टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की दमदार जीत, नामीबिया 93 रन से पराजित—ईशान और पंड्या की अर्धशतकीय पारियां, चक्रवर्ती की घातक गेंदबाज़ी
13 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नामीबिया को 93 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह जीत रन अंतर के लिहाज से टूर्नामेंट इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत बन गई है। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी जीत 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन की थी। लगातार दो जीत के साथ टीम इंडिया ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। भारत ने अपना पहला मुकाबला अमेरिका के खिलाफ जीता था।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 209 रन बनाए। हालांकि पारी के आखिरी चरण में टीम लड़खड़ा गई और आखिरी 4 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए। भारत की ओर से ईशान किशन ने शानदार 61 रन की पारी खेली, जबकि हार्दिक पंड्या ने 52 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। नामीबिया के कप्तान जेरार्ड इरासमस ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके।
210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी और 18.2 ओवर में 116 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट झटके। नामीबिया के लिए लौरेन स्टीनकैंप ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। बल्लेबाज़ों की आक्रामकता और गेंदबाज़ों की सटीक रणनीति ने टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाया है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर टीम इसी लय में खेलती रही तो वह सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत दावेदार बन सकती है।
आईपीएल 2025 का रोमांच अभी-अभी खत्म हुआ ही है और अब जल्द ही भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का एक्शन शुरू होने जा रहा है. दोनों देशों के बीच 20 जून से 5 टेस्ट मैच की सीरीज शुरू हो रही है. इस सीरीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है क्योंकि पिछले एक दशक में पहली बार टीम इंडिया में रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज नहीं होंगे. ऐसे में ये सीरीज एक नये दौर की शुरुआत जैसी होगी. मगर इस सीरीज को और भी खास बनाने जा रहे हैं सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन, जो अब इस सीरीज की पहचान बन गए हैं.
तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के लिए टक्कर
20 जून से शुरू होने वाली इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है. बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज अब दोनों देशों के दो महान खिलाड़ियों के नाम पर होगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस टेस्ट सीरीज में विजेता को मिलने वाली ट्रॉफी को पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम पर रखने का फैसला किया है.जानकारी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में इस ट्रॉफी से पर्दा हट जाएगा, जिसे तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी कहा जाएगा.
लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर 20 जून से सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा और उस वक्त इस ट्रॉफी को पेश किया जा सकता है. हालांकि, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक इसका ऐलान नहीं किया है लेकिन अगले कुछ दिनों में वो इसे आधिकारिक कर देगा. उम्मीद की जा सकती है कि ट्रॉफी के अनावरण के दौरान तेंदुलकर और एंंडरसन मौजूद रहेंगे. साथ ही सीरीज जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी इन दोनों दिग्गजों के हाथों से दिए जाने की उम्मीद फैंस को रहेगी
BCCI भी बदलेगी ट्रॉफी का नाम?
हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है कि क्या इस ट्रॉफी को दोनों देशों में खेली जाने वाली सीरीज में ही इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं. इस दौरे से पहले तक दोनों टीम के बीच इंग्लैंड में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज को पदौदी ट्रॉफी के लिए खेला जाता था. इस ट्रॉफी की शुरुआत इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से की गई थी. हालांकि, ECB ने कुछ महीने पहले ही पटौदी परिवार को बता दिया था कि वो आगे इस ट्रॉफी को जारी नहीं रखेंगे. इसके बाद ही अब इसे नए दिग्गजों के नाम पर रखा जाएगा. दूसरी ओर भारत में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज की विजेता को एंथनी डिमेलो ट्रॉफी मिलती है. अब देखना ये है कि क्या ECB और BCCI मिलकर इस पूरी सीरीज को एक ही ट्रॉफी के नाम पर करते हैं या नहीं




