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बेंगलुरु में American Tech Founder Indian Education System देखकर हुआ हैरान

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बेंगलुरु में American Tech Founder Indian Education System देखकर हुआ हैरान

17 मई 2026 | कर्नाटक

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक American tech entrepreneur का reaction video सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जिसमें वह भारतीय छात्रों के exam scores और competition level को देखकर हैरानी जताता दिखाई दिया। American tech founder Tony Klor ने सड़क किनारे लगे toppers board पर छात्रों के marks देखकर कहा कि वह भारत के education system में student के रूप में survive नहीं कर पाता।

यह घटना उस समय हुई जब Tony Klor बेंगलुरु की सड़कों पर लगे परीक्षा परिणामों और toppers boards को देख रहा था। वीडियो में वह छात्रों के marks पढ़ते हुए लगातार shocked reactions देता नजर आया।


📍 कहां हुई घटना?

यह पूरा मामला कर्नाटक के बेंगलुरु शहर का है।
Tony Klor ने सड़क किनारे लगे toppers boards और exam result banners का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें छात्रों के प्रतिशत अंक लिखे हुए थे।


👨‍💻 कौन हैं Tony Klor?

Tony Klor एक American tech entrepreneur और startup founder हैं।
वह Bandit Network नामक platform के founder बताए जाते हैं। India visit के दौरान उन्होंने Bengaluru में यह वीडियो रिकॉर्ड किया।


🎥 वीडियो में क्या दिखाई दिया?

वीडियो में Tony Klor अलग-अलग छात्रों के marks पढ़ते नजर आते हैं। बोर्ड पर कई छात्रों के extremely high percentages लिखे थे, जिनमें:

  • 99.3%
  • 99%
  • 98.3%
  • 97.5%

जैसे अंक शामिल थे।

इन marks को देखकर Tony Klor लगातार surprise reactions देता रहा। वीडियो के दौरान उसने कई comments किए, जिनमें Indian education competition को लेकर आश्चर्य साफ दिखाई दिया।


💬 Tony Klor के Statements

वीडियो में Tony Klor ने कहा:

“I wouldn’t survive India’s exam system.”

इसके अलावा उसने यह भी कहा:

“Even 99% isn’t enough in India.”

और एक अन्य statement में कहा:

“These kids in India are too locked in.”

वीडियो के दौरान उसने मजाकिया अंदाज में कई और टिप्पणियां भी कीं।


😂 वीडियो के कुछ चर्चित Moments

Marks देखकर Tony Klor ने humorous अंदाज में कहा:

“Tanishka, leave a little bit for the homies.”

इसके अलावा उसने marks percentages को देखकर कहा:

“These are like radio stations.”

और math topper को देखकर बोला:

“Obviously he’s a guru at math.”

वीडियो में उसके expressions और लगातार shocked commentary ने लोगों का ध्यान खींचा।


📚 Indian Education System पर फिर शुरू हुई चर्चा

इस घटना के बाद Indian education system, exam pressure और academic competition को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

भारत में बोर्ड परीक्षाओं, entrance exams और college admissions को लेकर competition लगातार बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में top colleges और professional courses में admission के लिए 98%–99% तक marks की आवश्यकता देखी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • students पर लगातार high performance pressure रहता है
  • competitive exams की तैयारी कई वर्षों तक चलती है
  • coaching culture तेजी से बढ़ा है
  • marks और ranks को future success से जोड़कर देखा जाता है

🏫 Coaching Culture और Competitive Pressure

भारत में विशेषकर engineering, medical और government exams के लिए intense preparation culture देखने को मिलता है। कई छात्र:

  • school के साथ coaching भी attend करते हैं
  • daily long study hours follow करते हैं
  • multiple entrance exams की तैयारी करते हैं

Kota, Hyderabad, Delhi, Bengaluru और Pune जैसे शहर major coaching hubs बन चुके हैं।

Academic competition के कारण:

  • students के sleep cycles प्रभावित होते हैं
  • social life कम हो जाती है
  • mental exhaustion और burnout की समस्याएं सामने आती हैं

😢 Students और Parents पर Pressure

कई students ने social media पर अपनी experiences साझा करते हुए बताया कि:

  • high marks के बावजूद satisfaction नहीं मिलता
  • family expectations लगातार बनी रहती हैं
  • top scores के बाद भी desired college मिलना मुश्किल हो सकता है

कुछ छात्रों ने कहा कि:

  • 96% या 97% score करने पर भी comparison किया जाता है
  • marks को self-worth से जोड़ दिया जाता है
  • career uncertainty stress बढ़ाती है

📖 Marks vs Skills Debate

इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा कि:
क्या सिर्फ marks ही success का सही measure हैं?

Education experts का मानना है कि:

  • creativity
  • practical skills
  • communication ability
  • innovation
  • emotional intelligence

भी equally important हैं।

हालांकि भारत में कई जगह अब भी academic marks को सबसे बड़ा achievement माना जाता है।


🧠 Mental Health को लेकर बढ़ती चिंता

Education pressure के कारण students में anxiety, stress और burnout जैसी समस्याओं को लेकर भी लगातार चिंता बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • लगातार comparison harmful हो सकता है
  • failure का fear students को mentally affect करता है
  • unrealistic expectations emotional burden बढ़ाती हैं

कई mental health professionals ने balanced education environment की जरूरत पर जोर दिया है।


🌍 Global Perspective से Indian Competition

Tony Klor के reaction ने यह भी दिखाया कि Indian academic competition international visitors के लिए भी surprising हो सकता है।

भारत में:

  • millions of students limited seats के लिए compete करते हैं
  • top universities और institutes में admission extremely competitive होता है
  • small percentage differences भी admission outcomes बदल सकते हैं

विशेष रूप से IIT-JEE, NEET और top university admissions को दुनिया के toughest competitive systems में गिना जाता है।


📱 Social Media पर Students के Experiences

इस घटना के बाद कई Indian students ने अपने experiences साझा किए।
कुछ comments में छात्रों ने लिखा:

  • “96% लाने पर भी appreciation नहीं मिला.”
  • “99% भी top college guarantee नहीं.”
  • “Marks decide your future here.”
  • “Students are surviving, not living.”

इन प्रतिक्रियाओं ने Indian education pressure को लेकर चल रही बहस को और गहरा किया।


📌 मुख्य तथ्य एक नजर में

Point Information
व्यक्ति Tony Klor
स्थान Bengaluru, Karnataka
पेशा American tech entrepreneur
कंपनी Bandit Network
मुख्य बयान “I wouldn’t survive India’s exam system.”
अन्य बयान “Even 99% isn’t enough in India.”
वीडियो में Marks 99.3%, 99%, 98.3%, 97.5%
मुख्य मुद्दा Indian education pressure
चर्चा के विषय Coaching culture, mental stress, competition
तारीख 17 मई 2026

 




लू का अलर्ट: मध्य प्रदेश से बिहार तक तपेगा उत्तर भारत, जानें आपके शहर में मौसम का हाल

नई दिल्ली/भोपाल | 13 अप्रैल, 2026: देश के बड़े हिस्से में अब भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले 3 से 5 दिनों के भीतर तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। कई राज्यों में ‘हीटवेव’ (Heatwave) यानी लू चलने की आशंका जताई गई है।

1. मध्य प्रदेश: हीटवेव की आहट

मध्य प्रदेश में गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है।

  • तापमान: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में पारा 42-44 डिग्री तक पहुँचने के संकेत हैं।

  • अलर्ट: राज्य के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

2. उत्तर प्रदेश और बिहार: झुलसाने वाली गर्मी

यूपी और बिहार के मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं (पछुआ पवन) का असर दिखने लगा है।

  • उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड और प्रयागराज के इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। लखनऊ और कानपुर में भी उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

  • बिहार: बिहार के दक्षिण और मध्य भागों में हीटवेव की स्थिति बन रही है। यहाँ भी पारा 40 डिग्री के पार जा चुका है।

3. उत्तर भारत के अन्य राज्यों का हाल

  • दिल्ली-NCR: दिल्ली में भी गर्मी ने रफ़्तार पकड़ ली है। आने वाले दिनों में यहाँ धूल भरी गर्म हवाएं चलने की संभावना है।

  • राजस्थान: राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुँच सकता है।


सावधानी और बचाव के उपाय

बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ सुझाव दिए हैं:

  • हाइड्रेटेड रहें: दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का सेवन करें।

  • पहनावा: बाहर निकलते समय सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें, सिर को टोपी या गमछे से ढक कर रखें।

  • दोपहर की धूप से बचें: सबसे अधिक गर्मी वाले घंटों (दोपहर 12:00 से 4:00 के बीच) में भारी काम या यात्रा से बचें।


शादी के मात्र 1 महीने बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर इशिका यादव ने दी जान

हैदराबाद (मियापुर) | 3 अप्रैल, 2026 महानगर के मियापुर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर इशिका यादव ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि इशिका की शादी को अभी केवल एक महीना ही हुआ था। मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, इशिका यादव एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं।

  • एक महीने पहले हुई थी शादी: इशिका का विवाह मार्च 2026 में हुआ था। शादी के कुछ ही दिनों बाद से घर में कलह शुरू हो गई थी।

  • संदेहास्पद मौत: शुक्रवार सुबह जब इशिका के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पंखे से लटका हुआ पाया।

  • कोई सुसाइड नोट नहीं: पुलिस को शुरुआती तलाशी में मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।

परिजनों के गंभीर आरोप: ‘दहेज की भूख’ ने ली जान?

इशिका के माता-पिता ने मियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार:

  • दहेज उत्पीड़न: शादी के तुरंत बाद से ही पति और उसके घरवाले अतिरिक्त दहेज और नकदी की मांग कर रहे थे।

  • मानसिक प्रताड़ना: परिजनों का आरोप है कि इशिका को छोटी-छोटी बातों पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता था, जिससे वह गहरे तनाव में थी।

  • धमकी का आरोप: शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना के बाद मियापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

  • FIR दर्ज: पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या (Dowry Death) और प्रताड़ना की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

  • पूछताछ: पुलिस मृतका के पति और सास-ससुर से पूछताछ कर रही है। उनके फोन रिकॉर्ड्स और कॉल डिटेल्स भी खंगाले जा रहे हैं।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि मौत के सटीक समय और कारणों का पता चल सके।

आईटी सेक्टर में शोक की लहर

इशिका के सहकर्मियों और दोस्तों में इस खबर के बाद मातम पसरा हुआ है। उनके परिचितों का कहना है कि इशिका एक होनहार इंजीनियर थीं और कभी नहीं लगा कि वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा सकती हैं। लोग सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।


‘हमारी धमकी से डरा अमेरिका’: ईरान का दावा बनाम ट्रंप की ‘प्रोडक्टिव टॉक’ की थ्योरी

तेहरान/वॉशिंगटन | 23 मार्च, 2026

ईरान और अमेरिका के बीच जारी “पावर प्लांट युद्ध” की धमकियों के बीच एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि वह ईरान के ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाल रहे हैं। इस फैसले के पीछे ईरान और अमेरिका, दोनों के अपने-अपने दावे हैं।

1. ईरान का दावा: “धमकी ने काम किया”

काबुल में ईरानी दूतावास और ईरान की समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने इसे ट्रंप का पीछे हटना (Retreat) बताया है।

  • चेतावनी: ईरान ने स्पष्ट कहा था कि यदि अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो ईरान पूरे पश्चिम एशिया (West Asia) के ऊर्जा ढांचे और इजरायल के बिजली केंद्रों को तबाह कर देगा।

  • ईरानी दूतावास का बयान: “हमारी चेतावनी के बाद कि किसी भी हमले की स्थिति में पूरे क्षेत्र का ऊर्जा ढांचा निशाना बनेगा, ट्रंप पीछे हट गए और हमले टालने का आदेश जारी किया।”

  • तर्क: ईरान का मानना है कि वैश्विक तेल बाजार और वित्तीय बाजारों के दबाव ने ट्रंप को मजबूर किया है।

2. डोनाल्ड ट्रंप का पक्ष: “सकारात्मक बातचीत का नतीजा”

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस फैसले को एक कूटनीतिक जीत की तरह पेश किया है।

  • प्रोडक्टिव बातचीत: ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में ईरान के साथ “बहुत अच्छी और रचनात्मक” बातचीत हुई है।

  • 5 दिन का समय: उन्होंने कहा कि बातचीत के सकारात्मक लहजे को देखते हुए उन्होंने रक्षा विभाग को 5 दिनों के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया है।

  • लक्ष्य: ट्रंप ने संकेत दिया कि वे 5 दिनों के भीतर एक “समझौते” (Deal) की उम्मीद कर रहे हैं ताकि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को समाप्त किया जा सके।

3. ईरान का खंडन: “कोई बातचीत नहीं हो रही”

ट्रंप के बातचीत वाले दावे को ईरान के विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है।

  • ईरानी विदेश मंत्रालय: “अमेरिका के साथ न तो कोई सीधी बातचीत हो रही है और न ही अप्रत्यक्ष। ट्रंप के दावे केवल समय बिताने और तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का एक पैंतरा हैं।”

पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ा तनाव?

  • 48 घंटे का अल्टीमेटम: ट्रंप ने शनिवार को ईरान को 48 घंटे का समय दिया था कि वह ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोल दे, अन्यथा उसके सबसे बड़े पावर प्लांट को उड़ा दिया जाएगा।

  • होर्मुज संकट: ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है, जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

 


भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमला: श्रीलंका के पास IRIS देना डूबा, 87 नौसैनिकों की मौत; 32 का रेस्क्यू

05 मार्च 2026

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के पांचवें दिन बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर हमला कर उसे डुबो दिया। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हिंद महासागर में हुई।

श्रीलंकाई सरकार के अनुसार हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 32 घायल सैनिकों को समुद्र से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाज पर कुल लगभग 180 नौसैनिक सवार थे और कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

टॉरपीडो से किया गया हमला

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हिंद महासागर में तैनात एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया। हमले के बाद जहाज में भीषण विस्फोट हुआ और वह कुछ ही देर में समुद्र में समा गया।

गाले से 40 समुद्री मील दूर भेजा गया SOS

श्रीलंकाई अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समयानुसार) जहाज से मदद का संदेश भेजा गया था। उस समय पोत गाले से लगभग 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था।

श्रीलंका नौसेना ने तुरंत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद 32 घायल नौसैनिकों को समुद्र से निकाला। राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है।

भारत से लौट रहा था युद्धपोत

बताया जा रहा है कि यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की मेजबानी में आयोजित हुआ था, जिसमें कई देशों के युद्धपोत शामिल हुए थे।

क्षेत्रीय तनाव में इजाफा

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच यह घटना हिंद महासागर क्षेत्र में तनाव को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री मार्गों पर इस तरह की कार्रवाई से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

फिलहाल लापता नौसैनिकों की तलाश जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।


‘भारत को बांग्लादेशी हिंदुओं की चिंता नहीं’ BNP के हिंदू सांसद का बयान, हसीना शासन पर लगाए गंभीर आरोप

ढाका | 16 फरवरी 2026

बांग्लादेश की राजनीति में नई सरकार के गठन से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में हुए आम चुनाव में BNP गठबंधन की जीत के बाद पार्टी के एक हिंदू सांसद ने भारत और पूर्व सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। सांसद ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में हिंदू समुदाय पर अत्याचार हुए, लेकिन भारत ने इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी।

सांसद का कहना है कि हसीना सरकार के दौरान कई क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं हुईं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन वैश्विक स्तर पर दबाव नहीं बना।

नई सरकार का गठन और सियासी माहौल

12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP गठबंधन ने 212 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी प्रमुख तारिक रहमान, जो लंबे समय तक लंदन में निर्वासन में रहे, अब 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। उनकी वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

BNP नेताओं का कहना है कि नई सरकार का मुख्य फोकस लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, आर्थिक सुधार और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के गठन के साथ ही विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

बयान पर बढ़ी कूटनीतिक चर्चा

हिंदू सांसद के बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर तब जब नई सरकार अपने शुरुआती दौर में हो। हालांकि अभी तक भारत सरकार की ओर से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आने वाले महीनों में घरेलू नीतियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा भी स्पष्ट होगी, और तभी यह तय होगा कि नए नेतृत्व का रुख पड़ोसी देशों व अल्पसंख्यक मुद्दों पर कैसा रहेगा।

 


मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 1.90 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

29 जनवरी, 2026

म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा छतरपुर जिले के गंभीर बीमारी से पीड़ित 5 लोगों को बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से कुल 1.90 लाख रुपए की स्वीकृत की गई है। हितग्राही कल्याणी सिंह पति इलू सिंह वार्ड नंबर 7 विलेज खेड़ा पोस्ट खेडा कसार जिला छतरपुर को 20 हजार रुपए, नाथू वाल्मिक पिता मुन्नीलाल वार्ड नंबर 18 अमानगंज मोहल्ला छतरपुर को 35 हजार रुपए, गुलाब सिंह परमार पिता पूरन सिंह परमार वार्ड नंबर 12 बड़ामलहरा कामोदपुरा जिला छतरपुर को 40 हजार इशाक मोहम्मद पिता शेख जहानी नि. वार्ड नंबर 4 अलीगंज मोहल्ला छतरपुर को 45 हजार रुपए, सौरभ वंशकार पिता संतोष वंशकार निवास वार्ड नंबर 30 बकायन खिड़की कलारैया जिला छतरपुर को 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।


दिल्ली में ‘विंटर टॉर्चर’: 2.9 डिग्री तक लुढ़का पारा, शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक

नई दिल्ली | 12 जनवरी, 2026

देश की राजधानी दिल्ली इस समय कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में है। बर्फीली हवाओं ने दिल्लीवासियों की ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार (11 जनवरी) की रात दिल्ली के कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

प्रमुख बिंदु: दिल्ली में सर्दी का सितम

  • न्यूनतम तापमान: दिल्ली के अयानगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री से भी अधिक कम है।

  • अन्य इलाकों का हाल: पालम में पारा 3 डिग्री, रिज में 3.7 डिग्री और लोधी रोड पर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

  • शीतलहर की स्थिति: जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे चला जाता है या सामान्य से 4.5 डिग्री कम होता है, तो मौसम विभाग उसे ‘शीतलहर’ घोषित करता है। दिल्ली के कई स्टेशन इस समय इसी स्थिति में हैं।


ऑरेंज अलर्ट जारी: अगले 48 घंटे भारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो-तीन दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है।

“दिल्ली में फिलहाल शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़कों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है।” — आईएमडी (IMD) बुलेटिन

प्रदूषण और कोहरे की दोहरी मार

ठंड के साथ-साथ दिल्ली ‘खराब’ हवा से भी जूझ रही है। सोमवार सुबह दिल्ली का AQI 293 (Poor) दर्ज किया गया। घने कोहरे और स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी कम होने के कारण रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

स्कूलों और प्रशासन की तैयारी

बढ़ती ठंड को देखते हुए दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में कई स्कूलों की छुट्टियां 15 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। प्रशासन ने बेघर लोगों के लिए बनाए गए ‘रैन बसेरों’ में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी को खुले आसमान के नीचे न सोना पड़े।


लोकसभा में मंगलवार को तमिलनाडु के एक सांसद ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सवाल किया था। इस प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं तमिलनाडु सरकार से आग्रह करता हूं कि अगर कोई पात्र हितग्राही पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित है तो उनकी सूची पोर्टल पर अपडेट करें। उनके नाम निश्चित रूप से जोड़े जायेंगे। तमिलनाडु में ऐसे लगभग 14 हजार किसान हैं; राज्य सरकार छानबीन कर सूची भेजे, मैं आश्वस्त करता हूं कि यहां से 1 दिन की भी देरी नहीं होगी।

डीएमके सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के किसानों के साथ अन्याय कर रही है और भुगतान में देरी हो रही है। वहीं, कृषि मंत्री ने साफ किया कि देरी राज्य सरकार की तरफ से हो रही है क्योंकि 14,000 किसानों की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है।

तमिलनाडु के मंत्रियों की गैरहाजिरी का सुनाया किस्सा

केंद्रीय मंत्री ने हाथ जोड़ते हुए कहा, “मैं खुद दो बार तमिलनाडु गया हूं, एक बार कृषि विभाग के काम से और एक बार ग्रामीण विकास के काम से। अब मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन दोनों ही मौकों पर न तो ग्रामीण विकास मंत्री और न ही कृषि मंत्री मेरी मीटिंग में आए। मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम तमिलनाडु की महान जनता को नमन करते हैं, तमिल संस्कृति को नमन करते हैं, तमिल भाषा को नमन करते हैं, हम सब भारत माता के बेटे हैं, भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। हम विनम्रता के साथ तमिलनाडु की जनता और किसानों की सेवा करेंगे।”

”प्रत्येक पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिले, इसके लिए हमने कई उपाय किए हैं। हमने पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया है। साथ ही पात्र किसानों को जोड़ने के लिए 3 अभियान भी चलाए हैं। चौथा अभियान हम 15 अप्रैल से पुनः प्रारंभ करेंगे ताकि कोई पात्र किसान शेष न रहे।”

‘PM मोदी ने छोटे किसानों के दर्द को पहचाना’

शिवराज ने कहा, ”कई बार जब छोटे किसान को अपनी कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन की आवश्यकता पड़ती थी, तो उनके पास पैसा नहीं होता था। खाद, बीज के लिए हजार-दो हजार रुपये भी ब्याज पर लेना पड़ता था। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे किसान के इस दर्द को पहचाना और उन्होंने तय किया कि ऐसे सभी किसानों के खाते में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के अंतर्गत हर साल तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपए डाले जाएंगे।”

सिंगल क्लिक से किसानों के खाते में पहुंचती है पूरी राशि

उन्होंने कहा, एक प्रधानमंत्री थे जो कहते थे कि 1 रुपये भेजता हूं तो केवल 15 पैसे पहुंचते हैं लेकिन ये मोदी जी की सरकार है। हमने तय किया कि ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत 2-2 हजार रुपए की 3 किस्तें जाएंगी तो पूरा 6 हजार रुपये ही पहुंचेगा, इस योजना का एक पैसा कोई नहीं खा सकता। इसलिए DBT के माध्यम से सिंगल क्लिक से पूरी राशि किसानों के खाते में पहुंचती है। पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत हर पात्र किसान को इस योजना का लाभ मिले, इसके लिए हम राज्य सरकारों के सहयोग से ही सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ देने के लिए अभियान चलाते हैं। आज भी मैं सभी राज्य सरकारों से ये निवेदन करना चाहता हूं कि अगर अब भी उनके राज्य में कोई पात्र हितग्राही शेष रह गया हो, तो वो तुरंत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाएं, एक भी पात्र किसान शेष नहीं बचेगा, सबके खाते में पैसे भेजे जाएंगे।

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