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मुंबई में मॉनसून बना मौत का कारण, इमारत गिरने से 6 की जान गई

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मुंबई | 6 जुलाई 2026

मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रविवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। पूर्वी मुंबई के मानखुर्द स्थित जनता नगर इलाके में एक तीन मंजिला चॉल (आवासीय इमारत) अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। मृतकों में पांच बच्चे और एक महिला शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण इमारत पहले से ही कमजोर हो चुकी थी। रविवार रात अचानक तेज आवाज के साथ इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया और आसपास की झोपड़ियों पर भी मलबा गिर गया। हादसे के समय कई लोग अपने घरों में सो रहे थे, जिससे कई लोग मलबे में दब गए।

सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, बीएमसी, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन छह लोगों को बचाया नहीं जा सका।

प्रशासन ने आशंका जताई है कि लगातार बारिश और इमारत की जर्जर हालत हादसे की प्रमुख वजह हो सकती है। अधिकारियों ने आसपास की अन्य पुरानी और खतरनाक इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण केवल यह हादसा ही नहीं, बल्कि शहर के कई हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क और रेल यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।

स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया है। साथ ही संवेदनशील और जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।


हुगली में भारी हंगामा: पूर्व TMC विधायक रामेंदु सिन्हा राय पर फूटा जनता का गुस्सा, थाने के बाहर फेंके अंडे; ‘चोर-चोर’ के नारों से गूंजा परिसर

दिनांक: 22 जून, 2026

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर सामने आई है। तारकेश्वर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा इस कदर फूटा कि पुलिस कस्टडी में ही उन पर अंडों से हमला कर दिया गया।

हुगली जिला पुलिस की एक विशेष टीम जब आरोपी पूर्व विधायक को कर्नाटक के बेलगावी (बेलगांव) से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर धानियाखाली थाने लेकर पहुंची, तो वहां पहले से ही घात लगाए बैठी आक्रोशित भीड़ ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने न सिर्फ पूर्व विधायक पर ताबड़तोड़ अंडे बरसाए, बल्कि उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के गगनभेदी नारे भी लगाए।

सरकारी राहत सामग्री चोरी और अवैध हथियार चमकाने का है आरोप

हुगली ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर भूषण सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई एक गंभीर आपराधिक मामले के तहत की गई है:

  • लॉड शेडिंग का उठाया फायदा: बीती 11 जून की शाम करीब 7 बजे, जब धानियाखाली थाना क्षेत्र के कोटालपुर स्थित विवेकानंद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में बिजली गुल (लोड शेडिंग) थी, तब पूर्व विधायक अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कॉलेज परिसर से एक मोटर वैन में भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री (तिरपाल, डस्टबिन, कंबल आदि) अवैध रूप से बाहर भिजवा रहे थे।

  • हथियार दिखाकर दी धमकी: जब स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा समर्थकों ने इस संदिग्ध गतिविधि को देखा, तो उन्होंने गाड़ी को रोककर कड़ा विरोध दर्ज कराया। खुद को घिरता देख पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय ने अपनी जेब से अवैध छोटा हथियार (पिस्तौल) निकालकर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए।

पुलिस ने अगले दिन 12 जून को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 303(2), 352, 61(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कॉलेज के दो कमरों से भारी मात्रा में चोरी की गई राहत सामग्री बरामद की गई थी।

कर्नाटक में छिपे थे नेताजी, पुलिस ने दबोचा

मामला दर्ज होने के बाद से ही पूर्व विधायक गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्य छोड़कर भाग गए थे। हुगली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उनका पीछा किया और रविवार सुबह कर्नाटक के बेलगावी से उन्हें और उनके एक सहयोगी को धर दबोचा। वहां की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस टीम रविवार देर शाम उन्हें लेकर बंगाल पहुंची थी।

बंगाल में थम नहीं रहा ‘एग ट्रीटमेंट’ का दौर

थाने के बाहर हुई इस घटना पर भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने चुटकी लेते हुए इसे ‘जनता का गुस्सा’ और ‘अंडे वाली डेमोक्रेसी’ करार दिया है। गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने में बंगाल के भीतर भ्रष्टाचार और धांधली के आरोपी टीएमसी नेताओं पर जनता द्वारा अंडे फेंकने का यह छठा बड़ा मामला है। इससे पहले कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी जैसे शीर्ष नेताओं को भी ऐसे ही विरोध का सामना करना पड़ा था।

फिलहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पूर्व विधायक को भीड़ से बचाया और सुरक्षा घेरे में लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाके में तनाव को देखते हुए थाने के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


 दिल्ली के जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन, अभिजीत दीपके ने समर्थकों को किया संबोधित

नई दिल्ली | 6 जून 2026

युवाओं के मुद्दों को लेकर चर्चा में आए अभिजीत दीपके शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग और समर्थक जुटे। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के लिए शाम 5 बजे तक अनुमति दी गई है।

सुबह से ही जंतर-मंतर क्षेत्र में समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था। प्रदर्शन स्थल पर युवाओं, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है।

अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर समर्थकों का अभिवादन किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों को सरकार और समाज के सामने प्रभावी ढंग से रखना है।

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, शिक्षा और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर अपनी बात रखी। आयोजकों ने दावा किया कि देश के कई राज्यों से लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं।

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन निर्धारित समय और नियमों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।

शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की अनुमति होने के कारण कार्यक्रम को उसी समयावधि में संपन्न कराया जाएगा। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।


CBSE Class 12 Result 2026 घोषित, Overall Pass Percentage घटा

15  मई 2026

Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 13 मई 2026 को Class 12 Board Result आधिकारिक रूप से जारी कर दिया। इस वर्ष overall pass percentage 85.20% दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में कम रहा।

Result के अनुसार लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया। Girls pass percentage 88.86% रहा, जबकि boys का pass percentage 82.13% दर्ज किया गया। लगातार कई वर्षों से छात्राएं CBSE बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करती आ रही हैं।

पिछले वर्ष 2025 में overall pass percentage लगभग 88.39% था, लेकिन इस बार इसमें करीब 3.19% की गिरावट देखने को मिली। वहीं 94,028 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, जबकि 17,000 से ज्यादा students ने 95%+ score किया।

CBSE ने इस बार भी आधिकारिक topper list जारी नहीं की। बोर्ड का कहना है कि unhealthy competition को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

Region-wise performance में Thiruvananthapuram सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला region रहा। इसके अलावा Chennai और Bengaluru ने भी अच्छे परिणाम दर्ज किए। वहीं Prayagraj सबसे कम प्रदर्शन करने वाला region रहा।

इस बीच 97.2% अंक लाने वाले छात्र Aarav Goel के बयान ने भी ध्यान खींचा, जिसमें उन्होंने academic pressure और burnout को लेकर खुलकर बात की। Result के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन: केंद्र का बड़ा फैसला, हर जिले में 2 पंपों को मिलेगी अनुमति

नई दिल्ली | 30 मार्च, 2026

ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राशन दुकानों के साथ-साथ चयनित पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का यह कदम मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर उठाया गया है।

हर जिले में 2 पेट्रोल पंपों पर सुविधा

सरकार के निर्देशानुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों को केरोसिन वितरण के लिए चयनित किया जाएगा। इन पंपों का चयन राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाएगा।

5 हजार लीटर तक स्टॉक रखने की अनुमति

सरकारी तेल कंपनियों को इन चयनित पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। इससे आपूर्ति में लचीलापन आएगा और जरूरतमंदों तक ईंधन आसानी से पहुंच सकेगा।

PDS नियमों में 60 दिनों की ढील

सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए ढील दी है। इसका उद्देश्य आपूर्ति प्रक्रिया को सरल बनाना और किसी भी संभावित कमी से निपटना है, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर केरोसिन मिल सके।

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ा है

आम जनता को राहत देने की कोशिश

सरकार का कहना है कि इस फैसले से ग्रामीण और गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, जो अभी भी केरोसिन पर निर्भर हैं। साथ ही, आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत कर संकट की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।

निगरानी और नियंत्रण पर जोर

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि केरोसिन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और जमाखोरी या कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 


हिमाचल में 8 महीने से CIC-IC पद खाली: 1300 से अधिक अपीलें लंबित, पूर्व सूचना आयुक्त बोले- RTI व्यवस्था हो रही कमजोर

05 मार्च 2026

हिमाचल प्रदेश में पिछले आठ महीनों से चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (IC) के पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर अपीलों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है। राज्य सूचना आयोग में 1300 से अधिक अपीलें लंबित बताई जा रही हैं, जिससे आवेदकों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा।

अपीलों का बढ़ता बोझ

सूत्रों के अनुसार आयोग में नई अपीलें लगातार आ रही हैं, लेकिन प्रमुख पद रिक्त होने के कारण सुनवाई प्रक्रिया ठप पड़ी है। CIC और IC की अनुपस्थिति में द्वितीय अपीलों और शिकायतों का निराकरण संभव नहीं हो पा रहा, जिससे आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

पूर्व सूचना आयुक्त की टिप्पणी

राज्य के पूर्व सूचना आयुक्तों में से एक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि नियुक्तियों में देरी से RTI की भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता से पारदर्शिता और जवाबदेही की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि सूचना आयोग लोकतांत्रिक ढांचे का अहम स्तंभ है और इसे खाली रखना नागरिक अधिकारों के साथ अन्याय है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग के शीर्ष पदों को लंबे समय तक खाली रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि सूचना आयोग की निष्क्रियता से आम लोगों की शिकायतों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।

सरकार की ओर से क्या कहा गया

सरकारी सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के अनुसार चल रही है और जल्द ही नए CIC व IC की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

RTI कानून का महत्व

सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना आयोग के पदों पर समय पर नियुक्ति न होने से इस कानून की प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है।

राज्य में लंबित अपीलों का बढ़ता आंकड़ा प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार कब तक इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति कर लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति देती है।


भारत के हेल्थ सेक्टर में AI की बड़ी छलांग: सुंदर पिचाई ने Google–AIIMS सहयोग की घोषणा की

नई दिल्ली | 18 फरवरी 2026

नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत के हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक अहम घोषणा सामने आई है। सुंदर पिचाई ने बताया कि Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet ने देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल AIIMS के साथ रणनीतिक साझेदारी करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इलाज की प्रक्रिया को तेज, सटीक और अधिक प्रभावी बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग भारत के डिजिटल हेल्थकेयर सिस्टम को नई दिशा दे सकता है।

समिट, जो भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है, में भाग लेने पहुंचे पिचाई ने इस दौरान नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच एआई तकनीक, डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप सहयोग और तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बातचीत में भारत में एआई आधारित समाधान विकसित करने और टेक्नोलॉजी निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

Google–AIIMS साझेदारी के तहत ऐसे उन्नत एआई टूल विकसित किए जाएंगे जो डॉक्टरों को बीमारियों की पहचान, मेडिकल इमेज एनालिसिस, डेटा मैनेजमेंट और उपचार योजना बनाने में सहायता करेंगे। इससे इलाज की सटीकता बढ़ेगी, मरीजों को जल्दी निदान मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। खासतौर पर ग्रामीण और संसाधन-सीमित क्षेत्रों में यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विशाल आबादी वाले देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एआई आधारित समाधान अब अनिवार्य होते जा रहे हैं। इस सहयोग से मेडिकल रिसर्च, क्लिनिकल डेटा विश्लेषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। इसे भारत के हेल्थ-टेक सेक्टर में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भविष्य में वैश्विक स्तर पर भी उदाहरण बन सकता है।


नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026

गणतंत्र दिवस के मौके पर हर भारतीय का मन परेड देखने और तिरंगे के शान में शरीक होने का होता है। लेकिन सुरक्षा और सीमित सीटों की वजह से हर कोई कर्तव्य पथ (राजपथ) नहीं पहुँच पाता। अगर आपके पास परेड का टिकट या पास नहीं है, तो दिल्ली की इन ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों पर आप परिवार के साथ जश्न मना सकते हैं:

1. नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक)

कर्तव्य पथ के पास स्थित यह स्मारक देश के शहीदों को समर्पित है। यहाँ की अमर चक्र ज्योति और शहीदों के नाम वाली दीवारें आपको गर्व से भर देंगी। शाम के समय यहाँ का नजारा और भी भव्य होता है।

2. इंडिया गेट और कर्तव्य पथ का भ्रमण

भले ही परेड के दौरान एंट्री सीमित हो, लेकिन परेड खत्म होने के बाद और शाम के समय इंडिया गेट का पूरा इलाका तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठता है। यहाँ की लाइटिंग और फव्वारे देखने लायक होते हैं।

3. लाल किला (Red Fort)

आजादी का प्रतीक लाल किला गणतंत्र दिवस पर विशेष महत्व रखता है। यहाँ न केवल आप इतिहास को करीब से देख सकते हैं, बल्कि शाम को होने वाला ‘लाइट एंड साउंड शो’ देशभक्ति के जज्बे को दोगुना कर देता है।

4. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to Wonder Park)

सराय काले खां स्थित इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां कबाड़ (वेस्ट) से बनाई गई हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर यहाँ विशेष सजावट की जाती है, जो बच्चों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहतरीन जगह है।

5. कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क

दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क में लगा विशाल तिरंगा हर किसी को आकर्षित करता है। यहाँ आसपास के शोरूम और रेस्टोरेंट्स में भी उत्सव का माहौल रहता है और कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।


पर्यटकों के लिए विशेष सलाह:

  • मेट्रो का उपयोग करें: सुरक्षा कारणों से कई रास्तों पर डायवर्जन हो सकता है, इसलिए दिल्ली मेट्रो सफर के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

  • समय का ध्यान रखें: भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या दोपहर के बाद निकलना बेहतर होगा।

  • आईडी कार्ड साथ रखें: सुरक्षा जांच के लिए अपना पहचान पत्र साथ रखना न भूलें।

निष्कर्ष: गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड देखने का नाम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है। इन जगहों पर जाकर आप न केवल अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं, बल्कि भारतीय होने के गौरव का भी अनुभव कर सकते हैं।


हनीमून के लिए शिलॉन्ग ( Shillong) जाने वाले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi murder case) में पुलिस (Shillong Police) और राजा के परिवार वालों ने जो खुलासे किए हैं, उससे जाहिर होता है कि सोनम ने पहले पूरी प्लानिंग कर राजा को अपने जाल में फंसाया. इससे पता चलता है कि सोनम ने बड़े ही शातिराना तरीके से अपने पति की हत्या की साजिश रची थी.

बताया जाता है कि सोनम का अपने पिता की फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा नामक युवक से अफेयर था. हत्या में राज कुशवाहा के शामिल होने की भी आशंका है. आरोप है कि सोनम रघुवंशी हत्यारों को लगातार अपना लोकेशन शेयर कर रही थी. इसके अलावा, वह राज कुशवाहा से लम्बी बातचीत भी करती थी. अब तक के खुलासे में ये भी सामने आया है कि सोनम ने दो अलग-अलग फोन रखे हुए थी. एक फोन का इस्तेमाल सिर्फ इस षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए कर रही थी.

 

सोनम ने ही बनाया था टूर का प्लान

राजा रघुवंशी की मां के मुताबिक सोनम ने ही टूर का प्लान, फ्लाइट और होटल की व्यवस्था  की थी. इसके बाद वह शादी का पूरा गोल्ड पहन कर हनीमून के लिए शिलॉन्ग निकली थी, तो राजा की मां ने गोल्ड ले जाने पर सवाल भी उठाया था. इसके साथ ही सोनम ने राजा को भी गोल्ड लेकर जाने को मजबूर किया था. राजा भी करीब 10 लाख के गहने के साथ गया था. इस दौरान सोनम ने राजा के साथ बैंक ट्रांजेक्शन भी किए थे. राजा के साथ हेवी बैंक ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं.

 ऐसे हुआ सोनम का ‘राज’फाश !

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इंदौर पुलिस ने सोनम-राजा की कॉल पर फोकस किया. इस दौरान इस बात की जांच की गई कि वह किससे सबसे ज्यादा बात हुई. इस दौरान राज कुशवाहा से सोनम की लंबी बात के प्रमाण मिले. वहीं, मेघालय पुलिस ने CCTV और गाइड पर फोकस किया. इसमें मध्य प्रदेश के ही 3 से 4 लोगों की पहचान की गई. मेघालय पुलिस ने इंदौर पुलिस से जानकारी साझा की. इसी के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तारी शुरू की. साथियों की गिरफ्तारी से सोनम के सभी संपर्क टूट गए.  सोनम के पास आखिरी रास्ता अपना परिवार बचा. लिहाजा, इसी के बाद सोनम ने अपने भाई गोविंद से संपर्क किया और हत्या को हादसे का रूप देने की योजना बनाई.

 

सोनम रविवार की रात 1 बजे आतिशपुर के ढाबे पर अकेले पहुंची. सोनम ने ढाबे के मालिक साहिल यादव से कहा कि भैया घर पर कॉल करना है. उन्होंने अपना मोबाइल दिया, तो सोनम ने अपने भाई गोविंद को कॉल किया. इसके बाद भाई ने फिर ढाबे वाले से बात की और कहा कि ये मेरी बहन सोनम है. इसे कहीं जाने मत देना. मैं पुलिस को सूचना दे रहा हूं. इस बीच ढाबा मालिक भी इस खबर से वाकिफ होने की वजह से उसे पहचान गया. इसके बाद सोनम को रात में ही पुलिस लेकर चली गई.

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