबले रिकॉर्ड और रोमांच से भरपूर रहे, जहां न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और नीदरलैंड ने शानदार जीत दर्ज की। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ टिम साइफर्ट और फिन एलन की ऐतिहासिक साझेदारी रही, जिन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
साइफर्ट-एलन ने रचा इतिहास
न्यूजीलैंड की पारी के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया और विपक्षी गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। उनकी जबरदस्त तालमेल और विस्फोटक बल्लेबाज़ी के चलते स्कोर तेजी से बढ़ता गया। इस साझेदारी की खास बात यह रही कि मैच के दौरान ही साइफर्ट और एलन दोनों ने अपने-अपने टी-20 करियर के 100 छक्के भी पूरे कर लिए, जो किसी भी मैच में एक साथ हासिल की गई दुर्लभ उपलब्धि मानी जा रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार यह साझेदारी टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक मानी जाएगी।
पाकिस्तान की रणनीति ने दिलाई जीत
दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान ने अमेरिका को 32 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस मैच में पाकिस्तान की जीत का सबसे बड़ा कारण उनकी अनोखी गेंदबाज़ी रणनीति रही। कप्तान ने तेज गेंदबाज़ों के बजाय स्पिनर्स पर भरोसा जताया और टीम ने पूरे 16 ओवर स्पिन गेंदबाज़ों से ही डलवाए। यह रणनीति पूरी तरह सफल रही और अमेरिकी बल्लेबाज़ स्पिन के सामने संघर्ष करते नजर आए। पाकिस्तान की इस चाल को मैच का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
नीदरलैंड की भी दमदार जीत
दिन के तीसरे मुकाबले में नीदरलैंड ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। टीम ने संतुलित बल्लेबाज़ी और सटीक गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया, जिससे विपक्षी टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।
टूर्नामेंट में बढ़ा रोमांच
मंगलवार के मैचों के बाद टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच और बढ़ गया है। रिकॉर्ड साझेदारियां, रणनीतिक गेंदबाज़ी और अप्रत्याशित प्रदर्शन टूर्नामेंट को बेहद प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब आने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां टीमें सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।
WPL में 20 साल की वैष्णवी शर्मा की सरप्राइज एंट्री
20 जनवरी, 2026
वूमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के आगामी सीजन के लिए मुंबई इंडियंस (MI) ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए 20 साल की युवा खिलाड़ी वैष्णवी शर्मा को अपनी टीम में शामिल किया है। वैष्णवी ने हाल ही में अपने डेब्यू मैच में अपने प्रदर्शन और अंदाज से सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं।
मुख्य बिंदु:
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मुंबई इंडियंस में शामिल: डिफेंडिंग चैंपियन और दिग्गज टीम मुंबई इंडियंस ने वैष्णवी शर्मा को अपनी टीम का हिस्सा बनाया है।
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इंटरनेट सनसनी: वैष्णवी शर्मा ने जब अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था, तब वह रातों-रात इंटरनेट पर वायरल हो गई थीं। उनके खेल और उनकी पर्सनैलिटी के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ‘नेशनल क्रश’ तक कहा जाने लगा।
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डेब्यू में धमाल: उन्होंने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
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WPL में मौका: ऑक्शन और टीम चयन के दौरान मुंबई इंडियंस ने उन पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनकी एंट्री से टीम की गेंदबाजी या बल्लेबाजी (ऑलराउंडर क्षमता) को मजबूती मिलेगी।
क्यों है यह चर्चा में? वैष्णवी की उम्र मात्र 20 साल है, और इतनी कम उम्र में मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। फैंस उन्हें WPL के मंच पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।
स्मृति मंधाना ने T20I में बल्ले से किया बड़ा कारनामा, श्रीलंकाई खिलाड़ी को पीछे छोड़ बनाया नया कीर्तिमान
INDW vs WIW: स्मृति मंधाना का महिला टी20 इंटरनेशनल में साल 2024 में बल्ला जमकर बोलते हुए दिखाई दिया, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ साल के आखिरी टी20 मुकाबले में भी उन्होंने 77 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसके दम पर उन्होंने श्रीलंकाई दिग्गज खिलाड़ी चमारी अट्टापट्टू का रिकॉर्ड तोड़ एक नया कीर्तिमान भी बनाया है।
स्मृति मंधाना के लिए साल 2024 टी20 इंटरनेशनल में अब तक का सबसे बेहतरीन साल रहा है, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ खत्म हुई तीन मैचों की टी20 सीरीज के तीनों ही मुकाबलों में उनके बल्ले से अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली। 19 दिसंबर को खेले गए इस सीरीज के तीसरे और आखिरी निर्णायक मुकाबले में मंधाना 47 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेली और टीम का स्कोर 20 ओवर्स में 217 रनों तक पहुंचाने में अहम भूमिका भी अदा की। वहीं इस स्कोर के मुकाबले वेस्टइंडीज महिला टीम 20 ओवर्स में 157 रनों तक ही पहुंचने में कामयाब हो सकी और उसे 60 रनों से मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। मंधाना ने अपनी 77 रनों की पारी के दम पर एक महिला टी20 इंटरनेशनल में एक नया कीर्तिमान भी बना दिया है जिसमें उन्होंने श्रीलंकाई खिलाड़ी चमारी अटापट्टू के रिकॉर्ड को तोड़ा है।
टी20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर बनीं मंधाना
साल 2024 में स्मृति मंधाना ने कुल 23 टी20 इंटरनेशनल मैचों में खेला है, जिसमें उन्होंने 21 पारियों में बल्लेबाजी करने के साथ 42.38 के औसत से कुल 763 रन बनाए जिसमें उनका स्ट्राइक रेट जहां 126.53 का रहा तो वहीं उनके बल्ले से 8 अर्धशतकीय पारियां भी देखने को मिली, इसके अलावा मंधाना तीन पारियों नाबाद पवेलियन भी लौटी। स्मृति मंधाना इसी के साथ महिला टी20 इंटरनेशनल के एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी भी गई हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड श्रीलंकाई दिग्गज खिलाड़ी चमारी अटापट्टू के नाम पर था जिन्होंने इसी साल 21 मैचों में खेलते हुए 40 के औसत से 720 रन बनाए थे, जिसमें 2 शतकीय और 4 अर्धशतकीय पारियां शामिल थी।
महिला टी20 इंटरनेशनल के एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी
स्मृति मंधाना (भारत) – 763 रन (साल 2024)
चमारी अटापट्टू (श्रीलंका) – 720 रन (साल 2024)
एशा ओजा (यूएई) – 711 रन (साल 2024)
हेली मैथ्यूज (वेस्टइंडीज) – 700 रन (साल 2024)
काविशा एगोदागे (यूएई) – 696 रन (साल 2022)




