आइची-नागोया, जापान | 25 सितंबर 2026
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 25 सितंबर का दिन शानदार शुरुआत लेकर आया है। शूटिंग में भारतीय जोड़ी कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को इस एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। यह शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड जीतकर भारत के खाते में पहला स्वर्ण जोड़ा था।
शूटिंग में कमलजीत और सुरुचि का शानदार प्रदर्शन
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कमलजीत और सुरुचि सिंह ने बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन में 587-29x अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था और फाइनल में भी अपना दबदबा बनाए रखा।
फाइनल में भारत ने 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया 478.0 अंक के साथ दूसरे और ईरान 415.8 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय जोड़ी ने इस प्रदर्शन के साथ एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
शूटिंग में एक और सिल्वर
शूटिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
इस तरह 25 सितंबर को शूटिंग से भारत के खाते में एक गोल्ड और एक सिल्वर जुड़ा।
कबड्डी में सेमीफाइनल की चुनौती
कबड्डी में भी भारत की दोनों टीमें पदक की दौड़ में मजबूती से बनी हुई हैं। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
महिला टीम का सेमीफाइनल नेपाल के खिलाफ 25 सितंबर को खेला जाना है, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला थाईलैंड से होना है। दोनों मुकाबले जापान के आइची प्रांत स्थित टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले जा रहे हैं।
भारतीय पुरुष टीम ने ग्रुप चरण में लगातार जीत दर्ज की। आखिरी ग्रुप मैच में भारत ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराया था। वहीं महिला टीम ने अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में जापान को 50-25 से शिकस्त दी।
सेमीफाइनल में जीत हासिल करने वाली टीमें 26 सितंबर को गोल्ड मेडल के लिए फाइनल खेलेंगी।
स्क्वैश में भी भारत की मजबूत मौजूदगी
स्क्वैश में भारत के लिए 25 सितंबर का दिन महत्वपूर्ण है। महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में अनाहत सिंह और तन्वी खन्ना आमने-सामने हैं। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने राउंड ऑफ 16 में सिंगापुर की खिलाड़ियों को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
अनाहत ने वाई इयन ऑ येओंग को 3-0 से हराया, जबकि तन्वी ने वाई यान्न ऑ येओंग को 3-1 से मात दी। इसके बाद दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला तय हुआ।
पुरुष सिंगल्स में भी भारत की चुनौती बरकरार है। अभय सिंह और वीर छोटरानी क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं। अभय का मुकाबला जापान के रयूनोसुके से, जबकि वीर छोटरानी का मुकाबला पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होना है।
मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार भी क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं।
भारत के खाते में अब 19 पदक
25 सितंबर को शूटिंग के गोल्ड और सिल्वर के बाद भारत की कुल पदक संख्या 19 हो गई है। इसमें 2 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
शूटिंग भारत के लिए इस एशियन गेम्स में पदक जुटाने वाले प्रमुख खेलों में बनी हुई है। अब कबड्डी, स्क्वैश, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं।
एक नजर में पूरी खबर
- 📍 जगह: आइची-नागोया, जापान
- 📅 तारीख: 25 सितंबर 2026
- 🥇 शूटिंग: कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में गोल्ड जीता।
- 🥈 शूटिंग: ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम में सिल्वर जीता।
- 🤼 कबड्डी: पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमें सेमीफाइनल में।
- 🥎 स्क्वैश: अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर छोटरानी क्वार्टर फाइनल में।
- 🇮🇳 भारत की कुल पदक संख्या: 19 — 2 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज।

JPN vs IND: 22 सितंबर को बनेगा इतिहास, भारत के सामने उतरेगी जापान की क्रिकेट टीम
नई दिल्ली | 7 सितंबर 2026
भारत और जापान पहली बार क्रिकेट के मैदान पर होंगे आमने-सामने
एशियन गेम्स 2026 से पहले क्रिकेट फैंस के लिए एक ऐतिहासिक मुकाबला होने जा रहा है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम पहली बार जापान की सीनियर पुरुष टीम के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलेगी। दोनों टीमों के बीच यह मैच 22 सितंबर 2026, मंगलवार को जापान के तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने भी इस मुकाबले को भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से जुड़े विशेष मैच के तौर पर दर्ज किया है।
यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि जापान आईसीसी का एसोसिएट सदस्य है और भारतीय टीम जैसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ उसका यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। वहीं, भारत के लिए भी जापान के खिलाफ यह पहला सीनियर इंटरनेशनल मैच होगा।
एशियन गेम्स से पहले जापान के लिए बड़ा मौका
भारत के खिलाफ मुकाबले के तुरंत बाद जापान एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेगा। मेजबान जापान को क्रिकेट प्रतियोगिता के ग्रुप-ए में अफगानिस्तान और नेपाल के साथ रखा गया है।
जापान अपना पहला एशियन गेम्स मुकाबला 24 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगा, जबकि 26 सितंबर को नेपाल से उसकी भिड़ंत होगी। ऐसे में भारत के खिलाफ टी20 मुकाबला जापानी टीम के लिए एशियन गेम्स की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
कौन हैं जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग?
जापान की टीम में सबसे ज्यादा चर्चा उसके कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग की हो रही है। वह जापान के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और टी20 इंटरनेशनल में टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
केंडेल ने जापान के लिए अब तक 55 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनके नाम 38.18 की औसत से 1,871 रन दर्ज हैं। उन्होंने इस दौरान 2 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं। कप्तान होने के साथ-साथ वह टीम के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक हैं।
जापान क्रिकेट एसोसिएशन की प्रोफाइल के मुताबिक, काडोवाकी-फ्लेमिंग बल्लेबाजी के साथ ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं और जापान के लिए उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 2022 में हुआ था।
जापान के टॉप बल्लेबाजों में ये नाम भी शामिल
जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कप्तान केंडेल के बाद सबोरीश रविचंद्रन का नाम आता है। उनके खाते में 997 रन हैं।
इसके बाद लाचलान यामामोटो-लेक का नंबर आता है, जिन्होंने जापान के लिए 825 रन बनाए हैं। इन बल्लेबाजों पर भारत के खिलाफ मुकाबले में जापान की बल्लेबाजी काफी हद तक निर्भर रह सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि जापान की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ी भी शामिल हैं। जापान क्रिकेट एसोसिएशन की मौजूदा टीम प्रोफाइल में अभिषेक आनंद और सबोरीश रविचंद्रन जैसे खिलाड़ियों के नाम दर्ज हैं।
गेंदबाजी में इब्राहिम ताकाहाशी पर नजर
जापान के गेंदबाजी विभाग में इब्राहिम ताकाहाशी एक प्रमुख नाम हैं। टी20 इंटरनेशनल में जापान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह 48 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
उनके बाद चार्ली हारा-हिंज और रेओ सकुरानो-थॉमस का नंबर आता है, दोनों के नाम 45-45 विकेट दर्ज हैं।
जापान क्रिकेट एसोसिएशन की प्रोफाइल के अनुसार, ताकाहाशी दाएं हाथ के ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं और जापानी टीम के नियमित खिलाड़ियों में शामिल हैं।
जापान का टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड कैसा है?
भारत के मुकाबले जापान का अंतरराष्ट्रीय अनुभव काफी कम है, लेकिन उसके टी20 रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जापान ने अब तक 61 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं।
इनमें जापान ने 41 मैच जीते, जबकि 18 मुकाबलों में हार का सामना किया। एक मैच टाई रहा और एक मुकाबले का परिणाम नहीं निकला।
हालांकि, भारत जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ मुकाबला जापानी खिलाड़ियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा।
जापान की एशियन गेम्स टीम में कौन-कौन?
एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान ने अपनी टीम पहले ही घोषित कर दी है। टीम में कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग के अलावा चार्ली हारा-हिंज, बेंजामिन इतो-डेविस, एलेस्टर काडोवाकी-फ्लेमिंग, कोहेई कुबोटा, जेक कुसुदा-नायरन, वतरू मियाउची, रेओ सकुरानो-थॉमस और एलेक्स शिराई-पटमोर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
इसके अलावा शोमा सुगया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी, त्सुयोशी तकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा और लाचलान यामामोटो-लेक भी टीम का हिस्सा हैं।
भारत के खिलाफ मुकाबला क्यों है ऐतिहासिक?
भारत और जापान के बीच क्रिकेट के स्तर पर यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक है। दोनों देशों की सीनियर पुरुष टीमें पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आमने-सामने होंगी।
भारत दुनिया की शीर्ष टी20 टीमों में शामिल है, जबकि जापान अभी एसोसिएट क्रिकेट के स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे में यह मुकाबला जापानी क्रिकेट के लिए अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने दिखाने का बड़ा अवसर होगा।
भारत के खिलाफ खेलने से जापानी खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर के क्रिकेटरों के खिलाफ अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। वहीं भारतीय टीम के लिए भी यह एशियन गेम्स से पहले अलग परिस्थितियों में खेलने और अपनी तैयारियों को परखने का अवसर होगा।
मैच से भारत-जापान संबंधों को भी मिलेगा खास रंग
यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के अनुसार, भारत और जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह विशेष मैच आयोजित किया जा रहा है। इसलिए इस मुकाबले को दोनों देशों के बीच खेल और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी खास माना जा रहा है।
कब और कहां होगा मुकाबला?
मैच: जापान बनाम भारत, एकमात्र टी20 इंटरनेशनल
तारीख: 22 सितंबर 2026, मंगलवार
स्थान: सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड, सानो, तोचिगी, जापान
मौका: एशियन गेम्स 2026 से पहले विशेष मुकाबला
खासियत: भारत और जापान की सीनियर पुरुष टीमों के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच
नजरें रहेंगी जापान के इन खिलाड़ियों पर
भारत के खिलाफ जापान की टीम में कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग, सबोरीश रविचंद्रन, लाचलान यामामोटो-लेक, इब्राहिम ताकाहाशी, चार्ली हारा-हिंज और रेओ सकुरानो-थॉमस जैसे खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी।
इनमें कप्तान काडोवाकी-फ्लेमिंग का रिकॉर्ड सबसे प्रभावशाली है। 55 टी20 इंटरनेशनल में 1,871 रन और दो शतक उन्हें जापानी बल्लेबाजी का सबसे बड़ा चेहरा बनाते हैं। वहीं गेंदबाजी में 48 विकेट वाले इब्राहिम ताकाहाशी भारत के बल्लेबाजों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।
टीम इंडिया के सामने क्या होगी चुनौती?
कागज पर भारत इस मुकाबले में काफी मजबूत नजर आता है, लेकिन जापान को हल्के में लेना टीम इंडिया के लिए सही रणनीति नहीं होगी। जापानी खिलाड़ी अपने घरेलू मैदान पर खेलेंगे और उनके लिए यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए इस मैच का महत्व एशियन गेम्स की तैयारी के लिहाज से भी रहेगा। ऐसे में मुकाबले में भारतीय टीम अपने खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने और मैच अभ्यास देने पर ध्यान दे सकती है।
कुल मिलाकर 22 सितंबर को सानो में होने वाला भारत-जापान मुकाबला क्रिकेट के लिहाज से एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। एक तरफ दुनिया की शीर्ष टीमों में शुमार भारत होगा, तो दूसरी ओर जापान अपनी घरेलू परिस्थितियों में इतिहास बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।

गॉल में टीम इंडिया का शिकंजा, 462 के जवाब में श्रीलंका के 99 रन पर पांच विकेट
गॉल, श्रीलंका, 17 अगस्त 2025।
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की। भारत की पहली पारी में बनाए गए 462 रन के जवाब में श्रीलंका की टीम लंच तक अपनी पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी।
तीसरे दिन का पहला सत्र पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों के नाम रहा। भारतीय स्पिन आक्रमण ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और एक के बाद एक विकेट हासिल किए। लंच के समय श्रीलंका भारत के स्कोर से 363 रन पीछे था।
भारतीय गेंदबाजों ने सुबह से बनाया दबाव
श्रीलंका ने भारत की विशाल पहली पारी के बाद बल्लेबाजी शुरू की, लेकिन मेजबान टीम के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने सहज नजर नहीं आए। पिच से मिल रही मदद का भारतीय स्पिनरों ने भरपूर फायदा उठाया।
तीसरे दिन के शुरुआती सत्र में भारत ने पांच विकेट हासिल कर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका को बड़ी साझेदारी की जरूरत है, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें ऐसा मौका नहीं दिया।
भारत ने पहली पारी में बनाए 462 रन
इससे पहले भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 167 रन की पारी खेली। ध्रुव जुरेल ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारतीय बल्लेबाजों ने पहले और दूसरे दिन बारिश से प्रभावित खेल के बावजूद श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
श्रीलंका के सामने बड़ी चुनौती
लंच तक 99/5 के स्कोर पर पहुंचने के बाद श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा तो तत्काल नहीं था, लेकिन भारत की पहली पारी के विशाल स्कोर के कारण मेजबान टीम पर काफी दबाव था।
लंच के समय सोनल दिनुषा 14 रन और निरोशन डिकवेला 8 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। श्रीलंका को अब अपनी पारी संभालने के लिए लंबी साझेदारी की जरूरत थी।
बारिश भी डाल रही है मैच में खलल
गॉल टेस्ट के शुरुआती दो दिन बारिश के कारण प्रभावित रहे थे। तीसरे दिन भी मौसम को लेकर चिंता बनी हुई थी। ऐसे में भारतीय टीम की कोशिश थी कि मौसम खराब होने से पहले अधिक से अधिक विकेट हासिल किए जाएं।
भारत ने सुबह के सत्र में पांच विकेट लेकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। अब नजर इस बात पर थी कि श्रीलंका की टीम कितने रन तक पहुंच पाती है और भारतीय गेंदबाज उसे कितने कम स्कोर पर समेट पाते हैं।
भारत की स्थिति मजबूत
लंच तक श्रीलंका के पांच विकेट गिरने से भारत ने पहले टेस्ट में अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली थी। 462 रन के जवाब में 99/5 का स्कोर श्रीलंका के लिए मुश्किल स्थिति थी।
भारतीय गेंदबाजों के पास अब श्रीलंका की निचली पारी को जल्दी समेटकर बड़ी बढ़त हासिल करने का मौका था। अगर भारत श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकने में सफल रहता है, तो मैच पर उसकी पकड़ और मजबूत हो सकती है।

‘पहले पिच, फिर जश्न’… वैभव सूर्यवंशी की क्रिकेट के प्रति दीवानगी का खुलासा
नई दिल्ली | 1 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी की सफलता के पीछे छिपी कड़ी मेहनत और समर्पण की कहानी पहली बार सामने आई है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर ने खुलासा किया है कि महज 15 वर्षीय वैभव ने क्रिकेट के लिए न सिर्फ अपनी छुट्टियां, बल्कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार तक छोड़ दिए। उनका कहना है कि यही जुनून आज वैभव को भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल करता है।
रोमी भिंडर ने बताया कि अंडर-19 विश्व कप समाप्त होने के बाद जब बाकी खिलाड़ी आराम करने और परिवार के साथ समय बिताने की योजना बना रहे थे, तब वैभव ने सीधे अभ्यास करने की इच्छा जताई। हरारे से मुंबई पहुंचते ही उन्होंने कहा, “I want to go to the pitch.” टीम प्रबंधन ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी, लेकिन वैभव केवल आधे घंटे अभ्यास करने की जिद पर अड़े रहे।
भिंडर के अनुसार, वैभव की सबसे बड़ी खासियत उनकी अनुशासनप्रियता है। उन्होंने बताया कि दिवाली जैसे त्योहार के दौरान भी जब अधिकांश खिलाड़ी छुट्टियां मना रहे थे, तब वैभव नेट्स पर अभ्यास कर रहे थे। कई बार उन्होंने शाम को भी अभ्यास जारी रखने के लिए मैदान की लाइटें चालू रखने का आग्रह किया। उनका पूरा ध्यान केवल अपने खेल को बेहतर बनाने पर रहता था।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पूरे सीजन में 776 रन बनाए, 72 छक्के लगाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनके आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया और उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बताया जाने लगा।
हालांकि, हाल ही में आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। इसके बावजूद क्रिकेट जगत का मानना है कि उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू अब सिर्फ समय की बात है।
रोमी भिंडर ने कहा कि महान खिलाड़ी केवल प्रतिभा के दम पर नहीं बनते, बल्कि उनकी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और अनुशासन होता है। वैभव सूर्यवंशी इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि वैभव इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।

इतिहास के पन्नों में हरमनप्रीत कौर: 200 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं; सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया
दिनांक: 23 जून, 2026
खेल डेस्क, साउथेम्प्टन (इंग्लैंड):
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरते ही हरमनप्रीत कौर 200 टी-20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर (महिला या पुरुष दोनों में) बन गईं।
इतना ही नहीं, इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ-साथ उन्होंने सबसे ज्यादा मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने का गौरव भी हासिल कर लिया है, जो उनकी कप्तानी कौशल और टीम के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रमाण है।
हरमनप्रीत: 200 मैचों का सफर और एक महाकीर्तिमान
साल 2009 में अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली हरमनप्रीत कौर ने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और जुझारूपन से महिला क्रिकेट को नए मुकाम पर पहुँचाया है।
रिकॉर्ड्स की झड़ी:
200 T20I मैच: उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ साउथेम्प्टन में खेले गए इस वर्ल्ड कप मुकाबले में अपना 200वां मैच पूरा किया, जो एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी: वे भारत के लिए सबसे अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरा खेल जगत और देश उन्हें बधाई दे रहा है। हालांकि, भारतीय फैंस के लिए यह दिन थोड़ा फीका रहा, क्योंकि भारत को इस ऐतिहासिक मैच में हार का सामना करना पड़ा।
मैच की कहानी: भारत की हार, दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक ‘हाईएस्ट रनचेज’
साउथेम्प्टन के रोज़ बाउल स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप-2 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा की उपयोगी पारियों की मदद से निर्धारित 20 ओवरों में 157/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।
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दक्षिण अफ्रीका की ऐतिहासिक जीत: लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम ने धमाकेदार शुरुआत की। उन्होंने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना सबसे बड़ा और सफल रनचेज (Highest Run Chase) हासिल करते हुए, एक ओवर शेष रहते 158/4 का स्कोर बना लिया।
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सेमीफाइनल का समीकरण: इस शानदार जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। वहीं, भारत को अपनी पिछली दो लगातार हार (न्यूजीलैंड और अब दक्षिण अफ्रीका) के बाद अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए गणितीय गणनाओं पर निर्भर रहना होगा।
हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “200वां मैच खेलना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है, लेकिन मैं व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ऊपर टीम की जीत को रखती हूँ। आज हम अच्छा नहीं खेल सके, लेकिन हमें गलतियों से सीखना होगा।”

IND A vs AFG A: वैभव की तूफानी शुरुआत के बाद प्रियांश ने संभाली पारी
दंबुला, श्रीलंका | 17 जून 2026
त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 के महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत ए को उस समय बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 36 रन बनाकर आउट हो गए। अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके।
मैच की शुरुआत में भारत ए के बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया। शुरुआती ओवरों में पिच से गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट लगाकर टीम को मजबूती देने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन चौके लगाए और आत्मविश्वास से बल्लेबाजी करते नजर आए।
हालांकि, जब ऐसा लग रहा था कि सूर्यवंशी अर्धशतक की ओर बढ़ रहे हैं, तभी अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। 36 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिरने से भारत ए के ड्रेसिंग रूम में निराशा देखने को मिली। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की शुरुआत उन्हें मिली थी, उसे देखते हुए वे टीम के लिए कहीं बड़ा योगदान दे सकते थे।
यह मुकाबला भारत ए के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। त्रिकोणीय सीरीज में फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को जीत की आवश्यकता है। ऐसे में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से बड़ी साझेदारी और लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की उम्मीद थी। सूर्यवंशी के जल्दी आउट होने के बाद अब जिम्मेदारी मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर आ गई है कि वे टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाएं।
हाल के महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर काफी सुर्खियां बटोरी हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और बड़े शॉट खेलने की क्षमता के कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। यही कारण है कि इस मैच में भी प्रशंसकों की नजरें उन पर टिकी हुई थीं।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। टीम के गेंदबाजों ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए भारत ए को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। सूर्यवंशी का विकेट भी इसी दबाव का परिणाम माना जा रहा है।
मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने सूर्यवंशी की पारी का स्वागत किया, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय समर्थकों में मायूसी छा गई। सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट प्रशंसकों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए।
अब सबकी नजरें भारत ए के बाकी बल्लेबाजों पर हैं, जो टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की कोशिश करेंगे। यदि मध्यक्रम जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करता है तो भारत ए अभी भी मुकाबले में वापसी कर सकता है।
प्रमुख बिंदु
🔹 वैभव सूर्यवंशी 36 रन बनाकर आउट हुए।
🔹 भारत ए को शुरुआती झटका लगा।
🔹 अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने बनाया दबाव।
🔹 फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत ए के लिए जीत अहम।
🔹 मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर बढ़ी जिम्मेदारी।

दावा: सूर्यकुमार यादव से छिन सकती है टी20 कप्तानी, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर टीम में जगह भी खतरे में
मुंबई। 3 जून, 2026
भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टी20 विश्व कप 2026 में भारत को खिताब दिलाने वाले कप्तान Suryakumar Yadav की टी20 कप्तानी पर खतरा मंडरा रहा है। चयन समिति, बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट कथित तौर पर आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले नए कप्तान पर विचार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की हालिया बल्लेबाजी फॉर्म चयनकर्ताओं की चिंता का प्रमुख कारण बनी है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और उन्होंने 13 मैचों में केवल 270 रन बनाए। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट अब भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों और नए नेतृत्व विकल्पों पर ध्यान देना चाहता है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मुख्य कोच Gautam Gambhir से चर्चा के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि बीसीसीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारत ने टी20 विश्व कप 2026 जीता, लगातार कई द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कीं और एशिया कप में भी सफलता हासिल की। इसके बावजूद हालिया फॉर्म और भविष्य की रणनीति को देखते हुए चयनकर्ता बदलाव के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो नए कप्तान की दौड़ में Shreyas Iyer सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा Tilak Varma, Sanju Samson और कुछ अन्य युवा खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं।
फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें चयन समिति की आगामी घोषणा पर टिकी हैं। यदि ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए यह भारतीय टी20 टीम में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
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नई दिल्ली/एम्सटर्डम | 20 मार्च, 2026
हॉकी प्रेमियों के लिए साल 2026 का सबसे बड़ा रोमांच तय हो गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने आगामी विश्व कप के लिए जो ड्रॉ निकाला है, उसमें भारत और पाकिस्तान को पूल-D में रखा गया है। यह वर्ल्ड कप संयुक्त रूप से नीदरलैंड्स (Waverveen/Amstelveen) और बेल्जियम (Wavre) में आयोजित किया जाएगा।
पूल-D का समीकरण: ‘ग्रुप ऑफ डेथ’
भारत और पाकिस्तान के साथ इस ग्रुप में दो और मजबूत टीमें हैं, जिससे यह ग्रुप काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है:
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भारत (India)
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पाकिस्तान (Pakistan)
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स्पेन (Spain)
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चिली (Chile)
कब और कहाँ होगा मुकाबला?
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तारीख: शेड्यूल के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 17 अगस्त, 2026 को खेला जाएगा।
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वेन्यू: यह मैच नीदरलैंड्स के ऐतिहासिक वैगनर स्टेडियम (Wagener Stadium, Amstelveen) में आयोजित होगा।
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वर्ल्ड कप का समय: पूरा टूर्नामेंट 15 अगस्त से 30 अगस्त 2026 के बीच खेला जाएगा।
क्यों खास है यह भिड़ंत?
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वर्ल्ड कप का सूखा: भारत ने 1975 के बाद से विश्व कप नहीं जीता है, वहीं पाकिस्तान (4 बार का चैंपियन) लंबे समय से अपनी खोई हुई लय तलाश रहा है।
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एशियाई दबदबा: हाल ही में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और एशियाई खेलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान हमेशा कड़ी टक्कर देता है।
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क्वालिफिकेशन: पाकिस्तान ने कड़ी मशक्कत के बाद इस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है, जिससे उनके फैंस में भारी उत्साह है।
भारतीय टीम की तैयारी
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है। हाल ही में प्रो-लीग और यूरोपियन टूर पर भारतीय ड्रैग-फ्लिकर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कोच क्रेग फुल्टन ने कहा है कि, “पाकिस्तान के खिलाफ मैच हमेशा दबाव वाला होता है, लेकिन हमारा ध्यान अपनी रणनीतियों और फिटनेस पर है।”
टूर्नामेंट का फॉर्मेट
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कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4 पूल्स (A, B, C, D) में बांटा गया है।
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हर पूल की टॉप टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी।
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दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को ‘क्रॉस-ओवर’ मैच खेलने होंगे।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत, 61 रन से हराकर सुपर-8 में बनाई जगह
16 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 61 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह रनों के लिहाज से टूर्नामेंट इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत है। इस शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया और सुपर-8 राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया।
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से उस्मान खान ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाजी को धराशायी कर दिया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। भारत की पारी के हीरो रहे ईशान किशन, जिन्होंने सिर्फ 40 गेंदों में 77 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस इनिंग में 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी 32 रन का अहम योगदान दिया। पाकिस्तान के गेंदबाज सईम अयूब ने 3 विकेट लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत की जीत का सबसे बड़ा कारण संतुलित प्रदर्शन रहा—जहां बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने शुरू से दबाव बनाकर पाकिस्तान को वापसी का मौका नहीं दिया। इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की दावेदारी और मजबूत कर दी है, जबकि पाकिस्तान के लिए आगे का सफर मुश्किल हो गया है।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की दमदार जीत, नामीबिया 93 रन से पराजित—ईशान और पंड्या की अर्धशतकीय पारियां, चक्रवर्ती की घातक गेंदबाज़ी
13 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नामीबिया को 93 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह जीत रन अंतर के लिहाज से टूर्नामेंट इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत बन गई है। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी जीत 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन की थी। लगातार दो जीत के साथ टीम इंडिया ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। भारत ने अपना पहला मुकाबला अमेरिका के खिलाफ जीता था।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 209 रन बनाए। हालांकि पारी के आखिरी चरण में टीम लड़खड़ा गई और आखिरी 4 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए। भारत की ओर से ईशान किशन ने शानदार 61 रन की पारी खेली, जबकि हार्दिक पंड्या ने 52 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। नामीबिया के कप्तान जेरार्ड इरासमस ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके।
210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी और 18.2 ओवर में 116 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट झटके। नामीबिया के लिए लौरेन स्टीनकैंप ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। बल्लेबाज़ों की आक्रामकता और गेंदबाज़ों की सटीक रणनीति ने टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाया है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर टीम इसी लय में खेलती रही तो वह सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत दावेदार बन सकती है।
आईपीएल 2025 का रोमांच अभी-अभी खत्म हुआ ही है और अब जल्द ही भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का एक्शन शुरू होने जा रहा है. दोनों देशों के बीच 20 जून से 5 टेस्ट मैच की सीरीज शुरू हो रही है. इस सीरीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है क्योंकि पिछले एक दशक में पहली बार टीम इंडिया में रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज नहीं होंगे. ऐसे में ये सीरीज एक नये दौर की शुरुआत जैसी होगी. मगर इस सीरीज को और भी खास बनाने जा रहे हैं सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन, जो अब इस सीरीज की पहचान बन गए हैं.
तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के लिए टक्कर
20 जून से शुरू होने वाली इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है. बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज अब दोनों देशों के दो महान खिलाड़ियों के नाम पर होगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस टेस्ट सीरीज में विजेता को मिलने वाली ट्रॉफी को पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम पर रखने का फैसला किया है.जानकारी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में इस ट्रॉफी से पर्दा हट जाएगा, जिसे तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी कहा जाएगा.
लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर 20 जून से सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा और उस वक्त इस ट्रॉफी को पेश किया जा सकता है. हालांकि, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक इसका ऐलान नहीं किया है लेकिन अगले कुछ दिनों में वो इसे आधिकारिक कर देगा. उम्मीद की जा सकती है कि ट्रॉफी के अनावरण के दौरान तेंदुलकर और एंंडरसन मौजूद रहेंगे. साथ ही सीरीज जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी इन दोनों दिग्गजों के हाथों से दिए जाने की उम्मीद फैंस को रहेगी
BCCI भी बदलेगी ट्रॉफी का नाम?
हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है कि क्या इस ट्रॉफी को दोनों देशों में खेली जाने वाली सीरीज में ही इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं. इस दौरे से पहले तक दोनों टीम के बीच इंग्लैंड में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज को पदौदी ट्रॉफी के लिए खेला जाता था. इस ट्रॉफी की शुरुआत इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से की गई थी. हालांकि, ECB ने कुछ महीने पहले ही पटौदी परिवार को बता दिया था कि वो आगे इस ट्रॉफी को जारी नहीं रखेंगे. इसके बाद ही अब इसे नए दिग्गजों के नाम पर रखा जाएगा. दूसरी ओर भारत में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज की विजेता को एंथनी डिमेलो ट्रॉफी मिलती है. अब देखना ये है कि क्या ECB और BCCI मिलकर इस पूरी सीरीज को एक ही ट्रॉफी के नाम पर करते हैं या नहीं





