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गॉल की जीत से उम्मीद जिंदा, लेकिन WTC फाइनल की राह कठिन; भारत को अब 8 टेस्ट में दिखाना होगा दम

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नई दिल्ली/गॉल, 21 अगस्त 2026

श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत ने भारतीय क्रिकेट टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025-27 की दौड़ में जरूर मजबूत किया है, लेकिन टीम इंडिया की राह अभी भी आसान नहीं हुई है। गॉल में जीत के बाद भारत का पॉइंट्स प्रतिशत यानी PCT 48.15 से बढ़कर 53.33 प्रतिशत हो गया है। इसके बावजूद भारतीय टीम WTC अंक तालिका में अभी भी पांचवें स्थान पर है।

भारत ने गॉल में श्रीलंका को हराकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अब दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर खेला जाना है। टीम इंडिया की कोशिश होगी कि वह दूसरा मुकाबला भी जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम करे और WTC अंक तालिका में अपनी स्थिति और बेहतर बनाए।

जीत मिली, लेकिन रैंकिंग में बड़ा बदलाव नहीं

गॉल टेस्ट से पहले भारत 9 टेस्ट मैचों में 4 जीत के साथ 48.15 PCT पर था। इस जीत से भारत को महत्वपूर्ण अंक मिले और उसका PCT बढ़कर 53.33 हो गया।

लेकिन सिर्फ जीत प्रतिशत बढ़ने से भारत टॉप-4 में नहीं पहुंच सका। भारत अभी भी पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश मौजूद हैं।

ऑस्ट्रेलिया फिलहाल 77.78 PCT के साथ शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत और न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ भारत से काफी आगे हैं। बांग्लादेश भी 66.67 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।

यानी गॉल की जीत ने भारत को राहत जरूर दी है, लेकिन फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अभी काफी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

अब भारत के पास सिर्फ 8 टेस्ट बाकी

WTC के मौजूदा चक्र में भारत के अब 8 टेस्ट मैच बाकी हैं। यही आठ मुकाबले तय करेंगे कि भारतीय टीम WTC फाइनल तक पहुंच पाएगी या नहीं।

भारत को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का एक टेस्ट और खेलना है। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच होंगे। फिर ऑस्ट्रेलिया भारत के दौरे पर आएगी, जहां दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी।

इसका मतलब है कि बचे हुए आठ में से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होंगे। यही भारत की WTC यात्रा का सबसे कठिन चरण साबित हो सकता है।

8 में 8 जीत मिली तो स्थिति बेहद मजबूत

मौजूदा गणित के हिसाब से अगर भारत अपने बाकी सभी आठ टेस्ट मैच जीत लेता है, तो उसका PCT करीब 74.07 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

इतने मजबूत PCT के साथ भारत के WTC फाइनल में पहुंचने की संभावना बेहद मजबूत हो जाएगी। हालांकि क्रिकेट में आठ में आठ जीत हासिल करना आसान नहीं है, खासकर तब जब इनमें से पांच मुकाबले ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हों।

यही वजह है कि गॉल में मिली जीत के बावजूद भारत के सामने अभी भी ‘नो मिस्टेक’ वाला दौर शुरू हो चुका है।

एक हार से कितना बदलेगा समीकरण?

भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब हर मैच का परिणाम उसके WTC समीकरण पर सीधा असर डाल सकता है।

अगर भारत अपने बचे हुए आठ टेस्ट में से एक मैच हारता है, तो उसका संभावित PCT करीब 68.52 प्रतिशत रह जाएगा।

अगर दो मैच हार गए तो PCT करीब 62.96 प्रतिशत तक गिर सकता है।

और अगर तीन मुकाबलों में हार मिली, तो यह आंकड़ा करीब 57.41 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

यानी भारत के पास हार की गुंजाइश पहले से काफी कम है। खासकर इसलिए क्योंकि बाकी शीर्ष टीमें भी लगातार अंक जुटा रही हैं।

पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ

भारत के WTC अभियान की सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज होगी।

ऑस्ट्रेलिया इस समय WTC अंक तालिका में सबसे ऊपर है। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज सिर्फ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने की लड़ाई नहीं होगी, बल्कि WTC फाइनल की रेस में भी निर्णायक साबित हो सकती है।

अगर भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4-1 या 3-1 जैसी बड़ी सीरीज जीत दर्ज करता है, तो उसका WTC PCT काफी तेजी से ऊपर जा सकता है। दूसरी तरफ अगर भारत इस सीरीज में कई मैच हारता है, तो फाइनल की राह बेहद मुश्किल हो सकती है।

पहले श्रीलंका, फिर न्यूजीलैंड की चुनौती

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी सीरीज से पहले भारत के पास श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले हैं।

गॉल में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर शानदार शुरुआत कर दी है। अब 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट खेला जाएगा।

अगर भारत कोलंबो टेस्ट भी जीत लेता है, तो श्रीलंका के खिलाफ सीरीज 2-0 से उसके नाम हो जाएगी। इससे WTC अभियान को और मजबूती मिलेगी।

इसके बाद भारत न्यूजीलैंड का दौरा करेगा। न्यूजीलैंड पहले भी भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल में डाल चुका है, इसलिए उन दो मुकाबलों को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता।

भारत के सामने सिर्फ जीत नहीं, जीत का प्रतिशत भी अहम

WTC में सिर्फ जीत और हार नहीं देखी जाती, बल्कि Points Percentage यानी PCT के आधार पर टीमों की स्थिति तय होती है।

इसी वजह से भारत को हर टेस्ट से अधिकतम अंक हासिल करने की कोशिश करनी होगी। ड्रॉ भी कुछ अंक दिलाता है, लेकिन लगातार जीत हासिल करने से PCT सबसे तेजी से बढ़ता है।

यही कारण है कि गॉल की जीत भारत के लिए महत्वपूर्ण थी। अगर भारत यह टेस्ट हार जाता या मुकाबला ड्रॉ होता, तो उसके WTC समीकरण पर और ज्यादा दबाव पड़ सकता था।

मानव सुथार और पडिक्कल ने दिलाई बड़ी जीत

गॉल टेस्ट में भारत की जीत के कई नायक रहे।

देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेली, जबकि गेंदबाजी में युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

भारत ने श्रीलंका को दूसरी पारी में 206 रन पर ऑलआउट कर 165 रन से मुकाबला अपने नाम किया।

इस जीत ने न सिर्फ सीरीज में भारत को बढ़त दिलाई, बल्कि WTC अभियान में भी टीम को महत्वपूर्ण अंक दिलाए।

बांग्लादेश की स्थिति भी भारत के लिए चिंता का कारण

भारत के लिए सिर्फ अपने मुकाबले जीतना ही काफी नहीं हो सकता। WTC अंक तालिका में अन्य टीमों के परिणाम भी महत्वपूर्ण होंगे।

बांग्लादेश इस समय भारत से ऊपर चौथे स्थान पर है और उसका PCT 66.67 है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड भी भारत से आगे हैं।

इसलिए भारत को अपने प्रदर्शन के साथ-साथ दूसरी टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी।

अगर भारत लगातार जीतता है तो उसे दूसरों के परिणामों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। लेकिन अगर भारत कुछ मुकाबले हारता है, तो दूसरी टीमों की जीत उसके लिए मुश्किलें और बढ़ा सकती है।

5 जीत और 2 ड्रॉ का समीकरण

भारत के बचे हुए आठ टेस्ट में अगर 5 जीत और 2 ड्रॉ का परिणाम रहता है, तो उसका PCT करीब 61.11 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

यह स्थिति भारत को फाइनल की दौड़ में बनाए रख सकती है, लेकिन यह सीधे तौर पर फाइनल की गारंटी नहीं देती। उस स्थिति में भारत को अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।

यही वजह है कि भारत के लिए जितनी अधिक जीत होंगी, उतना बेहतर होगा।

कोलंबो टेस्ट अब अगला पड़ाव

भारत के लिए फिलहाल सबसे जरूरी मुकाबला कोलंबो टेस्ट है।

गॉल में जीत के बाद टीम के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है। अगर भारत दूसरा टेस्ट भी जीतता है, तो उसे WTC में एक और महत्वपूर्ण जीत मिलेगी और श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप भी हो जाएगा।

लेकिन टीम मैनेजमेंट को चयन और परिस्थितियों पर भी ध्यान देना होगा। कोलंबो की पिच गॉल से अलग हो सकती है और श्रीलंका की टीम वापसी के लिए पूरी ताकत लगाएगी।

WTC फाइनल की दौड़ में अभी लंबा रास्ता बाकी

गॉल की जीत ने भारत को राहत दी है, लेकिन WTC फाइनल की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।

भारत का PCT 53.33 तक पहुंच गया है, लेकिन वह अभी पांचवें स्थान पर है। टॉप-4 टीमों के PCT भारत से काफी ऊपर हैं।

इसलिए आने वाले आठ टेस्ट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज WTC की दिशा तय करने में सबसे बड़ा रोल निभा सकती है।

भारत अगर लगातार जीतता रहा तो 74 प्रतिशत से अधिक PCT तक पहुंच सकता है। लेकिन एक के बाद एक हार मिली तो टीम की फाइनल की उम्मीदें तेजी से कमजोर हो सकती हैं।

अब हर टेस्ट बनेगा ‘करो या मरो’ मुकाबला

गॉल में मिली जीत के बाद भारतीय टीम के पास आत्मविश्वास जरूर बढ़ा है, लेकिन WTC का गणित साफ संदेश दे रहा है—अब गलती की गुंजाइश बहुत कम है।

श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट—कुल आठ मुकाबले भारत की WTC कहानी तय करेंगे।

अगर भारत इन आठ मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करता है, तो फाइनल की राह काफी मजबूत हो सकती है। लेकिन जैसे-जैसे हार की संख्या बढ़ेगी, टीम को दूसरी टीमों के परिणामों पर उतना ही ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा।

इसलिए गॉल की जीत भले ही बड़ी राहत हो, लेकिन टीम इंडिया के लिए असली परीक्षा अभी बाकी है। WTC फाइनल का टिकट पाने के लिए अब भारत को आने वाले आठ टेस्ट में लगभग हर मौके को जीत में बदलना होगा।


इंग्लैंड ने जीती टी20 सीरीज, भारत की नंबर-1 रैंकिंग पर मंडराया खतरा

ब्रिस्टल | 10 जुलाई 2026

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर सीरीज अपने नाम कर ली। मैच के बाद भारतीय कप्तान Shreyas Iyer ने हार पर निराशा व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि टीम अपनी रणनीतियों को मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं कर सकी।

श्रेयस अय्यर ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में कहा कि “158 रन आदर्श स्कोर नहीं था। हमारी टीम के प्लान थे, लेकिन हम उन्हें सही तरीके से लागू नहीं कर पाए। इंग्लैंड ने हमसे बेहतर क्रिकेट खेली और हर विभाग में दबाव बनाया।” उन्होंने माना कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में भारत अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका।

इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 158/7 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने संघर्षपूर्ण 80 रन की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। जवाब में इंग्लैंड ने Harry Brook और Phil Salt की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में हासिल कर लिया और भारत को एकतरफा हार दी।

हार के बाद अय्यर ने कहा कि टीम को अब अपनी गलतियों का विश्लेषण करना होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ मैचों में भारत लगातार शुरुआती विकेट गंवा रहा है, जिससे मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। कप्तान ने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

इस सीरीज में भारत की यह लगातार पांचवीं टी20 हार रही। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण टीम की आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर भी खतरा मंडराने लगा है। यदि इंग्लैंड अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखता है और अंतिम मुकाबले में भी जीत दर्ज करता है, तो वह शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को आगामी मुकाबलों से पहले बल्लेबाजी क्रम, डेथ ओवरों की गेंदबाजी और टीम संयोजन पर गंभीरता से काम करना होगा। दूसरी ओर इंग्लैंड ने इस सीरीज में आक्रामक बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के दम पर अपना दबदबा साबित किया है।


टीम इंडिया में वैभव की एंट्री पर सस्पेंस, कोच ने बताई पूरी सच्चाई

डबलिन (आयरलैंड) | 26 जून 2026

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर जारी अटकलों के बीच टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव के डेब्यू पर अंतिम फैसला टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर लेंगे।

आयरलैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने कहा कि केवल किसी युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि टीम चयन पूरी तरह प्रदर्शन और टीम संयोजन के आधार पर किया जाएगा।

बैटिंग कोच ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद खास खिलाड़ी हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मेरिट के आधार पर ही मिलना चाहिए और टीम प्रबंधन किसी भी खिलाड़ी के साथ जल्दबाजी नहीं करेगा।

पिछले कुछ महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। IPL 2026, भारत ए और अंडर-19 स्तर पर उनके शानदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब उनके अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर टिकी हुई हैं। यही वजह है कि आयरलैंड दौरे में उनका नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब कोटक से पूछा गया कि क्या वैभव को पहले टी20 मुकाबले में मौका मिलेगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इसका फैसला शाम को टीम बैठक में होगा। अंतिम निर्णय कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर मिलकर करेंगे।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीम संयोजन में बदलाव होता है तो वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए डेब्यू करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि टीम प्रबंधन फिलहाल संतुलित संयोजन और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने के पक्ष में नजर आ रहा है।

अब सभी की नजरें टीम इंडिया की अंतिम प्लेइंग इलेवन पर हैं। यदि वैभव को मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।


IND vs AFG Test Live Score, Day 1:राहुल का अनुभव और सुदर्शन का संयम, भारत ने लंच तक बनाए 96 रन

6 जून 2026

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने शुरुआती झटके के बाद संभलकर बल्लेबाजी की। लंच तक टीम इंडिया ने एक विकेट के नुकसान पर 96 रन बना लिए थे।

पारी की शुरुआत में भारत को पहला झटका जल्दी लग गया, लेकिन इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल और युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।

राहुल ने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए अफगान गेंदबाजों का मजबूती से सामना किया, जबकि साई सुदर्शन ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता प्रदान की।

अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता के बाद दबाव बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन राहुल और सुदर्शन ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। दोनों बल्लेबाजों ने खराब गेंदों का फायदा उठाते हुए रन गति भी बनाए रखी।

लंच तक भारत का स्कोर 96/1 रहा और टीम मजबूत स्थिति में दिखाई दी। दूसरे सत्र में भारतीय टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ने की कोशिश करेगी, जबकि अफगानिस्तान जल्द विकेट हासिल कर मैच में वापसी करना चाहेगा।

क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि राहुल और सुदर्शन अपनी साझेदारी को कितनी दूर तक ले जाते हैं और भारत पहले दिन कितना बड़ा स्कोर खड़ा कर पाता है।


IPL: पंजाब किंग्स की रोमांचक जीत, गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराया

01 अप्रैल 2026

इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हरा दिया। मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में मैच आखिरी ओवर तक रोमांच से भरा रहा, जहां पंजाब ने 19.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी पंजाब की टीम ने गुजरात को 6 विकेट के नुकसान पर 162 रन तक सीमित रखा। गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन गिल ने 39 रन और जोस बटलर ने 38 रनों की पारी खेली। हालांकि, टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो सकी। गेंदबाजी में विजयकुमार वैशाख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट अपने नाम किए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 109 रन तक केवल 2 विकेट गंवाए थे। ऐसा लग रहा था कि पंजाब आसानी से मैच जीत जाएगी, लेकिन तभी प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने अपने दो ओवरों में 3 अहम विकेट लेकर पंजाब को बैकफुट पर ला दिया।

इसके बाद पंजाब की पारी लड़खड़ा गई और 118 रन तक टीम ने 6 विकेट खो दिए। 144 रन के स्कोर पर सातवां विकेट गिरने के बाद मैच पूरी तरह से रोमांचक हो गया। लेकिन डेब्यू मैच खेल रहे ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ी कूपर कोनोली ने धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई।

कोनोली ने नाबाद 72 रनों की शानदार पारी खेली और आखिरी तक टिके रहते हुए पंजाब को लक्ष्य तक पहुंचाया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है, जबकि गुजरात टाइटंस को अपने अगले मुकाबलों में वापसी की उम्मीद रहेगी। यह मुकाबला आईपीएल के इस सीजन के सबसे रोमांचक मैचों में से एक साबित हुआ।



टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल: भारत और न्यूज़ीलैंड करेंगे अहमदाबाद में भिड़ंत, मुकाबला रोमांचक होने की संभावना

07 मार्च 2026

अहमदाबाद | टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांचक सफर 7 फरवरी से शुरू हुआ था और अब खिताबी मुकाबले के लिए
दोनों फाइनलिस्ट टीमें तैयार हैं। भारत और न्यूज़ीलैंड ने क्रमशः मुंबई और कोलकाता में सेमीफाइनल जीतकर 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।

दोनों टीमें पहले भी हारी हैं

दिलचस्प बात यह है कि अहमदाबाद में होने वाला फाइनल वही मैदान है जहां दोनों टीमों ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 1-1 मैच हारा है। ऐसे में फाइनल में टाइटल की दावेदारी के लिए दोनों टीमें पूरी ताकत से उतरेंगी।

विश्लेषकों के अनुसार, आंकड़ों की दृष्टि से भारत और न्यूज़ीलैंड लगभग बराबर हैं। टीमों की इकोनॉमी, रन-रेट और रन बनाने की क्षमता में कोई स्पष्ट बढ़त नहीं दिख रही है।

पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में अंतर

मैच के अलग-अलग चरणों में दोनों टीमों की ताकत अलग-अलग नजर आई है। पावरप्ले में न्यूज़ीलैंड ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि मिडिल ओवर्स में भारत ने दबदबा बनाए रखा। इसी संतुलन के कारण फाइनल रोमांचक और अप्रत्याशित होने की संभावना जताई जा रही है।

भारत और न्यूजीलैंड का फाइनल रिकॉर्ड

  • भारत: पहले 2007 और 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुका है।

  • न्यूज़ीलैंड: 2021 के बाद दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है, जिससे टीम में उत्साह और दबाव दोनों है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत का घरेलू मैदान का अनुभव और शानदार बल्लेबाजी क्रम उन्हें फाइनल में बढ़त दे सकता है। वहीं, न्यूजीलैंड की टाइटल जीत की भूख और संतुलित टीम प्रदर्शन फाइनल को पूरी तरह से खुला और रोमांचक बना देगा।

उम्मीदें और अनुमान

8 मार्च को खेले जाने वाले इस मुकाबले में पूरी दुनिया की निगाहें अहमदाबाद पर होंगी। दर्शक और फैंस दोनों टीमों के खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन और धमाकेदार मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

इस फाइनल के परिणाम से टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की महत्वपूर्ण कहानी और खिलाड़ियों का करियर भी प्रभावित होगा।



14 साल के वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक कारनामा, अंडर-19 वनडे में भारत के सबसे बड़े रन-स्कोरर बने

07 फरवरी 2026

भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हरारे क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

अपनी इस यादगार पारी में वैभव सूर्यवंशी ने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। यानी उन्होंने अपने कुल 175 में से 150 रन केवल बाउंड्री से ही बना डाले, जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है। उनकी तूफानी बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में सबसे बड़े स्कोरों में से एक है।

411 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के दबाव में आ गई और 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने मुकाबला 100 रन से जीतकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। वैभव की पारी को फाइनल की सबसे निर्णायक पारी माना जा रहा है।

इस प्रदर्शन के साथ वैभव सूर्यवंशी यूथ वनडे (अंडर-19 स्तर) में भारत के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं। इतना ही नहीं, पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 30 छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली वैभव को भारतीय क्रिकेट का भविष्य का सुपरस्टार बना सकती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनका यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारतीय सीनियर टीम की उम्मीदों को भी नई उड़ान देता नज़र आ रहा है।

This image features the 14-year-old Indian teenage sensation Vaibhav Sooryavanshi celebrating a historic achievement. He is shown wearing the India Under-19 blue jersey, raising his bat in triumph after scoring a record-breaking 175 runs off 80 balls in the ICC Under-19 World Cup final against England on February 6, 2026. The background likely shows the Harare Sports Club where India secured its record sixth U19 World Cup title.



दक्षिण अफ्रीका के खेल मंत्री गेटन मैकेंजी ने पाकिस्तान में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान के बहिष्कार का समर्थन किया है। यह विवाद अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं के अधिकारों में हो रहे उल्लंघन के कारण उठ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर बहिष्कार की मांग बढ़ रही है।

स्पोर्ट्स डेस्क, इंदौर। Champions Trophy 2025: दक्षिण अफ्रीका के खेल मंत्री गेटन मैकेंजी ने पाकिस्तान में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान के बहिष्कार का समर्थन किया है। इस मामले ने इंटरनेशनल क्रिकेट जगत में नए विवाद को जन्म दिया है।

दरअसर, यह विवाद अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद शुरू हुआ था। तालिबान की सरकार ने महिलाओं के बुनियादी अधिकारों को बहुत सीमित कर दिया है।

अफगानिस्तान के खिलाफ क्रिकेट का हो बहिष्कार

  • गेटन मैकेंजी ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) से अफगानिस्तान के खिलाफ अपने चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबले पर फिर से सोचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का खेल से दुनिया भर में एक खास संदेश जाता है। हमें अफगानिस्तान की महिलाओं के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
  • मैकेंजी का कहना है कि वह इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए आखिरी व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेला नही जा सकता है। ऐसा करना उनकी सरकार की नीतियों का मौन समर्थन माना जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार की बढ़ती आवाजें

  • यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश भी यही मांग कर रहे हैं। ब्रिटेन के 160 से अधिक राजनेताओं ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से अफगानिस्तान के खिलाफ बहिष्कार की अपील कर दी है।
  • इसी तरह ऑस्ट्रेलिया ने भी अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को स्थगित कर दिया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तालिबान शासन में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों में हो रहे उल्लंघन पर चिंता जताई थी।

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का बयान

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने इस मामले पर कहा है कि वे आईसीसी से राय लेंगे, क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी एक आईसीसी प्रोग्राम है। सीएसए ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन निंदा की है। हमारा मानना है कि यह मामला आईसीसी के नियमों के तहत निपटाया जाना चाहिए।

इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी अफगानिस्तान के खिलाफ नजर आए थे। अब यह देखना बाकी है कि दक्षिण अफ्रीका इस मामले पर क्या कदम उठाएगा।

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