नई दिल्ली | मंगलवार, 20 जनवरी 2026
भारतीय राजनीति के केंद्र बिंदु और दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में शुमार नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014, 2019 और फिर 2024 में लगातार जीत दर्ज कर राजनीति में एक नया मानदंड स्थापित किया है।
ताज़ा अपडेट (20 जनवरी 2026): “नितिन नबीन मेरे बॉस हैं”
आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक ऐतिहासिक क्षण देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण समारोह में शिरकत की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर अपनी सादगी और सांगठनिक निष्ठा का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी के भीतर नितिन नबीन जी मेरे ‘बॉस’ हैं और मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूँ।” इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भाजपा की ‘कार्यकर्ता-प्रधान’ संस्कृति की चर्चा छेड़ दी है।
पीएम मोदी का सफरनामा: मुख्य पड़ाव
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जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर (मेहसाणा, गुजरात)।
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शुरुआत: 8 साल की उम्र में RSS से परिचय, 1970 के दशक में पूर्णकालिक प्रचारक बने।
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गुजरात के मुख्यमंत्री: 2001 से 2014 तक लगातार गुजरात की कमान संभाली और ‘गुजरात मॉडल’ से देश का ध्यान खींचा।
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ऐतिहासिक बहुमत: 2014 में पहली बार वाराणसी से सांसद चुनकर आए और 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी को अकेले पूर्ण बहुमत दिलाया।
तीसरा कार्यकाल और उपलब्धियां
2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी ने सत्ता की हैट्रिक लगाई। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर छुए हैं:
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अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-मध्य पूर्व व्यापार संबंधों को मजबूती दी गई।
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युवा शक्ति और स्टार्टअप: स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर पीएम ने देश को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने का श्रेय युवाओं के ‘रिस्क’ लेने की क्षमता को दिया।
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आर्थिक लक्ष्य: 2026 तक भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्सटाइल सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनने की ओर कदम बढ़ाए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने हाथों में तिरंगा लहराते हुए चिनाब ब्रिज पर कदमताल किया। पीएम मोदी का यह अंदाज देखने लायक था। उद्घाटन के बाद वे हाथों में तिरंगा लेकर उसे लहराते हुए सधे हुए कदमों से चिनाब ब्रिज पर वॉक करने लगे। पीएम मोदी के इस कदमताल के काफी मायने हैं। सबसे पहले तो भारत ने दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज बनाकर सफलता का झंडा गाड़ा वहीं उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी एक तरह से यह दिखा दिया कि हिंदुस्तान तरक्की के किस रास्ते पर चल रहा है और पाकिस्तान किस ओर जा रहा है।
दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का किया उद्घाटन
चिनाब पुल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बने भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निकट स्थित ‘व्यू प्वाइंट’ पर पहुंचे और उन्हें इस परियोजना के बारे में जानकारी दी गई जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल द्वारा जोड़ने के लिए अहम है।
एफिल टॉवर से भी ऊंचा है यह ब्रिज!
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ इस ब्रिज के पास स्थापित रेलवे संग्रहालय का दौरा किया। प्रधानमंत्री ‘व्यू प्वाइंट’ तक गए और उन्हें नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इंजीनियरिंग के उत्कृष्ट नमूने के तौर पर चिनाब पुल के बारे में जानकारी दी गई। यह पुल पेरिस स्थित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है।
इंजीनियरों और श्रमिकों से की बातचीत, बढ़ाया हौंसला
प्रधानमंत्री को संग्रहालय में इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ बातचीत करते भी देखा गया। यह संग्रहालय रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे मेहराब वाले रेलवे पुल का हिस्सा है। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब रेलवे पुल और अंजी नदी पर भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया।



