भोपाल | 21 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेकपर्ल कॉलोनी में दतिया में पदस्थ 45 वर्षीय RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। घटना उनके परिचित पवन द्विवेदी के मकान में हुई। पुलिस को मौके से महिला का शव और खून से सना हुआ हथौड़ा मिला है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मीनाक्षी गोखले और पवन द्विवेदी के बीच शादी को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार पवन द्विवेदी मीनाक्षी से शादी करना चाहता था, जबकि वह इसके लिए तैयार नहीं थीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की आशंका जताई जा रही है।
लेकपर्ल कॉलोनी में मिला महिला का शव
घटना भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेकपर्ल कॉलोनी की है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची तो मकान में मीनाक्षी गोखले का शव मिला।
पुलिस की शुरुआती जांच में उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। शव के पास ही एक हथौड़ा भी बरामद हुआ, जिस पर खून लगा हुआ था। इसी कारण पुलिस को आशंका है कि हथौड़े से हमला कर उनकी हत्या की गई।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच में फोरेंसिक टीम की मदद भी ली जा रही है।
शादी को लेकर विवाद की बात सामने आई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पवन द्विवेदी मीनाक्षी गोखले से शादी करना चाहता था। वहीं, मीनाक्षी शादी के लिए तैयार नहीं थीं।
पुलिस को आशंका है कि रविवार देर रात इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच बहस हुई होगी। विवाद बढ़ने के बाद मीनाक्षी पर हमला किए जाने की आशंका है।
हालांकि, घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है। इसलिए शुरुआती जानकारी को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा रहा है।
हत्या के बाद आरोपी ने भी उठाया खौफनाक कदम
पुलिस के मुताबिक मीनाक्षी की हत्या के बाद पवन द्विवेदी ने भी आत्महत्या कर ली। उसका शव मकान से करीब 20 मीटर की दूरी पर एक पेड़ से लटका मिला।
इस घटनाक्रम ने पुलिस के सामने मामले की जांच को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।
पुलिस को आरोपी की तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक बैंक पासबुक भी मिली है। पुलिस ने बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया है।
पुलिस जुटा रही घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से मिले हथौड़े समेत अन्य वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय मकान में कौन-कौन मौजूद था, दोनों के बीच आखिरी बार कब संपर्क हुआ था और वारदात से पहले किसी तरह का विवाद या बातचीत हुई थी या नहीं।
पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
दतिया में पदस्थ थीं मीनाक्षी गोखले
मृतका मीनाक्षी गोखले परिवहन विभाग में RTO इंस्पेक्टर के पद पर दतिया में पदस्थ थीं। भोपाल में हुई इस घटना की जानकारी मिलने के बाद विभाग और उनके परिचितों में भी शोक का माहौल है।
घटना ने एक बार फिर निजी रिश्तों में बढ़ते विवाद के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। हालांकि इस मामले में हत्या के कारण और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार शादी को लेकर विवाद इस घटना की संभावित वजह हो सकता है। हालांकि, अंतिम कारण और वारदात की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

इंदौर में बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण, 47 निर्माण ध्वस्त
इंदौर, मध्य प्रदेश | 9 सितंबर 2026
सरकारी जमीन पर लंबे समय से था अतिक्रमण
इंदौर में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई। करीब 43 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए प्रशासन ने 45 दुकान-गोडाउन और 2 मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम का अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
सरकारी जमीन पर लंबे समय से बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए यह कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
45 दुकान-गोडाउन और 2 मकानों पर चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान सरकारी भूमि पर बने व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जमीन पर 45 दुकान एवं गोडाउन बनाए गए थे। इसके अलावा यहां 2 मकान भी मौजूद थे।
प्रशासन की टीम ने जेसीबी और अन्य मशीनरी की मदद से इन निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
करोड़ों की सरकारी जमीन को कराया गया कब्जामुक्त
इस कार्रवाई में जिस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, उसकी अनुमानित कीमत करीब 43 करोड़ रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी कीमत की सरकारी जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण होने के कारण प्रशासन की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर प्रशासन पहले भी कार्रवाई करता रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका संरक्षण करना है।
प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों की मौजूदगी में एक-एक कर अवैध निर्माण हटाए गए।
दुकान और गोडाउन हटाए जाने के कारण वहां कारोबार करने वाले लोगों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया गया।
सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ अभियान
इंदौर में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है और उस पर किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
कार्रवाई से पहले की गई थी प्रक्रिया
सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के मामलों में प्रशासन द्वारा संबंधित रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति की जांच की जाती है। इसके बाद अतिक्रमण की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
इंदौर की इस कार्रवाई में भी सरकारी भूमि की कीमत और उस पर किए गए निर्माणों का आकलन किया गया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।
प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को लेकर अपनाया सख्त रुख
43 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है।
अतिक्रमण हटाने के बाद अब प्रशासन की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होगी कि मुक्त कराई गई जमीन पर दोबारा कब्जा न हो। इसके लिए जमीन की निगरानी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
बड़ी कार्रवाई से सामने आया सरकारी जमीन की सुरक्षा का मुद्दा
इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सरकारी जमीन की कीमत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता है। करोड़ों रुपये की जमीन पर दुकान, गोडाउन और मकान बन जाने से सरकारी संपत्ति का उपयोग प्रभावित होता है।
इसी वजह से समय-समय पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। 43 करोड़ रुपये की जमीन से अतिक्रमण हटाने की ताजा कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन की नजर अन्य सरकारी जमीनों पर भी हो सकती है। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे या निर्माण पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
45 दुकान-गोडाउन और 2 मकानों को हटाए जाने के बाद अब करीब 43 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन अतिक्रमण से मुक्त हो गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

शहडोल में बाणसागर बांध के गेट खोले गए, तेजी से बढ़ा जलस्तर; निचले इलाकों में अलर्ट
शहडोल, मध्य प्रदेश | 31 अगस्त 2026।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश के बीच शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक अचानक तेजी से बढ़ गई। बांध में बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव को देखते हुए रविवार दोपहर 6 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके बाद प्रशासन ने बांध के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश के कारण शहडोल के साथ-साथ रीवा, सीधी, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी और आसपास के जिलों में भी नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में जलाशयों और नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
बाणसागर बांध में तेजी से बढ़ी पानी की आवक
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर बाणसागर बांध पर दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक बांध में पानी की आवक पहले 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड थी, जो महज 12 घंटे के भीतर बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड हो गई।
पानी की आवक में इस अचानक बढ़ोतरी के बाद बांध प्रबंधन को जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलने का फैसला लेना पड़ा। रविवार दोपहर करीब 12 बजे बांध के 6 गेट खोले गए।
पिछले साल से 13 सेंटीमीटर ज्यादा जलस्तर
बाणसागर बांध का जलस्तर इस साल पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 13 सेंटीमीटर अधिक बताया गया है। लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से आ रहे पानी के कारण बांध में जलभराव तेजी से बढ़ा।
बांध के गेट खोले जाने के बाद नीचे की ओर बहने वाले पानी को लेकर प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को नदी और जलाशय के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
निचले इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता
बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय अमले को अलर्ट रखा गया है।
लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं और बढ़े हुए पानी को पार करने की कोशिश न करें। विशेष रूप से निचले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को पानी के बढ़ते स्तर पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
इससे पहले भी 24 अगस्त को बांध के तीन गेट खोले गए थे। उस समय जलस्तर 340.64 मीटर और पानी की आवक 2076 क्यूमेक्स दर्ज की गई थी। तब तीन गेटों से करीब 304 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई थी।
पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
बाणसागर बांध में पानी बढ़ने के पीछे पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय बारिश का सिस्टम प्रमुख कारण है। मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन इलाकों में बारिश जारी रहने से नदियों और नालों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ शहडोल ही नहीं, कई जिलों में बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगस्त के आखिरी दिनों में बारिश ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया। वहीं तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी प्रभावित हुआ।
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जायजा लिया और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी किया गया।
सितंबर की शुरुआत में भी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बारिश का दौर अगस्त के साथ खत्म होने वाला नहीं है। सितंबर के शुरुआती दिनों में भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहले से ही जलभराव और बाढ़ का सामना कर रहे क्षेत्रों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
बांधों में तेजी से बढ़ रहा जलभराव
लगातार बारिश के चलते मध्य प्रदेश के कई बांधों और जलाशयों में पानी तेजी से बढ़ा है। राज्य के अधिकांश प्रमुख जलाशयों में जलभराव 70 प्रतिशत से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई है और कई बांधों के गेट खोले जा चुके हैं।
राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब भी पूर्ण जलभराव स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा
बाणसागर बांध के गेट खुलने के बाद प्रशासन का मुख्य फोकस निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। अधिकारियों की ओर से लोगों को नदी, बांध और तेज बहाव वाले जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की गई है। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर
बाणसागर बांध सोन नदी पर स्थित है और यहां से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि बांध के गेट खोलने के साथ-साथ नदी के निचले क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों की नजर बांध में पानी की आवक, जलस्तर और गेटों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर बनी हुई है।
बाणसागर बांध क्यों है महत्वपूर्ण?
बाणसागर बांध मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के देवलोंद क्षेत्र में सोन नदी पर बना एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय बांध है। यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए भी सिंचाई और जल संसाधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
बारिश के मौसम में बांध का जलस्तर लगातार निगरानी में रखा जाता है। जब पानी निर्धारित स्तर तक पहुंचने लगता है या आवक तेजी से बढ़ती है, तो जल प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से गेट खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल शहडोल और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बाणसागर बांध में पानी की आवक बढ़ने के कारण गेट खोले गए हैं और निचले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में बांध और नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
निष्कर्ष
शहडोल में लगातार बारिश के कारण बाणसागर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी, जिसके बाद रविवार को 6 गेट खोले गए। पानी की आवक 808.64 से बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गई और जलस्तर पिछले साल की तुलना में करीब 13 सेंटीमीटर अधिक बताया गया।
गेट खुलने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के कारण आने वाले दिनों में भी बाढ़ और जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

PM मोदी की लाल किले से घोषणा के बाद MP में बड़ा एक्शन, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और फ्री ऑनलाइन कोचिंग
भोपाल | 19 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली के लाल किले से युवाओं, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खेलों को लेकर कई बड़े संकल्पों की घोषणा की थी। अब इन घोषणाओं को मध्य प्रदेश में जमीन पर उतारने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने अगले पांच वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट लागू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही अगले वर्ष एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य तय किया गया है।
1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को AI की ट्रेनिंग
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक मध्य प्रदेश में युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार अगले साल एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग देने की योजना पर काम करेगी।
इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है। AI को आने वाले समय की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है और इसी वजह से राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर AI स्किलिंग का लक्ष्य रखा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इस कदम से खास तौर पर उन विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञान और तकनीक पर 492 करोड़ रुपये से ज्यादा का फोकस
मध्य प्रदेश सरकार अगले पांच सालों में विज्ञान और तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 492 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।
PWD मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विज्ञान और तकनीक को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि इस निवेश से राज्य में विज्ञान और तकनीक का परिदृश्य बदलने में मदद मिलेगी।
गांव-गांव और स्कूल-स्कूल होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश
कैबिनेट ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल अभियान चलाने का फैसला भी किया है।
इस अभियान के दौरान प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा और उन्हें बेहतर खिलाड़ी तथा एथलीट बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शुरुआती स्तर पर ही खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
डिंडोरी के मॉडल को दूसरे जिलों में लागू करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में डिंडोरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि डिंडोरी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिला प्रशासन को बधाई दी। साथ ही डिंडोरी के सफल मॉडल को मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों में भी अपनाने की बात कही गई, ताकि वहां भी योजना का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।
PM मोदी की घोषणा से MP के फैसलों तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने, विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और विज्ञान-तकनीक पर विशेष जोर देने जैसे मुद्दों पर घोषणाएं की थीं।
इसके कुछ ही दिनों बाद मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इन क्षेत्रों से जुड़े फैसलों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस तरह AI स्किलिंग, ऑनलाइन शिक्षा, खेल प्रतिभा खोज और विज्ञान-तकनीक में निवेश को राज्य की आगामी योजनाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
यानी 15 अगस्त को लाल किले से हुआ ऐलान और 19 अगस्त को भोपाल में कैबिनेट का एक्शन—मध्य प्रदेश में युवाओं और टेक्नोलॉजी पर सरकार के नए फोकस की तस्वीर साफ दिखाई देती है।




