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 मानहानि केस में राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे: अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा 8 साल पुराना मामला

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 मानहानि केस में राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे: अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा 8 साल पुराना मामला

सुलतानपुर | 20  फरवरी 2026


राहुल गांधी गुरुवार सुबह मानहानि के एक पुराने मामले में पेश होने के लिए लखनऊ पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। वे सुबह करीब 9:30 बजे दिल्ली से उड़ान लेकर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, हालांकि मीडिया से बातचीत किए बिना वे सीधे वाहन में बैठकर आगे बढ़ गए।

यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इसी बयान के खिलाफ सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

मामले की सुनवाई कर रही MP/MLA कोर्ट ने पहले राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। अदालत ने 19 जनवरी को उनके वकील काशी शुक्ला को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह अंतिम अवसर है, इसके बाद अनुपस्थित रहने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसी आदेश के अनुपालन में राहुल गांधी आज कोर्ट में बयान दर्ज कराने पहुंचे।

इधर कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थन में पोस्टर लगाए गए, जिनमें उनकी तस्वीर के साथ “सत्यमेव जयते” लिखा हुआ दिखाई दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनवाई राहुल गांधी के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि अदालत में दर्ज बयान और आगे की कार्यवाही मामले की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें कोर्ट की कार्रवाई और अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।



भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत के लिए खुला 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाज़ार, आज से 18% टैरिफ लागू
नई दिल्ली | 07 फरवरी 2026

30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाज़ार भारत के लिए खुलेगा
, जिससे भारतीय कंपनियों को अमेरिका में कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा।

भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का आयात करेगा, जिसमें टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एनर्जी और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स शामिल हो सकते हैं।

भारत पर 18% टैरिफ आज से लागू, जिससे भारतीय निर्यात थोड़े महंगे हो सकते हैं।

रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया गया, जो भारत के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर को कोई रियायत नहीं, भारत ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में छूट देने से इनकार किया।

इंटरिम डील सिर्फ एक फ्रेमवर्क, फाइनल एग्रीमेंट पर अभी बातचीत जारी रहेगी।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा, खासकर आईटी और फार्मा सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद।

अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश के नए अवसर, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक इंडस्ट्री में।

द्विपक्षीय व्यापार संतुलन सुधारने की कोशिश, दोनों देश व्यापार घाटा कम करना चाहते हैं।

भू-राजनीतिक संकेत भी अहम, यह डील भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करती है।

A composite image featuring Donald Trump and Narendra Modi side-by-side against a background of the United States and Indian national flags merged together.

 

 



नई दिल्ली | मंगलवार, 20 जनवरी 2026

भारतीय राजनीति के केंद्र बिंदु और दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में शुमार नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014, 2019 और फिर 2024 में लगातार जीत दर्ज कर राजनीति में एक नया मानदंड स्थापित किया है।

ताज़ा अपडेट (20 जनवरी 2026): “नितिन नबीन मेरे बॉस हैं”

आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक ऐतिहासिक क्षण देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण समारोह में शिरकत की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर अपनी सादगी और सांगठनिक निष्ठा का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी के भीतर नितिन नबीन जी मेरे ‘बॉस’ हैं और मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूँ।” इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भाजपा की ‘कार्यकर्ता-प्रधान’ संस्कृति की चर्चा छेड़ दी है।

पीएम मोदी का सफरनामा: मुख्य पड़ाव

  • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर (मेहसाणा, गुजरात)।

  • शुरुआत: 8 साल की उम्र में RSS से परिचय, 1970 के दशक में पूर्णकालिक प्रचारक बने।

  • गुजरात के मुख्यमंत्री: 2001 से 2014 तक लगातार गुजरात की कमान संभाली और ‘गुजरात मॉडल’ से देश का ध्यान खींचा।

  • ऐतिहासिक बहुमत: 2014 में पहली बार वाराणसी से सांसद चुनकर आए और 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी को अकेले पूर्ण बहुमत दिलाया।

तीसरा कार्यकाल और उपलब्धियां

2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी ने सत्ता की हैट्रिक लगाई। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर छुए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-मध्य पूर्व व्यापार संबंधों को मजबूती दी गई।

  • युवा शक्ति और स्टार्टअप: स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर पीएम ने देश को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने का श्रेय युवाओं के ‘रिस्क’ लेने की क्षमता को दिया।

  • आर्थिक लक्ष्य: 2026 तक भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्सटाइल सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनने की ओर कदम बढ़ाए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने हाथों में तिरंगा लहराते हुए चिनाब ब्रिज पर कदमताल किया। पीएम मोदी का यह अंदाज देखने लायक था। उद्घाटन के बाद वे हाथों में तिरंगा लेकर उसे लहराते हुए सधे हुए कदमों से चिनाब ब्रिज पर वॉक करने लगे। पीएम मोदी के इस कदमताल के काफी मायने हैं। सबसे पहले तो भारत ने दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज बनाकर सफलता का झंडा गाड़ा वहीं उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी एक तरह से यह दिखा दिया कि हिंदुस्तान तरक्की के किस रास्ते पर चल रहा है और पाकिस्तान किस ओर जा रहा है।

दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का किया उद्घाटन

चिनाब पुल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बने भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निकट स्थित ‘व्यू प्वाइंट’ पर पहुंचे और उन्हें इस परियोजना के बारे में जानकारी दी गई जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल द्वारा जोड़ने के लिए अहम है। 

 एफिल टॉवर से भी ऊंचा है यह ब्रिज!

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ इस ब्रिज के पास स्थापित रेलवे संग्रहालय का दौरा किया। प्रधानमंत्री ‘व्यू प्वाइंट’ तक गए और उन्हें नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इंजीनियरिंग के उत्कृष्ट नमूने के तौर पर चिनाब पुल के बारे में जानकारी दी गई। यह पुल पेरिस स्थित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। 

इंजीनियरों और श्रमिकों से की बातचीत, बढ़ाया हौंसला

प्रधानमंत्री को संग्रहालय में इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ बातचीत करते भी देखा गया। यह संग्रहालय रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे मेहराब वाले रेलवे पुल का हिस्सा है। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब रेलवे पुल और अंजी नदी पर भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया।

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