देवास/नागोया | 23 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के देवास से निकले जय मीणा ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया है। कभी क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत को इस खेल में एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया है। जापान के नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ ही जय का पदक पक्का हो गया था। सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से हार के बाद उन्हें कांस्य पदक मिला।
यह उपलब्धि सिर्फ एक पदक की कहानी नहीं है। इसके पीछे एक ऐसे खिलाड़ी का सफर है, जिसकी शुरुआत क्रिकेट के सपने से हुई थी और जिसने स्कूल के सॉफ्ट टेनिस कोर्ट पर खिलाड़ियों को देखते-देखते इस खेल को अपना करियर बना लिया।
क्रिकेटर बनना चाहते थे जय मीणा
जय मीणा का शुरुआती सपना क्रिकेटर बनने का था। देवास में पढ़ाई के दौरान उनकी नजर स्कूल के सॉफ्ट टेनिस कोर्ट पर पड़ी। शुरुआत में वह इस खेल को सिर्फ देखते थे। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी बढ़ी और वह खिलाड़ियों की मदद करने के लिए बॉल बॉय बनने लगे।
यहीं से उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने आगे चलकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया।
बॉल बॉय के रूप में कोर्ट पर आने वाले जय ने बाद में खुद सॉफ्ट टेनिस खेलना शुरू किया। स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से उनका सफर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। महज 14 साल की उम्र में वह जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने लगे थे।
2026 एशियन गेम्स में बनाया इतिहास
जय मीणा के लिए एशियन गेम्स 2026 उनका तीसरा एशियन गेम्स अभियान था। इससे पहले वह जकार्ता 2018 और हांगझोउ 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
हांगझोउ में उन्होंने पुरुष एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। इस बार उन्होंने उससे आगे बढ़ते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक सुनिश्चित कर दिया।
क्वार्टर फाइनल में जय का मुकाबला फिलीपींस के शेरविन नुगिट से हुआ। सात गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में जय ने 4-3 से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
इस जीत के साथ ही भारत का इस खेल में पहला एशियन गेम्स पदक तय हो गया था।
सेमीफाइनल में जापान के खिलाड़ी से मुकाबला
सेमीफाइनल में जय मीणा के सामने जापान के ताकुया कुरोसाका थे। मुकाबले की शुरुआत जय के लिए आसान नहीं रही और वह शुरुआती तीन गेम गंवा बैठे।
इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। उन्होंने लगातार दो गेम जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया और स्कोर 2-3 तक पहुंच गया।
हालांकि कुरोसाका ने अगले गेम में वापसी की और 4-1 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली। करीब 45 मिनट चले मुकाबले में जापानी खिलाड़ी ने जय को 2-4 से हराया। इसके साथ ही जय मीणा के खाते में कांस्य पदक आया।
भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक
जय मीणा की इस उपलब्धि का सबसे बड़ा महत्व यह है कि यह एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जय मीणा को कांस्य पदक जीतने और एशियन गेम्स में भारत के पहले सॉफ्ट टेनिस पदक विजेता बनने पर बधाई दी।
यह उपलब्धि भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए एक नया अध्याय मानी जा रही है।
2022 में नेशनल गेम्स का जीता था गोल्ड
जय मीणा के लिए यह सफलता अचानक नहीं आई है। उन्होंने इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
2022 में गुजरात में हुए 36वें राष्ट्रीय खेलों में जय ने पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए टीम और डबल्स स्पर्धाओं में भी पदक जीतने में योगदान दिया।
2025 तक वह पुरुष एकल वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन भी बन चुके थे।
2024 में भी रचा था इतिहास
जय मीणा ने 2024 में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी।
आध्या तिवारी के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के मिश्रित युगल वर्ग में कांस्य पदक जीता था। यह भारत की इस प्रतियोगिता में पहला पदक जीतने वाली जोड़ी बनी थी।
इसके बाद 2025 की एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी जय ने पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता। इस प्रतियोगिता में उन्होंने अलग-अलग स्पर्धाओं में कुल चार पदक हासिल किए।
देवास से जापान तक का सफर
जय मीणा की कहानी मध्य प्रदेश के उन खिलाड़ियों के लिए भी खास है, जो सीमित पहचान वाले खेलों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।
देवास में एक स्कूल के कोर्ट से शुरू हुआ उनका सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। जिस खेल को उन्होंने शुरुआत में सिर्फ कोर्ट के बाहर से देखा था, उसी में वह भारत के पहले एशियन गेम्स पदक विजेता बन गए।
उनकी यात्रा यह भी दिखाती है कि किसी खिलाड़ी का शुरुआती सपना ही हमेशा उसके अंतिम लक्ष्य को तय नहीं करता। क्रिकेटर बनने की चाह रखने वाले जय ने जब सॉफ्ट टेनिस को अपनाया तो धीरे-धीरे यही खेल उनकी पहचान बन गया।
तीसरे एशियन गेम्स में मिली बड़ी कामयाबी
जय मीणा इससे पहले जकार्ता 2018 और हांगझोउ 2022 एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हांगझोउ में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बाद इस बार उन्होंने सेमीफाइनल तक पहुंचकर पदक पक्का किया।
2026 एशियन गेम्स में उनके इस प्रदर्शन ने भारत के सॉफ्ट टेनिस अभियान को भी नई पहचान दी है। भारतीय दल में जय पुरुष एकल और पुरुष टीम स्पर्धा के लिए शामिल हैं।
जय मीणा की उपलब्धियां एक नजर में
- नाम: जय मीणा
- राज्य: मध्य प्रदेश
- शहर: देवास
- खेल: सॉफ्ट टेनिस
- एशियन गेम्स 2026: पुरुष एकल में कांस्य पदक
- ऐतिहासिक उपलब्धि: एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस का भारत का पहला पदक
- 2022: 36वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुष एकल स्वर्ण
- 2024: वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप मिश्रित युगल कांस्य
- 2025: एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप पुरुष एकल कांस्य
- एशियन गेम्स: जकार्ता 2018, हांगझोउ 2022 और एची-नागोया 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व
क्रिकेट के सपने से सॉफ्ट टेनिस के इतिहास तक
जय मीणा की कहानी की सबसे खास बात यही है कि उन्होंने जिस खेल से अपने करियर की शुरुआत करने की कल्पना भी नहीं की थी, उसी खेल में भारत के लिए इतिहास रच दिया।
देवास के स्कूल में सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों को देखने वाला एक बच्चा पहले बॉल बॉय बना, फिर खिलाड़ी बना और आगे चलकर राष्ट्रीय चैंपियन तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता बना। अब एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर जय ने भारतीय सॉफ्ट टेनिस को वह उपलब्धि दिला दी है, जिसका इंतजार इस खेल में लंबे समय से था।
एक क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले देवास के जय मीणा ने आखिरकार ऐसा खेल चुन लिया, जिसमें उन्होंने भारत के लिए इतिहास ही रच दिया।

Team India Asian Games: 5 स्टार होटल की जगह तय होटल में रुकेंगे खिलाड़ी, BCCI ने बताई वजह
नई दिल्ली/नागोया | 9 सितंबर 2026
एशियन गेम्स 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियों के बीच खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बार भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को विदेश दौरों की तरह 5 स्टार होटल में ठहराने की व्यवस्था नहीं होगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने साफ किया है कि उसे खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था से कोई बड़ी शिकायत नहीं है और मौजूदा इंतजाम खिलाड़ियों के लिए आरामदायक बताए जा रहे हैं।
यह पूरा मामला जापान के नागोया शहर में अच्छे होटल उपलब्ध होने की कमी से जुड़ा है। एशियन गेम्स के आयोजकों ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए निर्धारित होटल की व्यवस्था की है। BCCI ने इन व्यवस्थाओं की जानकारी हासिल करने के लिए होटल की तस्वीरें और वीडियो भी देखे हैं। इसके बाद बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है।
5 स्टार होटल क्यों नहीं मिलेगा?
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को आमतौर पर बड़े अंतरराष्ट्रीय दौरों पर उच्च स्तर के होटल में ठहराया जाता है। लेकिन नागोया में इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। शहर में बड़ी संख्या में उच्च श्रेणी के होटल उपलब्ध नहीं हैं। यही वजह है कि एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से खिलाड़ियों के लिए निर्धारित होटल व्यवस्था को ही स्वीकार करने का फैसला किया गया है।
एक विकल्प यह भी था कि भारतीय खिलाड़ियों को टोक्यो या ओसाका में ठहराया जाए। लेकिन दोनों शहर नागोया से काफी दूर हैं। बुलेट ट्रेन से भी करीब डेढ़ घंटे का सफर करना पड़ता है। ऐसे में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता स्थल से दूर रखने के बजाय नागोया में ही ठहराने को ज्यादा व्यावहारिक माना गया।
BCCI होटल को लेकर क्यों है संतुष्ट?
BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि होटल 5 स्टार नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ियों को किसी तरह की असुविधा होगी। बोर्ड ने उपलब्ध कराए गए होटल की तस्वीरें और वीडियो देखे हैं और मौजूदा व्यवस्था को आरामदायक माना है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ियों को ट्विन-शेयरिंग यानी दो खिलाड़ियों को एक कमरे में रखने की व्यवस्था में नहीं रखा जाएगा। भारतीय क्रिकेटरों के लिए अलग-अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे खिलाड़ियों को आराम, निजता और तैयारी के लिए पर्याप्त व्यक्तिगत जगह मिल सकेगी।
BCCI की असली चिंता होटल नहीं, मैदान था
दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारी में सबसे बड़ा सवाल होटल नहीं बल्कि क्रिकेट से जुड़ी सुविधाओं को लेकर था। BCCI की नजर नागोया में तैयार किए गए क्रिकेट मैदान, पिच और ड्रेसिंग रूम की स्थिति पर थी।
मैदान और पिच की स्थिति को लेकर पहले कुछ चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित स्तर पर इन सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। अब BCCI की ओर से संकेत दिया गया है कि मैदान, विकेट और ड्रेसिंग रूम को लेकर स्थिति संतोषजनक है।
यानी बोर्ड की प्राथमिकता यह रही कि खिलाड़ी जिस मैदान पर मुकाबला खेलेंगे, वहां की परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अनुरूप हों। होटल का 5 स्टार होना प्राथमिक चिंता नहीं बनाया गया है।
खिलाड़ियों की सुविधा का रखा जा रहा है ध्यान
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था सामान्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दौरे से अलग है। इस बार पूरा आयोजन एक मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है, जिसमें अलग-अलग खेलों के हजारों खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
इसी वजह से सभी देशों और खेलों के खिलाड़ियों के लिए आयोजन समिति द्वारा तय की गई आवास व्यवस्था का पालन किया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी इसी व्यवस्था के तहत नागोया में होटल उपलब्ध कराया गया है।
BCCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि व्यवस्था में किसी स्तर पर कोई कमी दिखाई देती है तो उसे समय रहते दूर करने की कोशिश की जाएगी।
टोक्यो या ओसाका में ठहराना क्यों नहीं रहा सही विकल्प?
पहली नजर में यह सवाल उठ सकता है कि अगर नागोया में 5 स्टार होटल उपलब्ध नहीं हैं तो भारतीय टीम को टोक्यो या ओसाका में क्यों नहीं ठहराया गया?
इसका सीधा कारण खिलाड़ियों की यात्रा और प्रतियोगिता स्थल से दूरी है। टोक्यो और ओसाका दोनों नागोया से करीब डेढ़ घंटे की बुलेट ट्रेन यात्रा पर हैं। रोजाना इतनी दूरी तय करना खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त थकान और लॉजिस्टिक चुनौती पैदा कर सकता है।
एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों को मैच, अभ्यास और रिकवरी के लिए पर्याप्त समय चाहिए। इसलिए प्रतियोगिता स्थल के नजदीक रहना ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया।
20 सितंबर को जापान रवाना होगी टीम
भारतीय क्रिकेट टीम की एशियन गेम्स यात्रा भी अब करीब है। टीम 20 सितंबर 2026 को जापान के लिए रवाना होगी। इसके बाद भारतीय टीम जापान के खिलाफ एक विशेष T20 मुकाबला भी खेलेगी, जिसके बाद एशियन गेम्स में भारतीय अभियान आगे बढ़ेगा।
भारतीय पुरुष टीम का एशियन गेम्स क्रिकेट अभियान 28 सितंबर से शुरू होना है। भारत पिछली बार हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुका है। ऐसे में इस बार भी टीम से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।
क्या भारत कमजोर टीम के साथ उतरेगा?
एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर यह चर्चा भी रही है कि क्या भारत किसी कमजोर या दूसरी श्रेणी की टीम को भेजेगा। BCCI की ओर से इस तरह की अटकलों को खारिज किया गया है।
बोर्ड ने संकेत दिया है कि भारत प्रतियोगिता में मजबूत और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ उतरने की तैयारी में है। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि महिला टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में होगी।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की बड़ी उम्मीदें
इस बार एशियन गेम्स में भारत का दल कई खेलों में हिस्सा लेगा। क्रिकेट के अलावा एथलेटिक्स, हॉकी, शूटिंग, बैडमिंटन, कुश्ती, तीरंदाजी, भारोत्तोलन और कई अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है।
एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आइची-नागोया, जापान में आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में एशियाई देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
होटल से ज्यादा महत्वपूर्ण है खिलाड़ियों का प्रदर्शन
पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि भारतीय क्रिकेट टीम को इस बार 5 स्टार होटल भले ही न मिले, लेकिन BCCI का ध्यान खिलाड़ियों की मूलभूत सुविधाओं और मैदान की गुणवत्ता पर है।
अगर खिलाड़ियों को अलग कमरे, उचित सुविधाएं, बेहतर मैदान, अच्छी पिच और पर्याप्त आराम मिलता है तो होटल की स्टार रेटिंग अपने आप में प्रदर्शन का निर्णायक factor नहीं बनती। BCCI का मौजूदा रुख भी इसी दिशा में दिखाई दे रहा है।

गॉल में भारत जीत से 6 विकेट दूर, श्रीलंका के सामने 372 रनों का लक्ष्य
गॉल, श्रीलंका | 19 अगस्त 2026
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन भारतीय टीम जीत से महज छह विकेट दूर है। वहीं श्रीलंका के सामने 372 रनों का विशाल लक्ष्य है।
चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 34 ओवर में 84 रन बनाकर चार विकेट गंवा दिए थे। उसे मुकाबला जीतने के लिए अभी 288 रन और बनाने हैं, जबकि भारत को टेस्ट अपने नाम करने के लिए श्रीलंका के बाकी छह विकेट हासिल करने हैं।
भारत ने रखा 372 रन का लक्ष्य
भारत ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 462 रन बनाए थे। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई। इस तरह भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
इसके बाद भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में 193 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी की बढ़त को जोड़ने के बाद श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखा गया।
दूसरी पारी में भारत की शुरुआत खराब रही
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की और दोनों के बीच 65 रनों की साझेदारी हुई।
केएल राहुल 35 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल सिर्फ 8 रन बना सके। देवदत्त पडिक्कल ने 44 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके।
ऋषभ पंत ने मचाया धमाल
भारतीय पारी में सबसे खास प्रदर्शन ऋषभ पंत का रहा। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 53 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
उन्होंने अपनी पारी में 66 रन बनाए। इस दौरान पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे किए और एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 89वीं पारी में 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने।
पंत की तेज पारी की बदौलत भारत दूसरी पारी में 193 रन तक पहुंच सका और श्रीलंका को 372 रनों का लक्ष्य देने में सफल रहा।
श्रीलंका की दूसरी पारी में शुरुआत ही बिगड़ी
372 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
निशान मदुष्का 6 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पासिंदु सूरियबंदारा खाता खोले बिना मानव सुथार का शिकार बने।
श्रीलंका को तीसरा झटका कामिंदु मेंडिस के रूप में लगा, जो सिर्फ 2 रन बना सके। इसके बाद लाहिरू उदारा को भी मानव सुथार ने आउट कर दिया। इस तरह श्रीलंका ने सिर्फ 16 रन तक अपने चार विकेट गंवा दिए थे।
धनंजय और सोनल ने संभाली पारी
चार विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुशा ने श्रीलंका की पारी को संभाला।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक धनंजय डी सिल्वा 31 रन और सोनल दिनुशा 25 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों के बीच 74 गेंदों में 37 रनों की साझेदारी हो चुकी थी।
इसी साझेदारी के कारण श्रीलंका की टीम को पांचवें दिन वापसी की उम्मीद बनी हुई थी।
भारत के सामने जल्द विकेट लेने की चुनौती
पांचवें दिन भारतीय टीम की पहली कोशिश शुरुआती सत्र में ही विकेट निकालने की होगी। गॉल की पिच पर स्पिन और असमान उछाल गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकता है। भारत के पास लक्ष्य का बचाव करने के लिए पर्याप्त रन हैं और छह विकेट निकालते ही टीम टेस्ट अपने नाम कर सकती है।
दूसरी तरफ श्रीलंका के लिए चुनौती बेहद कठिन है। उसे जीत के लिए 288 रन और बनाने हैं और उसके पास सिर्फ छह विकेट बचे हैं। ऐसे में धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुशा की साझेदारी श्रीलंका की उम्मीदों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
बारिश भी बन सकती है बड़ा फैक्टर
इस टेस्ट में अब तक बारिश और खराब मौसम का भी असर देखने को मिला है। मुकाबले का काफी समय मौसम की वजह से प्रभावित हुआ है। पांचवें दिन भी बारिश की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई थी, जिससे भारत के लिए जीत हासिल करने की कोशिश और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
भारत चाहेगा कि मौसम किसी तरह का व्यवधान पैदा न करे और गेंदबाज जल्द से जल्द श्रीलंका के बाकी छह विकेट हासिल कर लें।
गॉल में भारत के पास जीत का सुनहरा मौका
मैच के मौजूदा समीकरण पूरी तरह से भारत के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा और चौथे दिन ही उसके चार विकेट निकाल लिए।
अब श्रीलंका को जहां 288 रन बनाने हैं, वहीं भारत को केवल छह विकेट चाहिए। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में आखिरी दिन का खेल कभी भी पूरी तरह एकतरफा नहीं होता। श्रीलंका के पास क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों के जरिए मुकाबले को लंबा खींचने का मौका है।
गॉल टेस्ट का पांचवां दिन यह तय करेगा कि 372 रनों के लक्ष्य के सामने श्रीलंका इतिहास रचने की कोशिश करता है या भारतीय गेंदबाज मेजबान टीम को समेटकर पहला टेस्ट अपने नाम कर लेते हैं।

76 रन पर ढेर हुई भारत की टीम, इंग्लैंड ने सीरीज में बनाई 2-0 की बढ़त
नॉटिंघम | 8 जुलाई 2026
भारत और इंग्लैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में मेजबान टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। भारत की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए मात्र 76 रन पर सिमट गई, जो पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 201/7 का मजबूत स्कोर बनाया। सलामी बल्लेबाज Phil Salt ने 44 गेंदों में 70 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि अंत में Sam Curran ने नाबाद 41 रन जोड़कर टीम को 200 के पार पहुंचाया। भारतीय गेंदबाज बीच के ओवरों में कुछ विकेट लेने में सफल रहे, लेकिन अंतिम ओवरों में रन रोकने में नाकाम रहे।
202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के अंदर ही शीर्ष क्रम बिखर गया और लगातार विकेट गिरते रहे। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer और Josh Tongue ने घातक गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। टंग ने चार विकेट लिए, जबकि आर्चर ने तीन अहम विकेट झटके और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज आक्रमण के सामने पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका और पूरी टीम केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई। युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi सहित अधिकांश बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
मैच के बाद भारतीय कप्तान Shreyas Iyer ने बल्लेबाजी प्रदर्शन को “बेहद खराब” बताते हुए स्वीकार किया कि टीम परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में असफल रही। दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान Harry Brook ने अपनी टीम के संतुलित प्रदर्शन और गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेंथ की सराहना की।
अब सीरीज का चौथा मुकाबला ब्रिस्टल में खेला जाएगा। यदि भारत को सीरीज में बने रहना है तो उसे अगला मैच हर हाल में जीतना होगा, जबकि इंग्लैंड की नजरें सीरीज अपने नाम करने पर होंगी।

BCCI का बड़ा फैसला, 4.5 महीने बाद हर्षित राणा की टीम इंडिया में एंट्री
चेन्नई | 19 जून 2026
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले से पहले BCCI ने बड़ा फैसला लेते हुए तेज गेंदबाज हर्षित राणा को भारतीय टीम में शामिल कर लिया है। लगभग साढ़े चार महीने के बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।
BCCI ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि हर्षित राणा चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले तीसरे वनडे मुकाबले के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। हाल के महीनों में चोट और पुनर्वास प्रक्रिया के कारण वह टीम से बाहर थे। अब फिटनेस हासिल करने के बाद उन्हें फिर से राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है।
हर्षित राणा ने IPL और घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज गति और आक्रामक गेंदबाजी से प्रभावित किया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि उनकी वापसी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। टीम प्रबंधन भी आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए तेज गेंदबाजों के विकल्प बढ़ाना चाहता है।
भारत पहले ही अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। ऐसे में तीसरे वनडे में टीम प्रबंधन कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देने पर विचार कर सकता है। हर्षित राणा की एंट्री को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
चेन्नई में 20 जून को खेला जाने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारतीय टीम जहां सीरीज को शानदार अंदाज में समाप्त करना चाहेगी, वहीं अफगानिस्तान जीत के साथ सम्मान बचाने की कोशिश करेगा।

IND vs AFG: अफगानिस्तान के विरुद्ध वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे कोहली, आयरलैंड-इंग्लैंड में मिल सकता है वैभव को मौका
05 जून 2026
यह खबर भारतीय टीम के आगामी अफगानिस्तान वनडे सीरीज और युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर चल रही चर्चाओं से जुड़ी है।
विराट कोहली क्यों नहीं खेलेंगे?
रिपोर्ट्स के अनुसार Virat Kohli आईपीएल 2026 फाइनल के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हुए थे। इसी वजह से उन्हें 13 जून से शुरू होने वाली भारत-अफगानिस्तान तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर रखा जा सकता है। कुछ रिपोर्टों में उन्हें लगभग तय तौर पर बाहर बताया गया है, जबकि टीम प्रबंधन ने अंतिम मेडिकल अपडेट का इंतजार करने की बात कही है।
वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की चर्चा क्यों?
15 वर्षीय बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने आईपीएल और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। हाल ही में बीसीसीआई सचिव ने भी कहा कि चयनकर्ता उनके मामले में जो उचित होगा, वह करेंगे, जिससे उनके जल्द भारतीय टीम में आने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
हालांकि अभी तक अफगानिस्तान वनडे सीरीज के लिए वैभव के चयन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों में यह संभावना जताई जा रही है कि यदि वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है या चोटों के कारण जगह खाली होती है, तो वैभव को पहले आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर सीमित ओवरों की टीम में आजमाया जा सकता है।
भारत के सामने क्या स्थिति है?
- कोहली चोट के कारण बाहर हो सकते हैं।
- Rohit Sharma और Hardik Pandya की फिटनेस पर भी नजर है।
- चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अवसर देने पर विचार कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अभी तक आधिकारिक जानकारी यही है कि विराट कोहली अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर रहने की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं वैभव सूर्यवंशी के चयन को लेकर उत्साह काफी है, लेकिन उनके भारत की सीनियर टीम में शामिल होने पर अंतिम फैसला चयनकर्ताओं द्वारा ही लिया जाएगा। फिलहाल इसे संभावना के तौर पर देखा जा रहा है, पुष्टि के तौर पर नहीं।

सैमसन सेंचुरी नहीं, जीत के लिए खेले – हफीज; तेंदुलकर बोले- संजू को देखना शानदार अनुभव
02 मार्च 2026
आईसीसी टी-20 विश्व कप में भारत क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। कोलकाता में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के हीरो संजू सैमसन रहे, जिन्होंने दबाव भरे मैच में नाबाद 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।
दिग्गजों ने की सैमसन की जमकर तारीफ
भारत की जीत के बाद क्रिकेट जगत के दिग्गजों ने सैमसन की पारी की सराहना की। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा कि सेमीफाइनल की जगह दांव पर थी और टीम ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने कहा, “दोनों पारियों के डेथ ओवर्स में भारत आगे रहा। संजू का शांत स्वभाव और उनकी बल्लेबाजी देखना शानदार अनुभव था। ऐसी पारियां टीम में नई ऊर्जा भर देती हैं।”
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने भी सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय टीम की जीत को प्राथमिकता दी। हफीज के अनुसार, “संजू सेंचुरी के लिए नहीं, मैच खत्म करने के लिए खेले — यही असली मैच विजेता की पहचान है।”
वहीं भारत के पूर्व टेस्ट ओपनर वसीम जाफर ने कहा कि सैमसन ने दबाव की स्थिति में अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली और साबित किया कि बड़े मैचों में वही खिलाड़ी चमकते हैं जो मानसिक रूप से मजबूत होते हैं।
मैच का रोमांचक समीकरण
मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत में झटके लगे, लेकिन सैमसन ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने पारी को संभालते हुए आखिर तक टिककर बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में सटीक शॉट चयन, स्ट्राइक रोटेशन और निर्णायक समय पर बड़े शॉट शामिल रहे।
सेमीफाइनल की ओर बढ़ा भारत
इस जीत के साथ आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीर्ष क्रम और गेंदबाजी इकाई इसी तरह प्रदर्शन करती रही, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।
भारतीय फैंस अब सेमीफाइनल मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां टीम से एक और दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
ब्रूक का ऐतिहासिक शतक, इंग्लैंड लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में; बाबर का स्ट्राइक रेट चर्चा में
25 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार रात खेले गए रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को 2 विकेट से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड लगातार पांचवीं बार नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जो टूर्नामेंट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मैच के हीरो कप्तान हैरी ब्रूक रहे, जिन्होंने शानदार शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया। वे टी-20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। दबाव भरे लक्ष्य का पीछा करते हुए ब्रूक ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी पारी में तेज रन गति के साथ निर्णायक शॉट्स शामिल रहे, जिससे इंग्लैंड अंत तक मुकाबले में बना रहा और आखिरी ओवरों में जीत हासिल कर सका।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट काफी कम रहा, जिसके कारण टीम की बल्लेबाजी गति प्रभावित हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि टी-20 जैसे फॉर्मेट में धीमी रन गति टीम पर दबाव बढ़ा देती है, खासकर तब जब विपक्षी टीम तेज स्कोरिंग कर रही हो।
मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप और ब्रूक की कप्तानी पारी ने मैच का रुख पलट दिया। गेंदबाजों ने भी अंतिम ओवरों में संयम दिखाया और पाकिस्तान को निर्णायक बढ़त लेने से रोका।
क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, इंग्लैंड की लगातार सेमीफाइनल एंट्री उनकी संतुलित टीम, गहराई वाले बल्लेबाजी क्रम और डेथ ओवर रणनीति का परिणाम है। वहीं पाकिस्तान के लिए आगे की राह अब अन्य मैचों के नतीजों और नेट रन रेट पर निर्भर हो सकती है।
यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में गिना जा रहा है, जिसमें आखिरी गेंद तक परिणाम अनिश्चित रहा और दर्शकों को हाई-वोल्टेज क्रिकेट का अनुभव मिला।
पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, 102 रन से नामीबिया को हराकर सुपर-8 में बनाई जगह
18 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को 102 रन से हराकर सुपर-8 चरण में प्रवेश कर लिया है। इस जीत के साथ पाकिस्तान टूर्नामेंट के टॉप-8 में पहुंचने वाली आठवीं टीम बन गई। मुकाबला सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो में खेला गया, जहां पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
पाकिस्तान की पारी के हीरो रहे ओपनर साहिबजादा फरहान, जिन्होंने 58 गेंदों पर नाबाद 100 रन की शानदार शतकीय पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ 57 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। कप्तान सलमान अली आगा ने 38 रन का योगदान दिया, जबकि शादाब खान 36 रन बनाकर नाबाद लौटे। नामीबिया की ओर से जैक ब्रेसल ने 2 विकेट लिए, जबकि जेरार्ड इरास्मस को एक सफलता मिली।
200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम दबाव में बिखर गई और 17.3 ओवर में 97 रन पर ऑलआउट हो गई। ओपनर लॉरेन स्टीनकैंप ने 23 और एलेक्जेंडर वॉल्सचेंक ने 20 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में उस्मान तारिक ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया, जबकि शादाब खान ने 2 विकेट झटके।
विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान की जीत का सबसे बड़ा कारण उसका संतुलित प्रदर्शन रहा—जहां बल्लेबाजी में फरहान का शतक निर्णायक साबित हुआ, वहीं गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत ने पाकिस्तान का आत्मविश्वास बढ़ाया है और टीम अब सुपर-8 में मजबूत दावेदार के रूप में उतरने को तैयार है।
क्या पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार? खेल जगत में मचा हड़कंप
नई दिल्ली/इस्लामाबाद | 26 जनवरी 2026
मुख्य बिंदु:
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पाकिस्तान टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ ग्रुप मुकाबले के बहिष्कार (Boycott) पर विचार कर रहा है।
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दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों को इस संभावित फैसले की वजह बताया जा रहा है।
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ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) पर इस फैसले का भारी दबाव पड़ सकता है।
विस्तृत समाचार: आगामी टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट गलियारों से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज ग्रुप मुकाबले से हटने की योजना बना रहा है।
बहिष्कार की वजह: खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान यह कदम दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक तनाव और वेन्यू को लेकर चल रही खींचतान के चलते उठा सकता है। पाकिस्तान का कहना है कि यदि भारतीय टीम उनके अनुकूल परिस्थितियों या न्यूट्रल वेन्यू के मुद्दों पर सहमत नहीं होती है, तो वे विरोध स्वरूप इस मैच का बहिष्कार कर सकते हैं।
ICC की बढ़ी मुश्किलें: भारत और पाकिस्तान का मैच किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला होता है। यदि पाकिस्तान इस मैच का बायकॉट करता है, तो आईसीसी को न केवल करोड़ों का वित्तीय नुकसान होगा, बल्कि टूर्नामेंट की साख पर भी असर पड़ेगा।
अतीत का संदर्भ: बता दें कि भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है और दोनों टीमें केवल आईसीसी या एशियाई टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने होती हैं। पाकिस्तान के इस कड़े रुख ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच निराशा और बहस का माहौल बना दिया है।
भारतीय खेमे की प्रतिक्रिया: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बीसीसीआई हमेशा से कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ खेलने के मामले में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा।
IND vs AUS: टीम इंडिया की हार में ये है सबसे बड़े विलेन, अपने घटिया खेल से कर दिया बेड़ा गर्क
India vs Australia: रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया को एक और दफा शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। सीरीज में अब तक चार मैच हो चुके हैं और एक ही मैच टीम इंडिया जीत सकी है। वो भी रोहित शर्मा की गैरहाजिरी में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में मिली थी। यानी रोहित शर्मा के हाथ पूरी तरह से खाली हैं। अब भारतीय टीम उस मुकाम पर खड़ी है, जहां से सीरीज भी हाथ से जाने का खतरा है। इस बीच टीम इंडिया के दो प्लेयर्स खास तौर पर निशाने पर हैं, जिनके घटिया खेल के कारण भारत को ये दिन देखना पड़ा है।
ऋषभ पंत ने फिर खेल वही लापरवाही भरा शॉट
टीम इंडिया के सामने आखिरी दिन जीत के लिए 340 रनों का एक बड़ा टारगेट था। कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर हमेशा की तरह से सस्ते में आउट होकर चले गए। विराट कोहली का भी बल्ला नहीं चला। केएल राहुल फ्लॉप रहे। इसके बाद क्रीज पर थे यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत। इन दोनों ने मिलकर 197 बॉल पर 88 रनों की साझेदारी की। उस वक्त तक ये तय हो चुका था कि टीम इंडिया इस मैच को जीतने की ओर नहीं जा रही है। अब मैच ड्रॉ हो सकता है। लेकिन ऋषभ पंत अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से वही आड़ा तिरछा शॉट खेला, जिसको लेकर उनकी खूब आलोचना होती है।
ड्रॉ की ओर जाता हुआ मैच पंत के आउट होने के बाद पलट गया
जब पूरी दुनिया को पता था कि मैच अब भारत जीत नहीं सकता, इसलिए इसे ड्रॉ कराने में ही भलाई है तो फिर इस तरह खेलने का क्या ही मतलब है। जब तब ऋषभ पंत और जायसवाल के बीच साझेदारी चल रही थी, तब तक टीम इंडिया सुरक्षित नजर आ रही थी, वहीं विरोधी टीम इस फिराक में थी कि किसी भी तरह से एक विकेट मिल जाए तो मैच में जीत के लिए आगे बढ़ा जाए। यही मौका ऋषभ पंत ने दे दिया। उनके आउट होने का असर ये हुआ कि यशस्वी जायसवाल भी आउट होकर वापस चले गए और बाकी कोई भी बल्लेबाज टिक ही नहीं पाया। इस तरह से देखें तो ऋषभ पंत की वजह से करीब करीब ड्रॉ हुआ मैच टीम इंडिया के हाथ से चला गया। ऋषभ पंत ने 104 बॉल पर 30 रनों की पारी खेली।
यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर की बहुत ही घटिया फील्डिंग
इसके बाद अगर दूसरे जिम्मेदार की बात की जाए तो वे यशस्वी जायसवाल ही हैं। वैसे तो उन्होंने 84 रनों की पारी खेली, लेकिन जब पंत आउट होकर चले गए थे, तब सारी जिम्मेदारी जायसवाल की थी, लेकिन उन्होंने दिखाया कि वे अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया की टीम जब दूसरी पारी में 91 रन पर छह विकेट गवां चुकी थी, तब लग रहा था कि जल्द ही पूरी टीम आउट हो जाएगी और टीम इंडिया के पास अच्छा चांस बनेगा, लेकिन उसी वक्त यशस्वी जायसवाल ने दो बड़े आसान से कैच टपका दिए। इससे ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा स्कोर बना दिया। कम से कम 100 रन ऑस्ट्रेलिया ने ज्यादा बना दिए, जो आखिरी में भारत के लिए भारी पड़े।






