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निवाड़ी

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बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के संस्कार मिले 

रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा द्वारा एक पृथ्वी परियोजना तथा प्रशिक्षण का शुभारंभ
निवाड़ी |

09-अगस्त-2019

  विश्व प्रकृति निधि मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ इकाई सलाहकार समिति (डब्लूडब्लूएफ) तथा रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि प्राकृतिक संपदा के संरक्षण प्रयासों में तेजी लाने और उन्हें व्यापक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के संस्कार मिले इसके लिये जरूरी है कि स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा इस तरह दी जायें कि वह पर्यावरण के अनुकूल जीवन जीने की ओर प्रेरित हो। श्री डिसा बुधवार को भोपाल में प्रदेश में एक पृथ्वी परियोजना तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कर रहे थे। श्री डिसा ने एक पृथ्वी परियोजना संबंधी पुस्तक तथा पोस्टर का विमोचन भी किया।
श्री डिसा ने कहा कि पर्यावरण प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पक्ष पर्यावरण शिक्षा है। पर्यावरण शिक्षा मात्र विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों तक सीमित न होकर जन-जन को देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण एवं जीवन में उसके महत्व को नहीं समझेगा तब तक वह अपने उत्तरदायित्व को नहीं समझ सकेगा। उन्होंने प्राकृतिक संपदा संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों और प्रयासों में समाज के सभी वर्गो की सक्रिय भागीदारी की जरूरत बतायी।
प्रमुख सचिव स्कूली शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने पर्यावरण के मुद्दों पर समग्र दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर देते हुये कहा कि पर्यावरण शिक्षा एक पुनीत कार्य है। उन्होंने एक एक पृथ्वी परियोजना कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुये कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग इसमें सहयोग करेगा।
कार्यकारी निर्देशक एप्को श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने कहा कि इस कार्यक्रम से न सिर्फ विद्यार्थियों बल्कि शिक्षकों को भी प्रकृति के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये प्ररेणा मिलेगी।
विश्व प्रकृति निधि की राज्य संचालक श्रीमती संगीता सक्सेना ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य एक पृथ्वी परियोजना के क्रियान्वयन पर निगरानी और मूल्यांकन के लिए प्राचार्यो और शिक्षको को तैयार करना है। यह कार्यक्रम भोपाल और रायसेन क्षेत्र के 12 स्कूलों मे चलेगा तथा विभिन्न संरक्षण परियोजनाओं मे 6000 से अधिक छात्रो को सशक्त करेगा, जिससे भविष्य के लिए संरक्षण प्रतिनिधि तैयार हो सके। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ – इण्डिया, नई दिल्ली सुश्री नेहा राधव ने एक पृथ्वी कार्यक्रम तथा उससे सबंधित संसाधन सामाग्री और प्रकाशन के बारे मे जानकारी दी। इस अवसर पर संचालक डी.पी.आई. श्री गौतम सिंह सहित भोपाल संभाग के जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

 

सरकार ने जो वादे किये सभी को पूरा किया जा रहा है : मंत्री श्री राठौर

हितग्राहियों को बांटे गये प्रमाणपत्र

निवाड़ी | 30-जुलाई-2019

   मध्य प्रदेश शासन के वाणिज्य कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज ग्राम पंचायत पुछीकरगुवां में गौशाला का भूमिपूजन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे किये सभी को पूरा किया जा रहा है।
मंत्री श्री राठौर ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि हमारी सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 600 रूपये प्रतिमाह की है तथा इसे और भी बढ़ाकर एक हजार रूपये तक करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज माफी प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त से शेष सभी किसानों का कर्ज माफ करने हेतु गांव -गांव में शिविर लगाये जायेंगे। इसी के साथ प्रदेश सरकार ने निश्चिय किया है कि किसानों को अगस्त माह से बोनस राशि की दिशा में कार्य शुरू कर दिया जायेगा। अब प्रत्येक परिवार को न्यूनतम प्रतिदिन शुद्ध 60 लीटर पानी उपलब्ध कराने की हमारी सरकार ने गारंटी ली है।
श्री राठौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। जो कार्य जनता द्वारा प्रस्तावित किये गये है उन सभी को शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा। हाई स्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्कूल पर्याप्त बन चुके हैं अब तकनीकी शिक्षा हेतु संस्थान खोल जायेंगे। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले का पहला आईटीआई स्वीकृत किया गया है, जिसका कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि ओरछा में आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिये धर्मशाला बनवाये जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओरछा में रानी कुँवर गनेश तीर्थ यात्री सेवा सदन तथा रामायण संग्रहालय का कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया गया कि पृथ्वीपुर नगर पालिका के लिये एक करोड़ रूपये तथा निवाड़ी नगर पालिका के लिये 50 लाख रूपये की राशि विकास कार्यों के लिये स्वीकृत की गई है।

ई-मेल एवं व्हाट्सएप पर मिलेगा उच्च दाब उपभोक्ताओं को बिजली बिल

निवाड़ी | 26-जुलाई-2019

 मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के कार्य-क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं को जुलाई माह से बिजली बिल ई-मेल और व्हाट्सएप पर भी भेजे जायेंगे। इसके अलावा पहले की तरह कम्पनी के वेब पोर्टल portal-mpcz-in पर भी विद्युत बिल उपलब्ध रहेंगे। इन्हें अब डाक से विद्युत बिल नहीं भेजे जायेंगे।
कम्पनी मुख्यालय में केन्द्रीयकृत एचटी ई-बिलिंग सेल का गठन किया गया है। इससे उच्च दाब उपभोक्ता बिलिंग के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इनकी शिकायतों का निराकरण भी जल्द हो सकेगा। एचटी ई-बिलिंग के संबंध में अधिक जानकारी के लिये ई-मेल htbilling.mpcz@gmail.com पर अथवा हेल्पलाइन नम्बर 0755-2601167 पर कार्यालयीन समय में सम्पर्क किया जा सकता है।

 

भारतीय थल सेना में सैनिकों के बच्चों की यूनिट हेडक्वाटर कोटा के आधार 

भर्ती बेंगलुरू में 

निवाड़ी | 23-जुलाई-2019

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया है कि भारतीय थल सेना के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं के बच्चों के लिये एएससी ट्रेनिंग सेंटर, बेंगलुरू में यूनिट कोटे के आधार पर भर्ती सितम्बर 2019 माह के लिये 9 सितम्बर 2019 को बेंगलुरू में आयोजित की जायेगी। यह भर्ती योग्य उम्मीदवारों के लिये है। यह भर्ती ड्राइवर ट्रेड एवं स्पोर्टसमेन के लिये आयोजित की जा रही है। जिन भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को अपने बच्चों की भर्ती करानी है वह उपरोक्त तिथि को एएससी ट्रेनिंग सेंटर, बेंगलुरू में भेजें। अधिक जानकारी के लिये जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के टेलीफोन नं. 07683-240709 से संपर्क कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिये 15 जुलाई से पूर्व अपने दस्तावेज अवश्य जमा करें 

कलेक्टर ने किसानों से की अपील निवाड़ी

12-जुलाई-2019

 कलेक्टर निवाड़ी श्री अक्षय कुमार सिंह ने जिले के किसानों से अपील की है कि सभी किसान अपने दस्तावेज अपने हल्का पटवारी अथवा पंचायत सचिव या रोजगार सहायक के पास 15 जुलाई 2019 के पहले आवश्यक रूप से जमा करायें। अन्यथा की स्थिति में उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की गयी, जिसमें यह पाया गया कि इस योजना में बहुत से किसानों द्वारा अपना नाम दर्ज कराने के लिऐ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराये गये हैं। इससे पोर्टल पर ऐसे किसान दर्ज होने से वंचित रह गये हैं, जबकि इस हेतु दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई 2019 है।
उन्होंने बताया कि इस योजना में सभी कृषकों को शामिल किया गया हैं। योजनांतर्गत भारत सरकार के पोर्टल पर हितग्राही (कृषक) की सूची को अपलोड किये जाने का कार्य पटवारी एवं पंचायत सचिव/जी.आर.एस के माध्यम से किया जा रहा हैं। योजना का लाभ लेने के लिये हितग्राही (कृषक) को अपना विवरण पोर्टल पर अपलोड कराना आवश्यक है। इसके लिये कृषक को एक आवेदन के साथ 4 दस्तावेजों की छायाप्रति पटवारी या पंचायत सचिव/जी.आर.एस. के पास जमा करना होती है।
आवश्यक दस्तावेज:- इस हेतु आवश्यक दस्तावेज – आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक की प्रति, समग्र आईडी की प्रति एवं अपनी भूमि के खाते की स्थिति में सभी खातेदारों के दस्तावेज एक साथ जमा कराया जाना आवश्यक है।

जनजातीय संग्रहालय स्थापना दिवस पर 5 दिवसीय कार्यक्रम 

प्रतिदिन दोपहर 2 बजे और शाम 7 बजे से होंगे कार्यक्रम 

निवाड़ी | 06-जून-2019  जनजातीय संग्रहालय स्थापना की छठवीं वर्षगाँठ 6 से 10 जून तक समारोहपूर्वक मनायी जा रही है। संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ 6 जून को शाम 7 बजे जनजातीय संग्रहालय में समारोह का शुभारंभ करेंगी। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री नव-निर्मित पुस्तकालय, प्रदर्शनी दीर्घा लिखन्दरा और अभिव्यक्ति केन्द्र परधौनी का लोकार्पण भी करेंगी। शुभारंभ कार्यक्रम में कोलकाता की ममता शंकर द्वारा निर्देशित शबरी नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति होगी। जनजातीय जीवन देशज ज्ञान परम्परा पर आधारित कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से होंगे।
दूसरे दिन 7 जून को शाम 7 बजे से मध्यप्रदेश के जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। इसके बाद प्रयागराज की सुषमा शर्मा द्वारा निर्देशित नाटक शबरी की प्रतीक्षा का मंचन होगा। आठ और 9 जून को शाम 7 बजे से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। दस जून को शाम 7 बजे से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लोक-कलाकारों द्वारा जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा।

6 से 10 जून तक होंगे विशेष कार्यक्रम

वर्षगाँठ समारोह के दौरान जनजातीय जीवन, देशज ज्ञान, परम्परा और सौंदर्यबोध पर केन्द्रित कार्यक्रम भी किये जा रहे हैं। ये सभी कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होंगे। छह से 10 जून तक होने वाले चिन्हारी में जनजातीय, लोकोपयोगी और अलंकारिक शिल्पों की बिक्री एवं प्रदर्शनी होगी। सम्पदा में जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति और स्वाद में आगंतुक विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ ले सकेंगे।
लोकराग में 7 जून को शाम 6 से 7 बजे तक लांगुरिया गायन, 8 जून को पंडवानी, 9 जून को घोवाड़ा गायन और 10 जून को अवधी और भोजपुरी गायन होगा। श्सृजनश् कार्यक्रम में संग्रहालय चित्र प्रतियोगिता के पुरस्कृत चित्रों की प्रदर्शनी, शाश्वत में सौंदर्य सलिला नर्मदा नदी के कथा चित्रों की प्रदर्शनी होगी।