एमपी में सरकारी भर्ती की बड़ी पहल: एक परीक्षा से 10 से ज्यादा विभागों में भर्ती, 2 साल तक मान्य होगी मेरिट लिस्ट
30 मार्च, 2026
मध्य प्रदेश | प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब 10 से अधिक विभागों में भर्ती के लिए अलग-अलग परीक्षाओं के बजाय एक ही संयुक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली समिति ने संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
एक परीक्षा, कई विभागों में भर्ती
नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को अब अलग-अलग विभागों के लिए बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। एक ही परीक्षा के आधार पर विभिन्न विभागों में चयन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।
2 साल तक वैध रहेगी मेरिट लिस्ट
इस योजना के तहत तैयार की गई मेरिट लिस्ट 2 वर्षों तक वैध रहेगी। इस दौरान जब भी संबंधित विभागों में रिक्तियां निकलेंगी, उसी सूची से उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
साल में तीन बार होगी परीक्षा
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा हर साल तीन क्वालिफाइंग एग्जाम आयोजित किए जाएंगे। इससे उम्मीदवारों को बार-बार मौका मिलेगा और चयन प्रक्रिया अधिक लचीली बनेगी।
युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था से उम्मीदवारों को कई तरह के लाभ मिलेंगे:
- बार-बार आवेदन और परीक्षा शुल्क से राहत
- समय और संसाधनों की बचत
- चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता
- अधिक अवसर और बेहतर प्रतिस्पर्धा
प्रशासनिक प्रक्रिया होगी आसान
सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और रिक्त पदों को समय पर भरा जा सकेगा। साथ ही चयन में एकरूपता भी आएगी।
जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार इस नई भर्ती प्रणाली को जल्द लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन और परीक्षा पैटर्न भी जल्द जारी किया जाएगा।
MP बोर्ड 5वीं-8वीं रिजल्ट LIVE: अब दोपहर 1:30 बजे आएगा परिणाम
आज की बड़ी खबरें (25 मार्च, 2026):
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समय में बदलाव: पहले रिजल्ट सुबह 11:30 बजे आने वाला था, लेकिन अब राज्य शिक्षा केंद्र (RSK) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि पोर्टल पर लिंक दोपहर 01:30 बजे एक्टिव होगा।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस: स्कूल शिक्षा मंत्री दोपहर 1:00 बजे वल्लभ भवन में नतीजों की घोषणा करेंगे, जिसके ठीक बाद डिजिटल लिंक लाइव हो जाएगा।
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वेबसाइट्स: आप इन आधिकारिक पोर्टल्स पर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं:
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rskmp.in (मुख्य वेबसाइट)
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mpresults.nic.in
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mpbse.nic.in
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अपना रिजल्ट कैसे चेक करें? (Step-by-Step)
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सबसे पहले rskmp.in पर जाएं।
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होमपेज पर “Class 5th/8th Result 2026” के लिंक पर क्लिक करें।
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अपनी समग्र आईडी (Samagra ID) या रोल नंबर दर्ज करें।
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स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें।
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‘Submit’ बटन दबाते ही आपकी डिजिटल मार्कशीट सामने आ जाएगी।
जरूरी जानकारी:
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QR कोड सुविधा: अगर वेबसाइट स्लो चलती है, तो आप विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी सीधा लॉगिन पेज पर पहुँच सकते हैं।
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पासिंग मार्क्स: पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक जरूरी हैं।
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ट्रैफिक अलर्ट: 23 लाख छात्र एक साथ पोर्टल खोलेंगे, इसलिए अगर वेबसाइट ‘क्रैश’ या स्लो हो, तो पैनिक न करें और 10-15 मिनट बाद दोबारा कोशिश करें।
इस बार क्या है नया? (QR कोड तकनीक)
रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को लंबी कतारों या सर्वर डाउन होने की समस्या से बचाने के लिए इस बार ‘QR कोड’ की सुविधा दी गई है:
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सीधा एक्सेस: शिक्षा विभाग द्वारा एक आधिकारिक QR कोड जारी किया गया है। इसे मोबाइल से स्कैन करते ही छात्र सीधे रिजल्ट पोर्टल पर पहुँच जाएंगे।
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मार्कशीट डाउनलोड: छात्र अपना ‘समग्र आईडी’ (Samagra ID) या ‘रोल नंबर’ दर्ज करके अपनी डिजिटल मार्कशीट तुरंत देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
रिजल्ट चेक करने के 3 आसान तरीके
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आधिकारिक वेबसाइट: rskmp.in पर जाकर ‘Result’ टैब पर क्लिक करें।
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QR कोड: स्कूलों और आधिकारिक विज्ञापनों में दिए गए QR कोड को स्कैन करें।
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SMS सुविधा: यदि इंटरनेट न हो, तो निर्धारित फॉर्मेट में रोल नंबर लिखकर 56263 पर भेजकर भी रिजल्ट प्राप्त किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण आंकड़े (एक नजर में)
| श्रेणी | विवरण |
| कुल छात्र | 23.5 लाख (लगभग) |
| कक्षा 5वीं | 12 लाख से अधिक परीक्षार्थी |
| कक्षा 8वीं | 11 लाख से अधिक परीक्षार्थी |
| परीक्षा की तारीख | फरवरी-मार्च 2026 |
| रिजल्ट की तारीख | 26 मार्च, 2026 (कल) |
फेल होने पर क्या होगा? (सप्लीमेंट्री का मौका)
मध्य प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार, जो छात्र किसी विषय में सफल नहीं हो पाते, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है:
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संशोधित नियम: छात्रों को फेल नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा का अवसर दिया जाता है।
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विशेष कक्षाएं: रिजल्ट के बाद स्कूलों में दो महीने की विशेष कोचिंग दी जाएगी, जिसके बाद जून 2026 में दोबारा परीक्षा आयोजित होगी।
दूसरे के बिस्तर पर क्यों सोए?’—गुरुकुल में मासूम छात्र की पट्टों से बर्बर पिटाई, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
उज्जैन | 23 मार्च, 2026
धर्म और शिक्षा की नगरी उज्जैन के एक गुरुकुल में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला मामला प्रकाश में आया है। सांदीपनि इलाके के एक निजी गुरुकुल में महज एक छोटी सी बात—’दूसरे के बिस्तर पर सो जाने’—को लेकर एक शिक्षक ने छात्र को जानवरों की तरह पीटा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद शहर में भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच के अनुसार, यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। पीड़ित छात्र गुरुकुल में रहकर वेदों की शिक्षा ले रहा था।
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विवाद की वजह: रात में थककर छात्र गलती से अपने बिस्तर के बजाय दूसरे छात्र के बिस्तर पर सो गया था।
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बर्बरता: इस बात से नाराज शिक्षक ने सुबह छात्र को बुलाया और उसे जमीन पर पटककर पट्टों और डंडे से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
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वीडियो वायरल: पास ही खड़े किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें छात्र दर्द से कराह रहा है और रहम की भीख मांग रहा है, लेकिन शिक्षक लगातार उसे मारता रहा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही उज्जैन पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले को संज्ञान में लिया।
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FIR दर्ज: पीड़ित छात्र के परिजनों की शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ IPC की धाराओं और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने दबिश देकर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
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मेडिकल जांच: छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं।
प्रशासन का रुख
उज्जैन कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस गुरुकुल की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि क्या गुरुकुल के पास वैध अनुमति है और क्या वहाँ बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
“शिक्षा के केंद्रों में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। बच्चों के साथ ऐसी क्रूरता करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने पर भी विचार किया जा रहा है।”
धार्मिक संगठनों में रोष
स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि गुरुकुलों में प्राचीन परंपराओं के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार की शिक्षा दी जाती है, न कि इस प्रकार की हिंसा।
भोपाल: मंडप से दूल्हा गिरफ्तार, थाने में हल्दी लगी दुल्हन की गुहार- ‘साहब, कस्टडी में ही फेरे करा दो’
भोपाल | 14 मार्च, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून और भावनाओं के बीच एक अजीबोगरीब मंजर देखने को मिला। राजधानी के कोहेफिजा इलाके में चल रहे एक विवाह समारोह के बीच तब हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने ऐन रस्मों के वक्त दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दूल्हा कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि कुख्यात ‘इललीगल गैंग’ (Illegal Gang) का सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, आकाश उर्फ भूरा हड्डी पर हत्या और लूट जैसे 31 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने अपनी ही शादी का खर्चा उठाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर एक पुजारी को हनीट्रैप में फंसाया था।
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साजिश: गैंग ने एक युवती के जरिए पुजारी को लालघाटी इलाके के एक कमरे में बुलाया।
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किडनैपिंग: वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने पुजारी को बंधक बनाया और दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
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वसूली: आरोपियों ने पुजारी से 8 लाख रुपये की मांग की। डर के मारे पुजारी ने तत्काल 50,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, जो सीधे दूल्हे (आकाश) के खाते में पहुंचे।
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गिरफ्तारी: पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया और जब आकाश अपने विवाह स्थल पर हल्दी की रस्में पूरी कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
थाने पहुंची हल्दी लगी दुल्हन
दूल्हे की गिरफ्तारी के बाद दुल्हन सीमा (परिवर्तित नाम) अपने परिजनों के साथ कोहेफिजा थाने पहुंची। मंजर ऐसा था कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। दुल्हन के हाथों में मेहंदी लगी थी, चेहरे पर हल्दी का रंग था और गले में वरमाला थी।
वह रोते हुए पुलिस अधिकारियों से मिन्नतें करने लगी:
“साहब, मेरी क्या गलती है? मुझे उसके जुर्म के बारे में कुछ नहीं पता था। घर में मेहमान भरे हुए हैं, बदनामी हो जाएगी। बस 2 घंटे के लिए उसे छोड़ दीजिए या फिर यहीं कस्टडी में हमारे फेरे करा दीजिए।”
कानून का कड़ा रुख
दुल्हन की मार्मिक अपील और ‘कस्टडी में फेरे’ की मांग के बावजूद पुलिस और कोर्ट ने कोई रियायत नहीं दी। मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून में ऐसी रस्मों के लिए आरोपी को छोड़ने का प्रावधान नहीं है। आरोपी आकाश और उसके साथियों को जेल भेज दिया गया है।
गैंग की पहचान: ‘Illegal’ टैटू
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गैंग के सदस्यों की पहचान उनकी गर्दन पर बना ‘Illegal’ शब्द का टैटू है। यह गैंग सोशल मीडिया और हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर वसूली करता था।
बड़वानी में मोहन सरकार की पहली कृषि कैबिनेट: सीएम समेत 25 से अधिक मंत्री रहेंगे मौजूद, मसाला फसलों को बढ़ावा देने नई योजना पर चर्चा संभव
02 मार्च 2026
बड़वानी जिले में सोमवार को राज्य सरकार की पहली कृषि कैबिनेट बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम परिसर में आयोजित की जाएगी, जहां प्रशासन ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अस्थायी मंत्रालय में बदला परिसर
बैठक के लिए भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने करीब 8 एकड़ के गार्डन क्षेत्र को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया है। यहां कैबिनेट हॉल, ग्रीन रूम, प्रदर्शनी क्षेत्र, मीडिया सेंटर और भोजन व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं तैयार की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
25 से ज्यादा मंत्री और अधिकारी रहेंगे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री सहित 25 से अधिक मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कृषि विभाग के विशेषज्ञ शामिल होंगे। कैबिनेट में राज्य के कृषि विकास, फसल विविधीकरण, किसानों की आय बढ़ाने और नई योजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।
मसाला फसलों को बढ़ावा देने पर फोकस
सूत्रों के अनुसार बैठक में मसाला फसलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजना पर विशेष चर्चा हो सकती है। प्रदेश के आदिवासी और निमाड़ अंचल में मसाला खेती की संभावनाओं को देखते हुए सरकार किसानों को प्रोत्साहन देने की रणनीति तैयार कर रही है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे विषय भी एजेंडा में शामिल बताए जा रहे हैं।
कृषि प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र
बैठक स्थल पर कृषि आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें आधुनिक कृषि उपकरण, जैविक उत्पाद, ड्रिप सिंचाई तकनीक और उन्नत बीजों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मंत्रियों और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कृषि नवाचारों से अवगत कराना है।
प्रशासन सतर्क, तैयारियां अंतिम चरण में
जिला प्रशासन ने आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक प्रदेश की कृषि नीति के लिए दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। स्थानीय स्तर पर भी इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय कृषि विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जबलपुर में सांप्रदायिक तनाव: मंदिर-मस्जिद में एक साथ धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विवाद, पथराव-तोड़फोड़
जबलपुर | 20 फरवरी 2026
जबलपुर, मध्य प्रदेश — जिले के सिहोरा इलाके में गुरुवार रात दो पक्षों के बीच विवाद के बाद अचानक तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, मंदिर में आरती और पास की मस्जिद में नमाज एक ही समय पर चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई और माहौल गरमा गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर कुछ उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस की त्वरित हस्तक्षेप से हालात को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है। प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण आपसी कहासुनी बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कटनी में दर्दनाक सड़क हादसा: हाईवा की टक्कर से दो युवकों की मौत, आक्रोशित भीड़ ने चालक को पीटा पुलिस पर पथराव, दो जवान घायल
कटनी | 07 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जानकारी के अनुसार बंधी रेलवे फाटक के पास तेज रफ्तार से आ रहे एक हाईवा ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद हाईवा चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दी। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ उग्र हो उठी।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पत्थरबाज़ी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा, जिसके बाद हालात धीरे-धीरे काबू में आए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान कर ली गई है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। हाईवा चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, जबकि घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर इलाके में तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
एक स्प्लेंडर, 7 लड़के और खतरनाक स्टंट; पुलिस ने दबोचा तो थाने में लगानी पड़ी उठक-बैठक
भोपाल | 27 जनवरी 2026
मुख्य बिंदु:
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भोपाल के वीआईपी रोड (VIP Road) पर एक ही बाइक पर सवार होकर 7 युवक कर रहे थे खतरनाक स्टंट।
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सोशल मीडिया पर स्टंट का वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई।
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पुलिस ने सभी युवकों को गिरफ्तार कर थाने में सबक सिखाया और बाइक जब्त की।
विस्तृत समाचार: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘एडवेंचर’ के नाम पर कानून की धज्जियां उड़ाने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के सबसे व्यस्त और खूबसूरत माने जाने वाले वीआईपी रोड पर एक स्प्लेंडर बाइक पर सात लड़के सवार होकर स्टंट कर रहे थे। इस दौरान न तो किसी ने हेलमेट पहना था और न ही उन्हें अपनी या दूसरों की जान की परवाह थी।
वीडियो वायरल होते ही एक्शन: इस खतरनाक स्टंट का वीडियो किसी राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि कैसे एक ही मोटरसाइकिल पर सात लोग लदे हुए थे, जिससे बाइक का संतुलन कभी भी बिगड़ सकता था। मामला संज्ञान में आते ही भोपाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर युवकों की घेराबंदी शुरू की।
थाने में मिली अनोखी सजा: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सातों युवकों को हिरासत में ले लिया। थाने लाने के बाद पुलिस ने उन्हें न केवल कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया, बल्कि मौके पर ही उनसे उठक-बैठक लगवाई। पुलिस का उद्देश्य इन युवाओं को यह अहसास कराना था कि सड़क पर स्टंट करना बहादुरी नहीं, बल्कि अपराध और जानलेवा लापरवाही है।
पुलिस की अपील: भोपाल पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की सड़कों पर स्टंटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“युवा अपनी और दूसरों की जान को खतरे में न डालें। स्टंट के शौक के चक्कर में न केवल भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।”
कार्रवाई: पुलिस ने संबंधित बाइक को जब्त कर लिया है और यातायात नियमों के उल्लंघन के तहत भारी जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, युवकों के परिजनों को भी थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी दी गई है।
भोपाल: एक ‘स्प्लेंडर’ और 7 सवार! VIP रोड पर जानलेवा लापरवाही का वीडियो वायरल
22 जनवरी, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक नियमों का मजाक उड़ाने का एक अजीबोगरीब वीडियो सामने आया है। शहर के सबसे खूबसूरत और व्यस्त इलाकों में से एक VIP रोड पर 7 युवक एक ही स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर बैठकर फर्राटा भरते नजर आए।
वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि:
- सिटिंग अरेंजमेंट: बाइक पर तीन युवक सीट पर बैठे हैं, दो पीछे की ओर लटके हुए हैं, एक हैंडल के पास टंकी पर बैठा है और एक युवक सबसे पीछे करियर पर संतुलन बनाए हुए है।
- बिना हेलमेट: बाइक पर सवार किसी भी युवक ने हेलमेट नहीं पहना था।
- हैरतअंगेज हरकत: ये युवक न केवल बाइक पर लदे हुए थे, बल्कि चलते हुए कैमरे की ओर हाथ हिलाकर पोज भी दे रहे थे, मानो उन्हें अपनी या दूसरों की जान की कोई परवाह न हो।
ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता और कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद भोपाल ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर बाइक के नंबर की पहचान कर ली है।
CCTV फुटेज: पुलिस अब स्मार्ट सिटी के कैमरों की मदद से यह पता लगा रही है कि यह बाइक शहर के किन-किन इलाकों से गुजरी ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।
ई-चालान: जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहन मालिक के नाम पर भारी जुर्माना (ई-चालान) जारी किया है।
लाइसेंस रद्द करने की तैयारी: ट्रैफिक डीसीपी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्टंट करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
रेलवे ने हर सिक्के के लिए 2500 रुपये का भुगतान किया था।
भोपाल: 17 जनवरी, 2026
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल में रिटायरमेंट के मौके पर रेल कर्मचारियों को दिए जाने वाले चांदी के सिक्के नकली पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। मामला तब सामने आया जब रिटायर्ड कर्मचारी डीके गौतम और उनके कुछ साथियों ने इन सिक्कों की शुद्धता की जांच करवाई।
कैसे हुआ खुलाशा?
रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को विभाग की ओर से 50 ग्राम का चांदी का सिक्का भेंट किया जाता है, जिसे कर्मचारी यादगार के तौर पर रखते हैं। डीके गौतम ने जब अपना सिक्का जौहरी को दिखाया, तो पता चला कि वह चांदी का नहीं, बल्कि किसी सस्ती धातु पर चांदी की पॉलिश चढ़ाया हुआ फर्जी सिक्का है। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने भी अपने सिक्कों की जांच कराई, जहाँ नतीजे समान निकले।
इंदौर की कंपनी ने की सप्लाई
शुरुआती जांच और शिकायतों के आधार पर यह तथ्य सामने आए हैं:
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सप्लाई: रेलवे ने इंदौर की एक निजी कंपनी को इन सिक्कों का ऑर्डर दिया था।
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आंकड़े: कंपनी ने रेलवे को लगभग 3600 से अधिक सिक्के सप्लाई किए थे।
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लागत: रेलवे ने प्रति सिक्का लगभग 2500 रुपये की लागत से भुगतान किया था।
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धोखाधड़ी: जांच में पाया गया कि कंपनी ने असली चांदी के बजाय घटिया क्वालिटी के सिक्के सप्लाई कर रेलवे को लाखों रुपये का चूना लगाया है।
वर्तमान स्थिति और कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे के सतर्कता विभाग (Vigilance) और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है।
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पीड़ित कर्मचारियों ने इस “सम्मान के अपमान” पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
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रेलवे बोर्ड अब उस वेंडर को ब्लैकलिस्ट करने और रिकवरी की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।
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आशंका जताई जा रही है कि इस घोटाले में विभाग के कुछ स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है, जो जांच का विषय है।
नोट: रेलवे यूनियनों ने मांग की है कि दोषी कंपनी पर एफआईआर दर्ज की जाए और सभी प्रभावित कर्मचारियों को असली चांदी के सिक्के वापस दिए जाएं।
इंदौर में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। गुरुवार को शहर में पांच और नए मरीज पॉजिटिव पाए गए। इसके साथ ही अब तक इंदौर में कुल 38 कोरोना केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से 8 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं। वर्तमान में करीब 20 मामले एक्टिव हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ये आंकड़े चिंता का विषय हैं, हालांकि अभी गंभीर लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बेहद कम है।
विदेश और तीर्थ यात्रा से जुड़े संपर्क बने संक्रमण की वजह
नए संक्रमित मरीजों में एक 47 वर्षीय महिला शामिल हैं, जो हाल ही में सिंगापुर से लौटे अपने एक मित्र के संपर्क में आई थीं। मित्र से मिलने के दो दिन बाद ही उन्हें खांसी और जुकाम की शिकायत हुई, जिसके बाद उनकी जांच में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई। एक अन्य मामला 13 वर्षीय लड़के का है, जो बद्रीनाथ यात्रा से लौटी एक महिला के संपर्क में आया था। इसके अलावा, पुणे से लौटी एक 34 वर्षीय महिला और इंदौर के दो पुरुष भी संक्रमित पाए गए हैं।
देशभर में भी तेजी से बढ़ रहे हैं केस
सिर्फ इंदौर ही नहीं, देशभर में भी कोविड मामलों की संख्या में तेज इजाफा हो रहा है। पिछले 20 दिनों में एक्टिव केसों की संख्या में 58 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 16 मई को जहां पूरे देश में केवल 93 एक्टिव केस थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 5364 तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी संक्रमण की नई लहर की चेतावनी हो सकती है, हालांकि अब तक अधिकतर मामलों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं।
हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया
इंदौर में पाए गए सभी नए मरीजों में हल्के लक्षण हैं, इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की बजाय होम आइसोलेशन में रखा गया है। इन मरीजों की जांच प्राइवेट लैब में की गई है और उनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भोपाल की लैब भेजे गए हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सेतिया ने जानकारी दी कि संक्रमित मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है और जिनमें लक्षण दिखाई दे रहे हैं उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अब तक सभी मरीजों में बहुत ही हल्के लक्षण पाए गए हैं।







