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बालाघाट

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शासकीय शालाओं में 19 अक्टूबर को शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन

बालाघाट | 18-अक्तूबर-2019

मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार जिले की समस्‍त शासकीय शालाओं में 19 अक्टूबर 2019 को शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाना है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री पी के अंगूरे ने सभी शालाओं के प्रधान पाठकों को निर्देशित किया है कि वे समस्त शासकीय शालाओं में अभिभावकों की जनभागिदारी सुनिश्चित किये जाने के लिए बैठक की सूचना बच्चों के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। शिक्षक-अभिभावक बैठक में अभिभावकों से बच्चों के त्रैमासिक परीक्षा परिणाम, दक्षता उन्नयन की कॉपीयां, बच्चों की उपस्थिति आदि एवं अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की जायेगी।

अल्पकालीन लेखा प्रशिक्षण 21 अक्टूबर से 21 नवम्बर तक

बालाघाट | 11-अक्तूबर-2019

शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला जबलपुर में 21 अक्टूबर से 21 नवम्बर तक संभाग के सभी शासकीय कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए अल्पकालिक लेखा प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में पहले लेखा प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारी भी सम्मिलित हो सकते हैं।
प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला ने बताया कि संभाग के सभी कार्यालय प्रमुखों से अपील की गई है कि प्रशिक्षण के लिए कार्यालय से कर्मचारियों का नाम प्रस्तावित करें। प्रशिक्षण सशुल्क है। जिसकी राशि विभाग द्वारा प्रवेश के समय चालान के माध्यम से जमा की जाएगी। पेंशन संबंधी प्रशिक्षण 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक, अंकेक्षण प्रशिक्षण 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, भण्डार प्रबंधन एक नवम्बर से सात नवम्बर तक और कैशियर एवं एकाउंटेंट संबंधी कार्य का प्रशिक्षण 8 नवम्बर से 21 नवम्बर तक दिया जाएगा। पेंशन के 500 रूपए, अंकेक्षण हेतु 1000 रूपए, भण्डार प्रबंधन के लिए एक हजार रूपए और कैशियर एवं एकाउंटेंट कार्य प्रशिक्षण शुल्क प्रति प्रशिक्षार्थी दो हजार रूपए होगा।

जिले में 1230 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड

बालाघाट | 05-अक्तूबर-2019

जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 04 अक्टूबर 2019 तक 1230 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 1035 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 1714 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 626 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 195 मि.मी. अधिक वर्षा हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 1341 मि.मी., वारासिवनी में 1278 मि.मी., बैहर में 1431 मि.मी., लांजी में 1033 मि.मी., कटंगी में 984 मि.मी., किरनापुर में 1535 मि.मी., लालबर्रा मे 1186 मि.मी., बिरसा में 1337 मि.मी. तथा तिरोडी में 1052 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
04 अक्टूबर 2019 को प्रात: 08 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान कटंगी तहसील में 11 मि.मी., खैरलांजी मे 14 मि.मी. एवं तिरोड़ी तहसील में 09 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार बीते 24 घंटों मे बालाघाट जिले में 03 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 1080 मि.मी., वारासिवनी में 903 मि.मी., बैहर में 1130 मि.मी., लांजी में 1028 मि.मी., कटंगी में 641 मि.मी., किरनापुर में 1420 मि.मी., खैरलांजी में 1203 मि.मी., लालबर्रा में 795 मि.मी., बिरसा में 884 मि.मी., तिरोड़ी में 1006 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 1177 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह अक्टूबर में सामान्य रूप से 63 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 04 अक्टूबर तक औसत 1450 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

जिले में 1135 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड

बालाघाट | 27-सितम्बर-2019

जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 26 सितम्बर 2019 तक 1135 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 1035 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 1552 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 574 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 100 मि.मी. अधिक वर्षा हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 1261 मि.मी., वारासिवनी में 1173 मि.मी., बैहर में 1287 मि.मी., लांजी में 1018 मि.मी., कटंगी में 813 मि.मी., किरनापुर में 1465 मि.मी., लालबर्रा मे 1101 मि.मी., बिरसा में 1254 मि.मी. तथा तिरोडी में 974 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
26 सितम्बर 2019 को प्रात: 08 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान बालाघाट तहसील में 19 मि.मी., वारासिवनी में 10 मि.मी., बैहर मे 08 मि.मी., लांजी में 20 मि.मी., कटंगी में 53 मि.मी., किरनापुर मे 44 मि.मी., खैरलांजी में 46 मि.मी. लालबर्रा में 07 मि.मी., बिरसा में 08 मि.मी., तिरोड़ी मे 21 मि.मी. एवं परसवाड़ा तहसील में 11 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार बीते 24 घंटों मे बालाघाट जिले में 23 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 1080 मि.मी., वारासिवनी में 903 मि.मी., बैहर में 1130 मि.मी., लांजी में 1028 मि.मी., कटंगी में 641 मि.मी., किरनापुर में 1420 मि.मी., खैरलांजी में 1203 मि.मी., लालबर्रा में 795 मि.मी., बिरसा में 884 मि.मी., तिरोड़ी में 1006 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 1177 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह सितम्बर में सामान्य रूप से 238 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 25 सितम्बर तक औसत 1412 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए खनिज मंत्री श्री जायसवाल

बालाघाट | 20-सितम्बर-2019

आदिवासी गोंडवाना समाज द्वारा 18 सितम्बर को वारासिवनी में बलिदान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। गोंडवाना के अमर शहीद राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल भी शामिल हुए और अमर शहीदों को श्रद्धांजली दी। इस कार्यक्रम में नगर पालिका वारासिवनी के अध्यक्ष श्री विवेक पटेल भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री तारासिंह मर्सकोले ने की। इस कार्यक्रम में गोंडवाना छात्र संगठन श्री श्री मोहन मरकाम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह की क्रांतिकारी गतिविधियों के कारण अंग्रेज हुकूमत ने 14 सितम्बर 1857 को पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था और 17 सितम्बर 1857 को पिता-पुत्र को मौत की सजा सुनाते वक्त कहा गया यदि वे माफी मांग लें तो सजा माफ कर दी जाएगी। परन्तु आजादी के दीवाने पिता-पुत्र ने माफी नहीं मांगी और 18 सितम्बर को देश के लिए बलिदान हो गए।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आदिवासी वर्ग के कल्याण के लिए सार्थक पहल की है। आदिवासी वर्ग के परिवार में बच्चे के जन्म एवं किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अनाज देने की योजना बनाई है। आदिवासी वर्ग के सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बड़े बर्तन प्रदाय करने की व्यवस्था की गई है। आदिवासी वर्ग के लोगों को साहूकारों के शोषण से बचाने के लिए कदम उठाये गये है। आदिवासी वर्ग के लोगों को 10 हजार रुपये तक के ओव्हर ड्राफ्ट की सुविधा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार आदिवासी वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आदिवासी वर्ग के सामुदायिक भवन की बाउंड्रीवाल, शौचालय, किचन आदि के लिए विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अलावा जो भी जरूरी कार्य होंगें उनके लिए भी राशि उपलब्ध कराई जायेगी। इस अवसर पर आदिवासी वर्ग के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

जिले में 1074 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड

परसवाड़ा तहसील में सबसे अधिक 1474 मि.मी. वर्षा

बालाघाट | 14-सितम्बर-2019

जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 13 सितम्बर 2019 तक 1074 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 1006 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 1474 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 485 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 68 मि.मी. अधिक वर्षा हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 1220 मि.मी., वारासिवनी में 1132 मि.मी., बैहर में 1279 मि.मी., लांजी में 940 मि.मी., कटंगी में 726 मि.मी., किरनापुर में 1378 मि.मी., लालबर्रा मे 1085 मि.मी., बिरसा में 1235 मि.मी. तथा तिरोडी में 854 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
13 सितम्बर 2019 को प्रात: 08 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान बालाघाट तहसील में 03 मि.मी., वारासिवनी में 13 मि.मी., बैहर मे 25 मि.मी., लांजी में 20 मि.मी., कटंगी में 04 मि.मी., किरनापुर मे 15 मि.मी., खैरलांजी में 07 मि.मी. लालबर्रा में 23 मि.मी., बिरसा में 16 मि.मी., तिरोड़ी मे 18 मि.मी. एवं परसवाड़ा तहसील में 35 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार बीते 24 घंटों मे बालाघाट जिले में 16 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 1058 मि.मी., वारासिवनी में 892 मि.मी., बैहर में 1110 मि.मी., लांजी में 934 मि.मी., कटंगी में 636 मि.मी., किरनापुर में 1341 मि.मी., खैरलांजी में 1183 मि.मी., लालबर्रा में 792 मि.मी., बिरसा में 858 मि.मी., तिरोड़ी में 990 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 1152 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह सितम्बर में सामान्य रूप से 238 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 13 सितम्बर तक औसत 1313 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

जिले में 771 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड
परसवाड़ा तहसील में सबसे अधिक 1079 मि.मी. वर्षा

बालाघाट | 31-अगस्त-2019

जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 30 अगस्त 2019 तक 771 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 933 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 1079 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 366 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 173 मि.मी. कम वर्षा हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 882 मि.मी., वारासिवनी में 916 मि.मी., बैहर में 888 मि.मी., लांजी में 697 मि.मी., कटंगी में 425 मि.मी., किरनापुर में 885 मि.मी., लालबर्रा मे 774 मि.मी., बिरसा में 924 मि.मी. तथा तिरोडी में 642 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 916 मि.मी., वारासिवनी में 811 मि.मी., बैहर में 1039 मि.मी., लांजी में 854 मि.मी., कटंगी में 611 मि.मी., किरनापुर में 1208 मि.मी., खैरलांजी में 1091 मि.मी., लालबर्रा में 789 मि.मी., बिरसा में 818 मि.मी., तिरोड़ी में 941 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 1084 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह अगस्त में सामान्य रूप से 445 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 30 अगस्त तक औसत 1200 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

कोटवार जाति पिछड़ा वर्ग सूची से विलोपित 

बालाघाट | 27-अगस्त-2019

राज्य शासन ने कोटवार जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची से विलोपित कर दिया है। पिछड़ा वर्ग की सूची में कोटवार जाति सरल क्रमांक-57 पर दर्ज थी। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है।

जिले में 627 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड

परसवाड़ा तहसील में सबसे अधिक 896 मि.मी. वर्षा 

बालाघाट | 16-अगस्त-2019

 जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 15 अगस्त 2019 तक 627 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 656 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र-2019 में अब तक सबसे अधिक 896 मि.मी. वर्षा परसवाड़ा तहसील में तथा सबसे कम 262 मि.मी. वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 29 मि.मी. वर्षा कम हुई है।
चालू वर्षा सीजन-2019 में बालाघाट तहसील में 749 मि.मी., वारासिवनी में 751 मि.मी., बैहर में 680 मि.मी., लांजी में 604 मि.मी., कटंगी में 341 मि.मी., किरनापुर में 735 मि.मी., लालबर्रा मे 587 मि.मी., बिरसा में 7367 मि.मी. तथा तिरोडी में 523 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
15 अगस्त 2019 को प्रात: 08 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान बालाघाट तहसील में 19 मि.मी., वारासिवनी में 06 मि.मी., बैहर मे 20 मि.मी., लांजी में 05 मि.मी., कटंगी में 08 मि.मी., किरनापुर मे 00 मि.मी., खैरलांजी में 07 मि.मी. लालबर्रा में 13 मि.मी., बिरसा में 28 मि.मी., तिरोड़ी मे 08 मि.मी. एवं परसवाड़ा तहसील में 33 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार बीते 24 घंटों मे बालाघाट जिले में 13 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।
गत वर्ष 2018 में इसी अवधि में बालाघाट तहसील में 629 मि.मी., वारासिवनी में 534 मि.मी., बैहर में 912 मि.मी., लांजी में 704 मि.मी., कटंगी में 325 मि.मी., किरनापुर में 878 मि.मी., खैरलांजी में 622 मि.मी., लालबर्रा में 367 मि.मी., बिरसा में 690 मि.मी., तिरोड़ी में 619 मि.मी. तथा परसवाड़ा तहसील में 802 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। माह अगस्त में सामान्य रूप से 445 मि.मी. वर्षा होना चाहिए और 01 जून से 15 अगस्त तक औसत 984 मि.मी. वर्षा होना चाहिए। लेकिन इस वर्ष कम वर्षा हुई है।

बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने के लिए लालबर्रा में दिया गया प्रशिक्षण 

बालाघाट | 06-अगस्त-2019

आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लालबर्रा में राष्ट्रीय कृमि दिवस की उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में क्लिंटन फाउंडेशन के परियोजना समन्वयक एनिमिया और कुपोषण अमरेश सिंह परिहार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता को बताया कि आगामी 08 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि दिवस पर आंगनवाड़ी केन्द्र के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्‍बेंडाजोल की गोली खिलाना है। एक से 2 साल के बच्चो को आधी गोली पीस कर तथा 2 साल से ऊपर बच्चो को एक गोली देना है और जो बच्चे छूट जाएंगे उनको 13 तारीख को मापअप दिवस में खिलाना है। कार्यशाला में ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर श्री भुवनेश्वर बोपचे, बीईई श्रीमती बिसेन, महिला बाल विकास से, श्रीमती यशोदा भगत, पर्यवेक्षक, श्रीमती सुषमा चौबे, श्रीमती यशोदा उइके, श्रीमती गीता बिसेन, श्रीमती संगीता गोपाल, श्रीमती पूजा शेन्द्रे, श्रीमती नाजिया खान सहित सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थी।

खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच के लिए बैहर में लिए गये सैंपल 

बालाघाट | 26-जुलाई-2019

कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को खाद्य सामग्री विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच करने एवं उनमें बिकने वाली खाद्य सामग्री के सेंपल जांच के लिए एकत्र करने के निर्देश दिये है। इसी कड़ी में आज बैहर में खाद्य सामग्री विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की गई और वहां से खाद्य सामग्री के सेंपल एकत्र किये गये है। बैहर के एसडीएम श्री चन्द्र प्रताप गोहल ने बताया कि खाद्य सामग्री के एकत्र नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में जांच में खाद्य सामग्री में मिलावट पायी जायेगी तो संबंधित विक्रेता के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी। सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिये बहुत घातक हैं। मिलावटी खाद्य सामग्री के व्यवसाय पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्यवाही कर रही है।

केंद्रीय विद्यालय मलान्जखंड में किया गया वृक्षारोपण 

बालाघाट | 23-जुलाई-2019

 केन्द्रीय विद्यालय मलान्जखंड परिसर में स्काउट और गाइड के बच्चों द्वारा गत दिवस पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का कार्य किया गया। जिसमें विद्यालय के स्काउट मास्टर्स, गाइड कैप्टन और विद्यालय के स्काउट गाइड आन्दोलन से जुड़ें बच्चों ने संकल्प लिया कि पर्यावरण की रक्षा हेतु अपने जन्मदिन के अवसर पर एक पौधा अवश्य ही लगाएँगे और उसकी उचित देखभाल भी करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सैकड़ो पौधे रोपे गये। विद्यालय प्राचार्य श्री अमित दाहिया ने अपने उद्बोदन में बच्चों को प्रोत्साहित किया और पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया उन्होंने कहा कि भविष्य की सुखद परिकल्पना के लिए पेड़ लगाना आवश्यक है तथा कागजों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, जिससे हम कई पेड़ो को कटने से बचा सकते है। प्रकृति संतुलन से भविष्य में मानव जीवन का संतुलन बना रहें। स्काउट मास्टर श्री महेंद्र सिंह टेकाम का इस अवसर पर विशेष योगदान रहा।

मध्‍यप्रदेश राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग की बैठक में हुए महत्‍वपूर्ण निर्णय

बालाघाट | 12-जुलाई-2019

म.प्र. राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग की 185 वीं बैठक में आज 11 जुलाई 2019 को सम्‍पन्‍न  हुई। बैठक में पूर्व में लिए गये निर्णयों, अनुशंसाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई एवं संबंधित को स्‍मरण पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। बैठक में आयोग में चल रहे प्रकरणों की स्थिति पर भी विचार हुआ। बैठक में बताया गया कि 2017 से अब तक आयोग ने 45 प्रकरण निराकृत किये गये हैं ।

पूर्व से प्रचलित जिला बालाघाट, ग्राम भरवेली में नव युवक बौद्ध समिति के लिए बौद्ध बिहार निर्माण हेतु भूमि उपलब्‍ध किये जाने हेतु शासन से अनुशंसा किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शासन के अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग को धर्मस्‍थलों के जीर्णोद्धार के लिए दी जाने वाली राशि सीधे हितग्राहियों को ना देते हुए शासकीय एजेंसी को दी जाये, जिससे वह शासकीय एजेंसी जीर्णोद्धार का कार्य करें। अनुशंसा की गई कि आयोग जिला स्‍तर पर जानकारी एकत्रित करेगा कि शासन की योजनाओं का लाभ अल्‍पसंख्‍यक समाज के कितने लोगों को मिला है। इसाई वक्‍फ बोर्ड बनाने हेतु भी शासन को स्‍मरण पत्र लिखने हेतु निर्णय लिया गया।

आयोग की बैठक में अध्‍यक्ष श्री नियाज मोहम्‍मद खान, सदस्‍यगण श्री आनंदबर्नाड, डॉ. तुकड़या दास वैद्य, श्री कमाल भाई और सचिव श्री विनय निगम उपस्थित रहे। बैठक आयोग के अध्‍यक्ष की अध्‍यक्षता में सम्‍पन्‍न हुई।

लू-तापघात से बचाव के लिये सलाह

बालाघाट | 06-जून-2019

 प्रदेश में भीषण गर्मी और लू-लपट की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में लू से बचाव और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. बी.एन. चौहान ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को निर्देश दिये हैं कि सभी शासकीय अस्पतालों में लू से बचाव एवं इलाज के लिये पर्याप्त व्यवस्था की जाये।

    लू-तापघात ग्रसित रोगियों के उपचार के लिये सभी शासकीय अस्पतालों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिपो होल्डर, आशा कार्यकर्ता के पास उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। ओआरएस घोल/फ्लूड, लू से उपचार के लिये अन्य दवाइओं आदि का पर्याप्त भण्डारण रहे। एम्बुलेंस 108 को विशेषकर दोपहर में सार्वजनिक स्थलों पर तैयारी की स्थिति में रखा जाये, जिससे किसी व्यक्ति को लू लगने पर उसे तत्काल इलाज के लिये सहायता दी जा सके। पानी के सभी स्रोतों की लगातार समीक्षा करें। जिले में कही पर भी दूषित पानी के स्रोतों की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परता से उचित कार्यवाही करें। घटनाओं और की गई कार्यवाही से शासन स्तर पर ई-मेल idspssump@gmail.com पर तुरंत बतायें।

   सभी बीएमएचओ, सिविल सर्जनों से कहा गया है कि जन-सामान्य को लू-तापघात से बचाव के उपायों की अधिक से अधिक जानकारी दें। आमजन को धूप और गर्मी से बचने और घर के अंदर हवादार, ठण्डे स्थान पर रहने की जानकारी दी जाये। अति आवश्यक हो तो बाहरी गतिविधियाँ सुबह और शाम के समय में ही करने के साथ ही अत्यधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियाँ दिन के अधिकतम तापमान वाले घंटों में नहीं करने और सफेद तथा हल्के रंग के पतले वस्त्रों को पहनने की सलाह दी गई है। सिर को कपड़े या टोपी से ढँकें, जूते-चप्पल तथा नजर के काले चश्मे (गॉगल) के उपयोग और धूप में जाने से पहले पर्याप्त भोजन और पानी पीने की सलाह देने को कहा गया है। नीबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आम पना, दही, नारियल पानी आदि के सेवन, ताजा और स्वच्छ भोजन, शिशुओं तथा बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुषों, घर के बाहर काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखने के लिये कहा गया है।

    इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने वाहन मालिकों और वाहन चालकों से कभी भी किसी को बंद, पार्किंग में रखी गाड़ी में अकेला न छोड़ने, जनसामान्य को बहुत अधिक भीड़, गर्मी, घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा अत्यावश्यक होने पर ही करने की समझाइश दी है। ग्रीष्म ऋतु के दौरान सड़े-गले फलों एवं बासी/देर से बने भोजन और खाद्य सामग्रियों का सेवन बिलकुल नहीं करने और स्थानीय स्वास्थ्य एवं आशा कार्यकर्ताओं के जरिये जन-सामान्य में बचाव की जानकारी और इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी प्राप्त करने को कहा गया है।