61 वर्ष के हो रहे हैं डॉक्टर मोहन यादव जी
मध्य प्रदेश के लोकप्रिय जनप्रिय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं । संतोष गंगेले कर्मयोगी
उनके जीवन पर सोशल मीडिया और अनेक स्थानों से जीवनी संग्रह करके आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं जिससे कि यह साबित हो सके कि आपकी मुख्यमंत्री जी कहां के हैं कैसे हैं कौन हैं कहां तक शिक्षा है इन्होंने अपने जीवन में कितना संघर्ष किया है।डॉ. यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2023 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। डॉ. यादव को 11 दिसम्बर 2023 को राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मुख्यमंत्री नियुक्त किया।
लेखक संग्रह कर्ता।
संतोष गंगेले कर्मयोगी
नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य
समाजसेवी प्रदेश स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार
डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के 19वें और वर्तमान मुख्यमंत्री (दिसंबर 2023 से) हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और उज्जैन दक्षिण से तीन बार के विधायक, मोहन यादव ने छात्र राजनीति (ABVP) से अपना करियर शुरू किया और उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। वे एक मजबूत ओबीसी (OBC) चेहरा और संघ (RSS) के करीबी माने जाते हैं।
डॉ. मोहन यादव का व्यक्तिगत एवं राजनीतिक परिचय:
पिता का नाम सेठ पूनम चंद यादव
एवं माता जी का नाम श्रीमती लीला देवी यादव
जन्म: 25 मार्च 1965, उज्जैन, मध्य प्रदेश।
शिक्षा: बीएससी (B.Sc.), एलएलबी (LLB), एमए (MA), एमबीए (MBA) और पीएचडी (PhD)।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है। पत्नी सीमा यादव हैं और उनके तीन बच्चे (दो बेटे और एक बेटी) हैं।
छात्र राजनीति: छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और 1984 में उज्जैन नगर मंत्री बने।
विधायक: पहली बार 2013 में उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बने। 2018 और 2023 के चुनावों में भी इस सीट से लगातार जीत हासिल की।
मंत्री पद: शिवराज सिंह चौहान की सरकार में 2020 में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री बने।
विशेष उपलब्धि: उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बनने के बाद, 2023 में भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
डॉ. मोहन यादव का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुँचा है। उन्हें एक हिंदूवादी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता है।
पूर्व दायित्व: केबिनेट मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, जुलाई 2020 से। उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में देश में पहली बार मप्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफल क्रियान्वयन, 54 नए महाविद्यालय खोले।
सन् 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा)।
सन् 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा)।
भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य. सन् 2013-2016 में भा.ज.पा. के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक।
डॉ यादव को उज्जैन के समग्र विकास के लिए अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार तथा इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास के लिए वर्ष 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया गया। डॉ. यादव वर्ष 2013 में चौदहवीं विधान सभा, वर्ष 2018 में दूसरी बार पन्द्रहवी विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए। वे दिनांक 2 जुलाई, 2020 को केबिनेट मंत्री बने। डॉ. यादव वर्ष 2023 में सोलहवी विधानसभा के लिए तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में डॉ. यादव ने 13 दिसंबर 2023 को भोपाल में प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
छात्र राजनीति – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश के विभिन्न पदों पर रहे, राष्ट्रीय महामंत्री के पद के दायित्वों का निर्वहन किया। माधव विज्ञान महाविद्यालय में वर्ष 1982 में डॉ. यादव छात्र संघ के संयुक्त सचिव तथा 1984 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
सामाजिक क्षेत्र – डॉ. यादव वर्ष 2006 में भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, वर्ष 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वर्ष 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य रहे।
वर्ष 2000-2003 तक विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद (सिंडीकेट) सदस्य के दायित्व का निर्वहन किया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विकलांग पुर्नवास केन्द्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
राजनैतिक क्षेत्र – वर्ष 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष बने। वर्ष 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख रहे। वर्ष 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री, वर्ष 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री, वर्ष 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्डकार्यवाह, सायं भाग नगरकार्यवाह, वर्ष 1996 में खण्डकार्यवाह और नगरकार्यवाह, वर्ष 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बने।
डॉ. यादव वर्ष 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य बनाये गये वे वर्ष 1999 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के उज्जैन संभाग प्रभारी, वर्ष 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री, वर्ष 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, वर्ष 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य तथा वर्ष 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष रहे
डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री – मध्य प्रदेश शासन
मुख्यमंत्री –
–
जिले का प्रभार
इन्दौर
मुख्यमंत्री निवास श्यामला हिल्स
नाम – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मप्र शासन
जन्म – 25 मार्च 1965 उज्जैन
शिक्षा – बीएससी, एलएलबी, एमबीए, पीएचडी (राजनैतिक शास्त्र)
तीसरी बार उज्जैन दक्षिण विधान सभा से लगातार निर्वाचित।
पूर्व दायित्व: केबिनेट मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, जुलाई 2020 से। उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में देश में पहली बार मप्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफल क्रियान्वयन, 54 नए महाविद्यालय खोले।
सन् 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा)।
सन् 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा)।
भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य. सन् 2013-2016 में भा.ज.पा. के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक।
डॉ यादव को उज्जैन के समग्र विकास के लिए अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार तथा इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास के लिए वर्ष 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया गया। डॉ. यादव वर्ष 2013 में चौदहवीं विधान सभा, वर्ष 2018 में दूसरी बार पन्द्रहवी विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए। वे दिनांक 2 जुलाई, 2020 को केबिनेट मंत्री बने। डॉ. यादव वर्ष 2023 में सोलहवी विधानसभा के लिए तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में डॉ. यादव ने 13 दिसंबर 2023 को भोपाल में प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
छात्र राजनीति – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश के विभिन्न पदों पर रहे, राष्ट्रीय महामंत्री के पद के दायित्वों का निर्वहन किया। माधव विज्ञान महाविद्यालय में वर्ष 1982 में डॉ. यादव छात्र संघ के संयुक्त सचिव तथा 1984 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
सामाजिक क्षेत्र – डॉ. यादव वर्ष 2006 में भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, वर्ष 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वर्ष 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य रहे।
वर्ष 2000-2003 तक विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद (सिंडीकेट) सदस्य के दायित्व का निर्वहन किया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विकलांग पुर्नवास केन्द्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
राजनैतिक क्षेत्र – वर्ष 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष बने। वर्ष 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख रहे। वर्ष 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री, वर्ष 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री, वर्ष 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्डकार्यवाह, सायं भाग नगरकार्यवाह, वर्ष 1996 में खण्डकार्यवाह और नगरकार्यवाह, वर्ष 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बने।
डॉ. यादव वर्ष 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य बनाये गये वे वर्ष 1999 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के उज्जैन संभाग प्रभारी, वर्ष 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री, वर्ष 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, वर्ष 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य तथा वर्ष 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष रहे।
धार्मिक क्षेत्र – विक्रमोत्सव-चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आरंभ विक्रम संवत पर प्रारंभ होने वाले भारतीय नववर्ष मनाने की परंपरा, विगत 11 वर्षों से प्रतिवर्ष भव्य उत्सव शिप्रा तट पर आयोजित किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए भारतीय संस्कृति, तीज, त्यौहार, रीति-रिवाज के पारंपरिक आयोजनों में शामिल होकर साहित्यिक, सांस्कृतिक, कला, विज्ञान, पुरातत्व, वेद ज्योतिष से जुडने हेतु जनमानस को अभिप्रेरित किया।
साहित्य: विक्रमादित्य शोधपीठ का गठन।
लेखन: उज्जैयनी का पर्यटन, विश्वकाल गणना के केंद्र डोंगला।
प्रकाशन: संकल्प शुभकृत, क्रोधी, विश्वावसु, पराभव आदि पुस्तकों का प्रकाशन।
विदेश यात्रा: अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, बैंकाक, थाईलैंड, चीन, नेपाल, बर्मा, भूटान, म्यांमार, अरब देशों की यात्रा की

फाइनल ट्रायल सफल, सुपर कॉरिडोर से एमआर-10 तक जल्द दौड़ेंगी ट्रेनें; CMRS ने जांची सुरक्षा
इंदौर | 19 मार्च, 2026
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) जनक कुमार गर्ग की टीम ने 17 से 19 मार्च तक इंदौर मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर (फेज-2) का व्यापक निरीक्षण किया। इस टेस्ट के सफल होने के बाद अब केवल औपचारिक सर्टिफिकेट का इंतजार है, जिसके बाद कमर्शियल रन शुरू किया जा सकेगा।
निरीक्षण में क्या-क्या रहा खास?
CMRS की टीम ने स्टेशन के प्रबंधन से लेकर ट्रेन की तकनीकी बारीकियों तक, हर उस पहलू की जांच की जो यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है:
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इमरजेंसी ब्रेक टेस्ट: ट्रायल के दौरान ट्रेन को निर्धारित गति पर चलाकर अचानक ‘इमरजेंसी ब्रेक’ लगाकर देखा गया कि सिस्टम कितनी सटीकता से काम कर रहा है।
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स्टेशन मैनेजमेंट: गांधी नगर से लेकर सुपर कॉरिडोर के स्टेशनों पर एस्केलेटर, लिफ्ट, टिकट काउंटर (AFC गेट्स) और यात्री सुविधाओं का बारीकी से मुआयना किया गया।
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सिग्नलिंग और ट्रैक: ‘कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल’ (CBTC) सिस्टम की जांच की गई, जो दो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखता है।
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सुरक्षा और बचाव: स्टेशनों पर फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास और सीसीटीवी कंट्रोल रूम की वर्किंग को परखा गया।
इन स्टेशनों के बीच शुरू होगी सेवा
दूसरे फेज के तहत मेट्रो सेवा मुख्य रूप से सुपर कॉरिडोर के हिस्से को कवर करेगी। इसमें गांधी नगर डिपो से लेकर एमआर-10 (MR-10) तक के स्टेशन शामिल हैं। यह रूट शहर के आईटी हब और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगला कदम: कमर्शियल रन का इंतजार
मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार:
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CMRS अगले कुछ दिनों में अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेंगे।
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रिपोर्ट में यदि कोई छोटे-मोटे सुधार बताए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत पूरा किया जाएगा।
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उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री इस रूट का औपचारिक उद्घाटन कर सकते हैं।
यात्रियों के लिए क्या होगा खास?
इंदौर मेट्रो की ट्रेनें पूरी तरह से ड्राइवरलेस तकनीक (GoA4) से लैस हैं, हालांकि शुरुआती दौर में सुरक्षा के लिए अटेंडेंट मौजूद रहेंगे। स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल पेमेंट और स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था पहले ही इंस्टॉल की जा चुकी है।
भोपाल में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम: अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे, ट्रंप के पोस्टर कुचले गए
भोपाल | 07 मार्च 2026
भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र स्थित बिस्मिल्लाह कॉलोनी की गरीब नवाज मस्जिद में शुक्रवार देर रात ईरान के सुप्रीम लीडर रहबर-ए-मोअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
लंबे समय से सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम के दौरान ही कुछ लोग अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचलते नजर आए। साथ ही सभा में मौजूद लोगों ने “इजराइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
मौलाना ने की आपत्तिजनक टिप्पणी
कार्यक्रम में मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने मंच से कहा, “आज दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मजलूमों और मासूमों के खून से रंगे हुए हैं। अल्लाह उन्हें गैरत दे।”
उन्होंने भाषण के दौरान ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। इस पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार नारेबाजी की।
पुलिस और प्रशासन की तैयारी
स्थानीय पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए। कार्यक्रम में बड़ी भीड़ के बावजूद किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के मार्गों पर नजर रखी।
विवाद और सामाजिक प्रभाव
कार्यक्रम के दौरान की गई पोस्टर कुचलने और नारेबाजी की घटनाओं ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को फिर हवा दी है। स्थानीय प्रशासन ने मामले पर सतर्क रहने की बात कही है।
कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि यह जलसा-ए-शहादत ईरान के नेतृत्व और उनके शहादतों को याद करने के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन मौलाना के भाषण और नारेबाजी के कारण यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में सुर्खियों में आ गया है।
इस घटना ने भोपाल में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी उजागर कर दिया है।
इंदौर में ट्रैफिक निगरानी का नया तरीका: हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन से चौराहों पर सख्ती, 111 चालान
इंदौर |23 फरवरी 2026
इंदौर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब आसमान से नजर रखी जा रही है। मध्य प्रदेश पुलिस ने शहर के व्यस्त चौराहों और बाजार क्षेत्रों में हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन के जरिए निगरानी शुरू कर दी है। इस डिजिटल पेट्रोलिंग सिस्टम के तहत अब तक 111 वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें सिग्नल तोड़ना, लेफ्ट टर्न बाधित करना और सड़क जाम करने जैसे उल्लंघन शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन तकनीक से निगरानी करने का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ये ड्रोन शहर के अलग-अलग चौराहों पर उड़ाए जाते हैं और लाइव वीडियो कंट्रोल रूम तक पहुंचाते हैं। कंट्रोल रूम में लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन पर फुटेज लगातार मॉनिटर की जाती है, जिससे संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके।
ड्रोन निगरानी के दौरान दो टीमें एक साथ काम करती हैं—पहली टीम कंट्रोल रूम में बैठकर लाइव फुटेज देखती है, जबकि दूसरी टीम मौके पर मौजूद रहती है। जैसे ही कंट्रोल रूम को किसी वाहन चालक द्वारा नियम तोड़ने की जानकारी मिलती है, वायरलेस सेट के जरिए फील्ड टीम को सूचना दी जाती है और मौके पर ही वाहन रोककर कार्रवाई कर दी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की वजह से ड्रोन फुटेज बेहद स्पष्ट होती है, जिससे नंबर प्लेट और वाहन की गतिविधियां साफ दिखाई देती हैं। पुलिस का मानना है कि इस तकनीक से न केवल ट्रैफिक उल्लंघन पर अंकुश लगेगा बल्कि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में शहर के और इलाकों में भी ड्रोन निगरानी का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
आज से शुरू MP विधानसभा का बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का होगा लेखा-जोखा
भोपाल |16 फरवरी 2026
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत पारंपरिक रूप से वंदे मातरम् के गायन से होगी। इसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल सदन को संबोधित करेंगे। अपने अभिभाषण में राज्यपाल सरकार की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और पिछले एक वर्ष में हुए प्रशासनिक व आर्थिक बदलावों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे।
राज्यपाल अपने संबोधन में वर्ष 2023 के संकल्प पत्र में किए गए वादों की प्रगति रिपोर्ट भी रखेंगे और बताएंगे कि सरकार ने किन योजनाओं को जमीन पर उतारा तथा आने वाले समय के लिए क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। यह अभिभाषण सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का आधिकारिक दस्तावेज माना जाता है, जिस पर आगे सदन में चर्चा भी होगी।
अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने विचार रखेंगे। इसके साथ ही सत्र की औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और उस पर कृतज्ञता प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र के लिए विधायकों ने व्यापक तैयारी की है—विधानसभा सचिवालय को कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प पेश किए जाएंगे। शून्यकाल के दौरान ही 83 मुद्दे उठाए जाने की सूची तैयार है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह सत्र कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का मंच बन सकता है, क्योंकि बजट, विकास योजनाओं, रोजगार, कृषि और सामाजिक योजनाओं जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
इस प्रकार मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक दिशा तय करने वाला यह बजट सत्र राज्य की आगामी नीतियों और वित्तीय प्राथमिकताओं की रूपरेखा स्पष्ट करेगा।
एमपी में कल से शुरू होंगी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, 16 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल
भोपाल |09 फरवरी 2026
3856 परीक्षा केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ की निगरानी, नकल पर लगेगा सख्त पहरा
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं कल से शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं में प्रदेश भर से करीब 16 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षाओं के सफल और निष्पक्ष आयोजन के लिए राज्यभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बोर्ड परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सकें।
नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम
बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर रोक लगाने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जिसे ‘तीसरी आंख’ का पहरा कहा जा रहा है। इसके अलावा संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
परीक्षा के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा में भी विशेष व्यवस्था
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को लेकर भी बोर्ड ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रश्न-पत्रों को थानों से परीक्षा केंद्र तक ले जाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट
परीक्षा अवधि के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
छात्रों के लिए दिशा-निर्देश
बोर्ड ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वे—
समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें
प्रवेश-पत्र और पहचान पत्र साथ रखें
मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट साथ न लाएं
बोर्ड अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्वक और ईमानदारी से परीक्षा देने की अपील की है और कहा है कि सभी व्यवस्थाएं छात्रों की सुविधा और निष्पक्ष परीक्षा के उद्देश्य से की गई हैं।
भोपाल | 12 जनवरी, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कई बड़े घटनाक्रम एक साथ देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां प्रशासन ने साल 2026 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, वहीं दूसरी ओर गोमांस मामले और राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है।
1. भोपाल के लिए 4 स्थानीय अवकाश घोषित
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2026 के लिए भोपाल शहर के लिए 4 स्थानीय अवकाश (Local Holidays) की घोषणा की है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये छुट्टियाँ निम्नलिखित अवसरों पर रहेंगी:
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14 जनवरी (बुधवार): मकर संक्रांति
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25 सितंबर (शुक्रवार): अनंत चतुर्दशी
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19 अक्टूबर (सोमवार): महानवमी (दशहरा के एक दिन पहले)
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03 दिसंबर (बुधवार): भोपाल गैस त्रासदी स्मृति दिवस
2. गोमांस मामला: “मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी”
भोपाल में पिछले दिनों एक ट्रक से जब्त किए गए भारी मात्रा में मांस (करीब 26 टन) की लैब रिपोर्ट आने के बाद तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद प्रदेश के गृह मंत्री और संबंधित मंत्रियों ने कड़ा रुख अपनाया है।
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मंत्री का बयान: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ ‘मिसाल पेश करने वाली’ कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी है।
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अब तक की कार्रवाई: भोपाल नगर निगम ने संबंधित स्लॉटर हाउस (वधशाला) को पहले ही सील कर दिया है और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
3. सज्जन सिंह वर्मा का CM मोहन यादव पर तंज
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है।
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तंज का विषय: कानून-व्यवस्था और हालिया घटनाओं को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि “मुख्यमंत्री केवल घोषणाओं के मास्टर हैं, जमीन पर स्थिति नियंत्रण से बाहर है।”
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उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल धर्म की राजनीति में उलझी है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।
4. अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
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ठंड का अलर्ट: भोपाल सहित पूरे प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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किसान कल्याण: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
देशभर में चर्चा में आया भोपाल का 90 डिग्री वाला रेलवे ओवर ब्रिज, उठ रहे डिजाइन पर सवाल
राजधानी भोपाल में 18 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन से पहले ही देश भर में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा ब्रिज के 90 डिग्री मोड़ की हो रही है, जो भविष्य में हादसों का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसका सेप एल आकर का दिया गया है। बतादें कि इस ब्रिज का शहर की बड़ी आबादी को लगभग 10 साल से इंतजार था। इसका निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ तो अब बन कर तैयार हो गया है। लेकिन लोगों के बीच इसके बनने की खुशी के बजाए चिंता दिखा ई देने लगी।
अधिकारियों का तर्क है कि जमीन की कमी के चलते और पास में मेट्रो रेल स्टेशन की मौजूदगी के चलते उनके पास ब्रिज निर्माण का कोई और विकल्प नहीं था। वहीं, मामला सुर्ख़ियों में आने पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी इस मामले में सक्रीय हो गए हैं। उन्होंने जानकारी दी की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधीकरण की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया।
भोपाल को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने उद्देश्य से बनाए गए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बनकर तैयार हुए इस ब्रिज की टॉप हाईट पर 90 डिग्री के खतरनाक टर्न दे दिया है, जिसने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। लोग इस ब्रिज को भविष्य में भोपाल में होने वाले हादसों का सबसे बड़ा केंद्र बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट की ‘टेकनोलॉजिया’ कहकर मीम बना रहे हैं।
मार्च 2023 में इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। इससे पहले सरकार का कहना था कि, ब्रिज शुरु होने से ऐशबाग इलाके के लोगों को न तो रेलवे क्रॉसिंग पर इंतजार करना पड़ेगा, न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। ये भी दावा था कि, इससे हर दिन करीब तीन लाख लोग फायदा लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ओवरब्रिज 648 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। हालांकि, इसके 90 डिग्री के घुमाव के कारण, सोशल मीडिया के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा भी इसके डिजाइन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।






