शहडोल, मध्य प्रदेश | 31 अगस्त 2026।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश के बीच शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक अचानक तेजी से बढ़ गई। बांध में बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव को देखते हुए रविवार दोपहर 6 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके बाद प्रशासन ने बांध के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश के कारण शहडोल के साथ-साथ रीवा, सीधी, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी और आसपास के जिलों में भी नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में जलाशयों और नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
बाणसागर बांध में तेजी से बढ़ी पानी की आवक
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर बाणसागर बांध पर दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक बांध में पानी की आवक पहले 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड थी, जो महज 12 घंटे के भीतर बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड हो गई।
पानी की आवक में इस अचानक बढ़ोतरी के बाद बांध प्रबंधन को जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलने का फैसला लेना पड़ा। रविवार दोपहर करीब 12 बजे बांध के 6 गेट खोले गए।
पिछले साल से 13 सेंटीमीटर ज्यादा जलस्तर
बाणसागर बांध का जलस्तर इस साल पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 13 सेंटीमीटर अधिक बताया गया है। लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से आ रहे पानी के कारण बांध में जलभराव तेजी से बढ़ा।
बांध के गेट खोले जाने के बाद नीचे की ओर बहने वाले पानी को लेकर प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को नदी और जलाशय के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
निचले इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता
बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय अमले को अलर्ट रखा गया है।
लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं और बढ़े हुए पानी को पार करने की कोशिश न करें। विशेष रूप से निचले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को पानी के बढ़ते स्तर पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
इससे पहले भी 24 अगस्त को बांध के तीन गेट खोले गए थे। उस समय जलस्तर 340.64 मीटर और पानी की आवक 2076 क्यूमेक्स दर्ज की गई थी। तब तीन गेटों से करीब 304 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई थी।
पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
बाणसागर बांध में पानी बढ़ने के पीछे पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय बारिश का सिस्टम प्रमुख कारण है। मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन इलाकों में बारिश जारी रहने से नदियों और नालों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ शहडोल ही नहीं, कई जिलों में बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगस्त के आखिरी दिनों में बारिश ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया। वहीं तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी प्रभावित हुआ।
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जायजा लिया और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी किया गया।
सितंबर की शुरुआत में भी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बारिश का दौर अगस्त के साथ खत्म होने वाला नहीं है। सितंबर के शुरुआती दिनों में भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहले से ही जलभराव और बाढ़ का सामना कर रहे क्षेत्रों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
बांधों में तेजी से बढ़ रहा जलभराव
लगातार बारिश के चलते मध्य प्रदेश के कई बांधों और जलाशयों में पानी तेजी से बढ़ा है। राज्य के अधिकांश प्रमुख जलाशयों में जलभराव 70 प्रतिशत से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई है और कई बांधों के गेट खोले जा चुके हैं।
राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब भी पूर्ण जलभराव स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा
बाणसागर बांध के गेट खुलने के बाद प्रशासन का मुख्य फोकस निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। अधिकारियों की ओर से लोगों को नदी, बांध और तेज बहाव वाले जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की गई है। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर
बाणसागर बांध सोन नदी पर स्थित है और यहां से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि बांध के गेट खोलने के साथ-साथ नदी के निचले क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों की नजर बांध में पानी की आवक, जलस्तर और गेटों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर बनी हुई है।
बाणसागर बांध क्यों है महत्वपूर्ण?
बाणसागर बांध मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के देवलोंद क्षेत्र में सोन नदी पर बना एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय बांध है। यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए भी सिंचाई और जल संसाधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
बारिश के मौसम में बांध का जलस्तर लगातार निगरानी में रखा जाता है। जब पानी निर्धारित स्तर तक पहुंचने लगता है या आवक तेजी से बढ़ती है, तो जल प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से गेट खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल शहडोल और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बाणसागर बांध में पानी की आवक बढ़ने के कारण गेट खोले गए हैं और निचले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में बांध और नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
निष्कर्ष
शहडोल में लगातार बारिश के कारण बाणसागर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी, जिसके बाद रविवार को 6 गेट खोले गए। पानी की आवक 808.64 से बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गई और जलस्तर पिछले साल की तुलना में करीब 13 सेंटीमीटर अधिक बताया गया।
गेट खुलने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के कारण आने वाले दिनों में भी बाढ़ और जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

PM मोदी की लाल किले से घोषणा के बाद MP में बड़ा एक्शन, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और फ्री ऑनलाइन कोचिंग
भोपाल | 19 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली के लाल किले से युवाओं, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खेलों को लेकर कई बड़े संकल्पों की घोषणा की थी। अब इन घोषणाओं को मध्य प्रदेश में जमीन पर उतारने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने अगले पांच वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट लागू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही अगले वर्ष एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य तय किया गया है।
1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को AI की ट्रेनिंग
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक मध्य प्रदेश में युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार अगले साल एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग देने की योजना पर काम करेगी।
इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है। AI को आने वाले समय की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है और इसी वजह से राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर AI स्किलिंग का लक्ष्य रखा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इस कदम से खास तौर पर उन विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञान और तकनीक पर 492 करोड़ रुपये से ज्यादा का फोकस
मध्य प्रदेश सरकार अगले पांच सालों में विज्ञान और तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 492 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।
PWD मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विज्ञान और तकनीक को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि इस निवेश से राज्य में विज्ञान और तकनीक का परिदृश्य बदलने में मदद मिलेगी।
गांव-गांव और स्कूल-स्कूल होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश
कैबिनेट ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल अभियान चलाने का फैसला भी किया है।
इस अभियान के दौरान प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा और उन्हें बेहतर खिलाड़ी तथा एथलीट बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शुरुआती स्तर पर ही खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
डिंडोरी के मॉडल को दूसरे जिलों में लागू करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में डिंडोरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि डिंडोरी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिला प्रशासन को बधाई दी। साथ ही डिंडोरी के सफल मॉडल को मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों में भी अपनाने की बात कही गई, ताकि वहां भी योजना का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।
PM मोदी की घोषणा से MP के फैसलों तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने, विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और विज्ञान-तकनीक पर विशेष जोर देने जैसे मुद्दों पर घोषणाएं की थीं।
इसके कुछ ही दिनों बाद मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इन क्षेत्रों से जुड़े फैसलों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस तरह AI स्किलिंग, ऑनलाइन शिक्षा, खेल प्रतिभा खोज और विज्ञान-तकनीक में निवेश को राज्य की आगामी योजनाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
यानी 15 अगस्त को लाल किले से हुआ ऐलान और 19 अगस्त को भोपाल में कैबिनेट का एक्शन—मध्य प्रदेश में युवाओं और टेक्नोलॉजी पर सरकार के नए फोकस की तस्वीर साफ दिखाई देती है।




