भोपाल | 12 जनवरी, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कई बड़े घटनाक्रम एक साथ देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां प्रशासन ने साल 2026 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, वहीं दूसरी ओर गोमांस मामले और राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है।
1. भोपाल के लिए 4 स्थानीय अवकाश घोषित
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2026 के लिए भोपाल शहर के लिए 4 स्थानीय अवकाश (Local Holidays) की घोषणा की है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये छुट्टियाँ निम्नलिखित अवसरों पर रहेंगी:
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14 जनवरी (बुधवार): मकर संक्रांति
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25 सितंबर (शुक्रवार): अनंत चतुर्दशी
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19 अक्टूबर (सोमवार): महानवमी (दशहरा के एक दिन पहले)
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03 दिसंबर (बुधवार): भोपाल गैस त्रासदी स्मृति दिवस
2. गोमांस मामला: “मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी”
भोपाल में पिछले दिनों एक ट्रक से जब्त किए गए भारी मात्रा में मांस (करीब 26 टन) की लैब रिपोर्ट आने के बाद तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद प्रदेश के गृह मंत्री और संबंधित मंत्रियों ने कड़ा रुख अपनाया है।
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मंत्री का बयान: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ ‘मिसाल पेश करने वाली’ कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी है।
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अब तक की कार्रवाई: भोपाल नगर निगम ने संबंधित स्लॉटर हाउस (वधशाला) को पहले ही सील कर दिया है और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
3. सज्जन सिंह वर्मा का CM मोहन यादव पर तंज
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है।
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तंज का विषय: कानून-व्यवस्था और हालिया घटनाओं को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि “मुख्यमंत्री केवल घोषणाओं के मास्टर हैं, जमीन पर स्थिति नियंत्रण से बाहर है।”
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उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल धर्म की राजनीति में उलझी है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।
4. अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
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ठंड का अलर्ट: भोपाल सहित पूरे प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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किसान कल्याण: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
देशभर में चर्चा में आया भोपाल का 90 डिग्री वाला रेलवे ओवर ब्रिज, उठ रहे डिजाइन पर सवाल
राजधानी भोपाल में 18 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन से पहले ही देश भर में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा ब्रिज के 90 डिग्री मोड़ की हो रही है, जो भविष्य में हादसों का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसका सेप एल आकर का दिया गया है। बतादें कि इस ब्रिज का शहर की बड़ी आबादी को लगभग 10 साल से इंतजार था। इसका निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ तो अब बन कर तैयार हो गया है। लेकिन लोगों के बीच इसके बनने की खुशी के बजाए चिंता दिखा ई देने लगी।
अधिकारियों का तर्क है कि जमीन की कमी के चलते और पास में मेट्रो रेल स्टेशन की मौजूदगी के चलते उनके पास ब्रिज निर्माण का कोई और विकल्प नहीं था। वहीं, मामला सुर्ख़ियों में आने पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी इस मामले में सक्रीय हो गए हैं। उन्होंने जानकारी दी की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधीकरण की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया।
भोपाल को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने उद्देश्य से बनाए गए ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बनकर तैयार हुए इस ब्रिज की टॉप हाईट पर 90 डिग्री के खतरनाक टर्न दे दिया है, जिसने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। लोग इस ब्रिज को भविष्य में भोपाल में होने वाले हादसों का सबसे बड़ा केंद्र बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट की ‘टेकनोलॉजिया’ कहकर मीम बना रहे हैं।
मार्च 2023 में इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। इससे पहले सरकार का कहना था कि, ब्रिज शुरु होने से ऐशबाग इलाके के लोगों को न तो रेलवे क्रॉसिंग पर इंतजार करना पड़ेगा, न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। ये भी दावा था कि, इससे हर दिन करीब तीन लाख लोग फायदा लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ओवरब्रिज 648 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। हालांकि, इसके 90 डिग्री के घुमाव के कारण, सोशल मीडिया के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा भी इसके डिजाइन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।



