गुवाहाटी/नई दिल्ली | 20 मार्च, 2026
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी इस नई सूची में पार्टी ने अनुभवी चेहरों और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है। 126 सीटों वाली असम विधानसभा के लिए हो रहे इस चुनाव में कांग्रेस विपक्षी गठबंधन (Asom Sonmilito Morcha) का नेतृत्व कर रही है।
तीसरी लिस्ट के प्रमुख नाम और सीटें
पार्टी ने इस लिस्ट में अपने कई दिग्गज और मौजूदा विधायकों (MLAs) को फिर से मौका दिया है:
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जाकिर हुसैन सिकदर: पाकाबेतबारी (Pakabetbari) से चुनाव लड़ेंगे।
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प्रदीप सरकार: अभयापुरी (Abhayapuri) सीट से उम्मीदवार बनाए गए हैं।
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माणिक चंद्र ब्रह्मा: कोकराझार-ST (Kokrajhar) से ताल ठोकेंगे।
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बेबी बेगम: धुबरी (Dhubri) से चुनाव मैदान में होंगी।
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रोजलीना तिर्की: खुमटाई (Khumtai) से प्रत्याशी बनाई गई हैं।
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डॉ. आसिफ मोहम्मद नज़र: लाहरीघाट (Laharighat) से फिर से चुनाव लड़ेंगे।
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आफताब उद्दीन मुल्ला: जालेश्वर (Jaleshwar) सीट से चुनावी मैदान में होंगे।
अन्य महत्वपूर्ण उम्मीदवार
| निर्वाचन क्षेत्र | उम्मीदवार का नाम |
| नगांव-बताद्रवा | डॉ. दुर्लभ चमुआ |
| लखीमपुर | घना बुरागोहेन |
| रंगानदी | जयंत खाउंड (पूर्व AGP नेता) |
| चेंगा | अब्दुर रहीम अहमद |
| होराघाट (ST) | संजीव तेरोन |
प्रद्युत बोरदोलोई फैक्टर और बगावत
तीसरी लिस्ट जारी होने से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जब पूर्व सांसद और दिग्गज नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
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विवाद की वजह: बोरदोलोई लाहरीघाट सीट से डॉ. आसिफ मोहम्मद नज़र को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे थे।
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बीजेपी का दांव: बीजेपी ने बोरदोलोई को तुरंत दिसपुर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसके अलावा, बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने भी मार्गेरिटा सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है।
चुनावी कार्यक्रम एक नजर में
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कुल सीटें: 126
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मतदान की तारीख: 9 अप्रैल, 2026 (एक ही चरण में)
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नतीजे: 4 मई, 2026
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गठबंधन: कांग्रेस ने करीब 15 सीटें अपने सहयोगी दलों (AJP, CPI-M, APHLC) के लिए छोड़ी हैं।
राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने 6 उम्मीदवारों की घोषणा की, सिंघवी-फूलो देवी को फिर मौका; तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक मैदान में
नई दिल्ली | 05 मार्च 2026
कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए गुरुवार को छह उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी। पार्टी ने कुछ मौजूदा सांसदों पर दोबारा भरोसा जताया है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया है।
सिंघवी और फूलो देवी को फिर से उम्मीदवार
पार्टी ने तेलंगाना से वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। सिंघवी वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी के प्रमुख विधि विशेषज्ञों में गिने जाते हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को फिर से राज्यसभा का टिकट दिया गया है। वह भी मौजूदा सांसद हैं और आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती रही हैं।
हरियाणा और हिमाचल से नए चेहरे
हरियाणा से कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। वहीं हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा को मैदान में उतारा गया है। अनुराग शर्मा कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है।
तेलंगाना की दूसरी सीट पर वीम नरेंद्र रेड्डी
तेलंगाना की दूसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने वीम नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है। उन्हें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का करीबी बताया जाता है।
तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस तालमेल
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट दी है। इस सीट से कांग्रेस ने एम. क्रिस्टोफर तिलक को उम्मीदवार बनाया है। यह गठबंधन राज्य की राजनीति में दोनों दलों के बीच मजबूत तालमेल का संकेत माना जा रहा है।
भाजपा ने भी घोषित किए उम्मीदवार
इधर भारतीय जनता पार्टी भी दो चरणों में 13 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों में सक्रियता बढ़ गई है और विभिन्न राज्यों में समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने अनुभवी और संगठनात्मक रूप से सक्रिय नेताओं को मौका देकर राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। अब नजर नामांकन प्रक्रिया और चुनावी गणित पर रहेगी, जिससे राज्यसभा की तस्वीर साफ होगी।
BSP का ऐलान: यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी पार्टी
18 फरवरी 2026
मायावती ने स्पष्ट किया है कि BSP (बहुजन समाज पार्टी) आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने कहा कि गठबंधन को लेकर चल रही सभी अटकलें भ्रामक और निराधार हैं तथा पार्टी की रणनीति पूरी तरह स्वतंत्र चुनाव लड़ने की है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। मायावती ने भरोसा जताया कि बसपा का पारंपरिक वोट बैंक और जमीनी नेटवर्क उसे चुनाव में मजबूत स्थिति दिलाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा के इस फैसले से राज्य की चुनावी रणनीतियों और संभावित गठबंधन समीकरणों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अब मुकाबला और अधिक बहुकोणीय होने की संभावना है।
निशिकांत दुबे के बयान से संसद में सियासी हंगामा, विपक्ष का विरोध—लोकसभा रिकॉर्ड से हटे आपत्तिजनक शब्द
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व अन्य विधायकों ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है उसमें उठाए गए मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। पिछले पांच महीने से न कैबिनेट की बैठक हुई है और न विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है। अविलंब विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व अन्य विधायकों ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है उसमें उठाए गए मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। पिछले पांच महीने से न कैबिनेट की बैठक हुई है और न विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है। अविलंब विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है।
प्रेसवार्ता में विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पांच माह से जेल में हैं। उन्होंने त्यागपत्र देने की जगह जेल से सरकार चलाने की घोषणा की है। सरकार को बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री ने जेल से कितने निर्णय लिए हैं। इस दौरान कैबिनेट की हुई बैठक और उसमें लिए गए निर्णय की जानकारी देनी चाहिए।”
खराब हो रही नगर निगम की वित्तीय स्थिति
विजेंद्र ने कहा, “मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। इसकी बैठक नहीं होने का कारण भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। छठे दिल्ली वित्त आयोग का गठन नहीं कर सरकार संविधान का उल्लंघन कर रही है। नगर निगम की वित्तीय स्थिति खराब हो रही है। आयोग नगर निगम में स्थायी समिति का गठन नहीं करने और पिछले सात वर्षों से कैग की 11 रिपोर्ट का कारण सरकार को बताना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “15 मार्च 2024 को मुख्य सचिव द्वारा जल मंत्री को जल बोर्ड में वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट सौंपी थी जिसे उन्होंने सदन में पेश नहीं किया। जल बोर्ड ने दिल्ली सरकार को 73 हजार करोड़ रुपये का लोन वापस करने से मना कर दिया है। सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू नहीं करने, राज्य सरकार से वित्त पोषित 12 कॉलेजों को फंड नहीं देने के बारे में भी प्रश्न पूछे।”
खेल विश्वविद्यालय पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
उन्होंने दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विकास विश्वविद्यालय, शिक्षक विश्वविद्यालय व खेल विश्वविद्यालय पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। सात आइसीयू अस्पताल व पाली क्लीनिक बनाने के लिए के काम में देरी होने और इसकी लागत बढ़ने के कारण बताना चाहिए। उन्होंने झुग्गियों में नल से जल उपलब्ध कराने और जहां झुग्गी वहीं मकान योजना की स्थिति का विवरण भी मांगा।






