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कर्तव्य पथ नहीं जा सके तो क्या हुआ, इन 5 जगहों पर मनाएं गणतंत्र दिवस का जश्न

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नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026

गणतंत्र दिवस के मौके पर हर भारतीय का मन परेड देखने और तिरंगे के शान में शरीक होने का होता है। लेकिन सुरक्षा और सीमित सीटों की वजह से हर कोई कर्तव्य पथ (राजपथ) नहीं पहुँच पाता। अगर आपके पास परेड का टिकट या पास नहीं है, तो दिल्ली की इन ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों पर आप परिवार के साथ जश्न मना सकते हैं:

1. नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक)

कर्तव्य पथ के पास स्थित यह स्मारक देश के शहीदों को समर्पित है। यहाँ की अमर चक्र ज्योति और शहीदों के नाम वाली दीवारें आपको गर्व से भर देंगी। शाम के समय यहाँ का नजारा और भी भव्य होता है।

2. इंडिया गेट और कर्तव्य पथ का भ्रमण

भले ही परेड के दौरान एंट्री सीमित हो, लेकिन परेड खत्म होने के बाद और शाम के समय इंडिया गेट का पूरा इलाका तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठता है। यहाँ की लाइटिंग और फव्वारे देखने लायक होते हैं।

3. लाल किला (Red Fort)

आजादी का प्रतीक लाल किला गणतंत्र दिवस पर विशेष महत्व रखता है। यहाँ न केवल आप इतिहास को करीब से देख सकते हैं, बल्कि शाम को होने वाला ‘लाइट एंड साउंड शो’ देशभक्ति के जज्बे को दोगुना कर देता है।

4. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to Wonder Park)

सराय काले खां स्थित इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां कबाड़ (वेस्ट) से बनाई गई हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर यहाँ विशेष सजावट की जाती है, जो बच्चों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहतरीन जगह है।

5. कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क

दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क में लगा विशाल तिरंगा हर किसी को आकर्षित करता है। यहाँ आसपास के शोरूम और रेस्टोरेंट्स में भी उत्सव का माहौल रहता है और कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।


पर्यटकों के लिए विशेष सलाह:

  • मेट्रो का उपयोग करें: सुरक्षा कारणों से कई रास्तों पर डायवर्जन हो सकता है, इसलिए दिल्ली मेट्रो सफर के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

  • समय का ध्यान रखें: भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या दोपहर के बाद निकलना बेहतर होगा।

  • आईडी कार्ड साथ रखें: सुरक्षा जांच के लिए अपना पहचान पत्र साथ रखना न भूलें।

निष्कर्ष: गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड देखने का नाम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है। इन जगहों पर जाकर आप न केवल अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं, बल्कि भारतीय होने के गौरव का भी अनुभव कर सकते हैं।


हनीमून के लिए शिलॉन्ग ( Shillong) जाने वाले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi murder case) में पुलिस (Shillong Police) और राजा के परिवार वालों ने जो खुलासे किए हैं, उससे जाहिर होता है कि सोनम ने पहले पूरी प्लानिंग कर राजा को अपने जाल में फंसाया. इससे पता चलता है कि सोनम ने बड़े ही शातिराना तरीके से अपने पति की हत्या की साजिश रची थी.

बताया जाता है कि सोनम का अपने पिता की फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा नामक युवक से अफेयर था. हत्या में राज कुशवाहा के शामिल होने की भी आशंका है. आरोप है कि सोनम रघुवंशी हत्यारों को लगातार अपना लोकेशन शेयर कर रही थी. इसके अलावा, वह राज कुशवाहा से लम्बी बातचीत भी करती थी. अब तक के खुलासे में ये भी सामने आया है कि सोनम ने दो अलग-अलग फोन रखे हुए थी. एक फोन का इस्तेमाल सिर्फ इस षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए कर रही थी.

 

सोनम ने ही बनाया था टूर का प्लान

राजा रघुवंशी की मां के मुताबिक सोनम ने ही टूर का प्लान, फ्लाइट और होटल की व्यवस्था  की थी. इसके बाद वह शादी का पूरा गोल्ड पहन कर हनीमून के लिए शिलॉन्ग निकली थी, तो राजा की मां ने गोल्ड ले जाने पर सवाल भी उठाया था. इसके साथ ही सोनम ने राजा को भी गोल्ड लेकर जाने को मजबूर किया था. राजा भी करीब 10 लाख के गहने के साथ गया था. इस दौरान सोनम ने राजा के साथ बैंक ट्रांजेक्शन भी किए थे. राजा के साथ हेवी बैंक ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं.

 ऐसे हुआ सोनम का ‘राज’फाश !

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इंदौर पुलिस ने सोनम-राजा की कॉल पर फोकस किया. इस दौरान इस बात की जांच की गई कि वह किससे सबसे ज्यादा बात हुई. इस दौरान राज कुशवाहा से सोनम की लंबी बात के प्रमाण मिले. वहीं, मेघालय पुलिस ने CCTV और गाइड पर फोकस किया. इसमें मध्य प्रदेश के ही 3 से 4 लोगों की पहचान की गई. मेघालय पुलिस ने इंदौर पुलिस से जानकारी साझा की. इसी के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तारी शुरू की. साथियों की गिरफ्तारी से सोनम के सभी संपर्क टूट गए.  सोनम के पास आखिरी रास्ता अपना परिवार बचा. लिहाजा, इसी के बाद सोनम ने अपने भाई गोविंद से संपर्क किया और हत्या को हादसे का रूप देने की योजना बनाई.

 

सोनम रविवार की रात 1 बजे आतिशपुर के ढाबे पर अकेले पहुंची. सोनम ने ढाबे के मालिक साहिल यादव से कहा कि भैया घर पर कॉल करना है. उन्होंने अपना मोबाइल दिया, तो सोनम ने अपने भाई गोविंद को कॉल किया. इसके बाद भाई ने फिर ढाबे वाले से बात की और कहा कि ये मेरी बहन सोनम है. इसे कहीं जाने मत देना. मैं पुलिस को सूचना दे रहा हूं. इस बीच ढाबा मालिक भी इस खबर से वाकिफ होने की वजह से उसे पहचान गया. इसके बाद सोनम को रात में ही पुलिस लेकर चली गई.

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