मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सुशासन (E-Governance) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान सभी मंत्रियों को अत्याधुनिक टैबलेट (Tablets) वितरित किए हैं। इस पहल के बाद अब मध्य प्रदेश कैबिनेट की कार्यवाही पूरी तरह से ‘पेपरलेस’ हो जाएगी।
एक क्लिक पर 1960 से अब तक का रिकॉर्ड
इस हाईटेक बदलाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन टैबलेट्स में एक विशेष सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है। इसके जरिए मंत्रीगण:
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ऐतिहासिक डेटा: साल 1960 से लेकर अब तक के सभी कैबिनेट फैसलों और सरकारी रिकॉर्ड्स को महज एक क्लिक पर देख सकेंगे।
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त्वरित निर्णय: किसी भी पुराने संदर्भ (Reference) को खोजने के लिए अब भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।
कैबिनेट बैठकें होंगी ‘पेपरलेस’
अब कैबिनेट की बैठकों में मंत्रियों के सामने फाइलों के ढेर नजर नहीं आएंगे। बैठक का एजेंडा, प्रस्ताव और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में मंत्रियों के टैबलेट पर उपलब्ध होंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कागज का उपयोग कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा और तकनीक का संगम
इन टैबलेट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है ताकि सरकारी डेटा लीक न हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “तकनीक के साथ कदम मिलाना समय की मांग है। यह कदम पारदर्शिता लाने और काम की गति बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।”
प्रमुख लाभ:
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पारदर्शिता: फाइलों की आवाजाही और फैसलों की ट्रैकिंग आसान होगी।
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सर्च सुविधा: 1960 के बाद के किसी भी पुराने कैबिनेट नोट को आसानी से सर्च किया जा सकेगा।
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लागत में कमी: स्टेशनरी और प्रिंटिंग पर होने वाले भारी खर्च में कटौती होगी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस ने चौथे आरोपी को मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना तहसील के बसारी गांव से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान आनंद कुर्मी के रूप में हुई है, जो कि मुख्य आरोपी विक्की का पड़ोसी है. बताया जा रहा है कि आरोपी आनंद ने विक्की के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी.
इंदौर और शिलॉन्ग पुलिस की संयुक्त टीम ने खिमलाशा थाना क्षेत्र के बसारी गांव में दबिश देकर आनंद को गिरफ्तार किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनम की हत्या की योजना बहुत सोच-समझकर रची गई थी और इसमें केवल विक्की ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के लोग भी शामिल थे. इन्हीं में से एक था आनंद कुर्मी, जो हत्या के बाद से फरार चल रहा था.
सभी आरोपी हुए गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, सोनम रघुवंशी की हत्या ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था. यह मामला शुरुआत से ही बेहद गंभीर और रहस्यमयी बना हुआ था. सोनम की हत्या के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी. इस मामले में अब तक कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस को इस गिरफ्तारी से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. गिरफ्तार आरोपियों में राज कुशवाह, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर, आकाश राजपूत और सोनम रघुवंशी हैं. राज और विशाल इंदौर और आकाश ललितपुर (यूपी) के रहने वाले हैं.
आनंद ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की
पुलिस का मानना है कि हत्या की पूरी साजिश पहले से ही रची जा चुकी थी. आनंद और विक्की ने मिलकर हत्या को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की. पुलिस अब आनंद से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पुष्टि हो सके.
लंबे समय से गांव में नहीं दिख रहा आरोपी
स्थानीय लोगों के अनुसार, आनंद कुर्मी लंबे समय से गांव में नहीं दिख रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि वह अचानक गांव छोड़कर कहीं चला गया था, जिससे शक की सुई उसी पर टिक गई थी. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया.
फिलहाल आरोपी आनंद से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है और इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस की यह कार्रवाई केस में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है. अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि आनंद की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पूरी कहानी जल्द ही सामने आ सकती है.


