आज से शुरू MP विधानसभा का बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का होगा लेखा-जोखा
भोपाल |16 फरवरी 2026
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत पारंपरिक रूप से वंदे मातरम् के गायन से होगी। इसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल सदन को संबोधित करेंगे। अपने अभिभाषण में राज्यपाल सरकार की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और पिछले एक वर्ष में हुए प्रशासनिक व आर्थिक बदलावों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे।
राज्यपाल अपने संबोधन में वर्ष 2023 के संकल्प पत्र में किए गए वादों की प्रगति रिपोर्ट भी रखेंगे और बताएंगे कि सरकार ने किन योजनाओं को जमीन पर उतारा तथा आने वाले समय के लिए क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। यह अभिभाषण सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का आधिकारिक दस्तावेज माना जाता है, जिस पर आगे सदन में चर्चा भी होगी।
अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने विचार रखेंगे। इसके साथ ही सत्र की औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और उस पर कृतज्ञता प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र के लिए विधायकों ने व्यापक तैयारी की है—विधानसभा सचिवालय को कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प पेश किए जाएंगे। शून्यकाल के दौरान ही 83 मुद्दे उठाए जाने की सूची तैयार है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह सत्र कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का मंच बन सकता है, क्योंकि बजट, विकास योजनाओं, रोजगार, कृषि और सामाजिक योजनाओं जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
इस प्रकार मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक दिशा तय करने वाला यह बजट सत्र राज्य की आगामी नीतियों और वित्तीय प्राथमिकताओं की रूपरेखा स्पष्ट करेगा।
एमपी में कल से शुरू होंगी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, 16 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल
भोपाल |09 फरवरी 2026
3856 परीक्षा केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ की निगरानी, नकल पर लगेगा सख्त पहरा
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं कल से शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं में प्रदेश भर से करीब 16 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षाओं के सफल और निष्पक्ष आयोजन के लिए राज्यभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बोर्ड परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सकें।
नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम
बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर रोक लगाने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जिसे ‘तीसरी आंख’ का पहरा कहा जा रहा है। इसके अलावा संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
परीक्षा के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा में भी विशेष व्यवस्था
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को लेकर भी बोर्ड ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रश्न-पत्रों को थानों से परीक्षा केंद्र तक ले जाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट
परीक्षा अवधि के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
छात्रों के लिए दिशा-निर्देश
बोर्ड ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वे—
समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें
प्रवेश-पत्र और पहचान पत्र साथ रखें
मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट साथ न लाएं
बोर्ड अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्वक और ईमानदारी से परीक्षा देने की अपील की है और कहा है कि सभी व्यवस्थाएं छात्रों की सुविधा और निष्पक्ष परीक्षा के उद्देश्य से की गई हैं।
भोपाल | 12 जनवरी, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कई बड़े घटनाक्रम एक साथ देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां प्रशासन ने साल 2026 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, वहीं दूसरी ओर गोमांस मामले और राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है।
1. भोपाल के लिए 4 स्थानीय अवकाश घोषित
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2026 के लिए भोपाल शहर के लिए 4 स्थानीय अवकाश (Local Holidays) की घोषणा की है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये छुट्टियाँ निम्नलिखित अवसरों पर रहेंगी:
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14 जनवरी (बुधवार): मकर संक्रांति
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25 सितंबर (शुक्रवार): अनंत चतुर्दशी
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19 अक्टूबर (सोमवार): महानवमी (दशहरा के एक दिन पहले)
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03 दिसंबर (बुधवार): भोपाल गैस त्रासदी स्मृति दिवस
2. गोमांस मामला: “मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी”
भोपाल में पिछले दिनों एक ट्रक से जब्त किए गए भारी मात्रा में मांस (करीब 26 टन) की लैब रिपोर्ट आने के बाद तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद प्रदेश के गृह मंत्री और संबंधित मंत्रियों ने कड़ा रुख अपनाया है।
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मंत्री का बयान: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ ‘मिसाल पेश करने वाली’ कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी है।
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अब तक की कार्रवाई: भोपाल नगर निगम ने संबंधित स्लॉटर हाउस (वधशाला) को पहले ही सील कर दिया है और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
3. सज्जन सिंह वर्मा का CM मोहन यादव पर तंज
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है।
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तंज का विषय: कानून-व्यवस्था और हालिया घटनाओं को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि “मुख्यमंत्री केवल घोषणाओं के मास्टर हैं, जमीन पर स्थिति नियंत्रण से बाहर है।”
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उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल धर्म की राजनीति में उलझी है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।
4. अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
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ठंड का अलर्ट: भोपाल सहित पूरे प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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किसान कल्याण: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
देशभर में चर्चा में आया भोपाल का 90 डिग्री वाला रेलवे ओवर ब्रिज, उठ रहे डिजाइन पर सवाल
राजधानी भोपाल में 18 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन से पहले ही देश भर में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा ब्रिज के 90 डिग्री मोड़ की हो रही है, जो भविष्य में हादसों का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसका सेप एल आकर का दिया गया है। बतादें कि इस ब्रिज का शहर की बड़ी आबादी को लगभग 10 साल से इंतजार था। इसका निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ तो अब बन कर तैयार हो गया है। लेकिन लोगों के बीच इसके बनने की खुशी के बजाए चिंता दिखा ई देने लगी।
अधिकारियों का तर्क है कि जमीन की कमी के चलते और पास में मेट्रो रेल स्टेशन की मौजूदगी के चलते उनके पास ब्रिज निर्माण का कोई और विकल्प नहीं था। वहीं, मामला सुर्ख़ियों में आने पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी इस मामले में सक्रीय हो गए हैं। उन्होंने जानकारी दी की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधीकरण की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया।
भोपाल को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने उद्देश्य से बनाए गए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बनकर तैयार हुए इस ब्रिज की टॉप हाईट पर 90 डिग्री के खतरनाक टर्न दे दिया है, जिसने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। लोग इस ब्रिज को भविष्य में भोपाल में होने वाले हादसों का सबसे बड़ा केंद्र बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट की ‘टेकनोलॉजिया’ कहकर मीम बना रहे हैं।
मार्च 2023 में इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। इससे पहले सरकार का कहना था कि, ब्रिज शुरु होने से ऐशबाग इलाके के लोगों को न तो रेलवे क्रॉसिंग पर इंतजार करना पड़ेगा, न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। ये भी दावा था कि, इससे हर दिन करीब तीन लाख लोग फायदा लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ओवरब्रिज 648 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। हालांकि, इसके 90 डिग्री के घुमाव के कारण, सोशल मीडिया के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा भी इसके डिजाइन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।




