छतरपुर समाचार

छतरपुर पुलिस द्वारा 500 से अधिक गुंडा एवं निगरानी बदमाशों, हिस्ट्रीशीटर को थाना परिसर में एकत्र कर करवाई गई परेड

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MAY 20, 2024

प्रेस नोट
छतरपुर पुलिस

शांति, सुरक्षा व्यवस्था एवं नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्यवाही करने की दी गई चेतावनी

पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा अपराधों में नियंत्रण हेतु सभी थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र अंतर्गत हिस्ट्रीशीटर निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की निरंतर निगरानी हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही निगरानी गुंडा बदमाश एवं हिस्ट्रीशीटर को थाने बुलवाकर परेड करवाने हेतु निर्देश दिए।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं जिले के सभी अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण में समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत हिस्ट्रीशीटर, निगरानी एवं गुंडा बदमाशों को थाना परिसर में उपस्थित कर पंक्तिबद्ध तरीके से परेड करवाई गई।
छतरपुर नगर में थाना कोतवाली में 35, थाना सिविल लाइन में 30 थाना ओरछा रोड में 20 सहित छतरपुर अनुभाग में करीब 85 से अधिक हिस्ट्रीशीटर गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की पंक्तिबद्ध तरीके से एकत्र कर परेड करवाई गई।
अनुभाग नौगांव के थाना नौगांव में 25 हरपालपुर थाने में 20 सहित अनुभाग में 75 से अधिक की परेड करवाई गई।
अनुभाग बड़ा मलहरा के थाना बड़ा मलहरा में 20 सहित 75 लोगों से अधिक की परेड करवाई गई।
अनुभाग बिजावर अंतर्गत 80 से अधिक निगरानी गुंडा बदमाशों की परेड करवाई गई।
खजुराहो अनुभाग के खजुराहो थाने में 15, महाराजपुर थाने में 15 सहित अनुभाग में 65 से अधिक तथा
लवकुशनगर अनुभाग में 85 से अधिक हिस्ट्रीशीटर, निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की परेड करवाई गई।
जिले में समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत 5 सैकड़ा से अधिक हिस्ट्रीशीटर निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की परेड करवाई गई। परेड में सभी निगरानी, गुंडा बदमाशों एवं हिस्ट्रीशीटर को शांतिपूर्ण तरीके से रहने, उपद्रव न करने एवं क्षेत्र का माहौल खराब न करने हेतु समझाइस दी गई। शांति भंग करने या उपद्रव मचाने पर कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने हेतु चेतावनी भी दी गई।


थाना हरपालपुर पुलिस ने 12 बोर अवैध तमंचा सहित आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

MAY 17, 2024

पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने समस्त थाना प्रभारी को वांछित अपराधियों, अवैध हथियार से संबंधित आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्यवाहियां निरंतर की जा रही है।
आज थाना हरपालपुर पुलिस को देहात भ्रमण के दौरान कालका गार्डन के पास एक व्यक्ति के अवैध हथियार लेकर घूमने की सूचना प्राप्त हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी नौगांव श्री चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हरपालपुर निरीक्षक राकेश साहू द्वारा अवैध धारदार हथियार से दहशत फैलाने वाले संबंधित स्थान में टीम भेजी गयी। पुलिस टीम द्वारा देहात भ्रमण के दौरान कालका मैरिज गार्डन के पास पहुंचे संदेही ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। घेराबंदी कर रोका गया। संदेही के कब्जे से देशी 12 बोर का कट्टा व जिंदा कारतूस जप्त किये गये। पूछताछ पर नाम राम सिंह श्रीवास निवासी हरपालपुर बताया। उक्त अभियुक्त राम सिंह श्रीवास के विरुद्ध आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश कर जेल भेज दिया गया। अवैध हथियार सहित गिरफ्तार अभियुक्त राम सिंह पर जुंवा एक्ट का अपराध पूर्व से पंजीबद्ध है।
उक्त कार्यवाही मे निरी राकेश साहू थाना प्रभारी हरपालपुर, सउनि हरिनारायण अनुरागी, प्रआर ह्रदेश सिंह, प्रआर सुरेन्द्र यादव , आर बृजपाल, आर हरि प्रकाश, आर मनोज जाटव, आर श्याम सुन्दर , आर अनिल, आर लकचंद , आर जीतेन्द्र , आर पुष्पेन्द्र , आर चालक पुष्पेन्द्र की भूमिका सराहनीय रही ।


थाना सिविल लाइन पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, ₹80000 फर्जी तरीके से बैंक के खाते से किए थे ट्रांसफर, एक आरोपी गिरफ्तार

दिनांक 13.05.24 को फरियादी सुखदेव अहिरवार निवासी छतरपुर की रिपोर्ट किया कि दो व्यक्ति निवासी सटई रोड छतरपुर के द्वारा 80 हजार रूपये फर्जी तरीके से ट्रान्सफर कर धोखाधडी की है, नगद राशि ले गए हैं एवं खाते में राशि नहीं आई है और खाता भी होल्ड हो गया है, रिपोर्ट पर थाना सिविल लाईन छतरपुर मे अपराध धारा 420, 34 ता0हि0 का प्रकरण पंजीवद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा मनी फ्रॉड की घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना आरोपी संजू अहिरवार को दिनॉक 15.04.2024 को मौराहा रोड छतरपुर से गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी से पूछताछ कर साक्ष्य एकत्र किए गए एवं घटना दिनॉक की बैंक स्टेटमेन्ट प्राप्त की गई, जिसमें धोखाधड़ी के माध्यम से ट्रांसफर की हुई राशि का ट्रांजेक्शन अंकित था। अभियुक्त संजू ने बताया कि इस गिरोह में छतरपुर के एक आरोपी के साथ अलग-अलग राज्यों के आरोपी भी शामिल है जो आनलाईन लिंक भेजकर अपने एकाउन्ट मे पैसा ट्रान्सफर कर लेते हैं।
इस मनी फ्रॉड के अन्तर्राज्यीय गिरोह के आरोपी संजू अहिरवार को न्यायालय पेश कर जेल भेजा गया गिरोह के शेष आरोपियों की तलाश एवं विवेचना जारी है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक बाल्मीक चौवे, उप निरीक्षक शैलेन्द्र चौरसिया, प्र आर संजय, प्र.आर राजू वर्मा, प्र आर बृजेन्द्र गुप्ता, आर. ऋषिकेश, आर.मनीष साहू, आर. करण यादव की भूमिका रही।


नौगांव पुलिस ने बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देकर पैसों की मांग करने वाली दो महिला आरोपियों को 24 घण्टे के अंदर गिरफ्तार कर भेजा जेल

घटना में सम्मिलित गुंडा बदमाश भूपेंद्र सिंह पर दुष्कर्म, चोरी, अवैध हथियार, जुआ अधिनियम, अवैध वसूली एवं मारपीट तथा पत्नी पूजा पर मारपीट के अपराध पूर्व से हैं पंजीबद्ध

थाना नौगांव में फरियादी ने रिपोर्ट किया कि 15.05.24 को दोपहर एक महिला द्वारा बुलाया गया, कमरे में एक महिला एवं तीन आदमी पहले से थे। दो लाख रुपये मांगते हुए मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने लगे। रुपये व अपना मोबाइल देकर आ गया, रिपोर्ट पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने प्रकरण की गभीरता को देखते हुये थाना स्तर पर टीम गठित की। आरोपीगणों की तलाश पतारसी हेतु निर्देशित किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी नौगांव श्री चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह एवं पुलिस टीम द्वारा आरोपिया रेखा यादव उम्र 23 वर्ष व पूजा राजा बुन्देला उम्र 22 वर्ष निवासीगण वीरेन्द्र कॉलोनी नौगांव को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया गया।
घटना में सम्मिलित आदतन अपराधी गुंडा बदमाश भूपेंद्र सिंह पर दुष्कर्म, चोरी, अवैध हथियार, जुआ अधिनियम, अवैध वसूली एवं मारपीट तथा उसकी पत्नी पूजा पर मारपीट के अपराध थाना नौगांव में पूर्व से पंजीबद्ध हैं। शेष आरोपी भूपेंद्र सिंह बुंदेला एवं अन्य की तलाश एवं विवेचना कार्यवाही जारी है।
उक्त कार्यवाही में निम्नांकित रही महत्वपूर्ण भूमिकाः-
निरीक्षक सतीश सिंह थाना प्रभारी नौगांव, उनि नेहा सिंह गुर्जर चौकी प्रभारी गर्रौली, उनि शेरजंग खांन, प्रआर अरविन्द शर्मा, देवीदास, राजकुमार, मनीष त्रिपाठी, आरक्षक हरदीन, जितेन्द्र, बृजलाल, हरेन्द्र, गजेन्द्र जाट, अंकिता भदौरिया, राधा, नीलेशकांत


थाना गढ़ी मलहरा पुलिस ने अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रही पोकलैंड जेसीबी मशीन की जप्त

पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन ने जिले में अवैध रूप से चलित वाहनों सहित अवैध खनन माफियाओं पर सख्त कार्यवाही हेतु समस्त थाना प्रभारी को निर्देशित किया है।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी नौगांव श्री चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गढ़ीमलहरा निरीक्षक डीके सिंह एवं थाना गढ़ीमलहरा पुलिस टीम द्वारा ग्राम नुना करोला रोड में शासकीय तालाब से रेत का अवैध रूप से उत्खनन करती हुई पोकलैंड मशीन जेसीबी को जप्त कर जेसीबी ऑपरेटर को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ पर ऑपरेटर ने नाम शैलेंद्र गौड़ ग्राम कर्री थाना किशनगढ़ जिला छतरपुर का होना बताया। आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। जेसीबी ऑपरेटर को नोटिस देकर अग्रिम कार्यवाही में उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया।
अवैध रूप से खनन एवं परिवहन करने वाले खनन माफिया एवं वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही जारी है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी गढ़ी मलहरा निरीक्षक डीके सिंह, सहायक उप निरीक्षक भैया लाल, प्रधान आरक्षक शैलेंद्र सिंह सेंगर एवं आरक्षक शैलेश सिंह की मुख्य भूमिका रही।


थाना गढ़ी मलहरा पुलिस ने अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रही पोकलैंड जेसीबी मशीन की जप्त

नौगांव छतरपुर
दिनांक 15 मई 2024 को सी एम राइस विद्यालय नौगांव में 1मई 2024 से आयोजित होने वाले समर कैंप कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में एडीएम जेसीओ आर्मी ऑफिसर श्री विक्रम पानेरी जी, संकुल प्राचार्य श्री एमपी अहिरवार जी विशिष्ट अतिथि के रूप में ,सी एम राइस स्कूल का नवीन भवन का निर्माण कार्य कर रहे कांट्रेक्टर श्री हरगोविंद गुप्ता जी अतिथि के रूप में तथा अभिभावक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार बंधु इस अवसर पर उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के प्राचार्य श्री आरके पाठक जी द्वारा समर कैंप मे आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया गया एवम पाठ्य सहगामी गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में अकादमिक में कक्षा दसवीं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं मनीषा यादव, अंजलि तिवारी,अंशिका साहू, अर्थजा परमार,हर्ष पटसारिया एवं अनुकल्प सक्सेना तथा कक्षा 12वीं के छात्र ध्रुव यादव, पारुल शर्मा एवं नैंसी पाल को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर एवं मैडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
समर कैंप के दौरान होने वाली गायन,वादन, खेलकूद,ड्राइंग,पेंटिंग इत्यादि के क्षेत्र में सहभागिता करने वाले समस्त छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उत्साहवर्धन किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा इस आयोजन में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। विद्यालय में की जा रही विभिन्न गतिविधियों और वार्षिक परीक्षा परिणाम की मुख्य अतिथि श्री विक्रम पानेरी एडीएम जेसीओ आर्मी ऑफिसर के द्वारा सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की गई। कार्यक्रम के अंत में संस्था के उप प्राचार्य श्री के जी शुक्ला जी द्वारा अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधान अध्यापक श्री प्रभात मिश्रा द्वारा किया गया।


केन जल आरती के कार्यक्रम में शॉर्ट फिल्म की गई लॉन्च

बांदा, 15 मई 2024

जिला मीडिया प्रभारी मितेश कुमार ने जानकारी देते हुए अवगत कराया कि प्रत्येक मंगलवार को होने वाली केन जल आरती कार्यक्रम के अंतर्गत इस बार भी बहुत भव्य रूप से विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के तत्वाधान में केन जल आरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मीडिया प्रभारी मितेश कुमार ने जानकारी दी कि इस मौके पर गौ रक्षा समिति के तत्वाधान में एक शॉर्ट फिल्म लॉन्च की गई जिसमे गरीब किसान और उसकी स्थिति को लेकर समाज में किसानों की हालत को दर्शाया गया है। इस शॉर्ट फिल्म के लेखक समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति हैं तथा इसकी मुख्य भूमिका में विनय कुमार प्रजापति हैं जोकि एक गरीब किसान का किरदार निभा रहे हैं बाकी अन्य समिति के कार्यकर्ताओं तथा अन्य सहयोगियों ने इस शॉर्ट फिल्म में कार्य किया है। समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति ने बताया कि यह फिल्म भाजपा को समर्पित है क्युकी इसमें भाजपा सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को कैसे मिल रहा है, कहानी के माध्यम से दर्शाया गया है तथा सभी को भाजपा को वोट करके एक बार फिर से भाजपा सरकार बनाने की अपील की गई है। आगे जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी है कि जनता इस शॉर्ट फिल्म को Bundelkhandfilmhub के यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकती है। इस दौरान केन जल आरती कार्यक्रम में श्रीमती सूत्कीर्ति गुप्ता जिला सह प्रभारी आलोक कुमार निगम जिला उपाध्यक्ष महेश कुमार धुरिया राजेंद्र कुमार मिश्रा सभासद विनय प्रजापति ब्लॉक अध्यक्ष सत्यम मिश्रा नगर उपाध्यक्ष रामकरण पाल जय करण प्रजापति शैलेंद्र प्रजापति रिंकू आशीष कुमार अनुरागी संदीप कुमार सेन सहित तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


जिला पंचायत सीईओ ने बिजावर में विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक की, अपूर्ण गौशालाओं को पूर्ण कराने, बिजली, पानी एवं कैमरे लगवाने के निर्देश

जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार द्वारा मंगलवार को जनपद कार्यालय बिजावर में विभिन्न कार्यों के संबंध में समीक्षा बैठक की गई। बैठक में एसीईओ चंद्रसेन सिंह, जनपद सीईओ अंजना नागर सहित उपयंत्री, पंचायत सचिव एवं जीआरएस उपस्थित रहे। बैठक में मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, मध्यान्ह भोजन, पंचायतीराज, 15वें वित्त आयोग से अपूर्ण कार्यों, सीएम हेल्प लाईन तथा पेयजल की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार ने उपयंत्री, सचिव एवं जीआरएस को निर्देश दिए कि मनरेगा अंतर्गत लेबर नियोजन एवं अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सभी सचिव, ग्राम रोजगार सहायकों को अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर पूर्ण कराने एवं विधिवत् संचालन कराएं। साथ ही ग्राम पंचायत गुलगंज विशेष रूप से नियमित सफाई अभियान चलाकर ग्राम को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए निर्देशित किया गया। जिला पंचायत सीईओ द्वारा गौशालाओं की समीक्षा में ग्राम पंचायत अमरपुरा की गौशाला अपूर्ण होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए और सभी गौशालाओं में पानी, बिजली एवं कैमरा लगवाए जाने के भी निर्देश दिए। बैठक में ग्राम नगदा के सचिव विजय पाठक द्वारा बगैर जानकारी के उपस्थित होने एवं संतोष जनक जबाव नहीं देने पर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक के अंत में सीईओ जिला पंचायत द्वारा सचिव ग्राम रोजगार सहायकों से उनकी समस्याएं सुनी गई।


कलेक्टर के निर्देशन में देर रात अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, प्रशासन की संयुक्त टीम ने अलर्ट मोड में की छापेमार कार्यवाही, नौगांव के ग्राम तिंदनी में खेत पर बने घर पर हो रहा था अवैध गुटखे का निर्माण, 2 मशीने एवं 13 बोरी कच्चा माल बरामद

कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशन में छतरपुर जिले में मानव स्वास्थ्य के दृष्टिगत लगातार खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं अवैध खाद्य सामग्री निर्माण गतिविधियों पर कार्यवाहियां की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री जी.आर. के निर्देशन में सोमवार की देर रात्रि को प्रशासन की संयुक्त टीम राजस्व, खाद्य एवं पुलिस विभाग द्वारा नौगांव के ग्राम तिंदनी में खेत पर बने एक घर में अवैध गुटखा निर्माण फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। जिसकी जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने अलर्ट मोड में देर रात्रि छापेमार कार्यवाही कर सम्पूर्ण सामग्री को जब्त किया है। गुटखे के अवैध निर्माण की जगह के भूमि स्वामी रणधीर सिंह पिता किशोर सिंह निवासी नौगांव के खेत पर कार्यवाही की गई। उक्त भूमि पर वने मकान में अवैध गुटका निर्माण होते पाया गया। जहाँ पर 2 गुटखा मशीन, 13 बोरी कच्चा माल एवं 42 पैकट किंग गुटखा के पैकेट पाए गए। उक्त गुटका तम्बाकू, सुपाड़ी मिक्स माल से बना पाया गया है। इस मामले में संबंधितों पर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान एसडीएम विशा माधवानी, तहसीलदार संदीप तिवारी सहित खाद्य एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


लवकुश नगर पुलिस ने दो अलग अलग स्थानों से अवैध रुप से धारदार हथियार लेकर क्षेत्र का माहौल खराब करने वाले आदतन अपराधियों को किया गिरफ्तार

आदतन अपराधी राहुल अहिरवार के विरुद्ध छल कपट मारपीट गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी संबंधी अपराध तथा जितेंद्र अहिरवार के विरुद्ध मारपीट जान से मारने की धमकी संबंधी अपराध पूर्व से दर्ज

पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने समस्त थाना प्रभारी को वांछित अपराधियों, अवैध हथियार से संबंधित आरोपियों क्षेत्र में दहशत फैलाने एवं माहौल खराब करने वालों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्यवाहियां निरंतर की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी लवकुश नगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लवकुश नगर निरीक्षक प्रशांत सेन द्वारा अवैध धारदार हथियार से दहशत फैलाने वाले संबंधित स्थान में पृथक पृथक टीम भेजी गई।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के अनुसार एक व्यक्ति कोई गंभीर बारदात करने की नियत से हाथ में अवेध लोहे का धारदार बका लिए मेला ग्राउंड लवकुश नगर पर घूम रहा है। संबंधित स्थान मेला ग्राउंड में जाकर देखा तो एक व्यक्ति हाथ में लोहे का बका लिए दिखाई दिया जो पुलिस को आता देखकर भागने का प्रयास करने लगा जिसे हमराह बल एवं साक्षियों की मदद से घेराबंदी कर पकड़ा गया उक्त व्यक्ति से नाम पता पूंछने पर अपना नाम जितेंद्र अहिरवार पिता दयाराम अहिरवार उम्र 20 साल निवासी वार्ड नंबर 2 लवकुश नगर थाना लवकुश नगर का होना बताया। जो उक्त आरोपी के कब्जे से लोहे का बका जप्त कर आरोपी का कृत्य धारा 25(b) आर्म्स एक्ट के तहत दण्डनीय पाये जाने से अभिरक्षा में लिया गया।
भ्रमण के दौरान पुनः सूचना प्राप्त हुई की गुडलिया डंप बगमऊ रोड पर एक व्यक्ति अपराध करने की नीयत से लोहे का धारदार बका लिए घूम रहा है जो मौके पर पहुंचकर उक्त सूचना की तस्दीक की गई जो गुडलिया डंप बगमऊ रोड पर एक व्यक्ति लोहे का धारदार बक लिए मिला जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया, नाम पता पूछा गया जिसे अपना नाम राहुल पिता अशोक अहिरवार उम्र 23 साल निवासी विधायक कॉलोनी लवकुश नगर का होना बताया जिसके कब्जे से लोहे का धारदार बक जप्त कर अभीरक्षा में लिया गया। उक्त दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 25(b) आर्म्स एक्ट में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
उक्त दोनों अपराधी आदतन अपराधी हैं अभियुक्त राहुल अहिरवार के विरुद्ध मारपीट एवं छल कपट संबंधी अपराध दर्ज हैं, एवं अभियुक्त जितेंद्र अहिरवार के विरुद्ध गाली गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी संबंधी अपराध दर्ज हैं।
दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेआर पर माननीय न्यायालय पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
उक्त कार्यवाही में निम्नांकित की रही महत्वपूर्ण भूमिका-
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत सेन, प्रधान आरक्षक जितेंद्र सिंह, पुरषोत्तम विश्वकर्मा एवं आरक्षक जितेंद्र चकोटिया रमाकांत तिवारी, हिरदेश,बनमाली, अमित चंदेल की अहम भूमिका रही।


यातायात व्यवस्था में प्रयुक्त उपकरण जैसे ब्रेथ एनालाइजर, स्पीड रडार, बॉडी वार्न कैमरा, इंटरसेप्टर वाहन एवं बैटन लाइट से प्रतिभागिओं को कराया अवगत

लिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा एक सप्ताह के आयोजित इंटर्नशिप समर कैंप कार्यक्रम का उद्देश्य युवा, छात्र छात्राओ को एक सुसज्जित , सुरक्षित सड़क सस्कृति की परंपरा से अवगत कराना , छात्र छात्राओं को ट्राफिक नियमो की जानकारी , अति दुर्घटना वाले स्थान का अवलोकन , यातायात पुलिस संबंधी उपकरणों की जानकारी, सिग्नल एवं संकेत की जानकारी, यातायात व्यवस्था एवं यातायात पुलिस की कार्य प्रणाली से अवगत कराना तथा एक आदर्श नागरिक एवं सजग, रोड सेफ्टी प्रोत्साहक और गुड सेमेरेटन बनाने का है।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा एक सप्ताह के इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में (डे बाय डे) एक दिन इनडोर प्रशिक्षण, दूसरे दिन आउटडोर कार्यक्रम- प्रयोगात्मक प्रशिक्षण हेतु योजना बनाई गई है।
आज दिनांक 08/05/2024 दिन बुधवार को कार्यक्रम के तीसरे दिन यातायात पुलिस के उपयोगी उपकरण जैसे मादक पदार्थ एल्कोहल चेक करने हेतु ब्रेथ एनालाइजर, ओवर स्पीड चेक करने हेतु स्पीड रडॉर, इंटरसेप्टर वाहन, चालान काटने वाली ऑनलाइन डिवाइस, बैटन लाइट, ड्यूटी में पारदर्शिता हेतु प्रयुक्त बॉडी वार्न कैमरा एवं अन्य उपकरणों से अवगत कराया गया।
यातायात पुलिस के जवान आरक्षक अतुल सिंह भदौरिया ने डेमो दिखाते हुवे सभी यातायात संकेतों जैसे रुकना, जाना, दिशाओं के अनुसार अभ्यास कराते हुवे प्रतिभागियों को समझाया, साथ ही अभ्यास करवाया।
यातायात साइन, संकेत, सिगनल से अवगत होकर प्रयोगात्मक प्रशिक्षण हेतु विभिन्न चौराहों,मार्गों में पुलिस के साथ यातायात व्यवस्था ड्यूटी में भागीदारी भी की गई।
कार्यक्रम में यातायात प्रभारी निरीक्षक बृहस्पति साकेत, यातायात पुलिस स्टाफ एवं सम्मिलित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे।


नाबालिगों की शादी नहीं करें, बाल विवाह होने की 1098 या डायल 100 पर दें सूचना

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन छतरपुर द्वारा जिले के लोगों से 10 मई 2024 अक्षय तृतीया एवं विशेष तिथियों पर होने वाले विवाह में बाल विवाह नहीं करने की अपील की है। लोगों से अपील की गई है कि बाल विवाह होने की सूचना निकटतम थाने सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, टोल-फ्री नम्बर पर दें।

जिला महिला बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने लाडो अभियान के तहत बाल विवाह को रोकने के लिये सामूहिक विवाह करवाने वाले आयोजकों, प्रिंटिग प्रेस ऑनर्स, हलवाई, सामाजिक धर्म गुरूओं, मैरिज हाउस के मालिकों से अपील की है कि बालक एवं बालिकाओं के बालिक होने संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही सेवाएं प्रदान करें। मुद्रकों से अपील की गई है कि वैवाहिक पत्रिका में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि वर-बधु बालिक है। आयु प्रमाण के लिये स्कूल की अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र एवं आंगनवाड़ी केन्द्र के रिकार्ड से मिलान करे। इसके लिये मेडीकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य किया जाएगा।

बाल विवाह रोकने के लिये महिला बाल विकास कार्यालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। जिसका दूरभाष क्र. 07682-243590, मोबाइल नम्बर 8516841808 सहित कॉल सेंटर दूरभाष नम्बर 07682-181 चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 के अलावा डायल 100 पर भी सूचना दी जा सकेगी।

खण्ड स्तरों पर भी नियंत्रण कक्ष बनाए गए

राजनगर में रजनी शुक्ला के मोबाइल नम्बर 9343219162, बिजावर के लिए राजकुमार बागरी 7389856220, बक्स्वाहा हेमलता सिंह 8269722375, ईशानगर के लिए अनिल नामदेव 9406904121, गौरीहार श्रीमती राखी सिंह 9981598284, लवकुशनगर नसीर छीपा 9584913805, नौगांव के लिए श्रीमती नेहा जैन 7974116644 और बड़ामलहरा, छतरपुर शहर हेतु विक्रम सिंह के मोेबाइल नंबर 9165848289 पर बाल विवाह संबंधी सूचना दी जा सकती है।


छतरपुर पुलिस के नशा विरुद्ध अभियान के तहत थाना नौगांव पुलिस की कार्यवाही

Monday 6 May 2024

रात्रि रोड पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम पन्नपुरा में नौगांव पुलिस ने छापेमारी कर 56 पेटी, 500 लीटर कीमती ₹ 2,80,000 की अवैध शराब की जप्त

पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन ने समस्त थाना प्रभारी को नशाखोरों एवं अवैध रूप से नशा विक्रय, संग्रह करने वाले, तस्करों के विरुद्ध सख्त एक्शन कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। छतरपुर जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत नशा के विरुद्ध कड़ी कार्यवाहियां की जा रही है।
रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान थाना नौगांव पुलिस को सूचना मिली की ग्राम पन्नपुरा के कालू उर्फ राम सजीवन राजपूत द्वारा अपने बाड़े में अवैध शराब संग्रह कर सप्लाई करने हेतु रखी गई है।
रात्रि रोड पेट्रोलिंग के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी नौगांव श्री चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में थाना नौगांव पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर ग्राम पन्नपुरा जाकर कालू उर्फ रामसजीवन राजपूत के बाड़े मे विधिवत छापेमार कार्यवाही की गई। पुलिस को आता देख अंधेरे का फायदा उठाकर कालू उर्फ राम सजीवन राजपूत भाग गया। बने टैंक सहित बाड़े में कुल 56 पेटी अवैध सनी कंपनी की अंग्रेजी शराब व्हिस्की बरामद की गई। समक्ष गवाहन 56 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब सनी कंपनी की व्हिस्की प्रत्येक पेटी 50 क्वार्टर, कुल 2800 क्वार्टर, मात्रा 500 लीटर कीमती 280000 रुपए जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया।
उक्त अवैध शराब संग्रह करने वाले आरोपी कालू उर्फ रामसजीवन राजपूत निवासी ग्राम पन्नपुरा के विरुद्ध आबकारी अधिनियम धारा 34 (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उक्त फरार आरोपी की तलाश एवं विवेचना कार्यवाही जारी है।
उक्त कार्यवाही में निम्नांकित की रही महत्वपूर्ण भूमिका-
निरीक्षक सतीश सिंह थाना प्रभारी नौगांव, उनि नेहा सिंह गुर्जर चौकी प्रभारी गरौली, उनि बलराम यादव चौकी प्रभारी लुगासी, सउनि सीताराम, प्र. आर. अरविंद शर्मा, प्र.आर प्रमोद शर्मा, प्र.आर रामराज, आर धीरेंद्र, आर. भूपेंद्र यादव, आर. यादवेंद्र, आर. आदित्य, आर. अनिल साहू, आर. अंकिता की विशेष भूमिका रही।


ब्रह्माकुमारी विद्यालय नौगांव सेंटर पर बच्चों के लिए पांच दिवसीय समर कैंप “आओ बनाए चमकते दुनिया ” का शुभारंभ

Friday 3 May 2024

नौगांव- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सेंटर पर समर कैंप का आयोजन छतरपुर सेवा केंद्र प्रभारी बीके शैलजा बहन जी के मार्गदर्शन में किया गया। जिसका शुभारंभ माया सरवाणी नौगांव रानी साहब, नौगांव जेलर साहब अरविंद खरे, डॉ अनुराधा चौहान, भावना पाठक समाजसेवी, साधना पांडे स्कूल प्रिंसिपल एवं समाजसेवी, दिनेश भट्ट, ब्रह्माकुमारी रीना बहन, चंदला सेवा केंद्र से बीके भारती , बीके मोहिनी बहन एवं बी के छत्रसाल ने दीप प्रज्वलित करके किया।

इस अवसर पर अपर जेल नौगांव के जेलर सहाब अरविंद खरे ने बच्चों को शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि चरित्र निर्माण के लिए ऐसे समर कैंप हश होते रहने चाहिए।

बी के रीना बहन ने प्रोग्राम में पधारे सभी मेहमानों का तिलक और उपर्णा उड़ाकर स्वागत किया तथा दीदी ने बताया कि समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक एवं आध्यात्मिक गुणों का समावेश कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना है एवं मंच का कुशल संचालन किया।

बीके भारती दीदी ने सभी बच्चों को कई प्रकार की एक्टिविटीज़ कराकर उन्हें खेल-खेल में नैतिक शिक्षा व मूल्यों से परिचित करवाया एवं वह सभी बच्चों को बीच-बीच में ब्रेक देकर जलपान एवं नाश्ता भी कराया गया।

कार्यक्रम के अंत में आए हुए सभी अतिथियों को ईश्वरीय स्वागत और प्रसाद देखकर विदाई दी गई।

नौगांव उप पंजीयक कार्यालय के 40 वर्ष, स्थापना दिवस कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया

नौगांव उप पंजीयक कार्यालय में श्री संजीव विमोचन तिवारी जी ने 1 मई 2024 को कार्यालय में भगवान श्री राम लाल सरकार की मां लक्ष्मी की पूजा करने के बाद कार्यालय का कार्य शुरू किया आज से 40 वर्ष पूर्व आज के ही दिन मध्य प्रदेश शासन विभाग द्वारा नौगांव में उप पंजीयक कार्यालय की स्थापना हुई थी इसी उपलक्ष्य में कार्यालय में सभी कर्मचारी लेखक सेवा प्रदाता स्टांप विक्रेता और क्षेत्रीय जनता के बीच स्थापना दिवस मनाया गया प्रसाद वितरण किया गया |


मध्य प्रदेश शासन पंजीयन एवं मुद्रा विभाग द्वारा नौगांव तहसील कार्यालय में 1 मई 1984 को कार्यालय की स्थापना ट्रेजरी कोषालय कार्यालय में श्री व्ही के शंखधर की स्थापना से शुरू हुआ था 2 माह बाद उनका स्थानांतरण हो जाने के कारण जतारा टीकमगढ़ के रहने वाले श्री बीके जैन ने 18 जून को अपना पदभार ग्रहण किया था और 6 जुलाई 1990 तक नौगांव में पदस्थ रहे उनकी पदोन्नति होने के बाद वह नर्मदा पुरम होशंगाबाद में जिला पंजीयन बनाए गए ।


छतरपुर जिले के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में श्री निसार मोहम्मद के पुत्र श्री युसूफ खान जिन्होंने पीएससी के बाद नौगांव में उप पंजीयन का पदभार ग्रहण किया था उनके द्वारा एवं पीएससी से निकले श्री कौशलेंद्र सिंह दोनों अधिकारियों ने नौगांव क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया है जनता से मिलनसार किसानों के हाथों की प्रशासन के हितों की रक्षा करते हुए प्रशासनिक काम किया उनका कार्यकाल आज भी नौगांव में याद किया जाता है ।


दमोह जबलपुर के रहने वाले श्री धनीराम सेन एवं श्री ब्ही एम कद्रे श्री रूपनारायण शर्मा एवं ग्वालियर के श्री नरेश शर्मा की पदस्थापना नौगांव में रही कटनी जबलपुर से श्री जगदीश शुक्ला ने पदभार ग्रहण किया उसके बाद छिंदवाड़ा से श्री एस के देशभरताल अल्प समय के लिए नौगांव में अल्प समय के लिए पदस्थ रहे।


ग्वालियर से विधि का ज्ञान रखने वाले अधिवक्ता का कार्य करते रहे श्री कौशलेंद्र सिंह की पदस्थापना नौगांव में पदस्थ की गई जिन्होंने 6 वर्षों तक नौगांव में अपनी सेवाएं दी नौगांव से इंदौर पदस्थापना हुई शिवपुरी के रहने वाले श्री संध्या श्रीवास्तव एवं मगरपुर मऊरानीपुर जिला झांसी गृह निवास के रहने वाले श्री सुरेश कुमार पुरोहित करण सिंह घोष एवं जतारा के श्री अजीज खान का कार्यकाल बहुत ही अच्छा रहा । अल्प समय के लिए श्री रामलाल अहिरवार जी की भी पदस्थापना नौगांव में रही है
निवाड़ी के रहने वाले श्री संजीव विमोचन तिवारी काफी अच्छे से पंजीयन लिपट के पद पर पदस्थ रहे लेकिन जनवरी 2024 से उन्हें पंजिया के पद पर स्थापना करके नौगांव में ही पदस्थापना कर दी गई है वर्तमान में वह नौगांव और लवकुश नगर दो जगह के प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं । निवाड़ी के रहने वाले श्री राजेंद्र तिवारी जी काफी दिनों तक छतरपुर में पदस्थ रहे और उनकी सेवा निवृत्ति के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र श्री संजीव विमोचन तिवारी। उप पंजीयक कार्यालय में काम कर रहे हैं ।

बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्या दरबार से 27 अप्रैल 2019 को मैंने हजारों जनमानस के बीच जो विचार रखे थे, आज वह साक्षात साकार हो रहे हैं

बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्या दरबार से 27 अप्रैल 2019 को मैंने हजारों जनमानस के बीच जो विचार रखे थे आज वह साक्षात साकार हो रहे हैं, संतोष गंगेले कर्मयोगी
बागेश्वर धाम गढ़ा गंज बमीठा जिला छतरपुर
धर्म धारण करने के लिए किसी भी मानव मनुष्य के लिए सर्वप्रथम प्रकृति संचालन करने वाली शक्ति के प्रति श्रद्धा विश्वास और भक्ति का होना बहुत जरूरी है तभी हम धर्म के प्रति समर्पण समर्पित और आस्थावान हो सकते हैं । इस प्रकार की यह घटना में अपने जीवन की यहां पर प्रस्तुत करना चाहता हूं जो बहुत ही यथार्थ और भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में प्रेरणा देने वाली है ।


समाधान बालाजी का दरबार दिव्य चमत्कारी दरबार में पहुंचा और बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने दूर से ही नाम पुकारते हुए कहा कि नौगांव से संतोष गंगेले कर्मयोगी जी आ रहे हैं उनके बैग में फूल माला ,शाल श्रीफल नारियल है और वह हमारा सम्मान करना चाहते हैं । उनके मुखर से विचार सुनकर मैं अचंभित रह गया जैसे पास पहुंचा मैंने उनका पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन यज्ञाचार्य कथा व्यास श्री रमाकांत पटेरिया जी आलमपुर वाले कर रहे थे । स्वागत के बाद जैसे ही में वापस जाने लगा बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कार्यक्रम संचालक श्री रमाकांत पटेरिया जी से कहा कि श्री कर्मयोगी जी को माइक दिया जाए यह कुछ बालाजी की महिमा आपको बताएंगे । मैंने अपना बैग उतार कर रखा मैंने बागेश्वर बालाजी का जयकारा लगाया जैसे ही ध्यान किया मेरा ध्यान अंतर्ध्यान हो गया और मैं बालाजी की महिमा पावन पवित्र स्थान की महिमा बागेश्वर बालाजी के क्षेत्र की महिमा अपने आप मुंह से बोलता गया यह सब बातें बागेश्वर बालाजी की कृपा से थी वहां पर बैठे सभी भक्तगण बार-बार तालियां बजा रहे थे मैं यही बोल रहा था कि 4 वर्ष के अंदर बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संत होंगे यहां पर उनके लिए हेलीकॉप्टर खड़ा रहेगा लाखों की भीड़ होगी । तीर्थ स्थल बनेगा लोगों को लाभ रहेगा धार्मिक क्षेत्र बनेगा इस गांव पूरे विश्व के नक्शे पर होगा यह सब बातें वहां पर उपस्थित जन समुदाय के बीच मेरे मन और आत्मा वाणी से माइक पर बोली गई । उन्होंने हमारे जीवन के तीन बातें बताई जिससे मुझे अद्भुत श्रद्धा विश्वास भक्ति हुई यहां तक की समय टाइम और सारी बातें जिनके बारे में मैं सोच नहीं सकता था वह भी मैं जन समूह के बीच बताते हुए कहा कि मेरे जीवन के अद्भुत कर होने की तिथि भी निर्धारित कर दी जो सफल हुई ।


पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने मुझे आशीर्वाद दिया और प्रसाद दिया मैं वहां से दिव्य दरबार की लाइव प्रसारण भी किया जो फेसबुक रिकॉर्ड में दर्ज है इसके पहले अनेकों बार प्रसारण करता रहता था।
आखिर पावन पवित्र तीर्थ स्थल धार्मिक स्थल और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल की महिमा मेरी वाणी से मेरी आत्मा से बोलने के लिए मुझे बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर ने मुझे चुना था और आज भी मेरी आस्था पूर्ण रूप से श्री हनुमान जी बागेश्वर बालाजी और श्री बागेश्वर महाराज जी पीठाधीश्वर सन्यासी बाबा के प्रति है हमारा पूरा परिवार आध्यात्मिकता धार्मिक क्षेत्र में ही जुड़ा हुआ है । उनके आशीर्वाद के वीडियो और उनका हस्तलिखित सम्मान पत्र मेरे पास उपलब्ध है । उन्होंने हमेशा अपने जन्म भूमि गांव जिला और क्षेत्र के लिए लोगों को अद्भुत सम्मान दिया सबको जोड़ने का काम किया लाखों लोगों को रोजगार मिला है और सनातन संस्कृति बची है उनकी महिमा उनकी शक्ति राष्ट्रीय स्तर पर तथा अनेक देशों तक पहुंची है ।
हर घर परिवार में कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका समाधान व्यक्ति के कर्मों के द्वारा ही निर्धारित होता है यह समस्याएं हर घर परिवार में है ।


4 वर्ष बीत जाने के बाद जो आध्यात्मिकता दिव्या दरबार में मैंने बोला था वह साक्षात हुआ है मैं यह कहना चाहता हूं जो भी बातें मेरे मुंह से निकली थी वाणी से निकली थी वह मेरी नहीं थी मेरे मन में नहीं थी लेकिन बागेश्वर बालाजी ने इस आत्मा को इस शरीर को मैं से बोलने के लिए बालाजी की कृपा थी। क्योंकि बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर अपनी महिमा स्वयं नहीं बोल सकते थे इसलिए उन्होंने मुझे चुना है
4 वर्ष की अंतराल में बागेश्वर बालाजी मुझे अनेकों बार आशीर्वाद प्रदान कर चुके हैं हृदय से लगा चुके हैं और जब भी वह मिलते हैं पूरा आशीर्वाद देते हैं मोर हमारे पूरे परिवार को आशीर्वाद देते हैं कोविद-19 कोरोना वायरस के समय हमारा पूरा परिवार पीड़ित था परेशान था बच्चे परेशान थे नाती परेशान थे हम लोगों ने आयुर्वेदिक घर में उपचार लिया बालाजी बागेश्वर का हवन पूजन यज्ञ करते रहे और समय निकालकर पीठाधीश्वर जी का आशीर्वाद लेते रहे जिस कारण से बड़ी-बड़ी बढ़ाएं दूर हो गई


बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने मुझे चार बार आशीर्वाद देकर कहा है की आपको समय आने पर राष्ट्रीय सम्मान राष्ट्रीय मंच पर ले जाना है समय की प्रतीक्षा है
उन्होंने मुझे वर्ष 2019 में नेत्र ज्योति,शिविर दंत चिकित्सा शिवर के दौरान 11 कर्मकांड ब्राह्मण के साथ आशीर्वाद दिया था और उन्होंने बोला था कि आप पूरे बुंदेलखंड में यात्रा करें आपको कोई कष्ट नहीं होगा आपको कभी कोई कमजोरी महसूस नहीं होगी जिसका परिणाम यह है कि वर्ष 2019 से मैं लगातार बुंदेलखंड के 8 जिलों में घूम रहा हूं आज तक मुझे मेरी मोटरसाइकिल ने मुझे परेशान नहीं किया और मोटरसाइकिल कभी पंचर नहीं हुई है उनका आशीर्वाद है आपका सम्मान समाज सुधार देश रक्षा देशभक्ति के लिए हमेशा रहेगा ।


12 फरवरी 2023 को बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर आश्रम के पास से मेरी मोटरसाइकिल चोरों ने चोरी कर ली मैंने उनको यह जानकारी दी तो उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह मोटरसाइकिल आपके भविष्य को लेकर आपके जीवन को लेकर दुष्ट कर के हाथ में चली गई है उसे मोटरसाइकिल की यात्रा आपके हाथ में आगे नहीं थी और उसकी खोज मत करो ।
मैंने परमपिता परमात्मा श्री हनुमान जी को याद करके यह त्याग किया कि उसे मोटरसाइकिल से मेरी अकाल मृत्यु दुर्घटना बहुत से संकट होने वाले थे या उसे मोटरसाइकिल से किसी अन्य व्यक्तियों की दुर्घटना से मृत्यु हो सकती थी इसलिए बालाजी ने एक बुराई में सब अच्छाइयां दिखा करके मेरी मोटरसाइकिल बागेश्वर बालाजी से किसी दुष्ट कर के हाथ चली गई है हो सकता है वह दुष्ट कर उसे मोटरसाइकिल से कहीं मर भी सकता है फस भी सकता है इसलिए मैंने उसकी खोज खबर नहीं की है और उसका बीमा भी नहीं लिया है|


अगर आपको ईश्वर पर संतों पर भरोसा है तो सीधा विश्वास और भक्ति बहुत जरूरी है। आने वाले समय में बागेश्वर बालाजी पीठाधीश्वर की कृपा से राष्ट्रीय सम्मान राष्ट्रीय मंच और राष्ट्रीय नेताओं से भेंट वार्ता का समय निर्धारित हो रहा है जनमानस के बीचनिरोगी होकर समाज सेवा कर रहा हूं यह मेरे लिए बहुत बड़ी सौभाग्य की बात है मेरा पूरा परिवार श्री हनुमान जी बागेश्वर बालाजी परमपिता परमेश्वर पर श्रद्धा विश्वास भक्ति रखता है सारे काम सफल हो रहे हैं और होते रहें यही आशा है आप सभी का भी मनोकामना पूर्ण हो ओम बागेश्वर आए नमः

पत्रकारिता को प्रजातंत्र का चौथा स्तंभ की जगह क्यों नहीं मिली ,प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल मीडिया से जुड़े संपादक पत्रकार वर्तमान प्रजातंत्र में क्यों बदनाम हो रहे हैं ।

प्रजातंत्र चार भागों में विभाजित किया जाता है न्यायपालिका विधायिका कार्यपालिका और स्वतंत्र पत्रकारिता ।
भारत देश के अंदर बुंदेलखंड का एक अपना इतिहास है और बुंदेलखंड के छतरपुर जिले को हृदय स्थल माना जाता है वर्तमान में छतरपुर जिले की पत्रकारिता संपूर्ण मध्य प्रदेश में अपना स्थान रखती है । प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सोशल मीडिया यूट्यूब चैनल फेसबुक इंस्टाग्राम व्हाट्सएप सोशल मीडिया के माध्यम से पल-पल की खबरें लोगों तक पहुंच रही हैं इस प्रतिस्पर्धा में वर्तमान में पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने की बाढ़ आ चुकी है जिन्हें कोई अनुभव नहीं ज्ञान नहीं है किसी महाविद्यालय में पत्रकारिता के बारे में पढ़ा नहीं है और महापुरुषों पत्रकारों की जीवनी का अध्ययन नहीं किया है साहित्यकार कवियों के बारे में अध्ययन नहीं किया है पुस्तक ज्ञान के साथ साहित्य सामग्री का अध्ययन करना बहुत जरूरी है पत्रकारिता कोई व्यापार कंपनी नहीं है पत्रकार को नारद जी की उपाधि दी गई है इसलिए समाचारों का आदान-प्रदान पीड़ित परेशान एवं अनाथ गरीबों की मदद करने का एक माध्यम है भक्ति का मार्ग है आराधना साधना का मार्ग है लेकिन वर्तमान में उसको व्यवसाय बना लिया गया है और वर्तमान में सभी संपादक और मीडिया से जुड़े संस्थान पूर्ण रूप से पैसा कमाने के लिए ही पत्रकारिता करते हैं राजनेताओं अधिकारियों व्यापारियों से संबंध बनाकर धन अर्जन करना मुख्य आई का स्रोत बना लिया है जिससे उन संस्थान ऑन समाचार पत्रों और चैनल से जुड़े पत्रकार मजबूरी बस कालाबाजारी भ्रष्टाचारी ब्लैकमेल पत्रकार की श्रेणी का काम करने के लिए मजबूर हो जाते हैं श्रमजीवी पत्रकार जो श्रम करने के बाद धन प्राप्त करते हैं मेहनत का पैसा लेते हैं वही लोग अपनी लेखनी सही तरीके से लिखने के लिए स्वतंत्र होते हैं इसलिए वर्तमान पत्रकार और पत्रकारिता का स्तर गिर रहा है षड्यंत्र के शिकार हो रहे हैं पत्रकारों को समाज का काला चेहरा पहचान जाने लगा है जिसका आंसर पत्रकारिता की छवि खराब हुई है कुछ ऐसे पत्रकार भी हैं जो व्यापारी अधिकारी कर्मचारी ठेकेदार और व्यवसाय से जुड़े हैं अपने सारे कुकर्मी अधर्मी बुरे काम बचाने के लिए तथा समाज में रोव प्रदर्शित करने के लिए बहुत से लोग पत्रकारिता में प्रवेश कर गए हैं जिससे कि अच्छे काम करने वालों की छवि खराब हो रही है। वर्तमान में पत्रकारों को अपनी लेखनी और वाणी पर संयम की आवश्यकता है देश में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है इसलिए मीडिया सोशल मीडिया गूगल प्लेटफार्म पर प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मीडिया से जुड़े लोगों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है लोकतंत्र प्रजातंत्र की रक्षा के लिए चौथा स्तम्भ मीडिया जगत को कहा जाता है लेकिन अभी स्थान नहीं मिला है और यदि पत्रकारिता व्यावसायिक रही कालाबाजारी भ्रष्टाचार में संलग्न रहती है तो यह स्थान प्राप्त भी नहीं हो पाएगा इसलिए पत्रकारिता की साथ ईमानदारी करता निष्ठा के साथ कलंक से बच के रहे ।
पत्रकार चौथा स्तंभ क्यों कहा गया है
पत्रकारिता को प्रजातंत्र का चौथा स्तंभ की जगह क्यों नहीं मिली ,प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल मीडिया से जुड़े संपादक पत्रकार वर्तमान प्रजातंत्र में क्यों बदनाम हो रहे हैं । इस बिषय को लेकर मैं बहुत चिन्तित हो गया कि प्रजातंत्र में पत्रकार की भूमिका पर क्या लिखूं लेकिन मैने प्रकृति संचालन कर्ता परमपिता को याद किया तो उन्होने ही मेरे मन व आत्मा के माध्यम से इस प्रकार की विचार उत्पत्ति करते हुये मन को आदेश दिया कि वर्तमान समय वैज्ञानिक एवं भौतिकवादी युग आ गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के विषय के तमाम वैज्ञानिकों ने अपने अपने विवके, ज्ञान, वुध्दि, दिमाग का उपयोग करते हुये, संसार के विभिन्न प्रकार के अनुभव जिज्ञासा होने ऐसी बहुत सी खोज कर डाली जिनकी मानव ने कभी कल्पना नही की है, आने वाला समय अभी क्या क्या अविष्कार करेगा इसकी भी कल्पना नही है।
समय परिवर्तनशील होता है और आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है इसलिए समय और परिस्थितियोंवश व्यक्ति को शासन प्रशासन विधि विधान कानून व्यवस्था सामाजिक परिवर्तन सामाजिक समस्याओं को लेकर विभिन्न प्रकार की सामाजिक गतिविधियों और परिस्थितियों के अनुसार प्रजातंत्र को बचाए रखने के लिए स्वतंत्र लेखन पत्रकारिता कभी साहित्यकारों की आवश्यकता होती है और हम इसी कर्तव्य निश्चित वाले काम को समाज सेवा का सबसे बड़ा स्वरूप को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हैं। किसी समय व्यक्ति के द्वारा व्यक्तियों को संदेश देना बुद्धि भी वर्ग को जागृत करना संदेश पहुंचाना और अपनी बात को विभिन्न तरह से समाज में जागृत करने के लिए विचार रखना ही समाज में संदेशवाहक जिसे हम सनातन संस्कृति में नारद मन ए की परिभाषा से परिभाषित करते थे ।
चूंकि मेरा जीवन पत्रकारिता से जुड़ा है, बचपन से मुझे साहित्य में रूचि रही, जब कोई भी व्यक्ति-मानव साहित्य में रूचि रखने लगता है तो उसे अपने देश की संस्कृति एवं संस्कार को पहला स्थान देना होता है। यदि साहित्यकार लेखक अपने राष्ट्र-देश की संस्कृति-संस्कारों को अनदेखा करेगा तो वह देश-द्रोही कहलायेगा। हम भरत वंशज है, भारत माता की संतान कहलाते है, हिन्दू संस्कृति में माता से ऊंचा कोई पद व स्थान नही है।

संसार में दो सौ से अधिक देश हो सकते है जिनके नाम तरह तरह के हो सकते है लेकिन भारत ही एक ऐसा देश या राष्ट्र है जिस देश को स्त्रीलिंग के साथ-साथ भारत माता , मां को जोड़ा गया है चॅूकि भारत भूमि में सृष्टि के संचालन कर्ताओं ने मानव रूप अवतरित होकर मानव काया के न्याय-अन्याय, धर्म-कर्म के माध्यम से पुण्य-पाप, सत्य- असत्य, लाभ-हानि की पहचान कराई है।
देवर्षि नारद पत्रकारिता के जनक कहे जाते हैं
भारतीय संस्कृति के रक्षक, मानव के जीवन जीने का संदेश देने केलिए हमारे वेद, पुराण, शास्त्रों, ग्रन्थों, उपनिषद है, इन सभी की सुरक्षा व रक्षा करने के साथ साथ जीवों को सुख- दुःख के अंतर को बताने के लिए प्रकृति संचालन कर्ता ने हमे देव ऋषि नारद जी को इस संसार में मानव कल्याण केलिए भेजा जो देवताओं, देवियों एवं प्राणियों के बीच समाचार संचार का माध्यम बन कर मार्ग दिखाते रहे।

देवर्षि नारद के चैरासी सूत्र वस्तुगत पत्रकारिता सिद्धान्त है । इनसे प्रेरणा लेकर मीडिया-पत्रकारिता जगत समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत कर सकता है । देवर्षि नारद जी ने लोक कल्याणकारी कार्य किये है, उनके जीवन दर्शन को लेकर ही हम पत्रकारिता का सृजन कर सकते है । देवर्षि नारद जी का उद्देश्य जनहित है, वह देवताओं एवं मानव के विस्वास पात्र रहे, लोक कल्याण में निःस्वार्थ भाव से समर्पित ही अपनी विश्वसनीयता कायम कर सकता है । नारद जी को सृष्टि संचालन के एक कुशल, योग्य, निर्भीक, कर्मठ, कर्मयोगी पत्रकार कह सकते है ।

पत्रकारिता का इतिहास
इस संसार की उत्पत्ति कब हुई और विनाश कब होगा इसका कोई समय व तिथि तय नही हो सकी है, प्रत्येक व्यक्ति अपना बर्तमान देखकर भविष्य तय करता है, उत्पत्ति व खोज के बाद ही उसका इतिहास बन जाता है जो बात इतिहास बन जाती है उसी को हम संस्कृति कहते है। समय के विकास के अनुसार विश्व के इतिहास का अध्ययन करने पर हमें पता चला कि विश्व में पत्रकारिता का आरंभ सन् 131 ईस्वी पूर्व रोम में हुआ था उस साल का पहला दैनिक समाचार पत्र निकलने लगा था उसका नाम एक्टा डियूमा (।बजं कंपनी) जिसे दिन की घटना का समाचार होता था जिसे किसी पत्थर या धातू पर लिखकर आम लोगों को संदेश समाचार दिया जाता था। मध्य काल में इसी को हस्तलिखित को सूचना पत्र का नाम दिया जाने लगा था।

जब 15वीं शताब्दी के मध्य योहन गूटनवर्ग ने छापने की मशीन का आविष्कार किया जिसमें धातू के अक्षरों का उपयोग किया जाता था । धीरे धीरे यूरोप का एक योहन कारोलूम नाम का व्यापारी ने सन् 1605 ईस्वी में घटना के नाम को बदलकर सूचना पत्र हुआ उसके बाद उसी को समाचार का नाम दिया गया, तथा विश्व का पहला समाचार पत्र इसी बर्ष 1605 ई0 समाचार पत्र को पहला नाम रिलेशन (संबंध) यह विश्व का पहला मुद्रित अखवार था ।

भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के समय सन् 1776 ई0 में एक अंग्रेजी अखवार का संचालन अंग्रेजों ने किया लेकिन उसका संचालन बंद हो जाने के बाद अंग्रेजों ने अपनी बात जनता तक पहुंचाने का माध्यम बनाया था लेकिन बाद में इसी अंग्रेजी समाचार पत्र में कुछ आम बुद्धिजीवी वर्ग के स्वतंत्र विचार प्रकाशित करने की अनुमति 1780 में दी थी । भारत मैं सन् ं 1790 में अनेक स्थानों से अंग्रेजी अखबारों का प्रकाशन हुआ लेकिन वह कुछ ही समय तक छपने के बाद बंद हो गये थे ।

भारत में पहला अखबार संवाद कौमुदी प्रकाशित हुआ
अंग्रेजो के शासन होने के वाद भी समाज सुधारक राजा राम मोहन राय — ने समाज को जाग्रत करने के लिए 1819 में भारतीय बंगाली भाषा में पहला समाचार पत्र संवाद कौमुदी प्रकाशित किया जिसको बुध्दि का चांद कहा जाता था । इस प्रकार भारत में समाचार पत्र के प्रकाशन की शुरूआत राजाराम मोहन राय ने ही शुरू की थी । उसके बाद भारत में सन् 1822 में गुजराती भाषा का साप्ताहिक मुंबईना समाचार का प्रकाशन हुआ जो दस साल बाद दैनिक समाचार पत्र हो गया था । राजाराम मोहन राय का संवाद कौमुदी समाचार पत्र बंद हो जाने पर उन्होने सन् 1830 में एक बड़ा हिन्दी साप्ताहिक बंगदूत का प्रकाशन शुरू किया , यह समाचार पत्र बहु भाषीय पत्र था। जो अंग्रेजी, बंगला, हिंदी, और फारसी भाषा में कोलकात्ता से निकलता था।

भारत देश के अंदर अनेक समाचार पत्र प्रकाशन शुरू हुये और बंद हुये लेकिन 30 मई 1826 को उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन पंडित जुगल किशोर शर्मा ने शुरू किया था , इसी दिवस में पत्रकारिता के इतिहास में पत्रकार दिवस का स्वरूप दिया जाता है । पंडित जुगल किशोर से लेकर उनके समकालीन व्यक्तित्व केलिए पत्रकारिता और अर्थ सकारात्मक थे ।

राष्ट्रवादी पत्रकारिता के वाहक दीनदयाल उपाध्याय
पं0 दीन दयाल उपाध्याय का जन्म 25 दिसम्बर 1916 को राजस्थान के धनकिया नाम ग्राम में हुआ था उनका जन्म ननिहाल में हुआ । उनका पैतृक निवास मथुरा के फराह नामक गांव है उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय व माता जी का नाम श्रीमती राम प्यारी था । जब पं0 दीन दयाल उपाध्याय 8 बर्ष की आयु के थे तो उनके माता पिता का देहांत हो जाने से उन्हे माता पिता का स्नेह व प्यार नही मिल सका।

जो उनके भाई सही शिवदयाल जी थे उनका पालन पोषण करते थें उनका भी बीमारी के चलते देहान्त हो जाने के कारण उनके मामा जी ने गंगापुर ,राजस्थान में किया । पंडित श्री दीन दयाल उपाध्याय जी कालेज की शिक्षा के दौरान ही आर एस एस से जुड़ गये और उन्होने पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित कर दिया । सन् 1947 में दीन दयाल जी ने राष्ट्रधर्म प्रकाशन लिमिटेड की स्थापना की थी जिसके अंतर्गत स्वदेश, राष्ट्रधर्म एवं पांचजन्य नामक पत्र प्रकाशित होते थे।

उनके साथ श्री बचनेश त्रिपाठी, महेन्द्र कुलश्रेष्ठ, गिरीश चन्द्र मिश्र, अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव लोचन, अग्निहोत्री जैसे श्रेष्ठ पत्रकारों को तैयार किया था । पंडित जी ने समाचार पत्रों के माध्यम से राष्ट्रवादी जनमत निमार्ण करने का महत्वपूर्ण कार्य किया था ।

केसरी पत्रकार लोकमान्य वाल गंगाधर तिलक-इनका जन्म 23 जुलाई 1856 को रत्नागिरी में हुआ था, इन्होने देश को आजाद कराने में अपनी अहम भूमिका अदा की इन्होने केसरी समाचार पत्र का प्रकाशन किया था साथ ही पत्रकारों केलिए लिखा था केसरी निर्भयता एवं निष्पक्षता से सभी प्रश्नोत्तरी की चर्चा करेगा , यदि समाचार पत्र चापलूसी की प्रवृति देश हित में नही होगी।

मुंशी प्रेम चन्द्र ने भारत देश के लिए पत्रकारिता की है उन्होने माधुरी और जागरण का संपादन करते हुये राष्ट्र चेतना से संबंधित अपने विचार का जन – जन तक पहूँचाने का कार्य किया। सामाजिक समरसता एवं स्वदेशी के भाव को उन्होने पत्रकारिता के माध्यम से लोगों को पहुंचाने का कार्य किया। उन्होने कहा था कि साहित्य की तुलना में पत्रकारिता आम आदमी की समस्याओं को अधिक स्फूर्त रूपसे समझ सकती है। वह साहित्य सर्जन के साथ साथ पत्रकारिता के माध्यम से भी जन जागरण ज्योति प्रचण्ड करते रहे।
गणेश शंकर विद्यार्थी भारत देश के महान क्रांतिकारी भारत रत्न पत्रकार थे
भारतीय पत्रकारिता के पुरौधा शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी
भारतीय पत्रकारिता की पुरौधा कहे जाने वाले पत्रकार शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी जी के बारे में जो भी कुछ ज्ञान अर्जित किया जा सकता है वह बर्तमान पत्रकारिता के लिए प्रेरणा दायक है,गणेशशंकर विद्यार्थी यह एक नाम ही नहीं बल्कि उनके नाम में एक आदर्श विचार छुपा रहता है। वह एक पत्रकार होने के साथ साथ एक महान क्रांतिकारी और समाज सेवी भी थे।

पत्रकारिता के नैतिक कर्तव्य को निभाते हुए गणेशशंकर विद्यार्थी ने अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। उनका समस्त जीवन पत्रकारिता जगत केलिए अनुकरणीय आदर्श उदाहरण है शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी जी का जन्म अश्रि्वनी शुक्ल 14 रविवार सं0 1947 दिनांक 26 अक्टूवर 1890 को इलाहाबाद के अतरसुइया मोहल्ला में अपने नाना जी के घर पर हुआ था , उनके पिता जी का मुंशी जय नारायण था तथा माता जी का नाम श्रीमती गोमती देवी था । शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी जी का परिवार मूलतः फतेहपुर उत्तर प्रदेष के निवासी थें उनके पिता ग्वालियर रियासत में मुंगावली के एंग्लो वर्नाक्युल स्कूल में हेड -मास्टर थें।

विद्यार्थी जी का बचपन ग्वालियर में ही बीता प्राथमिक शिक्षा ग्वालियर में होने के बाद उन्होने कानपुर में एटेंडेंस परीक्षा करने के बाद वह कायस्थ पाठशाला इलाहाबाद पढ़ने चले गये । अध्ययनरत समय में ही उन्हे पत्रकारिता की ओर झुकाव हुआ और इलाहाबाद प्रयागराज के हिंदी साप्ताहिक कर्मयोगी के संपादन में सहयोग देने लगे थें । शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी ने कुछ समय करेंसी कार्यालय में नौकरी की लेकिन अंग्रेज अधिकारी से विवाद हो जाने के बाद वह नौकरी छोड़ दी। पुनः अध्ययन करने में जुट गये।

अध्ययन करते हुये पत्रकारिता में लगाव के कारण श्री महावीर प्रसाद व्दिवेव्दी की पत्रिका सरस्वती के सहायक बने , साथ ही कर्मयोगी, स्वराज्य, हितवार्ता आदि पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखना प्रारंभ किया । कुछ समय सरस्वती पत्रिका में कार्य करने के वाद वह अभ्युदय में सहायक संपादक हुए जहां विद्यार्थी जी ने सन् 1913 तक कार्य किया । शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी स्वाभिमानी होने के कारण उनके मन के लेख व समाचार प्रकाशित न कर पाने के कारण उन्होने स्वंय का एक समाचार पत्र प्रकाशन करने का संकल्प लिया और साप्ताहिक समाचार पत्र प्रताप नाम से समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया ।

गणेशशंकर विद्यार्थी ने अपने साप्ताहिक समाचार पत्र प्रताप के पहिले अंक के प्रकाशन में ही उन्होने संपादकीय मे लिखा था कि -प्रताप का यह अंक राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन, सामाजिक आर्थिक क्राॅति, राष्ट्रीय गौरव, साहित्यिक सांस्कृतिक विरासत केलिए ही उनकी पत्रकारिता समर्पित है । प्रताप में अंग्रेजो के विरूद्ध समाचार प्रकाशन करने के कारण अंग्रेजी हुकुमत ने समाचार पत्र पर दमनपूर्वक कार्यावाही करते हुये प्रताप समाचार पत्र का प्रकाशन बंद करवा कर देश द्रोह का मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया। गणेशशंकर विद्यार्थी जी जैसे ही जेल गये उन्होने देश हित केलिए अपनी कलम को और प्रखरता से चलाने का निर्णय लिया राष्ट्रवादी कलम की प्रखरता के कारण वह निर्भीक व निडर पत्रकार बन गये।

उनकी जेल से जमानत होने के वाद उन्होने 8 जुलाई 1918 को फिर से समाचार पत्र प्रकाशित किया , यह समाचार पत्र प्रताप अंग्रेजी की हुकुमत को उखाड़ने में सहायक होकर चर्चित हो गया । उन्होने इस समाचार पत्र को साप्ताहिक से दैनिक करते हुये 23 नवम्बर 1919 से शुरू किया । देनिक प्रताप के प्रकाशन से अंग्रेजो की नींद उड़ी तो उन्होने समाचार पत्र कार्यालय को बंद करा दिया तथा गणेश शंकर विद्यार्थी को 23 जुलाई 1921 को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया, जिस कारण 16 अक्टूवर 1921 तक वह जेल में ही बंद रहे । जेल से छूटने के वाद वह देश की आजादी के लिए आन्दोलन करने बालों के साथ आ गये । देश का आजाद कराने के लिए अंग्रेजो ने उन्हे पांच वार जेल में बंद किया लेकिन वह न तो डरे न ही अपने कर्तव्य के मार्ग से विचलित हुये।

दुर्भाग्यवश सरदार भगत सिंह राजगुरू सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च 1931 को कानपुर में ब्रिटिश हुक्मरानों की साज़िश के फलस्वरूप उपजे हिन्दू -मुस्लिम दंगे में 25 मार्च 1931 को गणेशशंकर विद्यार्थी जी की हत्या कर दी गई । शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी हिन्दी उत्थान व ग्राम्य जीवन में सुधार, महिलाओं की तरक्की, भिक्षावृत्ति, वेश्यावृति की समाप्ति के संकल्प को लेकर देश प्रेम की भावना के साथ सामाजिक बुराईयों को समाप्त करना चाहते थें । शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी जी के निधन पर महात्मा गाॅधी जी ने कहा था कि उनका बलिदान का खून हिन्दू-मुस्लिम एकता केलिए सीमेंट्स की तरह कार्य करेगा । भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने कहा था कि यदि शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी आज जीवित होते तो भारत की तस्वीर बदने में उनका महत्व पूर्ण योगदान होता ।

वर्तमान पत्रकारिता का स्वरूप कैसा होना चाहिये …..
भारत देश आजाद होने के साथ साथ देश में विकास की गति हुई हैं, प्रिंट मीडिया के वाद देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 श्री राजीव गांधी जी का एक सपना था कि भारत विकसित देष की श्रेणी में आना चाहिये इसलिए उन्होने देश में कम्प्यूटर , इंटरनेट जैसी महत्व पूर्ण सुविधाय लाने केलिए समझौता किये थें जिसका भारत में विपक्षी दलों ने बहुत विरोध किया था लेकिन आज उसकी सार्थकता सामने आ गई।

यदि आज देश में कम्प्यूटर इंटरनेट मोबाईल सेवायें न होती तो आज का मानव का जीवन 20 वी सदी में ही होता, लेकिन 21 वी सदी का जो सपना था वह आज पूरा हो रहा है जिसका श्रेय भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को जाता है। प्रिंट मीडिया का महत्व आज कम नही है लेकिन यदि इलैक्ट्रानिक्स मीडिया न होती तो देश का विकास असंभव सा होता। जो संदेश महिने व सालों में लोगों तक पहुंचते थें आज पल झपकते पहुंच जाते है।

मोबाईल इन्टरनेट की सुविधाओं के कारण कम से कम लागत में कठिन से कठिन कार्य मिनटों मे हो रहे है , आज के युवा व बुर्जुगों सभी केलिए कम्प्यूटर एक वरदान सावित हुआ है। इलैक्ट्रानिक्स मीडिया के माध्यम से विश्व में होने बाली कोई भी घटना को एक ही समय में हमें चित्र सहित देखने को मिल जाती है , इलैक्ट्रानिक्स मीडिया के माध्यम से मानव के विकास से लेकर मृत्यू तक की जानकारियां प्राप्त हो रही है। कम्प्यूटर या मोबाईल सिस्टम के माध्यम से हम आज सोशल नेटवर्किग साइट का पूरा लाभ उठा रहे है।

सोशल मीडिया नेटवकिंग साईट में जो आजादी दी गई है वह कानून के तहत प्रिंट मीडिया और इलैक्ट्रानिक्स मीडिया में नही है जिससे अनेक लाभ दायक जानकारियों एवं विचारो की अभिव्यक्ति आदान प्रदान हो जाती है, लेकिन इसके अनेक गंभीर परिणाम भी जब होते है जब हम इसका दुरूपयोग करते है, गलत जानकारियों के माध्यम से देश में अफवाहें को फैलाते है और जिस किसी भी व्यक्ति के चरित्र पर कीचड़ भी खुले रूपसे उछाल देते है। अश्लील वीडिओ व चलचित्रों के माध्यम से युवावर्ग का मानसिक नुकसान भी होता है।

बदलती दुनिया बदलते समाजिक परिदृष्य, बदलते बाजार, बाजार के आधार पर शैक्षिक सांस्कृतिक परिवेश और सूचनाओ के अवसरों ने समाचारों को अनेक-अनेक प्रकारों में बदल दिया है। आजादी के पूर्व देश में गिने चुने अखवार हुआ करते थें जिनको आसानी से बताया जा सकता था लेकिन आजादी के बाद देश में प्रजातंत्र में प्रेस की आजादी को छूट मिलने के वाद समाचार पत्र, पत्रिकाओं का प्रकाशन इतना हो गया कि अब इनकी संख्या दिन प्रति दिन घटती बढ़ती है।

इलैक्ट्रानिक्स मीडिया के माध्यम से टी.व्ही चैनल आदि सुविधाओ का आम आदमी लाभ उठा रहा है । पत्रकारिता के कई प्रकार हो जाते है अलग अलग क्षेत्र में अलग अलग पत्रकारिता के व्यापार भी हो चुके। लेकिन देश व समाज के लिए आज भी समाचारों की प्रसागिंकत आज बरकरार है जिसमें घटना के महत्व वाले समाचारों को आज भी प्राथमिकता दी जाती है ।
पत्रकारिता के आधारशिला शब्द
पत्रकारिता में जब कोई घटना होती है तो ऐसी घटना केलिए पत्रकार को पांच बातो का ध्यान रखना होता है, कब, कहां, क्यो, कौन कैसे ..? शब्दों को परिभाषित करने के बाद भी समाचार पूर्ण हो पाता है। देश के अंदर राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक अपराधों को खुलासा करने में पत्रकार की अहम भूमिका है । प्रजातंत्र में विधायिका, न्याय पालिका, प्रषासन को किस प्रकार से मानव के लिए कौन कौन से जन कल्याणकारी कार्य करना चाहिये। देश की सुरक्षा एवं विकास के साथ साथ विदेश नीति, को मार्ग दर्शन देने में मीडिया की अहम भूमिका हो गई है।

बर्तमान पत्रकारिता भले ही व्यवसायिक सीढ़ीयां से चढ़ कर विकास कर रही हो लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता आज भी बरकरार है। समाज में सेवा भावना का यदि कोई कार्य करने एवं कराने में समक्ष है तो वह मीडिया है। प्रिंट मीडिया छापे वाले समाचार पत्र पत्रिकाएं मीडिया की सार्थकता इस प्रमाणित करती है कि जो समाचार प्रकाशित किया जाता है । उसका रिकार्ड होता है तथा ऐसे समाचारों को जनता अपनी नियमावली व समय के अनुसार अध्ययन करके चिंतन करता है जबकि इलैक्ट्रानिक्स मीडिया के समाचारों का कोई समय नही रहता है घटना व समय के अनुसार समाचार प्रसारित होते है। खोज खबर व मानव जीवन से संबधित समाचारो को इलैक्ट्रानिक्स मीडिया समय और महत्व देती है तथा उनको बार बार प्रदर्शित करती रहती है जिससे समाज में व्याप्त समस्याओं को अवलोकन कर उनका निदान किया जा सकता है।

इलैक्ट्रानिक्स सोशल नेटवकिंग समाचारो को टिप्पणियों व विचारों का आदान प्रदान तक ही सीमित है। भारतीय संविधान के प्रजातंत्र में प्रेस पत्रकारिता की गरिमा बनाये रखने तथा बिना किसी प्रमाण के समाचार प्रकाषन पर नियंत्रण के लिए कानून में समाचार पत्रो, मीडिया कर्मीयों के विरूध्द दण्ड का प्रावधान भी किया गया है। भारतीय प्रेस परिषद का भी गठन किया गया है। इसलिए कलम का पुजारी ही बन सकता है भारत देश का कर्मयोगी पत्रकार। पत्रकारिता के महत्व को समझने के लिए हमें साहित्यकारों पत्रकारों की जीवनी और पत्रकारिता के इतिहास को समय-समय पर पढ़ते रहना चाहिए ।

गरीब किसान मजदूर परिवार में जन्मे,मानवता के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प के साथ 17 वर्षों से बुंदेलखंड क्षेत्र में तन मन धन से समाज सेवा में जुटे हैं संतोष गंगेले कर्मयोगी

वर्तमान भौतिक में अगर यह कहा जाए की अमुक व्यक्ति तन मन धन से समर्पित होकर निस्वार्थ भावना से समाज और राष्ट्र की सेवा कर मानवता को जीवित बनाए हुए हैं और पूरा जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया है किसी को विश्वास नहीं होता है क्योंकि वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ परिवार और राजनीतिक तौर पर कुछ ना कुछ स्वार्थ को लेकर काम करते हैं लेकिन ईश्वरी कृपा और हमारे सनातन संस्कृति में परमार्थ के लिए काम करने वाले जो पुरुष हुए हैं उन्होंने हमेशा इसी प्रकार से निस्वार्थ भाव से अपने जीवन को सुरक्षित रखकर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर कार्य किया है ऐसे लोगों को ही आध्यात्मिक धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उदाहरण के लिए स्थान मिलता है और वह आगे चलकर जब दुनिया में नहीं रहते हैं फिर लोगों ने महापुरुष के नाम से पुकारते हैं उनकी प्रतिमाएं लगते हैं उनके बारे में जीवनी लिखते हैं पीएचडी कर लेते हैं लेकिन जब तक ऐसे व्यक्ति जीवित होते हैं उन्हें समाज के सामाजिक राजनीतिक और निजी स्वार्थी व्यक्ति तरह-तरह की भ्रांतियां पैदा करके मनोबल गिराने का काम करते हैं हम ऐसे ही एक व्यक्ति की जीवन परिचय और जीवनी पर यहां पर प्रकाश डालने का काम कर रहे हैं जिन्होंने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए अपना जीवन आप निर्भर बनाया परिवार की जिम्मेदारियां का निर्माण किया और सामाजिक रूप से मान सम्मान प्रतिष्ठा काम करते हुए धन संग्रह करके एक समय के बाद समाज और राष्ट्र को जीवन पर समर्पित कर दिया ।
यह आलेख और जीवन परिचय जो मातृभूमि देश प्रेमी मानवता के धनी हैं सामाजिक व्यक्ति है समाज को दिशा देने का काम करते हैं और परमार्थ के लिए सोचते हैं राष्ट्रभक्ति है उन लोगों के लिए तथा युवाओं को उदाहरण के रूप में संचित जानकारी प्रस्तुत की जा रही है जिससे कि वह अपना जीवन पाठ सही रास्ते पर चलकर स्वयं का चरित्र निर्माण करें दीर्घायु प्राप्त करें निरोगी को सुख में रहकर न्यायालय की तरह कानून की नजीर बनेंगे एवं उदाहरण बनाकर मानवता की अलग जगाने वाले करमत कर्म योगी और जीवन समर्पण करने वाले व्यक्ति के जीवन परिचय आपके सामने प्रस्तुत कियाजा रहा है ।
निस्वार्थ समाज सुधारक का जीवन परिचय
मध्य प्रदेश के कस्बा नौगांव से 2 किलोमीटर दूर ग्राम वीरपुरा नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य पिन कोड 471 201 ग्राम में 11 दिसंबर 1956 को जन्म लेने वाले संतोष गंगेले कर्मयोगी के माता का नाम श्रीमती सुमित्रा देवी एवं पूछ पिताजी स्वर्गीय श्री हरिहर महाराज संत जी के नाम से प्रसिद्ध थे जो मानस मर्मज्ञ थे और भारत का भ्रमण चार बार कर चुके उनकी संतान के रूप में जन्म लिया चार भाई संतोष कुमार कैलाश कुमार राजेंद्र कुमार सुरेश कुमार एक बहन गीता देवी के रूप में उनका परिवार माना जाता है । गांव की प्राथमिक शिक्षा ग्राम में ही अध्ययन की गई । 1962 से 1967 तक वीरपुर प्राथमिक पाठशाला में ही अध्ययन किया वर्ष 1967 शासकीय उच्चतर बालक विद्यालय शिक्षा नौगांव नगर में अध्यनरत शुरू किया गांव से नौगांव आते समय कस्बा से जुड़े व्यक्तियों की सत्संग के कारण तथा पारिवारिक संकट के कारण 2 साल लगातार कक्षा 6 में एंट्री होने के बाद विद्यालय से नाम काट दिया गया उसके बाद व्यापारियों क्या मजदूरी घर का काम देखा अचानक 1971 में बिलहरी रोड नौगांव पर स्थित आदर्श माध्यमिक शाला में कक्षा 6 में अपना नाम लिखा गया जिसमें नौगांव के व्यापारी सेठ श्री लक्ष्मी चंद जैन के सहयोग से₹35 मासिक वेतन पर किरण की दुकान पर काम करने का अनुबंध हुआ लेकिन सुबह 7 से 12 तक पढ़ने का भी समय दिया गया जिस कारण से कक्षा आठवीं पास हो गए । 1977 में आर्मी कॉलेज नौगांव में चौकीदारी का जगह निकलने पर घर की आर्थिक स्थिति संकट खराब होने पर पुनः पढ़ाई छोड़कर चौकीदारी का काम किया इसी दौरान विभागीय परेशानी और कुछ समस्याओं के कारणों से बर्ष 1979 में नौकरी से बाहर कर दिया गया।

दिल्ली शहर में मजदूरी की और बहुत कष्ट झेलना जीवन को प्रेरणा स्रोत बन गया 

युवाओं के लिए बहुत ही या दर्द भरी कहानी है कि संतोष गंगेले कर्मयोगी ने घर में आर्थिक दृष्टि पारिवारिक संकट के कारण बहुत ही अत्यधिक गरीबी कठिनाइयां के बीच जीवन यापन करके व्यापारियों के यहां काम करने के बाद मजदूरी करने के बाद अध्ययन किया शून्य से शिखर की यात्रा बहुत ही कठिन संघर्षशील। समस्याओं से उसे कर भी पीछे मुड़कर नहीं देखा दोनों रात मेहनत करके घर परिवार का पालन पोषण संरक्षण माता-पिता की सेवा गुरु आज्ञा की पालन करते हुए कक्षा आठवीं पास करने के बाद संकट आने के कारण शिक्षा छोड़कर नौगांव आर्मी कॉलेज में चौकीदारी के पद पर 1977 में नौकरी करते हुए परिवार का पालन पोषण किया वर्ष 1979 में नौकरी छूट जाने से दिल्ली जाकर इंडिया गेट आंध्र प्रदेश गेस्ट हाउस झुग्गी झोपड़ियां में रहकर मजदूरी करके घर का पालन पोषण किया और छोटे भाई बहनों को आगे बढ़ाने में मददकी ।
वर्ष 1980 में दिल्ली से लौटकर हायर सेकेंडरी की परीक्षा प्राइवेट परीक्षा की तैयारी की एवं नौगांव तहसील चौराहे पर चाय पान की दुकान खोली परिवार का संचालन किया हाई सेकेंडरी में मेहनत से उतनी करने के बाद बापू महाविद्यालय नौगांव में अध्ययन भी शुरू किया चाय पान की दुकान की और इस समय से छतरपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्रों में कविता कहानी और समाचार लिखना शुरू किया । वर्ष 1981 में मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित टाइपिंग की परीक्षा उत्तीर्ण करके विकास का रास्ता खुला बहुत धंधा करने के साथ-साथ चाय पान की दुकान चलाने में छोटे भाइयों का सहयोग लिया कॉलेज में जाना एवं न्यायालय अदालत में आरजी नवीसी का काम शुरू किया टाइपिंग का काम शुरू किया पंडित श्री गोविंद तिवारी जी अधिवक्ता के अर्जी नवीश मुंशी बनने के बाद उन्होंने शिक्षा संस्कृति संस्कार का पाठ पढ़ाया और प्रगति के पद पर ले जाने के लिए अनेक रास्ते बताएं
वर्ष 1983 में छतरपुर क्षेत्र में भीषण वर्षा होने के कारण घर मकान किसान परेशान होकर तब आए हुए इस समय सांसद श्रीमती विद्यावती चतुर्वेदी विधायक श्री यादवेंद्र सिंह लल्लू राजा साहब एवं छतरपुर कलेक्टर श्री होशियार सिंह के साथ मिलकर समाज सेवा शुरू की । समाज सेवा से प्रभावित होकर सांसद विधायक कलेक्टर ने नौगांव में अधिकृत रूप से लेखक अर्जी नवीश के रूप में लाइसेंस प्रदान किया और कलेक्टर ने कहा की लगन और ईमानदारी से काम करोगे तो आगे चलकर एक परिवार नहीं अनेक परिवारों का जीवन अच्छी तरह चलेगा और उसी रास्ते को पकड़ कर आगे शुरू किया 1 में 1984 को नौगांव में रजिस्ट्रार कार्यालय ओपन या कार्यालय खोला गया जिसमें लेखक के रूप में अनुयक्ति प्रदान की गई क्षेत्र में पत्रकारता समाज सेवा लोगों की पहचान का लाभ मिलने के कारण अद्भुत काम आया और वहां पर दो लड़के सहायक के रूप में रखने पड़े 21 फरवरी 1985 को बिना दहेज शादी लेकर गरीब परिवार में रिश्ता क्या हुआ इस रिश्ते में नौगांव क्षेत्र के समाज सेवी राजनेता प्रशासनिक अधिकारी सभी शामिल हुए। सभी ने गरीब परिवार में विवाह करने के लिए आशीर्वाद प्रदान किया धर्मपत्नी का अद्भुत भाग कर्म और उनकी सेवा शिव परिवार में सुख शांति संपत्ति सुमति बनी रहने के कारण समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान मिलने लगा।
वर्ष 1984 में 14 जनवरी को छतरपुर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश
श्री एम एस कुरैशी नौगांव नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्री शंकर लाल नेहरू उत्तर बुंदेलखंड के जाने-माने डॉक्टर राजेंद्र सिंह चौहान के समक्ष ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा और लगन से पत्रकारिता करने की शपथ लेकर संकल्प लेकर काम शुरू किया गया और इसी काम को लेकर के समाज देश सेवा राष्ट्रभक्ति का जज्बा आगे बढ़ा ।
जीवन की गाड़ी एकदम रफ्तार पकड़ गई व्यापार प्रगति कर गया प्रशासनिक शासन की मदद मिली अनेक व्यापार शुरू हुए भाइयों को पढ़ना शुरू किया संतान उत्पत्ति हुई यह संकल्प पूरा हुआ कि कोर्ट कचहरी न्यायालय तहसील कार्यालय जो भी आमदनी होती थी उसका 20% भाग समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित करके समाज सेवा का संकल्प शुरू किया अल्प समय में नौगांव तहसील कार्यालय जनपद कार्यालय के 132 ग्रामों में समाजसेवी कर्मठ व्यक्ति कर्म योगी के नाम से संतोष गंगेले कर्मयोगी ने अपनी पहचान बनाई प्रत्येक क्षेत्र में मान सम्मान प्रतिष्ठा बड़ी।
मान प्रतिष्ठा और सम्मान को नीचा दिखाने के लिए प्रतिद्वंदी और तहसील कार्यालय के अनेक लोगों ने झूठे मुकदमे मारपीट अन्याय अत्याचार बलात्कार जैसी घटनाओं की शिकायत शासन प्रशासन के पास भेजना शुरू की लेकिन छतरपुर जिला प्रशासनिक अधिकारी जिला दंडाधिकारी और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को निराधार साबित करने में शासन प्रशासन ने कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी दिखाकर काम किया न्यायालय से भी न्याय मिला दुश्मन ने अपना षड्यंत्र और कुचक्र कर के बहुत कुछ करने के प्रयास किया लेकिन कर्तव्य मार्ग पर बैठे रहने के कारण ईश्वर ने प्रत्येक तरह की मदद करके आगे बढ़ाया ।
वर्ष 1990 से विधानसभा क्षेत्र बिजावर और महाराजपुर क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू किया विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की बिजावर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आवेदन किया गया लेकिन ईश्वर ने मानसिक स्वच्छता करते हुए चुनाव लड़ने से मना किया और विधानसभा का फॉर्म वापस लिया उसे समय के बाद क्षेत्र के राजनेता किसी भी तरह से संगीन अपराधों में फसाने का प्रयास करते रहे सैकड़ो प्रयास हुए लेकिन शासन प्रशासन न्याय प्रक्रिया और जनमानस की भावनाओं से संकटों से निकलकर बाहर आने का अवसरमिला ।
20 अक्टूबर 1993 को धर्मपत्नी का निधन हो जाने के बाद चार बच्चे बिन मां के हो गए और जीवन मझधार में लटक गया लेकिन ईश्वरी कृपा और समाज के सहयोग से दूसरा विवाह 14 दिसंबर 1993 को नौगांव तहसील क्षेत्र के ग्राम झीझन लुगासी जिला छतरपुर मैं हो गया और दूसरी पत्नी ने चारों बच्चों का पालन पोषण सौतेली मां के कलम मिटाकर अद्भुत कार्य करके समाज सेवा और देशभक्ति का जज्बा पैदा किया आध्यात्मिकता धर्म से जुड़ी श्रीमती जी के कारण बच्चों का पालन पोषण पूर्ण रूप से आगे बढ़ा और समाज और राष्ट्र सेवा करने का जज्बे ने आगे बढ़ने का मौका दिया ।
बुंदेलखंड के महान संत मानस मर्मज्ञ आचार्य श्री केशव जी ब्रह्मचारी जालौन उरई उत्तर प्रदेश द्वारा कर्म योगी की उपाधि दी गई और उन्होंने मानस मन से कहा कि तुम्हें भारतीय संस्कृति सनातन धर्म और संस्कारों के लिए जीवन जीना है कर्म योगी की उपाधि का पालन करना है इस विचारों को लेकर समाज सेवा देश सेवा का संकल्प और तेज किया ।
जीवन में दहेज लेना और देना दोनों अभिशाप है
समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य प्रदेश का संकल्प यह रहा कि उन्होंने अपने जीवन में अपनी शादी अपने भाइयों की शादी बहन की शादी बिना दहेज की जब उनका बेटा राजदीप गंगेले शादी के लिए हुआ तो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश मैसेज छोड़ा कि वह अपने बेटे के लिए ऐसी बहू चाहते हैं जो श्री रामचरितमानस ग्रंथ का अध्ययन करती हो पढ़ती हो आरती भजन कीर्तन करती हो स्नातक हो साधारण परिवार से हो शिक्षा से पहले संस्कार हूं उसका भी समाधान हुआ और 16 फरवरी 2016 को यह रिश्ता क्या हुआ 27 फरवरी 2016 को हजारों लोगों के बीच बिना दहेज विवाह करके समाज को नया संदेश देने का प्रयास कियागया ।
पांच राज्यों से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं
कर्मयोगी की उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा 42 वर्ष की पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कभी किसी भी सामाजिक संस्थाओं और पत्रकारिता के लिए विज्ञापन के नाम पर एक पैसा नहीं लिया है और पत्रकारिता को स्वच्छ सुंदर ईमानदार बनने के लिए कभी किसी से पत्रकारिता के नाम पर ₹1 वसूल नहीं किया है । सरकार द्वारा उन्हें अधिमान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय पहचान पत्र दिया गया है ।पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका नाम पूरे बुंदेलखंड में गर्व से लिया जाता है । उन्होंने अपने जीवन में ऐसे महापुरुष पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पंडित बनारसी दास चतुर्वेदी महावीर प्रसाद द्विवेदी गणेश शंकर विद्यार्थी राजा राममोहन राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे महान साहित्यकार पत्रकारों की जीवनी पढ़कर उन्होंने पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में जीवन समर्पण कर दिया ।वर्ष 1984 में बुंदेलखंड क्षेत्र कस्बा के पत्रकार संघ के अध्यक्ष बनने पर एक विशाल कार्यक्रम नौगांव नगर पालिका प्रांगण में श्री शंकर लाल मेहरोत्रा डॉक्टर सुरेंद्र सिंह चौहान के सहयोग से जिला सत्र न्यायाधीश श्री एम एस कुरैशी के मुख्य अतिथि में शपथ संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें उन्होंने शपथ ली थी कि वह संपूर्ण जीवन में पत्रकारता को कलानगट नहीं होने देंगे और समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे जिसका वह आज वर्ष 2024 तक पूर्ण रूप से अपने शपथ संकल्प को निभाते चले आ रहे हैं!अनेक सामाजिक संगठन ऑन और संस्थाओं से जोड़ने के बाद उन्होंने समाज और राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने कुछ विषय चुने हैं उन्होंने सबसे पहले समाज में व्याप्त कुरीतियों छुआछूत को समाप्त करने सामाजिक समरसता पर काम किया । क्षेत्र में शिक्षा के अधिकार को दूर करने के लिए शिक्षाग्य से विषय के साथ प्रत्येक विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति संस्कार जागने के लिए उन्होंने शपथ लेकर के अपनी जन्म भूमि ग्राम वीरपुर पोस्ट नौगांव जिला छतरपुर से राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर जनमानस के बीच शपथ लेकर मोटर का साइकिल से बुंदेलखंड क्षेत्र में अलग जगाने के लिए शिक्षा स्वास्थ्य स्वच्छता समरसता समाज नशा मुक्ति अभियान तथा वाहन दुर्घटना रोकने के लिए यातायात नियम पालन करने का संकल्प लिया समाज में आवेदन होने वाली बहू बेटियों की अकाल मृत्यु को रोकने के लिए दहेज जैसे सामाजिक कलाम को दूर करने के लिए उन्होंने अपने बेटे और बेटियों का विवाह बिना दहेज करके समाज को एक उदाहरण प्रस्तुत किया जिसका छतरपुर जिला प्रशासन सहित राजनेताओं ने खुलकर उनके कार्यों की साधना की और उन्हें अनेक सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया गया ! अब वह है अधिक अधिक उम्र होने के कारण सम्मान प्राप्त करने में बाहर जाने में असमर्थ हैं । भारत सरकार द्वारा समय-समय पर होने वाले पंचायत नगर पालिका विधानसभा लोकसभा चुनाव में मतदाता जागरूकता अभियान तथा मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने और प्रजातंत्र की रक्षा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से समूचे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिले जनपदों में विचार प्रसार किया वर्ष 2020 में जब कोविड-19 भारत देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस बीमारी को लेकर के भारत सरकार और प्रदेश सरकार लगातार जनमानस की जीवन बचाने के लिए लगी हुई थी तब बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी एवं राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर द्वारा अपनी जान की परवाह किए बगैर छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना सतना दतिया एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र के महोबा बांदा हमीरपुर ललितपुर झांसी इन क्षेत्रों में कोविड-19 जन जागरण अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहे थे शासन प्रशासन द्वारा अनेकों बार उनको चेतावनी दी गई और समझाइए कि आपकी उम्र बहुत ज्यादा हैं आप घर पर रहे लेकिन उन्होंने इस महामारी से उसे कर समाज और राष्ट्र सेवा के लिए संकल्प लेकर निकले और लोगों की मदद की भोजन पानी की व्यवस्था कराई मास्क वितरण कार्य किया। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से सेनीटाइज और शासन की औषधियां लोगों तक पहुंचने में मदद की । इस सामाजिक कार्य के लिए उन्हें हिंदुस्तान के पांच राज्यों से कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया ।बुंदेलखंड के महान समाजसेवी राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी फरवरी 2020 से बुंदेलखंड के हृदय स्थली नौगांव बुंदेलखंड से छतरपुर पन्ना टीकमगढ़ निवाड़ी उत्तर प्रदेश के महोबा हमीरपुर झांसी ललितपुर 8 जिलों में मोटरसाइकिल से लगातार कोरोना वायरस बीमारी से बचने के लिए माइक लेकर निजी धन खर्च करके जन जागरुक करते आ रहे हैं। साथ ही कोरोना महामारी अभियान में स्वास्थ्य कर्मचारियों पुलिस कर्मचारियों स्वच्छता मीडिया बंधुओं एवं समाजसेवियों का लगातार पुष्प माला पहनाकर पुष्प वर्षा करते हुए उनके मनोबल बढ़ाने में लाखों रुपए खर्च कर चुके हैं। लगातार भारत देश में विभिन्न राज्यों में अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। कोरोना वायरस कर्मवीर योद्धा सम्मान राष्ट्रीय समाज सेवी संस्था पंडित गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास दिल्ली के अध्यक्ष डॉटर राकेश मिश्रा जी सचिव श्रीमती आशा रावत जो कि कस्बा गांव के रहने वाले हैं उन्होंने सर्वप्रथम उनके सामाजिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा करके उन्हें सम्मान दिया है अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राजेंद्र नाथ त्रिपाठी मध्य प्रदेश प्रभारी केडी सोनाकिया डीएसपी विश्व ब्राह्मण महासभा परिषद दिल्ली क्राइम कंट्रोल समिति राष्ट्रीय दिल्ली भारत विकास संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष राठौर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव गर्ग अनोखी आवाज नई दिल्ली नोएडा राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका आज का प्रहरी संतोष दुबे नोएडा उत्तर प्रदेश दैनिक जबलपुर दर्पण के संपादक अनिल सेन द्वारा कर्मवीर कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया। इसी प्रकार अखिल भारतीय क्षत्रिय मेवाड़ा कलाल युवा संगठन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र मेवाड़ा जोधपुर राजस्थान मीडिया हाउस इंदौर के संपादक रवि यादव अगर सोच समाचार पत्र सीहोर भोपाल के संपादक आशीष गुप्ता युवा अधिकार मिशन सुखी खबर न्यू दिल्ली के संपादक एवं पुलिस वाला पत्रिका न्यूज चैनल भोपाल अखंड भारत न्यूज न्यू दिल्ली अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद गाजियाबाद तथा खबर 29 भोपाल के संपादक द्वारा पुणे कोरोना वायरस कर्मवीर योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया है। स्थानीय और क्षेत्रीय सामाजिक संस्थाओं समाजसेवियों द्वारा उन्हें लगातार समाज सेवा करने के लिए जगह-जगह सम्मानित किया जा रहा है। महोबा जनपद मुख्यालय में संपन्न हुए प्रांतीय स्तर के दो पत्रकार सम्मेलन में उन्हें सम्मानित किया गया। समाजसेवी कर्म योगी संतोष गंगेले ने प्रदेश भ्रमण पर निकल कर जगह-जगह संगठन के कमेटियां गठित ही। पहला गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब मध्य प्रदेश का सम्मेलन सी फॉर होटल छतरपुर में 26 अक्टूबर 2013 को आलोक चतुर्वेदी के सहयोग से हुआ। जिसमे 21 सामाजिक नागरिको ,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो,अधिकारियों, पत्रकारों को सम्मानित किया गया। दूसरा सम्मेलन 23 फरबरी 2014 जीरापुर राजगढ़ में हुआ। प्रांतीय सम्मलेन 26 अक्टूबर 2014 को गाँधी भवन भोपाल में आयोजित हुआ। तीसरा सम्मेलन 25 अक्टूबर 2015 को विदिशा में आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश के मंत्री रामपाल सिंह ने इस अवसर पर बेव साईट का शुभारंभ किया तथा प्रदेश के एक समाजसेवा के लिए सम्मानित किया। सागर, विदिशा,सिहोर,इंदौर,उज्जैन,देवास, शाजापुर,आगर -मालवा,नलखेड़ा, खिलचीपुर,सिरोंज विदिशा गंजबासोदा, हरदा,बंडा,मुंगावली अशोकनगर,चंदेरी,टीकमगढ़, ग्वालियर, मुरैना,शिवपुरी,गुना,राजगढ़ ब्यावरा,पचोर,मंडीदीप भोपाल में 10 दिसम्बर 2015 को आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश के पत्रकारों और आम जन की समस्याओ को लेकर प्रदेश सरकार को सैकड़ो पत्र लिख कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। श्री गंगेले का बुंदेलखंड पत्रकार गौरव सम्मान 1 जुलाई 2014 को आजाद भवन दिल्ली में सम्मानित किया गया. 31 मई 2015 को चंद्र लेख होटल मथुरा में प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। 7 मार्च 2015 को विदिशा जिला कलेक्टर ने सर्किट हॉउस में समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। 5 सितंबर 2015 को गंजबासोदा विदिशा में सम्मानित किया। 12 सितम्बर 2015 को इंदौर में सम्मानित किया गया। 13 दिसम्बर 2015 को मानस भवन जबलपुर में समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। राजस्थान के बसवा जिला दौसा में राष्ट्रीय पत्रकार 9 जनवरी 2017 को पत्रकारिता और देश सेवा के लिए भारत सरकार के राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले ने सम्मानित किया तथा समाजसेवा के लिए धन्यवाद पत्र भेजा। 30 मई 2018 को उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ द्वारा महोबा में पत्रकारिता एवं समाज सेवा सम्मान सम्मानित किया गया साथ ही छतरपुर जिला के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अनेक स्थानों पर सम्मानित किया। 1 सितम्बर 2019 को मथुरा उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षाविद सेमिनार में आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित किया गया। स्थानित, जिला और प्रदेश, उत्तर प्रदेश में सैकड़ो स्थानीय सम्मानों से सम्मानित होने के बाद 19 जनवरी 2020 को जयपुर राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया गया टीकमगढ़ में प्रांतीय सम्मेलन में पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी पत्रकार सम्मान समारोह से सम्मान किया गया कानपुर उत्तर प्रदेश में चंद्रगुप्त मौर्य राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने का भी अवसर मिला अनेको बार आकाशवाणी छतरपुर से बार्ता प्रसारित हो चुकी है।प्रदेश के अनेक जिला व तहसील स्तर पर सम्मान मिला। छतरपुर जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संघ अध्यक्ष श्री राम कृपाल चैरसिया जी व बुंदेलखंड बरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रताप सिंह ख्नन्हे राजा , ने श्री संतोष गंगेले के सामाजिक कार्यो व जीवन की सराहना की है। नगर पालिका परिषद् नौगांव सामाजिक कार्य करने और ईमानदारी से पत्रकारिता के लिए नागरिक अभिनंदन कर चुकी है। 17 फरबरी 2016 को सामाजिक समरसता सम्मान समारोह का आयोजन कर भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए पहल की जिसकी प्रशासन व जन प्रतिनिधियो ने सराहना की है। मध्य प्रदेश सरकार जन सम्पर्क विभाग से राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार नियुक्त किये जा चुके है। ग्रामीण क्षेत्रो में पीड़ित परेशानो की मदद करते है। अपने जीवन में पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनके परिवार के स्वर्गवासी सभी सदस्यो के नाम से बृक्षारोपड किया गया है। उनके गृह निवास व कार्यालय में उन्होंने बृक्षारोपड किया है। सामाजिक समरसता के आने उदहारण उनके जीवन के मिल सकते है। वर्ष 2023 के अंत में छतरपुर जिला प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका पेंशनर एसोसिएशन संगठन के सैकड़ो पदाधिकारी के बीच ऑडिटोरियम हाल छतरपुर में मंच पर सम्मानित किया गया और मीडिया हाउस के द्वारा उनको बुंदेलखंड के कर्म योगी के रूप में सम्मानित किया गया है लगातार देश की अनेक सामाजिक संगठन उनको सम्मानित करने के लिए आमंत्रित करते हैं लेकिन वह उम्र दराज और वरिष्ठ नागरिक होने के नाते बाहर की यात्रा नहीं कर रहे हैं ।42 वर्षों के सामाजिक क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ उन्होंने वर्ष 2004 से सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जोड़ने के बाद क्षेत्र की समस्याओं को जनता की आवाज बनकर काम किया और वर्ष 2011 से फेसबुक के माध्यम से संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र की आवाज उठाते रहे वर्ष 2017 से व्हाट्सएप ईमेल जीमेल आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्होंने शासन प्रशासन के बीच दूरी का काम करके जनमानस में अपनी पहचान बनाई इस काम के लिए देश के 100 से अधिक राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं और स्थानीय तथा जिला राज्य स्तर पर सामाजिक संस्थाओं से उनको अनेकों सम्मान प्राप्त हुए हैं !बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा जो सामाजिक कार्य किए गए हैं उनकी सभी समीक्षा विभिन्न राज्यों में की जा रही है और उन्हें समय-समय पर दिल्ली हरियाणा राजस्थान मुंबई उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश प्रति के कई महानगरों में आमंत्रित किया जाता है और मंच पर सम्मानित किया जा रहा है लेकिन शासकीय तौर पर और शासन प्रशासन तथा भारत सरकार द्वारा उनके कार्यों की समीक्षा अभी तक न करना यह अन्याय और एक तरह से मानवता का हनन है उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश की सरकारों के साथ-साथ भारत सरकार की जो सर्व कमेटियां गठित की गई है वह उनके कार्यों की समीक्षा नहीं कर रही है जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ख्याति प्राप्त नहीं कर सके । भारत सरकार को पद्म विभूषण सम्मान देना चाहिए!वर्ष 2007 से लगातार बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी मोटरसाइकिल से यात्रा करते हैं तथा विद्यार्थियों छात्राओं को एवं गरीब निर्धन और आशाएं लोगों के बीच भारतीय संस्कृति संस्कारों नैतिक शिक्षा व्यवहारिक जीवन और आत्मविश्वास जगाने के लिए 15 से ₹25000 मासिक खर्च करते हैं प्रतिदिन 100 से 200 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करके हजारों विद्यार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क करते हैं अभी तक उनकी मोटरसाइकिल लाखों किलोमीटर की यात्रा हो चुकी है और 15 वर्षों में 30 लाख रुपए से अधिक रुपया वह समाज और राष्ट्र क्षेत्र में विद्यार्थियों के जीवन के भविष्य बनाने में खर्च कर चुके हैं हजारों शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर लाखों बच्चों से संपर्क करके उन्होंने भारत की संस्कृति सनातन धर्म और नैतिक शिक्षा की लग जागी है हजारों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण काम किया है । भारत के प्रधानमंत्री एवं भारत के राष्ट्रपति महोदय को उनके कार्यों की समीक्षा करके उन्हें ऐसा उच्च शिक्षा का पद भारतीय संस्कृति संस्कार बचाने के लिए देना चाहिए जिससे कि वह समाज के उदाहरण बन सके एवं उन्हें राष्ट्रीय सम्मान से राष्ट्रपति भवन से जो सम्मान पद्म श्री पदम विभूषण और भारत रत्न का प्राप्त होता है उससे कहीं ज्यादा बुंदेलखंड के हजारों हजारों शिक्षण संस्थाओं क्षेत्र के विधायक सांसद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधियों और लाखों लाखों बच्चों ने अपनी दुआएं दी हैं वह प्यार इसलिए वह सम्मान भारत रत्न से 100 गुना ज्यादा अच्छा प्रतीत होता है ।
समूचे जीवन में गरीबी कठिनाइयां मजदूरी और ठोकर खाकर आगे बढ़ाने के समय को याद कर कर आज भी बुंदेलखंड के समाजसेवी अनेक राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित अनेक सांसद विधायक मंत्रियों के हाथों से सम्मान प्राप्त करने वाले समाज से भी संतोष गंगेले कर्मयोगी सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफार्म पर आपको उपलब्ध मिलेंगे गूगल पर विकिपीडिया पर उपलब्ध लिंक पर जाकर देख सकते हैं। गूगल पर संतोष गंगेले नाम लिखने पर या संतोष गंगेले कर्मयोगी लिखने पर आपके संपूर्ण जानकारी मिल सकती है और उनके कार्यों की समीक्षा संक्षिप्त डाली हुई है बुंदेलखंड के प्रत्येक क्षेत्र में आठ जिलों में उनके नाम की चर्चा बच्चे युवा छात्राएं जवान में वृद्ध के मुंह से सुनी जा सकती है।
संघर्ष भरी कहानी यही कहा जा सकती है कि शून्य पर जन्म लेनेवाले और शिखर तक पहुंचने में कठिनाइयां संघर्षों का सामना करने वाले आज समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी 67 वर्ष की आयु पूरी कर अभी भी बुंदेलखंड की यात्रा पर समाज राष्ट्रवादी सेवा में लगे हुए हैं और अपने बच्चों से परिवार से अनुमति लेकर भारत की संस्कृति सनातन धर्म संस्कारों के लिए काम कर रहे हैं ।
एक कर्मयोगी व्यक्ति के बारे में उसकी जीवनी लिखना उसके कार्यों को संग्रह करना बहुत ही कठिन होता है क्योंकि हर पल हर समय समाज राष्ट्र सेवा के लिए जुड़ा हुआ होता है और जो व्यक्ति सामाजिक राष्ट्रीय दीक्षित के लिए काम करता है उनका एक-एक पल महत्वपूर्ण होता है लेकिन वर्तमान युवाओं के लिए समाज के लिए राष्ट्र के लिए छोटे से किसान मजदूर ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने जो अपने जीवन में अपने संकल्प के साथ अपने लिए कार्य किए हैं वह समाज के लिए अद्वितीयवधान बन गए हैं और वर्तमान में वह 17 जिलों में मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे हैं लाखों लाखों विद्यार्थियों से मिलना उनके बारे में विचार रखना मोटिवेट करना जन जागरण करना की अद्भुत शक्ति है और ईश्वरी शक्ति के कारण तीन मोटरसाइकिल बदलने के बाद भी उनकी मोटरसाइकिल ने आज तक उन्हें परेशान नहीं किया है कि जिससे कि वह यात्रा में प्रावधान उत्पन्न हुआ हो ।
युवाओं को जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए
‌कलयुग में समाज सेवा करने वाले और समाज सुधारक को लोग पागल और स्वार्थी कहकर आलोचना करने में पीछे नहीं रहते हैं इसलिए मैं क्षमा चाहता हूं । संतोष गंगेले कर्मयोगी
बुंदेलखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत नजीर उदाहरण बनकर तन मन धन से समर्पित किसान मजदूर का बेटा 17 वर्षों से आठ जिलों का निर्माण कर हजारों शिक्षण संस्थाओं लाखों बच्चों से व्यक्तिगत मिलकर भारत की संस्कृति और संस्कार बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं

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