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बालाघाट

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जिले में 627 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड

परसवाड़ा तहसील में सबसे अधिक 896 मि.मी. वर्षा 

बालाघाट | 16-अगस्त-2019

 जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 15 अगस्त 2019 तक 627 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 656 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 896 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 262 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 29 मि.मी. वर्षा कम हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 749 मि.मी., वारासिवनी में 751 मि.मी., बैहर में 680 मि.मी., लांजी में 604 मि.मी., कटंगी में 341 मि.मी., किरनापुर में 735 मि.मी., लालबर्रा मे 587 मि.मी., बिरसा में 7367 मि.मी. तथा तिरोडी में 523 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
15 अगस्त 2019 को प्रात: 08 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान बालाघाट तहसील में 19 मि.मी., वारासिवनी में 06 मि.मी., बैहर मे 20 मि.मी., लांजी में 05 मि.मी., कटंगी में 08 मि.मी., किरनापुर मे 00 मि.मी., खैरलांजी में 07 मि.मी. लालबर्रा में 13 मि.मी., बिरसा में 28 मि.मी., तिरोड़ी मे 08 मि.मी. एवं परसवाड़ा तहसील में 33 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार बीते 24 घंटों मे बालाघाट जिले में 13 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 629 मि.मी., वारासिवनी में 534 मि.मी., बैहर में 912 मि.मी., लांजी में 704 मि.मी., कटंगी में 325 मि.मी., किरनापुर में 878 मि.मी., खैरलांजी में 622 मि.मी., लालबर्रा में 367 मि.मी., बिरसा में 690 मि.मी., तिरोड़ी में 619 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 802 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह अगस्त में सामान्य रूप से 445 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 15 अगस्त तक औसत 984 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने के लिए लालबर्रा में दिया गया प्रशिक्षण 

बालाघाट | 06-अगस्त-2019

आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लालबर्रा में राष्ट्रीय कृमि दिवस की उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में क्लिंटन फाउंडेशन के परियोजना समन्वयक एनिमिया और कुपोषण अमरेश सिंह परिहार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता को बताया कि आगामी 08 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि दिवस पर आंगनवाड़ी केन्द्र के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्‍बेंडाजोल की गोली खिलाना है। एक से 2 साल के बच्चो को आधी गोली पीस कर तथा 2 साल से ऊपर बच्चो को एक गोली देना है और जो बच्चे छूट जाएंगे उनको 13 तारीख को मापअप दिवस में खिलाना है। कार्यशाला में ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर श्री भुवनेश्वर बोपचे, बीईई श्रीमती बिसेन, महिला बाल विकास से, श्रीमती यशोदा भगत, पर्यवेक्षक, श्रीमती सुषमा चौबे, श्रीमती यशोदा उइके, श्रीमती गीता बिसेन, श्रीमती संगीता गोपाल, श्रीमती पूजा शेन्द्रे, श्रीमती नाजिया खान सहित सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थी।

 

खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच के लिए बैहर में लिए गये सैंपल 

बालाघाट | 26-जुलाई-2019

कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को खाद्य सामग्री विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच करने एवं उनमें बिकने वाली खाद्य सामग्री के सेंपल जांच के लिए एकत्र करने के निर्देश दिये है। इसी कड़ी में आज बैहर में खाद्य सामग्री विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की गई और वहां से खाद्य सामग्री के सेंपल एकत्र किये गये है। बैहर के एसडीएम श्री चन्द्र प्रताप गोहल ने बताया कि खाद्य सामग्री के एकत्र नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में जांच में खाद्य सामग्री में मिलावट पायी जायेगी तो संबंधित विक्रेता के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी। सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिये बहुत घातक हैं। मिलावटी खाद्य सामग्री के व्यवसाय पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्यवाही कर रही है।

केंद्रीय विद्यालय मलान्जखंड में किया गया वृक्षारोपण 

बालाघाट | 23-जुलाई-2019

 केन्द्रीय विद्यालय मलान्जखंड परिसर में स्काउट और गाइड के बच्चों द्वारा गत दिवस पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का कार्य किया गया। जिसमें विद्यालय के स्काउट मास्टर्स, गाइड कैप्टन और विद्यालय के स्काउट गाइड आन्दोलन से जुड़ें बच्चों ने संकल्प लिया कि पर्यावरण की रक्षा हेतु अपने जन्मदिन के अवसर पर एक पौधा अवश्य ही लगाएँगे और उसकी उचित देखभाल भी करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सैकड़ो पौधे रोपे गये। विद्यालय प्राचार्य श्री अमित दाहिया ने अपने उद्बोदन में बच्चों को प्रोत्साहित किया और पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया उन्होंने कहा कि भविष्य की सुखद परिकल्पना के लिए पेड़ लगाना आवश्यक है तथा कागजों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, जिससे हम कई पेड़ो को कटने से बचा सकते है। प्रकृति संतुलन से भविष्य में मानव जीवन का संतुलन बना रहें। स्काउट मास्टर श्री महेंद्र सिंह टेकाम का इस अवसर पर विशेष योगदान रहा।

मध्‍यप्रदेश राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग की बैठक में हुए महत्‍वपूर्ण निर्णय

बालाघाट | 12-जुलाई-2019

म.प्र. राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग की 185 वीं बैठक में आज 11 जुलाई 2019 को सम्‍पन्‍न  हुई। बैठक में पूर्व में लिए गये निर्णयों, अनुशंसाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई एवं संबंधित को स्‍मरण पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। बैठक में आयोग में चल रहे प्रकरणों की स्थिति पर भी विचार हुआ। बैठक में बताया गया कि 2017 से अब तक आयोग ने 45 प्रकरण निराकृत किये गये हैं ।

पूर्व से प्रचलित जिला बालाघाट, ग्राम भरवेली में नव युवक बौद्ध समिति के लिए बौद्ध बिहार निर्माण हेतु भूमि उपलब्‍ध किये जाने हेतु शासन से अनुशंसा किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शासन के अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग को धर्मस्‍थलों के जीर्णोद्धार के लिए दी जाने वाली राशि सीधे हितग्राहियों को ना देते हुए शासकीय एजेंसी को दी जाये, जिससे वह शासकीय एजेंसी जीर्णोद्धार का कार्य करें। अनुशंसा की गई कि आयोग जिला स्‍तर पर जानकारी एकत्रित करेगा कि शासन की योजनाओं का लाभ अल्‍पसंख्‍यक समाज के कितने लोगों को मिला है। इसाई वक्‍फ बोर्ड बनाने हेतु भी शासन को स्‍मरण पत्र लिखने हेतु निर्णय लिया गया।

आयोग की बैठक में अध्‍यक्ष श्री नियाज मोहम्‍मद खान, सदस्‍यगण श्री आनंदबर्नाड, डॉ. तुकड़या दास वैद्य, श्री कमाल भाई और सचिव श्री विनय निगम उपस्थित रहे। बैठक आयोग के अध्‍यक्ष की अध्‍यक्षता में सम्‍पन्‍न हुई।

लू-तापघात से बचाव के लिये सलाह

बालाघाट | 06-जून-2019

 प्रदेश में भीषण गर्मी और लू-लपट की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में लू से बचाव और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. बी.एन. चौहान ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को निर्देश दिये हैं कि सभी शासकीय अस्पतालों में लू से बचाव एवं इलाज के लिये पर्याप्त व्यवस्था की जाये।

    लू-तापघात ग्रसित रोगियों के उपचार के लिये सभी शासकीय अस्पतालों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिपो होल्डर, आशा कार्यकर्ता के पास उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। ओआरएस घोल/फ्लूड, लू से उपचार के लिये अन्य दवाइओं आदि का पर्याप्त भण्डारण रहे। एम्बुलेंस 108 को विशेषकर दोपहर में सार्वजनिक स्थलों पर तैयारी की स्थिति में रखा जाये, जिससे किसी व्यक्ति को लू लगने पर उसे तत्काल इलाज के लिये सहायता दी जा सके। पानी के सभी स्रोतों की लगातार समीक्षा करें। जिले में कही पर भी दूषित पानी के स्रोतों की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परता से उचित कार्यवाही करें। घटनाओं और की गई कार्यवाही से शासन स्तर पर ई-मेल idspssump@gmail.com पर तुरंत बतायें।

   सभी बीएमएचओ, सिविल सर्जनों से कहा गया है कि जन-सामान्य को लू-तापघात से बचाव के उपायों की अधिक से अधिक जानकारी दें। आमजन को धूप और गर्मी से बचने और घर के अंदर हवादार, ठण्डे स्थान पर रहने की जानकारी दी जाये। अति आवश्यक हो तो बाहरी गतिविधियाँ सुबह और शाम के समय में ही करने के साथ ही अत्यधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियाँ दिन के अधिकतम तापमान वाले घंटों में नहीं करने और सफेद तथा हल्के रंग के पतले वस्त्रों को पहनने की सलाह दी गई है। सिर को कपड़े या टोपी से ढँकें, जूते-चप्पल तथा नजर के काले चश्मे (गॉगल) के उपयोग और धूप में जाने से पहले पर्याप्त भोजन और पानी पीने की सलाह देने को कहा गया है। नीबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आम पना, दही, नारियल पानी आदि के सेवन, ताजा और स्वच्छ भोजन, शिशुओं तथा बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुषों, घर के बाहर काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखने के लिये कहा गया है।

    इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने वाहन मालिकों और वाहन चालकों से कभी भी किसी को बंद, पार्किंग में रखी गाड़ी में अकेला न छोड़ने, जनसामान्य को बहुत अधिक भीड़, गर्मी, घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा अत्यावश्यक होने पर ही करने की समझाइश दी है। ग्रीष्म ऋतु के दौरान सड़े-गले फलों एवं बासी/देर से बने भोजन और खाद्य सामग्रियों का सेवन बिलकुल नहीं करने और स्थानीय स्वास्थ्य एवं आशा कार्यकर्ताओं के जरिये जन-सामान्य में बचाव की जानकारी और इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी प्राप्त करने को कहा गया है।