मध्य प्रदेश

आगर मालवा में सड़क हादसे का चौंकाने वाला राज, 5 लाख में हत्या की साजिश का आरोप

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आगर मालवा, मध्य प्रदेश | 2 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में एक सड़क हादसे ने पुलिस के सामने ऐसा मामला खोल दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 23 अगस्त को बाइक से जा रहे एक युवक को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। पहली नजर में यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी लग रही थी, लेकिन घायल युवक ने पुलिस के सामने दावा किया कि यह महज हादसा नहीं था। उसे शक था कि ट्रक से उसे जानबूझकर टक्कर मारी गई है। युवक के इस शक के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ी तो कथित तौर पर पुरानी रंजिश, 5 लाख रुपये का सौदा और हत्या की साजिश की कहानी सामने आई।

23 अगस्त को बाइक सवार युवक को मारी गई थी टक्कर

मामला आगर मालवा जिले के सुसनेर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को 23 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि बड़िया जोड़ पेट्रोल पंप के सामने बाइक सवार विक्रम सिंह, निवासी ग्राम खजुरी, को एक अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी है।

टक्कर के बाद विक्रम घायल हो गया। हालांकि, घटना के बाद उसके मन में यह सवाल बना रहा कि आखिर ट्रक ने उसे टक्कर कैसे मारी। विक्रम ने पुलिस के सामने आशंका जताई कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि उसे जान से मारने की कोशिश हो सकती है।

घायल युवक के शक ने बदला जांच का रुख

आमतौर पर सड़क हादसे के मामलों में पुलिस दुर्घटना के कारणों और वाहन की पहचान की जांच करती है। लेकिन इस मामले में घायल युवक के बयान ने पुलिस को दूसरे एंगल से जांच करने के लिए मजबूर किया।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही ट्रक की आवाजाही और उससे जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस एक ट्रक तक पहुंची और उसके चालक को हिरासत में लिया गया।

ट्रक चालक से पूछताछ में सामने आई अहम कड़ी

पुलिस ने 25 वर्षीय शंकर यादव निवासी अहिरबर्डिया को गिरफ्तार किया। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि पूछताछ में शंकर ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की और बताया कि इस काम के लिए उसे पैसों का लालच दिया गया था।

इसके बाद पुलिस ने ट्रक मालिक 22 वर्षीय विजय यादव निवासी रतनखेड़ी को भी गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा और बढ़ा और पुलिस कथित तौर पर पुरानी रंजिश तक पहुंची।

पुरानी रंजिश से जुड़ा सामने आया हत्या की साजिश का एंगल

पुलिस के मुताबिक, जांच में 32 वर्षीय अर्जुन निवासी ग्राम खजुरी का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि अर्जुन और विक्रम सिंह के बीच पुरानी रंजिश थी और इसी वजह से विक्रम को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।

आरोप है कि अर्जुन ने इसके लिए 29 वर्षीय तुलसीराम यादव निवासी बापचा से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच विक्रम को सड़क हादसे का रूप देकर मारने के लिए 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कथित प्लानिंग

पुलिस की जांच के अनुसार, कथित साजिश का उद्देश्य घटना को इस तरह अंजाम देना था कि बाद में इसे सामान्य सड़क दुर्घटना माना जाए।

पुलिस का कहना है कि तुलसीराम ने कथित तौर पर इस योजना में अन्य लोगों को शामिल किया। इसी क्रम में ट्रक चालक शंकर यादव और ट्रक मालिक विजय यादव की भूमिका सामने आई। इसके बाद मौका देखकर विक्रम की बाइक को ट्रक से टक्कर मारने की कोशिश की गई।

हालांकि, विक्रम इस घटना में बच गया और उसके बयान ने पूरे मामले की जांच की दिशा बदल दी।

शंकर और विजय से पूछताछ के बाद तीन और नाम सामने आए

पुलिस के मुताबिक, शंकर यादव और विजय यादव से पूछताछ के बाद तुलसीराम, राहुल और अर्जुन की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों की तलाश शुरू की।

पुलिस टीम ने 1 सितंबर 2026 को तुलसीराम, राहुल और अर्जुन को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।

पांच आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

इस मामले में पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें शंकर, विजय, तुलसीराम, राहुल और अर्जुन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, मामले में शुरुआती FIR सुसनेर थाने में दर्ज की गई थी। जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक और उससे जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई। इसके बाद पूछताछ में कथित तौर पर 5 लाख रुपये के सौदे और पुरानी रंजिश का एंगल सामने आया।

सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया

एक घायल युवक के शक से खुली कथित साजिश

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि घटना को शुरुआत में सामान्य सड़क हादसा माना जा सकता था। लेकिन घायल विक्रम सिंह ने पुलिस के सामने यह आशंका जताई कि ट्रक की टक्कर जानबूझकर मारी गई है।

इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। पुलिस की जांच के मुताबिक, इसी जांच के दौरान कथित तौर पर पुरानी दुश्मनी और 5 लाख रुपये के सौदे से जुड़ी साजिश का खुलासा हुआ।

फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस की कार्रवाई के बाद न्यायिक अभिरक्षा में हैं। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया में पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।


19 मासूमों की मौत ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल? बालाघाट में टीकाकरण और पोषण पर बड़े सवाल

बालाघाट, मध्य प्रदेश, 21 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की मौतों ने राज्य की स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। शुरुआती स्तर पर इन मौतों को कुपोषण से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों की जांच में मलेरिया और मीजल्स यानी खसरा संक्रमण को मौतों की प्रमुख वजह बताया गया है। इसके बाद अब सवाल सिर्फ बीमारी का नहीं, बल्कि यह भी है कि जिन बच्चों को टीकाकरण से बचाया जा सकता था, वे नियमित टीकाकरण से बाहर क्यों रह गए।

बालाघाट के बैगा बहुल इलाकों में बच्चों की मौतों का मामला अगस्त में सामने आया। विपक्ष की ओर से 19 बच्चों की मौत का दावा किया गया था और सरकार पर वास्तविक आंकड़े छिपाने के आरोप भी लगाए गए। प्रभावित क्षेत्रों में कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका और आसपास के आदिवासी गांवों का नाम सामने आया। हालांकि शुरुआती दावों और सरकारी आंकड़ों में अंतर रहा है, इसलिए मौतों की अंतिम संख्या और प्रत्येक मौत के कारण को आधिकारिक जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

जांच में सामने आया मलेरिया और खसरा

मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव आया। स्वास्थ्य संस्थानों की जांच के अनुसार, बच्चों की मौतों में मलेरिया और मीजल्स यानी खसरा संक्रमण प्रमुख कारण के तौर पर सामने आया।

यह निष्कर्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खसरा एक ऐसा संक्रमण है, जिससे बचाव के लिए नियमित टीकाकरण बेहद अहम माना जाता है। Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, जिन बच्चों में खसरे का संक्रमण पाया गया, वे नियमित टीकाकरण से छूटे हुए थे।

यानी सवाल यह है कि दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें और टीकाकरण कार्यक्रम बच्चों तक नियमित रूप से क्यों नहीं पहुंच पाए।

बीमारी के साथ कुपोषण की दोहरी चुनौती

बालाघाट के बैगा बहुल इलाकों में समस्या केवल संक्रामक बीमारियों तक सीमित नहीं है। इन क्षेत्रों में बच्चों के पोषण को लेकर भी लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है।

कमजोर पोषण स्थिति वाले बच्चों में संक्रमण का असर अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसे में अगर एक तरफ मलेरिया और खसरे जैसी बीमारियां मौजूद हों और दूसरी तरफ बच्चों को पर्याप्त पोषण न मिले, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इसी वजह से बालाघाट की घटना ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यवस्थाओं को एक साथ जांचने की जरूरत पैदा कर दी है।

पोषण आहार की सप्लाई पर भी सवाल

इसी बीच मध्य प्रदेश में बच्चों के लिए पोषण आहार तैयार करने वाले सात प्लांट बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें रीवा, सागर, देवास, शिवपुरी और होशंगाबाद समेत कई जिलों के प्लांट शामिल हैं।

पोषण आहार की व्यवस्था में बदलाव के दौरान सप्लाई प्रभावित होने की बात सरकार की ओर से भी स्वीकार की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के मुताबिक पुरानी व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई थी, जिसके बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया।

नई व्यवस्था और नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक स्थानीय स्तर पर स्वसहायता समूहों के माध्यम से बच्चों तक पोषण आहार पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

सरकार ने माना, कुछ दिनों तक प्रभावित हुई सप्लाई

पोषण व्यवस्था में बदलाव के दौरान कुछ दिनों तक सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आना इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण है।

क्योंकि जिन इलाकों में पहले से ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति चुनौतीपूर्ण है, वहां पोषण आहार की आपूर्ति में छोटा सा व्यवधान भी गंभीर असर डाल सकता है।

ऐसे में अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि व्यवस्था बदलने के बावजूद बच्चों तक पोषण आहार की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।

आदिवासी इलाकों में टीकाकरण की पहुंच पर बड़ा सवाल

बालाघाट की घटना का सबसे गंभीर पहलू नियमित टीकाकरण से जुड़ा है।

अगर जांच में यह सामने आता है कि खसरे से संक्रमित बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं हुआ था, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि टीकाकरण अभियान की जमीनी पहुंच कितनी प्रभावी है।

दूरदराज के आदिवासी गांवों में भौगोलिक दूरी, स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच, जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य निगरानी जैसी कई चुनौतियां हो सकती हैं। ऐसे इलाकों में सिर्फ कागज पर टीकाकरण अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है; यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि हर बच्चे तक स्वास्थ्यकर्मी वास्तव में पहुंचें।

बैगा समुदाय के सामने पहले से कई चुनौतियां

मध्य प्रदेश में बैगा समुदाय उन जनजातीय समूहों में शामिल है, जिन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में रखा गया है।

राज्य के डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, उमरिया, श्योपुर और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में जनजातीय आबादी के सामने स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अलग-अलग चुनौतियां हैं।

बालाघाट की घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल कुछ बच्चों की बीमारी का मामला नहीं रह जाती, बल्कि यह सवाल खड़ा करती है कि कमजोर जनजातीय समुदायों के लिए बनाई गई स्वास्थ्य और पोषण योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी हैं।

शुरुआत में कुपोषण को लेकर उठे थे सवाल

जब बच्चों की मौतों की खबर सामने आई थी, तब इसे कुपोषण से जोड़कर देखा गया। विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर सरकार पर वास्तविक आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए स्वास्थ्य जांच, उपचार, पोषण और साफ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी।

हालांकि बाद की जांच में मलेरिया और खसरे को मौतों की प्रमुख वजह बताया गया। इसलिए इस पूरे मामले को केवल “कुपोषण से हुई मौतें” कहना सही तस्वीर पेश नहीं करता।

मंत्री ने अधिकारियों को बालाघाट भेजने के निर्देश दिए

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विभाग की सचिव को बालाघाट जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति समझना, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति की जानकारी लेना तथा सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच की समीक्षा करना है।

अब प्रशासन के सामने सिर्फ मौतों के कारणों की जांच करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है।

बीमारी की पहचान के साथ बचाव पर भी जोर जरूरी

मलेरिया और खसरा दोनों ही ऐसी बीमारियां हैं जिनसे बचाव के लिए समय पर पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच महत्वपूर्ण है।

आदिवासी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच, बुखार के मामलों की निगरानी, मलेरिया की जांच, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और खसरे से बचाव के लिए टीकाकरण को मजबूत करना जरूरी होगा।

इसके साथ ही बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी भी आवश्यक है, ताकि कमजोर बच्चों की पहचान समय रहते की जा सके।

सबसे बड़ा सवाल: आखिरी गांव तक कौन पहुंचेगा?

बालाघाट की घटना ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रखा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के आखिरी आदिवासी परिवार तक कितनी नियमितता से पहुंच रहा है।

कागजों में टीकाकरण अभियान, पोषण योजनाएं और स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हो सकते हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले बच्चे को समय पर टीका, पोषण आहार, मलेरिया की जांच और इलाज मिल सके।

अगर किसी बच्चे को टीका नहीं मिला, पोषण आहार की सप्लाई रुक गई और बीमारी की समय पर पहचान नहीं हो पाई, तो व्यवस्था के कई स्तरों पर सवाल खड़े होते हैं।

19 मौतों ने बढ़ाई जवाबदेही की जरूरत

बालाघाट में 19 बच्चों की मौत का दावा सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही का मुद्दा बन गया है।

मौतों की अंतिम संख्या और प्रत्येक मामले के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अलग विषय है, लेकिन जांच में मलेरिया और खसरे की भूमिका तथा कुछ बच्चों के नियमित टीकाकरण से छूटे होने की जानकारी ने एक गंभीर चिंता जरूर सामने रखी है।

अब जरूरी है कि प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रखे, बच्चों का टीकाकरण पूरा कराया जाए, कुपोषित बच्चों की पहचान की जाए और पोषण आहार की सप्लाई नियमित रखी जाए।

आगे की चुनौती बड़ी है

बालाघाट की घटना से साफ है कि आदिवासी इलाकों में बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल एक विभाग की कोशिश पर्याप्त नहीं होगी। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, स्थानीय प्रशासन और जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

मलेरिया और खसरे जैसी बीमारियों से बचाव के साथ-साथ पोषण की निरंतर उपलब्धता और नियमित टीकाकरण पर समान रूप से ध्यान देना होगा।

बालाघाट के बैगा इलाकों में बच्चों की मौतों ने एक सीधा सवाल छोड़ दिया है—अगर टीका और पोषण दोनों सरकारी योजनाओं का हिस्सा हैं, तो फिर इन सुविधाओं से सबसे कमजोर और दूरदराज के बच्चे अब भी कैसे छूट रहे हैं? यही सवाल अब प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है।


मंगला एक्सप्रेस की छत पर चढ़ना पड़ा भारी, 25 हजार वोल्ट करंट से युवक गंभीर

इटारसी (नर्मदापुरम) | 10 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी रेलवे स्टेशन के आउटर पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मंगला एक्सप्रेस की छत पर अचानक चढ़े एक युवक को ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) हाईटेंशन लाइन ने अपनी चपेट में ले लिया। तेज धमाके के साथ युवक गंभीर रूप से झुलस गया और ट्रेन की छत से नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, रेलवे अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले इटारसी के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक 70 प्रतिशत से अधिक झुलस गया है।

घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय धन बहादुर, निवासी नेपाल, के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी नेहा और दो बच्चों के साथ मजदूरी के लिए गोवा जा रहा था। परिजनों के मुताबिक, परिवार शिमला से दिल्ली होते हुए मंगला एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था। सफर के दौरान धन बहादुर का व्यवहार अचानक असामान्य हो गया था और वह अजीब बातें करने लगा था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब मंगला एक्सप्रेस इटारसी स्टेशन पार कर आउटर सिग्नल पर खड़ी थी, तभी युवक अचानक ट्रेन की छत पर चढ़ गया। यात्रियों ने उसे नीचे उतरने के लिए आवाज लगाई, लेकिन इससे पहले ही वह 25 हजार वोल्ट की ओएचई लाइन के बेहद करीब पहुंच गया। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आते ही जोरदार धमाका हुआ और वह नीचे गिर पड़ा।

हादसे के बाद उसकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रेलवे अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में ट्रेन की छत पर पहुंचा और क्या उसकी मानसिक स्थिति सामान्य थी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन की छत पर चढ़ना या ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के पास जाना बेहद खतरनाक है। रेलवे की ओएचई लाइन में लगभग 25,000 वोल्ट का करंट प्रवाहित होता है, जो छुए बिना भी निकट आने पर जानलेवा साबित हो सकता है।


सोनम को कैसे मिली बेल? हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी प्रक्रिया की कमी को माना आधार

शिलांग, मेघालय| 1 जुलाई 2026

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की चर्चित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर मेघालय हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत का निर्णय मामले के गुण-दोष (Merits) पर नहीं, बल्कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में हुई कानूनी त्रुटियों के आधार पर लिया गया था।

मेघालय सरकार ने शिलांग की निचली अदालत द्वारा अप्रैल 2026 में दी गई जमानत को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को सही माना।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी को उसके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के अनुरूप गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) स्पष्ट रूप से नहीं बताए। अदालत के अनुसार, यह प्रक्रिया में गंभीर कमी थी, जिसके कारण आरोपी के अधिकार प्रभावित हुए। इसी कानूनी आधार पर जमानत को बरकरार रखा गया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को दोषमुक्त माना गया है और मुकदमे की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी।

हाईकोर्ट ने सोनम की जमानत पर लगी शर्तों को भी यथावत रखा। उन्हें जांच और ट्रायल के दौरान अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा, बिना अनुमति राज्य छोड़ने पर रोक रहेगी तथा जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा।

फैसले के बाद राजा रघुवंशी के परिजनों ने गहरी नाराजगी जताई। परिवार ने कहा कि वे इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और जमानत रद्द कराने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी को राहत मिलने से न्याय व्यवस्था पर गलत संदेश जाता है।

गौरतलब है कि यह मामला मई 2025 में सामने आया था, जब इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम मेघालय में हनीमून मनाने गए थे। कुछ दिनों बाद राजा का शव एक गहरी खाई में मिला था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि सोनम ने कथित रूप से अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था और जांच अभी भी जारी है


मप्र मंत्रिमंडल विस्तार की आहट: 5 नए विधायकों को मिल सकता है मंत्री पद; रीति पाठक या मालिनी को मौका, तीन सीनियर मंत्रियों के विभाग बदलने की भी संभावना

दिनांक: 22 जून, 2026
विशेष संवाददाता, भोपाल:

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट को नया स्वरूप देने और प्रशासनिक कसावट लाने के इरादे से जल्द ही विस्तार कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आगामी मानसून सत्र से पहले इस विस्तार को हरी झंडी मिल सकती है। इस संभावित फेरबदल में जहाँ 5 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, वहीं तीन मौजूदा वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा बदलाव होने की संभावना है।

इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ-साथ आधी आबादी (महिला प्रतिनिधित्व) को भी साधने की कोशिश की जाएगी।

रीति पाठक या मालिनी गौड़: महिला कोटे से प्रबल दावेदार

सूत्रों का दावा है कि मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए दो बड़े नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इनमें से किसी एक को कैबिनेट मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है:

  • रीति पाठक (Riti Pathak): विंध्य क्षेत्र से आने वाली रीति पाठक, जो लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और वर्तमान में सिहावल से विधायक हैं, एक मजबूत दावेदार हैं। विंध्य में भाजपा की मजबूत पकड़ और उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें मौका मिल सकता है।

  • मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ (Malini Gaur): मालवा-निमाड़ क्षेत्र से इंदौर की पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक मालिनी गौड़ भी इस दौड़ में बराबर की दावेदार हैं। मालवा क्षेत्र भाजपा का गढ़ है और मालिनी गौड़ की संगठन में अच्छी पकड़ है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

3 सीनियर मंत्रियों के विभाग बदलने की संभावना

सूत्रों का कहना है कि नए चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ, मुख्यमंत्री मौजूदा मंत्रिमंडल में भी फेरबदल करेंगे। तीन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और मंत्रालयों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है, उनमें से एक वरिष्ठ मंत्री को एक से अधिक महत्वपूर्ण मंत्रालयों का प्रभार मिल सकता है।

विस्तार का मुख्य उद्देश्य: 2028 की तैयारी और प्रशासनिक कसावट

इस मंत्रिमंडल विस्तार को महज एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • क्षेत्रीय संतुलन: बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र से नए विधायकों को मंत्री बनाकर क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जाएगी।

  • जातीय समीकरण: भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए वर्गों को साधने के लिए जातीय समीकरणों को भी ध्यान में रखेगी।

  • प्रशासनिक दक्षता: नए चेहरों और अनुभवी मंत्रियों के विभागों में बदलाव के जरिए प्रशासनिक दक्षता और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ इस संबंध में चर्चा की थी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी दे दी है और अब मुख्यमंत्री किसी भी समय तारीखों का ऐलान कर सकते हैं।



कमलनाथ के डॉक्यूमेंट तैयार थे, लेकिन टिकट मिली मीनाक्षी को; जानिए कांग्रेस कहां चूक गई

भोपाल, 15 जून 2026

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जब उसकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि आखिर कांग्रेस से चूक कहां हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी ने अंतिम समय तक उम्मीदवार के नाम पर मंथन किया और एक समय पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath के दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए थे, लेकिन बाद में मीनाक्षी नटराजन के नाम पर मुहर लगी।

1. उम्मीदवार चयन में देरी

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व लंबे समय तक उम्मीदवार के नाम पर फैसला नहीं कर पाया। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में रहे। अंतिम समय में मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने से तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।

2. नामांकन प्रक्रिया में तकनीकी चूक

सबसे बड़ा झटका तब लगा जब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने निरस्त कर दिया। कांग्रेस ने इसे गलत फैसला बताया और अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। नामांकन में हुई कथित तकनीकी कमी पार्टी के लिए भारी पड़ गई।

3. अंदरूनी गुटबाजी और सूचना लीक

राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं भी सामने आईं। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस की अंदरूनी जानकारी उन्हें पार्टी के ही कुछ लोगों से मिल रही थी। वहीं कुछ रिपोर्टों में मीनाक्षी नटराजन से जुड़े दस्तावेज विपक्ष तक पहुंचने की बात भी सामने आई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4. भाजपा की आक्रामक रणनीति का जवाब नहीं दे पाई कांग्रेस

भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया था। कांग्रेस पहले से ही क्रॉस वोटिंग और संख्या बल को लेकर दबाव में थी। इसके बावजूद पार्टी ने समय रहते वैकल्पिक रणनीति तैयार नहीं की। नतीजा यह रहा कि सीट हाथ से निकल गई और भाजपा ने तीसरी सीट भी अपने नाम कर ली।

क्या था पूरा मामला?

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस के खाते में मानी जा रही थी। पार्टी ने दिग्विजय सिंह की सीट पर मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस चुनावी लड़ाई से बाहर हो गई और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए। मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

 


MP में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

भोपाल | 8 जून 2026

मध्य प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं, जिसके चलते सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर समेत प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में लगातार मौसम परिवर्तन हो रहा है। यही वजह है कि मानसून पहुंचने से पहले ही कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।

आधे प्रदेश में मौसम अलर्ट

मौसम विभाग ने ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।

तापमान में आई गिरावट

लगातार हो रही बारिश और बादल छाए रहने से कई शहरों के तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।

किसानों के लिए राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले हो रही बारिश खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि तेज आंधी और ओलावृष्टि जैसी स्थितियों से फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

जल्द दस्तक दे सकता है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में इसकी एंट्री की संभावना है। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून तय समय के आसपास प्रदेश में पहुंच सकता है।

प्रशासन ने जारी की सलाह

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।


रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में भीषण आग

17 मई 2026 | मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार सुबह दिल्ली जा रही तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना सुबह करीब 5:15 से 5:30 बजे के बीच विक्रमगढ़ आलोट और लूणीरीछा स्टेशन के बीच हुई। आग ट्रेन के B-1 AC कोच में लगी थी, जिसमें करीब 68 यात्री सवार थे। रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।


📍 घटना कहां हुई?

यह हादसा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में हुआ। राजधानी एक्सप्रेस उस समय दिल्ली की ओर बढ़ रही थी और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के पास पहुंची ही थी कि B-1 कोच से धुआं उठता दिखाई दिया।

लोकेशन डिटेल:

  • रतलाम जिला, मध्य प्रदेश
  • आलोट–लूणीरीछा सेक्शन
  • विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के नजदीक

⏰ घटना का समय

रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग सुबह करीब 5:15 बजे लगी। उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। अचानक कोच के नीचे से धुआं उठने लगा और कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई।


🔥 कैसे लगी आग?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग B-1 एयर कंडीशंड कोच में लगी थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि आग बाद में पीछे लगे SLR यानी luggage-cum-guard coach तक पहुंच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:

  • पहले धुआं दिखाई दिया
  • फिर कोच के नीचे से आग की लपटें उठने लगीं
  • कुछ ही देर में पूरा हिस्सा काले धुएं से भर गया

रेलवे ने तुरंत ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी ताकि आग आगे न फैले। बाद में प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग किया गया।


👥 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

B-1 कोच में लगभग 68 यात्री सवार थे। रेलवे स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने लगभग 15 मिनट के अंदर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेलवे की कार्रवाई:

  • ट्रेन को तुरंत रोका गया
  • यात्रियों को emergency evacuation कराया गया
  • RPF और रेलवे स्टाफ मौके पर पहुंचे
  • Fire brigade को बुलाया गया
  • प्रभावित कोच अलग किया गया

रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत या गंभीर चोट नहीं हुई।


🚆 ट्रेन संचालन पर बड़ा असर

इस आगजनी की घटना के बाद दिल्ली–मुंबई रेल रूट पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया जबकि कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा।

प्रभावित ट्रेनों में शामिल:

  • अवध एक्सप्रेस
  • मुंबई सेंट्रल–दुरंतो एक्सप्रेस
  • हजरत निजामुद्दीन–पुणे स्पेशल
  • हरिद्वार–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस
  • नई दिल्ली–इंदौर एक्सप्रेस

रेलवे ट्रैफिक कई घंटों तक बाधित रहा। अधिकारियों के अनुसार धीरे-धीरे संचालन बहाल किया गया।


🚒 आग बुझाने में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

आग लगने के तुरंत बाद रेलवे और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे ने सुरक्षा के तौर पर OHE यानी overhead electric supply बंद कर दी थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन के मुख्य बिंदु:

  • प्रभावित कोच ट्रेन से अलग किया गया
  • Fire brigade ने आग पर काबू पाया
  • यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया
  • Diesel engine की मदद से ट्रेन आगे रवाना की गई

बाद में ट्रेन को लगभग सुबह 9:45 बजे दोबारा रवाना किया गया। रेलवे ने बताया कि कोटा स्टेशन पर अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा।


⚠️ राहत कार्य के दौरान दूसरा हादसा

इस घटना के दौरान राहत सामग्री और उपकरण लेकर जा रही रेलवे की एक वैन रास्ते में खाई में पलट गई।

इस हादसे में:

  • 5 रेलवे कर्मचारी घायल हुए
  • एक कर्मचारी की हालत गंभीर बताई गई
  • rescue operation कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ

रेलवे प्रशासन ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।


🕵️ आग लगने की वजह की जांच जारी

रेलवे ने इस मामले में हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। अभी तक आग लगने का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जांच में कई संभावनाएं सामने आई हैं।

संभावित कारण:

  • electrical short circuit
  • technical fault
  • coach wiring issue

जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग अचानक कैसे भड़की और इतनी तेजी से कैसे फैली।


🚆 ट्रेन की जानकारी

  • ट्रेन नंबर: 12431
  • नाम: तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस
  • यात्रा दिशा: केरल से दिल्ली
  • निर्धारित आगमन: हजरत निजामुद्दीन स्टेशन, दोपहर 12:30 बजे
  • घटना के समय ट्रेन लगभग 2500 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुकी थी

📌 मुख्य तथ्य एक नजर में

Point Information
ट्रेन तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस
कोच B-1 AC Coach
स्थान रतलाम, मध्य प्रदेश
सेक्शन विक्रमगढ़ आलोट–लूणीरीछा
समय सुबह करीब 5:15–5:30 बजे
यात्री लगभग 68
हताहत कोई नहीं
कार्रवाई यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
जांच रेलवे की हाई-लेवल जांच जारी


रात्रि चौपाल में कलेक्टर की सख्ती, फौती नामांतरण में लापरवाही पर दो पटवारियों पर कार्रवाई

8 मई | अलीपुरा

जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण एवं आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। अलीपुरा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान फौती नामांतरण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही दो पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

रात्रि चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विगत दिनों में मृत हुए लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र, फौती नामांतरण एवं राजस्व अभिलेखों की स्थिति की जानकारी ली। जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम टीला निवासी बद्दू खटीक की मृत्यु के लगभग पांच माह बीत जाने के बाद भी फौती नामांतरण की कार्रवाई नहीं की गई थी। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने टीला पटवारी विनय पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा अलीपुरा पटवारी जमना प्रसाद अनुरागी द्वारा भी पांच माह से लंबित फौती नामांतरण प्रकरणों का निराकरण नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने उनकी एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों को समय पर न्याय एवं सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी मृतकों के फौती प्रकरणों की तत्काल जांच कर बी-1 वाचन कराया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की अन्य समस्याओं का भी मौके पर निराकरण किया गया। खाद्य विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने पांच राशन पर्ची आवेदनों को तत्काल स्वीकृति प्रदान की। ग्राम चुरवारी के नंदलाल कुशवाहा, लक्ष्मण कुशवाहा, दयाराम कुशवाहा, हरिचंद्र पाल एवं दलपत कुशवाहा को मौके पर ही राशन पर्ची स्वीकृत कर राहत प्रदान की गई।

ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई एवं समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। रात्रि चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


14 Oct ,2024

Bhopal MD Drugs Factory Case: एमडी ड्रग्स का कारखाना संचालित करने वाले आरोपियों से एनसीबी की पूछताछ में खुलासा होने के बाद कार्रवाई में राजस्थान पुलिस को भी शामिल किया जा रहा है। एमडी ड्रग्स की तस्करी के तार राजस्थान और महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों से जुड़ रहे हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फर्नीचर फैक्ट्री में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने वाले तस्करों के तार देश के आधा दर्जन राज्यों के बड़े तस्करों से जुड़े हैं। मंदसौर के रहने वाले हरीश आंजना का राजस्थान निवासी दोस्त शोएब लाला ने प्रतापगढ़ जिले में सप्लाई का सेंटर बना रखा था। दो खेप माल भोपाल की फैक्ट्री में तैयार होगर प्रेमसुख पाटीदार के जरिए शोएब लाला तक हरीश आंजना पहुंचा भी चुका था। शोएब लाला प्रतापढ़ में बनाए गए सप्लाई सेंटर से देश के अन्य राज्यों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। यह खुलासा मंदसौर पुलिस की गिरफ्त में आए प्रेमसुख पाटीदार ने पूछताछ में किया है। 


चौकी बछौन थाना चंदला पुलिस ने अवैध हथियार कट्टा लहराकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

June 22 ,2024

दहशत फैलाने में प्रयुक्त अवैध देसी तमंचा व कारतूस जप्त

दिनांक 18 जून को थाना चंदला क्षेत्र के ग्राम सडकर निवासी किराने की दुकान चलाने वाली महिला ने दुकान कोल्ड ड्रिंक मांगने, ना होने से मना करने पर अवैध देसी तमंचा लहराकर जान से मारने की धमकी संबंधी रिपोर्ट पर थाना चंदला में संबंधित विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंच कर बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए गए।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने अवैध हथियार दिखाकर दहशत फैलाने वाले आरोपी हरिशचंद्र अग्निहोत्री से हथियार जप्त कर अति शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह व एस डी ओ पी लवकुश नगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बछौन उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह रावत व पुलिस टीम द्वारा हर संभावित स्थानों में तलाश की गई। फरार आरोपी हरिशचंद्र अग्निहोत्री को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त अवैध 315 बोर का देसी तमंचा एवं एक जिंदा कारतूस जप्त किया गया। अभियुक्त को न्यायालय पेश कर जेल भेजा गया।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर, उनि शैलेंद्र सिंह रावत, प्र आर नईम खान, आर. 1365 मोनू साहू, आर. अमित जाट, आर. ईश्वर सिंह की भूमिका रही।


थाना सरवई पुलिस ने ग्राम महोई कला में मारपीट कर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी, माता-पिता एवं बहन सहित 4 आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर भेजा जेल

June 12 ,2024

आरोपियों के पारिवारिक विवाद में बीच बचाव करने पहुंचे मृतक व्यक्ति पर मारपीट कर किया था प्रहार

दिनांक 9 जून की रात्रि ग्राम महोई कला में विवाद के दौरान मारपीट की सूचना प्राप्त हुई पीड़ित को उपचार हेतु सामुदायिक चिकित्सालय गौरिहार पहुंचाया गया। घटनास्थल का भौतिक निरीक्षण कर साक्षियों के कथन लिए गए।
उपचार के दौरान मृतक बद्री प्रसाद अहिरवार की मृत्यु हो जाने की सूचना प्राप्त होते ही थाना सरवई में हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मारपीट कर गंभीर चोटे पहुंचाकर हत्या करने वाले सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी लवकुश नगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरवई उप निरीक्षक अतुल झा व पुलिस टीम द्वारा 24 घंटे के अंदर ही हत्या की घटना में सम्मिलित चारों आरोपी

  1. रामहेत अहिरवार
  2. कालीचरण अहिरवार
  3. रानी अहिरवार
  4. सुशीला अहिरवार
    को गिरफ्तार कर अभीरक्षा में लिया गया।
    उक्त गिरफ्तार अभियुक्तों में मुख्य अभियुक्त रामहेत अहिरवार, रामहेत के पिता कालीचरण, मां रानी व बहन सुशीला द्वारा मारपीट कर हत्या करना स्वीकार किया गया। हत्या का कारण परिवारिक विवाद में मृतक बद्री प्रसाद द्वारा बीच बचाव कर दखल करना बताया गया। आवेश में आकर परिवार जनों ने एकत्रित होकर मृतक पर हमला कर दिया।
    उक्त सभी अभियुक्तों को न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया जा रहा है।
    सराहनीय कार्य – निरी. उदयवीर सिंह थाना प्रभारी गौरिहार, उनि अतुल कुमार झा थाना प्रभारी सरवई, उनि दीपक यादव थाना प्रभारी गोयरा, सउनि उमेश सिंह, प्र आर राकेश कुमार, शिव स्वरूप त्रिपाठी, महेंद्र भदौरिया, आर सुनील कुमार, अमित राजपूत, राम प्रताप कुशवाहा, प्रवीण कुशवाहा, अतुल मिश्रा, हाफिज खान, रोहित घोषी, आशीष सोलंकी

मतगणना के संबंध में राजनैतिक दलों के साथ बैठक सम्पन्न

May 31 , 2024

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप जी.आर. की अध्यक्षता में लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के अंतर्गत 4 जून को होने वाली मतगणना के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष छतरपुर में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर कॉजोल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं राजनैतिक दल मौजूद रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जी.आर. द्वारा राजनैतिक दलों को मतगणना के संबंध में समस्त व्यवस्थाओं एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशों की जानकारी दी गई। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 01 में 4 जून 2024 को प्रातः 8 बजे से मतगणना प्रारंभ की जाएगी। एजेंटों के लिए एआरओ द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए जाएगें।
मतगणना कार्य में प्रत्येक विधानसभावार 16-16 टेबल लगाई जाएगी। विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर, बिजावर एवं मलहरा की मतगणना 17 राउण्ड्स में सम्पन्न होगी। छतरपुर एवं चन्दला की मतगणना 16 राउण्ड्स और राजनगर की मतगणना 18 राउण्ड्स में सम्पन्न होगी।


मदिरा के विक्रय मूल्य से संबंधित दल का गठन

May 28 , 2024

छतरपुर जिले में संचालित कंपोजिट मदिरा दुकानों पर यदि एमएसपी से कम मूल्य एवं एमआरपी से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय करते पाए जाने पर कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशन में शिकायत के लिए दलों का गठन किया गया है। वृत्त छतरपुर से संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार शर्मा मो. 9039920804, खजुराहो से अजय कुमार वर्मा मो. 7974451070, बिजावर से राजेन्द्र बिलवार मो. 9752650040, नौगांव से सौरभ सिंह मो. 7000054763 एवं लवकुशनगर वृत्त से संबंधित शिकायत गजेन्द्र यादव के मो. 9755084794 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित शिकायत सेल प्रभारी मुकेश शिवहरे दूरभाष नम्बर 07682-245376 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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