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भिण्ड

भारत सरकार द्वारा अटल प्रोग्रेस-वे की अधिसूचना जारी
अटल प्रोग्रेस-वे ग्वालियर-चबंल संभाग के विकास की जीवन रेखा साबित होगी-मुख्यमंत्री श्री चौहान
भिण्ड | 20-अगस्त-2021

    भारत शासन के राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय ने आज मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना को भारत माला फेस-1 में शामिल करने की स्वीकृति जारी की है। चंबल संभाग के भिण्ड मुरैना एवं श्योपुर जिलों से होते हुए यह पूर्णतः नया एक्सप्रेस-वे मध्यप्रदेश में 404 किलो मीटर लंबाई का होगा, जो पूर्व में झाँसी (उत्तर प्रदेश) से तथा पश्चिम में कोटा (राजस्थान) से जोड़ते हुए निर्मित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अटल प्रोग्रेस-वे के भारतमाला फेस -1 में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी का आभार माना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे ग्वालियर-चबंल संभाग के विकास की जीवन रेखा साबित होगी। इस 404 किलोमीटर लंबाई के एक्सप्रसे-वे के आस-पास इंडस्टियल कोरिडोर का निर्माण कराया जायेगा। जो क्षेत्र के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी।
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग के निर्माण से झाँसी (उत्तर प्रदेश) से कोटा (राजस्थान) का एक प्रमुख नया मार्ग जुड़ेगा, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों को लाभान्वित करेगा। इन दोनों बिन्दुओं की दूरी में भी लगभग 50 किलोमीटर की बचत होगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने में अवागमन में लगने वाला 11 घंटे का समय घटकर 6 घंटे तक हो जायेगा।

एक्सप्रेस-वे के साथ औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विकास

चंबल नदी के किनारे-किनारे बनाये जाने वाले इस नये एक्सप्रेस-वे में मध्यप्रदेश शासन ने औद्योगिक, व्यावसायिक एवं विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में निवेश आमंत्रित करने के लिये अग्रिम तैयारी की है। एक्सप्रेस-वे में लगने वाली समस्त भूमि राज्य शासन द्वारा अपने व्यय पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 7000 करोड़ रूपये का व्यय संभावित है। इस एक्सप्रेस-वे को 7 विभिन्न पैकजों के माध्यम से बनाये जाने की तैयारी है।

दिव्यांग बच्चों के लिये भोपाल को मिली अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की सौगात

केन्द्रीय मंत्री श्री गहलोत ने देश में किया 14 सेंटर्स का शुभारंभ
भिण्ड | 18-जून-2021

    केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गहलोत ने आज नई दिल्ली में देश के विभिन्न क्षेत्रों में दिव्यांग बच्चों के लिये 14 क्रॉस डिस्एबिलिटि अर्ली इंटरवेंशन सेंटर का वर्चुअली शुभारंभ किया। यह सेंटर्स दिव्यांग बच्चों के लिये चिकित्सकीय, पुनर्वास देखभाल सेवाओं और प्री-स्कूल प्रशिक्षण (0 से 6 वर्ष) जैसी सुविधाएँ प्रदान करेंगे। पहले चरण में दिल्ली, मुम्बई, देहरादून, सिकंदराबाद, कोलकाता, कटक और चैन्नई में 7 राष्ट्रीय संस्थानों और भोपाल, सुंदरनगर, लखनऊ, राजनांदगाँव, पटना, नेल्लोर और कोझीकोड में 7 समग्र क्षेत्रीय केन्द्रों में यह सेंटर्स खोले जा रहे हैं। भोपाल में यह सेंटर क्षेत्रीय दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र पिपलानी में स्थापित किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश के सुझाव की सराहना

मध्यप्रदेश के निरूशक्तजन कल्याण आयुक्त श्री संदीप रजक ने शुभारंभ समारोह में भोपाल से वर्चुअली भाग लिया। श्री रजक ने सुझाव दिया कि शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और महिला-बाल विकास विभाग के आंगनवाडी केन्द्रों को साथ जोड़ते हुए संचालित करने पर पर बेहतर परिणाम मिलेंगे। केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री और राज्य मंत्री के साथ उत्तरप्रदेश के निरूशक्तजन कमिश्नर ने भी इस सुझाव की प्रशंसा करते हुए सहमति व्यक्त की। कुछ बच्चों में जन्म के बाद बोलने, सुनने, चलने सहित कई प्रकार का शारीरिक और मानसिक विकास सामान्य बच्चों की तरह नहीं हो पाता है। कुछ नवजात बच्चों में चिकित्सकीय जाँच के बाद इसका पता चल जाता है, लेकिन अधिकतर में बच्चों की उम्र बढ़ने के बाद ही माता-पिता को इसकी जानकारी हो पाती है।

प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों के मंहगे इलाज से राहत

अर्ली इंटरवेंशन सेंटर्स के खुलने से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता को काफी राहत मिलेगी। प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों में दिव्यांग बच्चों का इलाज काफी मंहगा पड़ता है। बहुत से माता-पिता इस इलाज और प्रशिक्षण का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। ऐसे में भोपाल सहित देश में खुलने वाले 14 सेंटर्स से दिव्यांगों के इलाज में एक बहुत सकारात्मक प्रगति दर्ज हुई है।

प्रदेश में मूँग की खरीदी 15 जून से होगी प्रारंभ : मुख्यमंत्री श्री चौहान

किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाया जाएगा
भिण्ड | 08-जून-2021

      मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रदेश में किसानों से मूँग की खरीदी 15 जून से प्रारंभ होगी। किसान भाई 8 जून से अपना पंजीयन करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में भारत सरकार के सहयोग से ग्रीष्मकालीन मूँग की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्नदाता का हित मेरे लिए सर्वोपरि है। मूँग की गिरती कीमतों से किसान चिंतित न हों। किसान की उपज का उचित मूल्य दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में यह भी निर्णय लिया गया है कि चने की खरीदी की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है।

समर्थन मूल्य घोषित

भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए मूँग की खरीदी का लक्ष्य और समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य अनुसार 34 हजार 20 मीट्रिक टन मूँग की खरीदी की जाएगी। मूँग का समर्थन मूल्य 7196 रूपये प्रति क्विटंल निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार उड़द उपार्जन के लिए 9710 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। उड़द का समर्थन मूल्य 6 हजार रूपये प्रति क्विटंल निर्धारित किया गया है।

दवाइयों की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई -मुख्यमंत्री श्री चौहान

मिली केन्द्र की हरी झण्डी
भिण्ड | 20-अप्रैल-2021

   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए जन-प्रतिनिधियों से निरंतर परामर्श किया जाए। उनसे प्राप्त सूचनाओं पर कमिश्नर्स त्वरित कार्रवाई करें। प्रदेश में सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करते हुए पॉजिटिविटी रेट घटाने के पूरे प्रयत्न हों। किस अस्पताल में कितने बेड हैं, इसकी जानकारी प्रचार माध्यमों के साथ ही हिन्दी एप के माध्यम से भी दी जाए। समाजसेवी संगठनों को जोड़कर लोगों की मदद के लिए प्रेरित किया जाए। कोरोना संक्रमित लोग कोविड केयर सेंटर से लाभान्वित हों। होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगियों से चिकित्सक सम्पर्क में रहें और जरूरी मार्गदर्शन देते रहें। औषधियों और इंजेक्शन के वितरण की न्यायपूर्ण व्यवस्था हो। इनकी कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के कमिश्नर्स, प्रभारी अधिकारियों से कोरोना संक्रमण पर चर्चा एवं समीक्षा कर रहे थे।
वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसीर रूम गुना में कलेक्‍टर श्री कुमार पुरूषोत्‍तम, पुलिस अधीक्षक श्री राजीव कुमार मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री निलेश परीख तथा मेडिकल स्‍टाफ आदि उपस्थित रहे।
नए ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति इस माह के आखरी तक 700 मीट्रिक टन हो जाएगी। आज प्रदेश को 390 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त हुई है। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति निरंतर बढ़ रही है। टेंकर्स की संख्या भी अब 46 हो गई है। प्रदेश के 37 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे। ये प्लांट आगामी एक से तीन माह में स्थापित करने की तैयारी है। इससे भविष्य की दिक्कतें समाप्त होंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा पीआईयू और कार्य एजेंसी इन संयंत्रों के लिए स्थल चयन करें, तेजी से कार्य सम्पन्न हो।
इंजेक्शन की नहीं होगी कमी, बढ़ रही आपूर्ति
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में संभागों को आज 17 हजार इंजेक्शन भेजे जा चुके हैं। संभागों से जिलों तक इनका वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की आज हैटरो हैल्थकेयर लिमिटेड से भी इंजेक्शन आपूर्ति के संबंध में चर्चा हुई है। कंपनी को एक लाख इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए कहा गया है। इसके पूर्व मॉयलॉन लैब ने भी इंजेक्शन की आपूर्ति की है। निरंतर अनुश्रवण से परिणाम मिल रहे हैं और मध्यप्रदेश को होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति में निरंतर वृद्धि हुई है।
रोगियों के हित में जल्दी मिले रिपोर्ट
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जाँच रिपोर्ट 24 घंटे में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए। टेस्ट रिपोर्ट आने तक जाँच करवाने व्यक्ति को आइसोलेशन में रहना है, यह परामर्श दिया जाए। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रयासों में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। ऐसे निर्धन परिवार, जो होम आइसोलेशन में हैं यदि उनके लक्षण गंभीर होते हैं तो प्राथमिकता से कोविड केयर सेंटर ले जाया जाए। इन केन्द्रों में चाय, नाश्ता, भोजन उपलब्ध करवाया जाए। रोगियों की पूरी देखभाल की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोगियों को एक अस्पताल से दूसरे में न जाना पड़े, इसके लिए बेड की उपलब्धता प्रदर्शित करें। निर्धारित नंबरों पर नागरिकों को जानकारी मिलना चाहिए। गंभीर रोगियों को सभी जिले में प्रशासनिक अधिकारी अथवा अस्पताल द्वारा उपचार देने में पूरा सहयोग प्रदान किया जाए। इंदौर में राधास्वामी सत्संग ब्यास द्वारा की गई पहल अनुकरणीय है। अन्य संभाग में भी यह पहल हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसी भी स्थिति में संक्रमण की चेन तोड़ना है। ऐसे प्रयास करें कि यह कार्य एक अभियान बन जाए।
प्रांतों से मिल रहा सहयोग
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन और औषधियों के आवश्यक प्रबंध के लिए गुजरात, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की है। सभी राज्यों से सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ से भी ऑक्सीजन आपूर्ति में सहयोग मिला है। संकट के दौर में सभी राज्यों में परस्पर सहयोग और समन्वय की भावना है।
संभागों से चर्चा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कमिश्नर्स से चर्चा के दौरान निर्देश दिए कि सभी संभागों में रोगियों की संख्या को देखते हुए ऑक्सीजन के न्यायपूर्ण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। कमिश्नर भोपाल ने बताया कि संभाग में टेस्टिंग और ट्रीटमेंट का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। कल भोपाल में 8566 टेस्ट हुए हैं। जबलपुर कमिश्नर को मेडिकल कॉलेज जबलपुर में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। टेस्ट क्षमता में वृद्धि के लिए कमिश्नर रीवा को भी निर्देशदिए गए। कमिश्नर सागर को संभाग के सभी जिलों में जाँच और उपचार की सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में सागर में 500 बेड क्षमता है। अभी 398 बेड का उपयोग हो रहा है। कमिश्नर इंदौर ने बताया कि इंदौर में 7400 बेड उपलब्ध हैं, वर्तमान में 6422 बेड का ही उपयोग हो रहा है।
जन-सहयोग है जरूरी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आम जनता खुद कर्फ्यू व्यवस्था को लागू करें। जन-सहयोग से हम शीघ्र ही इस संक्रमण पर विजय प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे सोमवार को मंत्रियों से भी चर्चा कर उनके सुझावों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश देंगे।
“ऑक्सीजन एक्सप्रेस” केन्द्र की पहल सराहनीय
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से राज्यों तक उनकी आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति की पहल की है। निश्चित ही यह सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा गत सप्ताह ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए रेल के माध्यम से टेंकर लोड कर भेजे जाने का सुझाव दिया गया था।
ऑक्सीजन की क्षति न हो
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे समय जब ऑक्सीजन की बहुत जरूरत है, भोपाल के पास एक ऑक्सीजन टैंकर पलटा, लेकिन ऑक्सीजन की क्षति नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग ने तत्परता से कार्यवाही की। मुख्यमंत्री ने कहा इसी तरह सभी का सतर्क रहना आवश्यक है। रोगियों के कार्य की वस्तुओं को सहेजने के लिए सजगता प्रशंसनीय है। इसी तरह ऑक्सीजन के अनावश्यक उपयोग पर नियंत्रण भी आवश्यक है।
आगर-मालवा और शाजापुर जिलों के सैम्पल उज्जैन जाएंगे
बैठक में बताया गया कि उज्जैन के आरडी गार्डी अस्पताल में उज्जैन सहित आगर-मालवा और शाजापुर के सैम्पल भी भेजे जाएंगे। उज्जैन में वर्तमान में प्रतिदिन 2 हजार टेस्ट की क्षमता है। टेस्ट रिपोर्ट जल्द प्राप्त हो इस उद्देश्य से झाबुआ और अलीराजपुर में लिए गए सैम्पल अहमदाबाद भेजे जा रहे हैं। इससे एक दिन में ही रिपोर्ट मिलने लगी है।

ग्रामोदय मिशन से आएगी खुशहाली और गाँवों का होगा समग्र विकास-मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने किया मिशन ग्रामोदय का शुभारंभ, सवा लाख परिवारों को कराया गृह प्रवेश, साढ़े दस हजार से अधिक सामुदायिक निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण
भिण्ड | 13-अप्रैल-2021

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नगरोदय मिशन के बाद आज से पूरे प्रदेश में मिशन ग्रामोदय शुरू किया गया है। इस मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाएगा। मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाएँ देने के साथ ही मूलभूत और आधारभूत संरचनाओं का विस्तार भी किया जाएगा। इससे ग्रामीणों के चेहरों पर नई मुस्कुराहट और उनके जीवन में नई खुशहाली आयेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान गत दिवस धार में ग्रामोदय मिशन के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर असम से वर्चुअली शामिल हुए।

कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में बनाये 3 लाख आवास

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। बेघरों के लिए तेजी से आवास बनाए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में भी 3 लाख आवास का निर्माण पूरा कर जरूरतमंद परिवारों को दिए गए। हमारा प्रयास है कि वर्ष 2022 तक कोई भी आवासहीन नहीं रहे, सबका पक्का मकान हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है। किसानों की भलाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। किसानों के हक की बीमा राशि, राहत राशि, सम्मान निधि सहित अन्य सभी सुविधाएँ दी जाएँगी। उन्होंने कहा कि बैंकों में बकाया कृषि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए मिशन ग्रामोदय प्रारम्भ किया गया है। इसमें हर गाँव में पक्की सड़क का निर्माण, हर ग्राम पंचायत का भवन, हर ग्राम पंचायत में मुक्तिधाम और खेल मैदान होंगे। हर गाँव के हर घर में नल से जल पहुँचाया जाएगा। इस वर्ष 26 लाख घरों में नल से जल पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है। अगले 3 वर्षों में एक करोड़ 2 लाख घरों में नल से जल पहुँचाने का कार्य किया जायेगा। मिशन ग्रामोदय में स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। उन्हें मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जाएगा। स्व-सहायता समूहों को स्कूलों के बच्चों की ड्रेस बनाने तथा आँगनवाड़ियों के लिए पोषण आहार बनाने का कार्य सौंपा जा रहा है।

जन्म-दिन सहित अन्य शुभ अवसरों पर पौधा लगायें : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने जन्म-दिन के पूर्व प्रदेशवासियों से की अपील
भिण्ड | 05-मार्च-2021

      मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्म-दिन के पूर्व प्रदेश के सभी नागरिक भाईयों, बहनों और प्रिय भांजे-भांजियों को जारी संदेश में पौधा लगाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 5 मार्च को मेरा जन्म-दिन है। हमेशा संकल्प यही रहता है कि जीवन का हर क्षण सार्थक हो, अपने लिए नहीं, हम अपनों के काम आयें और अपनी है प्रदेश की जनता।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार के माध्यम से हम सार्थक काम कर ही रहे हैं, लेकिन मन में यह भाव भी आया कि जन्म-दिन के अवसर को भी उद्देश्यपूर्ण बनाया जाये। धरती हमारी माँ है। माँ हमें सब कुछ देती है, लेकिन हमें भी माँ को कुछ देना है। इसी उद्देश्य से मैंने एक साल तक रोज एक पौधा लगाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण पर्यावरण बिगड़ रहा है। धरती की सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसा अनुमान है कि वर्ष 2050 तक ये 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ जायेगा। तब स्थितियाँ भविष्य के लिए ऐसी बनेंगी कि धरती पर मानव और जीव-जंतुओं का अस्तित्व ही एक समय संकट में पड़ जायेगा। हम आने वाले इस संकट को पहचानते हुए आज से ही पर्यावरण बचाने का सार्थक प्रयास करें। पेड़ों से धरती माँ का श्रृंगार करना पर्यावरण बचाने का प्रभावी माध्यम है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि आप किसी भी शुभ अवसर पर पेड़ लगाएँ। प्रसन्नता की बात है कि मध्यप्रदेश में वन क्षेत्र लगातार बढ़ा है। वन क्षेत्र को और अधिक बढ़ाने का प्रयास करें। हम पेड़ लगाएंगे तो अपने लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश, देश और दुनिया के लिए भी लगाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मेरी प्रार्थना है कि मेरे इस जन्म-दिन की खुशी फूलमाला और बुके से स्वागत करके न मनाएँ, इसके बजाय एक पेड़ लगाएँ। ज़रूरी नहीं है कि मेरे जन्म-दिन पर ही लगाएँ। आप अपने जीवन के किसी भी शुभ अवसर पर पेड़ लगाएँ। पेड़ है तो ऑक्सीजन है, ऑक्सीजन है तो जीवन है। इसलिए वृक्ष भी जीवन है। मैं अपना जन्म-दिन पेड़ लगाकर ही मनाऊंगा।

10 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ई-मेल, व्हाट्सएप एवं एसएमएस से मिलेंगे बिजली बिल

भिण्ड | 26-फरवरी-2021

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने हाई वैल्यू कंज्यूमर को एक अप्रैल से एचटी उपभोक्ताओं की भांति व्हाट्सएप, ईमेल एवं एसएमएस के माध्यम से बिजली बिल भेजेगी। इसके लिए उपभोक्ताओं के मोबाईल नंबर, व्हाट्सएप नंबर एवं ईमेल आईडी प्राप्त करने के लिए अभियान चालाया जाए। यह निर्देश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने गोविन्दपुरा स्थित कंपनी मुख्यालय में आयोजित समन्वय बैठक में दिए।
प्रबंध संचालक ने कहा कि कंपनी के 10 किलोवाट भार तक के हाई वैल्यू कंज्यूमर वितरण कंपनी के मासिक राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इन उपभोक्ताओं को विशेष सुविधाएँ दी जाएंगी। इसी तारतम्य में बिजली बिल इलेक्ट्रानिक जरिये के अलावा यदि हाई वेल्यू कंज्यूमर चाहेंगे तो उन्हें बिजली बिल की हार्ड कॉपी भी भेजी जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in  पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा अथवा उन्हें कॉल सेन्टर (1912) या व्हाट्सएप चेटबोट (0755-2551222) के माध्यम से अपना नंबर दर्ज कराना होगा। प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने निर्देश दिए हैं कि मीटर वाचन में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीटर रीडरों का क्षेत्र परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे कि मीटर वाचन शुद्धता से हो सके। राजस्व वसूली को लेकर प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों के खिलाफ कुर्की की कार्यवाही की जाए। यदि बकायादार नहीं मिलते हैं तो बैंकों से संपर्क कर उनके बैंक खाते सीज किए जाएँ।
प्रबंध संचालक ने खरीफ सीजन में कृषि क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए कंपनी को तैयार रहने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि वितरण ट्रांसफार्मर रिपेयर करने के लिए एजेंसियों को इम्पेनल करने के संबंध में शीघ्र कार्यवाही की जाए। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफार्मरों की माँग के अनुरूप क्षमतावृद्धि की जाए और गर्मी के सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि के प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाए। सोलर रूफटॉप के आवेदनों की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। जूम डेव्हलपर से वसूली के लिए कलेक्टर इंदौर के सहयोग से कुर्की एवं नीलामी की कार्यवाही की जाए। प्रबंध संचालक ने दतिया, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर एवं ग्वालियर शहर के मानव संसाधन संबंधी प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण कर मंजूर किये जाने के लिए मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

जुलाई-2021 से शुरू होगा न्यूनतम समान पाठ्यक्रम-मंत्री डॉ. यादव

राज्य-स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित
भिण्ड | 19-फरवरी-2021

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में स्नातक प्रथम वर्ष के लिये पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में न्यूनतम समान पाठ्यक्रम जुलाई-2021 से संचालित किया जायेगा। मंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत राज्य-स्तरीय टॉक्स फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्यों से सुझाव लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों का सकल पंजीयन बढ़ाने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से योजना तैयार की जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका होगी। बेहतर प्रत्यायन और रैंकिंग प्राप्त करते हुए अधिकाधिक शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। प्रत्येक जिले में कम से कम एक महाविद्यालय को आदर्श बनाया जायेगा। एकल संकाय महाविद्यालयों को बहुसंकाय महाविद्यालय में उन्नयन करने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने शोध कार्यों एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।
मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति बेहतर ढंग से लागू की जायेगी। बैठक में रखे गये सुझावों को ध्यान में रखकर चार सदस्यीय समिति बनाकर विभिन्न पाठ्यक्रमों में संशोधन की कार्यवाही की जायेगी। स्नातक प्रथम वर्ष से शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पाठ्यक्रमों में लोक संस्कृति एवं लोक भाषा का ध्यान रखा जायेगा।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि नई शिक्षा नीति में सकल पंजीयन अनुपात को 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिये लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये एक चुनौती के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ा जाये, तो हमारी उपलब्धि होगी।
समिति के सदस्यों ने रोजगारमूलक शिक्षा के लिये विभिन्न नवाचार करने के सुझाव रखे। सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र खोलने, उच्च शिक्षा में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, उद्योग विशेषज्ञों की राय लेने सहित अन्य बिन्दुओं को शामिल करने के सुझाव रखे।

प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के 2.49 लाख विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति के रूप में 325 करोड़ से अधिक की राशि वितरित
भिण्ड | 13-फरवरी-2021

    प्रदेश में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस वर्ष अब-तक 2 लाख 49 हजार विद्यार्थियों को 325 करोड़ 23 लाख रूपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति मंजूर कर वितरित कर की है। यह छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग के कक्षा 11वीं, 12वीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। पिछड़ा वर्ग के कक्षा 11वीं एवं 12वीं की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का वितरण का कार्य स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से किया गया।

40 विद्यार्थियों को मिला विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति का फायदा

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा इस वर्ष 40 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति का फायदा पहुँचाया गया है। इन विद्यार्थियों को विभाग द्वारा 10 करोड़ 41 लाख रूपये की राशि विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के रूप में दी गई है। इसमें नवीनीकरण की राशि भी शामिल है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिये प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने के अवसर प्रदान किये जा रहे है। चयनित विद्यार्थियों की फीस समेत उनके रहने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।

मेधावी विद्यार्थी पुरस्कार योजना

विभाग द्वारा प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिये मेधावी विद्यार्थी पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में जिले में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दो छात्र एवं दो छात्राओं को चयनित किया जाता है। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र एवं एक छात्रा को 5-5 हजार रूपये और बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र एवं एक छात्रा को 12-12 हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जा रही है। इस वर्ष 208 मेधावी विद्यार्थियों को चयन कर लिया गया है।

 

स्हकारिता मंत्री आज ग्राम पंचायत रमा, चिलोंगा, बिजौरा एवं कोषण में

भिण्ड | 05-फरवरी-2021

    सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया 05 फरवरी 2021 को सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत रमा, दोपहर 12.30 बजे ग्राम पंचायत चिलोंगा, दोपहर 2 बजे ग्राम पंचायत बिजौरा, अपरान्ह 4 बजे ग्राम पंचायत कोषण में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि पूजन/ लोकार्पण/जनसम्पर्क कार्यक्रमों में भाग लेगे तथा रात्रि विश्राम भिण्ड में ही करेंगे। लोक सेवा प्रबंधन विभाग के मंत्री डॉ अरविन्द भदौरिया 06 फरवरी 2021 को प्रातः8 बजे भिण्ड से कार द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

योजनाओं के लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति करें-राज्यमंत्री श्री कुशवाह

भिण्ड | 04-दिसम्बर-2020

   उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप के लिये विभाग को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों में जो लक्ष्य प्राप्त हुए हैं, उनकी पूर्ति समय-सीमा में की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने के लिये कहा। राज्य मंत्री श्री कुशवाह आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अंतर्गत बुधवार को मंत्रालय में विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से जुड़े किसानों के लिये संचालित योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिलना सुनिश्चित हो। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीप अंबर सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिये 174.94 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद के निर्णय
भिण्ड | 28-नवम्बर-2020
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई वर्चुअल केबिनेट बैठक में मंत्रि-परिषद ने सीहोर जिले की सनकोटा सिंचाई परियोजना एवं मोगराखेड़ा सिंचाई परियोजना की पूर्व प्रदत्त प्रशासकीय स्वीकृति क्रमशरू राशि 154 करोड़ 85 लाख रुपये एवं 105 करोड़ 72 लाख रुपये कुल राशि 260 करोड़ 57 लाख रुपये को परियोजनांतर्गत वन भूमि आने एवं व्यवस्थापन को दृष्टिगत रखते हुए निरस्त किया जाकर सीप अंबर सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना की सिंचाई क्षमता 8000 हेक्टेयर के लिये राशि 174 करोड़ 94 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी लिमिटेड, जबलपुर को केनरा बैंक से 800 करोड़ रुपये की राशि के ऋण, जो कि एक वर्ष के एमसीएलआर दर पर है, के लिये राज्य शासन की प्रत्याभूति, ऋण अवधि (13 वर्ष) तक प्रदान करने की मंजूरी दी। साथ ही उक्त ऋण पर कम्पनी से 0.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से प्रत्याभूति शुल्क लेने का निर्णय लिया।

स्व-सहायता समूह को क्षमता अनुसार मिलेगा गणवेश प्रदाय का आर्डर

मंत्रि-परिषद ने सभी ऐसे जिले, जहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास एवं नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत क्रियाशील एवं सक्षम स्व-सहायता समूह हैं, को उनकी क्षमता के अनुरूप गणवेश प्रदाय का आर्डर दिये जाने का निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह द्वारा कक्षा एक से 8 तक के अनुरूप 3 माह के भीतर स्टेंडर्ड साइज की यूनिफार्म उपलब्ध कराई जायेगी।

स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन जबलपुर में होंगे 20 पद स्थानांतरित

मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में राशि 17 करोड़ 88 लाख रुपये के अतिरिक्त निर्माण कार्य स्वीकृत करने पर परियोजना की पूर्व में जारी प्रशासकीय स्वीकृति 135 करोड़ 21 लाख रुपये के स्थान पर 153 करोड़ 9 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति एवं स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिये 20 पदों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन जबलपुर में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी।

नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के संबंध में आवश्यक संशोधन

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में संचालित नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के संबंध में नवीन मान्यता, नवीनीकरण एवं सीट्स वृद्धि की मान्यता में शैक्षणिक सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में की गई कार्यवाहियों में नियमों से संबंधित व्यवहारिक समस्याएँ उद्भूत हुईं, जिन्हें उदाहरण स्वरूप- एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम हेतु न्यूनतम 50 बिस्तरों का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल अनिवार्य किया जाना, किसी चिकित्सालय द्वारा पैरेन्ट हॉस्पिटल के रूप में एक ही नर्सिंग संस्था को संबद्ध करना, वर्ष 2013 के बाद नवीन नर्सिंग संस्था प्रारंभ करने के लिये स्वयं का 100 बिस्तरीय अस्पताल होना एवं नर्सिंग संस्थाओं द्वारा ब्लॉक/जिला परिवर्तन करने पर नवीन संस्था के रूप में आवेदन किया जाना आदि निर्णयों के रूप में समाधान के लिये मध्यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण मान्यता नियम, 16 अक्टूबर, 2018 एवं 23 सितम्बर, 2019 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।

अन्य निर्णय
  • मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम परिवर्तित कर पशुपालन एवं डेयरी विभाग किये जाने एवं कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की कार्यवाही करने का भी निर्णय लिया।
  • मंत्रि-परिषद ने हॉक फोर्स में सहायक सेनानी के 5 पदों को समर्पित कर 3 उप सेनानी के पदों के निर्माण की स्वीकृति दी है।
  • मंत्रि-परिषद ने शासकीय मुद्रणालय ग्वालियर, इंदौर, रीवा को बंद करने एवं शासकीय प्रेस के 495 पदों को समर्पित एवं 185 पदों को सांख्येत्तर घोषित करने का निर्णय लिया।
  • मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश प्रतीकरात्मक वन-रोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (राज्य कैम्पा प्राधिकरण) के कार्यालय की स्थापना तथा उसके लिये पदों की मंजूरी दी।

मध्यप्रदेश में गौ-केबिनेट के गठन का महत्वपूर्ण निर्णय, 22 नवम्बर को प्रथम बैठक

मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयासों से कृषि केबिनेट के मिले थे अनेक लाभ, अब गौ पालकों के आर्थिक उत्थान का कदम
भिण्ड | 20-नवम्बर-2020
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में गौधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौ-केबिनेट के गठन का निर्णय लिया है। इस केबिनेट में पशुपालन, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग को शामिल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि गौ-केबिनेट की प्रथम बैठक गोपाष्टमी के दिन 22 नवम्बर को आगर-मालवा में गौ अभ्यारण में आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए एकीकृत समेकित कृषि के महत्व को रेखांकित किया है। कृषि में खाद्यान्न के उत्पादन और कृषकों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के साथ गौ पालन की अहम भूमिका है। कृषि कार्य में संलग्न कृषकों को पशुपालन के लिए काफी समय मिलता है। गौ पालन की दिक्कतें दूर होंगी और इसे आर्थिक रूप से उपयोगी बनाने की दिशा में योजनाओं और कार्यक्रमों को गति मिलेगी। साथ ही गौधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए उपायों को अपनाया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ही कृषि केबिनेट का गठन किया था। इस केबिनेट के निर्णयों पर अमल हुआ। कृषि क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के साथ किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्हें आर्थिक रूप से काफी फायदा हुआ। ठीक इसी तरह गौ-केबिनेट के गठन से गौ-सेवकों, पशु पालकों और किसानों को फायदा होगा।
मध्यप्रदेश में गौ-केबिनेट के गठन से पशुपालक, गौ-सेवकों, कृषकों और खेतिहर श्रमिकों के आर्थिक कल्याण की संभावनाएं बढ़ेंगी। भारतीय संस्कृति में गौ सेवा का प्रमुख स्थान है। आज भी लाखों परिवार घर में बनी पहली रोटी गौ माता को खिलाते हैं। गौ-माता के दूध से निर्मित घी का पूजा अनुष्ठान में विशेष महत्व है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौ- शालाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं।

गौ-अभ्यारण मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण उपलब्धि

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गौ-केबिनेट के लिए आगर-मालवा जिले में स्थित गौ-अभ्यारण का चयन किया है। यह भारत में प्रारंभ होने वाला प्रथम गौ-अभ्यारण था। यह प्रदेश की महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गोपाष्टमी गौ-अभ्यारण में मनाने की घोषणा की थी। मध्यप्रदेश में गौ-सेवकों को गौ-शालाओं के संचालन के लिए सहायता दी गई। अशक्त और अस्वस्थ गायों के लिए उपचार और पोषण की व्यवस्थाएं भी की गईं। गौ-सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर गौ- शालाओं के विकास के लिए सहयोग किया गया।

छह विभाग करेंगे क्रियान्वयन, समन्वय से होगा कार्य

मध्यप्रदेश में छह विभाग मुख्य रूप से गौ-केबिनेट निर्णयों के क्रियान्वयन को अंजाम देंगे। गाय के गोबर के कंडों का उपयोग भी किस तरह बढ़े, इस दिशा में कार्य योजना को लागू किया जाएगा। छह विभागों की सक्रियता से क्रियान्वयन के स्तर पर कठिनाई नहीं होगी। समन्वय से कार्य पूरे किए जाएंगे। वर्तमान में गौ-काष्ठ के निर्माण को प्रोत्साहन मिल रहा है। इस उत्पाद के विपणन के नये आयामों पर विचार किया जाएगा। इसी तरह गौ-दुग्ध से निर्मित अन्य वस्तुओं के विपणन के लिए भी प्रयास होंगे।

देश के जाने-माने डॉक्टर्स के अनुभव मेडिकल छात्रों से साझा करने की रूपरेखा तैयार हो

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने की विभागीय गतिविधियों की समीक्षा
भिण्ड | 17-जुलाई-2020

     चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि देश के जाने-माने चिकित्सकों के अनुभवों को प्रदेश के मेडिकल छात्रों से साझा करने की रूपरेखा तैयार की जाये। इससे विषय विशेषज्ञों के अनुभवों से छात्रों को लाभ मिलेगा। श्री सारंग गुरूवार को मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।
मंत्री श्री सारंग ने कोविड की रोकथाम के लिये अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में अपनाये जा रहे बेहतर उपायों के लिये पूरी टीम को बधाई दी। श्री सारंग ने कहा कि वे स्वयं कोविड की मॉनीटरिंग सिस्टम से अपडेट रहेंगे। साथ ही कोविड मरीज की प्रतिदिन डॉक्टर्स से जानकारी प्राप्त करेंगे।
मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के हर वर्ग से संवाद स्थापित कर समन्वय बनाने की जरूरत है। साथ ही उनसे प्राप्त सुझावों से विभाग को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में प्रदेश का नाम रोशन हो, इस दिशा में चौतरफा प्रयास हो और विभागीय बड़े निर्माण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से विभाजित कर समय-सीमा में पूर्ण किया जाये। बैठक में मेडिकल, डेन्टल, नर्सिंग और पैरा-मेडिकल कॉलेज की गतिविधियों सहित चल रहे प्रोजेक्ट की स्थिति कि जानकारी दी गई। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त श्री निशांत बरवड़े, संचालक डॉ उल्का श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के बीच आर्थिक गतिविधि तेज करनी है

अब अनलॉक के फेज ही ढूंढ़ना है प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीसी से राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की चर्चा, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए
भिण्ड | 19-जून-2020

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के बीच जहाँ भी संभव हो हमें आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है। अब हमें अनलॉक के फेज ही ढूंढ़ना है, उसी दिशा में कदम बढ़ाना है। लॉकडाउन के दबाव को मन से बाहर निकालना है। अब राज्यों को यह निर्णय लेना है कि अनलॉक फेज 2 कैसा हो। यह प्रसन्नता का विषय है कि हर राज्य आर्थिक विकास की गतिविधियों को तेजी देने का प्रयास कर रहा है। प्रतिबंध कम हो, गतिविधियां बढ़े, निर्माण एवं अधोसंरचना विकास को राज्य प्राथमिकता दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर कोरोना को हराने एवं भारतीयों का जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रयासरत है। हमने कोरोना के हालात पर नियंत्रण पाया है। लॉकडाउन के दौरान भारत की जनता ने अनोखा अनुशासन दिखाया है। स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। हमें टेलीमेडिसन पर जोर देना होगा। कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में यंग वॉलिंटेयर्स तैयार करने होंगे। हमें लोगों को सचेत रखना होगा। जागरूकता बरतनी होगी। आप सभी के सामूहिक प्रयासों से हम कोरोना पर तो विजय पाएंगे ही साथ ही आर्थिक विकास की बुलंदियां भी छुएंगे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय से वीसी में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन मिश्रा उपस्थित थे। वीसी में प्रधानमंत्री द्वारा महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, बिहार एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा की। शेष राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लिखित में स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई।

गोवंश संरक्षण के लिये स्लोगन प्रतियोगिता

भिण्ड | 11-फरवरी-2020

 मुख्यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत गोवंश संरक्षण के महत्व पर पशुपालन विभाग ने mp.mygov.in के माध्यम से स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की है। इसकी पुरस्कार राशि 10 हजार रूपये है। प्रतिष्टियाँ प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 29 फरवरी 2020 नियत की गई है।

    इस प्रतियोगिता में नागरिक अधिकतम 20 शब्दों में स्लोगन दे सकते है। प्रतिष्टि को उसके लॉग-इन विवरण के आधार पर ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा। प्राप्त प्रविष्टियों का उपयोग कर सर्वाधिकार गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा। अधिक जानकारी के लिये वेब पोर्टल mp.mygov.in पर संपर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री के गणतंत्र दिवस संदेश के प्रमुख बिन्दु

भिण्ड | 28-जनवरी-2020

  •  जीएसटी के कारण भारत सरकार से पिछले एक साल में राज्य को मिलने वाली राशि में कमी।
  •  गांधीजी की भावना के अनुरूप विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप
  •  एक साल में लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ।
  •  रुपये 2  लाख तक के कालातीत फसल ऋण और रुपये 50 हजार तक के चालू फसल ऋण माफ। दूसरा चरण शुरू। एक लाख तक के चालू फसल ऋण और रुपये 2 लाख तक के कालातीत फसल ऋण माफी के लिये बचे पात्र किसानों की ऋण माफी होगी।
  •  भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई योजना ‘भविष्य’।
  •  नए उद्योगों में युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार को अनिवार्य।
  •  उद्योग चलाना आसान करने एक नया कानून। सभी तरह की अनुमतियाँ अधिकतम सात दिन में।
  •  संभागीय मुख्यालयों में स्थित आईटीआई संस्थानों का मेगा आईटीआई में उन्नयन।
  •  प्रत्येक गाँव में सड़क, बिजली और ब्राडबैंड यानि इंटरनेट सुविधा ।
  •  40 लाख आवासहीन परिवार को आवास की व्यवस्था।
  •  पानी के अधिकार को लेकर कानून बनाने का काम प्रारंभ।
  •  गौशाला को चारा- भूसा के लिये रोजाना अनुदान तीन रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति गोवंश।
  •  अनुसूचित जनजाति प्लान बनाने की प्रथा को केन्द्र ने खत्म कर दिया। भारत सरकार से चर्चा कर इसे पुन: लागू किया जाए।
  •  स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिये करीब 21 हजार शिक्षकों की भर्ती।
  •  स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता के लिये शिक्षाविदों की परिषद का गठन।
  •  कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के हल के लिए कर्मचारी आयोग की स्थापना।
  •  नागरिकों को घर पहुँच सरकारी सेवाएं देने की शुरूआत इंदौर शहर से।

“जागरूक बालिका-समर्थ मध्यप्रदेश” की थीम पर मनेगा राष्ट्रीय बालिका दिवस

24 जनवरी से मनाया जाएगा राष्ट्रीय बालिका सप्ताह
भिण्ड | 21-जनवरी-2020
    प्रदेश में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना में 24 जनवरी को “जागरूक बालिका-समर्थ मध्यप्रदेश” की थीम पर राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज में लोगों के बीच बेटियों के अधिकार को लेकर जागरुकता पैदा करना और उन्हें नए अवसर मुहैय्या कराना है।
महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 24 जनवरी को संभाग और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इस दौरान पोषण आहार, स्वास्थ्य, आदिम जाति कल्याण, शिक्षा, खेल, पुलिस, उद्यानिकी एवं कृषि तथा महिला-बाल विकास की सेवाओं और योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। कार्यक्रमों में फिल्म प्रदर्शन और चित्र कला प्रतियोगिता होगी। साथ ही बेटियों के स्वास्थ्य की जाँच भी कराई जायेगी।
महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 24 से 30 जनवरी तक प्रदेश में राष्ट्रीय बालिका सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। सप्ताह के दौरान “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” हस्ताक्षर अभियान, सामूहिक शपथ, प्रभात फेरी, आँगनबाड़ी एवं आशा कार्यकताओं द्वारा घर-घर दस्तक, पंचायत एवं सार्वजनिक भवनों में स्टीकर एवं पोस्टर लगाकर सामाजिक जागरुकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसके अतिरिक्त सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों /विश्वविद्यालयों में बालिकाओं के महत्व को दर्शाते पोस्टर, स्लोगन, आँगनबाड़ी स्तर पर “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं” पर चर्चा, स्थानीय स्तर पर जेण्डर चैम्पियन्स का चयन और जन-जागरुकता कार्यक्रम होंगे।
राष्ट्रीय बालिका सप्ताह के दौरान एफ.एम. एवं सामुदायिक रेडियो पर नुक्कड़ नाटक, कठपुतली, जिंगल्स आदि कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा, बेटियों के नाम पौधारोपण, घरों पर बेटियों के नाम पर नेमप्लेट ड्राइव, महिला अधिकार संबंधी कानून, स्वास्थ्य एवं पोषण आदि पर भी चर्चा की जाएगी।

मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मिले चार राष्ट्रीय पुरस्कार

भिण्ड | 21-दिसम्बर-2019

  मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चार राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किये हैं। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से गुरूवार शाम नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित समारोह में एम.पी.आर.आर.डी.ए. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमाकांत उमराव को ये पुरस्कार प्रदान किये।
    मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमराव ने बताया कि प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कराये गये कार्यो की उत्तम गुणवत्ता के लिए देश में प्रथम, सड़क मार्गो के संधारण कार्य के लिये प्रथम अधिकतम लंबाई की सड़कों के निर्माण के लिए तृतीय और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए तृतीय पुरस्कार मिला है।
पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सचिव ग्रामीण विकास श्री अमरजीत सिन्हा, अपर सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय तथा एम.पी.आर.आर.डी.ए. के प्रमुख अभियंता श्री पी.के. निगम उपस्थित थे।

एक नवम्बर को समारोहपूर्वक मनाया जायेगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस

भिण्ड | 18-अक्तूबर-2019

एक नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाने के लिये अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के.सिंह की अध्यक्षता में गत दिवस बैठक आयोजित की गयी । बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य आतिथ्य के लिये मंत्रीगणों एवं अध्यक्ष/उपाध्यक्ष विधानसभा को जिला आवंटन किया जायेगा।
स्थापना दिवस पर सुबह 11:00 बजे मंत्रालय सहित समस्त जिला मुख्यालयों में समारोहपूर्वक राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान गायन होगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि, समाजसेवी, धर्मगुरू, स्वंतत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद सैनिकों के परिवारों को आमंत्रित किया जायेगा। कार्यक्रम में संकल्प पत्र का वाचन किया जायेगा। जिला स्तर पर समस्त प्रमुख शासकीय भवनों पर इस दिन रोशनी की जायेगी। जिला/विकासखंड स्तर पर स्थानीय लोक कलाओं/लोक गायन तथा हस्त निर्मित वस्तुओं के स्टाल्स, व्यजंन मेले एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यशालाओं का आयोजन होगा। विभिन्न स्तर के कार्यक्रमों में अध्यात्म विभाग की सहभागिता रहेगी। युवाओं की भागीदारी के कार्यक्रम भी होंगे। विभिन्न राज्य स्तरीय खेलकूद एवं उत्कृष्ट कार्य करने वालेअधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जायेगा।
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के 150वें जयंती वर्ष के आयोजन पर उनके विचारों और सिद्धांतों पर निबंध/वाद-विवाद/चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर पर राजधानी भोपाल में शाम को संस्कृति विभाग की ओर से लालपरेड मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव अध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन, आयुक्त पंचायत श्री संदीप यादव, कमिश्नर भोपाल संभाग श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, भोपाल कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर एवं विधायक ने किया पौधारोपण

भिण्ड | 11-अक्तूबर-2019

कलेक्टर श्री छोटेसिंह एवं क्षेत्रीय विधायक श्री संजीव सिंह कुशवाह ने शहर के लहार चुंगी से लेकर जेल रोड भिण्ड तक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का पौधारोपण किया। इस अवसर पर एडीएम श्री अनिल कुमार चांदिल, एसडीएम भिण्ड श्री इकबाल मोहम्मद, ई-पीडब्ल्यूडी श्री शर्मा सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी तथा शहरीजन उपस्थित थे।

शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में 31 मिलावटखोरों पर रासुका में कार्रवाई

भिण्ड | 05-अक्तूबर-2019

प्रदेश में विगत 19 जुलाई से मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ चलाये जा रहे शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में अब तक 31 कारोबारियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में कार्यवाही की गई है। इसके अलावा 87 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। अभियान पूरे प्रदेश में निरन्तर जारी है।
अभियान के अन्तर्गत अब तक दूध, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों तथा पान मसाला सहित कुल 6,463 नमूने जाँच के लिये एकत्रित किये गये। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने 1484 नमूनों के जाँच प्रतिवेदन जारी किये हैं। इसमें से 491 नमूने अमानक, 112 नमूने मिथ्या छाप, 29 नमूने अपदृव्य, 27 नमूने असुरक्षित, 803 नमूने मानक स्तर और 22 नमूने प्रतिबंधित स्तर के घोषित किये गये हैं।

गाँधी जयंती पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला शिविर

भिण्ड | 27-सितम्बर-2019

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जन्म वर्ष के अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा 2 अक्टूबर को रविन्द्र भवन परिसर में तीन वर्ग में चित्रकला शिविर आयोजित किया जा रहा हैं। प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र दिये जाएंगे। संस्कृति विभाग ही बच्चों को कार्डशीट और रंग उपलब्ध कराएगा। ब्रश और अन्य सामग्री बच्चों को स्वयं लाना होगी।
तीन विद्यार्थी वर्ग में चित्रांकन का अवसर दिया जाएगा। प्रथम वर्ग में कक्षा 6वीं और 8वीं के विद्यार्थी “हमारे बापू” विषय पर, द्वितीय वर्ग में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थी “गांधी जी और 3 बंदर” विषय पर और तृतीय वर्ग में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी “स्वच्छता और गांधी जी” विषय पर चित्रांकन करेंगे। विद्यार्थी 30 सितम्बर तक संस्कृति संचालनालय, शिवाजी नगर में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जमा करा सकते हैं।

बारिश के मौसम में वायरल फीवर से बचाव के आयुर्वेदिक उपाय

भिण्ड | 20-सितम्बर-2019

बारिश के मौसम में वायरस, बैक्टीरिया, फंगस आदि से वायरल फीवर, पीलिया, फूड पॉयजिनिंग, मलेरिया, डेंगू, दस्त आदि रोगों की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इनमें वायरल फीवर की प्रबलता काफी हो जाती है। पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया है कि बुखार आने पर नियमित चार्टिंग करें। गिलोय (गुडूची) धनवटी का उपयोग करें। गला खराब होने पर मूलेठी चूसें। महासुदर्शन, चिरायता के काढ़े का सेवन करें। इन उपायों से दो-तीन दिन में मरीज को आराम मिल जाता है। डॉ. शुक्ला ने कहा कि इसके बाद भी यदि तेज बुखार बना रहता है, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में आवश्यक जाँचें करवायें।
डॉ. उमेश शुक्ला ने जानकारी दी कि एहतिहात के तौर पर मरीज को पूरा आराम करना चाहिये। उन्होंने बताया कि पानी उबालकर पियें। संक्रमण ग्रस्त व्यक्ति को अलग कमरे में रखें क्योंकि उसके छींकने, थूकने और खाँसने से वातावरण में संक्रमण फैलता है। गीले कपड़े न पहनें। बारिश में न भीगें, नम वातावरण से बचें। ताजा खाना खायें और बाहर के खाने से परहेज करें। घर के आसपास, कूलर, गमलों आदि में पानी भरा न रहने दें क्योंकि यह मच्छरों का प्रजनन काल है। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। दिन में पूरी बाँह के कपड़े पहनें। संक्रमित लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें।

15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक प्रत्येक विद्युत वितरण केन्द्र में लगेंगे उपभोक्ता सेवा शिविर

भिण्ड | 14-सितम्बर-2019

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक सभी 350 जोन/वितरण केन्द्रों में विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण के लिए राजस्व वसूली और शिकायत निराकरण शिविर लगाये जाएंगे। इस अवधि में प्रत्येक केन्द्र पर कम से कम 3 शिविर लगाये जायेंगे।
शिविर में आंकलित खपत, अधिक राशि के बिल, गलत बिल जारी होने तथा बंद/खराब ट्रिपिंग एवं विद्युत व्यवधान, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि में कम विद्युत प्रदाय संबंधित शिकायतें, वोल्टेज कम/ज्यादा होने की समस्या और भार वृद्धि संबंधित शिकायतों का निराकरण किया जायेगा। शिविर में राजस्व संग्रह के संबंध में भी चर्चा होगी। शिविर में उप-महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी तथा वितरण केन्द्र प्रभारी उपस्थित रहेंगे।

नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी शासकीय पेंशनरों के समान महंगाई राहत के आदेश जारी

भिण्ड | 31-अगस्त-2019

राज्य शासन के आदेश के अनुक्रम में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी शासकीय पेंशनरों के समान महंगाई राहत मिलेगी। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। अब नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी एक जनवरी 2019 से छठवें वेतनमान में 154 प्रतिशत की दर से एवं सातवें वेतनमान में 12 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत का लाभ प्राप्त होगा।

सातवीं आर्थिक गणना जल्द शुरू 

सीएससी द्वारा किया जाएगा ऑनलाइन 

भिण्ड | 27-अगस्त-2019

 जिले में सातवीं  आर्थिक गणना की कार्यशाला का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित सिटी पैलेस भिण्ड पर किया गया। कार्यशाला में सांख्यिकी विभाग  से  श्री नरेश, एनएसएसओ अधिकारी श्री पुनीत श्रीवास्तव, सीएससी जिला प्रबंधक पंकज शर्मा जिला समन्वयक राजेंद्र शामिल हुए।
सीएससी जिला प्रबंधक श्री पंकज शर्मा एवं एनएसएसओ अधिकारी श्री पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार आर्थिक गणना पूर्णता है डिजिटल होनी है जिस के क्रियान्वयन का कार्य कॉमन सर्विस सेंटर संचालक सीएससी को दिया गया है। इस संबंध में सीएससी supervisor एवं Enumerator की ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

परियोजना अधिकारी निलंबित 

भिण्ड | 16-अगस्त-2019

 महिला-बाल विकास विभाग की तत्कालीन प्रभारी परियोजना अधिकारी, जिला भिण्ड श्रीमती निशा शंखवार को गंभीर वित्तीय अनियमितता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आयुक्त श्री एम.बी. ओझा द्वारा जारी आदेशानुसार निलंबन अवधि में श्रीमती शंखवार का मुख्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास जिला राजगढ़ रहेगा।
श्रीमती निशा शंखवार पर भिण्ड पदस्थापना के दौरान टेक होम राशन के भण्डारण एवं वितरण मे अनियमितता, अभिलेख संधारण एवं मॉनीटरिंग में कमी तथा टेक होम राशन अवैध रूप से बेचने संबंधी गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं।

दिव्यांग छात्रों से छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित 

भिण्ड | 06-अगस्त-2019

 दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग, द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृति scholarships.gov.in पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति हेतु दिव्यांग विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन करने हेतु पंजीयन कार्य शरू है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर और संस्था द्वारा ऑनलाइन सत्यापन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है।
इसी प्रकार पोस्ट मैट्रिक और टॉप क्लास छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तथा संस्था द्वारा ऑनलाइन सत्यापन की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित है। योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग विद्यार्थी, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर, छात्रवृत्ति हेतु आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शिका भारत सरकार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वेबसाइट एवं राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध है।

मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अन्तर्गत विकल्प प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित 

भिण्ड | 26-जुलाई-2019

मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अन्तर्गत वेतन निर्धारण संबंधी संशोधितध्नवीन विकल्प प्रस्तुत करने की तिथि वित विभाग द्वारा 31 जुलाई 2019 निर्धारित की गई है ।
कोषालय अधिकारी श्री अमित कुमार वर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अन्तर्गत वेतन निर्धारण संबंधी जारी निर्देशों मे विकल्प प्रस्तुत करने की समय सीमा एक माह निर्धारित की गई थी। और शासकीय सेवक द्वारा एक बार दिया गया विकल्प अंतिम होना निर्धारित था। शासन के संज्ञान में आया है कि कतिपय शासकीय सेवकों द्वारा उर्पयुक्त विकल्प तत्समय नही दिया जा सकने अथवा दिए गए विकल्प के अनुसार आई.एफएम.आईएस मॉड्यूल में पविष्टी में त्रुटि हो जाने के परिणाम स्वरूप शासकीय सेवक को वेतन में निरन्तर दीर्घकालिक हानि की स्थिति बनी है।
शासन द्वारा साहनुभूति पूर्वक विचार करते हुए निर्णय लिया गया है कि अब  शासकीय सेवक  पूर्व में दिए विकल्प को संशोधित/नवीन  विकल्प 31 जुलाई 2019 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। पदोन्नत/समयमान प्राप्त करने वाले शासकीय सेवको को पदोन्नत/समयमान वेतनमान में वेतन निर्धारण के मामलों में पदोन्नति/ समयमान वेतनमान प्राप्त होने के दिनांक से एक माह के भीतर विकल्प प्रस्तुत करने की अनुमति होगी। पुनरीक्षित विकल्प ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाऐगें।