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बांग्लादेश चुनाव में BNP की ऐतिहासिक जीत, तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की राह साफ—35 साल बाद देश को मिलेगा पुरुष पीएम

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बांग्लादेश चुनाव में BNP की ऐतिहासिक जीत, तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की राह साफ—35 साल बाद देश को मिलेगा पुरुष पीएम

ढाका | 13 फरवरी 2026

बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां आम चुनाव में
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता में वापसी कर ली है। गुरुवार को घोषित नतीजों के अनुसार पार्टी ने 299 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि बहुमत के लिए 150 सीटों की आवश्यकता थी। अब तक 286 सीटों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं और रुझानों से साफ है कि BNP सरकार बनाने की स्थिति में है। यह जीत पार्टी की लगभग 20 साल बाद सत्ता में वापसी मानी जा रही है।

विपक्षी गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रहे जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 70 सीटें मिली हैं। गठबंधन के प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत हासिल की है। चुनाव परिणामों ने बांग्लादेश की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है, क्योंकि पिछले लंबे समय से सत्ता में काबिज आवामी लीग को करारी हार का सामना करना पड़ा है। यह पार्टी 2008 से 2024 तक लगातार सत्ता में रही और इसकी अगुवाई पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना कर रही थीं।

इस जीत के साथ ही BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और इस चुनाव में दो सीटों से उम्मीदवार थे, जहां उन्होंने दोनों जगह जीत दर्ज की। तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में 17 साल के लंबे अंतराल के बाद देश लौटे थे, जिसके बाद उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया था।

यह चुनाव परिणाम इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि बांग्लादेश को करीब 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। इससे पहले 1988 में काजी जफर अहमद देश के प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद 1991 से 2024 तक बांग्लादेश की राजनीति मुख्यतः दो महिला नेताओं—शेख हसीना और खालिदा जिया—के इर्द-गिर्द ही घूमती रही और दोनों ही अलग-अलग कार्यकाल में प्रधानमंत्री पद संभालती रहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BNP की यह जीत बांग्लादेश की घरेलू राजनीति, आर्थिक नीतियों और विदेश संबंधों में बदलाव का संकेत हो सकती है। खासकर दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय राजनीति पर भी इसके असर की संभावना जताई जा रही है। अब देश-विदेश की नजरें नई सरकार के गठन और उसके पहले फैसलों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में बांग्लादेश की दिशा तय करेंगे।



पाकिस्तानियों के अमेरिका में बसने पर ‘ब्रेक’, 21 जनवरी से बदल जाएंगे नियम

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: 15 जनवरी, 2026

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालते ही सख्त फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान समेत दुनिया के 75 देशों के नागरिकों के लिए ‘इमिग्रेंट वीजा’ (Immigrant Visa) यानी अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की प्रक्रिया पर अनिश्चित काल के लिए रोक लगा दी है।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • बसने पर रोक, घूमने पर नहीं: यह बैन सिर्फ उन लोगों के लिए है जो अमेरिका में स्थायी निवास (Green Card) या वहां जाकर बसना चाहते हैं। टूरिस्ट वीजा या बिजनेस के लिए जाने वालों पर फिलहाल यह रोक लागू नहीं है।
  • ‘पब्लिक चार्ज’ का तर्क: ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे उन देशों के प्रवासियों को नहीं आने देंगे जो अमेरिका पर ‘बोझ’ (Public Charge) बन सकते हैं। अमेरिका चाहता है कि आने वाले लोग आर्थिक रूप से मजबूत हों और सरकारी सुविधाओं (Welfare Schemes) पर निर्भर न रहें।
  • लिस्ट में पाकिस्तान का नाम: हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है, जिसे ‘हाई रिस्क’ देशों की श्रेणी में रखा गया है।

मुनीर से दोस्ती, फिर पाकिस्तान पर सख्ती क्यों?

अभी कुछ समय पहले ही ट्रंप ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की तारीफ की थी और उन्हें अपना ‘पसंद का जनरल’ बताया था। लेकिन जानकारों का कहना है कि ट्रंप की निजी दोस्ती एक तरफ है और उनकी ‘America First’ (अमेरिका सबसे पहले) नीति दूसरी तरफ। ट्रंप अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर किसी भी देश को रियायत देने के मूड में नहीं हैं।

पाकिस्तान में मची खलबली:

इस फैसले के बाद पाकिस्तान की शहबाज सरकार और वहां की जनता में चिंता का माहौल है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे इस मामले पर अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह रोक जल्द हटा ली जाएगी।


ओडिशा विधानसभा में में हंगामा, आपस में भिड़े विधायक

ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को जमकर बवाल हुआ. प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक जयनारायण मिश्रा और कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. सूत्रों के मुताबिक, यह मौखिक विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया, जिससे सदन में मौजूद अन्य सदस्य सदमे में आ गए. कांग्रेस विधायक बहिनीपति ने आरोप लगाया कि जयनारायण मिश्रा ने पहले उनका कॉलर पकड़ा, लेकिन बाद में उनकी ओर से कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी.

इस घटना से ओडिशा विधानसभा में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते स्पीकर को हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल करनी पड़ी. हालांकि, हंगामा जारी रहने की वजह से सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. इस घटना पर नेताओं की  प्रतिक्रिया भी सामने आई है. कई नेताओं ने इस अराजक व्यवहार की आलोचना की है. इस बीच, विधानसभा अधिकारियों की ओर से इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

बहिनीपति ने सदन के बाहर मीडिया से कहा कि बीजेपी विधायक ने उनके शर्ट का कॉलर पकड़कर उनको धक्का दिया. वह मंत्री महापात्र से हाथ जोड़कर निवेदन कर रहे थे कि जब सदन में व्यवस्था नहीं है तो वह जवाब न दें. लेकिन अचानक मिश्रा आए और उनका कॉलर पकड़ लिया. बाद में, सत्ता पक्ष और कांग्रेस के अन्य सदस्यों के बीच भी धक्का-मुक्की शुरू हो गई जिसके बाद अध्यक्ष पाढ़ी ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. सदन में हंगामा खड़ा हो गया और बीजेपी और कांग्रेस के सदस्य एक-दूसरे को धक्का देते दिखे. बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य भी उसी जगह मौजूद थे, लेकिन वे इससे दूर रहे

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