नई दिल्ली | 1 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी की सफलता के पीछे छिपी कड़ी मेहनत और समर्पण की कहानी पहली बार सामने आई है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर ने खुलासा किया है कि महज 15 वर्षीय वैभव ने क्रिकेट के लिए न सिर्फ अपनी छुट्टियां, बल्कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार तक छोड़ दिए। उनका कहना है कि यही जुनून आज वैभव को भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल करता है।
रोमी भिंडर ने बताया कि अंडर-19 विश्व कप समाप्त होने के बाद जब बाकी खिलाड़ी आराम करने और परिवार के साथ समय बिताने की योजना बना रहे थे, तब वैभव ने सीधे अभ्यास करने की इच्छा जताई। हरारे से मुंबई पहुंचते ही उन्होंने कहा, “I want to go to the pitch.” टीम प्रबंधन ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी, लेकिन वैभव केवल आधे घंटे अभ्यास करने की जिद पर अड़े रहे।
भिंडर के अनुसार, वैभव की सबसे बड़ी खासियत उनकी अनुशासनप्रियता है। उन्होंने बताया कि दिवाली जैसे त्योहार के दौरान भी जब अधिकांश खिलाड़ी छुट्टियां मना रहे थे, तब वैभव नेट्स पर अभ्यास कर रहे थे। कई बार उन्होंने शाम को भी अभ्यास जारी रखने के लिए मैदान की लाइटें चालू रखने का आग्रह किया। उनका पूरा ध्यान केवल अपने खेल को बेहतर बनाने पर रहता था।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पूरे सीजन में 776 रन बनाए, 72 छक्के लगाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनके आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया और उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बताया जाने लगा।
हालांकि, हाल ही में आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। इसके बावजूद क्रिकेट जगत का मानना है कि उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू अब सिर्फ समय की बात है।
रोमी भिंडर ने कहा कि महान खिलाड़ी केवल प्रतिभा के दम पर नहीं बनते, बल्कि उनकी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और अनुशासन होता है। वैभव सूर्यवंशी इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि वैभव इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।

इतिहास के पन्नों में हरमनप्रीत कौर: 200 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं; सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया
दिनांक: 23 जून, 2026
खेल डेस्क, साउथेम्प्टन (इंग्लैंड):
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरते ही हरमनप्रीत कौर 200 टी-20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर (महिला या पुरुष दोनों में) बन गईं।
इतना ही नहीं, इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ-साथ उन्होंने सबसे ज्यादा मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने का गौरव भी हासिल कर लिया है, जो उनकी कप्तानी कौशल और टीम के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रमाण है।
हरमनप्रीत: 200 मैचों का सफर और एक महाकीर्तिमान
साल 2009 में अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली हरमनप्रीत कौर ने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और जुझारूपन से महिला क्रिकेट को नए मुकाम पर पहुँचाया है।
रिकॉर्ड्स की झड़ी:
200 T20I मैच: उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ साउथेम्प्टन में खेले गए इस वर्ल्ड कप मुकाबले में अपना 200वां मैच पूरा किया, जो एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी: वे भारत के लिए सबसे अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरा खेल जगत और देश उन्हें बधाई दे रहा है। हालांकि, भारतीय फैंस के लिए यह दिन थोड़ा फीका रहा, क्योंकि भारत को इस ऐतिहासिक मैच में हार का सामना करना पड़ा।
मैच की कहानी: भारत की हार, दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक ‘हाईएस्ट रनचेज’
साउथेम्प्टन के रोज़ बाउल स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप-2 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा की उपयोगी पारियों की मदद से निर्धारित 20 ओवरों में 157/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।
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दक्षिण अफ्रीका की ऐतिहासिक जीत: लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम ने धमाकेदार शुरुआत की। उन्होंने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना सबसे बड़ा और सफल रनचेज (Highest Run Chase) हासिल करते हुए, एक ओवर शेष रहते 158/4 का स्कोर बना लिया।
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सेमीफाइनल का समीकरण: इस शानदार जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। वहीं, भारत को अपनी पिछली दो लगातार हार (न्यूजीलैंड और अब दक्षिण अफ्रीका) के बाद अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए गणितीय गणनाओं पर निर्भर रहना होगा।
हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “200वां मैच खेलना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है, लेकिन मैं व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ऊपर टीम की जीत को रखती हूँ। आज हम अच्छा नहीं खेल सके, लेकिन हमें गलतियों से सीखना होगा।”

IND A vs AFG A: वैभव की तूफानी शुरुआत के बाद प्रियांश ने संभाली पारी
दंबुला, श्रीलंका | 17 जून 2026
त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 के महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत ए को उस समय बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 36 रन बनाकर आउट हो गए। अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके।
मैच की शुरुआत में भारत ए के बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया। शुरुआती ओवरों में पिच से गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट लगाकर टीम को मजबूती देने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन चौके लगाए और आत्मविश्वास से बल्लेबाजी करते नजर आए।
हालांकि, जब ऐसा लग रहा था कि सूर्यवंशी अर्धशतक की ओर बढ़ रहे हैं, तभी अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। 36 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिरने से भारत ए के ड्रेसिंग रूम में निराशा देखने को मिली। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की शुरुआत उन्हें मिली थी, उसे देखते हुए वे टीम के लिए कहीं बड़ा योगदान दे सकते थे।
यह मुकाबला भारत ए के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। त्रिकोणीय सीरीज में फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को जीत की आवश्यकता है। ऐसे में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से बड़ी साझेदारी और लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की उम्मीद थी। सूर्यवंशी के जल्दी आउट होने के बाद अब जिम्मेदारी मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर आ गई है कि वे टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाएं।
हाल के महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर काफी सुर्खियां बटोरी हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और बड़े शॉट खेलने की क्षमता के कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। यही कारण है कि इस मैच में भी प्रशंसकों की नजरें उन पर टिकी हुई थीं।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। टीम के गेंदबाजों ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए भारत ए को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। सूर्यवंशी का विकेट भी इसी दबाव का परिणाम माना जा रहा है।
मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने सूर्यवंशी की पारी का स्वागत किया, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय समर्थकों में मायूसी छा गई। सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट प्रशंसकों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए।
अब सबकी नजरें भारत ए के बाकी बल्लेबाजों पर हैं, जो टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की कोशिश करेंगे। यदि मध्यक्रम जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करता है तो भारत ए अभी भी मुकाबले में वापसी कर सकता है।
प्रमुख बिंदु
🔹 वैभव सूर्यवंशी 36 रन बनाकर आउट हुए।
🔹 भारत ए को शुरुआती झटका लगा।
🔹 अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने बनाया दबाव।
🔹 फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत ए के लिए जीत अहम।
🔹 मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर बढ़ी जिम्मेदारी।

दावा: सूर्यकुमार यादव से छिन सकती है टी20 कप्तानी, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर टीम में जगह भी खतरे में
मुंबई। 3 जून, 2026
भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टी20 विश्व कप 2026 में भारत को खिताब दिलाने वाले कप्तान Suryakumar Yadav की टी20 कप्तानी पर खतरा मंडरा रहा है। चयन समिति, बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट कथित तौर पर आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले नए कप्तान पर विचार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की हालिया बल्लेबाजी फॉर्म चयनकर्ताओं की चिंता का प्रमुख कारण बनी है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और उन्होंने 13 मैचों में केवल 270 रन बनाए। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट अब भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों और नए नेतृत्व विकल्पों पर ध्यान देना चाहता है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मुख्य कोच Gautam Gambhir से चर्चा के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि बीसीसीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारत ने टी20 विश्व कप 2026 जीता, लगातार कई द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कीं और एशिया कप में भी सफलता हासिल की। इसके बावजूद हालिया फॉर्म और भविष्य की रणनीति को देखते हुए चयनकर्ता बदलाव के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो नए कप्तान की दौड़ में Shreyas Iyer सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा Tilak Varma, Sanju Samson और कुछ अन्य युवा खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं।
फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें चयन समिति की आगामी घोषणा पर टिकी हैं। यदि ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए यह भारतीय टी20 टीम में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
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नई दिल्ली/एम्सटर्डम | 20 मार्च, 2026
हॉकी प्रेमियों के लिए साल 2026 का सबसे बड़ा रोमांच तय हो गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने आगामी विश्व कप के लिए जो ड्रॉ निकाला है, उसमें भारत और पाकिस्तान को पूल-D में रखा गया है। यह वर्ल्ड कप संयुक्त रूप से नीदरलैंड्स (Waverveen/Amstelveen) और बेल्जियम (Wavre) में आयोजित किया जाएगा।
पूल-D का समीकरण: ‘ग्रुप ऑफ डेथ’
भारत और पाकिस्तान के साथ इस ग्रुप में दो और मजबूत टीमें हैं, जिससे यह ग्रुप काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है:
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भारत (India)
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पाकिस्तान (Pakistan)
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स्पेन (Spain)
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चिली (Chile)
कब और कहाँ होगा मुकाबला?
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तारीख: शेड्यूल के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 17 अगस्त, 2026 को खेला जाएगा।
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वेन्यू: यह मैच नीदरलैंड्स के ऐतिहासिक वैगनर स्टेडियम (Wagener Stadium, Amstelveen) में आयोजित होगा।
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वर्ल्ड कप का समय: पूरा टूर्नामेंट 15 अगस्त से 30 अगस्त 2026 के बीच खेला जाएगा।
क्यों खास है यह भिड़ंत?
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वर्ल्ड कप का सूखा: भारत ने 1975 के बाद से विश्व कप नहीं जीता है, वहीं पाकिस्तान (4 बार का चैंपियन) लंबे समय से अपनी खोई हुई लय तलाश रहा है।
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एशियाई दबदबा: हाल ही में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और एशियाई खेलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान हमेशा कड़ी टक्कर देता है।
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क्वालिफिकेशन: पाकिस्तान ने कड़ी मशक्कत के बाद इस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है, जिससे उनके फैंस में भारी उत्साह है।
भारतीय टीम की तैयारी
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है। हाल ही में प्रो-लीग और यूरोपियन टूर पर भारतीय ड्रैग-फ्लिकर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कोच क्रेग फुल्टन ने कहा है कि, “पाकिस्तान के खिलाफ मैच हमेशा दबाव वाला होता है, लेकिन हमारा ध्यान अपनी रणनीतियों और फिटनेस पर है।”
टूर्नामेंट का फॉर्मेट
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कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4 पूल्स (A, B, C, D) में बांटा गया है।
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हर पूल की टॉप टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी।
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दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को ‘क्रॉस-ओवर’ मैच खेलने होंगे।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत, 61 रन से हराकर सुपर-8 में बनाई जगह
16 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 61 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह रनों के लिहाज से टूर्नामेंट इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत है। इस शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया और सुपर-8 राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया।
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से उस्मान खान ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाजी को धराशायी कर दिया।
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। भारत की पारी के हीरो रहे ईशान किशन, जिन्होंने सिर्फ 40 गेंदों में 77 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस इनिंग में 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी 32 रन का अहम योगदान दिया। पाकिस्तान के गेंदबाज सईम अयूब ने 3 विकेट लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत की जीत का सबसे बड़ा कारण संतुलित प्रदर्शन रहा—जहां बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने शुरू से दबाव बनाकर पाकिस्तान को वापसी का मौका नहीं दिया। इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की दावेदारी और मजबूत कर दी है, जबकि पाकिस्तान के लिए आगे का सफर मुश्किल हो गया है।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की दमदार जीत, नामीबिया 93 रन से पराजित—ईशान और पंड्या की अर्धशतकीय पारियां, चक्रवर्ती की घातक गेंदबाज़ी
13 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नामीबिया को 93 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह जीत रन अंतर के लिहाज से टूर्नामेंट इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत बन गई है। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी जीत 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन की थी। लगातार दो जीत के साथ टीम इंडिया ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। भारत ने अपना पहला मुकाबला अमेरिका के खिलाफ जीता था।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 209 रन बनाए। हालांकि पारी के आखिरी चरण में टीम लड़खड़ा गई और आखिरी 4 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए। भारत की ओर से ईशान किशन ने शानदार 61 रन की पारी खेली, जबकि हार्दिक पंड्या ने 52 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। नामीबिया के कप्तान जेरार्ड इरासमस ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके।
210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी और 18.2 ओवर में 116 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट झटके। नामीबिया के लिए लौरेन स्टीनकैंप ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। बल्लेबाज़ों की आक्रामकता और गेंदबाज़ों की सटीक रणनीति ने टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाया है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर टीम इसी लय में खेलती रही तो वह सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत दावेदार बन सकती है।
आईपीएल 2025 का रोमांच अभी-अभी खत्म हुआ ही है और अब जल्द ही भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का एक्शन शुरू होने जा रहा है. दोनों देशों के बीच 20 जून से 5 टेस्ट मैच की सीरीज शुरू हो रही है. इस सीरीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है क्योंकि पिछले एक दशक में पहली बार टीम इंडिया में रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज नहीं होंगे. ऐसे में ये सीरीज एक नये दौर की शुरुआत जैसी होगी. मगर इस सीरीज को और भी खास बनाने जा रहे हैं सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन, जो अब इस सीरीज की पहचान बन गए हैं.
तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के लिए टक्कर
20 जून से शुरू होने वाली इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है. बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज अब दोनों देशों के दो महान खिलाड़ियों के नाम पर होगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस टेस्ट सीरीज में विजेता को मिलने वाली ट्रॉफी को पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम पर रखने का फैसला किया है.जानकारी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में इस ट्रॉफी से पर्दा हट जाएगा, जिसे तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी कहा जाएगा.
लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर 20 जून से सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा और उस वक्त इस ट्रॉफी को पेश किया जा सकता है. हालांकि, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक इसका ऐलान नहीं किया है लेकिन अगले कुछ दिनों में वो इसे आधिकारिक कर देगा. उम्मीद की जा सकती है कि ट्रॉफी के अनावरण के दौरान तेंदुलकर और एंंडरसन मौजूद रहेंगे. साथ ही सीरीज जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी इन दोनों दिग्गजों के हाथों से दिए जाने की उम्मीद फैंस को रहेगी
BCCI भी बदलेगी ट्रॉफी का नाम?
हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है कि क्या इस ट्रॉफी को दोनों देशों में खेली जाने वाली सीरीज में ही इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं. इस दौरे से पहले तक दोनों टीम के बीच इंग्लैंड में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज को पदौदी ट्रॉफी के लिए खेला जाता था. इस ट्रॉफी की शुरुआत इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से की गई थी. हालांकि, ECB ने कुछ महीने पहले ही पटौदी परिवार को बता दिया था कि वो आगे इस ट्रॉफी को जारी नहीं रखेंगे. इसके बाद ही अब इसे नए दिग्गजों के नाम पर रखा जाएगा. दूसरी ओर भारत में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज की विजेता को एंथनी डिमेलो ट्रॉफी मिलती है. अब देखना ये है कि क्या ECB और BCCI मिलकर इस पूरी सीरीज को एक ही ट्रॉफी के नाम पर करते हैं या नहीं





