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UAE के Barakah Nuclear Power Plant के पास Drone Attack, Generator Area में लगी आग

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UAE के Barakah Nuclear Power Plant के पास Drone Attack, Generator Area में लगी आग

17 मई 2026 | अंतरराष्ट्रीय समाचार

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के Barakah Nuclear Power Plant के पास drone strike की घटना सामने आई है। UAE अधिकारियों के अनुसार nuclear plant के outer perimeter क्षेत्र में drone attack के बाद electrical generator area में आग लग गई। घटना के बाद international nuclear safety agencies और कई देशों ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि reactor पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार का radiation leak नहीं हुआ है।


📍 घटना कहां हुई?

यह incident:

Barakah Nuclear Power Plant

में हुआ।

यह nuclear plant:

  • UAE के Al Dhafra region में स्थित है
  • Abu Dhabi के western coast पर मौजूद है
  • Abu Dhabi city से लगभग 175 miles दूर बताया गया है

Barakah plant UAE का पहला nuclear power station है और पूरे Arabian Peninsula का पहला operational nuclear plant माना जाता है।


🔥 Drone Attack में क्या हुआ?

UAE officials के अनुसार plant की तरफ कुल:

  • 3 drones
    आए थे।

इनमें:

  • 2 drones को air defense systems ने intercept कर लिया
  • जबकि 1 drone plant perimeter के पास generator area तक पहुंच गया

उस drone के impact के बाद:

  • electrical generator में आग लग गई
  • outer perimeter area में fire फैल गई
  • emergency response teams तुरंत activate की गईं

Plant के आसपास smoke और fire activity देखी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को high alert पर रखा गया।


☢️ क्या Radiation Leak हुआ?

घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता nuclear radiation को लेकर सामने आई।
हालांकि UAE authorities और international agencies ने कहा कि:

  • कोई radiation leak नहीं हुआ
  • nuclear reactor सुरक्षित रहा
  • plant operations सामान्य रहे
  • public safety को कोई immediate खतरा नहीं बताया गया

International Atomic Energy Agency यानी IAEA ने भी radiation levels को “normal” बताया।


🌍 IAEA ने जताई चिंता

IAEA chief:

Rafael Grossi

ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:

  • nuclear facilities के आसपास military action बेहद dangerous हो सकता है
  • maximum restraint जरूरी है
  • nuclear safety compromise नहीं होनी चाहिए

उन्होंने सभी पक्षों से सावधानी बरतने की अपील की।


⚔️ Iran और Regional Tension पर बढ़ी चर्चा

हालांकि UAE सरकार ने अभी तक officially किसी देश का नाम confirm नहीं किया है, लेकिन शुरुआती reports में:

  • Iran
  • Iran-backed proxy groups

पर suspicion जताया गया।

UAE अधिकारियों के अनुसार drones western border direction से आए थे। कुछ international reports में Houthis angle पर भी चर्चा की गई।


🇺🇸 Donald Trump का बयान

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति:

Donald Trump

ने घटना के बाद Iran को warning देते हुए कहा:

“The clock is ticking.”

यह बयान international political discussions में तेजी से चर्चा में आया।


🏭 Barakah Nuclear Plant कितना महत्वपूर्ण है?

Barakah Nuclear Power Plant Middle East का सबसे महत्वपूर्ण energy projects में से एक माना जाता है।

मुख्य तथ्य:

Point Information
Country UAE
Reactors 4
Capacity लगभग 5600 MW
Technology South Korean technology
Electricity Supply UAE की लगभग 25% बिजली
Significance Arab world का पहला nuclear plant

यह plant UAE की long-term energy strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


🌍 Middle East में बढ़ते तनाव के बीच घटना

यह घटना ऐसे समय हुई है जब:

  • US-Iran tensions पहले से high हैं
  • Israel-Iran conflict जारी है
  • ceasefire talks stalled हैं
  • Gulf region में instability बनी हुई है

Middle East में लगातार military activities और drone warfare incidents बढ़ने से regional security concerns और गहरे हो गए हैं।


🚁 Drone Warfare को लेकर बढ़ी चिंता

Experts का कहना है कि modern conflicts में drones:

  • low-cost लेकिन highly dangerous weapons बन चुके हैं
  • critical infrastructure को target कर सकते हैं
  • traditional defense systems को challenge कर रहे हैं

Nuclear sites के पास drone activity को international security experts बेहद sensitive मानते हैं।


💸 Global Economy और Oil Market पर असर की आशंका

विशेषज्ञों के अनुसार अगर Gulf tensions और बढ़ते हैं तो:

  • oil prices में तेजी आ सकती है
  • shipping routes प्रभावित हो सकते हैं
  • Strait of Hormuz security risk बढ़ सकता है
  • global trade पर असर पड़ सकता है

Middle East global oil supply chain का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।


🏥 Nuclear Safety पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर international level पर nuclear safety systems और critical infrastructure protection पर चर्चा शुरू हो गई है।

Experts का कहना है कि:

  • nuclear facilities को drone attacks से बचाना नई चुनौती बनता जा रहा है
  • cyber और aerial threats लगातार बढ़ रहे हैं
  • future warfare में infrastructure security सबसे बड़ा concern बन सकती है

📌 मुख्य तथ्य एक नजर में

Point Information
Country UAE
Place Barakah Nuclear Power Plant
Region Al Dhafra
Incident Drone strike + generator fire
Drones 3
Intercepted 2
Damage Electrical generator area fire
Radiation Leak None
Reactor Status Safe
Suspected Angle Iran / proxy suspicion
IAEA Status Radiation normal
Date 17 मई 2026





तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 :  TVK प्रमुख थलापति विजय ने दर्ज की बड़ी जीत

04 मई 2026

अपनी फिल्‍मों के बाद चेन्‍नई के सुपरस्‍टार थलापति विजय ने राजनीति के मैदान में भी अपना झंडा गाड़ दिया है. राजनीति के तमाम धुरंधरों को सियासी धूल चलाटे हुए वह तमिलनाडु की जनता की पहली पसंद बन गए हैं. जी हां, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सभी कौ चौंकाते हुए टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने बड़ी जीत दर्ज की है. 234 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु में फिलहाल टीवीके पार्टी 110 सीटों पर आगे चल रहे हैं.

हालांकि वह बहुत के जादुई आंकडे 118 से थोड़ा दूर हैं. बावजूद इसके यह तय माना जा रहा है कि तमिलनाडु के अगले मुख्‍यमंत्री थलापति विजय भी होंगे. वहीं, इस बड़ी जीत पर थलापति विजय के पिता एस चंद्रशेखर ने कहा है कि निश्चित रूप से थलापति विजय तमिलनाडु में एक बड़ा बदलाव लाएंगे. उन्‍होंने कहा कि टीवीके इस समय राज्य की कुल 234 सीटों में से 110 सीटों पर आगे चल रही है.

30 सालों से सोच रहे थे कि…
टीवीके प्रमुख विजय के पिता एसए चंद्रशेखर कहते हैं कि पिछले 30 सालों से विजय सोच रहे थे कि उन्हें समाज के लिए, तमिल लोगों के लिए कुछ करना है. यह बात उनके मन में थी. उन्होंने धीरे-धीरे इन चीजों को विकसित किया. आज वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. तमिल लोगों ने उन्हें सिर्फ नेता के तौर पर ही प्यार नहीं दिया. हर महिला उन्हें अपना बेटा मानती है. युवा लोग उन्हें अपना भाई मानते हैं. हर कोई उन्हें ‘अन्ना’ कहकर बुलाता है.

 

सबने बेटे से बढ़कर दिया प्‍यार
उन्‍होंने कहा कि ‘अन्ना’ का मतलब होता है भाई. बुजुर्ग महिलाएं उन्हें अपना बेटा मानती हैं. कुछ 60 साल की महिलाएं तो उन्हें अपना पोता मानती हैं. उन्होंने जनता और अपने बीच ऐसा ही रिश्ता बनाया है. वहीं, टीवीके प्रमुख विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि पार्टी राज्य की कुल 234 सीटों में से 110 सीटों पर आगे चल रही है. विजय की मां को लेकर एसए चंद्रशेखर ने कहा कि वह सिर्फ उनकी मां ही नहीं हैं, बिल्‍क सबसे बड़ी प्रशंसक हैं. वह बहुत खुश हैं.

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तमिलनाडु में भाषा विवाद तेज: ‘हिंदी थोपने’ के विरोध में स्टेशन नामों पर काली स्याही, बोले- तमिल हमारी पहचान

चेन्नई। 17 अप्रैल 2026

तमिलनाडु में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद गहरा गया है। राज्य के कई हिस्सों में रेलवे स्टेशनों पर हिंदी में लिखे नामों पर काली स्याही पोतने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “हिंदी हम पर बोझ है, तमिल हमारी मां है” और किसी भी तरह की भाषा थोपने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है, जब केंद्र सरकार पर दक्षिण भारत में हिंदी को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल संगठनों और स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि वे अपनी मातृभाषा तमिल को अपनी पहचान मानते हैं और उस पर किसी अन्य भाषा को थोपे जाने का विरोध करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि “जो हिंदी थोपेगा, तमिलनाडु उसे रिजेक्ट करेगा।” उनका कहना है कि राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कई जगहों पर पोस्टर और नारेबाजी के जरिए भी इस विरोध को जताया गया।

भाषा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम लंबे समय से हिंदी थोपने के खिलाफ अपनी स्पष्ट राय रखती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भारत एक बहुभाषी देश है और किसी एक भाषा को थोपना संघीय ढांचे के खिलाफ है।

वहीं, केंद्र सरकार की ओर से बार-बार कहा गया है कि हिंदी को बढ़ावा देने का उद्देश्य अन्य भाषाओं को कमजोर करना नहीं, बल्कि देश में संवाद को आसान बनाना है। हालांकि, विपक्षी दल इसे सांस्कृतिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद नया नहीं है। तमिलनाडु में भाषा और पहचान का मुद्दा ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील रहा है। 1960 के दशक में भी हिंदी विरोधी आंदोलन ने बड़ा रूप लिया था, जिसके बाद केंद्र को अपनी भाषा नीति में बदलाव करना पड़ा था।

फिलहाल, स्टेशन नामों पर स्याही पोतने की घटनाओं ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस मुद्दे को कैसे संभालती हैं, ताकि भाषाई विविधता और सामाजिक सौहार्द बना रहे।


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कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹218 महंगा: बढ़ी कीमतों से रेस्टोरेंट और कैटरिंग पर असर

01 अप्रैल 2026

देशभर में एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹218 तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।

नई दरों के अनुसार, चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत सबसे अधिक ₹2246.50 हो गई है। वहीं दिल्ली में अब यह सिलेंडर ₹2078.50 में मिलेगा। अन्य शहरों में भी कीमतों में इसी अनुपात में बढ़ोतरी की गई है, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायों की लागत बढ़ गई है।

इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ेगा। गैस सिलेंडर उनके रोजमर्रा के खर्च का अहम हिस्सा होता है, ऐसे में लागत बढ़ने के कारण वे अब खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पर मजबूर हो सकते हैं। चाय, नाश्ता और थाली जैसे आम उपभोग वाले आइटम महंगे होने की संभावना है।

इसके अलावा, शादियों और बड़े आयोजनों में कैटरिंग सेवाओं की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। कैटरर्स का कहना है कि गैस, सब्जियों और अन्य कच्चे माल की कीमत पहले से ही बढ़ी हुई है, ऐसे में सिलेंडर महंगा होने से कुल लागत और बढ़ जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर आम उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ेगा, क्योंकि खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से घरेलू बजट भी प्रभावित होगा।

हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों को कुछ राहत जरूर मिली है। लेकिन कॉमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतें आने वाले समय में महंगाई को और बढ़ा सकती हैं।


नई दिल्ली | 16 मार्च, 2026

टेक्नोलॉजी दिग्गज गूगल ने अपने अरबों यूजर्स के लिए एक ‘इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट’ जारी किया है। गूगल के अनुसार, क्रोम ब्राउजर में CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 नाम की दो गंभीर सुरक्षा खामियां मिली हैं। इन खामियों की गंभीरता को देखते हुए भारत की नोडल साइबर एजेंसी CERT-In ने भी हाई अलर्ट जारी कर यूजर्स को तुरंत ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी है।

क्या है ये ‘जीरो-डे’ खतरा?

‘जीरो-डे’ का मतलब है कि ऐसी सुरक्षा खामी जिसके बारे में कंपनी को पता चलने से पहले ही हैकर्स ने उसका फायदा उठाना शुरू कर दिया हो।

  • खतरा 1 (CVE-2026-3909): यह क्रोम की ग्राफिक्स लाइब्रेरी (Skia) से जुड़ी समस्या है। इसका फायदा उठाकर हैकर किसी खतरनाक वेबसाइट के जरिए आपके सिस्टम को क्रैश कर सकते हैं।

  • खतरा 2 (CVE-2026-3910): यह क्रोम के जावास्क्रिप्ट इंजन (V8) में पाई गई कमी है। इसके जरिए हमलावर आपके ब्राउजर में हानिकारक कोड चलाकर आपकी संवेदनशील जानकारी (जैसे पासवर्ड और बैंक डिटेल्स) चुरा सकते हैं।

गूगल का इमरजेंसी पैच

खतरे को भांपते हुए गूगल ने महज 48 घंटों के भीतर सुरक्षा पैच जारी कर दिए हैं। विंडोज, मैक (macOS) और लिनक्स यूजर्स के लिए सुरक्षित वर्जन नंबर इस प्रकार हैं:

  • Windows और macOS: वर्जन 146.0.7680.75/76 या इससे ऊपर।

  • Linux: वर्जन 146.0.7680.75 या इससे ऊपर।

सावधान: आपको क्या करना चाहिए?

यदि आप क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, तो सुरक्षा के लिए तुरंत ये कदम उठाएं:

  1. अपने कंप्यूटर पर Chrome खोलें।

  2. ऊपर दाईं ओर दिख रहे तीन डॉट्स (Menu) पर क्लिक करें।

  3. ‘Help’ पर जाएं और फिर ‘About Google Chrome’ पर क्लिक करें।

  4. ब्राउजर अपने आप अपडेट चेक करेगा और डाउनलोड शुरू कर देगा।

  5. अपडेट होने के बाद ‘Relaunch’ बटन पर क्लिक करें ताकि नया वर्जन लागू हो सके।

एक्सपर्ट की राय

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला इतना एडवांस है कि सिर्फ एक गलत वेबसाइट लिंक पर क्लिक करने से आपका पूरा सिस्टम हैकर्स के नियंत्रण में जा सकता है। इसलिए, जब तक आप अपडेट न कर लें, किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट को खोलने से बचें।


मानहानि केस में राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे: अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा 8 साल पुराना मामला

सुलतानपुर | 20  फरवरी 2026


राहुल गांधी गुरुवार सुबह मानहानि के एक पुराने मामले में पेश होने के लिए लखनऊ पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। वे सुबह करीब 9:30 बजे दिल्ली से उड़ान लेकर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, हालांकि मीडिया से बातचीत किए बिना वे सीधे वाहन में बैठकर आगे बढ़ गए।

यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इसी बयान के खिलाफ सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

मामले की सुनवाई कर रही MP/MLA कोर्ट ने पहले राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। अदालत ने 19 जनवरी को उनके वकील काशी शुक्ला को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह अंतिम अवसर है, इसके बाद अनुपस्थित रहने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसी आदेश के अनुपालन में राहुल गांधी आज कोर्ट में बयान दर्ज कराने पहुंचे।

इधर कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थन में पोस्टर लगाए गए, जिनमें उनकी तस्वीर के साथ “सत्यमेव जयते” लिखा हुआ दिखाई दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनवाई राहुल गांधी के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि अदालत में दर्ज बयान और आगे की कार्यवाही मामले की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें कोर्ट की कार्रवाई और अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।



भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत के लिए खुला 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाज़ार, आज से 18% टैरिफ लागू
नई दिल्ली | 07 फरवरी 2026

30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाज़ार भारत के लिए खुलेगा
, जिससे भारतीय कंपनियों को अमेरिका में कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा।

भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का आयात करेगा, जिसमें टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एनर्जी और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स शामिल हो सकते हैं।

भारत पर 18% टैरिफ आज से लागू, जिससे भारतीय निर्यात थोड़े महंगे हो सकते हैं।

रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया गया, जो भारत के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर को कोई रियायत नहीं, भारत ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में छूट देने से इनकार किया।

इंटरिम डील सिर्फ एक फ्रेमवर्क, फाइनल एग्रीमेंट पर अभी बातचीत जारी रहेगी।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा, खासकर आईटी और फार्मा सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद।

अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश के नए अवसर, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक इंडस्ट्री में।

द्विपक्षीय व्यापार संतुलन सुधारने की कोशिश, दोनों देश व्यापार घाटा कम करना चाहते हैं।

भू-राजनीतिक संकेत भी अहम, यह डील भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करती है।

A composite image featuring Donald Trump and Narendra Modi side-by-side against a background of the United States and Indian national flags merged together.

 

 



नई दिल्ली | मंगलवार, 20 जनवरी 2026

भारतीय राजनीति के केंद्र बिंदु और दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में शुमार नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014, 2019 और फिर 2024 में लगातार जीत दर्ज कर राजनीति में एक नया मानदंड स्थापित किया है।

ताज़ा अपडेट (20 जनवरी 2026): “नितिन नबीन मेरे बॉस हैं”

आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक ऐतिहासिक क्षण देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण समारोह में शिरकत की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर अपनी सादगी और सांगठनिक निष्ठा का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी के भीतर नितिन नबीन जी मेरे ‘बॉस’ हैं और मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूँ।” इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भाजपा की ‘कार्यकर्ता-प्रधान’ संस्कृति की चर्चा छेड़ दी है।

पीएम मोदी का सफरनामा: मुख्य पड़ाव

  • जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर (मेहसाणा, गुजरात)।

  • शुरुआत: 8 साल की उम्र में RSS से परिचय, 1970 के दशक में पूर्णकालिक प्रचारक बने।

  • गुजरात के मुख्यमंत्री: 2001 से 2014 तक लगातार गुजरात की कमान संभाली और ‘गुजरात मॉडल’ से देश का ध्यान खींचा।

  • ऐतिहासिक बहुमत: 2014 में पहली बार वाराणसी से सांसद चुनकर आए और 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी को अकेले पूर्ण बहुमत दिलाया।

तीसरा कार्यकाल और उपलब्धियां

2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी ने सत्ता की हैट्रिक लगाई। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर छुए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-मध्य पूर्व व्यापार संबंधों को मजबूती दी गई।

  • युवा शक्ति और स्टार्टअप: स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर पीएम ने देश को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने का श्रेय युवाओं के ‘रिस्क’ लेने की क्षमता को दिया।

  • आर्थिक लक्ष्य: 2026 तक भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्सटाइल सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनने की ओर कदम बढ़ाए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने हाथों में तिरंगा लहराते हुए चिनाब ब्रिज पर कदमताल किया। पीएम मोदी का यह अंदाज देखने लायक था। उद्घाटन के बाद वे हाथों में तिरंगा लेकर उसे लहराते हुए सधे हुए कदमों से चिनाब ब्रिज पर वॉक करने लगे। पीएम मोदी के इस कदमताल के काफी मायने हैं। सबसे पहले तो भारत ने दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज बनाकर सफलता का झंडा गाड़ा वहीं उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी एक तरह से यह दिखा दिया कि हिंदुस्तान तरक्की के किस रास्ते पर चल रहा है और पाकिस्तान किस ओर जा रहा है।

दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज का किया उद्घाटन

चिनाब पुल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बने भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निकट स्थित ‘व्यू प्वाइंट’ पर पहुंचे और उन्हें इस परियोजना के बारे में जानकारी दी गई जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल द्वारा जोड़ने के लिए अहम है। 

 एफिल टॉवर से भी ऊंचा है यह ब्रिज!

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ इस ब्रिज के पास स्थापित रेलवे संग्रहालय का दौरा किया। प्रधानमंत्री ‘व्यू प्वाइंट’ तक गए और उन्हें नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इंजीनियरिंग के उत्कृष्ट नमूने के तौर पर चिनाब पुल के बारे में जानकारी दी गई। यह पुल पेरिस स्थित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। 

इंजीनियरों और श्रमिकों से की बातचीत, बढ़ाया हौंसला

प्रधानमंत्री को संग्रहालय में इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ बातचीत करते भी देखा गया। यह संग्रहालय रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे मेहराब वाले रेलवे पुल का हिस्सा है। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब रेलवे पुल और अंजी नदी पर भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का उद्घाटन किया।

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