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BSP का ऐलान: यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी पार्टी

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BSP का ऐलान: यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी पार्टी

18 फरवरी 2026

मायावती ने स्पष्ट किया है कि
BSP (बहुजन समाज पार्टी) आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने कहा कि गठबंधन को लेकर चल रही सभी अटकलें भ्रामक और निराधार हैं तथा पार्टी की रणनीति पूरी तरह स्वतंत्र चुनाव लड़ने की है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। मायावती ने भरोसा जताया कि बसपा का पारंपरिक वोट बैंक और जमीनी नेटवर्क उसे चुनाव में मजबूत स्थिति दिलाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा के इस फैसले से राज्य की चुनावी रणनीतियों और संभावित गठबंधन समीकरणों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अब मुकाबला और अधिक बहुकोणीय होने की संभावना है।


निशिकांत दुबे के बयान से संसद में सियासी हंगामा, विपक्ष का विरोध—लोकसभा रिकॉर्ड से हटे आपत्तिजनक शब्द

नई दिल्‍ली | 07 फरवरी 2026

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के एक बयान को लेकर संसद में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोकसभा में उनके भाषण के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया, जिसके बाद मामला संसद की कार्यवाही तक पहुंच गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि बयान में प्रयुक्त भाषा संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इससे सदन की गरिमा प्रभावित होती है।

विवाद के बढ़ने के बाद लोकसभा सचिवालय ने कार्रवाई करते हुए निशिकांत दुबे द्वारा बोले गए कुछ शब्दों को आधिकारिक कार्यवाही से हटा दिया। हटाए गए शब्दों में अय्याशी, मक्कारा और गद्दारी जैसे आपत्तिजनक और असंसदीय शब्द शामिल हैं। इसके साथ ही नयनतारा सहगल सहित कुछ अन्य नामों और संदर्भों को भी संसद के रिकॉर्ड से पूरी तरह से निकाल दिया गया है।

संसदीय सूत्रों के मुताबिक, यह कदम संसद की कार्यवाही की शुद्धता, निष्पक्षता और सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। लोकसभा के नियमों के तहत किसी भी सदस्य को अभद्र, अपमानजनक या विवादास्पद भाषा के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर भाषा की मर्यादा का पालन हर सांसद की जिम्मेदारी है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि असंसदीय शब्दों को रिकॉर्ड से हटाकर नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में शब्दों की गरिमा सर्वोपरि है, और किसी भी प्रकार की अभद्र या विवादास्पद टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

This image shows Nishikant Dubey, a Member of Parliament from the Bharatiya Janata Party (BJP), standing indoors. He is dressed in a simple white long-sleeved shirt, has a short salt-and-pepper beard, and is wearing spectacles. He is looking slightly away from the camera with a neutral, contemplative expression. This image is often used in the context of his recent February 2026 announcement to establish a library documenting the history of the Nehru-Gandhi family.

 
 


विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व अन्य विधायकों ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है उसमें उठाए गए मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। पिछले पांच महीने से न कैबिनेट की बैठक हुई है और न विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है। अविलंब विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व अन्य विधायकों ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है उसमें उठाए गए मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। पिछले पांच महीने से न कैबिनेट की बैठक हुई है और न विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है। अविलंब विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है।

प्रेसवार्ता में विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पांच माह से जेल में हैं। उन्होंने त्यागपत्र देने की जगह जेल से सरकार चलाने की घोषणा की है। सरकार को बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री ने जेल से कितने निर्णय लिए हैं। इस दौरान कैबिनेट की हुई बैठक और उसमें लिए गए निर्णय की जानकारी देनी चाहिए।”

खराब हो रही नगर निगम की वित्तीय स्थिति

विजेंद्र ने कहा, “मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। इसकी बैठक नहीं होने का कारण भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। छठे दिल्ली वित्त आयोग का गठन नहीं कर सरकार संविधान का उल्लंघन कर रही है। नगर निगम की वित्तीय स्थिति खराब हो रही है। आयोग नगर निगम में स्थायी समिति का गठन नहीं करने और पिछले सात वर्षों से कैग की 11 रिपोर्ट का कारण सरकार को बताना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “15 मार्च 2024 को मुख्य सचिव द्वारा जल मंत्री को जल बोर्ड में वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट सौंपी थी जिसे उन्होंने सदन में पेश नहीं किया। जल बोर्ड ने दिल्ली सरकार को 73 हजार करोड़ रुपये का लोन वापस करने से मना कर दिया है। सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू नहीं करने, राज्य सरकार से वित्त पोषित 12 कॉलेजों को फंड नहीं देने के बारे में भी प्रश्न पूछे।”

खेल विश्वविद्यालय पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

उन्होंने दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विकास विश्वविद्यालय, शिक्षक विश्वविद्यालय व खेल विश्वविद्यालय पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। सात आइसीयू अस्पताल व पाली क्लीनिक बनाने के लिए के काम में देरी होने और इसकी लागत बढ़ने के कारण बताना चाहिए। उन्होंने झुग्गियों में नल से जल उपलब्ध कराने और जहां झुग्गी वहीं मकान योजना की स्थिति का विवरण भी मांगा।

 

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