नई दिल्ली: 17 जनवरी, 2026
भारतीय जनता पार्टी ने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम (Schedule) जारी कर दिया। इस प्रक्रिया के तहत नितिन नबीन, जो वर्तमान में कार्यकारी अध्यक्ष हैं, उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
चुनाव कार्यक्रम की मुख्य तिथियां:
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19 जनवरी 2026 (सोमवार): दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
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19 जनवरी (शाम): नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी।
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20 जनवरी 2026 (मंगलवार): यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा इसी दिन नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
इस चुनाव की 3 बड़ी बातें:
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इतिहास का सबसे बड़ा निर्वाचक मंडल: इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए कुल 5,708 वोटर (Electorals) हिस्सा लेंगे। यह भाजपा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
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आडवाणी-जोशी वोटर लिस्ट से बाहर: पहली बार पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम मतदाता सूची में नहीं है। इसका तकनीकी कारण दिल्ली प्रदेश संगठन के चुनावों का लंबित होना बताया गया है।
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सबसे युवा अध्यक्ष: 46 वर्षीय नितिन नबीन अगर अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो वे भाजपा के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।
पीएम मोदी बनेंगे प्रस्तावक
सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के नामांकन के लिए तीन सेट दाखिल किए जाएंगे। एक सेट में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर करेंगे। 20 जनवरी को भाजपा मुख्यालय में एक भव्य कार्यक्रम में जे.पी. नड्डा अपनी जिम्मेदारी नए अध्यक्ष को सौंपेंगे।
दुनिया में चमत्कार की कई कहानियों ने लोगों को खूब चौंकाया है. चमत्कार की हर कहानी एक-दूसरे से परे होती है. कोई चमत्कार किसी से कम नहीं होता लेकिन अहमदाबाद विमान हादसे में बच गए रमेश कुमार विश्वास का जीवित बच जाने से आज चमत्कार भी मानो चकित है. कहावत पुरानी है- जाको राखे साइयां मार सके न कोय… आदि आदि. लेकिन जिसका जीवन चमत्कार में बच जाय, वह पुनर्जीवन से कम नहीं. यमराज के चंगुल से यूं छूट जाना, जैसे हनुमान ने सुरसा को चकमा दे दिया था.
रमेश विश्वास का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले क्रैश साइट पर पहुंचे और घायलों से मिलने, उनका हाल जानने गए. इसी दौरान उन्होंने भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक रमेश कुमार विश्वास से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में रमेश विश्वास ने जो आंखों देखा हाल सुनाया, वह भयानक था. इन्हीं भावों को व्यक्त करती एक स्वरचित कविता:-
चमत्कार में विश्वास
जिस पर विश्वास ना हो
वह चमत्कार है
जो दिखाई न दे वह जादू है
लेकिन ये कायनात है
यहां कभी-कभी चमत्कार भी चकित रह जाता है
जादू के साथ भी जादूगरी हो जाती है
रमेश विश्वास अब इसी चमत्कार का दूसरा नाम हैं
चमत्कार पूछ रहा है- तुम जादू हो या चमत्कार
तुम कूची, कैनवस हो या कि कलाकार
या तुम चमत्कार का कोई नया वैरियंट हो!
चमत्कार के इस वैरियंट को क्या नाम दें!
गोया कि लोग चमत्कार को नमस्कार करते हैं
अगरचे चमत्कार महज एक मुहावरा भी है
बाजार में चमत्कार एक मुकम्मल मसखरा है
लेकिन ये कहानी चमत्कार में विश्वास की है
या विश्वास के चमत्कार की-
इसकी तफसील अब जरूरी है
विश्वास को भरोसा नहीं हो रहा
वह लाशों के ढेर पर चला था
विश्वास को यकीन नहीं हो रहा
आंखों के आगे वोल्कैनो-सा फटा था
विश्वास को समझ नहीं आ रहा
वह विमान में था या यमराज की गोद में
विश्वास को देख दुनिया दंग है
जहां सैकड़ों इंसान राख का ढेर बन गए
वहां विश्वास काल के आगे बिजूका कैसे बन गए!
कुछ भी कहिए इस हौलनाक कहानी से
विश्वास को यकीनी मजबूती मिली है,
चमत्कार में सबको विश्वास हो ना हो
विश्वास का चमत्कार दुनिया का भरोसा है।



