हिमाचल में 8 महीने से CIC-IC पद खाली: 1300 से अधिक अपीलें लंबित, पूर्व सूचना आयुक्त बोले- RTI व्यवस्था हो रही कमजोर
05 मार्च 2026
हिमाचल प्रदेश में पिछले आठ महीनों से चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (IC) के पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर अपीलों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है। राज्य सूचना आयोग में 1300 से अधिक अपीलें लंबित बताई जा रही हैं, जिससे आवेदकों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा।
अपीलों का बढ़ता बोझ
सूत्रों के अनुसार आयोग में नई अपीलें लगातार आ रही हैं, लेकिन प्रमुख पद रिक्त होने के कारण सुनवाई प्रक्रिया ठप पड़ी है। CIC और IC की अनुपस्थिति में द्वितीय अपीलों और शिकायतों का निराकरण संभव नहीं हो पा रहा, जिससे आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
पूर्व सूचना आयुक्त की टिप्पणी
राज्य के पूर्व सूचना आयुक्तों में से एक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि नियुक्तियों में देरी से RTI की भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता से पारदर्शिता और जवाबदेही की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि सूचना आयोग लोकतांत्रिक ढांचे का अहम स्तंभ है और इसे खाली रखना नागरिक अधिकारों के साथ अन्याय है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग के शीर्ष पदों को लंबे समय तक खाली रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि सूचना आयोग की निष्क्रियता से आम लोगों की शिकायतों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।
सरकार की ओर से क्या कहा गया
सरकारी सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के अनुसार चल रही है और जल्द ही नए CIC व IC की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
RTI कानून का महत्व
सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना आयोग के पदों पर समय पर नियुक्ति न होने से इस कानून की प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है।
राज्य में लंबित अपीलों का बढ़ता आंकड़ा प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार कब तक इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति कर लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति देती है।
भारत के हेल्थ सेक्टर में AI की बड़ी छलांग: सुंदर पिचाई ने Google–AIIMS सहयोग की घोषणा की
नई दिल्ली | 18 फरवरी 2026
नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत के हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक अहम घोषणा सामने आई है। सुंदर पिचाई ने बताया कि Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet ने देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल AIIMS के साथ रणनीतिक साझेदारी करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इलाज की प्रक्रिया को तेज, सटीक और अधिक प्रभावी बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग भारत के डिजिटल हेल्थकेयर सिस्टम को नई दिशा दे सकता है।
समिट, जो भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है, में भाग लेने पहुंचे पिचाई ने इस दौरान नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच एआई तकनीक, डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप सहयोग और तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बातचीत में भारत में एआई आधारित समाधान विकसित करने और टेक्नोलॉजी निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
Google–AIIMS साझेदारी के तहत ऐसे उन्नत एआई टूल विकसित किए जाएंगे जो डॉक्टरों को बीमारियों की पहचान, मेडिकल इमेज एनालिसिस, डेटा मैनेजमेंट और उपचार योजना बनाने में सहायता करेंगे। इससे इलाज की सटीकता बढ़ेगी, मरीजों को जल्दी निदान मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। खासतौर पर ग्रामीण और संसाधन-सीमित क्षेत्रों में यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विशाल आबादी वाले देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एआई आधारित समाधान अब अनिवार्य होते जा रहे हैं। इस सहयोग से मेडिकल रिसर्च, क्लिनिकल डेटा विश्लेषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। इसे भारत के हेल्थ-टेक सेक्टर में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भविष्य में वैश्विक स्तर पर भी उदाहरण बन सकता है।

नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस के मौके पर हर भारतीय का मन परेड देखने और तिरंगे के शान में शरीक होने का होता है। लेकिन सुरक्षा और सीमित सीटों की वजह से हर कोई कर्तव्य पथ (राजपथ) नहीं पहुँच पाता। अगर आपके पास परेड का टिकट या पास नहीं है, तो दिल्ली की इन ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों पर आप परिवार के साथ जश्न मना सकते हैं:
1. नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक)
कर्तव्य पथ के पास स्थित यह स्मारक देश के शहीदों को समर्पित है। यहाँ की अमर चक्र ज्योति और शहीदों के नाम वाली दीवारें आपको गर्व से भर देंगी। शाम के समय यहाँ का नजारा और भी भव्य होता है।
2. इंडिया गेट और कर्तव्य पथ का भ्रमण
भले ही परेड के दौरान एंट्री सीमित हो, लेकिन परेड खत्म होने के बाद और शाम के समय इंडिया गेट का पूरा इलाका तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठता है। यहाँ की लाइटिंग और फव्वारे देखने लायक होते हैं।
3. लाल किला (Red Fort)
आजादी का प्रतीक लाल किला गणतंत्र दिवस पर विशेष महत्व रखता है। यहाँ न केवल आप इतिहास को करीब से देख सकते हैं, बल्कि शाम को होने वाला ‘लाइट एंड साउंड शो’ देशभक्ति के जज्बे को दोगुना कर देता है।
4. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to Wonder Park)
सराय काले खां स्थित इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां कबाड़ (वेस्ट) से बनाई गई हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर यहाँ विशेष सजावट की जाती है, जो बच्चों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहतरीन जगह है।
5. कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क
दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क में लगा विशाल तिरंगा हर किसी को आकर्षित करता है। यहाँ आसपास के शोरूम और रेस्टोरेंट्स में भी उत्सव का माहौल रहता है और कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पर्यटकों के लिए विशेष सलाह:
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मेट्रो का उपयोग करें: सुरक्षा कारणों से कई रास्तों पर डायवर्जन हो सकता है, इसलिए दिल्ली मेट्रो सफर के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।
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समय का ध्यान रखें: भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या दोपहर के बाद निकलना बेहतर होगा।
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आईडी कार्ड साथ रखें: सुरक्षा जांच के लिए अपना पहचान पत्र साथ रखना न भूलें।
निष्कर्ष: गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड देखने का नाम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है। इन जगहों पर जाकर आप न केवल अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं, बल्कि भारतीय होने के गौरव का भी अनुभव कर सकते हैं।
हनीमून के लिए शिलॉन्ग ( Shillong) जाने वाले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi murder case) में पुलिस (Shillong Police) और राजा के परिवार वालों ने जो खुलासे किए हैं, उससे जाहिर होता है कि सोनम ने पहले पूरी प्लानिंग कर राजा को अपने जाल में फंसाया. इससे पता चलता है कि सोनम ने बड़े ही शातिराना तरीके से अपने पति की हत्या की साजिश रची थी.
बताया जाता है कि सोनम का अपने पिता की फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा नामक युवक से अफेयर था. हत्या में राज कुशवाहा के शामिल होने की भी आशंका है. आरोप है कि सोनम रघुवंशी हत्यारों को लगातार अपना लोकेशन शेयर कर रही थी. इसके अलावा, वह राज कुशवाहा से लम्बी बातचीत भी करती थी. अब तक के खुलासे में ये भी सामने आया है कि सोनम ने दो अलग-अलग फोन रखे हुए थी. एक फोन का इस्तेमाल सिर्फ इस षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए कर रही थी.
सोनम ने ही बनाया था टूर का प्लान
राजा रघुवंशी की मां के मुताबिक सोनम ने ही टूर का प्लान, फ्लाइट और होटल की व्यवस्था की थी. इसके बाद वह शादी का पूरा गोल्ड पहन कर हनीमून के लिए शिलॉन्ग निकली थी, तो राजा की मां ने गोल्ड ले जाने पर सवाल भी उठाया था. इसके साथ ही सोनम ने राजा को भी गोल्ड लेकर जाने को मजबूर किया था. राजा भी करीब 10 लाख के गहने के साथ गया था. इस दौरान सोनम ने राजा के साथ बैंक ट्रांजेक्शन भी किए थे. राजा के साथ हेवी बैंक ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं.
ऐसे हुआ सोनम का ‘राज’फाश !
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इंदौर पुलिस ने सोनम-राजा की कॉल पर फोकस किया. इस दौरान इस बात की जांच की गई कि वह किससे सबसे ज्यादा बात हुई. इस दौरान राज कुशवाहा से सोनम की लंबी बात के प्रमाण मिले. वहीं, मेघालय पुलिस ने CCTV और गाइड पर फोकस किया. इसमें मध्य प्रदेश के ही 3 से 4 लोगों की पहचान की गई. मेघालय पुलिस ने इंदौर पुलिस से जानकारी साझा की. इसी के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तारी शुरू की. साथियों की गिरफ्तारी से सोनम के सभी संपर्क टूट गए. सोनम के पास आखिरी रास्ता अपना परिवार बचा. लिहाजा, इसी के बाद सोनम ने अपने भाई गोविंद से संपर्क किया और हत्या को हादसे का रूप देने की योजना बनाई.
सोनम रविवार की रात 1 बजे आतिशपुर के ढाबे पर अकेले पहुंची. सोनम ने ढाबे के मालिक साहिल यादव से कहा कि भैया घर पर कॉल करना है. उन्होंने अपना मोबाइल दिया, तो सोनम ने अपने भाई गोविंद को कॉल किया. इसके बाद भाई ने फिर ढाबे वाले से बात की और कहा कि ये मेरी बहन सोनम है. इसे कहीं जाने मत देना. मैं पुलिस को सूचना दे रहा हूं. इस बीच ढाबा मालिक भी इस खबर से वाकिफ होने की वजह से उसे पहचान गया. इसके बाद सोनम को रात में ही पुलिस लेकर चली गई.




