बिलासपुर | 8 जुलाई 2026
भाखड़ा बांध परियोजना से विस्थापित हुए हिमाचल प्रदेश के परिवारों को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिली है। हरियाणा सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया के तहत पात्र विस्थापित परिवारों को आवासीय प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। वर्षों से लंबित इस मुद्दे पर हुई प्रगति को प्रभावित परिवारों ने महत्वपूर्ण कदम बताया है।
भाखड़ा बांध के निर्माण के दौरान बिलासपुर क्षेत्र के सैकड़ों गांव जलाशय में समा गए थे, जिसके कारण हजारों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। पुनर्वास के लिए विभिन्न राज्यों में भूमि और आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बड़ी संख्या में परिवार लंबे समय से पूर्ण पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे थे।
ताजा निर्णय के तहत हरियाणा में चिन्हित क्षेत्र में पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आवंटन पूरी तरह पात्रता और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर किया गया है। इसके साथ ही जिन मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया शेष है, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की बात कही गई है।
विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह दशकों पुराने संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है। हालांकि उन्होंने यह भी मांग की कि जिन परिवारों को अभी तक पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द राहत दी जाए और पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास से जुड़े शेष मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों के लंबित दावों का शीघ्र निस्तारण किया जाए ताकि सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ मिल सके।
भाखड़ा बांध परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक मानी जाती है, लेकिन इसके निर्माण से बड़ी संख्या में परिवारों का विस्थापन भी हुआ था। पुनर्वास का यह मुद्दा कई दशकों से विभिन्न राज्यों और सरकारों के बीच चर्चा का विषय रहा है।

Indian Railways का बड़ा फैसला, 21 कोच वाली समर स्पेशल ट्रेन आज होगी रवाना
नई दिल्ली | 26 जून 2026
गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने उधमपुर से खड़गपुर के बीच एक पूरी तरह आरक्षित (Fully Reserved) समर स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह विशेष ट्रेन आज (26 जून) शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन, उधमपुर से रवाना होगी और जम्मू क्षेत्र को पूर्वी भारत से बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।
नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू मंडल के अनुसार, यह 21 कोचों वाली स्पेशल ट्रेन यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के दौरान जम्मू क्षेत्र से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में इस विशेष ट्रेन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में राहत मिलेगी।
रेलवे के अनुसार, समर स्पेशल ट्रेन 26 जून को रात 9:30 बजे उधमपुर से रवाना होगी और लगभग 39 घंटे की यात्रा पूरी करते हुए 28 जून को दोपहर 12:30 बजे खड़गपुर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान ट्रेन कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ठहरेगी, जिससे विभिन्न राज्यों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
- उधमपुर
- जम्मू तवी
- पठानकोट कैंट
- जालंधर कैंट
- लुधियाना जंक्शन
- अंबाला कैंट
- सहारनपुर
- मुरादाबाद
- बरेली
- सुल्तानपुर जंक्शन
- वाराणसी
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन
- गया जंक्शन
- कोडरमा
- गोमो
- आद्रा
- बांकुरा
- मिदनापुर
- खड़गपुर
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेडशीट और लिनन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की तैयारी पहले से कर लें और टिकट अग्रिम रूप से बुक कराएं।
रेलवे का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ती है तो आवश्यकता के अनुसार अन्य विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया जा सकता है। इस समर स्पेशल ट्रेन से जम्मू क्षेत्र और पूर्वी भारत के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

AI जॉब मार्केट में बदला ट्रेंड, कंपनियां मांग रहीं लाइव प्रोजेक्ट्स
नई दिल्ली,17 जून 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग के बीच एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में उपलब्ध लगभग 70 प्रतिशत फास्ट-ट्रैक AI कोर्स छात्रों को वास्तविक रोजगार दिलाने में असफल साबित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सर्टिफिकेट या कुछ हफ्तों के ऑनलाइन कोर्स अब नौकरी की गारंटी नहीं देते। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिन्होंने वास्तविक समस्याओं पर काम करते हुए अपने AI प्रोजेक्ट्स को सार्वजनिक रूप से डिप्लॉय किया हो और जिनका कार्य ऑनलाइन पोर्टफोलियो के रूप में उपलब्ध हो।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भर्ती करने वाली कंपनियां अब GitHub रिपॉजिटरी, लाइव वेब एप्लिकेशन, मॉडल डिप्लॉयमेंट, API इंटीग्रेशन और वास्तविक उपयोगकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे प्रोजेक्ट्स को अधिक महत्व दे रही हैं। केवल थ्योरी आधारित सर्टिफिकेट या रिकॉर्डेड वीडियो कोर्स उम्मीदवारों को प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार में बढ़त दिलाने में सक्षम नहीं हैं।
करियर विशेषज्ञों का मानना है कि AI क्षेत्र में सफल होने के लिए छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव, ओपन-सोर्स योगदान और वास्तविक प्रोजेक्ट निर्माण पर अधिक ध्यान देना चाहिए। आने वाले समय में AI भर्ती प्रक्रिया में पोर्टफोलियो और स्किल-आधारित मूल्यांकन की भूमिका और भी बढ़ सकती है।

142 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा, कई राज्यों में ED की रेड
नई दिल्ली | 8 जून 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई राज्यों में छापेमारी की है। जांच में करीब 142 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आने के बाद एजेंसी ने मामले की जांच तेज कर दी है। यह कार्रवाई देश में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ मानी जा रही है, जिसके तार म्यांमार से लेकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक जुड़े बताए जा रहे हैं।
ED के अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क म्यांमार से नशीले पदार्थों की तस्करी कर उन्हें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाता था। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए कई बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और जटिल वित्तीय लेनदेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसी अब इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
कई राज्यों में एक साथ छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, ED ने मिजोरम, त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और संगठनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई संदिग्ध खातों और संपत्तियों की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ड्रग्स कारोबार से होने वाली कमाई को विभिन्न माध्यमों से घुमाकर वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की जा रही थी।
म्यांमार से संचालित हो रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों का कहना है कि म्यांमार के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन, हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स भारत में भेजी जा रही थीं। पूर्वोत्तर राज्यों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उपयोग कर तस्कर इन नशीले पदार्थों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाते थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, म्यांमार और भारत की सीमा लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र से मेथामफेटामाइन और हेरोइन की तस्करी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खेल
ED की जांच में सामने आया है कि ड्रग्स तस्करी से प्राप्त धन को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे कई स्तरों पर घुमाया जाता था। इसके लिए फर्जी कंपनियां बनाई गईं, अलग-अलग बैंक खातों का उपयोग किया गया और कई वित्तीय लेनदेन को वैध व्यापारिक गतिविधियों का रूप दिया गया।
एजेंसी को संदेह है कि इस नेटवर्क में कुछ कारोबारी, वित्तीय एजेंट और अन्य सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं। जांच का दायरा बढ़ाते हुए ED अब उन लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जिन्होंने इस धन को छिपाने या निवेश करने में मदद की।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पूर्वोत्तर भारत में ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई बड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सीमा सुरक्षा बल (BSF), असम राइफल्स और अन्य एजेंसियां लगातार संयुक्त अभियान चलाकर नशीले पदार्थों की खेप जब्त करती रही हैं।
हालांकि, इस मामले की खास बात यह है कि जांच केवल ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे तंत्र को भी उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
आगे और हो सकती हैं गिरफ्तारियां
ED अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद नए नाम सामने आने की संभावना है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। ड्रग्स कारोबार से होने वाली अवैध कमाई का इस्तेमाल कई बार अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता है। ऐसे में इस नेटवर्क का भंडाफोड़ सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
फिलहाल ED, NCB और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा चुनाव 2026 : पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत
04 मई 2026
श्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 195 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है जो बहुमत के 148 के आंकड़े से कहीं आगे है. इसके साथ ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी (TMC+) को करारी हार का सामना करना पड़ा है जो महज 92 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर बंगाल में सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेने के लिए न्यूनतम कितनी सीटें चाहिए. दरअसल, सरकार बनाने के लिए बंगाल की कुल 293 सीटों में से 147 की जरूरत थी. बीजेपी इस नंबर से कहीं आगे नजर आ रही है.
बंगाल के चुनावी नतीजों के अनुसार भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले अबतक के रुझानों को देखते हुए करीब 118 सीटों का विशाल फायदा अपने नाम किया है, जबकि टीएमसी को 122 सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
बहुमत का आंकड़ा: राज्य विधानसभा की कुल सीटों में से आधे से एक अधिक (50% + 1) सीट जीतना अनिवार्य है, जिसे जादुई आंकड़ा कहा जाता है. बंगाल में कुल 293 विधानसभा सीटें हैं। इसकी 50 प्रतिशत 146 से अधिक होती है. इसमें एक सीट जोड़ते हुए यह नंबर 147 होता है.
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राजस्थान पशु परिचर भर्ती 2026 में बड़ा अपडेट: RSSB ने जारी की तीसरी मेरिट लिस्ट, बचे हुए पदों को भरने के लिए revised सूची जारी, अब अंतिम चयन की प्रक्रिया तेज
30 अप्रैल, 2026
📢 सबसे बड़ी खबर
Rajasthan Staff Selection Board (RSSB) ने पशु परिचर (Animal Attendant) भर्ती 2026 की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।
👉 यह सूची 30 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से जारी की गई है।
📋 तीसरी मेरिट लिस्ट क्यों जारी की गई?
यह एक revised / additional merit list है, जिसे भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जारी किया गया है।
👉 इसमें उन उम्मीदवारों को शामिल किया गया है:
- जिन पदों पर पहले चयन नहीं हो पाया था
- या document verification के बाद बदलाव हुए
👉 यानी खाली रह गई सीटों को भरने के लिए यह लिस्ट जारी की गई है
👨🎓 मेरिट लिस्ट में क्या होता है?
इस तीसरी मेरिट लिस्ट में:
- चयनित उम्मीदवारों के roll numbers शामिल होते हैं
- यह लिस्ट PDF format में जारी की जाती है
👉 जिन उम्मीदवारों का नाम या रोल नंबर इसमें है:
- उन्हें अगले चरण (Final Selection / Document Verification) के लिए माना जाएगा
🕒 पूरी भर्ती की टाइमलाइन (महत्वपूर्ण जानकारी)
इस भर्ती प्रक्रिया को समझना जरूरी है:
- 🟢 आवेदन: 19 जनवरी – 17 फरवरी 2026
- 📝 परीक्षा: 1–3 दिसंबर 2024
- 📄 Answer Key: 24 जनवरी 2025
- 📊 Initial Result: 4 अप्रैल 2025
- 🥇 First Merit List: 7 अगस्त 2025
- 🥈 Second Merit List: 3 दिसंबर 2025
- 🥉 Third Merit List: 30 अप्रैल 2026
👉 इससे साफ है कि यह भर्ती प्रक्रिया काफी लंबी चली और अब अंतिम चरण में पहुंच गई है
🌐 रिजल्ट कैसे चेक करें?
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं:
- RSSB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- “Results” या “Candidate Corner” सेक्शन पर क्लिक करें
- “Pashu Parichar 3rd Merit List” लिंक खोलें
- PDF डाउनलोड करें
- Ctrl + F दबाकर अपना रोल नंबर सर्च करें
🧾 भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- यह भर्ती राजस्थान के पशुपालन विभाग के लिए है
- कुल पदों की संख्या: लगभग 6000+ (करीब 6433 पद)
- यह नौकरी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र और पशुपालन (livestock) सेक्टर से जुड़ी है
🎯 उम्मीदवारों के लिए क्या मतलब है?
👉 अगर आपका नाम इस लिस्ट में है:
- आप चयन के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं
- आगे की प्रक्रिया:
- Document Verification
- Final Appointment
👉 अगर नाम नहीं है:
- अब चयन की संभावना बहुत कम रह जाती है
- क्योंकि यह तीसरी और अंतिम मेरिट लिस्ट मानी जा रही है
📊 महत्वपूर्ण समझ (Exam Point of View)
यह भर्ती प्रक्रिया यह दर्शाती है कि:
👉 चयन कई चरणों में होता है
👉 सभी पदों को भरने के लिए multiple merit lists जारी की जाती हैं
👉 प्रतियोगिता का स्तर बहुत अधिक होता है (लाखों उम्मीदवार)
🔥 Final Quick Summary
👉 राजस्थान पशु परिचर भर्ती की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी 🚨
👉 30 अप्रैल 2026 को RSSB ने जारी की लिस्ट
👉 जिनका नाम है, वो final selection के करीब 🎯
👉 अगला स्टेप – Document Verification
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रिजिजू का बयान: देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, हालात पूरी तरह नियंत्रण में
नई दिल्ली | 27 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके संभावित प्रभावों के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत देने वाला बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
संसद के बाहर दिया बयान
किरण रिजिजू ने संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है, हालात काबू में हैं और देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।”
पीएम मोदी खुद कर रहे निगरानी
रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूदा हालात की निगरानी कर रहे हैं और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
लोकसभा में भी दिया गया भरोसा
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में भी कहा था कि जैसे देश ने कोविड-19 महामारी का सफलतापूर्वक सामना किया था, उसी तरह मौजूदा संकट से भी निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
‘टीम इंडिया’ के तहत समन्वय
सरकार केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल के लिए ‘टीम इंडिया’ की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
आम जनजीवन सामान्य
सरकार के अनुसार, देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाएं सामान्य हैं, और आम जनजीवन पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
इजराइल-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान और कश्मीर में उग्र प्रदर्शन: कई जगह हिंसा, कराची में 23 की मौत; जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात
02 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन कई देशों में हिंसक रूप ले रहे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और उसके उत्तरी क्षेत्रों में सोमवार को हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जबकि भारत के जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में एहतियातन सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
PoK में प्रदर्शन हिंसक, सरकारी इमारतों में आग
गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने उग्र होकर संयुक्त राष्ट्र से जुड़े दफ्तरों को निशाना बनाया। बताया गया कि स्थानीय संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम कार्यालय सहित कई परिसरों में आगजनी की गई। इसके अलावा स्कार्दू में एसपी ऑफिस और अन्य सरकारी भवनों में भी तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों की फायरिंग में कम से कम 7 लोगों की मौत और 12 से अधिक के घायल होने की खबर है। प्रशासन ने अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है और पूरे इलाके में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
कराची में दूतावास के बाहर हिंसा, 23 की मौत
रविवार को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद अंदर से गोलीबारी की गई। अब तक 23 लोगों की मौत और 10 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। यह प्रदर्शन इमामिया छात्र संगठन के बैनर तले किया गया था।
भारत में भी असर, कश्मीर में सुरक्षा कड़ी
घटनाक्रम का असर भारत में भी देखा गया। शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते कई संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजधानी श्रीनगर के प्रमुख इलाके लाल चौक पर बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं तथा हालात कर्फ्यू जैसे बताए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल-ईरान टकराव की पृष्ठभूमि में यह विरोध प्रदर्शन व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का संकेत हैं। यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
प्रशासनिक एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों से अफवाहों से बचने तथा शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े AI इवेंट की शुरुआत, 300+ कंपनियां दिखा रहीं भविष्य की तकनीक
नई दिल्ली |16 फरवरी 2026
देश की राजधानी नई दिल्ली में रविवार से दुनिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आयोजनों में शामिल ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ की शुरुआत हो गई है। यह भव्य टेक्नोलॉजी इवेंट भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है और 20 फरवरी तक चलेगा। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
इस समिट के साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर की 300 से अधिक टेक कंपनियां अपने नवीनतम AI प्रोडक्ट्स, सॉल्यूशंस और भविष्य की तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, स्टार्टअप्स, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों को यह दिखाना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वास्तविक जीवन में किस तरह काम करता है और आने वाले वर्षों में यह किन क्षेत्रों को पूरी तरह बदल सकता है।
आयोजकों के अनुसार इस साल समिट का विशेष फोकस कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सेक्टर पर रखा गया है। कई कंपनियां स्मार्ट खेती के लिए AI-आधारित सेंसर और डेटा एनालिटिक्स मॉडल प्रस्तुत कर रही हैं, जो मौसम, मिट्टी और फसल की स्थिति का विश्लेषण कर किसानों को सही सलाह देंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स और रोबोटिक सर्जरी तकनीक का प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि शिक्षा सेक्टर में पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म और वर्चुअल टीचिंग असिस्टेंट आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
समिट में नीति-निर्माताओं, टेक विशेषज्ञों, निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच कई हाई-लेवल पैनल चर्चाएं भी आयोजित होंगी, जिनमें AI के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा, रोजगार पर प्रभाव और भारत को वैश्विक AI हब बनाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। साथ ही इससे घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम को निवेश, साझेदारी और वैश्विक पहचान मिलने की संभावना भी बढ़ती है।

भारतीय सेना दिवस’— अदम्य साहस और बलिदान की दास्तां
आज पूरा भारत 78वां सेना दिवस (Army Day) मना रहा है। यह दिन उन वीर जवानों को समर्पित है जो बर्फीली चोटियों से लेकर तपते रेगिस्तान तक देश की सरहदों की रक्षा करते हैं। आज ही के दिन भारतीय सेना को अपना पहला भारतीय ‘कमांडर-इन-चीफ’ मिला था।
1. 15 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं?
यह तारीख बहुत ऐतिहासिक है। 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने ब्रिटिश जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। उस दिन करियप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ बने थे। इसी जीत और सम्मान की याद में हर साल ‘सेना दिवस’ मनाया जाता है।
2. दुनिया की सबसे ऊँची जंग की जगह
भारतीय सेना दुनिया की सबसे ऊँची और ठंडी युद्धभूमि ‘सियाचिन ग्लेशियर’ की रक्षा करती है। यह समुद्र तल से लगभग 5000 मीटर से भी ज्यादा ऊँचाई पर है, जहाँ तापमान -50°C तक चला जाता है। यहाँ रहना ही अपने आप में एक मिसाल है।
3. ‘सेवा परमो धर्म:’
भारतीय सेना का आदर्श वाक्य (Motto) है— “सेवा परमो धर्म:”। इसका मतलब है ‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’। चाहे सरहद पर दुश्मन से लड़ना हो या देश में बाढ़-भूकंप जैसी मुसीबत आना, हमारी सेना सबसे पहले मदद के लिए पहुँचती है।
4. जंगल में लड़ने के एक्सपर्ट
क्या आप जानते हैं? भारतीय सेना को ‘जंगल वॉरफेयर’ (जंगलों में लड़ाई) में दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना माना जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन और रूस जैसे बड़े देशों के सैनिक भी भारत के मिजोरम में स्थित ‘काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल’ में ट्रेनिंग लेने आते हैं।
5. बिना भेदभाव की सेवा
भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए जाति, धर्म या क्षेत्र का कोई कोटा नहीं होता। यहाँ सिर्फ काबिलियत और देशप्रेम देखा जाता है। सेना में सब बराबर हैं और सबका एक ही मकसद है— तिरंगे की शान
MP में 18 हजार स्क्वेयर फीट में बन रही विश्व की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद जी की 3-डी रंगोली
मध्यप्रदेश के विकास में युवाओं की व्यापक क्षमताओं का उपयोग करने के उद्देश्य से डिजाइन किये गए इस मिशन का नामकरण युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 जनवरी यानि की युवा दिवस के शुभ अवसर से प्रदेश व्यापी स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन शुभारंभ करने जा रहे हैं।
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को मिशन के रूप में लागू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्येय मंत्र GYAN पर ध्यान (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण पर रहा है। उनके सशक्त एवं विजनरी नेतृत्व में प्रदेश सरकार का विशेष फोकस युवाओं के सशक्तिकरण पर है।
मुख्यमंत्री यादव लॉन्च करेंगे प्रदेश व्यापी युवा शक्ति मिशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के ध्येय मंत्र को धरातल पर लाने के उद्देश्य से प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित कर उनकी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देने के लिये “स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन” प्रारंभ किया जा रहा है।
18 हजार स्क्वेयर फीट में बन रही, विश्व की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद जी की 3-डी रंगोली
- युवा शक्ति मिशन युवाओं के लिए तो विशेष है ही यह मध्यप्रदेश को भी गौरवांवित करने वाला है। इस दिन मध्य प्रदेश के नाम एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने जा रहा है।
- स्वामी विवेकानंद जयंती यानी 12 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं के लिए मिशन लॉन्च करेंगे, इसके साथ ही भोपाल के शौर्य स्मारक में विश्व की सबसे बड़ी 3-D रंगोली भी आकर्षण का केंद्र होगी।
- स्वामी विवेकानंद जी की यह रंगोली 18 हजार स्क्वेयर फीट में बनाई जा रही है। इसका आकार 225X80 है। इसे बनाने में 4 हजार किलो रंगों का इस्तेमाल किया गया है।
- रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी दिखाई देंगे।
- इस रंगोली को बनवाने के पीछे सीएम डॉ. यादव का उद्देश्य युवाओं को हर प्रकार से प्रेरित करना है। वे इस रंगोली से युवाओं को संवाद, सामर्थ्य और समृद्धि का संदेश देंगे।
इंदौर की शिखा और उनकी टीम बना रही रंगोली
- इस 3-डी रंगोली को बनाने में 48 घंटे का समय लगा है, इस रंगोली को इंदौर की जानी-मानी कलाकार शिखा शर्मा जोशी और उनकी टीम तैयार कर रही है।
- शिखा शर्मा देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की ब्रांड एंबेसेडर हैं। वे नेपाल और थाईलैंड में उत्कृष्टता पुरस्कार जीत चुकी हैं।
- जयपुर के इंटरनेशनल यूथ फेस्टिवल में भी उन्हें गोल्ड मेडल मिला था।
- शिखा दसवीं क्लास से बच्चों को कला सिखा रही हैं. वे विश्व के करीब 70 हजार बच्चों को कला सिखा चुकी हैं। इन्हें रंगोली क्वीन के नाम से जाना जाता है।






