देहरादून (उत्तराखंड) |1 जुलाई 2026
उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। सामान्य तिथि से लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचे मानसून के बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और देहरादून समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तैनात कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सक्रिय होने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लंबे समय से जारी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से राज्य में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। वहीं कृषि क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा, लेकिन पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

नेपाल में हुई मौत पर बिहार की राजनीति गरमाई, तेज प्रताप ने लगाए गंभीर आरोप
पटना/विराटनगर (नेपाल), 15 जून 2026
बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। प्रिंस का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे से बरामद हुआ, जिसके बाद मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) से जुड़े विवाद और दर्ज एफआईआर के बाद फरार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि वह नेपाल के विराटनगर में ठहरे हुए थे। वहीं होटल में उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली और बाद में उनकी मौत हो गई। कुछ रिपोर्टों में प्रारंभिक कारण ब्रेन हेमरेज बताया गया है, लेकिन आधिकारिक जांच अभी जारी है।
मौत पर उठे सवाल
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बिहार के पूर्व मंत्री Tej Pratap Yadav ने सार्वजनिक रूप से खान सर (फैजल खान) की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। हालांकि अभी तक इन आरोपों की पुष्टि किसी जांच एजेंसी ने नहीं की है।
वहीं, खान सर ने प्रिंस यादव की मौत पर दुख जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
क्या किसी को जिम्मेदार ठहराया गया है?
फिलहाल नेपाल पुलिस या बिहार पुलिस ने किसी व्यक्ति को प्रिंस यादव की मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। इसलिए यह कहना कि मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, अभी जल्दबाजी होगी।
कोचिंग विवाद से जुड़ा था मामला
प्रिंस यादव का नाम उस मामले में सामने आया था जिसमें पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग पर हमला और तोड़फोड़ का आरोप लगा था। इस केस में रोशन आनंद और प्रिंस यादव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई थी। घटना के बाद से प्रिंस पुलिस की नजर से दूर थे और नेपाल में रह रहे थे।
जांच पर टिकी नजरें
इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रिंस यादव की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी बीमारी की वजह से हुई या फिर इसके पीछे कोई और कारण है। जब तक नेपाल पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी व्यक्ति या संगठन को जिम्मेदार ठहराना संभव नहीं है।



